by Sheetal Panwar | Feb 24, 2022 | DAILY ONE QES AND ANS, DAILY QUESTION |
प्रश्न : गैर-सरकारी विद्यालयों में भौतिक सत्यापन प्रक्रिया की क्या प्रक्रिया हैं ? What is the process of physical verification process in private schools?

उत्तर:-
गैर सरकारी विद्यालयों में सत्र 2020-21 तथा सत्र 2021-22 में निःशुल्क शिक्षा हेतु नवप्रवेशित एवं पूर्व सत्रों के कमोन्नत बालक-बालिकाओं के भौतिक सत्यापन संबंधी दिशा-निर्देश
(निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(ग) के प्रावधानान्तर्गत)
10.1 भौतिक सत्यापन हेतु किये जाने वाले कार्य :-
सत्यापन दलों का गठन:-
10.1.1 जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा.शि.)एवं जिला शिक्षा अधिकारी (मा.शि.) अपने-अपने परिक्षेत्र केगैर-सरकारी विद्यालयोंकी संख्या के आधार पर सत्यापन दलों का गठन करेंगे।
10.1.2 दलों का गठन केवल उन्ही विद्यालयों के लिए किया जायेगा, जिनमे आरटीई की धारा 12(1)(ग) के तहनिःशुल्क सीट्स पर विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यह सूची डीईओ प्रा.शि./डीईओ मा.शि. के लॉगिन में उपलब्ध है।
10.1.3 सत्यापन दलों का गठन ऑनलाइन तरीके से किया जाएगा। प्रत्येक दल में शामिल दोनों सदस्यों का चुनाव एक ही विद्यालय से किया जाएगा। एक सत्यापन दल को अधिकतम 3 विद्यालय आवंटित किए जाएंगे। पूर्व में गठित दल यदि किसी कारण से भौतिक सत्यापन करने में असमर्थ है तो परिवेदना के आधार पर दल को निरस्त करने एवं नवीन दल के ऑनलाइन गठन का अधिकार सम्बन्धित जिला शिक्षा अधिकारी का रहेगा।
10.1.4 सत्यापन दल का अध्यक्ष राजपत्रित अधिकारी होगा तथा एक अन्य सदस्य उपलब्धता के आधार पर व्याख्याता/व.अ./अध्यापक/लिपिक वर्ग होगा।
10.1.5 प्रारम्भिक शिक्षा में पर्याप्त संख्या में राजपत्रित अधिकारी उपलब्ध न होने की स्थिति में दलों के अध्यक्ष के रूप में माध्यमिक शिक्षा से प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक/व्याख्याता लिए जा सकेगें तथा शेष एक सदस्य प्रधानाध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय/अध्यापक में से लिया जा सकेगा।
10.1.6 दल गठन के समय यथा सम्भव दल सदस्यों के पदस्थापन के ब्लॉक में ही गैर-सरकारी विद्यालय सत्यापन हेतु दिये जायें।
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10.2 विशेष सत्यापन दलों का गठन:-
10.2.1जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारम्भिक शिक्षा/माध्यमिक शिक्षा (प्रथम/द्वितीय) अपने अधीन विद्यालयों के सेम्पल सत्यापन के लिए आवश्यकतानुसार अपने कार्यालय से विशेष सत्यापन दलों का गठन करेंगे।
10.2.2 यह विशेष सत्यापन दल जिले में विद्यालयों की संख्या का एक प्रतिशत अथवा 20 विद्यालय, जो भी अधिक हों, का अनिवार्य रूप से सत्यापन करेंगे।
10.2.3 ये विशेष दल उन विद्यालयों का पुनः सत्यापन करेंगे जो सत्यापन दलों द्वारा सत्यापित किए जा चुके हैं। निरीक्षण से पूर्व उन विद्यालयों की मूल सत्यापित रिपोर्ट को साथ लेकर जाएंगे तथा मूल सत्यापन से भिन्नता पाये जाने पर विशेष सत्यापन दल के अध्यक्ष द्वारा मूल सत्यापन रिपोर्ट में लाल स्याही के पैन से आवश्यक संशोधन किये जाएंगे। उक्त संशोधन विद्यालय प्रति एवं कार्यालय प्रति दोनों में किये जाएंगे।
10.24 विद्यालय द्वारा विशेष सत्यापन दल द्वारा संशोधित सत्यापन रिपोर्ट को ही आरटीई वेबपोर्टल पर अपलोड किया जाऐगा तथा सम्बन्धित कार्यालय द्वारा उसी के अनुरूप इसका मिलान कर सत्यापन किया जाएगा।
10.2.5 विशेष सत्यापन दलों द्वारा उन विद्यालयों की भी पुनः जाँच की जायेगी जिन विद्यालयों के भौतिक सत्यापन के सम्बन्ध में परिवेदनायें प्राप्त हुई हैं।
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10.2.6 विशेष जाँच दल द्वारा निरीक्षण किये गये विद्यालयों की सूचना की प्रविष्टि जिला शिक्षा अधिकारी के लॉगिन से करनी है।
10.3.1जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा अपने-अपने परिक्षेत्र के विद्यालयों के लिए गठित सत्यापन दलों का प्रशिक्षण कराया जाना सुनिश्चित करेंगे। बिना प्रशिक्षण के किसी भी सत्यापन दल को सत्यापन हेतु विद्यालय में नहीं भेजा जायेगा। सत्यापन दलों को यह स्पष्ट किया जाए कि इस बार सत्र 2021-22 के साथ सत्र 2020-21 का भी भौतिक सत्यापन प्रपत्र भरा जाएगा। दोनों सत्रों के अलग-अलग प्रपत्र भरे जाने है।
10.3.2 प्रशिक्षण के दौरान सत्यापन दलों को “दुर्बल वर्ग” व “असुविधाग्रस्त समूह की परिभाषा, प्रवेश हेतु कैचमेंट एरिया, आयु पॉलिसी व एन्ट्री कक्षा एवं आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेजों की जॉच के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
10.3.3 निःशुल्क सीट्स पर प्रवेश की ऑनलाइन व विगत सत्रों की ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया की जानकारी सत्यापन दलों को दी जायेगी।
10.3.4 यह जानकारी इन दिशा-निर्देशों के आधार पर दी जायेगी। यह दिशा निर्देश प्राइवेट स्कूल वेब-पोर्टल http://www.rajpsp.nic.inपर उपलब्ध हैं।
10.3.5 सत्यापन दलों को सम्बन्धित विद्यालयों के नाम की सूची मय पता मोबाइल नम्बर, लैण्डलाइन नम्बर उपलब्ध करवायी जाएगी तथा सत्यापन दलों को भौतिक सत्यापन के दिशा-निर्देशों की एक-एक प्रति भी दी जाएगी।
10.3.6 जिले के आरटीई प्रभारी अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी के फोन नम्बर भी सत्यापन दलों को उपलब्ध करवायें जायें जिससे सत्यापन दल आवश्यकता पड़ने पर जानकारी प्राप्त कर सकें।
10.4.भौतिक सत्यापन प्रतिवेदनों को कार्यालय स्तर से सत्यापित करना :-
10.4.1 भौतिक सत्यापन के दौरान सत्त मॉनिटरिंग कर विद्यालयों से सत्यापन प्रतिवेदनों की प्रविष्टि करवायी जाए।
10.4.2 जिन विद्यालयों के सत्यापन प्रतिवेदन ऑनलाइन प्रविष्ट कर लॉक कर दिए जाएं उन प्रतिवेदनों की कार्यालय प्रति से मिलान करते हुए उन्हें तत्काल सत्यापित या असत्यापित कर दिया जाए।
10.4.3 सत्यापन करते समय यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि निःशुल्क सीट्स पर अध्ययनरत समस्त बालकों के आधार नम्बर अथवा आधार नामांकन ऑनलाइन प्रविष्ट कर दिए गए हैं।
10.4.4 कार्यालय स्तर से निर्धारित तिथि तक सत्यापन प्रतिवेदन पर कोई कार्यवाही नहीं होने तथा विद्यालय के फीस पुनर्भरण से वंचित होने पर सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

नोट:-कार्यालय द्वारा सत्यापन रिपोर्ट के मिलान के दौरान रिजेक्ट की गयी रिपोर्ट को विद्यालय द्वारा सही प्रविष्ट कर अधिकतम 7 दिवस के अन्दर पुनः लॉक करना है। यदि विद्यालय तय अवधि में रिपोर्ट को लॉक नहीं करता है तो विभाग द्वारा इन बालकों की फीस का पुनर्भरण नहीं किया जायेगा तथा विद्यालय निःशुल्क सीट्स पर प्रवेशित बालकों को निःशुल्क प्रारम्भिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए बाध्य होगा।
आरटीई के भौतिक सत्यापन दल में बदलाव हेतु पूरे दल में ही बदलाव नहीं करते हुए केवल संबंधित अधिकारी/कार्मिक को ही बदलने की सुविधा पोर्टल पर उपलब्ध करवाई जाएगी तथा आरटीई के अन्तर्गत यह कार्य जिशिअ कार्यालय के स्तर पर ही सम्पादित की जाए।
जिले के समस्त CBEO को पीएसपी पोर्टल का लॉगिन दिया गया हैं जिसमें उनके क्षेत्र की समस्त गैर-सरकारी विद्यालयों का स्कूल प्रोफाईल तथा अन्य आवश्यक डेटा उपलब्ध है। CBEO भी उनके क्षेत्राधिकार के समस्त गैर-सरकारी विद्यालयों की मॉनिटरिंग करेंगें तथा अनियमिततओं की सूचना जिला मुख्यालय पर उच्चाधिकारियों को करेंगें।
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सत्यापन हेतु सामान्य निर्देश :-
11.1 विद्यालय प्राइवेट स्कूल पोर्टल पर अपने लॉगिन से भौतिक सत्यापन प्रतिवेदन सत्र 2020-21 व सत्र 2021-22 की दो प्रतियों का प्रिंट आउट लेकर तैयार रखें। प्रिंट आउट लेने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि विद्यालय में अध्ययनरत सभी कक्षाओं के सशुल्क बालक-बालिकाओं की पोर्टल पर ऑनलाइन प्रविष्टि की जा चुकी है तथा निःशुल्क छात्र भी प्रदर्शित हो रहे है।
11.2 भौतिक सत्यापन दल के अवलोकन हेतु बालकों के आवेदन पत्र मय संलग्नक व रिपोर्टिंग प्रपत्र, कैश बुक, रसीद बुक, बैंक पास बुक, एस.आर. रजिस्टर, कक्षा उपस्थिति रजिस्टर व पूर्व के सत्रों में आय के आधार पर प्रवेशित बालकों (केवल सामान्य, ओबीसी व एसबीसी वर्ग के लिए) के आय प्रमाण-पत्र तैयार रखें। आरटीई अधिनियम की धारा 12(3)के तहत उक्त समस्त सूचनायें विद्यालय द्वारा उपलब्ध करवाया जाना बाध्यकारी है। केवल सत्र 2020-21 हेतु छात्र का उपस्थिति रजिस्टर उपलब्ध करवाया जाना बाध्यकारी नहीं है।
11.3 सत्यापन दल, विद्यालय द्वारा उपलब्ध कराये गये भौतिक सत्यापन प्रतिवेदन के प्रिंट आउट के आधार पर ही विद्यालय में उपस्थित होकर प्रतिवेदन में पूर्व से भरी सूचनाओं व बालकों का भौतिक सत्यापन करेंगे।
11.4 भौतिक सत्यापन प्रतिवेदन में प्रविष्ट विद्यालय की स्थिति (Location), कक्षा स्तर (किस कक्षा तक), मान्यता, एण्ट्री कक्षा व आयु पॉलिसी की ध्यानपूर्वक जाँच करने के बाद ही इनको सत्यापित करें।
11.5 विद्यालय की स्थिति के संबंध में ब्लॉक, शहरी स्थानीय निकाय (नगर पालिका/नगर परिषद/नगर निगम), ग्राम पंचायत, ग्राम, वार्ड तथा शहरी या ग्रामीण क्षेत्र की गहन जॉच के बाद ही इन्हें सत्यापित करें। यदि विद्यालय के ग्राम/वार्ड अथवा ग्राम पंचायत/शहरी स्थानीय निकाय में परिवर्तन है तो यह परिवर्तन विद्यालय लॉगिन से सत्यापन रिपोर्ट ऑनलाइन करते समय किया जा सकता है लेकिन यदि विद्यालय के ब्लॉक के नाम में परिवर्तन है तो रिपोर्ट ऑनलाइन प्रविष्ट होने के बाद डीईओ प्रा.शि./डीईओ मा.शि. के लॉगिन से रिपोर्ट सत्यापित करने से पूर्व यह परिवर्तन किया जाये तथा सत्यापन रिपोर्ट की एक प्रति सम्बन्धित डीईओ कार्यालय को भिजवाई जाये।
11.6 प्रतिवेदन में भरी सूचनाओं में यदि कोई सूचना गलत है तो उस पर गोला करना है तथा उसके पास ही सही सूचना को अंकित करना है। सूचनाओं में परिवर्तन निरीक्षण प्रतिवेदन की दोनों प्रतियों में करने हैं।
11.7 इस प्रपत्र में पूर्व में भरे हुए डाटा में बदलाव से विद्यालय सहमत है। इसमें किसी भी प्रकार के परिवर्तन की स्थिति में इस सत्र में प्रवेशित बालकों का पोर्टल पर यथानुसार परिवर्तन हो जायेगा, जिसके लिए विद्यालय स्वयं जिम्मेदार होगा एवं उसे ज्ञात है कि इसमें दुबारा से बदलाव सम्भव नहीं है।
11.8 भौतिक सत्यापन दल द्वारा विद्यालय से किसी भी दस्तावेज की छाया प्रति देने की मांग नहीं की जायेगी ओर न ही निरीक्षण प्रतिवेदन के साथ सलंग्न की जायेगी ।भौतिक सत्यापन दल द्वारा जो भी रिकार्ड अवलोकित किया जाए प्रमाण के रूप में दल के अध्यक्ष द्वारा अवलोकित दस्तावेजों के प्रत्येक पृष्ठ पर अपने हस्ताक्षर एवं दिनांक अंकित की जाए।
11.9 सत्यापन प्रक्रिया के पूर्ण होने पर सत्यापन दल के अध्यक्ष द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट की एक प्रति निरीक्षण के दिन ही सम्बन्धित संस्थाप्रधान/प्रभारी को प्राप्ति के हस्ताक्षर प्राप्त कर उपलब्ध करवायी जायेगी तथा दूसरी प्रति सम्बन्धित डीईओ (प्रारम्भिक शिक्षा)/डीईओ (माध्यमिक शिक्षा) कार्यालय जमा करवायी जायेगी।
11.10 सत्यापन दल द्वारा उपलब्ध करवाये गये निरीक्षण प्रतिवेदन को गैर-सरकारी विद्यालय द्वारा 5 दिवस में आरटीई वेबपोर्टल पर अपलोड करना है।
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12 आधार कार्ड सत्यापन सम्बन्धी निर्देश
12.1 स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार आरटीई की धारा 12(1)(ग) के तहत् विद्यालयों में अध्ययनरत समस्त बालक-बालिकाओं (वर्तमान सत्र में नव प्रवेशित तथा पूर्व सत्रों के क्रमोन्नत) के आधार कार्ड की फोटोकॉपी अथवा आधार कार्ड हेतु नामांकन रसीद की फोटोकॉपी लिया जाना अनिवार्य है।
12.2 जिन बालक-बालिकाओं के आधार कार्ड अथवा आधार कार्ड हेतु नामांकन की रसीद की फोटोकॉपी प्राप्त नहीं हुई है, उन बालक-बालिकाओं को सत्यापित नहीं किया जाये परन्तु जिन बालक-बालिकाओं के आधार कार्ड अथवा आधार नामांकन रसीद की फोटोकॉपी विद्यालय को शीघ्र प्राप्त होने की संभावना है उन्हें अपात्र नहीं किया जाये। भौतिक सत्यापन प्रतिवेदन में ऐसे बालक-बालिकाओं के कॉलम को रिक्त छोड़ दिया जाये।
12.3 यदि किसी विद्यालय में अध्ययनरत सभी बालक-बालिकाओं में से कुछ के आधार कार्ड अथवा आधार नामांकन की रसीद की फोटोकॉपी प्राप्त नहीं हुई है तथा इनके शीघ्र प्राप्त होने की सम्भावना है वह विद्यालय अपनी सत्यापन रिपोर्ट को ऑनलाइन प्रविष्ट कर लॉक नहीं करें।
12.4 विद्यालय ऐसे बालक-बालिकाओं के अभिभावकों से आधार कार्ड अथवा आधार नामांकन रसीद की फोटोकॉपी प्राप्त करने की कोशिश करें। यदि फोटोकॉपी सत्यापन रिपोर्ट तैयार होने के बाद प्राप्त होती है तो विद्यालय के संस्थाप्रधान सत्यापन रिपोर्ट की विद्यालय प्रति एवं आधार कार्ड अथवा आधार नामांकन रसीद की फोटोकॉपी को सम्बन्धित कार्यालय (प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों हेतु जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक शिक्षा) एवं माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों हेतु जिला शिक्षा अधिकारी, मा.शि.) में प्रस्तुत करेंगे।
12.5 सम्बन्धित कार्यालय में आरटीई प्रभारी द्वारा आधार कार्ड अथवा आधार नामांकन रसीद की फोटोकॉपी का मिलान सत्यापन रिपोर्ट में बालक-बालिका के विवरण से किया जायेगा तथा विवरण सत्यापित होने पर सभी फोटोकॉपी पर आरटीई प्रभारी द्वारा हस्ताक्षर किये जायेंगे। इन बालक-बालिकाओं को सत्यापन रिपोर्ट की दोनों प्रतिओं (विद्यालय एवं कार्यालय प्रति) में सत्यापित फीस के पुनर्भरण योग्य किया जायेगा।
12.6 सत्यापन रिपोर्ट में आधार कार्ड अथवा आधार नामांकन के सम्बन्ध में सभी बालक-बालिकाओं की स्थिति स्पष्ट होने के पश्चात् ही विद्यालय द्वारा रिपोर्ट को ऑनलाइन कर लॉक किया जायेगा लेकिन यह कार्य सत्यापन रिपोर्ट की प्रविष्टि हेतु निर्धारित अंतिम तिथि से पूर्व किया जाना अनिवार्य है।
12.7 सम्बन्धित कार्यालय प्रत्येक विद्यालय की सत्यापन रिपोर्ट को कार्यालय प्रति के आधार पर प्रमाणित (verify) करने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि रिपोर्ट में पात्र पाये गये बालक-बालिकाओं की आधार संख्या अथवा आधार नामांकन संख्या प्रविष्ट कर दी गई है।
12.8 यदि किसी बालक/बालिका के विद्यालय में उपलब्ध विवरण यथा बालक/बालिका का नाम, पिता का नाम, माता का नाम, जन्म दिनांक या पता, आधार कार्ड में दी गई सूचनाओं की तुलना में आंशिकरूप से भिन्न है तो इन बालक-बालिकाओं के प्रवेश को निरस्त नहीं किया जाए।
12.9 इन बालक-बालिकाओं के विवरण की आशिक अशुद्धियों को आधार कार्ड के आधार पर बाद में सही कर दिया जायेगा यदि इन अशुद्धियों को सही करने से बालक/बालिका की पात्रता पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है।
13.1 निःशुल्क प्रवेश संबंधी समस्त रिकॉर्ड का अवलोकन कर निःशुल्क शिक्षा हेतु प्रवेशित बालक की पात्रता की जॉच की जाए तथा पात्रता के आधार पर पुनर्भरण योग्य पाये गये बालकों को सत्यापित किया जाए। जो बालक प्रवेश हेतु अपात्र पाए जावें अर्थात पुनर्भरण योग्य नहीं पाये जावें उनके अयोग्य होने के कारणों के कोड अंकित करने है।
13.2 सत्यापन दल 25 प्रतिशत निःशुल्क एवं शेष 75 प्रतिशत सःशुल्क सीट्स पर अध्ययनरत बालकों की नियमित उपस्थिति की भी जांच करेंगे। यदि निःशुल्क प्रवेशित बालक ड्राप आउट पाया जाए तो उसका उल्लेख प्रतिवेदन में करेंगे। सःशुल्क सीट्स पर अध्ययनरत बालकों के आवेदन पत्रों व अन्य दस्तावेजों की गहन जांच कर यह सुनिश्चित कर लें कि ये बालक वास्तविक रूप से विद्यालय में अध्ययनरत हैं।
13.3 शैक्षिक सत्र 2020-21 में एन्ट्री कक्षा में निःशुल्क व सःशुल्क सीट्स पर नवप्रवेशित बालक-बालिकाओं की गहनता से जाँच करें। यदि सत्यापन के समय निःशुल्क 25 प्रतिशत सीट्स पर दिये गये प्रवेश की तुलना में सःशुल्क 75 प्रतिशत सीट्स पर कम संख्या में बालक-बालिकाएँ अध्ययनरत पाये जाते है तो सःशुल्क 75 प्रतिशत सीट्स पर अध्ययनरत बालक-बालिकाओं की संख्या के आधार पर ही 25 प्रतिशत निःशुल्क सीट्स पर बालक-बालिकाओं को सत्यापित किया जाये। निःशुल्क सीट्स पर 25 प्रतिशत से अधिक संख्या में प्रवेशित बालक-बालिकाओं में से वरीयता सूची में नीचे से बालक-बालिकाओं के प्रवेश को निरस्त किया जायेगा। यह व्यवस्था केवल वर्तमान सत्र में नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए ही लागू होगी।
13.4 यह भी सुनिश्चित कर लें कि प्रवेशित बालक-बालिका प्रवेश के बाद लगातार विद्यालय में आ रहे हैं तथा इनका अन्यत्र किसी विद्यालय में प्रवेश नहीं हुआ है।
13.5 आय के आधार पर प्रवेशित बालक-बालिकाओं से प्रतिवर्ष नये आय प्रमाण पत्र लिये जाते है। अतः पूर्व सत्रों में प्रवेशित आरटीई विद्यार्थियों के आय प्रमाण पत्रों की जांच सत्र 2020-21 व सत्र 2021-22 दोनों सत्रों हेतु की जानी है।
14.1 सत्यापन दल विद्यालय के अभिलेखों की सावधानी पूर्वक जॉच कर विद्यालय द्वारा अन्य बालकों से ली जा रही फीस का सत्यापन करेंगे।
14.2 फीरा के रात्यापन के लिए विद्यालय के अभिलेखों यथा रसीद बुक,कैशबुक, बैंक पारावुक,फीरा संधारण रजिस्टर एवं वाउचर पंजिका का निरीक्षण करेंगे। यदि आवश्यक हो तोबालकों एवं अभिभावकों से बात कर फीस की पुष्टि कर ली जावे।
14.3 फीस के समस्त रिक्त कॉलमों में फीस की प्रविष्टि करनी है। विद्यालय को यह ज्ञात होना चाहिए कि वर्तमान शैक्षिक सत्र की वार्षिक फीस की राशि अंकित नहीं करने पर इस सत्र की प्रथम एवं द्वितीय किस्त की पुनर्भरण राशि का भुगतान किया जाना संभव नहीं होगा परन्तु निःशुल्क शिक्षा हेतु प्रवेशित एवं सत्यापित बालकों को अपने स्तर पर निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने हेतु बाध्य होगा।
14.4 सत्यापन दल द्वारा निर्देशों के विपरीत गलत तरीके से अथवा अभिलेखों का अवलोकन किये बिना ही फीस का आकलन कर राशि अंकित करने एवं पुनर्भरण की अनुशंषा करने पर गलत/अनियमित भुगतान होने की स्थिति में सत्यापन दलका उत्तरदायित्व निर्धारित होगा तथा उनके विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनिक कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।
15.1 यह जॉच बालक के “दुर्बल वर्ग” या “असुविधाग्रस्त समूह” से सम्बन्धित होने, प्रवेश हेतु निर्धारित कैचमेन्ट एरिया के निवासी होने तथा प्रवेश के लिए कक्षा अनुरूप आयु संबंधी पात्रता पूरी करनेके आधार पर की जायेगी तथा इनसे सम्बन्धित प्रमाण पत्रों की भी जांच की जाएगी कि प्रमाण पत्र निर्धारित तिथि तक तथा सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किए गए हैं अथवा नहीं। यह च कार्य सत्र 2020-21 व सत्र 2021-22 दोनों सत्रों के लिए तत्कालीन समय अनुरूप की जाएगी।
15.2 दल द्वारा जिन अभिलेखों का अवलोकन किया जाए उन पर लघु हस्ताक्षर भी किए जाएं।
15.3 सत्यापन प्रतिवेदन दो प्रतियों में तैयार कर सत्यापन दिवस को ही एक प्रति विद्यालय को तथा दूसरी प्रति सम्बन्धित कार्यालय को उपलब्ध करवा दी जाए। सत्यापन रिपोर्ट के प्रत्येक पृष्ठ पर सत्यापन दल सदस्यों के हस्ताक्षर अनिवार्य है।
नोट:-स्कूल शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार, जयपुर के आदेश क्रमांक प.21(32) प्राशि/आयो./2017 पार्टीvजयपुर दिनांक 18.07.2019 के बिन्दु संख्या 3.3 में आरटीई की धारा 12(1)(ग) के तहत् गैर-सरकारी विद्यालयों में 25 प्रतिशत निःशुल्क सीट्स पर अध्ययनरत बालकों के भौतिक सत्यापन व सत्यापित बालकों की फीस के पुनर्भरण कार्य को जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक/माध्यमिक कार्यालय को आवंटित किया गया है। अतः इन दिशा-निर्देशों का अध्याय-3 व 4 इस आदेश के अधीन रहेगा तथा आवश्यकता होने पर इस अध्यायों में संशोधन किया जाएगा।
RTE निरीक्षण दल के सदस्यों के नाम, पद एवं पदस्थापन स्थान सत्र 2020-21 एवं 2021-22 सेलेक्ट डिस्ट्रिक्ट एंड ब्लॉक और इससे आप ब्लॉक बार सूची देख सकते है|
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गैर-सरकारी विद्यालयों में भौतिक सत्यापन प्रक्रिया की क्या प्रक्रिया हैं ? What is the process of physical verification process in private schools?
by Sheetal Panwar | Feb 22, 2022 | DAILY ONE QES AND ANS, DAILY QUESTION |
प्रश्न : SIPF से लोन लेनी क्या प्रक्रिया हैं ? What is the procedure to take loan from SIPF?

उत्तर:- SI Loan Process
कार्मिक समर्पण मूल्य व अर्जित बोनस का 90% तक ऋण ले सकते हैं।
➡️ बोनस की वर्तमान दर 90 रुपये प्रति 1000 रुपये है।
➡️यदि पूर्व में SI का Loan ले रखा है तो वह पूर्ण रूप से चुकाया जाना आवश्यक है साथ ही पूर्व ऋण व वर्तमान आवेदित ऋण के बीच 2 वर्ष का अंतराल होना चाहिए।
➡️ ऋण के मूल की अदायगी 60 समान किस्तों में होंगी या 60 से कम किस्तों में करा सकते हैं।
◆ ऋण के ब्याज की अदायगी 10 समान किस्तों में।(10 से कम किश्तों में भी कर सकते हैं।)
कार्मिक चाहें तो मूल ऋण व उस पर संदेय ब्याज की किस्तें एक साथ भी जमा करा सकता है या पहले मूल ऋण एवं फिर ब्याज चुका सकता है पर बेहतर यही रहेगा कि पहले मूल एवं फिर ब्याज जमा करवाया जाए।
फार्मूला-कुल किस्तें÷12×(मूल ऋण+अंतिम क़िस्त)÷2×ब्याज दर÷100)
वैसे Online आवेदन Submit करते समय System EMI (मासिक क़िस्त) की राशि Show कर देता है अतः उसे नोट कर लेना चाहिए।
◆नोट:अगला ऋण 2 वर्ष से पूर्व स्वीकृत नहीं होगा।(नियम-44)
➡️ वर्तमान में SI Loan पर ब्याज दर 7.5% है।
Note:- SI Loan Online आवेदन से पूर्व 2015 से पूर्व नियुक्त कार्मिक 2015 तक की SI Passbook अद्यतन(प्रविष्टि किए हुए सभी पृष्ठों में से प्रत्येक पृष्ठ पर DDO के Sign&Seal, प्रत्येक पृष्ठ पर SI Premium राशि का महायोग, TV No एवं Encashment Date आदि Update होना चाहिए) की हुई pdf Format में Upload कर दें। क्योंकि इसके बिना आवेदन अस्वीकार्य होगा।
➡️ SI Policy Bond भी दोनों तरफ़ से Scan कर pdf Format में Upload करना होगा। SI Bond SIPF कार्यालय द्वारा पहले से ही Upload किया जा चुका है तो इसकी जांच कर लें।
➡️sso.rajasthan.gov.in पर Employee Login करें।
Pop Up द्वारा Paperless आवेदन से सम्बंधित सूचना को Close करें।
➡️ Transaction में जाएं।
➡️ SI Loan Tab पर Click करें।
➡️ SI Loan Tab पर Click करने पर कार्मिक के आवेदन से सम्बंधित पूरा Page Open होगा जिसमें अधिकांश सूचनाएं पहले से ही भरी होंगी जिनकी अच्छी तरह से जांच कर लें अगर कोई त्रुटि हो तो DDO Level/SIPF Office से सुधार करवाएँ। अतः आप अपनी Loan की Maximum Eligible Amount की जांच करें अगर यह Amount आपकी जमा राशि से नियमानुसार कम आ रही है तो पहले सम्बंधित SIPF Office से Update करवाएँ।
➡️ इसके बाद आप अपनी Loan Amount भरें। यह आपकी Maximum Eligible Amount के बराबर या कम होनी चाहिए।
➡️ EMI (मासिक क़िस्त) की राशि System Auto Calculate करेगा जिसे Note कर लें।
➡️ इसके बाद Form में नीचे Submit , Upload E-Passbook व Upload Bond Options दिखाई देंगे । यदि आपने पहले से ही SI Passbook व Bond Upload कर दिए हैं तो आपको Upload की जगह Download का Option दिखाई देगा जिसके द्वारा आप Passbook व Bond Download कर Check कर लें। यदि Upload नहीं किए हैं तो उनकी ऊपर बताए गए अनुसार Scan कर pdf File बनाकर Upload कर दें।
नोट- यदि SI Passbook व Bond Upload नहीं किए हैं तो आवेदन करने से पूर्व उनकी pdf File बनाकर अपने Mobile/PC/Laptop में Save कर लें ताकि आवेदन के समय अधिक समय ना लगें।
➡️ ये कार्य करने के बाद Submit पर Click करें।
➡️ Are you sure want to submit Loan Details का Message Show होगा जिस पर Click करने पर Data Saved Successfully का Response आएगा।
➡️ इसके बाद आपको *Submit Without E-Sign, Submit With E-Sign एवं Close Options Show होंगे।आप Submit With E-Sign पर Click करें।
नोट-E-Sign केवल आधार OTP Base पर ही होने हैं कोई Digital Dongle से नहीं होंगे।
➡️ फिर कार्मिक के Mobile पर Adhaar Based OTP आएगा जिसको Fill करने के बाद Submit पर Click करने पर आपका ऋण आवेदन आपके DDO के पास Forward हो जाएगा।
➡️ अब Homepage पर आकर Pending Task पर Click करें वहाँ आपके द्वारा Submit Loan की Details एक पंक्ति में Show होंगी उस पंक्ति पर कहीं भी Click करने पर पूरी Details Show होंगी जिसे भलीभांति Check कर लें यदि कोई त्रुटि हो तो Cancel Application Option पर Click कर Application Cancel करें एवं आवश्यक सुधार के बाद पुनः पूर्व प्रक्रियानुसार Submit करें।
Note:- कार्मिक द्वारा Loan Application को DDO के पास Pending रहने तक ही Cancel किया जा सकता है अगर DDO ने SIPF को Forward कर दिया है तो Cancel नहीं कर सकते एवं ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार के संशोधन हेतु सम्बंधित SIPF संपर्क करना होगा।
➡️अगर आवेदन की Details सही है तो Proceed Application के नीचे Print Application पर Click कर Application का Print ले लें यदि Proceeding के बाद कोई System Error आ जाता है तो My Transactions में जाकर भी Print ले सकते हैं।
➡️उसके बाद आप Application पर Validation के लिए Pending E-Sign को Adobe Reader 11 (Updated Version) में pdf File Open कर अपने E-Signature Validate कर सकते हैं।
➡️ DDO Login से Loan Application SIPF कार्यालय को Forward करने की प्रक्रिया-👇
➡️http://sso.rajasthan.gov.in Open कर Login करें एवं SIPF Icon पर Click करें
➡️ As a ddo Select करें।
➡️ Pending Task में CLICK HERE TO SEARCH पर Click करें।
➡️ उसके बाद Pending Task Details में Red Colour में Q पर Click करने पर DDO के Forward किए गए आवेदन विभिन्न Modules के रूप में Show होंगे।
➡️ सम्बंधित कार्मिक द्वारा Forward किए गए SI Loan Application की पंक्ति पर Click करने पर आवेदन की Details Show होंगी।
➡️ Declaration के नीचे एक Check Box के सामने एक घोषणा Show होगी उसे पढ़कर Check Box पर ✅ Mark करें।
➡️फिर नीचे की तरफ Forward, Upload E-Passbook, Upload Bond आदि Options Show होंगे।
➡️ यदि कार्मिक के स्तर पर गलती से SI Passbook/SI Bond Upload नहीं किया गया है या स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा है तो DDO स्वयं आवश्यकता अनुसार SI Passbook /SI Bond की pdf File Upload कर सकते हैं।
➡️ अगर सभी Details सही हैं तो Forward पर Click करें।
➡️ DDO के Aadhaar से Link Mobile पर OTP आएगा उसे Fill कर आवेदन को Forward करें।
➡️ DDO द्वारा Forward किए हुए आवेदन का Print लेकर कार्मिक स्तर पर बताई गई उपरोक्त प्रक्रियानुसार E-Signature Validate कर सकते हैं।
➡️ Loan की राशि स्वीकृत होने एवं सम्बंधित कार्मिक के Acconut में जमा होने के अगले महीने से SI Loan की कटौती निर्धारित EMI के अनुसार शुरू की जानी है।

राज्य बीमा के नियम 1 अप्रेल-1998 से प्रभावी होंगे।
➡️ राज्य बीमा की प्रथम कटौती कार्मिक के सेवा स्थायीकरण के उस वित्तीय वर्ष जिसमें वह नियुक्त हुआ है , के मार्च माह से की जाएगी।
➡️बीमा इस शर्त पर किया जाएगा कि बीमित कार्मिक क्षय, अस्थमा,कैंसर, मधुमेह, एड्स या सरकार द्वारा अधिसूचित किसी गम्भीर बीमारी से ग्रसित नहीं हो। नियम-8
➡️ वेतन वृद्धि तथा आगे के 2 Slabs तक अतिरिक्त प्रीमियम कटौती कराने पर जोखिम बिना स्वास्थ्य परीक्षण के ही वहन की जाएंगी। नियम-11(4)
➡️ Duplicate Policy Bond जारी करवाना
यदि बीमित व्यक्ति द्वारा मूल Policy Bond खो गया है या नष्ट/विकृत हो गया है तो उसके बदले निम्नानुसार अपनी sso id से Login कर Online Challan या फिर व्यक्तिगत रूप से निर्धारित शुल्क जमा करवाकर क्षतिपूर्ति बंध पत्र के साथ बीमा निदेशक को आवेदन कर Duplicate Policy जारी करवा सकता है- नियम-47
(i) मूल Policy खो जाने/नष्ट होने पर शुल्क-100/-
(ii) Policy विकृत/कटी-फटी हो जाने पर शुल्क-50/-
➡️ बीमित व्यक्ति की Policy परिपक्वता से पूर्व मृत्यु हो जाती है तो बीमित व्यक्ति के द्वारा नियमानुसार नामित व्यक्ति को बीमित राशि का दुगना भुगतान किया जाएगा। नियम-51
➡️ अतिरिक्त बीमा नियम-
(1) विद्यमान वेतन Slabs में बदलाव होने या किसी कारण से वेतन वृद्धि की वजह से यदि प्रीमियम दरों में वृद्धि होती हैं तो वे वृद्धिशील वसूलियां उसी वित्तीय वर्ष के मार्च माह के वेतन से की जाएंगी,एवं इसके लिए अलग से घोषणा पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है। नियम-11(i)(ii)
(2) बीमित कार्मिक स्वेच्छा से उस पर लागू प्रीमियम दर से अधिक आगे के 2 Slabs तक की प्रीमियम दरों का अभिदान कर सकता है जिसके लिए उसे नियम-8(3) में वर्णित रोगों से ग्रसित नहीं होने की घोषणा करते हुए नियम-11(2) के तहत अधि घोषणा पत्र Online प्रस्तुत करना होगा।
(3) 55 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद कोई भी कार्मिक अधिघोषणा का लाभ नहीं ले सकता। नियम-11(3)
(4) यदि किसी वजह से वेतन Slabs में कमी हो जाती है तो पूर्व में संदेय प्रीमियम दर को कम नहीं किया जा सकता। नियम-13
➡️ऋण आवेदन या दावे के निपटारे के लिए मूल Policy बीमा विभाग को प्रस्तुत करना अनिवार्य है। नियम-49(i)
➡️विभाग के आदेश क्रमांक-(प 4(8)वित्त/राजस्व/05/पार्ट दिनाँक 13.12.2017 के अनुसार बीमा ऋण एवं दावों की राशि 1 जनवरी,2018 से SIPF कार्यालय के द्वारा जारी अधिकार पत्र(Authority Letter)के स्थान पर अब सीधे ही सम्बंधित कार्मिक/दावेदार के बैंक खाते में Online स्थानांतरित की जाएगी।
➡️ विभाग के आदेश क्रमांक-(प.108/कम्प/एसआईपीएफ पेमेंट/2017/1214-141 दिनाँक-15.12.2017 के अनुसार 1 जनवरी,2018 से बीमा ऋण एवं दावों के Online भुगतान की प्रक्रिया आरंभ की गई है।
➡️ घोषणा पत्र एवं अधि घोषणा पत्र Online Submit होंगे-
मार्च-2017 से जिन कार्मिकों की प्रथम/अधिक कटौती होनी है तो उन्हें sso.rajasthan.gov.in पर Login कर SIPF Portal के माध्यम से Online ही Submit करना होगा।
➡️ निलम्बन अवधि के दौरान प्रीमियम की वसूली-
यदि किसी बीमित व्यक्ति को निलंबित किया जाता है तो SI प्रीमियम की वसूली उसको देय निर्वाह भत्ते से की जाएगी यदि उक्त अवधि में प्रीमियम वसूल नहीं किया जाता है तो उस प्रीमियम राशि पर प्रीमियम देय होने की तिथि से जमा कराने की तिथि तक 7.5% की दर से ब्याज़ वसूल किया जाएगा।
नियम-28
➡️ SI में नामित व्यक्ति का निर्देशन
बीमित व्यक्ति नाम निर्देशन के लिए निर्धारित प्रारूप संख्या-2 में किसी एक/अधिक व्यक्तियों को कार्यालय अध्यक्ष को सूचित कर नियमानुसार नामित कर सकते हैं परन्तु शादी से पूर्व किसी भी व्यक्ति के पक्ष में किया गया मनोनयन यदि रदद् नहीं किया गया है तो शादी के बाद स्वतः ही पति या पत्नी नाम हुआ माना जायेगा। नियम-31
➡️ व्यक्ति जिन्हें नाम निर्देशीति नियुक्त किया जा सकता है-
बीमित व्यक्ति अपने पति/पत्नी,संतान, भाई, बहन,माता-पिता को मनोनीत कर सकता है। यदि उपरोक्त में से कोई भी सम्बंधी जीवित हो।
तो किसी अन्य व्यक्ति का नाम निर्देशन अकृत और शून्य माना जायेगा। नियम-32
➡️ सेवानिवृत्ति के पश्चात आने वाले 31 मार्च तक बीमा Policy जारी रखने का विकल्प-
नियमानुसार कार्मिक अपनी सेवानिवृत्ति तिथि के ठीक पूर्व में आने वाले 1 अप्रेल को अपनी राज्य बीमा Policy के दावे के भुगतान प्राप्त कर लेता है।राजस्थान सरकारी कर्मचारी बीमा नियम 1998 के नियम-39(2)(i) के प्रावधान के अनुसार अगर कार्मिक चाहे तो SI कटौती मूल परिपक्वता तिथि के 15 दिन पूर्व DDO के Through Application के तौर पर विकल्प भरकर सम्बंधित जिले के SIPF Office भेजकर सेवानिवृति के ठीक बाद में आने वाले मार्च तक अपनी SI Policy Continue रख सकते हैं, परन्तु बीमा नियम 18(2) के अनुसार इसका Due Premium सेवानिवृति तक के वेतन से Advance में कटाना होगा। और संचित असन्दत Premium बिना ब्याज के बीमा के दावे की रकम में से वसूलीय होगा। जो के सेवानिवृत्ति तिथि के ठीक बाद में आने वाले 1 अप्रेल को प्राप्त होगी।
क्रमांक:एफ 19/बीमा/व्यय.एवंपं./2010-11/1068-1118/Dated:04.12.19
by Sheetal Panwar | Feb 22, 2022 | DAILY ONE QES AND ANS, DAILY QUESTION |
प्रश्न:-हमारे स्कूल में एक कार्मिक की मृत्यु गई है अब स्कूल स्तर पर Ddo को कौन- कौन से कार्य करने है ?

उत्तर:- किसी कार्मिक की सेवा में रहते हुए मृत्यु हो गई है तो Ddo को अनपे स्तर पर निम्न कार्य प्रथमिकता से पूर्ण करने चाहिये ।
(1) सर्व प्रथम कार्मिक के परिवार से मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करे।
(2) मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त होने पर नियुक्ति अधिकारी से उनकी सेवा समाप्ति के आदेश जारी करवावे।
(3) सेवा समाप्ति के आदेश प्राप्त होने पर शाला दर्पण से उनको डेथ का कारण चयन कर कार्य मुक्त करे।
(4) कार्मिक के घर पर रिजिस्टर्ड पत्र द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति चाहते है तो इस बाबत आवेदन पत्र 90 दिन की सीमा में प्रस्तुत करने का निवेदन करे यदि इसके साथ ही अनुकम्पा नियुक्ति के आवेदन पत्र की कॉपी संलग्न कर देते है तो उनको सुविधा रहेगी।
(5) Ddo लॉगिन से sipf पोर्टल से कार्मिक के राज्य बीमा एवं GPF के डेथ क्लेम ऑन लाइन सबमिट कर सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर प्रकरण Sipf office में भेजे। क्लेम का भुगतान नॉमिनी को होगा अतः कार्मिक के नॉमिनी की sipf पर बैंक डिटेल्स अपडेट नही है तो Ddo लॉगिन से पहले नॉमिनी की बैंक डिटेल्स को अपडेट कर लेवे।
(6) Nps कार्मिक है तो nps राशि के क्लेम का निर्धारित आवेदन पत्र भर कर sipf आफिस में जमा करवावे।
(7) वेतन से LIC की कटौती है तो मृतक के LIC क्लेम के आवेदन पत्र को भरवा कर LIC का क्लेम अजमेर कार्यालय( सेलेरी शाखा) में भेजे।
(8) यदि कार्मिक की किसी दुर्घटना में मृत्यु हुई है तो दुर्घटना बीमा राशि के क्लेम का निर्धारित आवेदन पर मय समस्त दस्तावेज संलग्न कर प्रकरण sipf आफिस में जमा करावे।
(9) पारिवारिक पेंशन एवम ग्रेच्यूटी के भुगतान हेतु निर्धारित पेंशन कुलक मय सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर प्रकरण अपने Cbeo के माध्यम से पेंशन विभाग को भेजे। पेंशन प्रकरण के साथ ही जमा उपार्जित अवकाश के नगद भुगतान के लिए निर्धारित प्रपत्र में बजट की मांग भी करे।
(10) शिक्षा विभाग के कार्मिक है तो मृत्यु पर हितकारी निधि एवम शिक्षक कल्याण कोष से भी आर्थिक सहायता मिलती है इस बाबत निर्धारित आवेदन पत्र भर कर उचित माध्यम से निदेशालय बीकानेर को प्रकरण अग्रेषित करे।
(11) PPO जारी होने के बाद 2071 हेड में बकाया जमा PL का बजट प्राप्त होने के बाद पे मैनेजर से उपार्जित अवकाश का बिल बना कर भुगतान करे।
(12) कार्मिक की मृत्यु के बाद उसके कोई भी भुगतान बकाया है तो वह उसके नॉमिनी को किया जाता है इस हेतु पहले PM पर नॉमिनी ऐड करे उसके बाद सम्बन्धित ट्रेजरी से नॉमिनी की बैंक डिटेल्स को PM पर अपडेट करवावे उसके बाद उनके बकाया कोई भी बिल हो वह बनावे।
मृतक कार्मिको के आश्रितो को यथाशीघ्र राहत प्रदान कर हमें सहयोग प्रदान करना चाहिए यह अपनी ड्यूटी के साथ साथ एक पूण्य का कार्य है।
नोट:- कार्मिक की मृत्यु के दिन को कार्य दिवस माना जाता है अतः मृत्यु प्रमाण पत्र में अंकित मृत्यु की दिनांक तक वेतन का भुगतान होगा एवं मृत्यु के अगले दिन से पारिवारिक पेंशन स्वीकृत होगी।

by Sheetal Panwar | Feb 20, 2022 | DAILY QUESTION, MUKHYAMANTRI RAJSHRI SCHEME |
RPSC One Time Registration कैसे करे? इसकी ऑनलाइन प्रक्रिया समझाने की कृपा करें ?
उत्तर :-
✅अगर आपने SSO पर अपना पंजीकरण नहीं करवाया हैं तो सबसे पहले अपना रजिस्ट्रेशन पूर्ण करें।
✅सर्वप्रथम निम्न लिंक पर क्लिक करे।
https://sso.rajasthan.gov.in/signin
✅इसके बाद SSO पर लॉगिन करे।
✅खद की SSO ID व पासवर्ड दर्ज करे।
✅ कप्चा दर्ज करे और LOGIN पर क्लिक करें।
✅लॉगिन करने पर आपको कई सारें एक्टिव ओर अनेक्टिव APPS दिखाई दें रहें होंगे।
✅ Inactive apps में RECRUITMENT PORTAL सर्च करे।
✅अभ्यर्थी रिक्रूटमेंट पोर्टल पर क्लिक करें।
✅ सटेट रिक्रूटमेंट पोर्टल पर अभ्यर्थी को वन-टाइम रजिस्ट्रेशन लिंक ऊपर दिखाई देगा।
✅ *One Time Registration* क्लिक करे।
✅ कलिक करते ही वन टाइम रजिस्ट्रेशन का फॉर्म ओपन होगा।
✅ वन-टाईम रजिस्ट्रेशन में अभ्यर्थी को अपना *नाम, जन्म तिथि, पिता का नाम, जेण्डर एवं मोबाइल* इत्यादि विवरण भरे।
✅ यदि एस.एस.ओ प्रोफाइल में पूर्व में कोई विवरण भरा हुआ है तो वह भी यहां प्रदर्शित होगा।
✅विवरण में कोई परिवर्तन करना है तो रजिस्ट्रेशन विंडो पर दिए गए पेज पर करें।
✅ यहाँ से विवरण को सही भी किया जा सकता है।
✅अभ्यर्थी को अपनी *सैकण्डरी परीक्षा अथवा समकक्ष परीक्षा का रोल.न.,परीक्षा वर्ष एवं बोर्ड के इन्द्राज के साथ सर्टिफिकेट* अपलोड करे।
*ध्यान रहे*- RPSC द्वारा भविष्य में ई-वाल्ट से इसे इंटीग्रेटेड भी किया जाएगा ताकि सर्टिफिकेट अपलोड की आवश्यकता न हो।
✅ अभ्यर्थी अपना *फोटो पहचान पत्र* (पैन कार्ड, वोटर आई.डी, आधार, ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक मय विवरण) अपलोड करे।
Note- अभ्यर्थी द्वारा प्रविष्ट की गई सूचना की पुष्टि की जाएगी।
✅मोबाइल पर ओ.टी.पी. के माध्यम से सत्यापन करें।
✅सत्यापन प्रक्रिया सफलतापूर्वक सम्पन्न करने पर यूनिक वन टाइम रजिस्ट्रेशन संख्या जनरेट हो जाएगी।
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✅वन टाइम रजिस्ट्रेशन के माध्यम से अभ्यर्थी को एक ही बार प्रोफाइल डिटेल देनी होगी। इससे अलग-अलग भर्तीयों के लिए आवेदन करते समय अभ्यर्थी को पुनः नाम, योग्यता व अन्य वांछित जानकारियां देने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
✅आयोग द्वारा दिए गए यूनिक नंबर को दर्ज करने मात्र से अभ्यर्थी द्वारा प्रोफाइल में दर्ज विवरण का फार्म में स्वतः ही इन्द्राज हो जाएगा।
✅ परोफाइल को समय-समय पर अद्यतन करने की सुविधा भी रहेगी।
THANKS TO
एडमिन पैनल पेमेनेजर इन्फो