Rajasthan Board Correction Rules: Name DOB Amendments Now 1 Year Limit

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RBSE ने बदले नाम और जन्मतिथि सुधार के नियम : रिजल्ट के 1 साल बाद नहीं होगा संशोधन, विलंब शुल्क का प्रावधान खत्म

Rajasthan Board Correction Rules: Name DOB Amendments Now 1 Year Limit राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) अजमेर ने 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए नाम, माता-पिता के नाम और जन्मतिथि में संशोधन के नियम बदल दिए हैं। अब बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित होने के एक साल के भीतर ही इन दस्तावेजों में सुधार कराया जा सकेगा। इसके बाद किसी भी तरह का संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा। बोर्ड ने सोमवार को आदेश जारी कर नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए हैं।

बोर्ड के अनुसार संशोधन केवल स्कूल के मूल स्कॉलर रजिस्टर, प्रवेश आवेदन पत्र और टीसी के आधार पर ही किया जाएगा। जन्मतिथि में सुधार के लिए ये तीनों दस्तावेज जरूरी होंगे। शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि यदि दस्तावेजों में कोई त्रुटि हो तो समय रहते उसका सुधार करवा लें।

Rajasthan Board Correction Rules: Name DOB Amendments Now 1 Year Limit
Rajasthan Board Correction Rules: Name DOB Amendments Now 1 Year Limit

Rajasthan Board Correction Rules: Name DOB Amendments Now 1 Year Limit

माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा जिज्ञा यादव बनाम केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड व अन्य में पारित आदेश दिनांक 06.06.2022 एवं इसी क्रम में माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर द्वारा डीबी स्पेशल अपील सं. 675 / 2022 "High Court of Judicature for Rajasthan v/s Board of Secondary Education & Ors." में पारित आदेश दिनांक 10.09.2025 में दिए गए निर्देशों के क्रम में गठित समिति की अनुशंषा

दिनांक कमश: 02.04.2026 एवं 23.04.2026 एवं माननीय प्रशासक महोदय के अनुमोदन दिनांक 01.05.2026 की अनुपालना में परीक्षार्थी की जन्मतिथि, परीक्षार्थी का नाम उपनाम एवं माता-पिता का नाम, उपनाम व वर्तनी आदि में सुधार अथवा परिवर्तन हेतु माध्यमिक शिक्षा अधिनियम-1957 में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए माननीय प्रशासक महोदय के आदेश दिनांक 02.06.2026 की अनुपालना में पूर्व में जारी आदेश दिनांक 26.02.2021 एवं 06.09.2023 के अधिक्रमण में संशोधन की प्रक्रिया आधार एवं प्रावधानों को अनुदेशिका - 2020 में कुछ संशोधन प्रतिस्थापित किए गये हैं :-

जन्म तिथि में सुधर संबंधित नियम -

शाला प्रधान द्वारा विधिवत रूप से अग्रेषित जन्मतिथि में संशोधन हेतु शाला | का मूल स्कॉलर रजिस्टर (SR) प्रवेश आवेदन पत्र व पूर्व शाला का स्थानान्तरण प्रमाण पत्र (TC) के आधार पर संशोधन स्वीकार किया जा | सकेगा। किसी भी प्रकार का संशोधन यदि (SR) पूर्व शाला की (TC) अथवा प्रवेश आवेदन पत्र में होतो इससे पूर्व शाला का उपरोक्त रिकार्ड तलब किया जा सकेगा।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जिज्ञा यादव बनाम केन्द्रीय | माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में पारित निर्णय के पैरा 151 से 157 के अनुसार जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, निर्वाचन पहचान पत्र आदि लोक दस्तावेज न्यायालय साक्ष्य अधिनियम - 1872 के अन्तर्गत वैधानिक प्रमाणिकता रखते हैं। अतः आवेदक द्वारा प्रस्तुत सार्वजनिक दस्तावेज सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी एवं विधि सम्मत होने पर सम्यक जांच उपरान्त संशोधन अनुमत किया जाएगा। परीक्षा परिणाम घोषित होने से एक वर्ष की अवधि के बाद प्रस्तुत आवेदन पत्रों पर किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं किया जायेगा।

नाम - उपनाम आदि की वर्तनी में सुधार के नियम -

नाम में सुधार, जिसमें परीक्षार्थी के नाम / उपनाम, पिता / माता के नाम में वर्तनी की त्रुटियों तथ्यात्मक टाइपिंग त्रुटियों को दूर करना शामिल है, ताकि यह स्कूल रेकार्ड या स्कूल द्वारा प्रस्तुत परीक्षार्थी /पिता / माता के नाम में | सुधार के लिये आवेदन परिणाम घोषित होने की तिथि से एक वर्ष के भीतर ही विचारणीय होगा, बशर्ते परीक्षार्थी का आवेदन शाला प्रधान द्वारा निम्नलिखित सत्यापित दस्तावेजों के साथ अग्रेषित किया गया हो।

  1. प्रवेश के समय अभिभावकों द्वारा भरे गये प्रवेश पत्रों की सत्यापित प्रति, जिस पर संबंधित शाला प्रधान द्वारा विधिवत् सत्यापन किया गया हों
  2. प्रवेश के समय परीक्षार्थी के माता पिता द्वारा प्रस्तुत पूर्व विद्यालयों के विद्यालय छोड़ने के प्रमाण पत्र की सत्य प्रतिलिपि, संबंधित शाला प्रधान द्वारा विधिवत सत्यापित ।
  3. विद्यालय के प्रवेश एवं निकासी रजिस्टर (SR) के उस पृष्ठ के भाग की सत्य प्रतिलिपि जिसमें परीक्षार्थी के संबंध में प्रविष्टि की गई है, संबंधित शाला के शाला प्रधान द्वारा विधिवत सत्यापित हो ।
  4. बोर्ड द्वारा जारी प्रलेखों एवं शाला रिकार्ड में भिन्नता होने पर लोक दस्तावेज यथा :- राजपत्र, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र इत्यादि जो सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी हो, की सम्यक जांच उपरान्त वर्तनी संशोधन अनुमत किया जा सकेगा।

नाम परिवर्तन संबंधी नियम -

परीक्षार्थी के नाम या उपनाम, माता पिता के नाम या उपनाम में परिवर्तन संबंधी आवेदनों पर विचार किया जा सकता है बशर्ते कि परिवर्तन को न्यायालय द्वारा स्वीकार कर लिया हो और परीक्षार्थी के परीक्षा परिणाम घोषित | होने से पहले सरकारी राजपत्र में अधिसूचित कर दिया गया हो ।

उपरोक्त संशोधन जारी होने की दिनांक से पूर्व में जारी आदेश दिनांक 26.02.2021 एवं 06.09.2023 निरसित हो जाएगें।
संशोधन शुल्क :- रूपये 300 /- प्रति त्रुटि (प्रति परीक्षा)

विद्यार्थी / छात्र / छात्रा से निम्न आशय की घोषणा एवं उसका सत्यापन व Indemnity भी प्राप्त करना होगा।

समय रहते जांचें अंकतालिका और प्रमाण-पत्र

बोर्ड के फैसले के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए यह जरूरी हो गया है कि परीक्षा परिणाम जारी होते ही अंकतालिका और प्रमाण-पत्र में दर्ज नाम, माता-पिता के नाम तथा जन्मतिथि का मिलान कर लें। एक वर्ष की अवधि समाप्त होने के बाद त्रुटि सुधार का अवसर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।

सुधार के लिए शुल्क और शर्तें

दस्तावेज में प्रत्येक गलती के सुधार पर 300 रुपए प्रति परीक्षा शुल्क देना होगा। आवेदक को भविष्य में कोई दावा प्रस्तुत नहीं करने का घोषणा-पत्र भी देना होगा। माता या पिता के नाम में बदलाव होने पर मार्कशीट पर ‘चेंज इन कैंडिडेट्स मदर्स/फादर्स नेम फ्रॉम... टू...’ संबंधी उल्लेख और बोर्ड का डिस्क्लेमर अंकित किया जाएगा। वहीं नाम पूरी तरह बदलने के मामलों में न्यायालय का आदेश तथा परीक्षा परिणाम से पहले सरकारी राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

अध्यक्ष नहीं होने से समिति ने लिया निर्णय

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर में वर्तमान में न अध्यक्ष है और न ही प्रबंध मंडल। सामान्यतः ऐसे नीतिगत फैसले प्रबंध मंडल स्तर पर लिए जाते हैं। मामले की आवश्यकता को देखते हुए बोर्ड सचिव ने करीब एक माह पहले समिति गठित की थी। समिति के सभी सदस्यों की सहमति और हस्ताक्षर के बाद आदेश जारी किया गया। नए नियमों में विलंब शुल्क का प्रावधान भी पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।

‘परिणाम जारी होने के तुरंत बाद करवा लें संशोधन’

रेसटा प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा - बोर्ड ने वर्षों बाद नाम और जन्मतिथि बदलवाने की परंपरा पर सख्ती करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि परिणाम घोषित होने के एक वर्ष के भीतर ही नाम, उपनाम, माता-पिता के नाम और जन्मतिथि में संशोधन कराया जा सकेगा। इसके बाद आने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं होगा। उन्होंने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि यदि किसी दस्तावेज में त्रुटि हो तो परिणाम जारी होने के तुरंत बाद उसका संशोधन करवा लें, ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

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