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विद्यालयी ग्रांट की राशि और उसका सदुपयोग के साथ उपयोगिता प्रमाण पत्र  

क्र.सं.

ग्रांट का नाम  

ग्रांट राशि 

राशि का उपयोग और उपयोगिता प्रमाण पत्र 

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GARIMA PETIKA INFORMATION

GARIMA PETIKA INFORMATION | गरिमा पेटिका 

 

GARIMA PETIKA INFORMATION

विद्यालय में बालिका उत्पीडन एवं बाल यौनाचार की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु दिशा-निर्देश

विद्यालयों में अध्ययनरत सभी बालक / बालिकाओं को बिना किसी भेदभाव के सुरक्षित, संरक्षित एवं सर्वागीण विकासोन्मुख वातावरण में शिक्षा प्राप्त होना उनका अधिकार है परंतु लैंगिक असमानता एवं अवांछित छेड़-छाड़ की घटनाएं इसे चुनौतीपूर्ण रूप से बाधित करती रहती है। अतः इन परिस्थितियों में संस्था प्रधानों, अध्यापकों, विद्यार्थियों, विद्यालय के अन्य कार्मिकों तथा अभिभावकों में जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता समीचीन है। इस बाबत विद्यालयी पाठ्यक्रम निर्माण एवं शिक्षक प्रशिक्षण विषय वस्तु में लैंगिक संवेदनशीलता को भी प्रत्यक्ष / अप्रत्यक्ष रूप से पाठ्यक्रम में समावेशित किया गया है। इसी क्रम में आपको पुनः निर्देशित किया जाता है कि आप अपने अधीनस्थ समस्त विद्यालयों में इस प्रकार की घटनाऐं रोकने के लिए विभिन्न स्तरों पर अग्रांकित विवरणानुसार तत्काल कार्यवाही सम्पादित की जानी सुनिश्चित करें:

1. विद्यालय के समस्त कार्यरत कार्मिकों, शिक्षकों SDMC व SMC के सदस्यों को “लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012” की कतिपय धाराओं यथा धारा – 19 (1) एवं 21 में विहित प्रावधान, जो समस्त कार्मिकों को दायित्वबद्ध करते हैं कि बाल / यौन प्रताड़ना से संबंधित घटनाओं पर तत्काल प्रसंज्ञान लिया जाकर नियमानुसार कार्यवाही सम्पादित की जाए की अवगति प्रदान करवाते हुए प्रत्येक स्तर पर इसकी सख्ती से पालना हेतु सम्पादित किया जाए।

2. विद्यालयों में गुड टच वेड टच की जानकारी देने हेतु प्रश्नोत्तरी, कविता, लघु नाटक, पोस्टर व कहानी इत्यादि के माध्यम से क्षेत्रिय शालीन भाषा में कार्यक्रम आयोजित किए जाए साथ ही विद्यालय में होने वाली बाल सभाओं में भी इस विषय पर जानकारी दिया जाना सुनिश्चित करावें प्रत्येक दिन प्रार्थना सभा के दौरान छात्राओं से संवाद किया जाए।

3. विद्यालयों में होने वाली अध्यापक-अभिभावक बैठक में अध्यापकों द्वारा अभिभावकों को बच्चों की सूक्ष्म गतिविधियों एवं उनके मूड पर नजर रखने, पड़ोसियों एवं रिश्तेदारों से बाल उत्पीडन से सावधान रहने के संबंध में समझाया जावें।

4. विद्यालय में कक्षा-कक्षों में सद्भावनापूर्ण वातावरण बनाने हेतु विशेष प्रयास किए जाएं एवं किशोर बालिकाओं के मध्य स्वास्थ्य व स्वच्छता संबंधी जागरूकता उत्पन्न करने एवं उन्हें गुड टच- बेड टच तथा राज्य बाल संरक्षण आयोग, बाल कल्याण समिति, पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समितियों के बारे में विस्तृत रूप में जानकारी दी जावें।

5. प्रत्येक विद्यालय में संस्था प्रधान की अध्यक्षता में यौन उत्पीड़न कमेटी गठित की जाए, जिसमें दो महिला शिक्षिका अनिवार्य रूप से हो ।

6. यथासंभव विद्यालय परिसर में आवश्यकतानुसार चिन्हित स्थानों पर लिखित चेतावनी सहित सीसीटीवी कैमरे एवं एक गरिमा पेटिका भी लगवाई जाए।

7. गरिमा पेटिका के बारे में छात्राओं को पुरी जानकारी दी जाए कि उनकी किसी प्रकार की शिकायत है, तो वे इस पेटिका में शिकायत दर्ज करवाऐं।

8. संस्था प्रधान गरिमा पेटी को प्रत्येक 15 दिन के भीतर खोले एवं उसमें प्राप्त शिकायतों का रजिस्टर संधारित करे। यदि कोई शिकायत पाई जाती है जो कमेटी तत्काल निर्णय करें।

9. विद्यालय के सूचना पट्ट तथा सुदृश्य स्थानो पर Child help line से संबंधित दूरभाषः – 1098 का स्पष्ट अंकन किया जाए तथा इस बारे में समस्त विद्यार्थियों को जानकारी दी जाए।

10. विद्यालय में उतरदायी भूमिका में निबद्ध कार्मिकों द्वारा इस तरह के अपराध में संलिप्तता पाए जान पर संबंधित पक्ष / व्यक्ति के विरूद्ध कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाए। अतः समस्त संस्था प्रधानों, शिक्षकगणों एवं अन्य विद्यालयी स्टाफ से यह अपेक्षा की जाती है कि लैंगिक समानता के लिए संवेदनशीलता से कार्य करें एवं विद्यालयों में पूर्णतः भयमुक्त एवं विभेदमुक्त वातावरण में निर्माण में अपना भरसक योगदान प्रदान करें।

GARIMA PETIKA INFORMATION

  • प्रत्येक विद्यालय में गरिमा पेटिका का संधारण करना अनिवार्य होगा |
  • प्रत्येक 15 दिन बाद इसे खोलना अनिवार्य हैं |
  • प्राप्त सुझाव और शिकायत या समस्या का पंजिका में इन्द्राज करना हैं |
  • प्राप्त सुझाव और शिकायत या समस्या का समाधान समिति के द्वारा किया जाना हैं |
  • प्राप्त सुझाव और शिकायत या समस्या को गुप्त रखते हुए समाधान किया जाना चाहिए और समस्या का समाधान करने के बाद समस्त विद्यार्थियों को सूचित किया जाना हैं  कि ” इन दिनों में प्राप्त समस्याओं, सुझावों का अवलोकन करके निपटारा कर दिया हैं ” जिससे शिकायत कर्ता को पता लग सकें |
  • गरिमा पेटिका ऐसे स्थान पर रखी जानी चाहिए जहाँ से वो हर किसी के पहुंच में |
  • गरिमा पेटिका का महत्व प्रत्येक सोमवार को प्रार्थना सभा में जरूर बताये |

 

 

  • -स्कूल में गरिमा पेटी कब स्थापित की गई।
  • -शिकायतों के निस्तारण के लिए बनाई समिति में कौन-कौन सदस्य हैं और समिति का गठन कब किया गया।
  • -गरिमा पेटी को कब-कब खोला गया।
  • -गरिमा पेटी में कितनी शिकायतें प्राप्त हुई।
  • -गरिमा पेटी में आई कितनी शिकायतों का निस्तारण किया गया।
 

 

विद्यालय स्तर पर आने वाली शिकायतों व समस्याओं के निस्तारण के लिए समिति का गठन किया जाना हैं। इसमें –
  1. संस्था प्रधान (प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक),
  2. एक पुरुष शिक्षक,
  3. एक महिला शिक्षक,
  4. एक छात्र व
  5. एक छात्रा के साथ
  6. एक गैर शैक्षणिक कर्मचारी को शामिल करना हैं। इसमें इस बात को ध्यान रखना हैं कि समिति के सदस्य लैंगिक संवेदनशील व समानता के पक्षधर हों।
 
 

 

इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए विद्यालय में संभव होने पर सीसीटीवी कैमेरे लगाने के भी निर्देश हैं। इसके साथ ही चिह्नित स्थानों पर लिखित चेतावनी भी लगानी हैं। जिसका पालन स्कूलों की ओर से किया जाना हैं। इसके अलावा सूचना पट्ट पर चाइल्ड हैल्प लाइन के फोन नम्बर भी लिखे जाने हैं । इसकी जानकारी विद्यार्थियों को भी दी जानी हैं।
 

 

गरिमा पेटी और समिति के कार्यों को शाला दर्पण पर अपलोड करने के लिए सभी संस्था प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं। इस नवाचार से बालिकाओं को सुरक्षित व संरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का समान अधिकार मिल सकेगा।

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READING CAMPAIGN 100 DAYS FULL INFORMATION

READING CAMPAIGN 100 DAYS FULL INFORMATION

 

READING CAMPAIGN 100 DAYS FULL INFORMATION

 

100 दिवसीय रीडिंग कैंपेन 2022 के संचालन हेतु गाइडलाइन (100 days Reading Campaign: Guidelines and Activities in hindi)

देश में छात्रों के बीच तर्कशक्ति, कल्पनाशीलता और बेहतर तार्किक विकास के लिए भारत सरकार द्वारा एक विशेष अभियान “पढ़े भारत” शुरू किया गया है।
इस 100 दिन के अभियान (100 days reading campaign in hindi) के तहत बच्चों के लिए पढ़ाई को रोचक बनाने पर फोकस किया जा रहा है, ताकि किताबों के प्रति रुचि जीवन भर छात्रों में पैदा की जा सके।

इस अभियान को 100 दिनों तक ( 1 जनवरी 2022 से 10 अप्रैल 2022) तक चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत सिर्फ छात्रों को ही नहीं बल्कि अध्यापकों और अभिभावकों को भी शामिल किया जा रहा है।

इस अभियान के लिए मंत्रालय की ओर से एक साप्ताहिक कैलेंडर भी तैयार किया गया है, जिसमें कार्यक्रम के सभी दिशा-निर्देश और प्रोटोकॉल को मंजूरी दी गई है. छात्र इन गतिविधियों को अपने शिक्षकों, माता-पिता या साथियों के साथ मिलकर कर सकते हैं।

भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे हैं “पढें भारत” अभियान के तहत 100 दिन की कार्ययोजना का जो खाका पेश किया गया है उसके बारे में इस आर्टिकल से जानते हैं कि इन 100 दिनों में विद्यार्थियों से किस प्रकार की गतिविधियां करवाई जानी हैं।

100 Days Reading Campaign: Guidelines and Activities In Hindi

 

स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने 5 जुलाई 2021 ‘निपुण भारत मिशन’ बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया है। मिशन का उद्देश्य 3 से 9 वर्ष के आयु वर्ग के विद्यार्थियों की सीखने की जरूरतों को पूरा करना है।

विभिन्न अंतरराष्ट्रीय शोधों द्वारा भी यह सिद्ध हुआ है कि बुनियादी शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी के लिए भविष्य के सीखने का आधार है। समझ के साथ पढ़ने, लिखने और गणित की बुनियादी अवधारणाओं को समझने और सीखने में सक्षम होने के बुनियादी कौशल को प्रात नहीं करने से विद्यार्थी कक्षा 3 से आगे की कक्षाओं के पाठ्यक्रम की जटिलताओं के लिए तैयार नहीं हो पाते हैं।

प्रारंभिक शिक्षा के महत्व को स्वीकार करते हुए, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 इस बात पर जोर देती है कि प्राथमिक विद्यालयों में बुनियादी आधारभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान हासिल करना उच्चतम प्राथमिकता होनी चाहिए।

इसके अलावा, इसमें कहा गया है कि यदि यह सबसे बुनियादी शिक्षा (यानी बुनियादी स्तर पर पढ़ना, लिखना और अंकगणित) पहले हासिल नहीं की जाती है, तो इस नीति का बाकी हिस्सा हमारे विद्यार्थियों के एक बड़े हिस्से के लिए काफी हद तक अप्रासंगिक हो जाएगा।

नेशनल अचीवमेंट सर्वे (NAS) सहित भारत में लर्निंग प्रोफाइल के विभिन्न अध्ययनों ने बताया है कि अभी भी कई विद्यार्थी कक्षा स्तर के अनुच्छेद / टेक्स्ट को पढ़ने में सक्षम नहीं है। लेकिन पाठ्यक्रम और संबंधित पाठ्य पुस्तकें इस उम्मीद के साथ तैयार की गई है, कि विद्यार्थियों ने उस कक्षा स्तरीय कौशल हासिल कर लिया है और वे आगे की कक्षा में बढ़ सकते है।

इसी संदर्भ में विद्यालय शिक्षा और साक्षरता विभाग एक राष्ट्रव्यापी “रीडिंग कैंपेन” पठन अभियान शुरू कर रहा है ताकि प्रत्येक विद्यार्थी पढ़ना सीखे और उसके बाद सीखने के लिए पढ़ सकें।

पढ़ना सीखने का आधार है, जो विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रेरित करता है। रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच, शब्दावली विकास और मौखिक और लिखित भाषा में व्यक्त करने की क्षमता विकसित करता है।

यह विद्यार्थियों को उनके परिवेश और वास्तविक जीवन की स्थिति से जोड़ने में मदद करता है। इस प्रकार एक सक्षम वातावरण बनाने की आवश्यकता है जिसमें विद्यार्थी आनंद के लिए पढ़ें और अपने कौशल को एक ऐसी प्रक्रिया के माध्यम से विकसित करें जो आनंददायक और स्थाई हो और जो जीवन भर उनके साथ रहे।

विभिन्न शोध अध्ययनों में सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने में पढ़ने के योगदान के महत्व को पुष्ट किया है। यह भाषा और लेखन कौशल पर नियंत्रण विकसित करने की दिशा में एक कदम है। बोलने के विपरीत, पढ़ना एक ऐसा कौशल है जो इंसानों को स्वाभाविक रूप से नहीं आता है और इसे सीखने की आवश्यकता होती है।
पठन कौशल; पाठ और पाठक के बीच एक अंत: क्रिया है, जिसमें न केवल शब्दों के अर्थ को समझना शामिल है, बल्कि पाठ के पीछे के बहुस्तरीय अर्थ को समझना भी शामिल है। इसके लिए निरंतर अभ्यास, विकास और शोध की आवश्यकता होती है।

प्रारंभिक चरण में पढ़ने में वर्णमाला ज्ञान, नामों और ध्वनियों की पहचान करना, ध्वनि जागरूकता (जिस में बोली जाने वाली भाषा को पहचानने, समझने या विश्लेषण करने में सक्षम होना) पत्र लिखना, शब्दावली विकास, याद रखने और समझने के लिए बोली जाने वाली भाषा की सामग्री शामिल है।

साथ ही इसमें पठन कौशल अवधारणाएं (उदाहरण के लिए बाएं से दाएं पढ़ना, आगे पीछे पढ़ना), प्रिंट जागरूकता जिसमें देखकर चित्रों / प्रतीकों से मेल या भेद करने की क्षमता शामिल है।

भाषा सीखना- एक रोजमर्रा की प्रक्रिया

विद्यार्थी अपने दैनिक जीवन में भाषा को समझे बिना उससे जुड़ते हैं। वे किसी न किसी रूप में भाषा का उपयोग करते हैं और भाषा के बारे में अपने ज्ञान का भी उपयोग करते हैं।

वे अपने से बड़ों, छोटो और शिक्षक को संबोधित करना जानते हैं। वे किसी की बात को सुन रहे हैं या रेडियो सुन रहे हो या टेलीविजन देख रहे हैं- ये वे स्रोत हैं जिनसे वे अपनी भाषा सीखते हैं और संप्रेषण के लिए इसका उपयोग करते हैं।

विद्यार्थियों में विद्यालय आने से पहले ही पढ़ने-लिखने की समझ विकसित हो जाती है। विद्यार्थियों के इस पूर्व ज्ञान को उनके साक्षरता कौशल के विकास का आधार माना जा सकता है।
हमारे घरों, घर की नंबर प्लेट, घर की दीवारों और आंगन पर बने मांडणे, पंचांग /कैलेंडर, गैस चूल्हे पर लिखा कंपनी का नाम, बर्तनों पर खुदा किसी का नाम, बांहों पर गुदा नाम या टैटू, अखबार का पन्ना, खरीदारी की सूची, टूथपेस्ट बॉक्स, कोई पोस्टर, राशन कार्ड, आधार कार्ड आदि प्रमुख सहित और मुद्रित सामग्री उपलब्ध है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि उचित या मुद्रित सामग्री का उपयोग पढ़ना सीखने सिखाने में उपयोग बहुत मदद कर सकता है, इसके सही और अधिक उपयोग किए जाने चाहिए।

(i) विद्यार्थी अपने चारों ओर लिखित सामग्री पढ़ना शुरू करते हैं, जैसे बिस्कुट और टॉफी के रैपर, सड़क के किनारे लगे पोस्टर / विज्ञापन, दीवार पर लिखे नारे, विज्ञापन, समाचार पत्र, घर और विद्यालय में उपलब्ध कहानी की पुस्तकें, पत्र / पोस्ट कार्ड इत्यादि।

जैसे ही विद्यार्थी कलम, पेंसिल, चाक को पकड़ना शुरू करते हैं, वे लिखना शुरु कर देते हैं और उनमें कुछ अर्थ या संदेश जोड़ने की कोशिश करते हैं – यह भी लेखन की शुरुआत का एक हिस्सा है। वास्तव में पढ़ने और लिखने की अनुभूति भी दिन प्रतिदिन के सार्थक और व्यवहारिक संदर्भ में मौखिक भाषा के विकास की तरह विकसित होती हैं। पढ़ने वाले विद्यार्थी अक्सर बेहतर शिक्षार्थी बन जाते हैं, जिससे विद्यालय और जीवन के अन्य क्षेत्रों में सफलता मिलती है।

(ii) पढ़ने का एकमात्र लक्ष्य ‘समझना’ होना चाहिए। यह जरूरी है कि मुद्रित पाठ में जो संदेश दिया गया है उसे समझा जाए और उसका आनंद लिया जाए।

(iii) पढ़ना विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से पुस्तकें पढ़ने, रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, शब्दावली विकसित करने और मौखिक और लिखित दोनों में व्यक्त करने की क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित करता है।

(iv) लेखन भी विचारों को समझने और दूसरों के साथ साझा करने की एक प्रक्रिया है। इसमें ना केवल शब्दों को एक साथ जोड़ने की प्रक्रिया शामिल है, बल्कि यह ज्ञान, सूचना और विचारों को एक सुसंगत तरीके से साझा करने की एक व्यवस्थित प्रक्रिया है। लेखन विद्यार्थियों को अपने विचारों का पता लगाने, आकार देने और स्पष्ट करने और उन्हें दूसरों तक पहुंचाने में सक्षम बनाता है। प्रभावी लेखन रणनीतियों का उपयोग करके, विद्यार्थी विचारों को खोजते और परिष्कृत करते हैं और बढ़ते आत्मविश्वास और कौशल के साथ रचना और संशोधन करते हैं।

(v) विद्यार्थियों की लिखित भाषा की समझ ज्यादातर उनके प्रभावी उपयोग और मौखिक भाषा की समझ पर निर्भर करती है। लेखन के लिए अपना औपचारिक निर्देशात्मक प्रशिक्षण शुरू करने से पहले ही विद्यार्थी अपने आसपास के साक्षरता वातावरण के साथ बातचीत करना शुरू कर देते हैं और प्रतीकों और उनके अर्थों के बीच संबंध बनाना शुरू कर देते हैं।

विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत का विकास कैसे करें?

  • विभिन्न प्रकार के सरल और रुचिकर कहानी की पुस्तकों, कॉमिक्स और चुटकुलों की पुस्तकों की उपलब्धता और पहुंच बच्चों तक हो, जिन्हें आकर्षक चित्रों और विशेष रूप से बच्चों की कक्षाओं में चित्रित किया गया है।
  • विद्यार्थियों को नियमित आधार पर निर्धारित समय और कक्षा में पढ़ने के लिए एक अनुकूल माहौल और स्थान प्रदान करने की आवश्यकता है।
  • विद्यार्थियों के साथ पठन गतिविधियों जैसे मुखर वाचन, साझा पठन, उनके द्वारा पढ़ी गई पुस्तकों पर चर्चा, भूमिका निभाना, शब्द खेल आदि, पुस्तकों के साथ उनकी भागीदारी बढ़ाने और पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए बहुत आवश्यक है।

गतिविधि के माध्यम से पढ़ने को मनोरंजक कैसे बनाया जाए: राजस्थान का एक केस स्टडी

बच्चों में आजीवन पढ़ने की आदत डालने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम पठन को मनोरंजक और रुचिकर बनाएं। इसलिए, गतिविधि आधारित दृष्टिकोण पढ़ने के अनुभव को रोमांचक और आनंददायक बनाने में सबसे प्रभावी है।

इसका एक वास्तविक उदाहरण राजस्थान राज्य में देखने को मिलता है, जहां दौसा जिले के सिकराय प्रखंड स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में एक शिक्षक (मधु चौहान) पदस्थापित थी। जब वे विद्यालय में पदस्थापित हुई, तो उन्होंने पाया कि विद्यालय में नामांकन 32 छात्रों का था, लेकिन मुश्किल से 7-8 छात्र स्कूल आ रहे थे।

उसने कारणों का पता लगाने की कोशिश की तो पता लगा कि छात्रों के माता-पिता सुबह जल्दी काम पर चले जाते हैं और बच्चे जानवरों को चराने के लिए जाते हैं और पूरे दिन कंचे (स्थानीय भाषा में कांच ) खेलते हैं। वह समझ गई थी कि उसे माता-पिता का ज्यादा सहयोग नहीं मिलेगा, इसलिए उसने खुद पहल करने का फैसला किया। अगले दिन से वह स्कूल के खेल के मैदान में कंचों से खेलने लगी।

चूँकि शिक्षिका कंचे खेलना नहीं जानती थी, उसने विधार्थियो से उसे सिखाने के लिए कहा। यह बात जल्द ही गाँव में फैल गई कि शिक्षिका भी स्कूल में कंचों से खेल रही है, इसलिए जो बच्चे स्कूल नहीं आ रहे थे, वे भी स्कूल आए और खेल में भाग लिया और शिक्षिका को भी खेल खेलना सिखाया। यह सिलसिला कुछ दिनों तक चलता रहा जब तक कि सभी छात्र स्कूल नहीं आने लगे।

फिर, शिक्षिका ने संख्या अवधारणा परिचय दिया और कंचों पर 0 से 9 संख्याएँ लिखीं और छात्रों को बड़ी संख्या पर हिट करने के लिए कहा और उन्हें खेल के माध्यम से एक अंक वाली संख्या में जोड़ना और घटाना सिखाया। कुछ समय बाद उन्होंने कंचों पर हिन्दी के अक्षर लिखे और विधार्थियो से उन्हें इस तरह से मारने के लिए कहा जिससे शब्द बनते हैं।

इस प्रयास ने न केवल स्कूल में विधार्थियो की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की बल्कि उन्हें भाषा और अंकगणित की अवधारणा से भी आनंदपूर्वक परिचित कराया।

बालवाटिका से आठवीं कक्षा तक के बच्चे इस अभियान का हिस्सा होंगे। उन्हें आगे तीन समूहों में वर्गवार वर्गीकृत किया जाएगा:

  • समूह I: बालवाटिका से कक्षा II
  • समूह II: कक्षा III से कक्षा V
  • समूह III: कक्षा VI से कक्षा VIII

पठन अभियान 1 जनवरी 2022 से 10 अप्रैल 2022 तक 100 दिनों (14 सप्ताह) के लिए आयोजित किया जाएगा।

reading campaign 6

 

पठन अभियान का उद्देश्य बच्चों, शिक्षकों, माता-पिता, समुदाय, शैक्षिक प्रशासको आदि सहित राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर सभी हितधारको सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।

100 दिनों का अभियान 14 सप्ताह तक जारी रहेगा और प्रति समूह प्रति सप्ताह एक गतिविधि को पढ़ने को मनोरंजक बनाने और पढ़ने की खुशी के साथ आजीवन जुड़ाव बनाने पर ध्यान देने के साथ डिजाइन किया गया है।

इस अभियान द्वारा प्राप्त किए जाने वाले विकासात्मक लक्ष्य/ सीखने के परिणाम भी गतिविधि कैलेंडर में दिए गए हैं। गतिविधियों का साप्ताहिक कैलेंडर कक्षा बार तैयार किया गया है, जिसे बच्चों को शिक्षकों, माता पिता, साथियों, भाई बहनों या परिवार के अन्य सदस्यों की सहायता से करना चाहिए।

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रति सप्ताह केवल एक गतिविधि होगी ताकि बच्चे दिए गए सप्ताह में गतिविधि को दोहरा सकें और अन्ततः इसे साथियों और भाई बहनों के साथ स्वतंत्र रूप से समझने और संचालित करने में सक्षम हो सकें। डिजाइन की गई गतिविधियों को सरल और मनोरंजक रखा गया है और घर पर उपलब्ध सामग्री/ संसाधनों के साथ आसानी से संचालित किया जा सकता है।

प्रत्येक ब्लॉक/ क्लस्टर /स्कूल स्तर पर निम्नलिखित गतिविधियां प्रस्तावित है।

  • इस अभियान में भागीदारी बढ़ाने हेतु माता पिता, विद्यार्थियों के लिए गहन जागरूकता अभियान चलाना, समुदाय के सदस्यों और स्थानीय निकायों को सक्रिय होना चाहिए। राज्य / जिला / ब्लाक / क्लस्टर / स्कूल / मोहल्ला स्तर पर कहानी सुनाने के सत्र लोकप्रिय कहानी के द्वारा शुरू किए जाएं।
  • लोकप्रिय लोग /हस्तियां, सरपंच अधिकारी गण, माता-पिता, दादा-दादी द्वारा कहानी सत्र आयोजित किया जाए।
  • स्थानीय लोक कथाओं, गीतों, तुकबंदी कविताओं आदि को बढ़ावा और प्रोत्साहन दिया जाए।
  • स्थानीय कलाकारों को ऐसी गतिविधियों और आयोजनों में शामिल किया जाए।
  • विद्यार्थियों को पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने के लिए कक्षा उपयुक्त अतिरिक्त पठन सामग्री, पुस्तकालय पुस्तकें विद्यार्थियों को बिना किसी संकोच के दी जाए।
  • पंचायत / क्लस्टर / ब्लॉक स्तर पर पठन मेलों का आयोजन करें और इसमें शामिल हो।
  • स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी), स्वयंसेवकों को पठन गतिविधियों का संचालन करने के लिए प्रोत्साहित करें।
  • सुनिश्चित करें कि इन 100 दिनों में गतिविधि कैलेंडर का पालन किया जाता है।
  • अच्छी गुणवत्ता वाले फोटो, वीडियो और प्रशंसा पत्र गूगल ट्रैकर में अपलोड करें।
  • सीएसओ, एफएम चैनल, स्थानीय रेडियो/ टीवी चैनलों के साथ साझेदारी कर रीडिंग कैंपेन की शुरुआत, गतिविधियों, समुदाय की भागीदारी, विद्यार्थियों के उत्साह आदि का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करें।
  • समाचार पत्र ( स्थानीय और क्षेत्रीय) में प्रति सप्ताह खबरें प्रकाशित कराएं, प्रकाशित खबरें ट्रैकर में अपलोड करें।

 

 
 
● राज्य द्वारा विद्यालय स्तर पर उपलब्ध करायी गई पुस्तकालय हेतु पुस्तकें, सहज पुस्तिकाएं, पाठ्य पुस्तकें, प्रिंटरिच सामग्री, स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध कहानियों आदि।
 
● दीक्षा पोर्टल, प्रेरणा पोर्टल व एससीईआरटी के वेबसाइट्स आदि पर उपलब्ध विभिन्न संसाधन 
 
● एनसीईआरटी नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी), स्टोरी बीवर (https://storyweaver.org.in), प्रथम बुक्स (https://prathambooks.org). रूम टू रीड क्लाउड (https://literacycloud.org) आदि पर उपलब्ध संसाधन.

 

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NPS COMPLETE INFORMATION HINDI

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NPS सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में / NPS COMPLETE INFORMATION HINDI

अगर आप एनपीएस में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो आपको NPS के बारें में पूरी जानकारी होनी चाहिए|

तो देर किस बात की| आईये जानते हैं एनपीएस के बारे में गहराई से|

एनपीएस क्या है? What is NPS? (in Hindi)

एनपीएस का मतलब है नेशनल पेंशन स्कीम (National Pension Scheme).

एनपीएस एक पेंशन योजना है|

जैसा की किसी भी पेंशन योजना में होता है, आप इस योजना में अपने रिटायरमेंट के लिए निवेश करते हैं| आपके निवेश और उस पर मिलने वाले रिटर्न से आपका एनपीएस खाता धीरे-धीरे बड़ा होता जाता है|

रिटायर होने के बाद आपको पेंशन मिलती है| रिटायर होने से मेरा मतलब 60 वर्ष की आयु का होना या फिर आपके एम्प्लायर की superannuation (रिटायरमेंट आयु) हासिल करना|

रिटायर होने पर या 60 वर्ष की आयु के होने पर आप अपना खाता बंद कर सकते हैं| खाता बंद करते समय आप कुछ पैसा एक मुश्त निकाल सकते हैं| बचे हुए पैसे से आपको एक वार्षिकी उत्पाद (annuity plan) खरीदना होगा|

ध्यान दें आपको कम-से-कम 40% जमा राशि से एक वार्षिकी (annuity plan) खरीदना होगा|

एक उदहारण की सहायता से समझते हैं|

मान लिए 60 वर्ष की आयु तक आपने अपने एनपीएस खाते में 10 लाख रुपये जमा कर लिए हैं|

इन 10 लाख रुपये में से आपको 4 लाख रुपये का तो एक एन्युटी प्लान (वार्षिकी) खरीदना होगा ही| बचे हुए 6 लाख रुपये को आप एक मुश्त निकाल सकते हैं|

ध्यान दें चाहें तो पूरी राशि का एन्युटी प्लान खरीद सकते हैं|

पढ़ें: एनपीएस के बारें में कुछ ग़लतफ़हमियाँ

पोस्ट की शुरुआत में जाएँ

Annuity प्लान (वार्षिकी) क्या होती है?

एक वार्षिकी के तहत आप एक बीमा कंपनी को एक मुश्त पैसा देते हैं और इसके बदले आपको पूरी ज़िन्दगी पेंशन मिलती रहती है|

मान लिए आपके पास 10 लाख रुपये हैं| और उस समय एन्युटी का इंटरेस्ट रेट 6% चल रहा है|

तो बीमा कंपनी आपसे 10 लाख रुपये लेकर आपको आजीवन हर वर्ष 60,000 (10 लाख X 6%) रुपये देगी| अगर आप मासिक आय का विकल्प चुनते हैं, तो आपको हर महीने 5,000 रूपये मिलेंगे|

अब चाहें आप 100 वर्ष की आयु तक जियें या 150 वर्ष के आयु तक, आपको हर महीने 5,000 रुपये मिलते रहेंगे|

एक बात और, वार्षिकी या एन्युटी प्लान कई स्वरुप में आते हैं| जैसे की आप चाहें तो आपके बाद आपके पति या पत्नी को भी पेंशन जारी रह सकती है| आप अपनी ज़रुरत के अनुसार विकल्प चुन सकते हैं|

एनपीएस में चार सेक्टर होते हैं

देखिले एनपीएस खाता खोलने के कई तरीके हैं| आप किस तरीके से खाता खोलते हैं, उस बात से तय होता है, की आप कैसे एनपीएस के तहत आते हैं|

  1. Central Government (केन्द्रीय सरकार): केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए
  2. State Government (राज्य सरकार): राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए
  3. Corporate Sector: निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए
  4. All Citizens Model: अगर आप खुद अपने लिए NPS account खोलते हैं

ध्यान दें एनपीएस खाता पूरी तरह पोर्टेबल है| इसका मतलब, बशर्ते आपने खाता केंद्रीय सरकार एनपीएस के तहत खोला हो, आप नौकरी छोड़ने या बदलने पर अपना एनपीएस दूसरे सेक्टर में बदल सकते हैं|

सच बतायूं तो ऐसा कोई अंतर नहीं है, इन सेक्टरों में| बस अगर आपको अपने एम्प्लायर से भी योगदान चाहिए, तो आपको उनके अनुसार अपना एनपीएस अकाउंट खोलना होगा या शिफ्ट करना होगा|

साथ ही सरकारी एनपीएस खातों में निवेश के नियम थोड़े अलग होते हैं|

आप कितने एनपीएस अकाउंट खोल सकते हैं? PRAN (प्रान) क्या है? नौकरी बदलने पर PRAN को कैसे शिफ्ट करें?

आप केवल एक ही एनपीएस खाता खोल सकते हैं|

PRAN का मतलब Permanent Retirement Account Number.

जब आप कोई एनपीएस अकाउंट खोलते हैं, तो आपको एक PRAN मिलता है|

एक व्यक्ति के पास केवल एक ही PRAN हो सकता है| इसका मतलब आप दूसरा PRAN नहीं खोल सकते|

आपका PRAN पूरी तरह पोर्टेबल है|

अगर आप आपको अपने एनपीएस अकाउंट शिफ्ट (shift) करना है, तो आपको नया अकाउंट खोलने की ज़रुरत नहीं है| आप पुराने एनपीएस अकाउंट (PRAN) को ही शिफ्ट कर सकते हैं| ऐसा करने की ज़रुरत आपको नौकरी बदलते समय पड़ सकती है|

इस विषय के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप इस पोस्ट को पढ़ सकते हैं|

पढ़ें: नौकरी बदलते समय अपने एनपीएस अकाउंट (PRAN) को कैसे शिफ्ट करें?

अगर आपने गलती से दो एनपीएस अकाउंट खोल दिए हैं, तो आप एक अकाउंट को बंद करना पड़ेगा| ऐसा करने के लिए प्रक्रिया को जान्ने के लिए इस पोस्ट को पढ़ें|

पढ़ें: अगर आपके पास दो एनपीएस अकाउंट हैं, तो क्या करें?

 

एनपीएस अकाउंट कैसे खोलें?

एनपीएस खाता खोलने की कई तरीके हैं|

आप अपने एम्प्लायर (ससरकारी या निजी क्षेत्र) की सहायता से अपना खाता खोल सकते हैं|

आप अपने नज़दीकी बैंक शाखा में जा कर अपना एनपीएस खाता खोल सकते हैं| साथ की बहुत से ब्रोकर की वेबसाइट से आप एनपीएस खाता ऑनलाइन खोल सकते हैं|

इसके अलावा आप अपने आधार कार्ड की सहायता से भी आप अपना NPS अकाउंट खोल सकते हैं| ऐसा करने की प्रक्रिया को मैंने विस्तार से एक दूसरी पोस्ट में बताया है|

पढ़ें: एनपीएस अकाउंट कैसे खोलें आधार कार्ड की सहायता से?

 

एनपीएस खाता में ऑनलाइन निवेश कर सकते हैं क्या?

जी हाँ, आप चाहें तो एनपीएस में ऑनलाइन भी निवेश कर सकते हैं|

इस बारे में मैंने इस पोस्ट में चर्चा करी है|

पढ़ें: 

एनपीएस में दो तरह के अकाउंट होते हैं

एनपीएस टियर 1 और एनपीएस टियर 2

इनमें से केवल एनपीएस टियर 1 ही रिटायरमेंट पेंशन अकाउंट है|

टियर 2 अकाउंट एक म्यूच्यूअल फण्ड की तरह है| आप जब चाहें उससे पैसे निकाल सकते हैं|

किसी भी तरह के गलती से बचने के लिए इन दोनों अकाउंट के बीच के अंतर को जाने|

मैंने एनपीएस टियर 1 और टियर 2 अकाउंट के बारे में विस्तार से इस पोस्ट में चर्चा करी है|

पढ़ें: 

एनपीएस में रिटर्न कितना मिलता है?

एनपीएस में कोई रिटर्न की गारंटी नहीं है| और न ही सरकार हर वर्ष रिटर्न की घोषणा करती है|

निवेश करते समय आप यह बता सकते हैं की आपका पैसा कैसे निवेश करना है| एनपीएस खाता खोलने का बाद आप चाहें तो यह निवेश का पैटर्न बदल भी सकते हैं|

अब आपके पास निवेश के कई विकल्प हैं:

  1. आप इक्विटी फण्ड (E) में पैसा लगा सकते हैं
  2. आप सरकारी बोंड्स (G) में पैसा लगा सकते हैं
  3. आप कॉर्पोरेट बांड्स (C) में पैसा लगा सकते हैं

साथ ही आपको फण्ड मेनेजर का चुनाव भी करना पड़ता है|

आपके पास निवेश के दो तरीकें है|

  1. आप अपने आप अपने निवेशों का चयन कर सकते हैं| इसका मतलब कितना पैसा (E), (G) या (C) में डालना है| इस Active Choice कहते हैं| बस कुछ सीमाएं हैं| कॉर्पोरेट सेक्टर एनपीएस और आल सिटीजन्स मॉडल एनपीएस ग्राहकों के लिए इक्विटी फण्ड (E) में निवेश करने की सीमा अधिकतम 50% प्रतिशत है| सरकारी एनपीएस में यह सीमा 15% है|
  2. कॉर्पोरेट सेक्टर एनपीएस और आल सिटीजन्स मॉडल एनपीएस ग्राहकों के पास Auto चॉइस का विकल्प भी है| इसमें नीचे दिए गए चार्ट के अनुसार आपकी आयु के अनुसार आपके एनपीएस पोर्टफोलियो बदलता रहता है| शुरुआत में इक्विटी मिएँ ज्यादा निवेश होता है| धीरे-धीरे आयु के साथ इक्विटी (E) में निवेश कम होता जाता है| इसे Auto Choice या LifeCycle Fund कहते हैं| ध्यान दें यह विकल्प सरकारी कर्मचारियों को उपलब्ध नहीं है|

एनपीएस के बारे में पूरी जानकारी complete information about nps in hindi

सौजन्य: 

एनपीएस में निवेश करने पर क्या टैक्स बेनिफिट मिलता है? (Tax Benefit for Investment in NPS)

अब एनपीएस में आकर्षित होने की एक वजह निवेश पर मिलने वाले टैक्स लाभ भी हैं|

आप इस Youtube विडियो पर NPS के टैक्स बेनिफिट के बारे में पूरी जानकारी पा सकते हैं|

एनपीएस पर मिलने वाले टैक्स बेनेफिट्स पर मैंने विस्तार से इस पोस्ट में चर्चा करी है|

पढ़ें: 

एनपीएस से पैसा निकालने पर कितना टैक्स देना होता है?

एनपीएस के टैक्स नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं|

एनपीएस से बाहर निकलते समय आप कुछ पैसा एक-मुश्त निकाल सकते हैं| बचे हुए पैसे से आपको एन्युटी प्लान खरीदना होता है|

आप जो पैसा एक-मुश्त निकालते हैं, उस पर आपको कोई भी टैक्स नहीं देना है| ध्यान दें आप केवल जमा राशि का 60% पैसा ही एक-मुश्त निकाल सकते हैं|

जिस राशि से आप एन्युटी प्लान खरीदते हैं, उस पर भी आपको कोई टैक्स नहीं देना होता| परन्तु उस एन्युटी प्लान से जो राशि भविष्य में मिलती है, उस पर आपको अपने टैक्स ब्रैकेट के अनुसार टैक्स देना होगा|

इस विषय पर मैंने विस्तार से इस पोस्ट में चर्चा करी है|

पढ़ें: 

क्या 60 वर्ष की आयु से पहले आप एनपीएस से पैसा निकाल सकते हैं?

जी हाँ, कुछ विशिष्ठ परिस्थितियों में एनपीएस से कुछ पैसा निकालने की अनुमति है|

आप गंभीर बीमारियों की इलाज़ के लिए, बच्चों की उच्च शिक्षा या विवाह के लिए या घर खरीदने या बनाने के लिए अपने एनपीएस खाते से कुछ पैसे निकाल सकते हैं|

ऐसा ही नहीं, आप 60 वर्ष के आयु से पहले भी अपने एनपीएस खाता बंद कर सकते हैं| पर नियम थोड़े से पेचीदा  हैं|

मैंने सारी जानकारी विस्तार से इस पोस्ट में चर्चा करी है|

पढ़ें: 

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READING CAMPAIGN 100 DAYS / 100 दिवसीय रीडिंग कैम्पेन : आज की गतिविधियाँ

READING CAMPAIGN 100 DAYS

बालवाटिका से आठवी कक्षा तक पढने वाले बच्चों के लिए 100 दिवसीय रीडिंग कैम्पेन

100 दिवसीय रीडिंग कैम्पेन / READING CAMPAIGN 100 DAYS

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बालवाटिका से आठवी कक्षा तक पढने वाले बच्चों के लिए 100 दिवसीय रीडिंग कैम्पेन

बालवाटिका से कक्षा 8 तक के स्तर के विद्यार्थियों को पठन गतिविधियों में तन्मयता एवं मनोरंजनात्मक तरीकों से समन्वित करने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने 100 दिनों की एक कार्य-योजना निर्धारित की है, जिसका क्रियान्वयन प्रत्येक विद्यालय में किया जा रहा है | हमने यहाँ पर निम्नलिखित जानकारी रीडिंग केम्पेन की गाइडलाइन व RTR / APF के  एक्सपर्ट के साझा प्रयास से आपके लिए शुरू की हैं |
यहाँ पर हम भारत सरकार द्वारा चलाये जा रहे निपूर्ण भारत के तहत  100 दिवसीय पठन अभियान  रीडिंग केम्पेन की  दैनिक गतिविधियों के बारे जानने का प्रयास किया जाएगा-
 

रीडिंग केम्पेन : ग्यारहवे सप्ताह की गतिविधियाँ

14  मार्च मार्च की गतिविधि (W : 11 DAY : 1)

100 Days of Reading: Week 11

जादूगरी जैसे करतब   

  •  
  • इस गतिविधि के अंतर्गत विद्यार्थियों से रोचक और आकर्षक के साथ कोतुहल पूर्ण रचनाओं का निर्माण करवाया |
  • यहाँ हमने ऐसे रोचक कार्य करने वाले बालको विशेष जादूगर जैसे पोशाक पहनने का अवसर भी दिया |
  • इस प्रकार से विद्यार्थियों द्वारा निर्मित इन रचनाओं को लिखने और अन्य विद्यार्थियों को पढने का अवसर दिया गया | 
  •  जब सभी विद्यार्थी इन रचनाओं को पढ़ लेते हैं तो उन्हें बारी बारी से पूछा गया कि वो इन रचनाओ का किन अच्छे कार्यो में उपयोग करना चाहेगे और किस प्रकार इनका सदुपयोग होगा |

 

एक पुस्तक के आवरण पर कार्य 

  • इस गतिविधि के अंतर्गत विद्यार्थियो को समूह में बांटकर अलग पुस्तके पढने को दी जिनके कवर पहले ढके हुए थे |
  • अब जब विद्यार्थी अपनी अपनी पुस्तक की कहानी पढ़ चुके होते हैं तब उन्हें निर्देश दिया जाता हैं | 
  • कि आपको अपनी पढ़ी हुई पुस्तक का आवरण कवर पेज तैयार करना हैं इसके लिए उन्हें वांछित सामग्री उपलब्ध करवा दी गयी |
  • समूह के विद्यार्थियों  द्वारा अपनी पढ़ी हुई कहानी पुस्तको के रोचक आवरण तैयार करके सभी के सामने प्रस्तुत किये जाते हैं  और उन्हें कक्षा कक्ष में उपयुक्त स्थान पर टेग किया जाता हैं |

 

कहानी को मजेदार मोड़ देना 

  • आज हमने विद्यार्थियों को 2 समूह में बांटा  और उन्हें दिलचस्प सस्पेंस वाली  कहानी को आधा सुनाया |
  • इस प्रकार आधी सुनाई गयी कहानी को पूर्ण  करने का अवसर दोनों ग्रुपों के साथ अन्य विद्यार्थियों को दिया | 
  • विद्यार्थियों को बताया गया कि कहानी इस प्रकार पूर्ण करनी हैं कि वो ज्यादा मजेदार और ट्विस्ट युक्त रहे | 
  • इस प्रकार अलग अलग समूह में विद्यार्थियों ने अपनी अधूरी कहानी को पूर्ण किया और यह गतिविधि बड़ी ही रोचक रही |  

 


 

रीडिंग केम्पेन : दसवें सप्ताह की गतिविधियाँ

07  मार्च फरवरी की गतिविधि (W : 10 DAY : 1)

100 Days of Reading: Week 10

चलो कुछ बनायें    

    •  आज इस समूह में हमने बिना आग के हम फ्रूट चाट बनायेंगे | इसमें हमने अभिभावकों और अन्य शिक्षको का सहयोग लिया|Cooking Without Fire Recipes in Hindi (बिना आगके बनने वाली 15 रेसिपीज इन हिंदी

 

  • फ्रूट चाट की रेसिपी को विद्यार्थियों की सहायता से नोट किया |
  • इसी प्रकार से विद्यार्थियों को घर पर ऐसी ही कोई बिना आग वाली रेसिपी बनाने की बात कही | और उक्त रेसिपी को नोट करने और सभी विद्यार्थियों द्वारा  तैयार नोट की पुस्तक बनाने का कहा|
  • तो इस प्रकार हमारी आज की गतिविधि फ्रूट चाट बनाने की पूर्ण हुई | 

 

मेरी कहानी मेरी जुबानी

  • इस गतिविधि के अंतर्गत विद्यार्थी पेड़ पौधे, या अन्य फसली पादप की जीवन यात्रा को समझेंगे |
  • अपने आपको कोई एक पेड़ या पोधा मानते हुए इसकी पूर्ण जीवन यात्रा शुरू से अंत तक लिखेंगे |
  • इस प्रकार लिखी गयी 3 से 5 जीवन यात्राओं को फिर अनुवर्ती रूप से अन्य  विद्यार्थियों को सुनाया गया |
  • दानी नानी की कहानी : अब समूह में विद्यार्थियों को अपनी दादी या नानी के द्वारा कही गयी कहानी लिखने को कहा |
  • फिर शेष विद्यार्थियों को विद्यार्थियों द्वारा लिखी गयी कहानी सुनाने को कहा |

 

स्थानीय वनस्पति की खोज

  •  आज इस गतिविधि में हमने विभिन्न प्रकार की  स्थानीय वनस्पति या सब्जियों में से 5  स्थानीय वनस्पति और सब्जियां चुनी |
  • इस प्रकार चुनी हुई वनस्पति और सब्जियां के बारे में विस्तृत जानकारी एकत्र करने को कहां और उसे अपनी नोटबुक के एक पृष्ट पर लिखने को कहां |
  • इस प्रकार प्राप्त नोट्स की विद्यार्थियों ने एक कोलाज या पुस्तिका बनाई जिसे विज्ञान के शिक्षक को दिखाया और इस प्रकार बने कोलाज को अन्य विद्यार्थियों के साथ साझा की |
  • इस प्रकार के कोलाज में संबधित वनस्पति और सब्जियां से जुडी अन्याय जानकारी भी हम जोडकर इसे पूर्ण कर सकते हैं

 


08  मार्च फरवरी की गतिविधि (W : 10 DAY : 2)

100 Days of Reading: Week 10

चलो कुछ बनायें    

    •  आज इस समूह में हमने बिना आग के हम बनाना मिल्क शेक बनायेंगे | इसमें हमने अभिभावकों और अन्य शिक्षको का सहयोग लिया|बनाना मिल्क शेक रेसिपी - how to make banana milkshake
  • बनाना मिल्क शेक की रेसिपी को विद्यार्थियों की सहायता से नोट किया |
  • इसी प्रकार से विद्यार्थियों को घर पर ऐसी ही कोई बिना आग वाली रेसिपी बनाने की बात कही | और उक्त रेसिपी को नोट करने और सभी विद्यार्थियों द्वारा  तैयार नोट की पुस्तक बनाने का कहा|
  • तो इस प्रकार हमारी आज की गतिविधि फ्रूट चाट बनाने की पूर्ण हुई | 
  • रेसिपी :

    सामग्री : 

    • 2 मध्यम आकार के पके केले
    • 2 गिलास ठंडा दूध
    • 1 चम्मच शक्कर या शहद (वैकल्पिक)
    • बारीक कटे 4 बादाम
    • 2 बूंद वनीला एक्सट्रेक्ट

    बनाने की विधि :

    • केले को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
    • मिक्सी के जार में कटे केले, दूध, शक्कर और वनीला एक्सट्रेक्ट डालें।
    • जब तक सारे टुकड़े दूध में मिक्स न हो जाएं तब तक ग्राइंड करें।
    • फिर शेक को गिलास में डालें और ऊपर से बारीक कटे बादाम को डालकर सर्व करें।

 

मेरी कहानी मेरी जुबानी

  • इस गतिविधि के अंतर्गत विद्यार्थी गेंहूँ के पोधें की जीवन यात्रा को समझेंगे |
  • गेंहूँ के पोधें  की पूर्ण जीवन यात्रा शुरू से अंत तक लिखेंगे | 
  • इस प्रकार अन्य  पोधें  पर  लिखी गयी 3 से 5 जीवन यात्राओं को फिर अनुवर्ती रूप से अन्य  विद्यार्थियों को सुनाया गया |
  • दानी नानी की कहानी : अब समूह में विद्यार्थियों को अपनी दादी या नानी के द्वारा कही गयी कहानी लिखने को कहा |
  • फिर शेष विद्यार्थियों को विद्यार्थियों द्वारा लिखी गयी कहानी सुनाने को कहा |

 

स्थानीय वनस्पति की खोज

  •  आज इस गतिविधि में हमने विभिन्न प्रकार की  स्थानीय वनस्पति या सब्जियों में से  रोहिड़ा का वृक्ष को चुनी |
  • इस प्रकार चुनी हुई वनस्पति और सब्जियां रोहिड़ा का वृक्ष के बारे में विस्तृत जानकारी एकत्र करने को कहां और उसे अपनी नोटबुक के एक पृष्ट पर लिखने को कहां |
  • इस प्रकार प्राप्त नोट्स की विद्यार्थियों ने एक कोलाज या पुस्तिका बनाई जिसे विज्ञान के शिक्षक को दिखाया और इस प्रकार बने कोलाज को अन्य विद्यार्थियों के साथ साझा की |
  • इस प्रकार के कोलाज में संबधित वनस्पति और सब्जियां से जुडी अन्याय जानकारी भी हम जोडकर इसे पूर्ण कर सकते हैं

 


09 मार्च फरवरी की गतिविधि (W : 10 DAY : 3)

100 Days of Reading: Week 10

चलो कुछ बनायें    

    •  आज इस समूह में हमने बिना आग के हम मिक्स वेज सलाद बनायेंगे | इसमें हमने अभिभावकों और अन्य शिक्षको का सहयोग लिया|
  • बनाना मिल्क शेक की रेसिपी को विद्यार्थियों की सहायता से नोट किया |भारतीय 5 मिक्स वेज सलाद रेसिपी - Healthy Salad Recipes in Hindi
  • इसी प्रकार से विद्यार्थियों को घर पर ऐसी ही कोई बिना आग वाली रेसिपी बनाने की बात कही | और उक्त रेसिपी को नोट करने और सभी विद्यार्थियों द्वारा  तैयार नोट की पुस्तक बनाने का कहा|
  • तो इस प्रकार हमारी आज की गतिविधि फ्रूट चाट बनाने की पूर्ण हुई | 
  • रेसिपी :

    सामग्री :

    • 2 गाजर बारीक कटी हुईं
    • 1 कटोरी बारीक कटी पत्ता गोभी
    • 1 पतली और लंबाई में कटी शिमला मिर्च
    • 2 टमाटर
    • 1 चम्मच शहद
    • 1 चम्मच सिरका
    • 2 चम्मच दही
    • ¼ चम्मच काली मिर्च पाउडर
    • नमक स्वादानुसार

     बनाने की विधि :

    • मिक्सी में कटे टमाटर, काली मिर्च, नमक, शहद, दही और सिरका डालकर पीस लें।
    • इसके बाद गाजर, शिमला मिर्च और पत्तागोभी को एक साथ मिलाकर फ्रिज में ठंडा करें।
    • जब सब्जी ठंडी हो जाएं, तो उसमें टमाटर का जो पेस्ट बनाया है उसे मिलाएं।
    • फिर इस सलाद को अकेले या खाने के साथ सर्व करें।

 

मेरी कहानी मेरी जुबानी

  • इस गतिविधि के अंतर्गत विद्यार्थी गंगा नदी की जीवन यात्रा को समझेंगे |
  • गंगा नदी की पूर्ण जीवन यात्रा शुरू से अंत तक लिखेंगे | 
  • इस प्रकार अन्य नदियों की  लिखी गयी 3 से 5 जीवन यात्राओं को फिर अनुवर्ती रूप से अन्य  विद्यार्थियों को सुनाया गया |
  • दानी नानी की कहानी : अब समूह में विद्यार्थियों को अपनी दादी या नानी के द्वारा कही गयी कहानी लिखने को कहा |
  • फिर शेष विद्यार्थियों को विद्यार्थियों द्वारा लिखी गयी कहानी सुनाने को कहा |

 

स्थानीय वनस्पति की खोज

  •  आज इस गतिविधि में हमने विभिन्न प्रकार की  स्थानीय वनस्पति या सब्जियों में से कैर सांगरी और कुमटी को चुनी |
  • इस प्रकार चुनी हुई वनस्पति और सब्जियां कैर सांगरी और कुमटी के बारे में विस्तृत जानकारी एकत्र करने को कहां और उसे अपनी नोटबुक के एक पृष्ट पर लिखने को कहां |
  • इस प्रकार प्राप्त नोट्स की विद्यार्थियों ने एक कोलाज या पुस्तिका बनाई जिसे विज्ञान के शिक्षक को दिखाया और इस प्रकार बने कोलाज को अन्य विद्यार्थियों के साथ साझा की |
  • इस प्रकार के कोलाज में संबधित वनस्पति और सब्जियां से जुडी अन्याय जानकारी भी हम जोडकर इसे पूर्ण कर सकते हैं

 


10 मार्च फरवरी की गतिविधि (W : 10 DAY : 04)

100 Days of Reading: Week 10

चलो कुछ बनायें    

    •  आज इस समूह में हमने बिना आग के हम मुंबईया भेल बनायेंगे | इसमें हमने अभिभावकों और अन्य शिक्षको का सहयोग लिया|
  • मुंबईया भेल की रेसिपी को विद्यार्थियों की सहायता से नोट किया |Mumbai Bhel Puri – Bhavna's Kitchen & Living
  • इसी प्रकार से विद्यार्थियों को घर पर ऐसी ही कोई बिना आग वाली रेसिपी बनाने की बात कही | और उक्त रेसिपी को नोट करने और सभी विद्यार्थियों द्वारा  तैयार नोट की पुस्तक बनाने का कहा|
  • तो इस प्रकार हमारी आज की गतिविधि मुंबईया भेल बनाने की पूर्ण हुई | 

रेसिपी 

      सामग्री :

  • 2 कप मुरमुरे
  • 5 पापड़ी
  • 2 बारीक कटी हरी मिर्च
  • ½ कप मूंगफली के दाने
  • ½ कप बारीक वाले बेसन सेव
  • ½ कप बारीक कटा टमाटर
  • ½ कप बारीक कटा प्याज
  • चाट मसाला (स्वादानुसार)
  • ½ चम्मच हरा धनिया
  • 1 छोटा चम्मच हरी चटनी
  • 1 छोटा चम्मच मीठी चटनी
  • ½ चम्मच नींबू

 बनाने की विधि :

  • एक बड़े कटोरे या भिगोने में सभी सामग्रियों को भिगोने में डालकर मिक्स कर लें।
  • स्वादिष्ट खट्टी मीठी भेल तैयार है, इसे प्लेट में धनिया पत्ती के साथ सर्व करें।

 

मेरी कहानी मेरी जुबानी

  • इस गतिविधि के अंतर्गत विद्यार्थी बाजरा फसल भूमिका समझकर बाजरा की जीवन यात्रा को समझेंगे |
  • बाजरा फसल की पूर्ण जीवन यात्रा शुरू से अंत तक लिखेंगे | 
  • इस प्रकार अन्य फसलो की  लिखी गयी 3 से 5 जीवन यात्राओं को फिर अनुवर्ती रूप से अन्य  विद्यार्थियों को सुनाया गया |
  • दानी नानी की कहानी : अब समूह में विद्यार्थियों को अपनी दादी या नानी के द्वारा कही गयी कहानी लिखने को कहा |
  • फिर शेष विद्यार्थियों को विद्यार्थियों द्वारा लिखी गयी कहानी सुनाने को कहा |

 

स्थानीय वनस्पति की खोज

  •  आज इस गतिविधि में हमने विभिन्न प्रकार की  स्थानीय वनस्पति या सब्जियों में से खेजड़ी को चुनी |
  • इस प्रकार चुनी हुई वनस्पति  खेजड़ी के बारे में विस्तृत जानकारी एकत्र करने को कहां और उसे अपनी नोटबुक के एक पृष्ट पर लिखने को कहां |
  • इस प्रकार प्राप्त नोट्स की विद्यार्थियों ने एक कोलाज या पुस्तिका बनाई जिसे विज्ञान के शिक्षक को दिखाया और इस प्रकार बने कोलाज को अन्य विद्यार्थियों के साथ साझा की |
  • इस प्रकार के कोलाज में संबधित वनस्पति और सब्जियां से जुडी अन्याय जानकारी भी हम जोडकर इसे पूर्ण कर सकते हैं

11 मार्च फरवरी की गतिविधि (W : 10 DAY : 05)

100 Days of Reading: Week 10

चलो कुछ बनायें    

    •  आज इस समूह में हमने बिना आग के हम तरबूज का जूस बनायेंगे | इसमें हमने अभिभावकों और अन्य शिक्षको का सहयोग लिया|
  • तरबूज का जूस की रेसिपी को विद्यार्थियों की सहायता से नोट किया |तरबूज के जूस के फायदे एवं नुकसान - Watermelon Juice Benefits & Side-Effects  in Hindi
  • इसी प्रकार से विद्यार्थियों को घर पर ऐसी ही कोई बिना आग वाली रेसिपी बनाने की बात कही | और उक्त रेसिपी को नोट करने और सभी विद्यार्थियों द्वारा  तैयार नोट की पुस्तक बनाने का कहा|
  • तो इस प्रकार हमारी आज की गतिविधि तरबूज का जूस बनाने की पूर्ण हुई | 

रेसिपी 

      सामग्री :

  • 1 बड़ा कटोरा कटा तरबूज
  • 1 चम्मच नींबू का रस
  • काला नमक स्वादानुसार
  • आधा चम्मच भुना और पिसा हुआ जीरा पाउडर
  • बर्फ के टुकड़े

बनाने की विधि :

  • तरबूजे के टुकड़े जूसर में डालकर इनका रस निकाल लें।
  • इसे गिलास में डाल लें और नींबू का रस, काला नमक व जीरा मिलाएं।
  • बर्फ के टुकड़े डालकर सर्व करें।

 

मेरी कहानी मेरी जुबानी

  • इस गतिविधि के अंतर्गत विद्यार्थी पीपल के वृक्ष भूमिका समझकर बाजरा की जीवन यात्रा को समझेंगे |
  • पीपल के वृक्ष  की पूर्ण जीवन यात्रा शुरू से अंत तक लिखेंगे | 
  • इस प्रकार अन्य वृक्षों की  लिखी गयी 3 से 5 जीवन यात्राओं को फिर अनुवर्ती रूप से अन्य  विद्यार्थियों को सुनाया गया |
  • दानी नानी की कहानी : अब समूह में विद्यार्थियों को अपनी दादी या नानी के द्वारा कही गयी कहानी लिखने को कहा |
  • फिर शेष विद्यार्थियों को विद्यार्थियों द्वारा लिखी गयी कहानी सुनाने को कहा |

 

स्थानीय वनस्पति की खोज

  •  आज इस गतिविधि में हमने विभिन्न प्रकार की  स्थानीय वनस्पति या सब्जियों में से खेजड़ी को चुनी |
  • इस प्रकार चुनी हुई वनस्पति  खेजड़ी के बारे में विस्तृत जानकारी एकत्र करने को कहां और उसे अपनी नोटबुक के एक पृष्ट पर लिखने को कहां |
  • इस प्रकार प्राप्त नोट्स की विद्यार्थियों ने एक कोलाज या पुस्तिका बनाई जिसे विज्ञान के शिक्षक को दिखाया और इस प्रकार बने कोलाज को अन्य विद्यार्थियों के साथ साझा की |
  • इस प्रकार के कोलाज में संबधित वनस्पति और सब्जियां से जुडी अन्याय जानकारी भी हम जोडकर इसे पूर्ण कर सकते हैं

12 मार्च फरवरी की गतिविधि (W : 10 DAY : 06)

100 Days of Reading: Week 10

चलो कुछ बनायें    

    •  आज इस समूह में हमने बिना आग के हम  मेंगो मिल्क  जूस बनायेंगे | इसमें हमने अभिभावकों और अन्य शिक्षको का सहयोग लिया|
  • मेंगो मिल्क  जूस की रेसिपी को विद्यार्थियों की सहायता से नोट किया |Mango Milk Shake | Easy to prepare | Simple steps
  • इसी प्रकार से विद्यार्थियों को घर पर ऐसी ही कोई बिना आग वाली रेसिपी बनाने की बात कही | और उक्त रेसिपी को नोट करने और सभी विद्यार्थियों द्वारा  तैयार नोट की पुस्तक बनाने का कहा|
  • तो इस प्रकार हमारी आज की गतिविधि मेंगो मिल्क  जूस बनाने की पूर्ण हुई | 

रेसिपी 

      सामग्री :

  • मध्यम आकार का 1 पका आम
  • 2 गिलास ठंडा दूध
  • स्वादानुसार शक्कर
  • बर्फ के टुकड़े (वैकल्पिक)
  • 1 चम्मच टूटी फ्रूटी
  • 1 चम्मच मिक्स ड्राई फ्रूट (काजू, बादाम, किशमिश)

बनाने की विधि :

  • आम को धोकर और छिलका उतारकर टुकड़े कर लें।
  • फिर मिक्सी जार में पका आम, दूध, बर्फ के टुकड़े और शक्कर डालें।
  • आम के पूरी तरह दूध में मिक्स होने तक मिक्सी चालू रखें।
  • अब इस शेक को एक बड़े गिलास में डालें।
  • ऊपर से टूटी फ्रुटी और ड्राई फ्रुट डालकर सर्व करें।

 

मेरी कहानी मेरी जुबानी

  • इस गतिविधि के अंतर्गत विद्यार्थी वट वृक्ष भूमिका समझकर बाजरा की जीवन यात्रा को समझेंगे |
  • वट वृक्ष  की पूर्ण जीवन यात्रा शुरू से अंत तक लिखेंगे | 
  • इस प्रकार अन्य वृक्षों की  लिखी गयी 3 से 5 जीवन यात्राओं को फिर अनुवर्ती रूप से अन्य  विद्यार्थियों को सुनाया गया |
  • दानी नानी की कहानी : अब समूह में विद्यार्थियों को अपनी दादी या नानी के द्वारा कही गयी कहानी लिखने को कहा |
  • फिर शेष विद्यार्थियों को विद्यार्थियों द्वारा लिखी गयी कहानी सुनाने को कहा |

 

स्थानीय वनस्पति की खोज

  •  आज इस गतिविधि में हमने विभिन्न प्रकार की  स्थानीय वनस्पति या सब्जियों में से रोहिड़ा का वृक्ष  को चुनी |
  • इस प्रकार चुनी हुई वनस्पति  रोहिड़ा के बारे में विस्तृत जानकारी एकत्र करने को कहां और उसे अपनी नोटबुक के एक पृष्ट पर लिखने को कहां |
  • इस प्रकार प्राप्त नोट्स की विद्यार्थियों ने एक कोलाज या पुस्तिका बनाई जिसे विज्ञान के शिक्षक को दिखाया और इस प्रकार बने कोलाज को अन्य विद्यार्थियों के साथ साझा की |
  • इस प्रकार के कोलाज में संबधित वनस्पति और सब्जियां से जुडी अन्याय जानकारी भी हम जोडकर इसे पूर्ण कर सकते हैं

 

रीडिंग केम्पेन : नवें सप्ताह की गतिविधियाँ

28  फरवरी की गतिविधि (W : 9 DAY : 1)

100 Days of Reading: Week 9

मासिक थीम के अंतर्गत आज की थीम  :- जल सरंक्षण   

  •  आज इस थीम के अंतर्गत हमने जल के सरक्षण पर बात की | जल सरक्षण का महत्व समझाया |
  • हमने बारी बारी से बच्चों से जल को सरक्षित करने के तरीको पर बात की |
  • विद्यार्थियों से  इस टोपिक  पर बात की कि जल का बचाव क्यों आवश्यक हैं ?
  • हम बच्चे किस प्रकार अपने विद्यालय और घर पर जल को सरक्षित कर सकते हैं |  जल से संबधित कविताओं का पठन किया |

 

कविता पढना

  •  आज हमने इस ग्रुप प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी पसंद की कविता पढने का अवसर दिया |
  • कुछेक बच्चो ने पुस्तकालय की किताबो और अपनी पाठ्य पुस्तको में से कविताएं सुनाई|
  • अब सुनाई या पढ़ी गयी कविताओं जैसे मिलती जुलती कविताओं का निर्माण विद्यार्थियों से करवाया |
  • हम विद्यार्थियों को अलग अलग ग्रुपों में बांटकर भी कविता का निर्माण करवा सकते है |

 

एक भारत श्रेष्ट भारत के लिए पठन

  •  हमने आज विद्यार्थियों को अपने राज्य राजस्थान को शोध के लिए चुना और विद्यार्थियों को इस पर रिसर्च करने और इसकी जानकारी झूटाने को कहा |
  • इसके लिए विद्यार्थी इंटरनेट, पाठ्य पुस्तके, और पुस्तकालय की किताबो का सहारा ले सकते हैं |
  • अब विद्यार्थियों को जोड़े में रहते हुए अपने दिए गये राज्य का कोलाज बनवाया |
  • इस कोलाज का विद्यालय में प्रदर्शन किया और समस्त समूहों को जानकारी को देखने समझने और इस पर अपनी बात रखने का अवसर दिया |

 


02 मार्च की गतिविधि (W : 9 DAY : 2)

100 Days of Reading: Week 9 

मासिक थीम के अंतर्गत आज की थीम  :- स्वच्छ भारत मिशन    

  •  आज इस थीम के अंतर्गत हमने स्वच्छ भारत मिशन  पर बात की | स्वच्छ भारत मिशन का महत्व समझाया | क्या है स्वच्छ भारत मिशन और कब व कैसे हुई इसकी शुरुआत |
  • हम विद्यार्थी स्वच्छ भारत मिशन में अपना योगदान कैसे दे सकते हैं?, इस पर प्रत्येक विद्यार्थी की बात को जानने का अवसर दिया |
  • स्वच्छ भारत मिशन का उपयोग हम हमारे विद्यालय में कैसे कर सकते हैं | हमने हमारे विद्यालय में साफ सफाई और सज्जा पर चर्चा की | 
  • एक गाँव को कैसे स्हवच्मछ बनाया जा सकता हैं इस पर प्रत्येक विद्यार्थी के व्यूज का जाना |

 

कविता पढना

  •  आज हमने इस ग्रुप प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी पसंद की कविता पढने का अवसर दिया |
  • कुछेक बच्चो ने पुस्तकालय की किताबो और अपनी पाठ्य पुस्तको में से कविताएं सुनाई|
  • अब सुनाई या पढ़ी गयी कविताओं जैसे मिलती जुलती कविताओं का निर्माण विद्यार्थियों से करवाया |
  • हम विद्यार्थियों को अलग अलग ग्रुपों में बांटकर भी कविता का निर्माण करवा सकते है |

 

एक भारत श्रेष्ट भारत के लिए पठन

  •  हमने आज विद्यार्थियों को अपने राज्य पंजाब को शोध के लिए चुना और विद्यार्थियों को इस पर रिसर्च करने और इसकी जानकारी झूटाने को कहा |
  • इसके लिए विद्यार्थी इंटरनेट, पाठ्य पुस्तके, और पुस्तकालय की किताबो का सहारा ले सकते हैं |
  • अब विद्यार्थियों को जोड़े में रहते हुए अपने दिए गये राज्य का कोलाज बनवाया |कोलाज बनवाने के लिए हमने राज्य की जानकारी और कुछ कागज की वर्कशीट भी दी|
  • इस कोलाज का विद्यालय में प्रदर्शन किया और समस्त समूहों को जानकारी को देखने समझने और इस पर अपनी बात रखने का अवसर दिया |

03 मार्च की गतिविधि (W : 9 DAY : 3)

100 Days of Reading: Week 9 

मासिक थीम के अंतर्गत आज की थीम  :- भारतीय संविधान और मौलिक कर्तव्य 

  •  आज इस थीम के अंतर्गत हमने भारतीय संविधान और मौलिक कर्तव्य पर बात की | भारतीय संविधान और मौलिक कर्तव्य का महत्व समझा | क्या है भारतीय संविधान और मौलिक कर्तव्य और कब व कैसे हुई इसकी शुरुआत |
  • हम विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में मौलिक कर्तव्य   का कितना महत्वपूर्ण स्थान हैं, इस पर प्रत्येक विद्यार्थी की बात को जानने का अवसर दिया |
  • किसी भी राष्ट्र के लिए संविधान क्यों आवश्यक हैं, सविधान की मूलभूत अवधारणा क्या हैं, कैसे संविधान बना इन सभी बातो को जाना | 
  • एक व्यक्ति के कौन कौन से  मौलिक कर्तव्य हैं, एक विद्यार्थी के कौनसे कर्तव्य हैं इन सभी पहलुओ पर चर्चा की और बच्चो से उनके विचार जाने|

 

कविता पढना

  •  आज हमने इस ग्रुप के शेष विद्यार्थियों से अपनी पसंद की कविता पढने का अवसर दिया |
  • कुछेक बच्चो ने पुस्तकालय की किताबो और अपनी पाठ्य पुस्तको में से कविताएं सुनाई|
  • अब सुनाई या पढ़ी गयी कविताओं जैसे मिलती जुलती कविताओं का निर्माण विद्यार्थियों से करवाया | जिसके कई सारे उदाहरण हैं |
  • हम विद्यार्थियों को अलग अलग ग्रुपों में बांटकर भी कविता का निर्माण करवा सकते है |

 

एक भारत श्रेष्ट भारत के लिए पठन

  •  हमने आज विद्यार्थियों को अपने राज्य गुजरात को शोध के लिए चुना और विद्यार्थियों को इस पर रिसर्च करने और इसकी जानकारी झूटाने को कहा |
  • इसके लिए विद्यार्थी इंटरनेट, पाठ्य पुस्तके, और पुस्तकालय की किताबो का सहारा ले सकते हैं |
  • अब विद्यार्थियों को जोड़े में रहते हुए अपने दिए गये राज्य का कोलाज बनवाया |कोलाज बनवाने के लिए हमने राज्य की जानकारी और कुछ कागज की वर्कशीट भी दी|
  • इस कोलाज का विद्यालय में प्रदर्शन किया और समस्त समूहों को जानकारी को देखने समझने और इस पर अपनी बात रखने का अवसर दिया |

04 मार्च की गतिविधि (W : 9 DAY : 4)

100 Days of Reading: Week 9 

मासिक थीम के अंतर्गत आज की थीम  :- भारतीय संविधान और मौलिक कर्तव्य 

  •  आज इस थीम के अंतर्गत हमने हमारे भारतीय शहीद विषय पर बात की | हमारे भारतीय शहीद कौन कौन थे इनके बारे में जाना | 
  • हमारे क्रांतिकारी कैसे शहीद हुए और उनके शहीद होने के क्या कारण थे | हमारे देश की आजादी में शहीदों का क्या योगदान रहा हैं ?
  • विद्यार्थियों को हमारे शहीदों की पुस्तको को पढने का अवसर दिया |
  • विद्यार्थियों से विभिन्न शहीद हीरो के बारे में जानकारी का कोलाज बनावाया | प्रति विद्यार्थी से जानकारी साझा की | 
  • विद्यार्थियों को अपने घर पर भी विभिन्न शहीद हुए व्यक्तियों के बारे में चर्चा करने को बताया और जो बात आपको अच्छी लगे उसे अगले दिन कक्षा कक्ष में सभी के सामने साझा करने को कहा जा सकता हैं | अमर शहीद भगत सिंह की पुस्तक पढने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए’|  Download PDF (4 MB)

 

कविता पढना

  •  आज हमने इस ग्रुप के विद्यार्थियों से अपनी पसंद की कविता पढने का अवसर दिया |
  • कुछेक बच्चो ने पुस्तकालय की किताबो और अपनी पाठ्य पुस्तको में से कविताएं सुनाई|
  • अब सुनाई या पढ़ी गयी कविताओं जैसे मिलती जुलती कविताओं का निर्माण विद्यार्थियों से करवाया | जिसके कई सारे उदाहरण हैं |
  • हम विद्यार्थियों को अलग अलग ग्रुपों में बांटकर भी कविता का निर्माण करवा सकते है |

 

एक भारत श्रेष्ट भारत के लिए पठन

  •  हमने आज विद्यार्थियों को अपने राज्य मध्य प्रदेश  को शोध के लिए चुना और विद्यार्थियों को इस पर रिसर्च करने और इसकी जानकारी झूटाने को कहा |
  • इसके लिए विद्यार्थी इंटरनेट, पाठ्य पुस्तके, और पुस्तकालय की किताबो का सहारा ले सकते हैं |
  • अब विद्यार्थियों को जोड़े में रहते हुए अपने दिए गये राज्य का कोलाज बनवाया |कोलाज बनवाने के लिए हमने राज्य की जानकारी और कुछ कागज की वर्कशीट भी दी|
  • इस कोलाज का विद्यालय में प्रदर्शन किया और समस्त समूहों को जानकारी को देखने समझने और इस पर अपनी बात रखने का अवसर दिया |

05 मार्च की गतिविधि (W : 9 DAY : 5)

100 Days of Reading: Week 9 

मासिक थीम के अंतर्गत आज की थीम  :- खेल और दुनियाभर के प्रसिद्ध खिलाड़ी

  •  आज इस थीम के अंतर्गत हमने खेल और दुनियाभर के प्रसिद्ध खिलाड़ी विषय पर बात की |
  • हमने प्रत्येक खेल से सम्बंधित प्रसिद्ध खिलाड़ी के बारे इंटरनेट और पुस्तकालय से सामग्री एकत्र कर विद्यार्थियों की बांटी |
  • विद्यार्थियों को 5-5 के समूह में बाटकर एक एक खिलाड़ी की खाश बाते शेयर करने को कहा तब तक अन्य खिलाडियों ने इनकी बातें सुनी|
  • विद्यार्थियों को हमारे खिलाड़ियों की पुस्तको को पढने का अवसर दिया |
  • विद्यार्थियों से विभिन्न खिलाड़ियों के बारे में जानकारी का कोलाज बनावाया | प्रति विद्यार्थी से जानकारी साझा की | 
  • विद्यार्थियों को अपने घर पर भी विभिन्न खिलाड़ियों के बारे में चर्चा करने को बताया और जो बात आपको अच्छी लगे उसे अगले दिन कक्षा कक्ष में सभी के सामने साझा करने को कहा जा सकता हैं | 

 

कविता पढना

  •  आज हमने इस ग्रुप के विद्यार्थियों से अपनी पसंद की कविता पढने का अवसर दिया |
  • कुछेक बच्चो ने पुस्तकालय की किताबो और अपनी पाठ्य पुस्तको में से कविताएं सुनाई|
  • अब सुनाई या पढ़ी गयी कविताओं जैसे मिलती जुलती कविताओं का निर्माण विद्यार्थियों से करवाया | जिसके कई सारे उदाहरण हैं |
  • हम विद्यार्थियों को अलग अलग ग्रुपों में बांटकर भी कविता का निर्माण करवा सकते है |

 

एक भारत श्रेष्ट भारत के लिए पठन

  •  हमने आज विद्यार्थियों को अपने राज्य उतराखंड  को शोध के लिए चुना और विद्यार्थियों को इस पर रिसर्च करने और इसकी जानकारी झूटाने को कहा |
  • इसके लिए विद्यार्थी इंटरनेट, पाठ्य पुस्तके, और पुस्तकालय की किताबो का सहारा ले सकते हैं |
  • अब विद्यार्थियों को जोड़े में रहते हुए अपने दिए गये राज्य का कोलाज बनवाया |कोलाज बनवाने के लिए हमने राज्य की जानकारी और कुछ कागज की वर्कशीट भी दी|
  • इस कोलाज का विद्यालय में प्रदर्शन किया और समस्त समूहों को जानकारी को देखने समझने और इस पर अपनी बात रखने का अवसर दिया |

23  फरवरी की गतिविधि

100 Days of Reading: Week 8 (Stories, Props and Plays)

अपनी भाषा में कहानी पढना व हमारे नेता हमारी प्रेरणा

हमारे नेता हमारी प्रेरणा 

  • विद्यार्थियों को आज हम इंदिरा गाँधी  जीवनी  सुनाने व पढने  का प्रयास किया गया हैं  इंदिरा गाँधी  जीवनी  ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 
  • इंदिरा गाँधी   के चरित्र गुणों के बारे में चर्चा करते हैं और प्राप्त जानकारी  जानकारी संकलित करते हैं | 
  • इंदिरा गाँधी  के जीवन से हमे क्या प्रेरणा मिलती हैं हम इंदिरा गाँधी जी से क्या सीख सकते हैं, इन बिन्दुओ पर विस्तार से समूह में चर्चा कर सकते हैं |
  • इस प्रकार चारित्रिक गुणों से हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता हैं |
  • विशेष गतिविधि ऐसी ही चारित्रिक गुणों वाली कहानी विद्यार्थियों को सुझा सकते हैं और घर पर परिवार जनों को सुनाने को कहा जा सकता हैं और इसका उपयुक्त वीडियो या ऑडियो शेयर किया जा सकता हैं | रोचक व्यक्तित्व ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 

 

अपनी भाषा में कहानी पढ़ना

  •  हम इस टोपिक के तहत अपने पुस्कालय में पड़ी लोकल भाषा राजस्थानी साहित्य की पुस्तक पढने को देंगे  |
  • पुस्तक उपलब्ध न होने की स्थिति में MOTIVATIONSTORIES.IN से राजस्थानी साहित्य पढने को कहेंगे और उसका लिंक बच्चो तक शेयर करेंगे  |
  • यहाँ हम  पन्नालाल कटारिया : झूमको बातां री कहांणी  पढने का लिंक भी दे सकते हैं पन्नालाल कटारिया : झूमको बातां री कहांणी
  • यहाँ हम इस वात संग्रह की समीक्षा विद्यार्थियों से लिखवाई |
  • अन्य राजस्थानी साहित्य इस लिंक पर उपलब्ध हैं  राजस्थानी भाषा साहित्य    

  • छात्रों को समूहों में काम करने के लिए कार्य दिया गया है|
  • उन्हें पढ़ने के लिए एक छोटा नाटक प्रदान किया जाता है|
  • इसके बाद, उन्हें एक दूसरे के साथ सहयोग करने और पूरी कहानी को लागू करने के लिए कहा जाता है।
  • प्रदर्शन कला के साथ पठन का यह एकीकरण शिक्षार्थी को एक अतिरिक्त बढ़ावा देता है और पढ़ने के लिए और अधिक मजेदार आयाम जोड़ता है|

 

24  फरवरी की गतिविधि

100 Days of Reading: Week 8 (Stories, Props and Plays)

अपनी भाषा में कहानी पढना व हमारे नेता हमारी प्रेरणा  

हमारे नेता हमारी प्रेरणा 

  • विद्यार्थियों को आज हम इंदिरा गाँधी की जीवनी  सुनाने व पढने  का प्रयास किया गया हैं इंदिरा गाँधी की जीवनी  ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 
  • इंदिरा गाँधी   के चरित्र गुणों के बारे में चर्चा करते हैं और प्राप्त जानकारी  जानकारी संकलित करते हैं | 
  • इंदिरा गाँधी के जीवन से हमे क्या प्रेरणा मिलती हैं हम इंदिरा गाँधी  जी क्या सीख सकते हैं, इन बिन्दुओ पर विस्तार से समूह में चर्चा कर सकते हैं |
  • इस प्रकार चारित्रिक गुणों से हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता हैं |
  • विशेष गतिविधि ऐसी ही चारित्रिक गुणों वाली कहानी विद्यार्थियों को सुझा सकते हैं और घर पर परिवार जनों को सुनाने को कहा जा सकता हैं और इसका उपयुक्त वीडियो या ऑडियो शेयर किया जा सकता हैं | रोचक व्यक्तित्व ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 

 

अपनी भाषा में कहानी पढ़ना


अपनी भाषा में कहानी पढ़ना व पढ़े और अभिनय करें   

  • छात्रों को समूहों में काम करने के लिए कार्य दिया गया है|
  • उन्हें पढ़ने के लिए एक छोटा नाटक प्रदान किया जाता है|
  • इसके बाद, उन्हें एक दूसरे के साथ सहयोग करने और पूरी कहानी को लागू करने के लिए कहा जाता है।
  • प्रदर्शन कला के साथ पठन का यह एकीकरण शिक्षार्थी को एक अतिरिक्त बढ़ावा देता है और पढ़ने के लिए और अधिक मजेदार आयाम जोड़ता है|

25  फरवरी की गतिविधि

100 Days of Reading: Week 8 (Stories, Props and Plays)

अपनी भाषा में कहानी पढना व हमारे नेता हमारी प्रेरणा  

हमारे नेता हमारी प्रेरणा 

  • विद्यार्थियों को आज हम शहीद भगत सिंह की जीवनी सुनाने व पढने  का प्रयास किया गया हैं शहीद भगत सिंह की जीवनी⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 
  • शहीद भगत सिंह  के चरित्र गुणों के बारे में चर्चा करते हैं और प्राप्त जानकारी  जानकारी संकलित करते हैं | 
  • शहीद भगत सिंह  के जीवन से हमे क्या प्रेरणा मिलती हैं हम शहीद भगत सिंह जी क्या सीख सकते हैं, इन बिन्दुओ पर विस्तार से समूह में चर्चा कर सकते हैं |
  • इस प्रकार चारित्रिक गुणों से हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता हैं |
  • विशेष गतिविधि ऐसी ही चारित्रिक गुणों वाली कहानी विद्यार्थियों को सुझा सकते हैं और घर पर परिवार जनों को सुनाने को कहा जा सकता हैं और इसका उपयुक्त वीडियो या ऑडियो शेयर किया जा सकता हैं | रोचक व्यक्तित्व ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 

 

अपनी भाषा में कहानी पढ़ना


अपनी भाषा में कहानी पढ़ना व पढ़े और अभिनय करें   

  •  हम इस टोपिक में टोपिक के तहत अपने पुस्कालय में पड़ी लोकल भाषा राजस्थानी साहित्य की पुस्तक पढने को देंगे  |
  •  पुस्तक उपलब्ध न होने की स्थिति में MOTIVATIONSTORIES.IN से राजस्थानी साहित्य पढने को कहेंगे और उसका लिंक बच्चो तक शेयर करेंगे  | 
  • यहाँ हम कमला कमलेश रचना – वां दनां की बातां  धन्नी-मन्नी काल में खायां लुटाता बोराजी अस्सी करी गुलाब नै  पढने का लिंक भी दे सकते हैं कमला कमलेश रचना – वां दनां की बातां
  • छात्रों को समूहों में काम करने के लिए कार्य दिया गया है|
  • उन्हें पढ़ने के लिए एक छोटा नाटक प्रदान किया जाता है|
  • इसके बाद, उन्हें एक दूसरे के साथ सहयोग करने और पूरी कहानी को लागू करने के लिए कहा जाता है।
  • प्रदर्शन कला के साथ पठन का यह एकीकरण शिक्षार्थी को एक अतिरिक्त बढ़ावा देता है और पढ़ने के लिए और अधिक मजेदार आयाम जोड़ता है|

26  फरवरी की गतिविधि

100 Days of Reading: Week 8 (Stories, Props and Plays)

अपनी भाषा में कहानी पढना व हमारे नेता हमारी प्रेरणा  

हमारे नेता हमारी प्रेरणा 

  • विद्यार्थियों को आज हम शहीद भगत सिंह की जीवनी सुनाने व पढने  का प्रयास किया गया हैं शहीद भगत सिंह की जीवनी ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 
  • शहीद भगत सिंह  के चरित्र गुणों के बारे में चर्चा करते हैं और प्राप्त जानकारी  जानकारी संकलित करते हैं | 
  • शहीद भगत सिंह  के जीवन से हमे क्या प्रेरणा मिलती हैं हम शहीद भगत सिंह जी क्या सीख सकते हैं, इन बिन्दुओ पर विस्तार से समूह में चर्चा कर सकते हैं |
  • इस प्रकार चारित्रिक गुणों से हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता हैं |
  • विशेष गतिविधि ऐसी ही चारित्रिक गुणों वाली कहानी विद्यार्थियों को सुझा सकते हैं और घर पर परिवार जनों को सुनाने को कहा जा सकता हैं और इसका उपयुक्त वीडियो या ऑडियो शेयर किया जा सकता हैं | रोचक व्यक्तित्व ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 

 

अपनी भाषा में कहानी पढ़ना


अपनी भाषा में कहानी पढ़ना व पढ़े और अभिनय करें   

  • छात्रों को समूहों में काम करने के लिए कार्य दिया गया है|
  • उन्हें पढ़ने के लिए एक छोटा नाटक प्रदान किया जाता है|
  • इसके बाद, उन्हें एक दूसरे के साथ सहयोग करने और पूरी कहानी को लागू करने के लिए कहा जाता है।
  • प्रदर्शन कला के साथ पठन का यह एकीकरण शिक्षार्थी को एक अतिरिक्त बढ़ावा देता है और पढ़ने के लिए और अधिक मजेदार आयाम जोड़ता है|

 

रीडिंग केम्पेन : सप्तम सप्ताह की गतिविधियाँ

14 फरवरी की गतिविधि

मैं कौन हूँ ? चरित्र मानचित्रण 

  • विद्यार्थियों को आज हम भक्त श्रवण कहानी सुनाने का प्रयास किया गया हैं | कहानी का लिंक ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 
  • जब बच्चे कहानी सुन लें और समझ लें तो इसके बाद कहानी के विभिन्न पात्र जैसे भक्त श्रवण कुमार और राजा जनक सहित अन्य पात्रो के चरित्र गुणों के बारे में चर्चा करते हैं और प्राप्त जानकारी  जानकारी संकलित करते हैं | 
  • अंत में इस कहानी का  से हमें क्या क्या सीख मिलती हैं और इसका हमारे जीवन में क्या महत्व हैं क्या हमें भी ऐसे चारित्रिक गुणों को ग्रहण करना चाहिए | 
  • इस प्रकार चारित्रिक गुणों से हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता हैं |
  • विशेष गतिविधिऐसी ही चारित्रिक गुणों वाली कहानी विद्यार्थियों को सुझा सकते हैं और घर पर परिवार जनों को सुनाने को कहा जा सकता हैं और इसका उपयुक्त वीडियो या ऑडियो शेयर किया जा सकता हैं |

 

पढो और साँझा करो

 

  • आज विद्यार्थियों को पढो और साझा करें टोपिक के तहत हमने जोडियो में विद्यार्थियों से गतिविधि करवाई जिसमें  एकल पात्र वाली कोई भी कहानी ले सकते हैं | यहाँ आप आर के नारायण   व रस्किन बांड  की कहानियों को ले सकते हैं |  इन लेखको की कहानियाँ यहाँ हैं 1. आर के नारायण  2.  रस्किन बांड  ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 
  • जोड़ी के दोनों बालको को हमने ज्योतिषी का एक दिन पढ़ने को दी |
  • अब दोनों बालको को में से एक को लेखक और एक को चरित्र बनाया |
  • और पढ़ी गयी कहानी से एक दुसरे को 5 से 6 प्रश्न पूछने को दिए |
  • इस प्नकार कहानी के अंश सभी के साथ शेयर किये |
  • विशेष गतिविधि आज हमने विद्यार्थियों को विभिन्न माध्यम से  मनीषा कुलश्रेष्ठ कठपुतलियाँ कहानी पढकर आने को कहेंगे (आप यहाँ से कहानी का लिंक शेयर कर सकते हैं| मनीषा कुलश्रेष्ठ की कठपुतलियाँ कहानी⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए

 

मित्रो के लिए किताब सुझाना / सिफारिश करना  

  • आज हमने विद्यार्थियों को पूर्व में पुस्ताकालय का भ्रमण करवाया था उसके आधार पर सभी को अपनी पसंद की कोई एक एक पुस्तक चुनने को कहा गया |
  •  अब विद्यार्थियों ने अपनी पसंद की पुस्त ले ली और उन्हें निर्देश दिया कि पुस्तक में से कोई एक कहानी पढ़े और उसके पात्र को समझे और उनके चरित्र को जाने |
  • अब विद्यार्थियों को अपनी पढ़ी गयी इस पुस्तक में से किसी विशेष चरित्र का सारांश अपनी नोट बुक में लिखना हैं |
  • इस प्रकार प्राप्त चरित्र गुणों को सभी विद्यार्थियों के साझा करें और और पुस्तक पढने के लिए सिफरिश करें |
  • विशेष गतिविधि आज विद्यार्थियों पंचतंत्र की कोई एक कहानी घर से पढकर आने को कहे और अगले दिन  उस कहानी के सारांश को विद्यालय में अन्य विद्यार्थियों को साझा करने को कहे फिर जिन विद्यार्थियों को कहानी साझा की उनसे अ;अलग कहानी सुने और जाने कि किस विद्यार्थी कौनसी बात नही कही या नई जोड़ी |

15  फरवरी की गतिविधि

मैं कौन हूँ ? चरित्र मानचित्रण 

  • विद्यार्थियों को आज हम पन्नाधाय की कहानी सुनाने का प्रयास किया गया हैं | कहानी का लिंक ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 
  • जब बच्चे कहानी सुन लें और समझ लें तो इसके बाद कहानी के विभिन्न पात्र जैसे पन्नाधाय और बलवीर, उदय सिंह  सहित अन्य पात्रो के चरित्र गुणों के बारे में चर्चा करते हैं और प्राप्त जानकारी  जानकारी संकलित करते हैं | 
  • अंत में इस कहानी का  से हमें क्या क्या सीख मिलती हैं और इसका हमारे जीवन में क्या महत्व हैं क्या हमें भी ऐसे चारित्रिक गुणों को ग्रहण करना चाहिए | 
  • इस प्रकार चारित्रिक गुणों से हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता हैं |
  • विशेष गतिविधि ऐसी ही चारित्रिक गुणों वाली कहानी विद्यार्थियों को सुझा सकते हैं और घर पर परिवार जनों को सुनाने को कहा जा सकता हैं और इसका उपयुक्त वीडियो या ऑडियो शेयर किया जा सकता हैं |

 

पढो और साँझा करो

 

  • आज विद्यार्थियों को पढो और साझा करें टोपिक के तहत हमने जोडियो में विद्यार्थियों से गतिविधि करवाई जिसमें  एकल पात्र वाली डॉक्टर के शब्द  कहानी ली हैं | यहाँ आप आर के नारायण   व रस्किन बांड  की कहानियों को ले सकते हैं |  इन लेखको की कहानियाँ यहाँ हैं 1. आर के नारायण  2.  रस्किन बांड  ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 
  • जोड़ी के दोनों बालको को हमने डॉक्टर के शब्द  पढ़ने को दी |
  • अब दोनों बालको को में से एक को लेखक और एक को चरित्र बनाया |
  • और पढ़ी गयी कहानी से एक दुसरे को 5 से 6 प्रश्न पूछने को दिए |
  • इस प्नकार कहानी के अंश सभी के साथ शेयर किये |
  • विशेष गतिविधि आज हमने विद्यार्थियों को विभिन्न माध्यम से  मनीषा कुलश्रेष्ठ कठपुतलियाँ कहानी पढकर आये बच्चो को काहानी के पात्र, कहानी गुण,  कहानी के मूल बिंदु आदि को श्याम पट्ट पर लिखने को कहेंगे और उन पर चर्चा करेंगे (आप यहाँ से कहानी का लिंक शेयर कर सकते हैं| मनीषा कुलश्रेष्ठ की कठपुतलियाँ कहानी⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए)

 

मित्रो के लिए किताब सुझाना / सिफारिश करना  

  • पूर्व में पुस्ताकालय का भ्रमण बालको को अपनी पसंद की कोई एक एक पुस्तक चुनने को कहा गया |
  •  अब विद्यार्थियों ने अपनी पसंद की पुस्तक ले ली और उन्हें निर्देश दिया कि पुस्तक में से कोई एक कहानी पढ़े और उसके पात्र को समझे और उनके चरित्र को जाने |
  • अब विद्यार्थियों को अपनी पढ़ी गयी इस पुस्तक में से किसी विशेष चरित्र का सारांश अपनी नोट बुक में लिखना हैं |
  • इस प्रकार प्राप्त चरित्र गुणों को सभी विद्यार्थियों के साझा करें और और पुस्तक पढने के लिए सिफरिश करें |
  • विशेष गतिविधि आज विद्यार्थियों पंचतंत्र की कोई एक कहानी घर से पढकर आने को कहे और अगले दिन  उस कहानी के सारांश को विद्यालय में अन्य विद्यार्थियों को साझा करने को कहे फिर जिन विद्यार्थियों को कहानी साझा की उनसे अलग कहानी सुने और जाने कि किस विद्यार्थी कौनसी बात नही कही या नई जोड़ी |
  • पंचतंत्र की कोई एक कहानी ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए (यहाँ से लिंक कोपी करके विद्यार्थियों के SMILE ग्रुप में शेयर कर सकते हैं | )

 


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16  फरवरी की गतिविधि

मैं कौन हूँ ? चरित्र मानचित्रण 

  • विद्यार्थियों को आज हम सुभाष चंद्र बोस कहानियां सुनाने का प्रयास किया गया हैं | कहानी का लिंक ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 
  • जब बच्चे कहानी सुन लें और समझ लें तो इसके बाद कहानी के विभिन्न पात्र जैसे सुभाष चंद्र बोस सहित अन्य पात्रो के चरित्र गुणों के बारे में चर्चा करते हैं और प्राप्त जानकारी  जानकारी संकलित करते हैं | 
  • अंत में इस कहानी का  से हमें क्या क्या सीख मिलती हैं और इसका हमारे जीवन में क्या महत्व हैं क्या हमें भी ऐसे चारित्रिक गुणों को ग्रहण करना चाहिए | 
  • इस प्रकार चारित्रिक गुणों से हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता हैं |
  • विशेष गतिविधि ऐसी ही चारित्रिक गुणों वाली कहानी विद्यार्थियों को सुझा सकते हैं और घर पर परिवार जनों को सुनाने को कहा जा सकता हैं और इसका उपयुक्त वीडियो या ऑडियो शेयर किया जा सकता हैं | रोचक प्रेरक प्रसंग ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 

 

पढो और साँझा करो

 

  • आज विद्यार्थियों को पढो और साझा करें टोपिक के तहत हमने जोडियो में विद्यार्थियों से गतिविधि करवाई जिसमें  एकल पात्र वाली डॉक्टर के शब्द  कहानी ली हैं | यहाँ आप आर के नारायण   व रस्किन बांड  की कहानियों को ले सकते हैं |  इन लेखको की कहानियाँ यहाँ हैं 1. आर के नारायण  2.  रस्किन बांड  ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 
  • जोड़ी के दोनों बालको को हमने डॉक्टर के शब्द  पढ़ने को दी |
  • अब दोनों बालको को में से एक को लेखक और एक को चरित्र बनाया |
  • और पढ़ी गयी कहानी से एक दुसरे को 5 से 6 प्रश्न पूछने को दिए |
  • इस प्नकार कहानी के अंश सभी के साथ शेयर किये |
  • विशेष गतिविधि आज हमने विद्यार्थियों को विभिन्न माध्यम से  रस्किन बांड  की एक नन्हा दोस्त पढकर आये बच्चो को काहानी के पात्र, कहानी गुण,  कहानी के मूल बिंदु आदि को श्याम पट्ट पर लिखने को कहेंगे और उन पर चर्चा करेंगे (आप यहाँ से कहानी का लिंक शेयर कर सकते हैं| रस्किन बांड  की एक नन्हा दोस्त  ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए

 

मित्रो के लिए किताब सुझाना / सिफारिश करना  

  • पूर्व में पुस्ताकालय का भ्रमण बालको को अपनी पसंद की कोई एक एक पुस्तक चुनने को कहा गया |
  •  अब विद्यार्थियों ने अपनी पसंद की पुस्तक ले ली और उन्हें निर्देश दिया कि पुस्तक में से कोई एक कहानी पढ़े और उसके पात्र को समझे और उनके चरित्र को जाने |
  • अब विद्यार्थियों को अपनी पढ़ी गयी इस पुस्तक में से किसी विशेष चरित्र का सारांश अपनी नोट बुक में लिखना हैं |
  • इस प्रकार प्राप्त चरित्र गुणों को सभी विद्यार्थियों के साझा करें और और पुस्तक पढने के लिए सिफरिश करें |
  • विशेष गतिविधि आज विद्यार्थियों पंचतंत्र की कोई एक कहानी घर से पढकर आने को कहे और अगले दिन  उस कहानी के सारांश को विद्यालय में अन्य विद्यार्थियों को साझा करने को कहे फिर जिन विद्यार्थियों को कहानी साझा की उनसे अलग कहानी सुने और जाने कि किस विद्यार्थी कौनसी बात नही कही या नई जोड़ी |
  • पंचतंत्र की कोई एक कहानी ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए (यहाँ से लिंक कोपी करके विद्यार्थियों के SMILE ग्रुप में शेयर कर सकते हैं | )

 


17  फरवरी की गतिविधि

मैं कौन हूँ ? चरित्र मानचित्रण 

  • विद्यार्थियों को आज हम अब्दुल कलाम जी की प्रेरणादायक कहानी सुनाने का प्रयास किया गया हैं | कहानी का लिंक ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 
  • जब बच्चे कहानी सुन लें और समझ लें तो इसके बाद कहानी के विभिन्न पात्र जैसे अब्दुल कलाम जी  सहित अन्य पात्रो के चरित्र गुणों के बारे में चर्चा करते हैं और प्राप्त जानकारी  जानकारी संकलित करते हैं | 
  • अंत में इस कहानी का  से हमें क्या क्या सीख मिलती हैं और इसका हमारे जीवन में क्या महत्व हैं क्या हमें भी ऐसे चारित्रिक गुणों को ग्रहण करना चाहिए | 
  • इस प्रकार चारित्रिक गुणों से हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता हैं |
  • विशेष गतिविधि ऐसी ही चारित्रिक गुणों वाली कहानी विद्यार्थियों को सुझा सकते हैं और घर पर परिवार जनों को सुनाने को कहा जा सकता हैं और इसका उपयुक्त वीडियो या ऑडियो शेयर किया जा सकता हैं | रोचक व्यक्तित्व ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 

 

पढो और साँझा करो

  • आज विद्यार्थियों को पढो और साझा करें टोपिक के तहत हमने जोडियो में विद्यार्थियों से गतिविधि करवाई जिसमें  एकल पात्र वाली स्वामी की मीठी ईद : आर. के. नारायण  कहानी ली हैं | यहाँ आप आर के नारायण   व रस्किन बांड  की कहानियों को ले सकते हैं |  इन लेखको की कहानियाँ यहाँ हैं 1. आर के नारायण  2.  रस्किन बांड  ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 
  • जोड़ी के दोनों बालको को हमने स्वामी की मीठी ईद : आर. के. नारायण  पढ़ने को दी |
  • अब दोनों बालको को में से एक को लेखक और एक को चरित्र बनाया |
  • और पढ़ी गयी कहानी से एक दुसरे को 5 से 6 प्रश्न पूछने को दिए |
  • इस प्नकार कहानी के अंश सभी के साथ शेयर किये |
  • विशेष गतिविधि आज हमने विद्यार्थियों को विभिन्न माध्यम से  रस्किन बांड  की केन काका की नौकरी पढकर आये बच्चो को काहानी के पात्र, कहानी गुण,  कहानी के मूल बिंदु आदि को श्याम पट्ट पर लिखने को कहेंगे और उन पर चर्चा करेंगे (आप यहाँ से कहानी का लिंक शेयर कर सकते हैं| रस्किन बांड  की केन काका की नौकरी ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए

 

मित्रो के लिए किताब सुझाना / सिफारिश करना  

  • पूर्व में पुस्ताकालय का भ्रमण बालको को अपनी पसंद की कोई एक एक पुस्तक चुनने को कहा गया |
  •  अब विद्यार्थियों ने अपनी पसंद की पुस्तक ले ली और उन्हें निर्देश दिया कि पुस्तक में से कोई एक कहानी पढ़े और उसके पात्र को समझे और उनके चरित्र को जाने |
  • अब विद्यार्थियों को अपनी पढ़ी गयी इस पुस्तक में से किसी विशेष चरित्र का सारांश अपनी नोट बुक में लिखना हैं |
  • इस प्रकार प्राप्त चरित्र गुणों को सभी विद्यार्थियों के साझा करें और और पुस्तक पढने के लिए सिफरिश करें |
  • विशेष गतिविधि आज विद्यार्थियों पंचतंत्र की कोई एक कहानी  जैसे पंचतंत्र के प्रथम तन्त्र की कथा : मित्र भेद  घर से पढकर आने को कहे और अगले दिन  उस कहानी के सारांश को विद्यालय में अन्य विद्यार्थियों को साझा करने को कहे फिर जिन विद्यार्थियों को कहानी साझा की उनसे अलग कहानी सुने और जाने कि किस विद्यार्थी कौनसी बात नही कही या नई जोड़ी |
  • पंचतंत्र की कोई एक कहानी ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए (यहाँ से लिंक कोपी करके विद्यार्थियों के SMILE ग्रुप में शेयर कर सकते हैं | )

 


18  फरवरी की गतिविधि

मैं कौन हूँ ? चरित्र मानचित्रण 

  • विद्यार्थियों को आज हम महात्मा गांधी जी की प्रेरणादायक कहानी सुनाने का प्रयास किया गया हैं | कहानी का लिंक ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 
  • जब बच्चे कहानी सुन लें और समझ लें तो इसके बाद कहानी के विभिन्न पात्र जैसे महात्मा गांधी जी  के चरित्र गुणों के बारे में चर्चा करते हैं और प्राप्त जानकारी  जानकारी संकलित करते हैं | 
  • अंत में इस कहानी से हमें क्या क्या सीख मिलती हैं और इसका हमारे जीवन में क्या महत्व हैं क्या हमें भी ऐसे चारित्रिक गुणों को ग्रहण करना चाहिए | 
  • इस प्रकार चारित्रिक गुणों से हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता हैं |
  • विशेष गतिविधि ऐसी ही चारित्रिक गुणों वाली कहानी विद्यार्थियों को सुझा सकते हैं और घर पर परिवार जनों को सुनाने को कहा जा सकता हैं और इसका उपयुक्त वीडियो या ऑडियो शेयर किया जा सकता हैं | रोचक व्यक्तित्व ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 

 

पढो और साँझा करो


 

मित्रो के लिए किताब सुझाना / सिफारिश करना  

  • पूर्व में पुस्ताकालय का भ्रमण बालको को अपनी पसंद की कोई एक एक पुस्तक चुनने को कहा गया |
  •  अब विद्यार्थियों ने अपनी पसंद की पुस्तक ले ली और उन्हें निर्देश दिया कि पुस्तक में से कोई एक कहानी पढ़े और उसके पात्र को समझे और उनके चरित्र को जाने |
  • अब विद्यार्थियों को अपनी पढ़ी गयी इस पुस्तक में से किसी विशेष चरित्र का सारांश अपनी नोट बुक में लिखना हैं |
  • इस प्रकार प्राप्त चरित्र गुणों को सभी विद्यार्थियों के साझा करें और और पुस्तक पढने के लिए सिफरिश करें |
  • विशेष गतिविधि आज विद्यार्थियों पंचतंत्र की कोई एक कहानी  जैसे पंचतंत्र के द्वितीय तन्त्र की कथा : साधु और चूहा-पंचतंत्र
     घर से पढकर आने को कहे और अगले दिन  उस कहानी के सारांश को विद्यालय में अन्य विद्यार्थियों को साझा करने को कहे फिर जिन विद्यार्थियों को कहानी साझा की उनसे अलग कहानी सुने और जाने कि किस विद्यार्थी कौनसी बात नही कही या नई जोड़ी |
  • पंचतंत्र की कोई एक कहानी ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए (यहाँ से लिंक कोपी करके विद्यार्थियों के SMILE ग्रुप में शेयर कर सकते हैं | )

 


19  फरवरी की गतिविधि

मैं कौन हूँ ? चरित्र मानचित्रण 

  • विद्यार्थियों को आज हम सादा जीवन उच्च विचार : देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद  प्रेरणादायक कहानी सुनाने का प्रयास किया गया हैं | कहानी का लिंक ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 
  • जब बच्चे कहानी सुन लें और समझ लें तो इसके बाद कहानी के विभिन्न पात्र जैसे देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद   के चरित्र गुणों के बारे में चर्चा करते हैं और प्राप्त जानकारी  जानकारी संकलित करते हैं | 
  • अंत में इस कहानी से हमें क्या क्या सीख मिलती हैं और इसका हमारे जीवन में क्या महत्व हैं क्या हमें भी ऐसे चारित्रिक गुणों को ग्रहण करना चाहिए | 
  • इस प्रकार चारित्रिक गुणों से हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता हैं |
  • विशेष गतिविधि ऐसी ही चारित्रिक गुणों वाली कहानी विद्यार्थियों को सुझा सकते हैं और घर पर परिवार जनों को सुनाने को कहा जा सकता हैं और इसका उपयुक्त वीडियो या ऑडियो शेयर किया जा सकता हैं | रोचक व्यक्तित्व ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 

 

पढो और साँझा करो


 

मित्रो के लिए किताब सुझाना / सिफारिश करना  

  • आज हमने विद्यार्थियों को पुस्तक स्टोक रजिस्टर में से पुस्तको की सूचि निकाली और इस समूह के सदस्यों को शेयर की |
  •  अब अब प्रत्येक विद्यार्थी को बताया गया कि आप अपनी पसंद की पुस्तक छांटो और अपने मित्र को पढने के लिए कहो और विद्यार्थियों ने ऐसा ही किया |
  • विद्यार्थियों ने अपनी पसंद की पुस्तक ले ली और उन्हें निर्देश दिया कि पुस्तक में से कोई एक कहानी पढ़े और उसके पात्र को समझे और उनके चरित्र को जाने |
  • अब विद्यार्थियों को अपनी पढ़ी गयी इस पुस्तक में से किसी विशेष चरित्र का सारांश अपनी नोट बुक में लिखना हैं |
  • इस प्रकार प्राप्त चरित्र गुणों को सभी विद्यार्थियों के साझा करें और और पुस्तक को अन्य विद्यार्थियों को पढने के लिए सिफरिश करें |
  • विशेष गतिविधि आज विद्यार्थियों को कोई एक यात्रा वृत्तांत पढ़ने को कहे  यहाँ हमने गुरुद्वारा नानकमता उतराखंड का यात्रा वृत्तान्त पढने को दे सकते हैं जिसका लिंक आगे दिया जा रहा हैं |
     घर से पढकर आने को कहे और अगले दिन  उस यात्रा वृत्तान्त को विद्यालय में अन्य विद्यार्थियों को साझा करने को कहे |
  • गुरुद्वारा नानकमता उतराखंड का यात्रा वृत्तान्त⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए (यहाँ से लिंक कोपी करके विद्यार्थियों के SMILE ग्रुप में शेयर कर सकते हैं | )

 


रीडिंग केम्पेन : षष्टम सप्ताह की गतिविधियाँ

11 फरवरी की गतिविधि

शीर्षक वृक्ष : 

विद्यार्थियों को शेर और चूहा की कहानी सुनाने का प्रयास किया गया हैं | कहानी का लिंक  जब बच्चे कहानी सुन लें और समझ लें तो इसके बाद कहानी को 5 पक्तियों में सारांशित करवाई गयी, इस प्रकार विद्यार्थियों को कहानी को शुरू से अंत तक समझने का मौका मिला| और अंत में इस कहानी का अलग विद्यार्थियों ने शीर्षक दिया हमने विद्यार्थियों द्वारा बताये गये शीर्षको ग्रीन बोर्ड पर एक वृक्ष के रूप में फ्लो चार्ट बनाते गए गये और बन गया एक शीर्षक वृक्ष | इस प्रकार प्राप्त शीर्षकों में एक उपयुक्त और सर्वश्रेष्ट शीर्षक प्राप्त हुआ  शेर और चूहा  | आज हमने विधार्थियों को पिछले दश दिनों में खाए गये विशेष पकवानों की लिस्ट बनाकर लाने को कहा | जिसे अगले दिन में हम कक्षा में एक्टिविटी करवायेंगे |

 


 

साहित्यिक कैलेंडर

आज विद्यार्थियों को हमने स्वच्छता का पाठ पढ़ाने का निर्णय लिया | हमने पुस्तकालय में पड़ी स्वच्छता और सुरक्षा सम्बंधित पुस्तके पढने को दी | विधार्थियों को पढ़ी हुई पुस्तको में से स्वच्छता की जो बात सबसे अच्छी लगी उसे शेयर करने को कहा गया और हमे यह बात क्यों अच्छी लगी उसका पक्ष भी जाना | प्रत्येक विद्यार्थी द्वारा अच्छी लगी बात को नोट बुक के एक पेज पर रंगीन कलम से  लिखने को कही | इस प्रकार हमारे पास अच्छी बातो के कई पृष्ट एकत्र हुई जिन्हें समेकित करके एक दीवार कलेंडर बनाया गया | जो अन्य विद्यार्थियों के लिए कोतुहल का विषय बन गया |


 

गीत के बोल (Lyrics) परीक्षण 

आज हमने विद्यार्थियों में राष्ट्र भक्ति की भावना विकसित करने के उद्देश्य को भी साथ लेते हुए  हमारा राष्ट्र गीत वन्दे मातरम चुना | बारी से बारी हमने कई विद्यार्थियों को यह गीत गवाया | फिर इस गीत के बोल लिखने को कहा गया | सभी बच्चो ने 2 से 3 अन्तरो तक के बोल लिख पाए | फिर हमारे विद्यालय के वरिष्ट शिक्षक श्री …. ने यह गीत पूरा गाया | जब बच्चे पुरे गीत को सूना तो बड़े भाव विभोर हुए और भारत माता के जयकारे तक लगाने लगे |फिर हमने इस गीत के वास्तविक अर्थ समझाने और इसका विश्लेषण  करने को कहा साथ ही विद्यार्थियों ने इस गीत की भावनाएं और और इनके महत्व व सारांश को सभी के सामने प्रस्तुत किया हैं | इस गतिविधि में सभी विधार्थी सहज दिखे |

पाक-विधि (Recipe) परीक्षण 

आज की गतिविधि के द्वितीय पक्ष में हमने विद्यार्थियों को चाय कैसे बनाई जाए इस पर चर्चा की |चाय की पाक विधा लगभग हर एक बालिका को पहले से आ रही थी लेकिन कुछ लड़के इससे अनभिज्ञ थे | तो हमने विद्यार्थियों को समक्ष ही चाय बनाने का निश्चय किया और विद्यार्थियों को बताया कि कितने कप चाय में कितना पानी, कितना दूध और कितनी चाय के साथ शक्कर मिलाई जाती हैं | कुछ बच्चो ने चाय मशाला आदि डालने की बात भी सुझाई | और विद्यार्थियों को सलाह दी कि आप भी घर पर जब चाय बने तो उसकी पूरी प्रक्रिया को समझे और जाने |


केवल शिक्षक और शिक्षा से जुड़े लोग ही संभाग वार ग्रुप ज्वाइन करें

केवल शिक्षक और शिक्षा से जुड़े लोग ही संभाग वार ग्रुप ज्वाइन करें

12 फरवरी की गतिविधि

शीर्षक वृक्ष : 

  • विद्यार्थियों को आज हम भूतियाँ कुआं कहानी सुनाने का प्रयास किया गया हैं | कहानी का लिंक ⬅️👈🏿 यहाँ क्लिक कीजिए 
  • जब बच्चे कहानी सुन लें और समझ लें तो इसके बाद कहानी को 5 पक्तियों में सारांशित करवाई गयी, इस प्रकार विद्यार्थियों को कहानी को शुरू से अंत तक समझने का मौका मिला| 
  • अंत में इस कहानी का अलग विद्यार्थियों ने शीर्षक दिया हमने विद्यार्थियों द्वारा बताये गये शीर्षको ग्रीन बोर्ड पर एक वृक्ष के रूप में फ्लो चार्ट बनाते गए गये और बन गया एक शीर्षक वृक्ष | 
  • इस प्रकार प्राप्त शीर्षकों में एक उपयुक्त और सर्वश्रेष्ट शीर्षक प्राप्त हुआ  भूतियाँ कुआं |
  • विशेष गतिविधि आज विधार्थियों द्वारा पिछले दस दिनों में खाए गये विशेष पकवानों की लिस्ट बनाकर लाये और प्राप्त पकवानों के नाम श्याम पट्ट पर लिखकर बच्चो से वाचन करवाया जिससे वो सभी शब्द परिचित शब्द बन गये |

 

साहित्यिक कैलेंडर

  • आज विद्यार्थियों को हमारे वैज्ञानिको  की जन्म वर्ष  का कलेंडर बनाने का निर्णय लिया गया |
  • इस प्रकार विद्यार्थियों के सामने कई वैज्ञानिकों के नाम और उनके जन्म वर्ष एकत्र हो गये |
  • इस प्रकार प्राप्त वैज्ञानिको के नाम के बाद  हमने विद्यार्थियों अपने पुस्तकालय से विभिन्न वैज्ञानिकों की पुस्तके पढने को दी और उनसे जानकारी प्राप्त करने को कहा |
  • इस प्रकार प्राप्त जानकारी को अलग पृष्ट पर अलग अलग वैज्ञानिक का नाम और उनके द्वारा किये गये आविष्कार लिखवाकर एक साहित्यिक कैलेंडर बनवाया | जो विद्यार्थियों के लिए कोतुहल का विषय बन गया |


 

गीत के बोल (Lyrics) परीक्षण 

आज हमने विद्यार्थियों में राष्ट्र भक्ति की भावना विकसित करने के उद्देश्य को भी साथ लेते हुए  हमारा राष्ट्र गान  जन गन मन को चुना | बारी से बारी हमने कई विद्यार्थियों को राष्ट्र गान गवाया | फिर इस राष्ट्र गान के बोल लिखने को कहा गया | सभी बच्चो ने राष्ट्र गान के पुरे बोल लिखे |फिर हमने इस राष्ट्र गान के वास्तविक अर्थ समझाने और इसका विश्लेषण  करने को कहा साथ ही विद्यार्थियों ने इस राष्ट्र गान की भावनाएं और और इनके महत्व व सारांश को सभी के सामने प्रस्तुत किया हैं | इस गतिविधि में सभी विधार्थी सहज दिखे |

पाक-विधि (Recipe) परीक्षण 

  • आज की गतिविधि के द्वितीय पक्ष में हमने विद्यार्थियों को मैगी  कैसे बनाई जाए इस पर चर्चा की | मैगी बच्चो का फेवरेट खाना बन गया हैं | इसलिए हमने मैगी कैसे बनाये इस टोपिक को चुना | 
  • विद्यार्थियों को बताया कि मैगी बनाने के लिए कौन कौन सी सामग्री की आवश्यकता होती हैं| और कौन कौन से स्टेप हमे फोलो करने चाहिए |
  • हम ले गये बच्चो को विद्यालय के किचन में और स्टेप वार बनाई मैगी और सभी ने इसका टेस्ट लिया|
  • विद्यार्थियों को सलाह दी कि आप भी घर पर जब चाय बने तो उसकी पूरी प्रक्रिया को समझे और जाने|

 


 

रीडिंग केम्पेन : षष्टम सप्ताह की गतिविधियाँ

दिनांक समूह गतिविधि
10 फरवरी  I

शीर्षक वृक्ष : 

विद्यार्थियों को बंदर और मगरमच्छ की कहानी सुनाने का प्रयास किया गया हैं | कहानी का लिंक  जब बच्चे कहानी सुन लें और समझ लें तो इसके बाद कहानी को 5 पक्तियों में सारांशित करवाई गयी, इस प्रकार विद्यार्थियों को कहानी को शुरू से अंत तक समझने का मौका मिला| और अंत में इस कहानी का अलग विद्यार्थियों ने शीर्षक दिया जिसमें कई विद्यार्थियों ने कहानी का शीर्षक बंदर और मगरमच्छ दिया | इसी प्रकार समय उपलब्ध होने पर हमने जादुई बैग कहानी विद्यार्थियों को सुनाई और इसका सारांश व शीर्षक घर से खोजकर लाने को कहा साथ ही कहानी घर पर भी परिबार वालो को सुनाने की जिम्मेदारी दी |

II

साहित्यिक कैलेंडर :

विद्यार्थियों को हमने उनकी इच्छा से अपनी पाठ्य पुस्तको और पढ़ी गयी  विभिन्न किताबो से  कवियों और लेखको के नाम पूछे और उनके जन्म वर्ष के अनुसार एक केलेंडर बनाने का प्रयास किया | फिर बच्चो को उनके जन्म दिनांक को ढूढने और उनके द्वारा किये गये कार्यो के बारे जानने का प्रयास किया | अब उनके द्वारा बनाई गयी कवियों और लेखको की विभिन्न कृतियों को सुनाने को बारी बारी से अलग अलग बच्चो को कहा | बच्चो ने बड़े चाव से अपनी कहानियाँ और कविताओं का वाचन किया | कुछ बच्चों ने बुढिया की रोटी कहानीगीत का कमाल लोक गीत सुनाया 

III

गीत के बोल (Lyrics) परीक्षण :

हमने विद्यार्थियों को गतिविधि शुरू करने से पहले अपनी पसंद का एक उपयुक्त गीत चुनने को कहा फिर हमने उन्हें इन गीतों के 5 – 5 बोल लिखने को कहा और उनके वास्तविक अर्थ समझाने और इसका विश्लेषण  करने को कहा साथ ही विद्यार्थियों ने इन गीतों की भावनाएं और और इनके महत्व व सारांश को सभी के सामने प्रस्तुत किया हैं | इस गतिविधि में सभी विधार्थी सहज दिखे |

पाक-विधि (Recipe) परीक्षण :

आज की गतिविधि के द्वितीय पक्ष में हमने विद्यार्थियों राजस्थान महत्वपूर्ण पकवान लापसी  की पाक विधा के बारे में जानने का प्रयास किया | हमारे विद्यालय में MDM बंद होने के बावजूद हमने लापसी को कैसे तैयार किया हैं और कौन कौन से पदार्थ कितनी मात्रा में डाले जाते हैं यह बच्चो से पूछते हुए लापसी बनाई जिसमें कुछेक बच्चो के जबाब बड़े लाजबाब थे | लेकिन कक्षा 7 व 8 की बालिकाओ ने बड़े आत्मविश्वास के साथ सही सी जानकारी दी और बने हुए पकवान लापसी की थोड़ी थोड़ी मात्रा में स्वाद लिया और बच्चो को जानकारी दी कि जब भी घर में बने तो उसका ध्यान पूर्वक अवलोकन करें और सीखें |

 

दिनांक समूह गतिविधि
11 फरवरी  I

शीर्षक वृक्ष : 

विद्यार्थियों को शेर और चूहा की कहानी सुनाने का प्रयास किया गया हैं | कहानी का लिंक  जब बच्चे कहानी सुन लें और समझ लें तो इसके बाद कहानी को 5 पक्तियों में सारांशित करवाई गयी, इस प्रकार विद्यार्थियों को कहानी को शुरू से अंत तक समझने का मौका मिला| और अंत में इस कहानी का अलग विद्यार्थियों ने शीर्षक दिया हमने विद्यार्थियों द्वारा बताये गये शीर्षको ग्रीन बोर्ड पर एक वृक्ष के रूप में फ्लो चार्ट बनाते गए गये और बन गया एक शीर्षक वृक्ष | इस प्रकार प्राप्त शीर्षकों में एक उपयुक्त और सर्वश्रेष्ट शीर्षक प्राप्त हुआ  शेर और चूहा  | आज हमने विधार्थियों को पिछले दश दिनों में खाए गये विशेष पकवानों की लिस्ट बनाकर लाने को कहा | जिसे अगले दिन में हम कक्षा में एक्टिविटी करवायेंगे |

II

साहित्यिक कैलेंडर :

आज विद्यार्थियों को हमने स्वच्छता का पाठ पढ़ाने का निर्णय लिया | हमने पुस्तकालय में पड़ी स्वच्छता और सुरक्षा सम्बंधित पुस्तके पढने को दी | विधार्थियों को पढ़ी हुई पुस्तको में से स्वच्छता की जो बात सबसे अच्छी लगी उसे शेयर करने को कहा गया और हमे यह बात क्यों अच्छी लगी उसका पक्ष भी जाना | प्रत्येक विद्यार्थी द्वारा अच्छी लगी बात को नोट बुक के एक पेज पर रंगीन कलम से  लिखने को कही | इस प्रकार हमारे पास अच्छी बातो के कई पृष्ट एकत्र हुई जिन्हें समेकित करके एक दीवार कलेंडर बनाया गया | जो अन्य विद्यार्थियों के लिए कोतुहल का विषय बन गया |

III

गीत के बोल (Lyrics) परीक्षण :

आज हमने विद्यार्थियों में राष्ट्र भक्ति की भावना विकसित करने के उद्देश्य को भी साथ लेते हुए  हमारा राष्ट्र गीत वन्दे मातरम चुना | बारी से बारी हमने कई विद्यार्थियों को यह गीत गवाया | फिर इस गीत के बोल लिखने को कहा गया | सभी बच्चो ने 2 से 3 अन्तरो तक के बोल लिख पाए | फिर हमारे विद्यालय के वरिष्ट शिक्षक श्री …. ने यह गीत पूरा गाया | जब बच्चे पुरे गीत को सूना तो बड़े भाव विभोर हुए और भारत माता के जयकारे तक लगाने लगे |फिर हमने इस गीत के वास्तविक अर्थ समझाने और इसका विश्लेषण  करने को कहा साथ ही विद्यार्थियों ने इस गीत की भावनाएं और और इनके महत्व व सारांश को सभी के सामने प्रस्तुत किया हैं | इस गतिविधि में सभी विधार्थी सहज दिखे |

पाक-विधि (Recipe) परीक्षण :

आज की गतिविधि के द्वितीय पक्ष में हमने विद्यार्थियों को चाय कैसे बनाई जाए इस पर चर्चा की |चाय की पाक विधा लगभग हर एक बालिका को पहले से आ रही थी लेकिन कुछ लड़के इससे अनभिज्ञ थे | तो हमने विद्यार्थियों को समक्ष ही चाय बनाने का निश्चय किया और विद्यार्थियों को बताया कि कितने कप चाय में कितना पानी, कितना दूध और कितनी चाय के साथ शक्कर मिलाई जाती हैं | कुछ बच्चो ने चाय मशाला आदि डालने की बात भी सुझाई | और विद्यार्थियों को सलाह दी कि आप भी घर पर जब चाय बने तो उसकी पूरी प्रक्रिया को समझे और जाने |

 


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