शिक्षा विभाग कर्मचारी स्थानांतरण आदेश 10 जुलाई 2026 | Transfer List PDF
Rajasthan Education Department Transfer Order 2026 | Transfer List Pdf | शिक्षा विभाग कर्मचारी स्थानांतरण आदेश 10 जुलाई 2026 | Transfer List PDF : राजस्थान शिक्षा विभाग कर्मचारी स्थानांतरण आदेश 10 जुलाई 2026 जारी। व्याख्याता, द्वितीय श्रेणी शिक्षक, बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक, पुस्तकालयाध्यक्ष, UDC, LDC, AAO सहित अन्य कर्मचारियों की ट्रांसफर सूची एवं PDF डाउनलोड लिंक देखें।
राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा 10 जुलाई 2026 को विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों एवं अधिकारियों के स्थानांतरण (Transfer) आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों में विद्यालय शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत व्याख्याता (Lecturer), वरिष्ठ अध्यापक (Second Grade Teacher), बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक (Basic Computer Instructor), पुस्तकालयाध्यक्ष (Librarian), वरिष्ठ सहायक (UDC), कनिष्ठ सहायक (LDC), सहायक लेखाधिकारी (AAO) सहित अन्य संवर्गों के कर्मचारियों के स्थानांतरण शामिल हैं।
यदि आप राजस्थान शिक्षा विभाग की नवीनतम ट्रांसफर सूची, आदेश की PDF तथा संबंधित कर्मचारियों के स्थानांतरण विवरण की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।
Rajasthan Education Department Transfer Order 2026 | Transfer List Pdf | शिक्षा विभाग कर्मचारी स्थानांतरण आदेश 10 जुलाई 2026 | Transfer List PDF
किन-किन कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश जारी हुए?
10 जुलाई 2026 को जारी आदेशों में निम्न प्रमुख संवर्ग शामिल हैं—
शिक्षा विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश सामान्यतः PDF प्रारूप में उपलब्ध कराए जाते हैं। संबंधित कर्मचारी अपने नाम, कर्मचारी आईडी, विद्यालय अथवा जिले के आधार पर सूची में अपना स्थानांतरण आदेश देख सकते हैं।
नोट: आधिकारिक PDF उपलब्ध होते ही इस लेख में डाउनलोड लिंक अपडेट कर दिया जाएगा।
स्थानांतरण सूची कैसे देखें?
यदि आप अपना ट्रांसफर आदेश देखना चाहते हैं, तो निम्न चरणों का पालन करें—
शिक्षा विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश की PDF डाउनलोड करें।
PDF खोलें।
Ctrl + F दबाकर अपना नाम, कर्मचारी आईडी अथवा विद्यालय का नाम खोजें।
स्थानांतरण आदेश एवं नवीन पदस्थापन स्थान की जानकारी प्राप्त करें।
Rajasthan Education Department Transfer Order 2026 | Transfer List Pdf | शिक्षा विभाग कर्मचारी स्थानांतरण आदेश 10 जुलाई 2026 | Transfer List PDF
किन कारणों से किए जाते हैं स्थानांतरण?
राजस्थान शिक्षा विभाग समय-समय पर निम्न कारणों से कर्मचारियों के स्थानांतरण करता है—
प्रशासनिक आवश्यकता
रिक्त पदों की पूर्ति
विभागीय पुनर्व्यवस्था
जनहित
विशेष परिस्थितियाँ
न्यायालय अथवा शासन स्तर के निर्देश
Rajasthan Education Department Transfer Order 2026 | Transfer List Pdf | शिक्षा विभाग कर्मचारी स्थानांतरण आदेश 10 जुलाई 2026 | Transfer List PDF
वरिष्ठ अध्यापक / वरिष्ठ शारीरिक शिक्षा अध्यापक / पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड 2/ वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक /वरिष्ठ प्रयोगशाला सहायक एवं समकक्ष के स्थानांतरण आदेश
वरिष्ठ अध्यापक / वरिष्ठ शारीरिक शिक्षा अध्यापक / पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड 2/ वरिष्ठ प्रयोगशाला सहायक / सहायक प्रशासनिक अधिकारी / वरिष्ठ सहायक/ वरिष्ठ कम्प्यूटर अनुदेशक के स्थानांतरण आदेश
Rajasthan Education Department Transfer Order 2026 | Transfer List Pdf | शिक्षा विभाग कर्मचारी स्थानांतरण आदेश 10 जुलाई 2026 | Transfer List PDF
महत्वपूर्ण सूचना
यदि किसी कर्मचारी के स्थानांतरण आदेश में नाम, पद, विद्यालय अथवा जिले से संबंधित किसी प्रकार की त्रुटि हो, तो संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अथवा शिक्षा विभाग से संपर्क कर आवश्यक संशोधन कराया जा सकता है।
शिक्षा विभाग कर्मचारी स्थानांतरण आदेश कब जारी हुए?
राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा 10 जुलाई 2026 को विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए।
किन कर्मचारियों की ट्रांसफर सूची जारी हुई है?
व्याख्याता, वरिष्ठ अध्यापक, बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक, पुस्तकालयाध्यक्ष, UDC, LDC, AAO सहित अन्य कर्मचारियों की स्थानांतरण सूची जारी हुई है।
ट्रांसफर आदेश की PDF कैसे डाउनलोड करें?
आधिकारिक PDF शिक्षा विभाग द्वारा जारी होने पर संबंधित विभागीय वेबसाइट अथवा इस लेख में उपलब्ध लिंक के माध्यम से डाउनलोड की जा सकती है|
क्या सभी कर्मचारियों को तुरंत कार्यभार ग्रहण करना होगा?
हाँ, स्थानांतरण आदेश में निर्धारित समय सीमा के भीतर नवीन पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना आवश्यक होगा।
निष्कर्ष
Rajasthan Education Department Transfer Order 2026 | Transfer List Pdf | शिक्षा विभाग कर्मचारी स्थानांतरण आदेश 10 जुलाई 2026 | Transfer List PDF शिक्षा विभाग कर्मचारी स्थानांतरण आदेश 10 जुलाई 2026 राजस्थान के विद्यालय शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट है। इस आदेश में व्याख्याता, द्वितीय श्रेणी शिक्षक, बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक, पुस्तकालयाध्यक्ष, UDC, LDC, AAO सहित विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों के स्थानांतरण किए गए हैं। यदि आप भी इस सूची का हिस्सा हैं, तो आधिकारिक आदेश की PDF अवश्य देखें तथा समय पर कार्यभार ग्रहण करें।
Third Grade DPC Case Update तृतीय श्रेणी शिक्षकों की सेकंड ग्रेड डीपीसी मामला : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर बड़ा अपडेट
Third Grade DPC Case Update तृतीय श्रेणी शिक्षकों की सेकंड ग्रेड डीपीसी मामला : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर बड़ा अपडेट
नमस्कार। जय हिंद। वंदे मातरम्। तृतीय श्रेणी शिक्षकों से सेकंड ग्रेड पदोन्नति (DPC) से संबंधित मामला वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। लंबे समय से इस प्रकरण की सुनवाई का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए आज की कार्यवाही से जुड़ा महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा इस मामले में Early Hearing Application प्रस्तुत की गई थी, ताकि प्रकरण की शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित हो सके। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में SLP No. 9946/2025 के रूप में दर्ज है तथा इसका डायरी नंबर 122018/2025 है। आज दिनांक 29 अप्रैल 2026 को इस प्रकरण की लिस्टिंग सुप्रीम कोर्ट में की गई। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक स्थिति (Status) में यह मामला अभी भी Pending दर्शाया जा रहा है। इसका अर्थ यह है कि आज इस प्रकरण की अंतिम सुनवाई नहीं हो सकी। Third Grade DPC Case Update
Third Grade DPC Case Update तृतीय श्रेणी शिक्षकों की सेकंड ग्रेड डीपीसी मामला : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर बड़ा अपडेट
14 july सुनवाई का लेटेस्ट अपडेट
थर्ड ग्रेड शिक्षक DPC केस में बड़ी अपडेट: सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 09 सितंबर 2026 को, 27 हजार पदोन्नतियों पर सभी की नजर
राजस्थान में थर्ड ग्रेड शिक्षक विभागीय पदोन्नति (DPC) का इंतजार कर रहे हजारों शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आई है। अतिरिक्त डिग्री (Additional Degree) एवं DPC से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 09 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है। इस सुनवाई के बाद DPC प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।
राज्य सरकार 27 हजार अतिरिक्त DPC की तैयारी में
सूत्रों के अनुसार, राजस्थान सरकार शिक्षा विभाग में लगभग 27,000 अतिरिक्त थर्ड ग्रेड शिक्षकों की विभागीय पदोन्नति (DPC) पूरी करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पर कार्य किया जा रहा है।
हालांकि, वर्तमान में मामला न्यायालय में लंबित होने तथा अतिरिक्त डिग्री की मान्यता एवं एडजस्टमेंट (Adjustment) से जुड़े विवादों के कारण अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया जा सका है। यही कारण है कि DPC प्रक्रिया को फिलहाल अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
09 सितंबर 2026 की सुनवाई क्यों है महत्वपूर्ण?
सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित 09 सितंबर 2026 की सुनवाई को इस पूरे मामले में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि न्यायालय द्वारा लंबित मुद्दों पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं, तो शिक्षा विभाग को DPC प्रक्रिया आगे बढ़ाने में आसानी हो सकती है।
हजारों शिक्षक इस सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि इसके बाद पदोन्नति प्रक्रिया, अतिरिक्त डिग्री की पात्रता तथा अन्य संबंधित विवादों पर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट होने की उम्मीद है।
शिक्षकों की बढ़ी उम्मीदें
लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को उम्मीद है कि न्यायालय के निर्णय के बाद विभाग शीघ्र ही लंबित DPC प्रक्रिया को पूरा करेगा। यदि सभी कानूनी बाधाएं दूर होती हैं, तो बड़ी संख्या में शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ मिल सकता है।
महत्वपूर्ण सूचना
नोट: वर्तमान में यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए अंतिम निर्णय न्यायालय के आदेश एवं शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों के आधार पर ही होगा। शिक्षकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल विभागीय आदेशों एवं न्यायालय की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
निष्कर्ष
राजस्थान के थर्ड ग्रेड शिक्षक DPC मामले में अगली महत्वपूर्ण तारीख 09 सितंबर 2026 है। राज्य सरकार लगभग 27,000 अतिरिक्त DPC पूरी करने की तैयारी में है, लेकिन न्यायालय में लंबित मामलों के कारण प्रक्रिया फिलहाल अंतिम चरण तक नहीं पहुंच सकी है। अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर है, जहां से आने वाले निर्णय के बाद DPC प्रक्रिया की दिशा स्पष्ट होने की संभावना है।
आज सुनवाई क्यों नहीं हो पाई?
आज यह मामला सुप्रीम कोर्ट की कॉज लिस्ट में क्रम संख्या 119 पर सूचीबद्ध था। सामान्यतः सर्वोच्च न्यायालय प्रतिदिन लगभग 40 से 60 मामलों की प्रभावी सुनवाई कर पाता है। ऐसे में निर्धारित समय सीमा एवं कार्यभार के कारण क्रम संख्या 119 तक मामलों की सुनवाई नहीं पहुंच सकी। स्पष्ट रूप से कहा जाए तो— मामला आज सूचीबद्ध अवश्य था, सरकार द्वारा शीघ्र सुनवाई हेतु आवेदन भी प्रस्तुत किया गया था, लेकिन अधिक लंबी कॉज लिस्ट होने के कारण आज इस पर सुनवाई नहीं हो पाई।
Third Grade DPC Case Update आगे क्या संभावनाएँ हैं?
यदि राज्य सरकार द्वारा पुनः Early Hearing अथवा Urgent Hearing Application प्रस्तुत की जाती है, तो मामले की शीघ्र सुनवाई होने की संभावना बन सकती है। अब अगली सुनवाई की तिथि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित किए जाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। जैसे ही अगली लिस्टिंग अथवा सुनवाई की नई तारीख जारी होगी, उससे संबंधित समस्त आधिकारिक जानकारी आप तक उपलब्ध करवाई जाएगी। यह मामला प्रदेश के हजारों तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पदोन्नति हितों से जुड़ा हुआ है, इसलिए सभी संबंधित शिक्षक साथियों की निगाहें अब सुप्रीम कोर्ट की अगली कार्यवाही पर टिकी हुई हैं। Third Grade DPC Case Update तृतीय श्रेणी शिक्षकों की सेकंड ग्रेड डीपीसी मामला : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर बड़ा अपडेट
मामले का विस्तृत विवरण
वर्ष 2021 में नियम बदले गए — केवल उन शिक्षकों को पदोन्नति का अधिकार दिया गया जो अपने मौजूदा विषय में पढ़ा रहे थे। इसके चलते जिन शिक्षकों ने एडिशनल (additional) विषयों में डिग्री ली थी, वे पदोन्नति के हक़दार होने का दावा कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने कुछ मामलों में एडिशनल वाले शिक्षकों के पक्ष में आदेश दिए, पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जिससे मामला लंबित है।
कितने पद दांव पर हैं?
2022-23 से 2024-25 (लंबित): 19,372 पद (पदोन्नति लंबित) 2025-26 जोड़कर (अनुमान): कुल ~25,000 विवादित पद कुल रिक्त वरिष्ठ अध्यापक: 43,000+ पद प्रभावित छात्र: मुख्य रूप से कक्षा 9वीं-10वीं के लाखों विद्यार्थी
Third Grade DPC Case Update तृतीय श्रेणी शिक्षकों की सेकंड ग्रेड डीपीसी मामला : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर बड़ा अपडेट
एडिशनल डिग्री की होड़ — कारण और प्रभाव
वृद्धि हुई प्रतिस्पर्धा के चलते कई शिक्षक B.Ed., M.A., M.Sc., M.Com इत्यादि अतिरिक्त विषय की डिग्रियाँ ले रहे हैं ताकि वे वरिष्ठ अध्यापक के लिए पात्र बन सकें। इसका सकारात्मक पहलू यह है कि शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता बढ़ती है; नकारात्मक पहलू यह है कि नियमों की अस्पष्टता और कोर्ट विवाद से पदोन्नति प्रक्रिया थम जाती है और रिक्तियों के कारण स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। Third Grade DPC
Diary No. - 12018/2025
VISHAN SINGH MAHECHA vs. STATE OF RAJASTHAN
Case Details
Diary Number
12018/2025 Filed on 04-03-2025 03:44 PM [ SECTION: XV]PENDING
Case Number
SLP(C) No. 009946 - 009948 / 2025 Registered on 07-04-2025 (Verified On 29-03-2025)
CNR Number
SCIN010120182025
Present/Last Listed On
29-04-2026 [HON'BLE MR. JUSTICE J.K. MAHESHWARIand HON'BLE MR. JUSTICE ATUL S. CHANDURKAR]
Status/Stage
Pending[] (Final Hearing) List After (Weeks) (4), Not taken up/ Not Today-Ord dt:29-04-2026
Admitted
[ADMITTED ON : 24-07-2025]
Category
4301-Service Laws : Appointment, Compassionate appointment, temporary appointment, recruitment,probation and confirmation, suspension, reduction in rank, termination, dismissal, removal, retirement, disciplinary proceedings against employees
Third Grade DPC Case Update तृतीय श्रेणी शिक्षकों की सेकंड ग्रेड डीपीसी मामला : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर बड़ा अपडेट
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RBSE ने बदले नाम और जन्मतिथि सुधार के नियम : रिजल्ट के 1 साल बाद नहीं होगा संशोधन, विलंब शुल्क का प्रावधान खत्म
Rajasthan Board Correction Rules: Name DOB Amendments Now 1 Year Limit राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) अजमेर ने 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए नाम, माता-पिता के नाम और जन्मतिथि में संशोधन के नियम बदल दिए हैं। अब बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित होने के एक साल के भीतर ही इन दस्तावेजों में सुधार कराया जा सकेगा। इसके बाद किसी भी तरह का संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा। बोर्ड ने सोमवार को आदेश जारी कर नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए हैं।
बोर्ड के अनुसार संशोधन केवल स्कूल के मूल स्कॉलर रजिस्टर, प्रवेश आवेदन पत्र और टीसी के आधार पर ही किया जाएगा। जन्मतिथि में सुधार के लिए ये तीनों दस्तावेज जरूरी होंगे। शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि यदि दस्तावेजों में कोई त्रुटि हो तो समय रहते उसका सुधार करवा लें।
Rajasthan Board Correction Rules Name DOB Amendments Now 1 Year Limit
Rajasthan Board Correction Rules: Name DOB Amendments Now 1 Year Limit
माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा जिज्ञा यादव बनाम केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड व अन्य में पारित आदेश दिनांक 06.06.2022 एवं इसी क्रम में माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर द्वारा डीबी स्पेशल अपील सं. 675 / 2022 "High Court of Judicature for Rajasthan v/s Board of Secondary Education & Ors." में पारित आदेश दिनांक 10.09.2025 में दिए गए निर्देशों के क्रम में गठित समिति की अनुशंषा
दिनांक कमश: 02.04.2026 एवं 23.04.2026 एवं माननीय प्रशासक महोदय के अनुमोदन दिनांक 01.05.2026 की अनुपालना में परीक्षार्थी की जन्मतिथि, परीक्षार्थी का नाम उपनाम एवं माता-पिता का नाम, उपनाम व वर्तनी आदि में सुधार अथवा परिवर्तन हेतु माध्यमिक शिक्षा अधिनियम-1957 में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए माननीय प्रशासक महोदय के आदेश दिनांक 02.06.2026 की अनुपालना में पूर्व में जारी आदेश दिनांक 26.02.2021 एवं 06.09.2023 के अधिक्रमण में संशोधन की प्रक्रिया आधार एवं प्रावधानों को अनुदेशिका - 2020 में कुछ संशोधन प्रतिस्थापित किए गये हैं :-
शाला प्रधान द्वारा विधिवत रूप से अग्रेषित जन्मतिथि में संशोधन हेतु शाला | का मूल स्कॉलर रजिस्टर (SR) प्रवेश आवेदन पत्र व पूर्व शाला का स्थानान्तरण प्रमाण पत्र (TC) के आधार पर संशोधन स्वीकार किया जा | सकेगा। किसी भी प्रकार का संशोधन यदि (SR) पूर्व शाला की (TC) अथवा प्रवेश आवेदन पत्र में होतो इससे पूर्व शाला का उपरोक्त रिकार्ड तलब किया जा सकेगा। (Rajasthan Board Correction Rules Name DOB Amendments Now 1 Year Limit)
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जिज्ञा यादव बनाम केन्द्रीय | माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में पारित निर्णय के पैरा 151 से 157 के अनुसार जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, निर्वाचन पहचान पत्र आदि लोक दस्तावेज न्यायालय साक्ष्य अधिनियम - 1872 के अन्तर्गत वैधानिक प्रमाणिकता रखते हैं। अतः आवेदक द्वारा प्रस्तुत सार्वजनिक दस्तावेज सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी एवं विधि सम्मत होने पर सम्यक जांच उपरान्त संशोधन अनुमत किया जाएगा। परीक्षा परिणाम घोषित होने से एक वर्ष की अवधि के बाद प्रस्तुत आवेदन पत्रों पर किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं किया जायेगा।
Rajasthan Board Correction Rules Name DOB Amendments Now 1 Year Limit
नाम में सुधार, जिसमें परीक्षार्थी के नाम / उपनाम, पिता / माता के नाम में वर्तनी की त्रुटियों तथ्यात्मक टाइपिंग त्रुटियों को दूर करना शामिल है, ताकि यह स्कूल रेकार्ड या स्कूल द्वारा प्रस्तुत परीक्षार्थी /पिता / माता के नाम में | सुधार के लिये आवेदन परिणाम घोषित होने की तिथि से एक वर्ष के भीतर ही विचारणीय होगा, बशर्ते परीक्षार्थी का आवेदन शाला प्रधान द्वारा निम्नलिखित सत्यापित दस्तावेजों के साथ अग्रेषित किया गया हो।
प्रवेश के समय अभिभावकों द्वारा भरे गये प्रवेश पत्रों की सत्यापित प्रति, जिस पर संबंधित शाला प्रधान द्वारा विधिवत् सत्यापन किया गया हों
प्रवेश के समय परीक्षार्थी के माता पिता द्वारा प्रस्तुत पूर्व विद्यालयों के विद्यालय छोड़ने के प्रमाण पत्र की सत्य प्रतिलिपि, संबंधित शाला प्रधान द्वारा विधिवत सत्यापित ।
विद्यालय के प्रवेश एवं निकासी रजिस्टर (SR) के उस पृष्ठ के भाग की सत्य प्रतिलिपि जिसमें परीक्षार्थी के संबंध में प्रविष्टि की गई है, संबंधित शाला के शाला प्रधान द्वारा विधिवत सत्यापित हो ।
बोर्ड द्वारा जारी प्रलेखों एवं शाला रिकार्ड में भिन्नता होने पर लोक दस्तावेज यथा :- राजपत्र, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र इत्यादि जो सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी हो, की सम्यक जांच उपरान्त वर्तनी संशोधन अनुमत किया जा सकेगा।
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परीक्षार्थी के नाम या उपनाम, माता पिता के नाम या उपनाम में परिवर्तन संबंधी आवेदनों पर विचार किया जा सकता है बशर्ते कि परिवर्तन को न्यायालय द्वारा स्वीकार कर लिया हो और परीक्षार्थी के परीक्षा परिणाम घोषित | होने से पहले सरकारी राजपत्र में अधिसूचित कर दिया गया हो ।
उपरोक्त संशोधन जारी होने की दिनांक से पूर्व में जारी आदेश दिनांक 26.02.2021 एवं 06.09.2023 निरसित हो जाएगें। संशोधन शुल्क :- रूपये 300 /- प्रति त्रुटि (प्रति परीक्षा)
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विद्यार्थी / छात्र / छात्रा से निम्न आशय की घोषणा एवं उसका सत्यापन व Indemnity भी प्राप्त करना होगा।
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समय रहते जांचें अंकतालिका और प्रमाण-पत्र
बोर्ड के फैसले के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए यह जरूरी हो गया है कि परीक्षा परिणाम जारी होते ही अंकतालिका और प्रमाण-पत्र में दर्ज नाम, माता-पिता के नाम तथा जन्मतिथि का मिलान कर लें। एक वर्ष की अवधि समाप्त होने के बाद त्रुटि सुधार का अवसर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।
सुधार के लिए शुल्क और शर्तें
दस्तावेज में प्रत्येक गलती के सुधार पर 300 रुपए प्रति परीक्षा शुल्क देना होगा। आवेदक को भविष्य में कोई दावा प्रस्तुत नहीं करने का घोषणा-पत्र भी देना होगा। माता या पिता के नाम में बदलाव होने पर मार्कशीट पर ‘चेंज इन कैंडिडेट्स मदर्स/फादर्स नेम फ्रॉम... टू...’ संबंधी उल्लेख और बोर्ड का डिस्क्लेमर अंकित किया जाएगा। वहीं नाम पूरी तरह बदलने के मामलों में न्यायालय का आदेश तथा परीक्षा परिणाम से पहले सरकारी राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। Rajasthan Board Correction Rules Name DOB Amendments Now 1 Year Limit
अध्यक्ष नहीं होने से समिति ने लिया निर्णय
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर में वर्तमान में न अध्यक्ष है और न ही प्रबंध मंडल। सामान्यतः ऐसे नीतिगत फैसले प्रबंध मंडल स्तर पर लिए जाते हैं। मामले की आवश्यकता को देखते हुए बोर्ड सचिव ने करीब एक माह पहले समिति गठित की थी। समिति के सभी सदस्यों की सहमति और हस्ताक्षर के बाद आदेश जारी किया गया। नए नियमों में विलंब शुल्क का प्रावधान भी पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। Rajasthan Board Correction Rules Name DOB Amendments Now 1 Year Limit
‘परिणाम जारी होने के तुरंत बाद करवा लें संशोधन’
रेसटा प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा - बोर्ड ने वर्षों बाद नाम और जन्मतिथि बदलवाने की परंपरा पर सख्ती करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि परिणाम घोषित होने के एक वर्ष के भीतर ही नाम, उपनाम, माता-पिता के नाम और जन्मतिथि में संशोधन कराया जा सकेगा। इसके बाद आने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं होगा। उन्होंने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि यदि किसी दस्तावेज में त्रुटि हो तो परिणाम जारी होने के तुरंत बाद उसका संशोधन करवा लें, ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
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📱 10 BEST GOVERNMENT APPS FOR PUBLIC SHOULD INSTALL IN MOBILE
आज के डिजिटल युग में भारत सरकार ने नागरिकों के लिए कई उपयोगी मोबाइल ऐप लॉन्च किए हैं, जिनके माध्यम से आप घर बैठे ही सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। यदि आप अपने मोबाइल को स्मार्ट और उपयोगी बनाना चाहते हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहाँ हम विस्तार से जानेंगे 10 BEST GOVERNMENT APPS FOR PUBLIC SHOULD INSTALL IN MOBILE के बारे में, उनके फीचर्स, डाउनलोड लिंक और इंस्टॉलेशन प्रक्रिया के साथ।
इन सभी ऐप्स को अपने मोबाइल में इंस्टॉल करना जरूरी है क्योंकि ये 10 BEST GOVERNMENT APPS FOR PUBLIC SHOULD INSTALL IN MOBILE आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाते हैं और सरकारी सेवाओं को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराते हैं।
📌 क्यों जरूरी हैं ये ऐप्स?
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सरकारी सेवाएं घर बैठे मिलती हैं
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डिजिटल इंडिया को बढ़ावा मिलता है
दस्तावेज सुरक्षित रहते हैं
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1. UMANG
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100+ सरकारी सेवाएं एक ही ऐप में
पेंशन, गैस, आधार, PF आदि सेवाएं
यूजर फ्रेंडली इंटरफेस
UMANG ऐप वास्तव में 10 BEST GOVERNMENT APPS FOR PUBLIC SHOULD INSTALL IN MOBILE की सूची में सबसे ऊपर आता है क्योंकि यह एक All-in-One प्लेटफॉर्म है।
(यहाँ WordPress में UMANG App का स्क्रीनशॉट/लोगो लगाएं)
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए BHIM ऐप एक जरूरी टूल है और यह 10 BEST GOVERNMENT APPS FOR PUBLIC SHOULD INSTALL IN MOBILE में जरूर शामिल होना चाहिए।
आज के डिजिटल दौर में 10 BEST GOVERNMENT APPS FOR PUBLIC SHOULD INSTALL IN MOBILE हर नागरिक के लिए जरूरी हैं। ये ऐप्स न केवल आपके काम को आसान बनाते हैं बल्कि आपको सरकार की सभी सेवाओं से जोड़ते हैं।
यदि आपने अभी तक ये ऐप्स इंस्टॉल नहीं किए हैं, तो आज ही करें और डिजिटल इंडिया का हिस्सा बनें। इस पोस्ट में बताए गए 10 BEST GOVERNMENT APPS FOR PUBLIC SHOULD INSTALL IN MOBILE आपकी जिंदगी को स्मार्ट और आसान बना देंगे।
📢 अपील-
आपके मोबाइल में ये सभी 10 BEST GOVERNMENT APPS FOR PUBLIC SHOULD INSTALL IN MOBILE होना जरूरी है। ये ऐप्स आपकी दैनिक जरूरतों, शिक्षा, स्वास्थ्य, और वित्तीय सेवाओं को आसान बनाते हैं।
IGOT Online Courses 2026: SADHNA Saptah on Karmyogi भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्य क्षमता, नवाचार क्षमता और डिजिटल स्किल्स को मजबूत करना है। इसी क्रम में राजस्थान सरकार द्वारा 02 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 तक “साधना सप्ताह” (Strengthening Adaptive Development and Humane Aptitude for National Advancement) का आयोजन किया जा रहा है।
यह कार्यक्रम मिशन कर्मयोगी के तहत आयोजित किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य एक दक्ष, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित प्रशासन तैयार करना है।
IGOT Online Courses 2026 साधना सप्ताह 2026 का उद्देश्य
IGOT Online Courses 2026: SADHNA Saptah on Karmyogi का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को आधुनिक प्रशासनिक कौशल, तकनीकी ज्ञान और नैतिक मूल्यों से सशक्त बनाना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से कर्मचारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षण देकर उनकी कार्यक्षमता को बढ़ाया जा रहा है।
IGOT Online Courses 2026 प्रमुख दिशानिर्देश (Key Highlights)
अनिवार्य प्रशिक्षण: प्रत्येक अधिकारी/कर्मचारी को iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म पर कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण पूरा करना आवश्यक है।
न्यूनतम कोर्स: इस अवधि में कम से कम 2 कोर्स पूर्ण करना अनिवार्य है।
AI कोर्स अनिवार्य: चयनित सूची में से कम से कम 1 कोर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित होना चाहिए।
वेबिनार की गणना: ‘कर्मयोगी भारत’ द्वारा आयोजित वेबिनार में भाग लेने का समय भी कुल प्रशिक्षण समय में जोड़ा जाएगा।
रिपोर्ट सबमिशन: प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में संबंधित कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है।
आज के डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सरकारी कार्यों में तेजी से उपयोग हो रहा है। इसलिए इस IGOT Online Courses 2026 कार्यक्रम में AI आधारित कोर्स को अनिवार्य किया गया है ताकि कर्मचारी नई तकनीकों से परिचित हो सकें और उन्हें अपने कार्य में लागू कर सकें।
IGOT Online Courses 2026 महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)
Enrollment की अंतिम तिथि: 10 अप्रैल 2026
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निष्कर्ष
IGOT Online Courses 2026: SADHNA Saptah on Karmyogi एक प्रभावी और भविष्य उन्मुख पहल है, जो सरकारी कर्मचारियों को नई तकनीकों, बेहतर प्रशासनिक कौशल और नैतिक मूल्यों के साथ सशक्त बनाती है। यह कार्यक्रम न केवल व्यक्तिगत विकास में सहायक है, बल्कि एक मजबूत और कुशल प्रशासनिक तंत्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यदि आप एक सरकारी कर्मचारी हैं, तो इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं और अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।
आपके लिए महत्वपूर्ण उपयोगी नवीन जानकारी जरूर देखें -
📌 SSO ID कैसे बनाएँ ? How to Create SSO ID (2026 Complete Guide)
🔰 Introduction (परिचय)
आज के डिजिटल युग में राजस्थान सरकार ने सभी सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए SSO ID (Single Sign-On ID) की सुविधा शुरू की है। How to Create SSO ID अगर आप राजस्थान के निवासी हैं, तो SSO ID बनाना आपके लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे आप सरकारी योजनाओं, भर्ती आवेदन, ई-मित्र सेवाओं और अन्य ऑनलाइन सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।
इस लेख में हम आपको SSO ID कैसे बनाएँ (SSO ID Kaise Banaye) का पूरा प्रोसेस 2026 के अपडेट के साथ बताएंगे।
How to Create SSO ID
🔎 SSO ID क्या होती है? (What is SSO ID?)
SSO ID का पूरा नाम Single Sign-On ID है। यह एक यूनिक डिजिटल पहचान है, जिससे आप राजस्थान सरकार की सभी ऑनलाइन सेवाओं में लॉगिन कर सकते हैं।
👉 SSO ID से मिलने वाली सेवाएं:
सरकारी नौकरी आवेदन (RPSC, REET)
जन आधार सेवाएं
ई-मित्र सेवाएं
बिजली बिल भुगतान
छात्रवृत्ति आवेदन
सरकारी योजनाओं का लाभ
🔑 SSO ID बनाने के लिए आवश्यक दस्तावेज
SSO ID बनाने से पहले आपके पास निम्न दस्तावेज होने चाहिए: