RGHS VS MEDICLAIM VS MCSBY COMPERISION

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DR. KAILASH MORYA
JUNIOR SPECIALIST (DENTAL)
CHC KHAJUWALA, BIKANER


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RGHS vs MEDICLAIM vs MCSBY


S.No. FAQs RGHS
(Rajasthan Govt. Health Scheme)
Raj Mediclaim Policy चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना 
 
1  योजना का परिचय
 
01.01.2004 से पूर्व व पश्चात नियुक्त कार्मिकों व पेंशनरों को CGHS की तर्ज पर कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने हेतु राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना। 01.01.2004 के बाद नियुक्त राज्य कर्मियों हेतु पुनर्भरण वाली चिकित्सा सुविधा।
 
राज्य के आम नागरिकों हेतु स्वास्थ्य बीमा।
 
2 लाभार्थी कौन होंगे? Ø  राज्य सरकार के माननीय मंत्री, विधायक/पूर्व विधायक,
Ø  न्यायिक सेवा के सेवारत और सेवानिवृत्त न्यायाधीश,
Ø  अखिल भारतीय सेवा के सेवारत अधिकारी व पेंशनर्स एवं
Ø  राज्य के सरकारी, अर्द्ध सरकारी, निकाय, बोर्ड, निगम आदि के अधिकारी व कर्मचारी तथा पेंशनर्स व उनके आश्रित परिजन।
 
Ø  राज्य के सरकारी, अर्द्ध सरकारी, निकाय, बोर्ड, निगम आदि के अधिकारी व कर्मचारी व उनके आश्रित परिजन। Ø  सामाजिक और आर्थिक जनगणना 2011 के पात्र लाभार्थी,
Ø  राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के पात्र परिवार,
Ø  लघु एवं सीमांत कृषक,
Ø  राज के संविदा कर्मी,
Ø  कोविड-19 अनुग्रह राशि प्राप्त परिवार व
Ø  राज्य के अन्य परिवार।
 
3 मैं इसका लाभ कैसे ले सकता/सकती हूँ?
 
स्वयं की SSO ID से लॉगिन कर पंजीकरण करवा सकते हैं। तत्पश्चात मासिक अंशदान करने पर इसका लाभ मिलता रहेगा।
 
संबंधित DDO व राज्य बीमा एवं सामान्य प्रावधायी निधि विभाग राजस्थान सरकार द्वारा जारी मेडिक्लेम कार्ड द्वारा।
 
स्वयं द्वारा ऑनलाइन अथवा ई-मित्र से पंजीयन करवा सकते हैं।
 
4 लाभार्थी बनने के लिए आवश्यक दस्तावेज।
 
जन आधार कार्ड के माध्यम से पंजीकरण अनिवार्य है।
Employee ID / PPO Number आवश्यक है।
 
पूर्व में जनाधार आवश्यक नहीं था परंतु 14.07.2021 उपरांत मेडिक्लेम के दावे भी RGHS कार्ड के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे अतः अब मेडिक्लेम हेतु भी जनाधार के माध्यम से RGHS पोर्टल पर पंजीकरण आवश्यक है।
 
जनाधार आवश्यक है।
पूर्व में संचालित महात्मा गांधी आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के पात्र परिवारों, राष्ट्रीय खाध सुरक्षा अधिनियम और सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 के लाभार्थियों को रजिस्ट्रेशन करवाने की आवश्यकता नहीं।



RGHS vs MEDICLAIM vs MCSBY


5

 परिवार का अर्थ क्या है? व एक कार्ड से कितने लोग लाभान्वित हो सकते हैं ?

 

लाभार्थी की पति/पत्नी तथा उस पर आश्रित 25 वर्ष तक की दो संतान व माता-पिता जो सामान्यता कर्मचारी के पदस्थापन स्थान पर साथ रहते हों व जिनकी मासिक आय 6000 या उससे कम हो।

 

 

लाभार्थी की पति/पत्नी तथा उस पर आश्रित 21 वर्ष तक की दो संतान व माता-पिता जो सामान्यता कर्मचारी के पदस्थापन स्थान पर साथ रहते हों व जिनकी मासिक आय ₹2,000 या उससे कम हो।

महिला कर्मचारी के पास यह विकल्प है कि वह अपने माता-पिता अथवा सास-ससुर में से किसी एक को परिवार में शामिल कर सकती है।

 

एक जन आधार से जुड़े सभी सदस्य पात्र होंगे ।

इस योजना में परिवार के सदस्यों की संख्या की पाबंदी नहीं है।

 

6

कैशलेस इलाज की सुविधा है या नहीं ?

 

हाँ, पूर्णतया कैशलेस

 

 

मेडिक्लेम पॉलिसी में कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध नहीं है। परंतु निम्न 7 गंभीर बीमारीयों के उपचार हेतु कैशलेस सुविधा देय है।

1.     Coronary Artery Surgery

2.     Cancer

3.     Renal failure that is failure of both kidneys

4.     Stroke

5.     Multiple Sclerosis

6.     Meningitis

7.     Major organ transplant like Heart, Kidney, Liver, Pancreas or Bone marrow transplantation.                                                  

 

कैशलेस उपचार प्राप्त करने के लिए राज्य कार्मिक या उनके परिवारजन के अस्पताल में भर्ती से पूर्व या भर्ती होने के 24 घंटों के अंदर परिचय पत्र के साथ संबंधित निजी अस्पताल के माध्यम से Pre Authorisation TPA को प्रेषित करना अनिवार्य है।

हाँ

 

7

शुल्क ? 

राज्य कर्मी के वेतन अनुरूप बीमा विभाग द्वारा अंशदान की कटौती  Table no. 1 के अनुसार निर्धारित की गई है।

 निःशुल्क

1.     सामाजिक एवं आर्थिक जनगणना 2011 के पात्र लाभार्थी,  राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के पात्र परिवार, लघु एवं सीमांत कृषक, संविदा कर्मीयों का प्रीमियम राज्य सरकार वहन करेगी व

2.     शेष सभी परिवारों को ₹850 प्रतिवर्ष पर उक्त लाभ देय होगा।

 

8

 कवरेज का दायरा।

3.     ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज की सुविधा ।

4.     गंभीर बीमारी (Critical  Illness) की स्थिति में ₹5 लाख  तक की अतिरिक्त चिकित्सा सुविधा। 

5.     ₹20 हजार तक की वार्षिक सीमा की आउटडोर(OPD) चिकित्सा सुविधा।

6.     जांच सुविधा ।

7.     डे केयर चिकित्सा सुविधा 

8.     शिशु एवं मातृत्व चिकित्सा सुविधा (डिलीवरी)

9.     TA नियमानुसार उपचार हेतु यात्रा भत्ता।

10.  एम्बुलेंस शुल्क।

11.  केवल ₹3 लाख तक का आईपीडी उपचार की सुविधा अर्थात केवल भर्ती होने पर ही लाभ देय है।

12.  शिशु एवं मातृत्व चिकित्सा सुविधा (डिलीवरी)

13.  डे केयर चिकित्सा सुविधा 

1.     सामान्य बीमारी पर ₹50 हजार, व गंभीर बीमारी पर ₹4.5 लाख, कुल ₹5 लाख तक के उपचार की सुविधा।

9

कौन से अस्पतालों में व क्या क्या चिकित्सा सुविधा मिलेगी?

 

सभी राजकीय चिकित्सालयों और अनुमोदित निजी चिकित्सालयों व निजी जांच केंद्रों में, आउटडोर तथा इंडोर व जांच की कैशलेस सुविधा ।

 

 

 

 

राज्य सरकार के द्वारा अनुमोदित निजी चिकित्सालय में केवल इंडोर यानी भर्ती होने पर उपचार की सुविधा देय है।

सभी सरकारी व राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित निजी अस्पतालों में 1576 पैकेजेस के अधीन ईलाज सुविधा।

 

 

10

बोर्डिंग/अस्पताल वास की सुविधा देय है अथवा नहीं ?

Table no. 2 के अनुसार देय है।

Table no. 2 के अनुसार देय है।

बोर्डिंग सुविधा देय नहीं है


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11

Covid-19 व ब्लैक फंगस के उपचार की सुविधा है या नहीं ?

कोविड-19 व ब्लैक फंगस का उपचार शामिल है तथा गैर अनुमोदित अस्पताल से उपचार कराने पर पुनर्भरण की सुविधा उपलब्ध है।

Covid-19 का उपचार शामिल है।

गैर अनुमोदित अस्पतालों से Covid-19 का उपचार लेने पर भी पुनर्भरण देय है।

सभी सरकारी व राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित निजी अस्पतालों में Covid-19 और ब्लैक फंगस का उपचार शामिल है।

12

गैर अनुमोदित अस्पतालों में इलाज कराने पर?

गैर अनुमोदित चिकित्सालयों से आपातकालीन परिस्थिति में उपचार करवाने पर कुछ चिन्हित बीमारियों के लिए CGHS दरों पर दावों का पुनर्भरण देय है।जिसमें की निम्न बीमारियों को सम्मिलित किया गया है।

Coronary Artery Surgery, Vascular Surgery, Hodgkin’s Disease, Acute Retention of urine more than 24 hrs., Acute Myocardial infarction, Acute Pneumonitis, Acute Respiratory Distress, Cancer, renal failure i.e. failure of both the kidney, Stroke, Multiple Sclerosis, Meningitis, Major organ Transplants like Kidney ,Lungs, Pancreas, Heart, Liver or Bone Marrow, Accidents, Delivery, Tubal Pregnancy and related complication, swine flu, dengue fever, burst Appendicitis, Pancreatitis etc. can be covered under as cases of grave emergency.

 

 

 

 

 

                  

                       समान 

गैर अनुमोदित अस्पताल में उपचार सुविधा नहीं है।

13

पुनर्भरण की क्या प्रक्रिया है ?

RGHS पूर्णतया कैशलेस है।

कर्मचारी या उसके परिवारजन के अस्पताल छोड़ने के 90 दिवस में इलाज से संबंधित सभी मूल दस्तावेजों के साथ दावा प्रपत्र अपने SSO ID से ऑनलाइन सबमिट करना होगा तथा हार्ड कॉपी संबंधित जिले के SIPF/GPF कार्यालय में जमा करवानी होगी।

चिरंजीवी योजना कैशलेस है।

 

14

लाभार्थी कितनी बार इस योजना के तहत ईलाज का लाभ ले सकता है|

लाभार्थी के ई वॉलेट में उपलब्ध राशि शेष रहने तक एक वर्ष में कितनी भी बार लाभार्थी के परिवारजनों द्वारा उपचार लिया जा सकता है।

        समान 

  

 

         समान 

 

15

ईलाज उपरान्त ई-वॉलेट में राशि शेष बच जाती है तो क्या अगले वर्ष काम में ली जा सकती है ?

नहीं, ई-वॉलेट की राशि केवल वर्ष के लिए ही मान्य है, जो कि 1 वर्ष की समाप्ति पर स्वतः ही कालातीत हो जाती है।

अगले वर्ष समस्त परिलाभ नए सिरे से देय होंगे|

       समान 

  

 

 

         समान 

 

16

अनिवार्यता?

RGHS 01.01.2004 से पूर्व नियुक्त कार्मिकों के लिए अनिवार्य है।

जबकि 01.01.2004 के पश्चात नियुक्त कार्मिकों के लिए वैकल्पिक है।

कार्मिक RGHS अथवा मेडिक्लेम में से कोई भी एक चुन सकते हैं।

मेडिक्लेम योजना 01.01.2004 के बाद नियुक्त कार्मिकों के लिए वैकल्पिक है।

अनिवार्य नहीं है

17

परिविक्षाधीन अथवा प्रोबेशनर्स पर लागू होगी या नहीं? 

परिवीक्षाधीन अधिकारी व कर्मचारियों पर अनिवार्य रूप से लागू है।

परिवीक्षाधीन अधिकारी व कर्मचारियों पर पर लागू है।

राजकीय सेवा में चयन से पूर्व चिरंजीवी योजना में पंजीकृत व्यक्ति राजकीय सेवा में आने के उपरांत RGHS या मेडिक्लेम में से कोई एक चुनने पर चिरंजीवी योजना का लाभ देय नहीं होगा।

18

यदि पति-पत्नी दोनों राजकीय सेवा में है तो क्या दोनों को अंशदान देना होगा ?

 नहीं,  चूँकि RGHS/मेडिक्लेम वैकल्पिक है अतः DDO के समक्ष ऑप्शन फॉर्म भर के प्रस्तुत कर वांछित पॉलिसी चुनी जा सकती है।

मेडिक्लेम वैकल्पिक है व निःशुल्क है।

लागू नहीं

19

एक परिवार के दो या अधिक सदस्य राजकीय सेवा में होने पर क्या सबको अंशदान देना होगा ?

नहीं, एक जनाधार से जुड़े सदस्यों  में से किसी एक के अंशदान से सभी सदस्य स्वास्थ्य बीमा से कवर होंगे। शेष सदस्य मेडिक्लेम चुन सकते हैं/चुननी चाहिए।

मेडिक्लेम वैकल्पिक है व निःशुल्क है।

लागू नहीं

20

जनाधार में बच्चे का नाम ना होने पर बच्चों को निःशुल्क व कैशलेस ईलाज मिलेगा या नहीं ?

RGHS के अंतर्गत पात्र परिवार के जन आधार कार्ड में सम्मिलित सदस्यों को ही RGHS के अंतर्गत इलाज मिल सकेगा अन्यथा नहीं। परंतु 1 वर्ष की आयु तक के बच्चों का नाम ना जुड़ा होने पर भी कैशलेस ईलाज देने का प्रावधान इस योजना में किया गया है।

21

क्या भर्ती से पूर्व का खर्च देय होगा ?

 भर्ती से 7 दिन पूर्व व उपचार के 30 दिन पश्चात का व्यय CGHS दरों पर पुनर्भरण होगा।

भर्ती अवधि से 30 दिन पूर्व व 45 दिन पश्चात तक के इलाज का पुनर्भरण देय है।

योजना के तहत मरीज के अस्पताल में भर्ती होने के 5 दिन पहले तक के चिकित्सकीय परामर्श, जांच, दवाइयां और मरीज के डिस्चार्ज के बाद के 15  दिन तक का खर्चा भी कवर है।

22

क्या आयुष पद्धति से उपचार की सुविधा देय है ?

 

आयुष प्रणाली से चिकित्सा परामर्श व दवाइयों का वितरण किया जाएगा। परंतु ये सुविधा 2 अक्टूबर 2021 से देय होगी।

 नहीं 

 

नहीं 

23

क्या विशेष परिस्थिति में राज्य के बाहर स्थित अस्पतालों में उपचार लिया जा सकता है?

 राज्य के बाहर स्थित राज्य सरकार से अनुमोदित अस्पतालों में भी आरजीएचएस लाभार्थियों को संबंधित स्थान की CGHS दरों पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।

 राज्य के बाहर स्थित राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा मेडिक्लेम पॉलिसी के अंतर्गत देय हैं।

नहीं 

24

वर्तमान में SIPF विभाग द्वारा अधिकृत TPA (Third Party Administrator) कौन है ?

लागू नहीं

वर्तमान TPA का नाम व पता:-

एमडी इंडिया हेल्थ इंश्योरेंस 

932, किसान मार्ग बरकत नगर जयपुर राजस्थान । Pin code: 302015

Mobile no. 7219631003               

 8956325949

लागू नहीं

25

योजना से सम्बंधित जानकारी के लिए कहाँ संपर्क करें ?

www.rghs.rajasthan.gov.in/

 

Toll free 1800 180 6268

www.sipf.rajasthan.gov.in

 

Toll free  1800 123 171

https://health.rajasthan.gov.in/

 

Toll free 18001806127




RGHS MEDICLAIM

Table no. 1
राज्य सरकार द्वारा राज कार्मिकों के RGHS में अंशदान की कटौती निम्न तालिकानुसार निर्धारित की गई है।

क्रम संख्या

 

राज्य कार्मिक की श्रैणी 01. 01.  2004 से पूर्व नियुक्त राज कर्मियों के लिये मासिक अंशदान (₹) 01. 01. 2004 के बाद नियुक्त राज कर्मियों के लिये मासिक अंशदान (₹) 
1

कार्मिक जो पे-मैट्रिक्स में ₹18,000/- तक वेतन आहरित कर रहे हैं।

265.00 135.00
2 कार्मिक जो पे-मैट्रिक्स में ₹18,000/- से  ₹33,500/- तक वेतन आहरित कर रहे हैं। 440.00 220.00
3 कार्मिक जो पे-मैट्रिक्स में ₹33,500/- से  ₹54,500/- तक वेतन आहरित कर रहे हैं। 658.00 330.00
4 कार्मिक जो पे-मैट्रिक्स में ₹54,500/- से अधिक वेतन आहरित कर रहे हैं। 875.00 440.00




RGHS MEDICLAIM

Table no. 2
IPD entitlement category for Boarding/Accommodation in the Hospitals

Category

Pay Scale

Entitlement in Govt. Hospital

Entitlement in Approved Private Hospital

Maximum  Ceiling of Boarding/Accommodation Charges as per CGHS Package Rates

A

Rs. 64,000/- & above

Deluxe Ward

Private Ward

Rs.3000/- per day

B

Rs.36000/- & above but less than  64,000/-

Cottage  Ward

Semi Private Ward

Rs.2000/- per day

C

Below Rs.36000/-

General Ward

General Ward

Rs.1000/- per day





KEEP IT IN YOUR MIND

यहाँ कुछेक नोट्स और निष्कर्ष आपकी सहायता के लिए दिए गये इन्हें आप जरुर अपडेट करें अपने लिए

Note:-  डे केयर उपचार पर उपरोक्त सभी श्रेणीयों के अधिकारियों व कर्मचारियों को केवल ₹500/- देय है

            कार्मिक द्वारा अपनी वेतन श्रंखला से ऊपर की श्रेणी का बोर्डिंग या अस्पताल वास उपयोग करने पर अंतर राशि स्वयं को वहन करनी होगी।

 

 

 

 

Note:- 1. पूर्व में मेडिक्लेम में कैशलेस ईलाज की सुविधा नहीं थी, परंतु अब मेडिक्लेम में भी कैशलेस उपचार की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।

 

  1. मेडिक्लेम पॉलिसी के लाभ लेने के लिए भी RGHS रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, क्योंकिSIPF के circular क्रमांक 470 दिनाँक 13.07.2021 के अनुसार भविष्य

             में मेडिक्लेम दावे भी RGHS के e-card माध्यम स्वीकार किये जायेंगे।

 

 

निष्कर्ष:- मेरी व्यक्तिगत राय है कि राजस्थान सरकार द्वारा कर्मचारियों के लिए लाई गई इस RGHS में मौजूद तमाम तरह के फायदे जैसे कि

             कैशलेस उपचार, ₹10 लाख तक का कवरेज, गैर अनुमोदित अस्पतालों में भी ईलाज की सुविधा तथा ओपीडी व डे केयर सरीखे फायदों को

             ध्यान में रखते हुए इसे लिया जाना चाहिए।

             इतनी कम और मामूली दरों पे प्राइवेट बीमा कम्पनियां एक व्यक्ति के लिए भी स्वास्थ्य बीमा नहीं देती जबकि RGHS 6 लोगों तक समान

             प्रीमियम पर कवर करती है।

 

Disclaimer :-  यद्दपि इस संकलन को तैयार करने में मेरे द्वारा पूर्ण सावधानी रखी गयी है, फिर भी विभागीय आदेशों व सर्कुलर्स को

                       सर्वोपरि माना जाये।






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