बैग फ्री सैटरडे कालांश वार नो बैग डे – शिक्षा में नई चेतना की ओर एक कदम

बैग फ्री सैटरडे कालांश वार नो बैग डे – शिक्षा में नई चेतना की ओर एक कदम

राजस्थान बजट 2020 में शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न जनउपयोगी- शिक्षा उपयोगी घोषणाओं के लिए राजस्थान सरकार का हार्दिक अभिनंदन। विशेष रुप से शनिवार को बस्ते की छुट्टी करने के लिए अर्थात बैग फ्री सैटरडे घोषित करने के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी और शिक्षा मंत्री महोदय का हृदय की गहराइयों से बहुत-बहुत अभिनंदन साधुवाद। जितने व्यापक स्तर पर इस घोषणा स्वागत हुआ है उससे स्पष्ट है कि यह जन आकांक्षाओं के अनुरूप लिया गया निर्णय हैं और बहुतायत में सभी ने इसकी प्रशंसा की है।

राजस्थान सरकार ने शनिवार को बैग फ्री सैटरडे की घोषणा की है । ठीक प्रकार से क्रियान्वित होने पर यह संकल्पना ,यह योजना शिक्षा के वास्तविक उद्देश्यों और लक्ष्यों के अनुरूप हैं ।स्वामी विवेकानंद से लेकर महात्मा गांधी तक तमाम विद्वानों ने शिक्षा को व्यक्ति की अंतर्निहित शक्तियों का प्रकटीकरण करने वाला बताया है , मन बुद्धि और आत्मा का विकास करने वाला बताया है।
शनिवार के दिन बिना बस्ते के भी बहूत कुछ सीखा जा सकता है और यह होने वाली पढ़ाई एवं गतिविधियां बालक के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करने में सहायक सिद्ध होगी। यह योजना भारतीय शिक्षण पद्धति के अनुरूप है।

यह वर्ष पूज्य महात्मा गांधी जी के जन्म का 150 वां वर्ष है और सौभाग्य से यह योजना महात्मा गांधी की बुनियादी शिक्षा के सिद्धांतों के अनुरूप हैं । इससे बहुत सारे प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष लाभ होंगे। शिक्षा में पाठ्य सहगामी क्रियाओं का भी महत्व रेखांकित होगा एवं शिक्षक पर गंभीरता से लेंगे क्योंकि पाठ्यक्रम सहगामी क्रियाओं की बालक के व्यक्तित्व के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है।

बच्चे भारी भरकम बस्ते के बोझ से मुक्त तनाव रहित होकर शिक्षा को आनंद मय वातावरण में उत्सव के रूप में ग्रहण करें, इस दृष्टि से पिछले 12 वर्षों से बस्ते का बोझ कम करने की दिशा में प्रयत्नशील हूँ। समाधान स्वरूप मासिक पाठ्य पुस्तक एवं शनिवार को बस्ते की छुट्टी की संकल्पना की थी। सौभाग्य से दोनों ही सुझावों को धीरे धीरे मान्यता मिल रही है।

शनिवार के दिन बिना बस्ते के पढ़े जा सकने वाले शिक्षण बिंदुओं को एक आलेख के रुप में लिखा था । जो शिविरा पत्रिका में भी प्रकाशित हुआ। यदि इस प्रकार से कालांश विभाजन की योजना बन जाएगी तो यह बैग फ्री सैटरडे योजना सरलता से सफलतापूर्वक क्रियान्वित हो सकेगी।

 

बस्ता मुक्त शनिवार क्यो-

कंधे पर भारी भरकम बस्ते का बोझ, एक हाथ में पानी की बोतल दूसरे हाथ में लंच बॉक्स के साथ( निजी विद्यालय) लिए धीमी गति से …थके थके से चलते पांव एवं मासूम चेहरों को देखते ही मन में पीड़ा होती हैं ।हम उसे सभ्य ,सुसंस्कृत ,सुयोग्य नागरिक बनने की शिक्षा दे रहे हैं अथवा केवल कुशल भारवाहक बनने का प्रशिक्षण ??

बचपन की मस्तियां ,शैतानियां, नादानियां ,किलकारियां, निश्छल हँसी ,उन्मुक्तता , जिज्ञासा आदि अनेक बालसुलभ क्रियाओं को बस्ते के बोझ ने अपने वजन तले दबा दिया है । बचपन का सावन, , कागज की कश्ती और बारिश के पानी के बालक केवल बातें ही सुनता है । स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के बस्ते का लगातार बढ़ता हुआ बोझ एक समस्या के रूप में समाज के सामने है । आजादी के बाद से ही इस पर लगातार चिंतन मनन होता रहा है और लगभग सभी शिक्षा आयोगों ,समितियों ने इसकी चर्चा की है, इस बोझ को कम करने की सिफारिश भी की है।बैग फ्री सैटरडे कालांश वार नो बैग डे – शिक्षा में नई चेतना की ओर एक कदम

शिक्षा क्या है- 

शिक्षा बालक के सर्वांगीण विकास का आधार है । सा विद्या या विमुक्तये हो या विद्या ददाति विनयम ….मन बुद्धि और आत्मा के विकास की बात हो अथवा बालक की अंतर्निहित शक्तियों के प्रकटीकरण की बात ….शिक्षा मूल रूप से जीवन का आधार है, शिक्षा के बारे में मूल भारतीय चिंतन यही है ।
विभिन्न विद्वानों और विचारकों ने शिक्षा की परिभाषा में अलग-अलग शब्दों में इन्हीं भावों और उद्देश्यों को रेखांकित किया है। किंतु वर्तमान शिक्षा प्रणाली और परीक्षा प्रणाली बालक को केवल रटना सीखा रही हैं। उसे अधिकाधिक अंकों की दौड़ में प्रतिस्पर्धी मात्र बना रही है । ऐसे में सर्वांगीण विकास की बात अधूरी रह जाती हैं । बालकों की जन्मजात प्रतिभाएं, रुचियाँ एवं नैसर्गिक बचपन इस होड़ाहोडी में उलझ कर रह गये है । भारी भरकम बस्ते के बोझ तले पीसता बचपन अभिभावकों एवं स्कूल की ऊँची अपेक्षाओं की बलि चढ़ रहा है । बाल सुलभ जीवन चर्या के विपरीत उसका जीवन तनावपूर्ण हो रहा है । यह समस्या मनोवैज्ञानिकों ,समाजशास्त्रियों, शिक्षाविदों एवं अभिभावकों के लिए भी चिंता का कारण बनी है।

बस्ता शिक्षा का आधार नहीं है, न ज्ञानार्जन की प्रक्रिया भारी भरकम बस्ते पर अवलम्बित है। अक्सर विद्यालय से छुट्टी के बाद बालक घर जाकर जिस तरह से बस्ते को रखता हैं, पटकता है उससे उसके बालमन पर बस्ते और स्कूल के तनाव को सहजता से समझा जा सकता है।

एक शिक्षक के रूप में मैंने इस समस्या को निकट से अनुभव किया हैं । मैं पिछले 12 वर्षों से बस्ते के बोझ की समस्या को हल करने के लिए प्रयासरत हूं और इस अवधि में समाधान के रूप में दो विकल्प देश भर के शिक्षा प्रेमियों शिक्षाविदों , शिक्षकों और अभिभावकों के सामने रखे हैं। इन प्रयासों को एक बड़ा मुकाम मिला जब कुछ वर्ष पूर्व दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं NCERT के तत्वावधान में बस्ते की बोझ की समस्या के समाधान के लिए एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन हुआ ।मैं भी इस कार्यशाला में आमंत्रित था। इस कार्यशाला में मुझे देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षाविदों और अधिकारियों के सामने अपने सुझाव रखने का अवसर मिला।समस्या ही नहीं समाधान की भी चर्चा होनी चाहिए, इस बात का अनुसरण करते हुए मैंने अपने दो सुझाव प्रस्तुत किये ।ये सुझाव देश भर में चर्चा का विषय बने। एक सुझाव को देश के विभिन्न राज्यो द्वारा लागू किया है । साथ ही केंद्रीय विद्यालय संगठन ने देश भर में प्राथमिक कक्षाओं के लिए भी इस सुझाव को लागू किया है।

मेरा सुझाव था कि सप्ताह में एक दिन बस्ते की छुट्टी कर दी जाए। देश के विभिन्न भागों में कर्मचारियों के लिए “फाइव डे वीक” की योजना चलती है जिसमें सरकारी कार्यालय सप्ताह में 5 दिन ही खुलते हैं ।

शनिवार को विद्यालयों की छुट्टी भले न करें पर शनिवार को बस्ते की छुट्टी अवश्य कर देनी चाहिए अर्थात बच्चे एवं स्टाफ विद्यालय तो आएँ किंतु बस्ते के बोझ से मुक्त होकर व होमवर्क के दबाव के बिना।
यहां सहज कुछ प्रश्न खड़े होते है। पहला तो यह कि यदि बच्चे बस्ता नहीं लाएँगे तो विद्यालय में करेंगे क्या ?

समाधान है सप्ताह में एक दिन बच्चे शरीर, मन, आत्मा का विकास करने वाली शिक्षा ग्रहण करेंगे। अपनी प्रतिभा का विकास करेंगे। शिक्षा शब्द को सार्थकता देंगे। और इस शनिवार को नाम दिया “आनंदवार ” अर्थात शनिवार की शिक्षा बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ आनंद उल्लास और उमंग देने वाली भी हो।

यह एक प्रयास हैं बालक को तनाव मुक्त, आनंददायी, सृजनात्मक/प्रयोगात्मक शिक्षा देने का ।
वर्तमान में चल रही शिक्षा प्रणाली में बिना ज्यादा बदलाव किए, वर्तमान दायरे में रह कर भी शिक्षा को सहज, बोधगम्य, तनाव रहित, व्यक्तित्व के विभिन्न आयामों का विकास करने वाला बनाया जा सकता है। ऐसी अनेक बातें है,विभिन्न प्रकार के विषय है जो क्रिया आधारित है। जिनके लिए किताब या बस्ता ज़रूरी नहीं है।
आनंदवार अर्थात शनिवार को भी नियमानुसार कालांश तो लगे पर उनका प्रकार कुछ बदला सा हो।
“सादर विचारार्थ”
सुझाव स्वरूप यह कालांश योजना प्रस्तुत है जिनके आधार पर दिनभर की गतिविधिया सम्पन्न हो सकती है।बैग फ्री सैटरडे कालांश वार नो बैग डे – शिक्षा में नई चेतना की ओर एक कदम

 

प्रथम कालांश – “योग, आसन, प्राणायाम व्यायाम”

प्रार्थना सत्र के पश्चात पहला कालांश योग-आसन, प्राणायाम, व्यायाम का रहे। बालक का शरीर स्वस्थ रहेगा, मज़बूत बनेगा तो निश्चित रूप से अधिगम भी प्रभावी होगा। कहा भी गया है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है । प्राणायाम-व्यायाम के संस्कार विद्यार्थी के लिए जीवन पर्यंत काम आएँगे।
इस कालांश में कौन से योग व्यायाम करवाना इसके लिए हमारे विभाग मे बहुत से एक्सपर्ट शारीरिक शिक्षक उपलब्ध है उनसे सलाह करके एक कॉमन योग कार्यक्रम तय किया जा सकता है । इसका एक सरल तरीका और है । विश्व योग दिवस का जो प्रोटोकॉल है, वह भी लगभग 40 मिनिट का है, उसका अभ्यास हो सकता है। उसमें सब प्रकार के योग व्यायाम एवं प्राणायाम सम्मिलित हैं । उसे हुबहू भी अपना सकते हैं अथवा कुछ संशोधन करके भी अपना सकते हैं । इस पहले कालांश को शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए काम में लिया जाना चाहिए

 

दूसरा कालांश – श्रमदान / स्वच्छता / पर्यावरण संरक्षण

इस कालांश में विद्यालय परिसर की स्वच्छता का कार्य, श्रमदान एवं पर्यावरण संबंधित कार्यों का निष्पादन होगा। विद्यालय में वृक्षारोपण, उनकी सार संभाल, सुरक्षा, पानी पिलाना, आवश्यकता होने पर कटाई-छंटाई, कचरा निष्पादन आदि कार्य।

 

तीसरा कालांश – संगीत अभ्यास

इस कालांश में गीत अभ्यास, राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, प्रतिज्ञा, प्रार्थना का अभ्यास हो। कई बार यह देखा जाता है कि वर्षों तक विद्यालय में पढ़ने के बावजूद कुछ छात्रों को प्रार्थना और प्रतिज्ञा भी याद नहीं हो पाते हैं ,यह कालांश उनके लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा ।उपलब्ध हो तो वाद्ययंत्र का अभ्यास और कभी-कभी डांस क्लास (नृत्य अभ्यास) भी इस कालांश में करवाया जा सकता है।

चतुर्थ कालांश – खेलकूद

कुछ खेल इनडोर हो सकते है कुछ आउटडोर हो सकते है।
अत्यधिक धूप की स्थिति में कक्षा कक्ष में ही दिमागी खेल, छोटे समूह के खेल इत्यादि हो सकते है। कुल मिलाकर इस खेल कालांश के लिए दो प्रकार की योजनाएं की जानी चाहिए – इंडोर गेम्स और आउटडोर गेम। शारीरिक शिक्षकों की सलाह लेकर ऐसे अलग-अलग खेलों की विस्तृत सूची बनाकर सभी विद्यालयों को देनी चाहिए। बहुत सारे खेल ऐसे होते हैं जिन्हें बिना किसी साधन के भी अथवा न्यूनतम खर्च के संसाधनों के द्वारा खेला जा सकता है जैसे कबड्डी, विभिन्न प्रकार के दौड़े ,रुमाल झपट्टा ,ऊंची कूद लंबी कूद इत्यादि

 

पंचम कालांश -अभिव्यक्ति कालांश

मध्यावकाश बाद के इस कालांश में कविता,नाटक, वाद-विवाद समूह चर्चा (ग्रुप डिस्कशन) अंत्याक्षरी (हिन्दी- अग्रेंजी) चित्रकला इत्यादि।
बस्ता नहीं लाना है तो चित्रकला की कॉपी भी नहीं लानी है।अतः श्यामपट्ट पर, कक्षा कक्ष अथवा बरामदे में फर्श पर चॉक से, मैदान में पेड़ों की छांव तले मिट्टी पर पानी छिड़क कर छोटी लकड़ी से भी चित्र बनाए जा सकते है। मैदान के कंकरों की सहायता से रंगोली भी बनायी जा सकती है।यह प्रयोग हमने किया हुआ है। कंकर को रंग करने के बाद उनसे विभिन्न प्रकार की कलाकृतियां और रंगोलियां बनाई जा सकती है। इसमें लाभ यह है कि एक बार काम में लेने के बाद इन्हें पुनः काम में लिया जा सकता है जबकि सामान्य रंगोली के कलर दोबारा काम नहीं आ सकते । साथ ही बड़ी कक्षाओं में समूह चर्चा के लिए बहुत सारे विषय छाँट कर उनकी एक विस्तृत सूची बनाकर समस्त विद्यालयों को उपलब्ध करवाई जा सकती है । वर्ष भर में लगभग 40 शनिवार कार्य दिवस के रूप में आएंगे । ऐसे में लगभग 80 विषयों की सूची बनाकर विद्यालय को देनी चाहिए जिनमें से शिक्षक अपनी सुविधानुसार कक्षाओं में समूह चर्चा ले सकें जैसे पर्यावरण संरक्षण, साक्षरता में हमारी भूमिका, सड़क सुरक्षा, हमारे महापुरुष ,आदर्श विद्यार्थी के गुण, मेरा गांव मेरा गौरव, स्वास्थ्य के आधार बिंदु ,भोजन क्या करें कैसे करें …इत्यादि बहुत सारे विषय हो सकतेहैं

 

षष्ठम कालांश – पुस्तकालय एवं वाचनालय

इस कालांश में सभी कक्षाओं में छात्र संख्या के अनुरूप पुस्तकें वितरित की जाएं। पुस्तकालय प्रभारी संबंधित कक्षाओं के शिक्षकों को पुस्तकें देंगे। इस कालांश में पढ़कर पुनः शिक्षक के माध्यम से पुस्तकालय प्रभारी को जमा करना है। लगभग सभी विद्यालयों में जितने विद्यार्थी हैं इतनी पुस्तकें तो उपलब्ध है ही।
उससे ज्यादा भी हो सकती हैअपवाद स्वरूप यदि किन्हीं विद्यालयों में पुस्तकालय में पुस्तक नहीं है तो बैग फ्री सैटरडे के बहाने वहां भी पुस्तकालय विकसित हो जाएगा।किसी न किसी योजना से सभी विद्यालयों में पुस्तकालय तो होना ही चाहिए

 

सप्तम कालांश -मौखिक गणित एवं भूगोल

यह भी अनेक बार का अनुभूत प्रयोग हैं ,कई बार करवाया है और बच्चों को इसमें बड़ा आनंद आता है । पहाड़ा अभ्यास, हाथ की अंगुलियों पर -टिप्स पर सामान्य गणितीय क्रियाओं का मौखिक अभ्यास, जोड बाकी गुणा भाग, प्रतिशत बट्टा आदि। साथ ही इस कालांश में सामान्य ज्ञान एवं भूगोल को भी पढ़ाया जा सकता है। मानचित्र परिचय, विश्व, भारत, राजस्थान के राजनैतिक, प्राकृतिक मानचित्र का अवलोकन, उसमें अलग अलग स्थानों को , नदी, पर्वत खोजना इत्यादि। (उपलब्ध हो तो इस कालांश में कम्प्यूटर शिक्षण भी हो सकता है।)

 

अष्टम कालांश – अभिप्रेरणा

  • बालसभा, बोधकक्षा, नैतिक शिक्षा, कैरीयर गाईडेंस इत्यादि। सप्ताह भर में आने वाले सभी उत्सव एवं महापुरुषों की जयंतियों का आयोजन भी इस कालांश में हो सकता है।
  • पहला एवं अन्तिम कालांश सामूहिक भी रह सकता है और सुविधानुसार कक्षानुसार भी हो सकता है।
  • कालांशो के विषय सुझाव स्वरूप उल्लेखित किए है। विभागीय आदेश ही मान्य होंगे। इनका क्रम विद्यालय स्तर पर सुविधानुसार निर्धारित किया जा सकता है, कक्षानुसार बदला जा सकता है।

बैग फ्री सैटरडे का अर्थ यह कतई नहीं है की अध्ययन अध्यापन में कोई कंजूसी हो । पांच दिन जमकर पढाई और छठे दिन शनिवार को व्यक्तित्व विकास, सजृनात्मकता अभिव्यक्ति। बैग फ्री सैटरडे की आर्थात आनंदवार की योजना से हमारी कालांश व्यवस्था में भी बहुत विशेष फर्क नहीं पड़ेगा कारण की सभी कक्षाओं में प्रतिदिन एक न एक पीरियड कला शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा या समाजोपयोगी कार्य के के नाम पर होता है । सप्ताह भर के उन सारे कलांशो को मिलाकर शनिवार के 1 दिन में मर्ज करना, इतनी सी बात है ।विभिन्न विषयों को मिलने वाले अध्ययन अध्यापन के कालांश उतने ही रहेंगे । जितने भी सह शैक्षणिक आयोजन करने हैं रैली इत्यादि निकालनी है वह सभी आयोजन इस बैग फ्री सैटरडे को हो सकते हैं शेष 5 दिन केवल शुद्ध रूप से अध्यापन अध्ययन कार्य ही चले ।

इस प्रकार राज्य सरकार द्वारा बेग फ्री सेटरडे की घोषणा मौजूदा शिक्षा प्रणाली में बिना बदलाव के, बिना किसी वित्तीय भार के इस उपाय से शिक्षा को आनंददायी और विद्यालय परिसर को जीवन निर्माण केन्द्र बना सकने में सक्षम होगी। विद्यार्थियों के सामने भविष्य में आने वाली सामाजिक, स्वास्थ्य एवं नैतिक मूल्यों से जुडी चुनौतियों का सामना करने वाली पीढ़ी के निर्माण में इस विचार की क्रियान्विति महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकती है।

पुनः एक बार शनिवार को बस्ते की छुट्टी करने के लिए अर्थात बैग फ्री सैटरडे लिए राज्य सरकार का , शिक्षा मंत्री जी का बहुत-बहुत आभार, धन्यवाद, अभिनंदन - संदीप जोशी, जालोर

विद्या संबल योजना राजस्थान 2022: ऑनलाइन आवेदन | मानदेय दरे व चयन प्रक्रिया

विद्या संबल योजना राजस्थान 2022: ऑनलाइन आवेदन | मानदेय दरे व चयन प्रक्रिया

विद्या संबल योजना राजस्थान 2022: ऑनलाइन आवेदन | मानदेय दरे व चयन प्रक्रिया

विद्या संबल योजना (Vidya Sambal Yojna)

 

Rajasthan Vidya Sambal Yojana Apply Online | विद्या संबल योजना राजस्थान चयन प्रक्रिया | Rajasthan Vidya Sambal Yojana Official Website

राजस्थान सरकार ने राज्य के युवाओ के लिए एक नई योजना की शुरुआत की है, जिसका नाम राजस्थान विद्या संबल योजना है। इस योजना के माध्यम से सरकार का उदेश्ये यह है की फैकल्टी की कमी को दूर किया जाये। इस योजना के तहत स्कूलों / शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों /कॉलेजों/ व्याख्याताओं की भर्ती करने का मुख्य उद्देश्य है। इसके अंतगर्त राज्य सरकार सभी शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की भर्ती करेगी। उसी के संबंध में सरकार ने एक ऑनलाइन अधिसूचना भी शुरू कर दी है। आप से निवेदन है की आप हमारे आर्टिकल पर जाएँ आयुष्मान भारत योजना और जो भी उम्मीदवार ऑफिसियल पोर्टल पर जा सकते हैं और विद्या संबल योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।  Vidya Sambal Yojana

Rajasthan Vidya Sambal Yojana 2022

राज्य सरकार ने राज्य के नागरिको के लिए विद्या संबल योजना निकाली है। इस योजना के तहत सरकार का उद्देश्य यह है कि युवाओ को रोजगार देना और फैकल्टी को कम करना है। विद्या संबल योजना 2022 के अंतगर्त स्कूलों / शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों /कॉलेजों / व्याख्याताओं की भर्ती करना है। इसी के साथ सरकार द्वारा अधिसूचना भी आरम्भ कर दी गयी है। तो दोस्तों आज हम आपको विद्या संबल योजना से सम्बंधित सभी जानकारी बताने जा रहे है। जैसे की इस योजना के उदेश्ये क्या है, इसके लाभ क्या है, विद्या संबल योजना के कौन कौन से जरूरी दस्तावेज है, इस योजना के पंजीकरण करने की प्रकिर्या क्या है, आदि आप से अनुरोध है, की आप हमारे लेख को ध्यान से पूरा पढ़े।

विद्या संबल योजना राजस्थान का उद्देश्य

राजस्थान सरकार द्वारा संबल योजना की शुरुआत का मुख्य उद्देश्य शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की नियुक्ति करना है। राज्य के कई शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की कमी देखने को मिली है, जिससे उन शिक्षण संस्थानों में बच्चो के पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पता था। इस योजना के माध्यम से गेस्ट फैकल्टी के रूप में शिक्षकों की नियुक्ति से राज्य के शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की कमी को पूरा किया जा सकेगा। यह योजना निश्चित रूप से शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण सुधार लाने में कारगार सिद्ध होगी। इसके आलावा Vidya Sambal Yojana Rajasthan के कार्यान्वयन से बेरोजगार अभ्यार्थियों को भी रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। अब राज्य में किसी भी शिक्षण संसथान में शिक्षकों की कमी नहीं होगी।

योजना के अंतर्गत मानदेय

पद कक्षा  प्रति घंटा मानदेय अधिकतम महावार मानदेय
अध्यापक लेवल 1 और 2 पहली से आठवीं कक्षा 300 रुपए 21000रुपए
वरिष्ट अध्यापक 9 से 10 कक्षा 350 रुपए 25000रुपए
प्राध्यापक 11वीं और 12वीं कक्षा 400 रुपए 30000रुपए
शारीरिक शिक्षा अनुदेशक —- 300 रुपए 21000रुपए
प्रयोगशाला सहायक —- 300 रुपए 21000रुपए

विद्या संबल योजना के अंतर्गत भरे जाएंगे रिक्त पद

विद्या संबल योजना के माध्यम से महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम तथा अन्य इंग्लिश मीडियम स्कूलों के पद भरे जायेंगे। जिसके अंतर्गत अध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक और व्याख्याता पद सम्मिलित है। इस योजना के अंतर्गत शिक्षकों को कमी की पूर्ति करने के लिए इस स्कूलों में अध्यापको को नियुक्त किया जायेगा। इसके अतिरिक्त शिक्षा निदेशालय द्वारा आवेदन प्राप्त करने की अवधि और नियुक्ति का कैलेंडर जारी किये जाने की घोषणा इस योजना के तहत की गई है, इसके बाद ही नियुक्ति प्रक्रिया प्रारम्भ की जाएगी। इसके साथ ही इसमें उपलब्ध रिक्त पदों को भरने हेतु साक्षरता प्रक्रिया का भी आयोजन किया जायेगा, इसके अतिरिक्त विद्या संबल योजना के अंतर्गत अध्यापको की भर्ती गेस्ट फेकल्टी के रूप में भी की जाएगी। इस योजना के तहत इन सभी आधार पर अध्यापको की नियुक्ति की जाएगी:-

  • विद्या संबल योजना के माध्यम से ऐसे पद जिन पर साक्षरता की प्रक्रिया कम से कम एक बार की गई हो लेकिन फिर भी पदों की पूर्ति नहीं हुई हो तो उन रिक्त पदों पर ”गेस्ट फेकल्टी” शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
  • इस योजना के अंतर्गत गेस्ट फेकल्टी के रूप में आवेदन सिर्फ निजी अभ्यर्थी कर सकते है, या फिर सेवानिवृत्त शिक्षक आवेदन कर सकते है।
  • इसके अलावा रिटायर अध्यापक द्वारा रिटायरमेंट के वक्त जिस भी पद पर कार्य किया जा रहा था, वह उसी पद हेतु गेस्ट फैकल्टी के तौर पर आवेदन कर सकते है।
  • रिटायर अध्यापको के लिए इस योजना के अंतर्गत आरईईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने की शर्त शिक्षक लेवल 1 और 2 के लिए नहीं की गई है।
  • सिर्फ 65 साल की उम्र तक ही रिटायर अध्यापक गेस्ट फेकल्टी के रूप में कार्य कर सकते है, 65 वर्ष की आयु के पश्चात शिक्षक कार्य नहीं कर सकते।
  • विद्या संबल योजना के अंतर्गत की जाने वाली शिक्षकों की नियुक्ति  प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में की जाएगी।
  • समिति में संबंधित सीबीईओ ब्लॉक के अन्य महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में से 2 वर्ष सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी, इस स्थिति में जब कोई भी वरिष्ठ शिक्षक मौजूद नहीं होंगे।
  • इसके अतिरिक्त अगर किसी भी खाली पद पर रिक्तियों से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं तो इस स्थिति में वरीयता सूची तैयार की जाएगी और अध्यापको की नियुक्ति मेरिट के आधार पर की जाएगी।
  • चयन किये गए सभी अध्यापको को गेस्ट फैकल्टी के पद हेतु प्राप्त हुए प्रस्ताव पर 7 दिन के अंदर सहमति प्रदान करनी होगी तथा शिक्षण संस्थान की ओर से तय किए गए समय पर उन्हें कार्य करने आना होगा।
  • अगर अध्यापक बीएड उत्तीर्ण तो वह अध्यापक लेवल 2 तथा बीएसटीसी डीएलएड उत्तीर्ण है तो अध्यापक लेवल 1 के लिए पात्र होंगे।

विद्या संबल योजना

पदवार न्यूनतम वांछित योग्यता

क्र.सं. पदनाम शैक्षिक अर्हता प्रशैक्षिक अर्हता
1 व्याख्याता (जीव विज्ञान) प्राणी विज्ञान / वनस्पति विज्ञान / जीव-प्रौद्योगिकी में वि.अ.आ. द्वारा मान्यता प्राप्त अंग्रेजी स्नातकोत्तर या समतुल्य परीक्षा परन्तु उन्होंने स्नातक स्तर पर अंग्रेजी माध्यम में वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान का अध्ययन किया हो B.Ed
2 व्याख्याता (भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित) सुसंगत विषय में विश्व विद्यालय अनुदान आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त अंग्रेजी माध्यम में स्नातकोत्तर अथवा समतुल्य परीक्षा B.Ed
3 i. वरिष्ठ अध्यापक (अंग्रेजी, हिन्दी, गणित, तृतीय भाषा) वैकल्पिक विषय के रूप में सम्बन्धित विषय के साथ अंग्रेजी माध्यम में स्नातक या समतुल्य परीक्षा B.Ed
ii. वरिष्ठ अध्यापक (विज्ञान) भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, प्राणी विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, सूक्ष्म जीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी जैव रसायन विज्ञान में से कम से कम दो विषय वैकल्पिक विषयों के रूप में लेकर अंग्रेजी माध्यम में स्नातक या समतुल्य परीक्षा B.Ed
iii. वरिष्ठ अध्यापक (सामाजिक विज्ञान) इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, समाज शास्त्र, लोक प्रशासन, दर्शन शास्त्र में से कम से कम दो विषय वैकल्पिक विषयों के रूप में लेकर अंग्रेजी माध्यम में स्नातक या समतुल्य परीक्षा B.Ed
4 अध्यापक लेवल द्वितीय (अंग्रेजी / गणित) न्यूनतम 50% अंको सहित गणित / अंग्रेजी (संबंधित पद हेतु) वैकल्पिक विषय के साथ अंग्रेजी माध्यम में स्नातक B.Ed / D.EIe.Ed + न्यूनतम अंको के साथ रीट लेवल द्वितीय परीक्षा उत्तीर्ण जिसकी वैद्यता अवधि समाप्त नहीं की गई हो।
5 अध्यापक लेवल प्रथम 50% अंको सहित उमावि / समकक्ष परीक्षा अंग्रेजी माध्यम में उत्तीर्ण D.Ele.Ed + न्यूनतम अंको के साथ रीट लेवल प्रथम परीक्षा उत्तीर्ण जिसकी वैद्यता अवधि समाप्त नहीं की गई हो।
6  शारीरिक शिक्षा शिक्षक किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से अंग्रेजी माध्यम में सीनियर सैकण्डरी अथवा समतुल्य परीक्षा C.P.Ed. or D.P.Ed. or B.P.Ed.
7 पुस्तकालयाध्यक्ष किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से अंग्रेजी माध्यम में सीनियर सैकण्डरी अथवा समतुल्य परीक्षा पुस्तकालय विज्ञान में प्रमाण-पत्र / पुस्तकालय और सूचना विज्ञान में स्नातक/ पुस्तकालय और सूचना विज्ञान डिप्लोमा में
8 प्रयोगशाला सहायक भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, सूक्ष्म जीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, जैव रसायन विज्ञान, गणित में से कम से कम तीन विषय वैकल्पिक विषयों के रूप में लेकर अंग्रेजी माध्यम में सीनियर सैकण्डरी या समतुल्य परीक्षा

Overview of Vidya Sambal Yojana

नाम विद्या संबल योजना
आरम्भ की गई राजस्थान सरकार द्वारा
लाभार्थी राज्य के लोग
आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन
उद्देश्य राज्य के नागरिको को सहायता पहुचना
प्रथम श्रेणी शिक्षक प्रति दिन 400 रुपये और अधिकतम 30,000 रुपये प्रति माह मिलेगा
श्रेणी राजस्थान सरकारी योजनाएं
आधिकारिक वेबसाइट https://education.rajasthan.gov.in/

तकनीकी महाविद्यालय/विश्वविद्यालय/महाविद्यालय/पॉलिटेक्निक कॉलेज

श्रेणी प्रति घंटे अधिकतम (हर माह)
सहायक आचार्य 800रुपए 45000रुपए
सह आचार्य 1000रुपए 52000रुपए
आचार्य 1200रुपए 60000रुपए

राजस्थान संबल योजना पद शिक्षक और श्रेणी जानकारी

पद का नाम वेतन
तृतीय श्रेणी शिक्षक न्यूनतम राशि 300 रुपये और अधिकतम राशि 21,00 रुपये है
वित्तीय ग्रेड शिक्षक रुपए 350 प्रति दिन और अधिकतम रुपए 25,000 प्रति माह
प्रथम श्रेणी शिक्षक प्रति दिन 400 रुपये और अधिकतम 30,000 रुपये प्रति माह मिलेगा
प्रयोगशाला सहायता रुपए 21,000
प्रशिक्षक रुपए 21,000
सहेयक प्रोफेसर रुपये प्रति दिन 80 और अधिकतम रुपये 45000
कॉलेजों में शिक्षक 12000 रुपये प्रतिदिन और 60000 रुपये

विद्या संबल योजना के तहत वेतन विवरण

Grade -1

11th to 12th Per Hour Rs 400
Per Month Rs 30,000

Grade-2

9th to 10th Per Hour Rs 350
Per Month Rs 25,000

Grade-3

1st to 8th Per Hour Rs 300
Per Month Rs 21,000

Laboratory Helper

Lab Tech. Per Hour Rs 300
Per Month Rs 21,000

Instructor

Instructor Per Month Rs 300
Per Month Rs 21,000

राजस्थान विद्या संबल योजना चयन प्रक्रिया

  • राजस्थान विद्या संबल योजना के तहत संस्था प्रधान द्वारा संबंधित सेवा नियमों में अंकित योग्यता के अनुसार अपने स्तर पर संस्था में रिक्त चल रहे पद पर नियुक्ति की जा सकती है।
  • सरकार द्वारा इस योजना के लिए जिले में एक जिला स्तरीय कमेटी का भी गठन किये जाने की घोषणा की गई है, इस कमेटी के अध्यक्ष जिला कलेक्टर होंगे। इसके अतिरिक्त इस कमेटी के माध्यम से भी गेस्ट फेकल्टी का चुनाव किया जा सकेगा।
  • पूर्व जिला मुख्यालय पर शिक्षा सत्र आरम्भ होने के पश्चात समिति द्वारा सार्वजनिक सूचना तैयार कर निर्धारित योग्यता रखने वाले सभी अध्यापको के आवेदनों को आमंत्रित  किया जायेगा।
  • इसके अलावा निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार वरीयता सूची को तैयार किया जायेगा और इसी सूची के अनुसार गेस्ट फेकल्टी का चयन भी किया जायेगा।
  • इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा घोषणा की गई है कि रिक्त पदों के विरुद्ध ही गेस्ट फैकल्टी के आवेदन स्वीकृत किये जायेंगे।
  • इसके तहत गेस्ट फैकेल्टी के कामो की मॉनिटरिंग भी की जाएगी तथा संतोषजनक कार्य सत्यापन के आधार पर ही उनको भुगतान इसका भुगतान किया जायेगा।
  • गेस्ट फैकेल्टी के सभी रिक्त पदों की पूर्ति हो जाने के पश्चात इसके अंतर्गत अन्य आवेदन नहीं आमंत्रित किए जाएंगे।
  • इस योजना के अंतर्गत कोचिंग हेतु संस्थान के प्रमुख बजट के प्रावधान अनुसार सीधे अपने स्तर पर भी भुगतान किया जा सकता है।

विद्या संबल योजना 2022 के लाभ व विशेषताए

  • हर संस्थान में सत्र की शुरुआत में, वे शिक्षकों के रिक्त पदों की गणना करेंगे, उसके बाद रिक्त पदों की ओर से भर्ती का आयोजन किया जाएगा।
  • इसके अलावा, जिला कलेक्टर या चयनित प्राधिकरण गैस शिक्षकों की भर्ती करेगा।
  • जब शैक्षणिक वर्ष शुरू होता है, तो समिति जिला मुख्यालय पर सूचित करेगी और फिर आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। अतिथि शिक्षकों का चयन उनकी योग्यता, अंकों और उनके अनुभव के आधार पर होता है।
  • संबंधित विभाग के लिए जिला स्तर पर योग्य उम्मीदवारों के लिए एक पैनल तैयार किया जाता है। इस पैनल में तीन उम्मीदवार हैं जो प्रत्येक रिक्ति के लिए तैयार हैं। इस पैनल को ब्लॉक वार, विषयवार और श्रेणीवार चुना जाएगा।
  • अतिथि शिक्षकों की सुविधा लें, उन्हें आवश्यक दस्तावेजों के साथ एक शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा।
  • शिक्षकों के काम की निगरानी, ​​और उनके प्रदर्शन की निगरानी के बाद तदनुसार नकद भुगतान किया जाएगा।
  • जब अतिथि शिक्षकों के सभी रिक्त पद भरे जाएंगे तो भर्ती प्रक्रिया अपने आप रुक जाएगी।
  • चूंकि छात्रावासों में शिक्षक का पद तैयार नहीं है, इसलिए छात्रावासों में सम्मानित विषय की कोचिंग के लिए कोई अनिवार्य पद नहीं है।
  • कोचिंग के लिए संस्थान के प्रमुख बजट प्रावधान के अनुसार सीधे अपने स्तर पर भुगतान कर सकते हैं।

राजस्थान विद्या संबल योजना के लिए जरूरी दस्तावेज

    • आवेदक राजस्थान का स्थाई निवासी होना चाहिए।
    • निवास प्रमाण पत्र
    • जाति प्रमाण पत्र
    • शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र
    • शिक्षक एवं प्रशिक्षण दस्तावेज
    • विकलांगता प्रमाण पत्र यदि लागू हो तो
    • भूमि प्रमाण पत्र
    • आधार कार्ड
    • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
    • मोबाइल नंबर

विधायक संबल योजना अतिथि संकाय भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

सभी आवेदक ऑफिसियल पोर्टल पर जा सकते हैं और राजस्थान अतिथि संकाय योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

  • सबसे पहले आवेदक को आधिकारिक वेबसाइट पर जा कर विद्या संबल योजना के अंतगर्त पंजीकरण पत्र डाउनलोड करना होगा।
विद्या संबल योजना
  • इसके बाद आपको को व्यक्तिगत विवरण, संपर्क विवरण, पता विवरण, शैक्षिक योग्यता, प्रशिक्षण आदि भरना होगा।
  • आवेदक को ऑनलाइन पंजीकरण  पत्र के साथ जरूरी दस्तावेज, शपथ पत्र संलग्न करना होगा।
  • इसके बाद संबंधित विभाग को ऑनलाइन पंजीकरण करें।

राजस्थान विद्या संबल योजना चयन प्रक्रिया

  • विद्या संबल योजना के माध्यम  से संस्था प्रधान द्वारा अपने स्तर पर संस्था में रिक्त चल रहे पद पर संबंधित सेवा नियमों में अंकित योग्यता के अनुसार राजस्थान नियुक्ति की जा सकती।
  • सभी पद भरे जाने के पश्चात गेस्ट फैकेल्टी के लिए और आवेदन नहीं स्वीकार किए जाएंगे।
  • संस्थान, कोचिंग के लिए प्रमुख बजट प्रावधान के अनुसार सीधे अपने स्तर पर भी भुगतान राशि अदा कर सकता है।
  • इन सब के अतिरिक्त जिले में एक जिला स्तरीय कमेटी का भी गठन किया जाएगा। जिसका अध्यक्ष जिला कलेक्टर होगा। गठित  कमेटी के द्वारा भी गेस्ट फैकल्टी का चयन किया जा सकेगा।
  • शिक्षा सत्र शुरू  होने के बाद  पूर्व जिला मुख्यालय पर समिति द्वारा सार्वजनिक सूचना तैयार कर निर्धारित योग्यता रखने वाले सभी अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।
  • सत्र पूर्ण होने के पश्चात वरीयता सूची निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। तथा इस सूची के आधार पर ही गेस्ट फैकल्टी का चयन किया जाएगा।
  • गेस्ट फैकल्टी के आवेदन केवल उन रिक्त पदों के विरुद्ध ही लिए जाएंगे जो रिक्त है।
  • गेस्ट फैकेल्टी के कार्य की मॉनिटरिंग की जाएगी एवं  कार्य सही होने पर सत्यापन के आधार पर ही गेस्ट फैकेल्टी को भुगतान किया जाएगा।

पूछे गए प्रश्नों के उत्तर

विद्या संबल योजना शुरू करने के लिए राजस्थान सरकार का मुख्य उद्देश्य क्या है?

राजस्थान सरकार ने गार्ड फैकल्टी भर्ती के माध्यम से शिक्षक, प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर के सभी रिक्त पदों को भरने के लिए यह योजना शुरू की है।

विद्या संबल योजना के तहत वेतन क्या है?

गार्ड संकाय के लिए वेतन प्रति घंटा भुगतान किया जाएगा और यह उपरोक्त पोस्ट में अच्छी तरह से समझाया गया है।

क्या युवा संबल योजना और विद्या संबल योजना में कोई समानता है?

नहीं! ये दोनों योजनाएं एक-दूसरे से अलग हैं।

इस योजना में अतिथि दोष के लिए चयन मानदंड क्या है?

इस योजना के तहत, अतिथि संकाय का चयन आवेदक की शिक्षा योग्यता, अंकों और व्यक्तिगत साक्षात्कार में प्रदर्शन पर आधारित है।

कार्यालय निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर
क्रमांक :–शिविरा–माध्य/संस्था/ एफ-1ए / गेस्ट फेकलटी/12226/2021/79-83 दिनांक – 17/02/2022

समस्त मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी

विषय : “विद्या संबल योजना” लागू किये जाने सम्बन्धी बजट घोषणा संख्या 54.0.54 की क्रियान्विति के सम्बन्ध में।
प्रसंग : शासन का पत्रांक प.17 ( 23 ) शिक्षा – 2 / 2021 जयपुर दिनांक 30/06/2021 एवं प.17 (50) शिक्षा-2/2021 दिनांक 24/01/22

उपरोक्त विषयान्तर्गत माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा वर्ष 2021-22 में की गई बजट घोषणा संख्या 54.0.05 “राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों-विद्यालयों, आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में विषय विशेषज्ञ अनुभवी व्यक्तियों को गैस्ट फैकल्टी के रूप में लेने के लिए विद्या संबल योजना” लागू की जावेगी की क्रियान्विति हेतु वित्त (सामान्य वित्तीय एवं लेखा नियम) विभाग द्वारा जारी परिपत्र दिनांक 30/03/2021 के द्वारा दिशा-निर्देश जारी किये गये है।

विभाग में शिक्षण कार्यों में शिक्षकों / प्रशिक्षकों / प्रयोगशाला सहायकों के रिक्त पद होने के कारण नियमित अध्यापन कार्य में व्यवधान उत्पन्न होता है, अतः विद्यार्थी हित को ध्यान में रखते हुए संस्थानों / महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम राजकीय विद्यालयों में अध्यापन कार्य को सुचारू बनाने के लिए “विद्या संबल योजना लागू की जा रही है, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला मुख्यालय पर सम्बन्धित जिले के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को एतद् द्वारा नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाकर निम्नांकित सामान्य निर्देश जारी किए जाते है:

  1. गैस्ट फैकल्टी केवल स्वीकृत रिक्त पद के विरूद्ध ली जा सकेगी।
  2. सम्बन्धित सेवा नियमों में अंकित योग्यता आदि की पात्रता रखने वाले सेवानिवृत कार्मिक को गैस्ट फैकल्टी के रूप में लगाया जा सकेगा।
  3. गैस्ट फैकल्टी हेतु देय मानदेय की दरें:
    विद्यालय / प्रशिक्षण संस्थान
पद (अध्यापक / प्रशिक्षक) कक्षा प्रति घंटा मानदेय अधिकतम मासिक मानदेय
ग्रेड-III 1 से 8 300/ 21000/-
ग्रेड-II 9 से 10 350/ 25000/-
ग्रेड-I 11 से 12 400/ 30000/-
शारीरिक प्रशिक्षक अनुदेशक 300/ 21000/-
प्रयोगशाला सहायक 300/ 21000/-
  1. रिक्त पद भरे जाने पर उपरोक्त व्यवस्था स्वतः समाप्त समझी जावेगी।
  2. ब्लॉक जिला शिक्षा अधिकारी अधीनस्थ संस्थाओं / महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम राजकीय विद्यालयों में संवर्गवार एवं विद्यालयवार गैस्ट फैकल्टी की आवश्यकता का आकलन कर प्रस्ताव मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराएगें।
  3. मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी गैस्ट फैकल्टी हेतु रिक्त पदों पर संविदा नियुक्ति हेतु ब्लॉक जिला शिक्षा अधिकारियों से प्राप्त सूचना को समेकित कर संवर्ग वार रिक्त पदों के अनुरूप सेवा निवृत कार्मिकों को संविदा पर नितांत अस्थाई तौर पर सत्रांत तक अथवा पद भरने तक नियुक्ति हेतु सूचना जारी कर आवेदन आमंत्रित करेगें एवं प्राप्त आवेदन पत्रों को संवर्गवार समेकित कर व्याख्याता एवं समकक्ष पद पर नियुक्ति के पात्र कार्मिकों की संविदा नियुक्ति हेतु माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर को, वरिष्ठ अध्यापक एवं समकक्ष पदों पर संविदा नियुक्ति हेतु सम्बन्धित संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा को एवं तृतीय श्रेणी अध्यापक एवं समकक्ष पदों पर संविदा नियुक्ति हेतु प्राप्त आवेदनों को जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) माध्यमिक को नियुक्ति हेतु प्रेषित करेंगे।
  4. गैस्ट फैकल्टी के कार्य की समुचित मॉनिटरिंग मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सुनिश्चित की
    जावेगी।
  5. संस्था प्रधान द्वारा संतोषजनक कार्य सत्यापन के आधार पर भुगतान की कार्यवाही की जावेगी। गैस्ट फैकल्टी के रूप में रखे जाने वाले कार्मिकों को भुगतान सम्बन्धित विद्यालय में 01-संवेतन उपमद में उपलब्ध रिक्त पद के बजट प्रावधान से किया जावेगा।
  6. आरक्षण के संबंध में कार्मिक विभाग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों की पालना सुनिश्चित करावें
  7. एक ही पद हेतु एक से अधिक आवेदन पत्र प्राप्त होने पर संविदा नियुक्ति की वरियता आवेदक द्वारा प्रस्तुत गत 2 वर्षों के परीक्षा परीणाम एवं सेवा निवृत न्यूनतम आयु के प्रार्थी को प्राथमिकता दी जावेगी।

निदेशक, माध्यमिक शिक्षा.
राजस्थान बीकानेर

Download- Application Form for Guest Faculty in Vidya Sambal Yojana

 

सूचना प्रारूप

विद्या संबल योजनान्तर्गत गैस्ट फैकल्टी हेतु सेवा निवृत राजकीय कार्मिक के आवेदन के क्रम में

नितांत अस्थाई तौर पर सत्रांत तक अथवा पद भरने तक की अवधि के लिए संविदा नियुक्ति हेतु सेवा निवृत राजकीय कार्मिकों से आवेदन पत्र वांछित रिक्त पदों हेतु आमंत्रित किये जा रहे है:

  1. इच्छुक आवेदक रिक्त पदों अनुसार संविदा नियुक्ति हेतु पृथक-पृथक (पदवार / विद्यालयवार) आवेदन प्रस्तुत करेंगे।
  2. आवेदन हेतु सत्रांत समाप्ति की तिथि की गणना अनुसार 65 वर्ष से कम उम्र के सेवा निवृत कार्मिक ही पात्र होंगे।
  3. आवेदन हेतु संवर्गवार / विद्यालयवार जिले में रिक्त पदों का विवरण मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया जावेगा।
  4. महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में आवेदन हेतु महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के निर्धारित मापदण्ड की योग्यता वाले प्रार्थी ही आवेदन कर सकेंगें।
  5. आवेदन हेतु अन्तिम तिथि सूचना प्रकाशित होने के 05 दिवस तक रहेगी। 6. आवेदन सम्बन्धित विद्यालय में ही प्रस्तुत किया जावेगा।
  6. अन्तिम तिथि पश्चात आवेदन स्वीकार नहीं किया जावेगा। 8. आवेदक द्वारा जिस पद हेतु संविदा नियुक्ति हेतु आवेदन किया जा रहा है, उसके साथ निम्नांकित दस्तावेज संलग्न किये जाने है:
    (अ) निर्धारित आवेदन पत्र
    (ब) निर्धारित शपथ पत्र
    (स) सेवानिवृति के पूर्व के दो वर्षों के परीक्षा परीणाम की प्रमाणित प्रति
    (द) आवेदित पद हेतु निर्धारित योग्यता के प्रमाण पत्र

हस्ताक्षर
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी

विद्या संबल योजना राजस्थान 2022: ऑनलाइन आवेदन | मानदेय दरे व चयन प्रक्रिया

राजस्थान में शिक्षा के बढ़ते कदम : क्रमवार जानकारी RKSMBK STEP WISE WORK PLAN

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कार्यपुस्तिकाएं यहाँ क्लिक करके डाऊनलोड की जा सकती हैं 

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ब्रिज कार्यक्रम की साप्ताहिक योजना

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पंचायत स्तरीय प्रशिक्षण के बाद शिक्षकों के लिए फीडबैक form

RKSMBK – Panchayat Trainings – PEEO/UCEEO  Feedback Form

यह फॉर्म केवल PEEO-UCEEO/KRP द्वारा भरा जाना है।

यह फीडबैक फॉर्म केवल भविष्य में प्रशिक्षण को बेहतर बनाने के लिए एकत्र किया जाता है।  कृपया प्रशिक्षण के बारे में पूरी तरह से स्पष्ट प्रतिक्रिया साझा करें।


RKSMBK – Panchayat Trainings – Teacher Feedback Form
 
यह फॉर्म केवल शिक्षकों द्वारा भरा जाना है। फॉर्म पूरी तरह से गुमनाम है। शिक्षक के नाम, व्यक्तिगत संपर्क विवरण एकत्र नहीं किए जाते हैं।
यह फीडबैक फॉर्म केवल भविष्य में प्रशिक्षण को बेहतर बनाने के लिए एकत्र किया जाता है। कृपया प्रशिक्षण के बारे में पूरी तरह से स्पष्ट प्रतिक्रिया साझा करें।

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