SIQE के अंतर्गत CCE आधारित प्रथम योगात्मक सेम्पल प्रश्न पत्र

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ध्यान रहे यह केवल मात्र आपके सहयोग के लिए सेम्पल मात्र हैं आपको अपने विभाग के दिशा निर्देशानुसार अपना स्वयं का प्रश्न पत्र बनाना चाहिए जो आपके स्तर व अध्यापन करवाए गये तरीके व विधियों के अनुसार होगा

प्रश्न पत्रों का अभ्यास करने के निम्नलिखित कारण हैं:

  • हर कक्षा का विषय वार प्रश्न पत्र
  • हर कक्षा का माध्यम वार अंग्रेजी व हिंदी में सिप्ल प्रश्न पत्र
  • प्रश्न पत्र प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

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विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी

विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी

विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools : हिन्दी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को मनाया जाता है। 14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा ने यह निर्णय लिया कि हिन्दी केन्द्र सरकार की आधिकारिक भाषा होगी। क्योंकि भारत मे अधिकतर क्षेत्रों में ज्यादातर हिन्दी भाषा बोली जाती थी इसलिए हिन्दी को राजभाषा बनाने का निर्णय लिया और इसी निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिन्दी को प्रत्येक क्षेत्र में प्रसारित करने के लिये वर्ष 1953 से पूरे भारत में 14 सितम्बर को प्रतिवर्ष हिन्दी-दिवस के रूप में मनाया जाता है।

स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद हिन्दी को आधिकारिक भाषा के रूप में स्थापित करवाने के लिए काका कालेलकर, हजारीप्रसाद द्विवेदी, सेठ गोविन्ददास आदि साहित्यकारों को साथ लेकर व्यौहार राजेन्द्र सिंह ने अथक प्रयास किये।

विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools

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विश्व हिन्दी दिवस प्रति वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विश्व में हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिये जागरूकता पैदा करना तथा हिन्दी को अन्तरराष्ट्रीय भाषा के रूप में पेश करना है। विदेशों में भारत के दूतावास इस दिन को विशेष रूप से मनाते हैं। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools

सभी सरकारी कार्यालयों में विभिन्न विषयों पर हिन्दी में व्याख्यान आयोजित किये जाते हैं। विश्व में हिन्दी का विकास करने और इसे प्रचारित-प्रसारित करने के उद्देश्य से विश्व हिन्दी सम्मेलनों की शुरुआत की गई और प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन 10 जनवरी 1974 को नागपुर में आयोजित हुआ तब से ही इस दिन को ‘विश्व हिन्दी दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। विश्व हिन्दी सचिवालय मॉरिशस में स्थित है।

इतिहास

वर्ष 1918 में गांधी जी ने हिन्दी साहित्य सम्मेलन में हिन्दी भाषा को राजभाषा बनाने को कहा था। इसे गांधी जी ने जनमानस की भाषा भी कहा था। वर्ष 1949 में स्वतंत्र भारत की राजभाषा के प्रश्न पर 14 सितम्बर 1949 को काफी विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया जो भारतीय संविधान के भाग 17 के अध्याय की अनुच्छेद 343(1) में इस प्रकार वर्णित है. संघ की राजभाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी होगी। संघ के राजकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाले अंकों का रूप अन्तरराष्ट्रीय रूप होगा।

इस निर्णय के बाद मूल हिन्दोस्तानी बोली उर्दू के शकल से प्रतिस्थापित हो जाते हैँ। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools

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यह निर्णय 14 सितम्बर को लिया गया, इसी दिन हिन्दी के मूर्धन्य साहित्यकार व्यौहार राजेन्द्र सिंह का 50वाँ जन्मदिन था, इस कारण हिन्दी दिवस के लिए इस दिन को श्रेष्ठ माना गया था। हालांकि जब राष्ट्रभाषा के रूप में इसे चुना गया और लागू किया गया तो अ-हिन्दी भाषी राज्य के लोग इसका विरोध करने लगे और अंग्रेजी को भी राजभाषा का दर्जा देना पड़ा। इस कारण हिन्दी में भी अंग्रेजी भाषा का प्रभाव पड़ने लगा। राजस्थानी भाषा के कईं शब्द कोस है|

आपके विद्यालयों में हिंदी दिवस पर तैयारी

विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools

विद्यार्थियों में पढ़ने के प्रति अभिरूचि एवं पठन कौशल को विकसित करने हेतु ” PRAKHAR RAJASTHAN” (Proficiency in Reading and Numeracy with Knowledge & Holistic Advancement in Rajasthan) कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 9 सितम्बर 2024 कक्षा 1 से 8 में अध्ययनरत विद्यार्थियों हेतु राज्य में संचालित किया जा रहा है।

दिशा-निर्देशानुसार 14 से 21 सितम्बर 2024 को हिन्दी दिवस का आयोजन पठन कालांश के दौरान विद्यालय स्तर पर किया जाना है। इस हेतु भाषा एवं पुस्तकालय विभाग द्वारा भी जारी पत्र द्वारा आमजन में हिन्दी के प्रति सम्मान एवं दैनिक व्यवहार में हिन्दी प्रयोग के प्रति प्रेरणा एवं उत्साह के संचार की दृष्टि से विभिन्न प्रकार की गतिविधियों को अंकित किया गया है।

  • हिन्दी भाषा में बच्चों द्वारा कविता – गायन / कहानी पठन, समाचार पत्र पठन गतिविधि ।
  • शिक्षकों द्वारा प्रेरक कहानी वाचन एवं चर्चा |
  • महापुरूषों, साहित्यकारों, खिलाडियों, स्वंत्रता सेनानी, तत्कालिन घटनाओं आदि के जीवन परिचय एवं रचनाओं पर परिचर्चा, काव्य गोष्ठी ।
  • हिन्दी शब्दावली, लोकोक्तियां, मुहावरे आदि के विकास हेतु खेलों का आयोजन ।
  • प्रतियोगिता । .
  • विभिन्न हिन्दी विषयों जैसे हिन्दी भाषा का विकास, विशेषताओं आदि विषयों पर निबंध लेखन
  • विभिन्न हिन्दी विषयों जैसे – हिन्दी भाषा एवं अन्तर्राष्ट्रीय परिदृश्य, भाषाई विविधता आदि का रोचक विषयों पर वाद-विवाद प्रतियोगिताऐं ।
  • हिन्दी अनुच्छेद, वाक्यों, शब्दों पर बच्चों द्वारा श्रुतिलेखन ।
  • किसी कहानी का नाटक मंचन ।
  • हिन्दी भाषा पर पोस्टर, चित्रकला, वॉलपेन्टिंग, स्लोगन निर्माण आदि गतिविधि ।

अतःशिक्षा विभाग द्वारा भी आपको निर्देशित किया गया है कि विद्यालय स्तर पर निर्धारित तिथि को हिन्दी दिवस कार्यक्रम का आयोजन करवाया जाना सुनिश्चित करेना हैं। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools

प्रखर राजस्थान अभियान 9 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक

भारत में 14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस, जानें रोचक तथ्य

हमारे देश में प्रतिवर्ष 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस (National Hindi Day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को देश के साथ ही विदेश में रहने वाले हिंदी भाषी लोग भी बड़े ही धूम धाम से मनाते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें की वर्तमान समय में अंग्रेजी एवं मंदारिन भाषा के बाद हिंदी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है।

हिंदी भाषा हमारे देश की आधिकारिक भाषाओं में से एक है। वर्तमान समय में दुनियाभर में अंग्रेजी एवं मंदारिन भाषा के बाद हिंदी तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। विश्व भर में लगभग 60 करोड़ लोग इस भाषा का इस्तेमाल अपनी बोल-चाल की भाषा के रूप में करते हैं। हिंदी भाषा के महत्व को देखते हुए हमारे देश में प्रतिवर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रति वर्ष इस दिन पर स्कूल/ कॉलेज के साथ ही जगह जगह पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

भारत में 14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस

हिंदी भाषा (देवनागरी लिपि) को भारत की संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को देश की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया था और इसे मंजूरी मिली। इसी के चलते प्रतिवर्ष इस दिन पर राष्ट्रीय हिंदी दिवस (National Hindi Day) मनाया जाता है। आपको बता दें कि इस दिन के अलावा प्रतिवर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य

हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य अपनी आधिकारिक भाषा का विश्व भर में प्रचार प्रसार करना है। हमारी सरकार ने भी कई महत्वपूर्ण बदलाव करके विभिन्न विभागों में हिंदी को बढ़ावा देने का काम किया है। हमारे देश में हिंदी भाषा एक दूसरे से जोड़ने वाली मानी जाती है और इससे राष्ट्रीय एकता को भी मजबूती मिलती है। इसी के चलते इस दिन देश के साथ ही विदेशों में भी हिंदी भाषा में कार्यक्रम किये जाते हैं और लोगों को हिंदी भाषा के महत्व को समझाया जाता है। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools

कार्यक्रम

हिन्दी दिवस के दौरान कई कार्यक्रम होते हैं। इस दिन छात्र-छात्राओं को हिन्दी के प्रति सम्मान और दैनिक व्यवहार में हिन्दी के उपयोग करने आदि की शिक्षा दी जाती है। जिसमें हिन्दी निबन्ध लेखन, वाद-विवाद हिन्दी टंकण प्रतियोगिता आदि होता है। हिन्दी दिवस पर हिन्दी के प्रति लोगों को प्रेरित करने हेतु भाषा सम्मान की शुरुआत की गई है। यह सम्मान प्रतिवर्ष देश के ऐसे व्यक्तित्व को दिया जाएगा जिसने जन-जन में हिन्दी भाषा के प्रयोग एवं उत्थान के लिए विशेष योगदान दिया है। इसके लिए सम्मान स्वरूप एक लाख एक हजार रुपये दिये जाते हैं।

हिन्दी में निबन्ध लेखन प्रतियोगिता के द्वारा कई जगह पर हिन्दी भाषा के विकास और विस्तार हेतु कई सुझाव भी प्राप्त किए जाते हैं। लेकिन अगले दिन सभी हिन्दी भाषा को भूल जाते हैं। हिन्दी भाषा को कुछ और दिन याद रखें इस कारण राष्ट्रभाषा सप्ताह का भी आयोजन होता है। जिससे यह कम से कम वर्ष में एक सप्ताह के लिए तो रहती ही है।

  • हिन्दी निबन्ध लेखन
  • वाद-विवाद
  • विचार गोष्ठी
  • काव्य गोष्ठी
  • श्रुतलेखन प्रतियोगिता
  • हिन्दी टंकण प्रतियोगिता
  • कवि सम्मेलन[12]
  • पुरस्कार समारोह
  • राजभाषा सप्ताह

उत्पादक

बोलने वालों की संख्या के अनुसार अंग्रेजी और चीनी भाषा के बाद हिन्दी भाषा पूरे दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी भाषा है। लेकिन उसे अच्छी तरह से समझने, पढ़ने और लिखने वालों में यह संख्या बहुत ही कम है। यह और भी कम होती जा रही। इसके साथ ही हिन्दी भाषा पर अंग्रेजी के शब्दों का भी बहुत अधिक प्रभाव हुआ है और कई शब्द प्रचलन से हट गए और अंग्रेजी के शब्द ने उसकी जगह ले ली है। जिससे भविष्य में भाषा के विलुप्त होने की भी संभावना अधिक बढ़ गयी है। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools

इस कारण ऐसे लोग जो हिन्दी का ज्ञान रखते हैं या हिन्दी भाषा जानते हैं, उन्हें हिन्दी के प्रति अपने कर्तव्य का बोध करवाने के लिए इस दिन को हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है जिससे वे सभी अपने कर्तव्य का पालन कर हिन्दी भाषा को भविष्य में विलुप्त होने से बचा सकें। लेकिन लोग और सरकार दोनों ही इसके लिए उदासीन दिखती है। हिन्दी तो अपने घर में ही दासी के रूप में रहती है।

हिन्दी को आज तक संयुक्त राष्ट्र संघ की भाषा नहीं बनाया जा सका है। इसे विडम्बना ही कहेंगे कि योग को 177 देशों का समर्थन मिला, लेकिन हिन्दी के लिए 129 देशों का समर्थन क्या नहीं जुटाया जा सकता ? इसके ऐसे हालात आ गए हैं कि हिन्दी दिवस के दिन भी कई लोगों को ट्विटर पर हिन्दी में बोलो जैसे शब्दों का उपयोग करना पड़ रहा है। अमर उजाला ने भी लोगों से विनती की कि कम से कम हिन्दी दिवस के दिन हिन्दी में ट्वीट करें। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools

उद्देश्य

इसका मुख्य उद्देश्य वर्ष में एक दिन इस बात से लोगों के समक्ष रखना है कि जब तक वे हिन्दी का उपयोग पूर्ण रूप से नहीं करेंगे तब तक हिन्दी भाषा का विकास नहीं हो सकता है। इस एक दिन सभी सरकारी कार्यालयों में अंग्रेजी के स्थान पर हिन्दी का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। इसके अतिरिक्त जो वर्ष भर हिन्दी में अच्छे विकास कार्य करता है और अपने कार्य में हिन्दी का अच्छी तरह से उपयोग करता है, उसे पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया जाता है।

कई लोग अपने सामान्य बोलचाल में भी अंग्रेज़ी भाषा के शब्दों का या अंग्रेजी का उपयोग करते हैं, जिससे धीरे धीरे हिन्दी के अस्तित्व को खतरा पहुँच रहा है। जिस प्रकार से टेलीविजन से लेकर विद्यालयों तक और सामाजिक संचार माध्यम से लेकर निजी तकनीकी संस्थानों एवं निजी कार्यालयों तक में अंग्रेजी का दबदबा कायम है ।

उससे लगता है कि अपनी मातृभाषा हिन्दी धीरे–धीरे क्षीण और फिर दशकों बाद विलुप्त ना हो जाये। यदि शीघ्र ही हम छोटे–छोटे प्रयासों द्वारा अपनी मातृभाषा हिन्दी को अपने जीवन में एक अनिवार्य स्थान नहीं देंगे तो यह दूसरी भाषाओं से हो रही स्पर्धा में बहुत पीछे रह जायेगी ।

यहाँ तक कि वाराणसी में स्थित विश्व में सबसे बड़ी हिन्दी संस्था आज बहुत ही खस्ता स्थिति में है। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools

इस कारण इस दिन उन सभी से निवेदन किया जाता है कि वे अपने बोलचाल की भाषा में भी हिन्दी का ही उपयोग करें। इसके अतिरिक्त लोगों को अपने विचार आदि को हिन्दी में लिखने भी कहा जाता है। चूँकि हिन्दी भाषा में लिखने हेतु बहुत कम उपकरण के बारे में ही लोगों को पता है, इस कारण इस दिन हिन्दी भाषा में लिखने, जाँच करने और शब्दकोश के बारे में जानकारी दी जाती है।

हिन्दी भाषा के विकास के लिए कुछ लोगों के द्वारा कार्य करने से कोई विशेष लाभ नहीं होगा। इसके लिए सभी को एक जुट होकर हिन्दी के विकास को नए आयाम तक पहुँचाना होगा। हिन्दी भाषा के विकास और विलुप्त होने से बचाने के लिए यह अनिवार्य है। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools

हिन्दी सप्ताह

हिन्दी सप्ताह 14 सितम्बर से एक सप्ताह के लिए मनाया जाता है। इस पूरे सप्ताह अलग अलग प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन विद्यालय और कार्यालय दोनों में किया जाता है। इसका मूल उद्देश्य हिन्दी भाषा के लिए विकास की भावना को लोगों में केवल हिन्दी दिवस तक ही सीमित न कर उसे और अधिक बढ़ाना है। इन सात दिनों में लोगों को निबन्ध लेखन, आदि के द्वारा हिन्दी भाषा के विकास और उसके उपयोग के लाभ और न उपयोग करने पर हानि के बारे में समझाया जाता है। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools

पुरस्कार

हिन्दी दिवस पर हिन्दी के प्रति लोगों को उत्साहित करने हेतु पुरस्कार समारोह भी आयोजित किया जाता है। जिसमें कार्य के दौरान अच्छी हिन्दी का उपयोग करने वाले को यह पुरस्कार दिया जाता है। यह पहले राजनेताओं के नाम पर था, जिसे बाद में बदल कर राष्ट्रभाषा कीर्ति पुरस्कार और राष्ट्रभाषा गौरव पुरस्कार कर दिया गया। राष्ट्रभाषा गौरव पुरस्कार लोगों को दिया जाता है जबकि राष्ट्रभाषा कीर्ति पुरस्कार किसी विभाग, समिति आदि को दिया जाता है।

राजभाषा गौरव पुरस्कार

यह पुरस्कार तकनीकी या विज्ञान के विषय पर लिखने वाले किसी भी भारतीय नागरिक को दिया जाता है। इसमें दस हजार से लेकर दो लाख रुपये के 13 पुरस्कार होते हैं। इसमें प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले को २ लाख रूपए, द्वितीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले को डेढ़ लाख रूपए और तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले को पचहत्तर हजार रुपये मिलता है।

साथ ही दस लोगों को प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में दस-दस हजार रूपए प्रदान किए जाते हैं। पुरस्कार प्राप्त सभी लोगों को स्मृति चिह्न भी दिया जाता है। इसका मूल उद्देश्य तकनीकी और विज्ञान के क्षेत्र में हिन्दी भाषा को आगे बढ़ाना है।

राजभाषा कीर्ति पुरस्कार

इस पुरस्कार योजना के तहत कुल ३९ पुरस्कार दिये जाते हैं। यह पुरस्कार किसी समिति, विभाग, मण्डल आदि को उसके द्वारा हिन्दी में किए गए श्रेष्ठ कार्यों के लिए दिया जाता है। इसका मूल उद्देश्य सरकारी कार्यों में हिन्दी भाषा का उपयोग करने से है। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools

हिंदी दिवस पर स्लोगन (Hindi Diwas Slogans 2024)

1. देश की शान है हिंदी,
देश की पहचान है हिंदी,
क्योंकि हर भारतीय के दिल में
विराजमान हैं हिंदी !
हिंदी दिवस की बधाई !

2. विश्व हिंदी दिवस पर हमने ठाना है
लोगों में हिंदी का स्वाभिमान जगाना है
हमें देश-विदेश में मनाना है
हिंदी को आगे बढ़ाना है
विश्व हिंदी दिवस की शुभकामनाएं !

3. सबसे प्यारी, सबसे न्यारी,
हिंदी है राष्ट्रभाषा हमारी !
हिंदी दिवस की बधाई !

4. प्यारी-सी, मीठी-सी
मिट्टी की सौंधी खुशबू-सी !
हमारी मातृभाषा है!

5. हिंदी को मान और सम्मान दो,
अपने दिन में स्थान दो !
हिंदी दिवस की बधाई !

विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools

इस प्रकार तैयार करें अपना हिंदी दिवस का भाषण क्लिक करें

आलोचना

कई हिन्दी लेखकों और हिन्दी भाषा जानने वालों का कहना है कि हिन्दी दिवस केवल सरकारी कार्य की तरह है, जिसे केवल एक दिन के लिए मना दिया जाता है। इससे हिन्दी भाषा का कोई भी विकास नहीं होता है, बल्कि इससे हिन्दी भाषा को हानि होती है। कई लोग हिन्दी दिवस समारोह में भी अंग्रेजी भाषा में लिख कर लोगों का स्वागत करते हैं। सरकार इसे केवल यह दिखाने के लिए चलाती है कि वह हिन्दी भाषा के विकास हेतु कार्य कर रही है।

स्वयं सरकारी कर्मचारी भी हिन्दी के स्थान पर अंग्रेज़ी और राज्य भाषाओं का भी उपयोग किया जा रहा है में कार्य करते नज़र आते हैं। लेकिन कुछ लोगों की सोच यह भी है कि विविध कारण बताकर हिन्दी दिवस मनाने का विरोध करने और मजाक उड़ाने वाले यह चाहते हैं कि हिन्दी के प्रति रही-सही अपनत्व की भावना भी समाप्त की जाय। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools

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HawaMahal Weekly E-Magazine हवामहल साप्ताहिक ई-पत्रिका : यह साप्ताहिक ई-पत्रिका RSCERT उदयपुर और सहयोगी संस्थाओं की साझेदारी में बच्चों को सूचना एवं संचार माध्यमों से दृश्य-श्रव्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई।

SMILE प्लेटफॉर्म के विभिन्न व्हाट्सअप समूहों से हर शनिवार बच्चों एवं शिक्षकों के लिए इन्टरैक्टिव शैक्षिक सामग्री भेजी जाती है इसमें HawaMahal Weekly E-Magazine हवामहल साप्ताहिक ई-पत्रिका महत्वपूर्ण हैं । टाटा ट्रस्ट के पराग इनीशियेटिव और सीएमएफ के तकनीकी सहयोग से प्रथम बुक्स, अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन, रूम टु रीड, सेव द चिल्ड्रन, पिरामल फाउंडेशन एवं यूनीसेफ़ द्वारा प्रकाशित शैक्षणिक सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है।

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प्रखर राजस्थान अभियान 9 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक

प्रखर राजस्थान अभियान 9 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक

Prakhar Rajasthan Abhiyan 2024 | प्रखर राजस्थान अभियान 9 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक : बच्चों में पढ़ने व लिखने की मूलभूत संक्रियाओं को विकसित करने तथा अपनी कक्षा के स्तर के अनुरूप लाने के लिए प्रदेश के समस्त विद्यालयों के कक्षा 1 से 8 के विद्यार्थियों में पठन कौशल की प्रवाहशीलता एवं समझ विकसित करने के लिए 9 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक प्रखर राजस्थान अभियान आयोजित किया जा रहा है।

शिविरा पंचांग में कक्षा 1 से 8 के विद्यार्थियों के लिए विद्यालयी समय सारणी में प्रत्येक दिवस के सातवें कालांश को रीडिंग पीरियड के रूप में निर्धारित किया गया है।

कक्षा 1 से 8 के विद्यार्थियों में पठन कौशलों की प्रवाहशीलता का विकास करना, पठन कौशल के माध्यम से अवधारणाओं पर समझ विकसित करना, पठन कौशल की प्रवाहशीलता एवं अवधारणाओं की समझ के लिए प्रेरक, अनुकूल वातावरण का निर्माण करना, पठन कौशल के लिए उपलब्ध पुस्तकों, संसाधनों के अधिकतम उपयोग के अवसर प्रदान करना, स्थानीय भाषा में रोचक कहानियां, गीत आदि को कक्षा कक्षीय गतिविधियों में शामिल करने के अवसर प्रदान करना शामिल है।

Prakhar Rajasthan Abhiyan 2024 | प्रखर राजस्थान अभियान 9 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक
Prakhar Rajasthan Abhiyan 2024 | प्रखर राजस्थान अभियान 9 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक

Prakhar Rajasthan Abhiyan 2024 | प्रखर राजस्थान अभियान 9 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक

पठन गति विधियों के वीडियो लिंक क्लिक करें और वीडियो देखें

जोड़ी पठन
जोड़ी पठन एक महत्वपूर्ण लाइब्रेरी की गतिविधि है। यह पठन की रणनीति है। जिसमें अलग-अलग या एक ही पठन स्तर वाले बच्चे जोड़ी में पढ़ते हैं। इस गतिविधि में पठन से जूझ रहे बच्चे को साथी बच्चे से पढ़ने में सहयोग मिलता है।
वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक
साझा पठन
“साझा पठन साथ में पढ़ने की एक प्रक्रिया है। यह एक पठन की रणनीति है। जिसका उद्देश्य बच्चों को पठन से जोड़ना है। इसके माध्यम से बच्चे पढ़ने के लिए प्रोत्साहित होते हैं।”
वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक
लाइब्रेरी गतिविधि – डिस्प्ले
डिस्प्ले एक ऐसी गतिविधि है जो बच्चों को किताबों से जोड़ती है और साथ ही लाइब्रेरी से उनके सम्बन्ध को मज़बूत भी करती है | डिस्प्ले लाइब्रेरी को आकर्षित बनाने का भी काम करती है | इस वीडियो में एक थीम आधारित डिस्प्ले की गतिविधि को दर्शाया गया है |
वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक
रीड अलाउड – एक सौ सैंतिसवाँ पैर
रीड अलाउड बच्चों को किताबों से जोड़ने का एक शक्तिशाली तरीका है। रीड अलाउड बच्चों को पाठ के करीब लाने, कहानी के अनुभव को बढ़ाने और समझ को मजबूत करने में काफी सहायक है।
वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक
लाइब्रेरी गतिविधि – बुक टॉक
बच्चों को किताबों से जोड़ने के लिए बुक टॉक एक अच्छी गतिविधि है | बुक टॉक बच्चों में किताबों के प्रति एक ललक पैदा करता है, उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करता है और साथ ही उस पर चर्चा करने का भी मौका देता है |
वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक
लाइब्रेरी गतिविधि – लाइब्रेरी में कविता
यह वीडियो ऐसी गतिविधि दर्शाता है जिससे बच्चों में कविता का रस लेने का कौशल कम उम्र से ही विकसित होना शुरू हो जाता है | आप देखेंगे की बच्चे मज्जे लेकर कविता से जुड़ रहे हैं और उसे और भी विस्तार दे रहे हैं |
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लाइब्रेरी गतिविधि – पाठक रंगमंच
यह वीडियो एक पठन गतिविधि को दर्शाता है जिसका नाम है पाठक रंगमंच | इसे अंग्रेजी में Reader’s Theatre के नाम से भी जानते हैं | यह गतिविधि एक रचनात्मक तरीके से बच्चों को कहानी से जोड़ती है |
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लाइब्रेरी गतिविधि – ख़जाने की खोज
लाईब्रेरी में कई तरह की गतिविधियाँ की जा सकती हैं। कुछ गतिविधियाँ ऐसी होती हैं जिनके माध्यम से बच्चे किताबों से रूबरू हो सकें। ये उन्हें मौक़ा देती हैं कि वे किताबों को उठाएँ, उन्हें उल्टें-पल्टें, चाहे फिर उन्हें पढ़ें या रख दें। ऐसे में पाठक ख़ुद अपने लिए उपयुक्त एवं रुचिकर पाठ्य सामग्री का चयन कर पाते हैं। साथ ही साथ, उन्हें बहुत सी किताबों के बारे में जानने का भी एक बढ़िया मौक़ा मिलता है। इसके लिए एक बेहतरीन गतिविधि है ट्रेज़र हंट या ख़ज़ाने की खोज।
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लाइब्रेरी गतिविधि – कहानी पर चर्चा
कहानी पर चर्चा बच्चों को अपने विचारों से रूबरू होने का मौक़ा देते हैं। अक्सर यह विचार समाज और परिवार से ही उन्हें मिले होते हैं। चर्चा करने से उनकी कल्पनाशीलता बढ़ती है, वो उस मुद्दे का हिस्सा बन पाते हैं और समाज के प्रति अपनी भूमिका एवं जिम्मेदारियों का एहसास भी कर पाते हैं। यह वीडियो ऐसी ही एक कहानी पर चर्चा दर्शाती है |
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हवामहल
यह साप्ताहिक ई-पत्रिका RSCERT उदयपुर और सहयोगी संस्थाओं की साझेदारी में बच्चों को सूचना एवं संचार माध्यमों से दृश्य-श्रव्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई।
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Prakhar Rajasthan Abhiyan 2024 | प्रखर राजस्थान अभियान 9 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक

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शारीरिक शिक्षकों के दायित्व अथवा जॉब चार्ट

शारीरिक शिक्षकों के दायित्व अथवा जॉब चार्ट

Job chart of Physical Education Teachers / शारीरिक शिक्षकों के दायित्व अथवा जॉब चार्ट (Job chart of Physical Education Teachers) : विद्यालय में स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा संबंधित कार्यक्रमों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की दृष्टि से प्राथमिक से लेकर सीनियर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शारीरिक शिक्षकों के दायित्व अथवा जॉब चार्ट निर्धारित किये गये हैं |

Job chart of Physical Education Teachers

Job chart of Physical Education Teachers image, शारीरिक शिक्षकों के दायित्व अथवा जॉब चार्ट
Job chart of Physical Education Teachers image, शारीरिक शिक्षकों के दायित्व अथवा जॉब चार्ट

शारीरिक शिक्षकों के दायित्व अथवा जॉब चार्ट निम्न प्रकार रहेंगे –

शारीरिक शिक्षकों के दायित्व अथवा जॉब चार्ट (Job chart of Physical Education Teachers)– कालांश व्यवस्था –

शारीरिक शिक्षक को अन्य सामान्य अध्यापकों के पद की श्रेणी के अनुसार शारीरिक शिक्षा विषय के कालांश लेने होंगे पदवार कालांश आवंटन निम्नानुसार रहेगा-

तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक42 कालांश प्रति सप्ताह
द्वितीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक36 कालांश प्रति सप्ताह
व्याख्याता शारीरिक शिक्षक30 कालांश प्रति सप्ताह

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1कक्षा 1 से 56 कालांश प्रति सप्ताह प्रति कक्षा
2कक्षा 6 से 84 कालांश प्रति कक्षा
3कक्षा 9 से 102 कालांश प्रति कक्षा
4कक्षा 11 से 122 कालांश प्रति सप्ताह प्रति कक्षा
प्रार्थना सभा पश्चात शाला में स्वास्थ्य वातावरण का निरीक्षण हेतुएक कालांश प्रति सप्ताह
शारीरिक शिक्षक जिसे खेल प्रभारी का दायित्व सौंपा गया है उसे सामग्री के रखरखाव हेतुएक कालांश प्रति सप्ताह
सायंकाल समय में यदि शारीरिक शिक्षा कार्यक्रम जैसे खेल, सामूहिक व्यायाम, योग शिक्षा, भारतीयम, अंतर सदस्य प्रतियोगिता आदि संपादित करने पर3 कालांश प्रतिदिन

उपरोक्त समस्त कालांश लेने के पश्चात यदि शारीरिक शिक्षा अध्यापक के समय विभाग चक्र में निर्धारित कालांश पूरे ना होने पर अन्य सामान्य विषयों के सामान्य विषयों के कालांश देकर पूर्ण किए जाएंगे।

कक्षा 1 से 8स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा शीर्षक के अंतर्गत शिक्षा क्रम में वर्णित
कक्षा 9 से 10स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा संदर्शिका में वर्णित
कक्षा 11 से 12शिक्षा निदेशालय के द्वारा प्रसारित पाठ्यक्रम

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शारीरिक शिक्षक के कार्य क्षेत्र

01.शाला की प्रार्थना सभा के कार्यक्रम को संपादित कराना ।

02- शाला के स्वास्थ्य वातावरण का निरीक्षण करना ।

03. विद्यालय में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय पर्व विभिन्न उत्सवों के आयोजन का सामान्य अध्यापक की भांति कार्य संपादन करना ।

04. सत्र में दो बार जुलाई एवं मार्च में छात्रों के स्वास्थ्य का परीक्षण अधिकृत चिकित्सक से कराएंगे तथा उसका पूर्ण अभिलेख रखेंगे ।

05. छात्रों की स्वास्थ्य संबंधी प्रगति उनके अभिभावकों को समय.समय पर देना ।

06.अन्य अध्यापकों की भांति शारीरिक शिक्षक विभागीय निर्देशानुसार दैनिक पंजिका पूर्ण करेंगे ।

07. शारीरिक शिक्षा के पाठ्यक्रम एवं आवंटित कालांश अनुसार वार्षिक योजना का निर्माण एवं क्रियान्वयन करना ।

08.पाठशाला में उपलब्ध मैदान तथा उपकरणों की सुविधा अनुसार सायं कालीन समय हेतु खेलकूद कार्यक्रम बनाना तथा उनका संपादन करना।

09. अन्य विषयों की तरह जिला समान परीक्षा योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा विषय की सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक परीक्षा लेकर मूल्यांकन करना।

10. स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा कार्यक्रम के व्यवस्थित एवं सफल संचालन के दायित्व का निर्वहन करना ।

11. कार्यालय अध्यक्ष द्वारा दिए गए समस्त निर्देशों का पालन करना।

शारीरिक शिक्षकों के दायित्व अथवा जॉब चार्ट.pdf

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