विद्या सम्बल योजना के तहत Guest Faculty में Candidate Selection की प्रक्रिया को आसान, व्यवस्थित और समय की बचत करने वाला बनाने के लिए एक उपयोगी Excel Software तैयार किया गया है। इस Excel Software में विद्यालय की जानकारी दर्ज करने से लेकर Candidate Data Entry, प्राप्त आवेदन-पत्रों की संख्या, Candidate List, School-wise List, Subject-wise Merit List, Final Merit List, Final Letter, Data Filter और Application Form तक की सुविधाएं एक ही Excel Workbook में उपलब्ध हैं।
विद्यालय की विद्या सम्बल योजना कमेटी इस Excel Software को डाउनलोड करके अपने विद्यालय की आवश्यक जानकारी दर्ज कर सकती है और Guest Faculty Selection से संबंधित विभिन्न रिपोर्ट एवं सूचियां तैयार कर सकती है।
विद्या सम्बल योजना के तहत Guest Faculty Candidate Selection हेतु Excel Software 2026
📥 Guest Faculty Selection Excel Software Download
नीचे दिए गए बटन से Guest Faculty Candidate Selection Excel Software डाउनलोड करें।
विद्या सम्बल योजना Guest Faculty Excel Software क्या है?
विद्या सम्बल योजना के तहत विद्यालयों में Guest Faculty के चयन से संबंधित आवेदन प्राप्त होने के बाद सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है—आवेदकों का Data व्यवस्थित करना, विषयवार एवं विद्यालयवार सूची तैयार करना और मेरिट के आधार पर Final Selection List बनाना।
इसी कार्य को सरल बनाने के उद्देश्य से यह Guest Faculty Selection Excel Software उपयोगी है।
इसमें Candidate Data को एक बार DATA ENTRY Sheet में दर्ज करने के बाद Workbook की विभिन्न Sheets में उससे संबंधित सूचनाएं और रिपोर्ट तैयार करने की व्यवस्था की गई है।
इस प्रकार विद्यालय की शाला सम्बल योजना कमेटी को अलग-अलग Excel Files में Data तैयार करने की आवश्यकता कम हो जाती है।
Excel Software में उपलब्ध प्रमुख सुविधाएं
आपके द्वारा उपलब्ध कराए गए Excel Software में निम्न प्रमुख Sheets/Modules उपलब्ध हैं—
क्रमांक
Sheet/Module
मुख्य उपयोग
1
School Profile
विद्यालय की मूल जानकारी
2
DATA ENTRY
Candidate का पूरा Data दर्ज करना
3
DETAIL
चयन योग्य Candidate Data की व्यवस्थित सूची
4
Total Received APP. statics
प्राप्त आवेदन-पत्रों के आंकड़े
5
Candidate Received form
Post-wise Candidate List
6
Schoolwise suchi
विद्यालयवार वरीयता सूची
7
subjectwise Merit list
विषयवार Merit List
8
Final Merit List
अंतिम वरीयता/चयन सूची
9
Letter
चयन/नियुक्ति संबंधी Final Letter
10
Data Filter facility
Candidate Data को Filter करना
11
Form
Guest Faculty Application Form
विद्या सम्बल योजना Guest Faculty Candidate Selection Excel Software 2026
1. School Profile – विद्यालय की जानकारी दर्ज करें
Excel Software की शुरुआत School Profile से की जा सकती है।
इसमें विद्यालय से संबंधित आवश्यक जानकारी दर्ज करने की व्यवस्था है। यह जानकारी आगे बनने वाली Candidate Lists, Merit Lists तथा Letter में उपयोग की जा सकती है।
School Profile को सही तरीके से भरना महत्वपूर्ण है क्योंकि Workbook की कई Sheets विद्यालय की जानकारी को इसी Section से प्राप्त करती हैं।
School Profile का लाभ
विद्यालय की जानकारी एक स्थान पर रहती है।
अलग-अलग Reports में School Details का उपयोग किया जा सकता है।
DETAIL Sheet को Candidate Data को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करने के लिए इस्तेमाल किया गया है।
इसमें Candidate Name, Father's Name, Date of Birth, Applied Post, Educational Qualification, Percentage, Professional Qualification, REET, Applied School, Retired Status, Category, Gender तथा Subject आदि का Data दिखाई देता है।
इस Sheet का उपयोग आगे बनने वाली Merit और Selection Reports के लिए Data Source के रूप में किया गया है।
7. School-wise Suchi – विद्यालयवार वरीयता सूची
Guest Faculty Selection में यदि विभिन्न विद्यालयों से संबंधित Candidate Data उपलब्ध हो तो Schoolwise Suchi काफी उपयोगी हो सकती है।
इस Sheet में—
“विद्यालयवार वरीयता सूची”
तैयार करने की व्यवस्था की गई है।
इसमें Candidate की जानकारी के साथ—
Applicant Name
Father's Name
Date of Birth
Gender
Category
Applied Post
Applied Subject
Applied School
Shala Darpan Code
Retired Employee Status
Educational Qualification
Percentage
अन्य Selection-related Data
दिखाया जा सकता है।
इससे विद्यालयवार Candidate Preference/Merit को व्यवस्थित करना आसान होता है।
8. Subject-wise Merit List – विषयवार वरीयता सूची
यह Excel Software की सबसे महत्वपूर्ण सुविधाओं में से एक है।
Subjectwise Merit List Sheet में विषय के अनुसार Candidate की Merit तैयार करने की व्यवस्था है।
उदाहरण के लिए Software में First Grade School Lecturer तथा HISTORY जैसे Post और Subject का चयन करके Subject-wise Merit List तैयार की जा सकती है।
इसमें मुख्य रूप से निम्न जानकारी दिखाई जाती है—
क्रम संख्या
आवेदक का नाम
पिता का नाम
जन्मतिथि
लिंग
वर्ग
आवेदित पद
आवेदित विषय
आवेदित विद्यालय
Shala Darpan Code
सेवा निवृत्त कार्मिक की स्थिति
शैक्षणिक योग्यता
शैक्षणिक प्रतिशत
प्रशैक्षणिक योग्यता
प्रशैक्षणिक प्रतिशत
समग्र प्रतिशत
वरीयता क्रमांक
सेवा निवृत्त Candidate से संबंधित वरीयता विवरण
9. 75% + 25% Percentage Calculation
Excel Software में Subject-wise Merit List में शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक योग्यता के प्रतिशत को अलग-अलग Weightage के साथ दिखाने की व्यवस्था की गई है।
Workbook में—
शैक्षणिक प्रतिशत × 75%
और
प्रशैक्षणिक प्रतिशत × 25%
के आधार पर समग्र प्रतिशत (100%) तैयार करने का Formula इस्तेमाल किया गया है।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी Candidate का—
शैक्षणिक प्रतिशत = 74%
प्रशैक्षणिक प्रतिशत = 81%
है, तो Software में निर्धारित Weightage के अनुसार Merit Calculation की जाती है।
महत्वपूर्ण: यह Calculation Software में उपलब्ध Formula/Structure के अनुसार है। वास्तविक चयन में लागू विभागीय आदेश, पात्रता एवं नवीनतम चयन नियमों का सत्यापन आवश्यक है।
10. Final Merit List – अंतिम वरीयता सूची
सभी आवश्यक Data एवं Merit तैयार होने के बाद Final Merit List Sheet का उपयोग किया जा सकता है।
इस Sheet का शीर्षक है—
“Candidate Final Selection Merit List”
और इसमें—
“अन्तिम वरीयता सूची”
तैयार करने की व्यवस्था है।
Final Merit List में Candidate की महत्वपूर्ण जानकारी एक जगह दिखाई जाती है।
इसमें मुख्य रूप से—
क्रम संख्या
आवेदक का नाम
पिता का नाम
जन्मतिथि
लिंग
वर्ग
आवेदित पद
आवेदित विषय
आवेदित विद्यालय
सेवा निवृत्त कार्मिक स्थिति
शैक्षणिक योग्यता
75% Weightage
प्रशैक्षणिक योग्यता
25% Weightage
समग्र प्रतिशत
वरीयता क्रमांक
सेवा निवृत्त आवेदक संबंधी वरीयता
जैसी जानकारी शामिल है।
11. Final Letter – चयनित Candidate के लिए Letter
Excel Software में Letter नाम से एक अलग Sheet उपलब्ध है।
इसका उपयोग चयनित Candidate के लिए कार्यालय आदेश/Final Letter तैयार करने के लिए किया जा सकता है।
Letter Sheet में Candidate का नाम एवं क्रम संख्या Final Merit List से प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है।
इसलिए Final Merit List में Candidate की Entry एवं क्रम संख्या को सही रखना बहुत महत्वपूर्ण है।
Excel में स्वयं एक महत्वपूर्ण निर्देश भी दिया गया है कि Final Merit List में Entry को एक बार अवश्य जांच लें, क्योंकि Final Letter में चयन/नियुक्ति संबंधी जानकारी उसी क्रम संख्या के आधार पर तैयार होती है।
इसलिए Final Letter जारी करने से पहले—
Final Merit List → Candidate Name → Merit/Serial Number → Subject → School → अन्य Details
का आवश्यक सत्यापन अवश्य करें।
12. Data Filter Facility – Candidate Data को आसानी से Filter करें
जब Candidate की संख्या अधिक हो जाती है, तब किसी विशेष Candidate अथवा विषय की जानकारी खोजने में समय लग सकता है।
इस समस्या के लिए Excel Software में Data Filter facility उपलब्ध है।
इसमें Total Form List के रूप में Candidate Data को व्यवस्थित किया गया है।
Filter सुविधा की मदद से आवश्यकता के अनुसार Data को छांटकर देखा जा सकता है।
उदाहरण के लिए—
किसी विशेष Post के Candidate
किसी विशेष Subject के Candidate
किसी विशेष School के Candidate
Category-wise Candidate
Gender-wise Candidate
अन्य उपलब्ध Fields
को Filter किया जा सकता है।
यह सुविधा Selection Committee के लिए काफी उपयोगी हो सकती है।
13. Application Form – आवेदन पत्र भी उपलब्ध
Excel Workbook में Form नाम से Application Form भी उपलब्ध है।
इस Form में—
“विद्या सम्बलन योजना – आवेदन पत्र”
शीर्षक के साथ Candidate से संबंधित आवश्यक विवरण भरने की व्यवस्था दिखाई देती है।
इसमें—
आवेदक का नाम
पिता का नाम
आवेदित विद्यालय
आवेदित पद
आवेदन प्रस्तुत करने की तिथि
जन्म तिथि
शैक्षणिक योग्यता
वर्ष
प्रतिशत
अन्य आवश्यक विवरण
जैसी जानकारी के लिए स्थान उपलब्ध है।
इस प्रकार Excel Workbook केवल Merit List तक सीमित नहीं है, बल्कि Application Form से लेकर Final Selection Letter तक की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में सहायता करती है।
विद्या सम्बल योजना Guest Faculty Excel Software का पूरा Workflow
इस Excel Software को सामान्य रूप से निम्न क्रम में उपयोग किया जा सकता है—
Step 1 → School Profile भरें
↓
Step 2 → DATA ENTRY में Candidate Data दर्ज करें
↓
Step 3 → प्राप्त Forms की जांच करें
↓
Step 4 → Total Received Application Statistics देखें
↓
Step 5 → Candidate Received Form से Post-wise List देखें
↓
Step 6 → School-wise Suchi तैयार/देखें
↓
Step 7 → Subject-wise Merit List देखें
↓
Step 8 → Merit Calculation एवं Candidate Details की जांच करें
↓
Step 9 → Final Merit List तैयार/Verify करें
↓
Step 10 → Final Letter तैयार करें
↓
Step 11 → आवश्यकतानुसार Data Filter का उपयोग करें
विद्या सम्बल योजना कमेटी के लिए Excel Software क्यों उपयोगी है?
इस Excel Software की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि Guest Faculty Selection से संबंधित कई अलग-अलग कार्यों को एक ही Workbook में व्यवस्थित किया गया है।
प्रमुख लाभ
✔ एक ही Workbook में पूरा Data Management
✔ School Profile की सुविधा
✔ Candidate Data Entry
✔ प्राप्त Applications की Statistics
✔ Post-wise Candidate List
✔ School-wise Candidate List
✔ Subject-wise Merit List
✔ Final Merit List
✔ Final Letter
✔ Data Filter
✔ Application Form
इससे विद्यालय की Selection Committee को Data Management में सुविधा मिल सकती है और Manual काम को कम किया जा सकता है।
Excel Software का उपयोग करते समय महत्वपूर्ण सावधानियां
इस Software का उपयोग करते समय निम्न बातों का विशेष ध्यान रखें—
School Profile में विद्यालय की जानकारी सही भरें।
Candidate Data Entry करते समय मूल आवेदन-पत्र से जानकारी का मिलान करें।
Candidate का नाम और पिता का नाम सही दर्ज करें।
जन्मतिथि की Entry सावधानीपूर्वक करें।
Applied Post और Subject सही दर्ज करें।
Educational एवं Professional Percentage की जांच करें।
Category और Gender संबंधी जानकारी दस्तावेज के अनुसार दर्ज करें।
Duplicate Candidate Entry से बचें।
Final Merit List तैयार होने के बाद प्रत्येक Candidate की Entry Verify करें।
Final Letter जारी करने से पहले Final Merit List की क्रम संख्या दोबारा जांचें।
Excel File का Backup अवश्य रखें।
महत्वपूर्ण Data को अनधिकृत व्यक्ति के साथ Share न करें।
अंतिम चयन से पहले संबंधित विभाग के नवीनतम आदेश एवं नियमों का सत्यापन करें।
यह Excel आधारित एक Selection Management Tool है, जिसका उपयोग Guest Faculty Candidate का Data, Application List, School-wise List, Subject-wise Merit List, Final Merit List और Final Letter तैयार करने में किया जा सकता है।
Q2. क्या शाला सम्बल योजना कमेटी इस Excel Software का उपयोग कर सकती है?
हाँ, विद्यालय की शाला सम्बल योजना कमेटी अपने कार्य के अनुसार इस Excel Workbook का उपयोग कर सकती है।
Q3. Excel Software में Candidate Data कहां दर्ज करना है?
Candidate की मूल जानकारी DATA ENTRY Sheet में दर्ज करने की व्यवस्था की गई है।
Q4. क्या इसमें Subject-wise Merit List उपलब्ध है?
हाँ। subjectwise Merit list नाम की अलग Sheet उपलब्ध है, जिसमें विषयवार वरीयता सूची तैयार करने की व्यवस्था है।
Q5. क्या Final Merit List तैयार की जा सकती है?
हाँ। Final Merit List Sheet में Candidate Final Selection Merit List तैयार करने की सुविधा उपलब्ध है।
Q6. क्या Final Letter भी बनाया जा सकता है?
हाँ। Workbook में Letter नाम की अलग Sheet है, जिसमें Final Letter/Office Order तैयार करने की व्यवस्था है।
Q7. क्या Excel में Data Filter की सुविधा है?
हाँ। Data Filter facility नाम की अलग Sheet उपलब्ध है, जिसमें Candidate Data को Filter करके देखने की सुविधा दी गई है।
Q8. क्या Application Form भी Excel में है?
हाँ। Form Sheet में Guest Faculty के लिए Application Form का प्रारूप उपलब्ध है।
Q9. Excel Software किस Format में है?
यह Software Microsoft Excel .xlsx Format में है।
Q10. Excel Software कैसे Download करें?
इस पोस्ट में दिए गए Download Guest Faculty Selection Excel Button पर क्लिक करके Excel File डाउनलोड की जा सकती है।
यदि आप विद्या सम्बल योजना के तहत Guest Faculty Candidate Selection हेतु Excel Software डाउनलोड करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए Button पर क्लिक करें।
📥 DOWNLOAD EXCEL SOFTWARE
File Details
File Name: Guest Faculty Candidate selection Excel Software for Lecturer 28-08-2026.xlsx Format: Microsoft Excel (.xlsx) मुख्य उपयोग: Guest Faculty Candidate Selection, Data Management & Merit List उपयोगकर्ता: विद्यालय की शाला सम्बल योजना कमेटी
निष्कर्ष
शाला सम्बल योजना के तहत Guest Faculty Candidate Selection Excel Software 2026 विद्यालय स्तर पर Guest Faculty Selection से संबंधित Data Management को व्यवस्थित करने का एक उपयोगी Excel Tool है।
इसमें School Profile, DATA ENTRY, Candidate Details, Total Received Application Statistics, Candidate Received Form, School-wise List, Subject-wise Merit List, Final Merit List, Final Letter, Data Filter और Application Form जैसी सुविधाओं को एक ही Workbook में शामिल किया गया है।
विशेष रूप से Subject-wise Merit List और Final Merit List जैसी सुविधाएं Selection Committee को Candidate Data को व्यवस्थित रूप से देखने में मदद कर सकती हैं। वहीं Data Filter की सहायता से अधिक संख्या में उपलब्ध Candidate Records में आवश्यक जानकारी को आसानी से खोजा जा सकता है।
विद्यालय की शाला सम्बल योजना कमेटी इस Excel Software को डाउनलोड करके अपने विद्यालय के अनुसार School Profile एवं Candidate Data दर्ज कर सकती है और उपलब्ध Sheets के माध्यम से आवश्यक Lists तथा Reports तैयार कर सकती है।
महत्वपूर्ण: यह Excel Software एक कार्य-सहायक प्रारूप है। Candidate की पात्रता, मेरिट, आरक्षण, चयन, नियुक्ति तथा अन्य सभी विषयों में संबंधित विभाग के नवीनतम आधिकारिक आदेश एवं लागू नियमों को ही अंतिम आधार माना जाना चाहिए।
राजकीय विद्यालयों के नामकरण की नियमावली | सरकारी स्कूल नामकरण नियम | SCHOOL NAME CHANGE GUIDLINES | राजस्थान में राजकीय विद्यालयों के नामकरण से संबंधित नियमों को शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित किया गया है। विशेष रूप से शहीद सैनिकों, स्वतंत्रता सेनानियों एवं अन्य महान विभूतियों के नाम पर विद्यालयों का नामकरण करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस लेख में हम राजकीय विद्यालयों के नामकरण की संपूर्ण नियमावली, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया एवं प्रमुख प्रावधानों की जानकारी सरल भाषा में समझेंगे।
शहीद के नाम से राजकीय विद्यालय का नामकरण
शहीद सैनिकों के नाम पर राजकीय विद्यालयों का नामकरण करने हेतु संबंधित विद्यालय की एसएमसी/एसडीएमसी, ग्राम पंचायत अथवा शहरी क्षेत्र होने पर नगर पालिका/नगर निगम/प्राधिकरण की अनापत्ति एवं अनुशंसा आवश्यक होती है। इसके साथ संस्था प्रधान की रिपोर्ट तथा संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक/माध्यमिक) की अनुशंसा भी अनिवार्य है। SCHOOL NAME CHANGE GUIDLINES
विद्यालय नामकरण प्रस्ताव में निम्न दस्तावेज शामिल किए जाते हैं:
प्रपत्र 7(क)
बैटल/ऑपरेशनल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट
सर्विस पार्टिकुलर्स
ग्राम पंचायत/नगर निकाय की अनुशंसा
एसएमसी/एसडीएमसी की अनुशंसा
संस्था प्रधान एवं जिला शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट
इन दस्तावेजों के आधार पर निदेशक, प्रारंभिक/माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर द्वारा स्वीकृति जारी की जाती है।
SCHOOL NAME CHANGE GUIDLINES- राजकीय विद्यालयों के नामकरण की नियमावली | सरकारी स्कूल नामकरण नियम
विवाद की स्थिति में निर्णय
यदि विद्यालय नामकरण को लेकर एसएमसी, ग्राम पंचायत, शहीद के परिजनों अथवा अन्य पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न होता है, तो संबंधित जिला कलेक्टर की अनुशंसा को मान्य माना जाएगा। SCHOOL NAME CHANGE GUIDLINES
जिला कलेक्टर अपनी अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय समिति गठित कर सकते हैं, जिसमें:
शिक्षा विभाग
सैनिक कल्याण विभाग
पुलिस विभाग
जिला परिषद
जनप्रतिनिधि
एसएमसी/एसडीएमसी
से सुझाव लेकर अंतिम निर्णय किया जाएगा।
किन शहीदों के नाम पर विद्यालय नामकरण किया जा सकता है
केवल आजादी के बाद विभिन्न युद्धों एवं ऑपरेशनों में शहीद हुए सैनिकों के नाम पर ही राजकीय विद्यालयों का नामकरण किया जा सकेगा।
निम्न श्रेणियों के नाम पर विद्यालय नामकरण नहीं किया जाएगा:
यदि किसी विद्यालय भवन का नामकरण पहले से किसी शहीद के नाम पर किया जा चुका है तथा उस ग्राम में अन्य राजकीय विद्यालय संचालित नहीं है, तो उसी विद्यालय का पुनः अन्य शहीद के नाम से नामकरण नहीं किया जाएगा। SCHOOL NAME CHANGE GUIDLINES
यदि ग्राम में कोई विद्यालय उपलब्ध नहीं है, तो शहीद के नाम पर निम्न सार्वजनिक स्थलों का नामकरण प्रस्तावित किया जा सकता है:
चिकित्सालय
औषधालय
राजकीय भवन
मार्ग
सार्वजनिक स्थल
विद्यालय चयन की प्राथमिकता
विद्यालय नामकरण हेतु प्राथमिकता इस प्रकार होगी:
प्राथमिक विद्यालय
उच्च प्राथमिक विद्यालय
माध्यमिक विद्यालय
उच्च माध्यमिक विद्यालय
राजकीय संस्कृत विद्यालय
यदि ग्राम में प्राथमिक विद्यालय उपलब्ध नहीं है, तभी उच्च स्तर के विद्यालय का चयन किया जाएगा।
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों के नामकरण संबंधी नियम
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों के नामकरण में “महात्मा गांधी” नाम यथावत रखा जाएगा तथा उसके बाद शहीद/भामाशाह का नाम जोड़ा जाएगा।
उदाहरण:
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय शहीद ____ सिंह
आवेदन प्रक्रिया
शहीद सैनिक के आश्रित अथवा परिजन संबंधित जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को आवेदन प्रस्तुत करेंगे। SCHOOL NAME CHANGE GUIDLINES
आवेदन का निस्तारण FIFO (First In First Out) प्रणाली के आधार पर किया जाएगा।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी पात्रता जांच के बाद:
जिला कलेक्टर से प्रपत्र 7(क) जारी करवाएंगे
पूर्ण प्रकरण जिला शिक्षा अधिकारी को भेजेंगे
तत्पश्चात निदेशक शिक्षा विभाग को प्रस्ताव प्रेषित किया जाएगा
आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज
विद्यालय नामकरण प्रस्ताव के साथ सामान्यतः निम्न दस्तावेज आवश्यक होते हैं:
बैटल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट
ऑपरेशनल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट
सर्विस पार्टिकुलर्स
प्रपत्र 7(क)
ग्राम पंचायत/नगर निगम की एनओसी
एसएमसी/एसडीएमसी अनुशंसा
संस्था प्रधान की अनुशंसा
जिला शिक्षा अधिकारी की अनुशंसा
अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र
महत्वपूर्ण बात यह है कि आवेदन शहीद के कैजुअल्टी सर्टिफिकेट जारी होने की तिथि से एक वर्ष के भीतर करना आवश्यक है। SCHOOL NAME CHANGE GUIDLINES
स्वतंत्रता सेनानी एवं महान विभूतियों के नाम से नामकरण
स्वतंत्रता सेनानी, महान विभूति, संत, महात्मा, ऐतिहासिक पुरुष, विधायक, सांसद या पूर्व मंत्रियों के नाम से विद्यालय नामकरण का कार्य शिक्षा विभाग द्वारा सीधे नहीं किया जाएगा।
ऐसे मामलों में सामान्य प्रशासन विभाग स्तर पर कार्यवाही की जाएगी तथा विशेष परिस्थितियों में जिला कलेक्टर के अनुरोध पर शासन स्तर से एनओसी जारी की जा सकती है।
नामकरण हेतु आवश्यक दस्तावेज (स्वतंत्रता सेनानी मामलों में)
ताम्र पत्र
जीवन परिचय
स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान विवरण
मृत्यु प्रमाण पत्र
पेंशन प्रमाण पत्र
ग्राम पंचायत/नगर निकाय एनओसी
एसएमसी/एसडीएमसी अनुशंसा
संभावित स्थानीय प्रतिक्रिया रिपोर्ट
संस्था प्रधान एवं जिला शिक्षा अधिकारी की अनुशंसा
विद्यालय परिसरों में मूर्ति एवं नाम पट्टिका संबंधी नियम
राजकीय विद्यालयों में:
मूर्ति/प्रतिमा स्थापित नहीं की जाएगी
चबूतरे निर्माण की अनुमति नहीं होगी
खेल मैदान का अलग नामकरण नहीं होगा
ब्लॉक, पुस्तकालय, प्रयोगशाला एवं कक्षा-कक्ष पर नाम पट्टिका नहीं लगाई जाएगी
समन्वयन (Merger) की स्थिति में नियम
यदि शहीद, भामाशाह अथवा स्वतंत्रता सेनानी के नाम से नामांकित विद्यालय का समन्वयन किया जाता है, तो विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। SCHOOL NAME CHANGE GUIDLINES
राजकीय विद्यालयों के नामकरण से जुड़े महत्वपूर्ण आदेश और दिशा निर्देश SCHOOL NAME CHANGE GUIDLINES ORDERS
SCHOOL NAME CHANGE CONFUSION GUIDELINE 11-12-2016 DOWNLOAD HERE
SCHOOL NAME CHANGE SAMNAY PRASHASAN VIBHAG ORDER 06-02-2025 DOWNLOAD HERE
SCHOOL NAME CHANGE SCHOOL SHIKSHA GROUP5-5 20-05-2026 DOWNLOAD HERE
SCHOOL NAME CHANGE UPDATE OF 08-05-2008 DATE 30-01-2018 DOWNLOAD HERE
SCHOOL NAMKARAN SCHOOL SHIKSHA GROUP 6 08-05-2008 DOWNLOAD HERE
SHAHID DANDATA FREEDOM FIGHTER SCHOOL NAME CHANGE 26-11-2013 DOWNLOAD HERE
SHAHIDO KE NAME SCHOOL NAME CHANGE 12-03-2012 DOWNLOAD HERE
निष्कर्ष
राजकीय विद्यालयों के नामकरण की नियमावली का उद्देश्य विद्यालयों के नामकरण में पारदर्शिता, सम्मान एवं प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखना है। विशेष रूप से शहीद सैनिकों के सम्मान में विद्यालयों का नामकरण एक संवेदनशील प्रक्रिया है, जिसके लिए शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
यदि आप विद्यालय नामकरण हेतु आवेदन करना चाहते हैं, तो संबंधित जिला सैनिक कल्याण अधिकारी एवं शिक्षा विभाग से संपर्क कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त कर सकते हैं।
Process of disposal of unusable materials / अनुपयोगी सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया
Process of disposal of unusable materials / अनुपयोगी सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया : नमस्कार। शिक्षक बंधुओं, इस आर्टिकल में हम आपके लिए विद्यालय या अपने किसी भी कार्यालय में नकारा सामग्री जो आपके विद्यालय या कार्यालय की आवश्यक जगह को रूद्ध रही हैं या रोक रही है उसका निस्तारण करके आप अपने विद्यालय या कार्यालय में जगह खाली करा सकते हैं और उसका एक सदुपयोग आप कर सकते हैं।
यहाँ हमारे अनुभवी जानकार श्री के एल सेन के द्वारा नकारा सामग्री का निस्तारण किस प्रकार किया जाना चाहिए और कौन कौन से प्रपत्र या फॉर्मेट आपको संधारण करने होते है, इन सब के बारे में जानकारी हम आप तक साझा कर रहे हैं। तो चलिए जानते हैं नकारा सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया को.....
Process of disposal of unusable materials / अनुपयोगी सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया
Process of disposal of unusable materials / अनुपयोगी सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया
Process of disposal of unusable materials / अनुपयोगी सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया :-
एस. आर. 05 तैयार करना (GF&AR Vol.I PART - II Rule 17 (1))
एस.आर. 5 में नकारा/ अनुपयोगी सामान की सूची तैयार की जाएगी।
एस. आर. 5 पर कार्यालयाध्यक्ष, पुस्तकालय प्रभारी / भण्डार प्रभारी के हस्ताक्षर होंगे।
यदि कोई प्रयोगशाला का सामान हो, ऐसी स्थिति में प्रयोगशाला प्रभारी के हस्ताक्षर होंगे। (Click here to download SR 5 )
सामान को अनुपयोगी घोषित करने से पूर्व संबंधित अधिकारी उस वस्तु के उपयोग की न्यूनतम अवधि को ध्यान में रखेंगे। (जी.एफ.एण्ड ए.आर. के भाग।।) (भण्डार की वस्तुओं की न्यूनतम उपयोग की अवधि देखने के लिये यहां क्लिक करें)
अनुपयोगी/अप्रचलित वस्तुओं का निरीक्षण एक समिति द्वारा किया जाएगा जिसमें वरिष्ठ राजपत्रित अधिकारी तथा सहायक लेखाधिकारी/लेखाकार/कनिष्ठ लेखाकार यथास्थिति होंगे। Process of disposal of unusable materials
निरीक्षण / सर्वेक्षण समिति का गठन (GF&AR Vol.I PART-II Rule 18)
A. रू 10लाख से कम पुस्तक मूल्य की सामग्री हेतु समिति–
वरिष्ठ राजपत्रित अधिकारी
AO/AAO-I/AAO-II/Jr.Accountant
विशेषज्ञ ( सामान की प्रकृति अनुसार )
B. रू 10 लाख एवं अधिक पुस्तक मूल्य की सामग्री हेतु समिति-
वरिष्ठ राजपत्रित अधिकारी
F.A./C.A.O./Sr.AO/AO/AAO-I
विशेषज्ञ (सामान की प्रकृति अनुसार )
नोटः-
1 मूल्यवान मशीनरी / उपकरण के निस्तारण हेतु विशेषज्ञ अथवा अधिकृत विक्रेता से रिपोर्ट प्राप्त की जा सकती है।
कम्प्यूटर से संबंधित सामग्री की स्थिति में IT Policy 2015 के प्रावधानों की पालना करना आवश्यक होगा। एस. आर. 5 में अंकित सामान के निरीक्षण उपरान्त उक्त समिति अपनी रिपोर्ट एस. आर. 6 में प्रस्तुत करेगी ।
अनुपयोगी सामान की सर्वे रिपोर्ट प्रारूप एस.आर. 6 में तैयार की जाएगी। इस रिपोर्ट पर समिति के सदस्य तथा सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर होंगे।(Download SR-6)
आरक्षित मूल्य का निर्धारण GF&AR Vol.I PART-II Rule 21 (iv) : आईटम की किस्म यथा अखबार, पुस्तकें, लोहे का सामान, पीतल का सामान इत्यादि के अनुसार आरक्षित मूल्य का निर्धारण किया जाएगा।
5 लाख या इससे अधिक मूल्य की वस्तुओं के मामलों में निरीक्षण के लिए बनी समिति में वरिष्ठ राजपत्रित अधिकारी, वित्तीय सलाहकार/लेखाधिकारी एवं तकनीकी अधिकारी, जिसे वस्तुओं का ज्ञान हो, होंगे।
पुराने टाइपराईटर का निस्तारण राजकीय मुद्राणालय जयपुर द्वारा किया जायेगा। Process of disposal of unusable materials
नीलामी कमेटियों का गठन जी.एफ. एण्ड ए. आर. के भाग ।। के आर.एन.(1) में दिया गया है। आरक्षित मूल्य वस्तुओं का निरीक्षण करने वाली समिति द्वारा निश्चित किया जाएगा।
नीलामी में भाग लेने वाली फर्मों से बयाना राशि 2 प्रतिशत न्यूनतम 500/अधिकतम 50000/- ली जाए जिसका निर्धारण नीलामी कमेटी द्वारा किया जाएगा।
अनुपयोगी घोषित करने का आदेश जारी करना (GF&AR Vol.I PART-II Rule 17) : सामान को अनुपयोगी घोषित करने हेतु अनुलग्नक 'ख' में उल्लेखित सामान की न्यूनतम उपयोगिता अवधि एवं सामान्य वित्तीय एवं लेखा नियम (खण्ड-1) भाग- II में उल्लेखित वित्तीय शक्तियों के प्रत्यायोजन के आईटम संख्या - 11 में प्रदत्त शक्तियों को ध्यान में रखना है।
व्ययन समिति का गठन (GF&AR Vol.I PART-II Rule 22)
(A) रू 2 लाख तक के पुस्तक मूल्य की सामग्री हेतु समिति-
कार्यालयाध्यक्ष
AAOI/AAO-II/Jr. Accountant
कोषाधिकारी का प्रतिनिधि - AAO-I/AAO-II/Jr. Accountant
(B) रू 2 लाख से अधिक एवं 10 लाख से कम तक के पुस्तक मूल्य की सामग्री हेतु समिति—
कार्यालयाध्यक्ष
AO/AAO-I/AAO-II/Jr. Accountant
कोषाधिकारी का प्रतिनिधि - AO / AAOI/AAO-II/Jr. Accountant
(C) रू 10 लाख एवं अधिक पुस्तक मूल्य की सामग्री हेतु समिति-
विभागाध्यक्ष अथवा विभागाध्यक्ष द्वारा नामित वरिष्ठतम अधिकारी
कार्यालयाध्यक्ष
विभाग के वरिष्ठतम लेखाधिकारी का प्रतिनिधि जो किAAO - II से कम पदधिकारी ना हो। पुस्तक मूल्य रू 15 लाख से अधिक होने पर - AAO-II
(D) रद्दी कागज हेतु -
कार्यालयाध्यक्ष
AAO-I/AAO-II/Jr.Accountant
मोटर यान एवं भारी मशीनें और उपकरणों के लिए-
नियंत्रक, राज्य मोटर गैराज विभाग, राजस्थान, जयपुर - चेयरमैन
वित्तीय सलाहकार / मुख्य लेखाधिकारी सामान्य प्रशासन विभाग में पदस्थापित (सम्बन्धित प्रशासनिक विभाग द्वारा नामित ) - सदस्य
मोटर गैराज विभाग का लेखा संवर्ग का वरिष्ठतम अधिकारी- सदस्य
स्टोर इंचार्ज (तकनीकी अधिकारी) राज्य मोटर गैराज विभाग - सदस्य सचिव
जब एक मोटर वाहन अनुपयोगी घोषित कर दिए जाए और इन्हें मोटर गैराज, जयपुर में लाना साध्य / मितव्ययी नहीं है, इन्हें निम्नलिखित गठित समिति द्वारा सम्बन्धित जिले में नीलाम किया जाएगा-
जिला कलेक्टर या इसका नाम निर्देशिती जो जिला स्तरीय अधिकारी की रैंक से नीचे का न हो - अध्यक्ष
सम्बन्धित कार्यालय का वरिष्ठतम अधिकारी जो जिला स्तरीय अधिकारी की रैंक से नीचे का न हो - सदस्य सचिव सदस्य
जिला कोषाधिकारी - सदस्य
तकनीकी अधिकारी - सदस्य
Process of disposal of unusable materials / अनुपयोगी सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया
रुपये 50,000 तक का अनुपयोगी सामान होने पर स्थानीय अनुपयोगी सामान के व्यवसायियों (कबाड़ी) को पत्रों द्वारा सूचित कर दिया जाए तथा 7 दिन की नोटिस अवधि दी जाए। प्रतिलिपि नोटिस बोर्ड पर लगाए।
प्रचार कहा करना हैं -
समस्त क्षेत्रीय और खण्डीय मुख्यालय
जीएसटी रजिस्टर्ड बोलीदाता (न्यूनतम तीन )
रुपये 50,000 से 2.50 लाख तक का अनुपयोगी सामान होने पर स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रसारित की जावे तथा 10 दिन की नोटिस अवधि दी जाए।
प्रचार कहा करना हैं -
समस्त क्षेत्रीय और खण्डीय मुख्यालय केनोटिस बोर्ड
एक क्षेत्रीय / राज्य स्तरीय समाचार पत्र स्थानीय संस्करण
रुपये 2.50 लाख से 10 लाख तक के अनुपयोगी सामान के लिए अखिल भारतीय स्तर के समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रसारित की जाए तथा 15 दिन की नोटिस अवधि दी जाए।
प्रचार कहा करना हैं -
समस्त क्षेत्रीय और खण्डीय मुख्यालय के नोटिस बोर्ड
एक राज्य स्तरीय समाचार पत्र
10 लाख से अधिक पर 20 दिन की नोटिस अवधि दी जाए। Process of disposal of unusable materials
प्रचार कहा करना हैं -
समस्त क्षेत्रीय और खण्डीय मुख्यालय के नोटिस बोर्ड
एक राज्य स्तरीय समाचार पत्र
एक राष्ट्रीय स्तरीय समाचार पत्र
NITS प्रकाशित करने वाला कोई एक Trade Journal
ऐसे यानों का व्ययन, जिनके सुसंगत दस्तावेज नहीं है या जिनका रजिस्ट्रीकरण नहीं हो सका था, यानों के चेसिस / इंजन इत्यादि का सुसंगत दस्तावेज रखने के पश्चात् पुराने लोहे (स्क्रेप) के रूप में नीलाम की अनुमति दी जा सकेगी।
अधिकतम बोलीदाता जिसके नाम बोली छोडी जाती है, से 25 प्रतिशत राशि उसी समय तथा शेष माल सुपुर्दगी के समय ली जाएगी।
माल उठाने के लिए 3 से 7 दिन का समय दिया जाएगा। Process of disposal of unusable materials
अन्य बोलीदाता की धरोहर राशि उसी दिन लौटा दी जाएगी। Process of disposal of unusable materials
नीलामी की राशि पर प्रचलित दरों पर वेट की राशि भी ली जाएगी।
निर्धारित अवधि में माल नहीं उठाने पर 25 प्रतिशत जमा राशि जब्त कर ली जाए।
नीलामी से प्राप्त राशि अगले दिन राजकोष में आमद मद में वेट की राशि सेल टेक्स के हेड में जमा करवाई जाए।
वाहनों को अनुपयोगी करने की शक्तियाँ (जी.एफ. एण्ड ए. आर. के भाग ।। परिशिष्ठ ’बी’) में दी गई है।
नीलामी के पश्चात् विक्रय लेखा प्रारूप एस. आर.-7 में तैयार किया जाता है। (Download SR-7)
बयाना / अमानत राशि (GF&AR Vol.I PART-II Rule 24) : पुस्तक मूल्य का 2 प्रतिशत, न्यूनतम 500 /- अधिकतम 50,000/-
विक्रय लेखा एस. आर. 7 (GF&AR Vol.I PART-II Rule 23) एस. आर. 07 नीलामी के दिन तैयार किया जाएगा। इस पर व्ययन समिति के सदस्यों के हस्ताक्षर होगें । कोषाधिकारी / उपकोषाधिकारी के प्रतिनिधि के अभाव में नीलामी का कार्य सम्पन्न नहीं किया जाएगा।
जी.एस.टी. सफल बोलीदाता द्वारा जमा करवाया जाएगा।
निरीक्षण/सर्वेक्षण समिति एवं व्ययन समिति में सदस्य संख्या में वृद्धि भी की जा सकती है।
कक्षा 10 के लिए सामाजिक अध्ययन तीन पार्ट में उपलब्ध शानदार सम्पूर्ण अध्याय के क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
(ख) 1 लाख रुपये एवं इससे अधिक किन्तु 5 लाख से कम मूल्य के सामानों के लिए–
(1) उप विभागाध्यक्ष/क्षेत्रीय अधिकारी जो विभागाध्यक्ष द्वारा नामित किया जाएगा-सदस्य सचिव
(2) कार्यालयाध्यक्ष, सदस्य
(3) विभागाध्यक्ष/क्षेत्रीय अधिकारी के कार्यालय का लेखा अधिकारी/सहायक लेखा अधिकारी सदस्य
(4) कोषागार अधिकारी या सहायक उपकोषागार अधिकारी सदस्य
(ग) 30,000 रुपये से अधिक किन्तु 1 लाख से कम मूल्य के सामानों के लिए–
(1) कार्यालयाध्यक्ष/आहरण एवं वितरण अधिकारी सदस्य सचिव
(2) क्षेत्रीय अधिकारी (रीजनल आॅफिसर) द्वारा या यदि क्षेत्रीय अधिकारी न हो तो विभागाध्यक्ष द्वारा नामित सहायक लेखा अधिकारी / लेखाकार सदस्य।
(3) कोषागार अधिकारी द्वारा नामित सहायक/उप/कोषागार अधिकारी जहाँ पृथक उप कोषागार हो वहाँ संबंधित सहायक / उप कोषागार अधिकारी सदस्य। Process of disposal of unusable materials / अनुपयोगी सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया
(1) कार्यालयाध्यक्ष/आहरण एवं वितरण अधिकारी सदस्य सचिव
(2) विभागाध्यक्ष/क्षेत्रीय अधिकारी के कार्यालय में पदस्थापित सहायक लेखा अधिकारी/लेखाकार यदि ये दोनों उसी स्थान पर हांे जहाँ कार्यालयाध्यक्ष का स्थान है तथा वह अन्यथा प्रकार से कार्यालयाध्यक्ष के कार्यालय में पदस्थापित है – सदस्य।
Process of disposal of unusable materials रद्दी कागज के लिए
(क) 30,000 रुपये से अधिक मूल्य के रद्दी कागजों के लिए-
(1) उप विभागाध्यक्ष/क्षेत्रीय अधिकारी जो विभागाध्यक्ष द्वारा नामित किया जाएगा, सदस्य सचिव।
(2) संबंधित कार्यालयाध्यक्ष, सदस्य।
(3) विभाग का वरिष्ठ लेखाधिकारी/लेखा अधिकारी/ सहायक लेखा अधिकारी सदस्य।
(ख) 10,000 रुपये से अधिक किन्तु 30,000 रुपये तक मूल्य के रद्दी कागजों के लिए-
(1) क्षेत्रीय अधिकारी/कार्यालयाध्यक्ष सदस्य सचिव।
(2) उनके विभाग का लेखाधिकारी/सहायक लेखा अधिकारी/लेखाकार सदस्य।
(3) कोई भी राजपत्रित अधिकारी जो क्षेत्रीय अधिकारी/कार्यालयाध्यक्ष द्वारा नामित किया गया हो, सदस्य।
(ग) 10,000 रुपये मूल्य तक के रद्दी कागजों के लिए-
(1) कार्यालयाध्यक्ष/आहरण एवं वितरण अधिकारी सदस्य सचिव।
(2) कार्यालय का लेखाकार/कनिष्ठ लेखाकार सदस्य।
(3) कार्यालय अधीक्षक/कार्यालय सहायक सदस्य।
नोट :– प्रतिवर्ष वित्त विभाग द्वारा उक्त सीमा में शिथिलीकरण किया जाता है। उस सीमा के अध्यधीन नीलामी की कार्यवाही की जाएगी। Process of disposal of unusable materials / अनुपयोगी सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया
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Age limit for admission in first class changed : प्रथम कक्षा में प्रवेश निर्धारण की उम्र सीमा बदली
Age limit for admission in first class changed : राजस्थान सरकार की ओर से नई शिक्षा नीति NEP 2020 लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। यह नई शिक्षा नीति शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से ही लागू किया जा रहा है। इसके लिए बच्चों की उम्र सीमा तय कर दी गई है। स्कूल और जन शिक्षा विभाग की ओर से सोमवार को जारी एक नोटिफिकेशन के अनुसार पहली कक्षा में एडमिशन के लिए बच्चे की आयु 6 साल होना जरूरी है। यह उम्र 1 सितंबर 2025 तक पूरी हो जानी चाहिए।
सभी प्राइमरी स्कूलों में 2025-26 से एक नई प्री-स्कूल क्लास भी होगी। इसका नाम 'शिशु वाटिका' रखा गया है। इसमें 5 से 6 साल के बच्चों को एडमिशन दिया जाएगा। इसके अलावा राजस्थान सरकार की ओर से NEP 2020 को कई चरणों में लागू किए जाने की योजना है। पहला चरण 2025-26 से शुरू होगा।
NEP 2020 के अनुसार बच्चे की 3 से 18 साल की शिक्षा में बदलाव होंगे। इसे 5+3+3+4 के ढांचे में बांटा जाएगा। इसमें पांच साल की बुनियादी शिक्षा (3 से 8 साल), तीन साल की प्रारंभिक शिक्षा (8 से 11 साल), तीन साल की माध्यमिक शिक्षा (11 से 14 साल) और चार साल की उच्चतर माध्यमिक शिक्षा (14 से 18 साल) शामिल है। Age limit for admission in first class changed
Age limit for admission in first class changed : प्रथम कक्षा में प्रवेश निर्धारण की उम्र सीमा बदली
1 अक्टूबर को पूरी होनी चाहिए 6 वर्ष की आयु
राजस्थान निदेशक माध्यमिक शिक्षा आशीष मोदी तथा निदेशक प्रारंम्भिक शिक्षा सीताराम जाट ने गुरूवार (11 जुलाई) को एक संयुक्त आदेश जारी किया है. इस आदेश में बताया गया है कि राजकीय तथा गैर राजकीय स्कूलों में प्रवेश (Admission) के लिए आयु गणना की तिथि (Age Calculation Date) 1 अक्टूबर 2024 निर्धारित कर दी गई है.
शैक्षिक सत्र 2025-26 में एन्ट्री कक्षा / प्रथम कक्षा में प्रवेश हेतु आयु निर्धारण तिथि के संबंध में शैक्षिक सत्र 2025–26 से विद्यालयों में नवप्रवेश हेतु बालकों की आयु की गणना 31 जुलाई को आधार तिथि मानते हुए की जानी है। इस तिथि तक 06 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले बालक समस्त राजकीय एवं गैर सरकारी विद्यालयों में नव प्रवेश हेतु पात्र होगें ।
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उन्होंने यह भी बताया कि 1 अक्टूबर तक 6 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले बच्चे विद्यालयों में प्रवेश के लिए पात्र होंगे.
इन बच्चों पर लागू नहीं होगी आयु गणना की तारीख
इस आदेश के अनुसार राजकीय विद्यालय, गैर राजकीय विद्यालय, बालवाटिका, बालवाड़ी,प्री-प्राईमरी या अन्य संस्थान जहां पर कक्षा एक से पूर्व का अध्ययन करवाया जाता हैं. ऐसी शैक्षणिक संस्थाओं में अध्ययनरत बालक, बालिकाओं पर आयु गणना के लिए एक अक्टूबर 2024 की निर्धारित तिथि लागू नहीं होगी. इसी प्रकार टीसी के आधार पर प्रवेश लेने वाले बालक, बालिकाओं पर भी एक अक्टूबर 2024 की निर्धारित तिथि पर न्यूनतम आयु 6 वर्ष होने का नियम लागू नहीं होगा.
प्रथम कक्षा में प्रवेश निर्धारण की उम्र सीमा बदली Age limit for admission in first class changed
इसी प्रकार टीसी के आधार पर प्रवेश लेने वालों पर भी एक अक्टूबर, 2024 की निर्धारित तिथि पर न्यूनतम आयु 6 वर्ष होने का नियम लागू नहीं होगा.
इस आदेश में यह भी बताया गया है कि जन्म तिथि द्वारा आयु की गणना कर आरटीई या गैर आरटीई के अन्तर्गत आयु के आधार पर प्रथम बार कक्षा 1 में नवीन प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर ही 1 अक्टूबर, 2024 तक न्यूनतम आयु 6 वर्ष होने का नियम लागू होगा.
कक्षा 1 में प्रवेश लेने की उपयुक्त आयु का मुद्दा भारत में लंबे समय से बहस का विषय रहा है। Age limit for admission in first class changed
मार्च 2022 तक 14 राज्य तथा केंद्रशासित प्रदेश ऐसे थे, जो छह वर्ष से कम आयु के बच्चों को कक्षा 1 में प्रवेश की अनुमति देते थे।
हालाँकि केंद्र सरकार ने हाल ही में नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत सभी राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों में कक्षा 1 के लिये प्रवेश की न्यूनतम आयु छह वर्ष करने का आदेश दिया है।
Age limit for admission in first class changed : प्रथम कक्षा में प्रवेश निर्धारण की उम्र सीमा बदलीDOWNLOAD ORDER CLICK HERE
Age limit for admission in first class changed : प्रथम कक्षा में प्रवेश निर्धारण की उम्र सीमा बदली
NEP 2020 में कक्षा 1 में प्रवेश हेतु न्यूनतम आयु क्या है?
नई नई शिक्षा नीति 3-8 वर्ष (मूलभूत चरण), 8-11 वर्ष (प्रारंभिक चरण), 11-14 वर्ष (मध्यम चरण) और 14-18 वर्ष (माध्यमिक चरण) के आयु समूहों के अनुरूप औपचारिक स्कूली शिक्षा के लिये "5+3+3+4" की रूपरेखा पर ज़ोर देती है।
यह प्रारंभिक बचपन की शिक्षा (जिसे 3 से 5 वर्ष की आयु के बच्चों के लिये प्रीस्कूल शिक्षा के रूप में भी जाना जाता है) को औपचारिक स्कूली शिक्षा के दायरे में लाती है।
इसका अर्थ यह है कि तीन वर्ष की प्रारंभिक बचपन की शिक्षा पूरी करने के बाद कक्षा 1 में प्रवेश के लिये बच्चे की उम्र 6 वर्ष होनी चाहिये।
नोट:
शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009, 6-14 वर्ष की आयु तक शिक्षा की गारंटी देता है।
इसका अर्थ यह है कि एक बच्चे से 6 वर्ष की उम्र में प्रारंभिक शिक्षा (कक्षा 1) शुरू करने की उम्मीद की जाती है।
औपचारिक शिक्षा के लिये प्रवेश आयु के विषय में शोध क्या कहता है?
तुलनात्मक अध्ययन में देखा गया कि न्यूज़ीलैंड में बच्चों के समूह 5 और 7 वर्ष की उम्र में औपचारिक साक्षरता पाठ शुरू करते हैं।
जिन बच्चों ने 5 वर्ष की उम्र में शुरुआत की, उन्होंने पढ़ने के प्रति कम सकारात्मक दृष्टिकोण दिखाया और बाद में शुरू करने वालों की तुलना में पाठ की कमज़ोर समझ प्रदर्शित की।
प्रवेश आयु को लेकर वैश्विक परिप्रेक्ष्य Age limit for admission in first class changed:
पूर्वी एशिया और अधिकांश यूरोपीय देशों में प्राथमिक विद्यालय के लिये छह वर्ष मानक आयु है।
स्कैंडिनेवियाई देशों में औपचारिक शिक्षा सात वर्ष की आयु में शुरू होती है।
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Latest Composite School Grant Guideline कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट दिशा-निर्देश सत्र 2024-25 एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र
शिक्षा विभाग में हाल ही लागू समग्र शिक्षा अभियान के तहत राज्य के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों को अब एकमुश्त कंपोजिट स्कूल ग्रांट मिलेगी। समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक शिवांगी स्वर्णकार ने एक पत्र जारी कर दिया है।
कम्पोजिट स्कूल ग्रांट सरकार द्वारा समर्थित शैक्षिक निधि है। जिसका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना है। साथ ही विभिन्न प्रकार के स्कूलों के बीच असमानताओं को कम करना है। अनुदान का उद्देश्य छात्रों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। पाठ्य सहगामी क्रियाओं का विकास करना शामिल है । इसी के साथ विद्यालयों की दैनिक भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति भी इसमे शामिल किया गया है ।
समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों की सामान्य शैक्षिक, सह- शैक्षिक, भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति एवं पुराने उपकरणों के प्रतिस्थापन तथा विद्यालय स्वच्छता एक्शन प्लान हेतु कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट दिये जाने का प्रावधान है। विद्यार्थी हित में विद्यालय की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु इस राशि का उपयोग किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य को बढ़ावा देने के लिये पाठ्य सहगामी क्रियाओं का विकास करना एवं विद्यालयों की दैनिक/भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना है।
यह अनुदान डाइस डाटा 2022-23 के अनुसार राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों को देय है, जो कि शिक्षा विभाग / पंचायती राज विभाग / केजीबीवी / संस्कृत शिक्षा के विद्य लयों / शिक्षाकर्मी बोर्ड द्वारा संचालित विद्यालयों / समाज कल्याण विभाग के अधीन आते हैं, को जारी की जानी है।
Latest Composite School Grant Guideline कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट दिशा-निर्देश सत्र 2024-25 एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र
कक्षा 10 के लिए सामाजिक अध्ययन तीन पार्ट में उपलब्ध शानदार सम्पूर्ण अध्याय के क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
विद्यालय स्वच्छता पर खर्च की आजने वाली सालाना राशि
1
1-15
12500
1250
2
16-100
25000
2500
3
101-250
50000
5000
4
250-1000
75000
7500
5
Above 1000
100000
10000
Latest Composite School Grant Guideline कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट दिशा-निर्देश सत्र 2024-25 एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र
नोट :- 1) उपरोक्त तालिका के क्रं. सं. 1 से 5 तक की विस्तृत सूची परिशिष्ट-2 पर संलग्न है। 2) मर्ज हुए विद्यालय एवं शून्य नामांकन वाले विद्यालयों को यह अनुदान देय नहीं होगा।
कक्षा 12 के लिए राजीनीति विज्ञान के नोट्स शानदार सम्पूर्ण अध्याय क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
सर्वप्रथम एसएमसी / एसडीएमसी अपने विद्यालय की वार्षिक आवश्यकताओं का चिह्नीकरण करें एवं लिखित प्रस्ताव प्राप्त करें ।
वर्षभर की आवश्यकताओं का वित्तीय अनुमान निर्धारित करें।
एसएमसी / एसडीएमसी के 4 सदस्यों की एक क्रय समिति बनेगी, जिसमें अध्यक्ष एवं सचिव के अतिरिक्त दो अभिभावक सदस्य होंगे।
क्रय की गई सामग्री की गुणवत्ता उच्च स्तर की होनी चाहिए ।
सामग्री क्रय कर रोकड़ बही, स्टॉक रजिस्टर, बिल वाउचर्स को सुव्यवस्थित सन्धारित करें |
सीएसजी राशि का उपयोग किया जाकर विद्यालयों द्वारा उपयोगिता प्रमाण-पत्र ब्लॉक कार्यालय को प्रेषित किया जायेगा। ब्लॉक कार्यालय द्वारा समेकित उपयोगिता प्रमाण-पत्र जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय को प्रेषित किया जायेगा। जिला परियोजना समन्वयक जिले का उपयोगिता प्रमाण-पत्र (यू.सी.) परिषद् कार्यालय को ई-मेल आईडी smsa.asfe2021@gmail.com पर निर्धारित प्रपत्र (परिशिष्ट - 1 ) के अनुसार प्रेषित करेंगे।
Latest Composite School Grant Guideline कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट दिशा-निर्देश सत्र 2024-25 एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र
कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट (Composite School Grant) राशि में 10 प्रतिशत राशि स्वच्छता एक्शन प्लान के लिये निर्धारित की गयी है जिसका निम्न कार्याें में उपयोग किया जा सकेगा-
विद्यालय के शौचालय/मुत्रालयों की साफ सफाई व सफाई हेतु वांछित सामग्री यथा एसिड, टाॅयलेट क्लीनर आदि क्रय करने के लिये।
विद्यालय के शौचालय मूत्रालयों का नियमित रख रखाव।
एमडीएम से पूर्व व शौचालय उपयोग उपरान्त छात्र छात्राओं को हाथ धोने के लिये साबुन की व्यवस्था करने के लिये।
शौचालय/मुत्रालय की माइनर रिपेयर करवाने के लिये।
शौचालय मुत्रालय में रनिंग वाटर सुविधा या पानी की टंकी रखाने के लिये।
बेकार पानी तथा सूखे कचरे के निस्तारण की व्यवस्था हेतु।
कक्षा-कक्षों एवं विद्यालय परिसर में रखने के लिये कचरा पात्र क्रय/तैयार करने हेतु।
बालिका शौचालय के साथ इन्सीनेटर लगाने/निर्माण करने के लिये।
पेयजल स्रोत को ठीक करवाने के लिये।
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2) विद्यालय स्तर :
Latest Composite School Grant Guideline कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट दिशा-निर्देश सत्र 2024-25 एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र की राशि का उपयोग निम्न सामग्री क्रय करने / कार्य में आवश्यकतानुसार किया जा सकता है –
विद्यालय के अक्रियाशील उपकरणों के प्रतिस्थापन हेतु।
दरी पट्टी / दरी।
श्यामपट्ट मरम्मत एवं रंग-रोगन / ग्रीन बोर्ड / आदमकद दर्पण / कार्मिकों का फोटो युक्त विवरण ।
चॉक, डस्टर।
परीक्षा संबंधी स्टेशनरी
पेयजल व्यवस्था, विद्युत व्यय पंखा।
एक दैनिक समाचार पत्र (अनिवार्य) ।
प्रतियोगिताओं का आयोजन / खेल सामग्री / उपलब्धि प्रमाण पत्र मुद्रण।
अग्निशमन यन्त्र के सिलेण्डर में गैस भरवाने हेतु।
शाला स्वास्थ्य कार्यक्रम में रैफर किये गये विद्यार्थियों को अस्पताल ले जाने का किराया
प्रयोगशाला संबंधी उपकरणों के रखरखाव एवं मरम्मत हेतु ।
इन्टरनेट संबंधी कार्य ।
वार्षिक टूट-फूट, मरम्मत व सौंदर्यन (विद्यालय भवन, शौचालय / मूत्रालय व अन्य व्यवस्थाएं ) ।
शिक्षण अधिगम सामग्री में उपयोग
अन्य उपयोज्य सामग्री यथाः झाडू मटका, बाल्टी, मग आदि।
छात्र हित में अन्य आवर्ती खर्च
नोट:- उक्त कार्यों के अलावा अन्य कार्यों में उक्त राशि का उपयोग नहीं किया जाये। अति आवश्यक होने पर परिषद् की पूर्वानुमति से उक्त राशि में बचत होने पर अन्य कार्यों में उपयोग किया जा सकेगा।
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कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट (Latest Composite School Grant Guideline कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट दिशा-निर्देश सत्र 2024-25 एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र) में कम से कम 10 प्रतिशत राशि स्वच्छता एक्शन प्लान के लिए निर्धारित गई है, जिसका उपयोग निम्न कार्यों हेतु ही किया जा सकेगा:
विद्यालय के शौचालय / मूत्रालयों का नियमित उपयोग एंव रख-रखाव ।
शौचालय / मूत्रालयों की साफ-सफाई व सफाई हेतु वांछित सामग्री यथा ब्रश ऐसिड, टॉयलेट क्लीनर आदि क्रय करने के लिए।
विद्यार्थियों को हाथ धोने के लिए साबुन की व्यवस्था करने के लिए।
शौचालय / मूत्रालय की माईनर रिपेयर करवाने के लिए। शौचालय / मूत्रालय में रनिंग वाटर सुविधा या पानी की टंकी रखवाने के लिए।
बेकार पानी तथा सूखे कचरे के निस्तारण की व्यवस्था हेतु ।
कक्षा-कक्षों एवं विद्यालय परिसर में रखने के लिए कचरा पात्र क्रय / तैयार करने हेतु।
बालिका शौचालय के साथ डिसपेंसर एवं इन्सीनरेटर रिपेयर के लिए।
पेयजल स्त्रोत को रिपेयर कराने के लिए।
कोविड-19 को ध्यान में रखते हुये सैनेटाईजर, साबुन क्रय ।
परिषद कार्यालय आदेश क्रमांक रास्कूशिप / जय / वैशि / 2020-21 / 12925 दिनांक 13.07.2020 के अनुसार कोविड-19 के बचाव हेतु सुरक्षा एवं स्वच्छता पर राशि व्यय करना सुनिश्चित करें।
4) कार्य प्रक्रिया :
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सर्वप्रथम एसएमसी / एसडीएमसी अपने विद्यालय की वार्षिक आवश्यकताओं का चिह्नीकरण करें एवं लिखित प्रस्ताव प्राप्त करें।
वर्षभर की आवश्यकताओं का वित्तीय अनुमान निर्धारित करें।
एसएमसी / एसडीएमसी के 4 सदस्यों की एक क्रय समिति बनेगी जिसमें अध्यक्ष एवं सचिव के अतिरिक्त दो अभिभावक सदस्य होंगे।
क्रय की गई सामग्री की गुणवत्ता उच्च स्तर की होनी चाहिए।
सामग्री क्रय कर रोकड़ बही, स्टॉक रजिस्टर, बिल वाउचर्स को सुव्यवस्थित संधारित करें। 6. सीएसजी राशि का उपयोग किया जाकर विद्यालयों द्वारा उपयोगिता प्रमाण-पत्र ब्लॉक कार्यालय को प्रेषित किया जायेगा। ब्लॉक कार्यालय द्वारा समेकित उपयोगिता प्रमाण-पत्र जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय को प्रेषित किया जायेगा। जिला परियोजना समन्वयक जिले का उपयोगिता प्रमाण-पत्र (यू. सी.) परिषद् कार्यालय को ई-मेल आईडी rajsmsa.asfe@rajasthan.gov.in पर निर्धारित प्रपत्र (परिशिष्ट-1 ) के अनुसार प्रेषित करेंगे।
4.1) कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट राशि का निम्न मदों में व्यय नहीं किया जाये
फर्नीचर क्रय हेतु (छात्र / प्राधानाध्यापक कक्ष / स्टाफ रूम फर्नीचर क्रय नहीं किया जाये ।
Latest Composite School Grant Guideline कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट दिशा-निर्देश सत्र 2024-25 एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र
कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट से क्रय की जाने वाली सामग्री क्रय में राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम 2012 एवं नियम 2013″ की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जावें।
सामग्री क्रय करते समय राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद्, जयपुर के दिशा निर्देशों की पालना करते हुये विद्यार्थी हित एवं विद्यार्थी आवश्यकता को प्राथमिकता दी जावे।
क्रय की गई सामग्री का उचित रखरखाव करते हुये, वर्ष पर्यन्त उपयोग सुनिश्चित किया जाये।
विद्यालय अवलोकनकर्ता अधिकारी अवलोकन के दौरान कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट के सार्थक भी अवलोकन करें एवं प्रतिवेदन में इसका उल्लेख करें।
आईसीटी लैब को प्राथमिकता से क्रियाशील बनाना।
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6) दायित्व अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय :
राज० स्कूल शिक्षा परिषद से राशि प्राप्त होने के 10 (दस) दिवस में राशि का हस्तान्तरण करवाना सुनिश्चित करें एवं विद्यालय स्तर तक की पहुंच सुनिश्चित करने हेतु व्यक्तिश: मॉनीटरिंग करें। विलम्ब की स्थिति में परिषद कार्यालय अथवा निदेशालय स्तर से की जाने वाली कार्यवाही के लिये सम्बन्धित अधिकारी जिम्मेदार रहेंगे।
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद से कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट की प्राप्त राशि को नामांकन अनुसार विद्यालयों को हस्तान्तरित करना।
विद्यालयों को जारी की गयी राशि एवं दिनांक से विद्यालयों को अवगत करवाना ताकि संस्था प्रधान द्वारा का उपयोग यथा समय किया जा सके ।
कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट की राशि का विद्यालय स्तर पर छात्र हित में उपयोग करवाया जाना सुनिश्चित करना।
पीईईओ / यूसीईईओ से वित्तीय वर्ष 2021-22 का उपयोगिता प्रमाण पत्र सीबीईओ के माध्यम से प्राप्त करना।
जिले का वित्तीय वर्ष 2021-22 का कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट का उपयोगिता प्रमाण पत्र राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद को प्रेषित करना ।
7) दायित्व सीबीईओ कार्यालय :
जिला कार्यालय से प्राप्त राशि को दस दिवस में ब्लॉक के समस्त विद्यालय की एसएमसी / एसडीएमसी को हस्तान्तरित करना। विलम्ब की स्थिति में परिषद कार्यालय अथवा निदेशालय स्तर से की जाने वाली कार्यवाही के लिये सम्बन्धित अधिकारी जिम्मेदार रहेंगे।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट की राशि का विद्यालय स्तर पर छात्र हित में समस्त राशि का उपयोग करवाया जाना सुनिश्चित करना।
विद्यालय स्तर पर राशि के उपयोग की मॉनीटरिंग करना।
ब्लॉक के समस्त पीईईओ / यूसीईईओ से वित्तीय वर्ष 2021-22 की सम्पूर्ण राशि के उपयोग का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त कर अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय को प्रेषित करना।
8) दायित्व पीईईओ / यूसीपीईईओ (सीआरसी) कार्यालय :
अधीनस्थ विद्यालयों द्वारा कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट राशि का दिशा-निर्देशों अनुसार विद्यार्थी हित में उपयोग किया जाना सुनिश्चित करना।
वित्तीय वर्ष 2021-22 पीईईओ विद्यालय एवं यूसीईईओ के अधीनस्थ विद्यालयों से कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट की सम्पूर्ण राशि के उपयोग का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त कर सीबीईओ कार्यालय को प्रेषित करना।
सीबीईओ कार्यालय द्वारा विद्यालयों को जारी राशि के उपयोग की सतत् मॉनीटरिंग करना।
9) दायित्व विद्यालय संस्थाप्रधान :
विद्यालय की एसडीएमसी / एसएमसी से विद्यालय की सुविधाओं के लिए आवश्यकताओं का चिन्हिकरण कर लिखित में प्रस्ताव प्राप्त करना एवं वर्षभर की आवश्यकताओं का वित्तीय अनुमान निर्धारित करना ।
एसडीएमसी / एसएमसी के 4 सदस्यों की क्रय समिति बनाना। इसमें अध्यक्ष एवं सचिव के अतिरिक्त 2 अभिभावक सदस्य हो तथा क्रय की गई सामग्री की गुणवत्ता उच्च स्तर की होना सुनिश्चित करना।
सामग्री क्रय कर रोकड बही स्टॉक रजिस्टर, बिल वाउचर को सुव्यवस्थित संधारित करना। 4. वित्तीय वर्ष के अंत में कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट की समस्त राशि के उपयोग का उपयोगिता प्रमाण-पत्र पीईईओ / यूसीईईओ कार्यालय को प्रेषित करना।
10) विशेष : लेखा सम्बन्धी बिन्दु
Latest Composite School Grant Guideline कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट दिशा-निर्देश सत्र 2024-25 एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र
इस मद में निर्धारित बजट सीमा से अधिक व्यय नहीं किया जाये । निर्धारित सीमा से अधिक व्यय किये जाने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाकर वसूली की जाएगी। क्रय हेतु वित्तीय नियमों का ध्यान रखा जाये ।
किये गये व्यय का निर्धारित समयावधि में उपयोगिता प्रमाण पत्र दिया जाकर समायोजन सुनिश्चित करवाया जाये ।
राशि का उपयोग गतिविधि व शिक्षा मंत्रालय के दिशा निर्देशानुसार एवं वित्तीय नियमों की पूर्ण पालना करते हुये विहित प्रक्रियानुसार किया जाना सुनिश्चित करें ।
क्रय की जाने वाली सामग्री में "राजस्थान लोक उपापन में पादरर्शिता अधिनियम 2012 एवं नियम 2013" की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जाये ।
कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट उपयोगिता प्रमाण पत्र परिशिष्ट : 1 (विद्यालय स्तर हेतु)
Latest Composite School Grant Guideline कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट दिशा-निर्देश सत्र 2024-25 एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र
कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट उपयोगिता प्रमाण पत्र परिशिष्ट : 1 (PEEO / UCEEO स्तर हेतु)
Latest Composite School Grant Guideline कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट दिशा-निर्देश सत्र 2024-25 एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र
कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट उपयोगिता प्रमाण पत्र परिशिष्ट : 1 (ब्लॉक स्तर हेतु)
Latest Composite School Grant Guideline कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट दिशा-निर्देश सत्र 2024-25 एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र
कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट उपयोगिता प्रमाण पत्र परिशिष्ट : 1 (जिला स्तर हेतु)
Latest Composite School Grant Guideline कम्पोजिट स्कूल ग्रान्ट दिशा-निर्देश सत्र 2024-25 एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र
Latest Composite School Grant Guideline / कंपोजिट स्कूल ग्रांट 2024-25 दिशा निर्देश एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र यहाँ से करें डाउनलोड
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Process of Recognition to Private Schools in Rajasthan / गैर सरकारी विद्यालयों को ऑनलाइन मान्यता दिये जाने की प्रक्रिया
Process of recognition to private schools in Rajasthan / गैर सरकारी विद्यालयों को ऑनलाइन मान्यता दिये जाने की प्रक्रिया : इस आर्टिकल में हमने गैर सरकारी विद्यालयों को ऑनलाइन मान्यता दिए जाने की संपूर्ण प्रक्रिया और उससे दिशानिर्देश के बारे में विस्तार से लिखा है। इस आर्टिकल में आप जानेगे कि एक गैर सरकारी विद्यालय को मान्यता लेने के लिए किन किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। किस प्रकार कमेटी का गठन करना होता है? साथ ही कौन कौन से मापदंड हैं जिन्हें हमें पूर्ण करना आवश्यक होता है?
साथ ही आप ये भी जानेगे कि ऑनलाइन आवेदन करते समय किस प्रक्रिया को हमें फॉलो करना है और कौन कौन से डॉक्यूमेंट हमें अपने पास अप टू डेट रखने है और कौन से डॉक्यूमेंट है जो पोर्टल के ऊपर अपलोड होंगे। Process of Recognition to Private Schools in Rajasthan / गैर सरकारी विद्यालयों को ऑनलाइन मान्यता दिये जाने की प्रक्रिया
अध्याय-1 : परिचय
राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम, 1989 एवं राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था (मान्यता, सहायता अनुदान और सेवा शर्ते आदि) नियम, 1993 में विभिन्न स्तर की गैर सरकारी शैक्षिक संस्थाओं को मान्यता देने का प्रावधान है। राज्य में इन अधिनियम एवं नियमों के अन्तर्गत प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर की 37 हजार से अधिक संस्थाऐं संचालित है। इन संस्थाओं का राज्य में शिक्षा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इन संस्थाओं की अनुभूत कठिनाइयों तथा विभाग की आवश्यकताओं को देख हुए समय-समय पर अधिनियम एवं नियमों के दायरे में अनेक अधिसूचनाओं में संशोधन, नई आज्ञा एवं नए आदेश जारी किए गए हैं।
गैर सरकारी शैक्षिक संस्थाओं की सुविधा तथा विभागीय कार्यालयों के कार्य को सुगम एवं पारदर्शी बनाने की दृष्टि से शैक्षिक सत्र 2016-17 से समस्त प्रकार की मान्यताओं को ऑनलाइन किया गया है। शैक्षिक सत्र 2020-21 में ऑनलाइन मान्यता हेतु शैक्षिक संस्थाओं एवं विभागीय कार्यालयों के करणीय कार्यों के सम्बन्ध में राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम, 1989 एवं नियम, 1993 तथा समय-समय पर जारी अधिसूचनाओं / आदेश / परिपत्रों के आधार पर तैयार कर विस्तृत दिशा निर्देश प्रसारित किए जा रहे हैं।
यदि इन दिशा निर्देशों में और मूल अधिनियम / नियम / अधिसूचना / आदेश / परिपत्रों में कोई विसंगति पायी जाए तो मूल अधिनियम / नियम / अधिसूचना / आदेश / परिपत्र ही मान्य होंगे।
अध्याय 2: आवेदन एवं पात्रता
1.. आवेदन करना राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम, 1999 एवं नियम, 1993 के प्रावधानानुसार गैर सरकारी शैक्षिक संस्थाओं को किसी भी प्रकार की मान्यता (नवीन मान्यता, क्रमोन्नति माध्यम परिवर्तन, नाम परिवर्तन, स्थान परिवर्तन, वर्ग परिवर्तन सोसायटी परिवर्तन, अतिरिक्त माध्यम, अतिरिक्त विषय दो पारी विद्यालय संचालन इत्यादि) के लिए ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा। यह आवेदन राजस्थान सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के प्राइवेट स्कूल पोर्टल (www.rajpsp.nic.in) पर करना होगा।
2. नवीन मान्यता, कमोन्नति एवं अन्य मान्यताओं हेतु पात्रता कोई भी गैर-सरकारी शैक्षिक संस्था प्राथमिक ( कक्षा 1-5 तक) अथवा उच्च प्राथमिक (कक्षा 1-8 तक) स्तर की नवीन मान्यता हेतु आवेदन कर सकती है, प्राथमिक से उच्च प्राथमिक, उच्च प्राथमिक से माध्यमिक एवं माध्यमिक से उच्च माध्यमिक स्तर की कमोन्नति हेतु आवेदन कर सकती है तथा माध्यम परिवर्तन, स्थान परिवर्तन, नाम परिवर्तन, अतिरिक्त माध्यम, अतिरिक्त विषय माध्यम परिवर्तन सोसायटी परिवर्तन, दो पारी विद्यालय संचालन इत्यादि के लिए आवेदन कर सकती है, Process of Recognition to Private Schools in Rajasthan / गैर सरकारी विद्यालयों को ऑनलाइन मान्यता दिये जाने की प्रक्रिया
इन समस्त प्रकार की मान्यताओं के लिए पात्रता की न्यूनतम शर्ते निम्नानुसार हैं
2.1. आधारभूत संरचना एवं आवश्यक सुविधाऐं: विभिन्न प्रकार की मान्यताओं हेतु आधारभूत संरचना एवं आवश्यक सुविधायें संलग्न परिशिष्ट 3 के अनुसार होगी।
2.2 शिक्षक एवं अन्य कर्मचारीवृन्द : विभिन्न प्रकार की मान्यताओं हेतु शिक्षक एवं अन्य कर्मचारीवृन्द संलग्न परिशिष्ट-4 के अनुसार होंगे।
2.3 सोसाइटी / ट्रस्ट का पंजीकरण : संस्था की मान्यता के लिए आवेदन करने वाली सोसाइटी / ट्रस्ट का पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीकरण के प्रमाण पत्र को स्कैन करके अपलोड करना होगा।
2.4 सोसाइटी / ट्रस्ट के उद्देश्यों में शैक्षिक संस्था खोलने का उद्देश्य :- संस्था की मान्यता के लिए आवेदन करने वाली सोसाइटी / ट्रस्ट के उद्देश्यों में शैक्षिक संस्था खोलने का उद्देश्य होना आवश्यक है। सोसाइटी / ट्रस्ट के उद्देश्यों को स्केन करके अपलोड करना होगा।
2.5 शुल्क :- समस्त प्रकार के आवेदन शुल्क ऑनलाइन ई-ग्रास पोर्टल के माध्यम से जमा कराने होंगे तथा आरक्षित कोष की राशि का डीडी सचिव बालिका शिक्षा फाउण्डेशन, जयपुर के नाम से बनेगा। मान्यता आवेदन शुल्क की राशि आवेदन पत्र के साथ ही देनी होगी तथा आरक्षित कोष की राशि का डी.डी. तथा फिक्सड डिपोजिट की गयी राशि का विवरण आवेदन पत्र की जाँच एवं भौतिक सत्यापन के पश्चात् संस्था के मान्यता के योग्य पाए जाने की स्थिति में ही देना होगा। इसके लिए सम्बन्धित जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आवेदनकर्ता को समय पर सूचित किया जाएगा। समस्त प्रकार के शुल्क प्राप्त होने पर ही मान्यता जारी की जायेगी। समस्त प्रकार का आवेदन शुल्क अदेय (Non Refundable) रहेगा ।
2.6 शपथ पत्र– सोसाइटी द्वारा विद्यालय से सम्बंधित दी जा रही प्रमुख सूचनाओं को 100 रूपये के स्टाम्प पेपर पर नोटरी द्वारा प्रमाणित करवाकर शपथ पत्र के रूप में प्रस्तुत करना होगा।
2.7 विद्यालयों को दी जाने वाली छूट:- गैर सरकारी विद्यालयों को भूमि रूपान्तरण एवं अन्य छूट दिये जाने के लिये राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश क्रमांक प9 (2) शिक्षा-5 / 2010 पार्ट0 3.07.2012, 2007 2012, 14.08.2012 06.05.2013, 31.05.13 एवं आदेश क्रमांक प.9 (1) शिक्षा – 5 / भूमि रूपान्तरण / 2016 जयपुर दिनांक 04.01.2017 द्वारा प्रदत्त छूट / शिथिलन नव कमोन्नत विद्यालयों हेतु लागू नहीं रहेगी।
2.8 विद्यालयों के लिए ग्रामीण क्षेत्र में लागू भूमि सम्बन्धित नवीन / संशोधित अनिवार्यता:- गैर सरकारी विद्यालयों को ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि की अनिवार्यता में शिथिलन प्रदान किये जाने हेतु राज्य सरकार स्तर से सक्षम स्वीकृति उपरान्त जारी आदेश क्रमांक प.9 (6) शिक्षा-5 / आनलाइन मान्यता / 2020-21 जयपुर दिनांक 23.07.2020 के तहत् ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि के माप की अनिवार्यता को पूर्व में प्रभावी 5000 वर्गमीटर से संशोधित कर 4000 वर्गमीटर वर्तमान सत्र से प्रभावी कर दिया गया हैं।
2.9 किसी भी प्रकार के आवेदन / परिवर्तन के लिए औचित्य सहित प्रबंध कार्यकारिणी का प्रस्ताव आवश्यक होगा।
2.10 किराये के भवन को रजिस्टर्ड किरायानामा प्रस्तुत करने पर भवन परिवर्तन की स्वीकृति दी जाएगी।
2.11 विद्यालय के स्थान परिवर्तन किये जाने पर आरटीई के तहत प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए विद्यालय को स्वयं के स्तर पर विद्यार्थियों के लिये नये विद्यालय भवन तक आवागमन की निःशुल्क व्यवस्था करनी होगी।
2.12 दो पारी में वर्तमान में संचालित शिक्षण संस्थाओं को 03 माह की अवधि (विज्ञप्ति जारी होने की दिनाक से)में निर्धारित शुल्क (प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक के लिए 1,00,000 रूपये एवं माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक के लिए 3,00,000 रुपये) जमा करवाये जाकर स्वीकृति प्राप्त करनी है। विलम्ब करने की स्थिति में 10,000 रूपये प्रति 30 दिवस पर शास्ति वसूल की जाएगी।
Process of Recognition to Private Schools in Rajasthan / गैर सरकारी विद्यालयों को ऑनलाइन मान्यता दिये जाने की प्रक्रिया
अध्याय-3. आवेदन की प्रक्रिया –
3.1. विद्यालय का पंजीयन एवं पासवर्ड प्राप्त करना – सभी प्रकार की मान्यताओं हेतु आवेदन राजस्थान सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के प्राइवेट स्कूल पोर्टल (www.rajpsp.nic.in) पर करना होगा। सर्वप्रथम गैर सरकारी विद्यालय को पोर्टल पर पंजीयन करना होगा जिसके लिए आवश्यक सूचनाएँ प्रविष्ट करने के बाद मोबाइल पर पीएसपी. कोड एवं पासवर्ड प्राप्त होगा। पंजीयन के बाद विद्यालय स्वयं का पासवर्ड बदल सकेंगे जो भविष्य में लॉगिन करने हेतु आवश्यक होगा। जिन गैर सरकारी विद्यालयों के पास इस पोर्टल पर लॉगिन करने हेतु पहले से ही पीएसपी कोड एवं पासवर्ड उपलब्ध है, वे विद्यालय मान्यता हेतु भी उसी पासवर्ड से लॉगिन करें इन विद्यालयों को नवीन पंजीयन नहीं करना है।
3.2 विद्यालय सम्बन्धी सूचनाओं की ऑनलाइन प्रविष्टि – लॉगिन करने के बाद विद्यालय अपनी आधारभूत संरचना, आवश्यक सुविधाऐं एवं कर्मचारियों सम्बन्धी सभी आवश्यक सूचनाओं की ऑनलाइन प्रविष्टि करेंगे। इस कार्य में सुविधा के लिए विद्यालय, पोर्टल पर उपलब्ध आवेदन के प्रारूप पहले से ही भर कर तैयार रखे। समस्त सूचनाओं की पूर्ण एवं सही प्रविष्टि की स्थिति में ही इन्हें लॉक करें।
3.3 विद्यालय सम्बन्धी दस्तावेजों को अपलोड करना – मान्यता के सम्बन्ध में आवश्यक समस्त दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड करना है। (अपलोड किये जाने वाले दस्तावेजों की सूची परिशिष्ट-7)। जिन दस्तावेजों को अपलोड किया जाना है, उनको पहले से ही स्केन कर के पैन ड्राइव में तैयार रखें। अपलोड किए जाने वाले समस्त दस्तावेजों का पूर्ण पठनीय होना आवश्यक है। दस्तावेज पीडीएफ / जेपीजी फॉर्मेट में होना तथा प्रत्येक दस्तावेज एक एमबी से कम साइज का होना आवश्यक है।
3.4 आवेदन हेतु आवश्यक शुल्क को जमा करवाना – विभिन्न प्रकार की मान्यता के लिए शुल्क की राशि भी अलग-अलग है, अतः इस राशि की ठीक से गणना कर लें तथा उसके अनुसार ही समस्त प्रकार के आवेदन शुल्क ई-ग्रास पोर्टल के माध्यम से जमा कराने होंगे। मान्यता आवेदन शुल्क की राशि ई-ग्रास पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा होगी एवं आरक्षित कोष की राशि के डिमाण्ड अलग से जमा होगी। ड्राफ्ट
3.5 आवेदन की हार्ड कॉपी तैयार करना – समस्त सूचनाओं की पूर्ण एवं सही प्रविष्टि के बाद ई-ग्रास के माध्यम शुल्क जमा करवाने एवं चालान की प्रति प्राप्त हो जाने के उपरान्त ही आवेदन को लॉक करें तथा इसका प्रिंटआउट ले लें। आवेदन के प्रिंटआउट पर विद्यालय संचालन समिति के सचिव के हस्ताक्षर एवं मोहर लगावें। आवेदन के साथ आवश्यक समस्त दस्तावेज (संलग्न किये जाने वाले दस्तावेजों की सूची परिशिष्ट-8) संलग्न करें तथा विद्यालय के 5 फोटो जो अपलोड किये गये है, भी लगावें। पूर्ण आवेदन पत्र तैयार कर विद्यालय में सुरक्षित रखें। उक्त हार्ड कॉपी मय संलग्न पत्रावली निरीक्षण हेतु उपस्थित होने वाले जाँच दल के प्रभारी को विद्यालय निरीक्षण के समय संस्था
3.6 द्वारा उपलब्ध करवाया जाना सुनिश्चित करें। प्राथमिक या उच्च प्राथमिक स्तर की नवीन मान्यता / कमोन्नति / नाम / स्थान / वर्ग / माध्यम परिवर्तन / अतिरिक्त माध्यम आदि के आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक शिक्षा मुख्यालय को प्रेषित किये जाएंगे।
3.7 जो विद्यालय पहले से ही मान्यता प्राप्त हैं वे विद्यालय किसी भी स्तर के नाम / स्थान / माध्यम / वर्ग परिवर्तन / माध्यम / संकाय / विषय / उच्च प्राथमिक माध्यमिक / माध्यमिक उच्च माध्यमिक स्तर की कमोन्नति हेतु अपने आवेदन संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक मुख्यालय को ऑनलाईन प्रेषित करेंगे।
Process of Recognition to Private Schools in Rajasthan / गैर सरकारी विद्यालयों को ऑनलाइन मान्यता दिये जाने की प्रक्रिया
अध्याय-4 : आवेदन पत्रों की जॉच
आवेदन पत्रों को कार्यालय में प्राप्त करना एवं ऑन लाइन जॉच करना
4.1 संस्था द्वारा किये गये ऑनलाइन आवेदन की पत्रावली को कार्यालय में प्राप्त करते समय पत्रावली में उपलब्ध ऑनलाइन आवेदन पत्र की प्रविष्टियों एवं आवेदन में वर्णित एवं संलग्न किये गये दस्तावेजों का ठीक से मिलान कर लें।
4.2 आवेदन पत्रों की जाँच का कार्य ऑनलाइन तरीके से किया जाना है। यह जॉच संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी के लॉगइन में उपलब्ध विद्यालय के ऑनलाइन आवेदन पत्रावली के माध्यम से की जायेगी।
4.3 सर्वप्रथम विद्यालय द्वारा दी गई मान्यता आवेदन शुल्क की राशि का मिलान करना है। ये जाँच लें आवेदन शुल्क की जितनी राशि आवेदन पत्र में अंकित है, उतनी राशि ई-ग्रास के माध्यम से विद्यालय द्वारा जमा करवा दी गई है। एक से अधिक आवेदन होने की स्थिति में यह सुनिश्चित कर लें कि आवेदन पत्र में सभी प्रकार के निर्धारित शुल्क ई-ग्रास के माध्यम से जमा करवा दिये गए हैं।
4.4 विद्यालय टीएसपी अथवा नॉन टीएसपी एरिया में है, इसकी भी जाँच कर लें तथा यह सुनिश्चित कर लें कि मान्यता शुल्क की राशि इस विवरण के अनुसार सही है।
4.5 मान्यता आवेदन शुल्क की जाँच करने के पश्चात् ऑन लाइन आवेदन के समय संस्था द्वारा अपलोड किये गये दस्तावेजों का मिलान किया जाना है। ऑनलाइन अपलोड किये गये दस्तावेजों को खोलकर देख लें तथा यह सुनिश्चित कर लें कि सही दस्तावेज ही अपलोड किये गये हैं।
4.6. मान्यता आवेदन शुल्क की राशि के ई-ग्रास सबंधी अपूर्ण प्रविष्टियों अथवा सही राशि का ई-ग्रास में जमा शुल्क राशि से मिलान नहीं होने अथवा किसी दस्तावेज के अपलोड न होने अथवा अपूर्ण होने की स्थिति में उसके सामने सही नहीं पाया गया का विकल्प चयन करें। इस विकल्प का चयन करते ही इस विद्यालय के ऑनलाइन आवेदन में मान्यता आवेदन शुल्क विवरण एवं दस्तावेजों के अपलोड करने संबंधी क्षेत्र अनलॉक हो जाएंगे तथा इसकी सूचना विद्यालय के लॉगइन में प्रदर्शित हो जाएगी।
4.7 विद्यालय की सूचना अनलॉक होने के बाद आगामी पाँच कार्य दिवसों में विद्यालय को अपनी ऑनलाइन आक्षेप पूर्ति पूर्ण कर आवेदन को ऑनलाईन पुन लॉक करना है जिसकी सूचना सम्बंधित जिशिअ के लॉगइन में प्रदर्शित हो जाएगी। संस्था द्वारा प्रिंट आउट एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में निर्धारित अवधि में जमा कराने होंगे जिससे विद्यालय की पत्रावली पूर्ण हो सके। निर्धारित अवधि में संस्था द्वारा आवेदन लॉक एवं पत्रावली सम्बंधित जिशिअ कार्यालय में जमा नहीं करवाये जाने की स्थिति में विद्यालय का आवेदन स्वतः ही निरस्त माना जाएगा, जिसके लिए आवेदक विद्यालय स्वयं उत्तरदायी रहेगा।
4.8 आक्षेप पूर्ति के लिये अनलॉक किये गये आवेदन एवं अपलोड किये जाने वाले दस्तावेजों की हॉर्डकॉपी को ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि के बाद की तिथियों के उपरान्त भी स्वीकार किये जाएंगे। एक बार आक्षेप लगने के बाद निर्धारित अवधि में आक्षेप पूर्ति नहीं होने की स्थिति में आवेदन को अपूर्ण मानकर निरस्त कर दिया जाएगा तथा इसकी सूचना संस्था को पोर्टल पर दे दी जाएगी।
4.9 जिन विद्यालयों की मान्यता शुल्क एवं अपलोड किये गए दस्तावेजों की प्रविष्टियों सही पायी जाती हैं, उन विद्यालयों के लिये आवेदन पत्र के साथ संलग्न किये गये दस्तावेजों एवं आवेदन पत्र की अन्य प्रविष्टियों की ऑनलाइन जाँच की जा सकेगी।
4.10 आवेदन पत्र के साथ संलग्न किये गये दस्तावेजों में किसी दस्तावेज के संलग्न नहीं होने या अपूर्ण पाये जाने पर आक्षेप की सूचना विद्यालय को पोर्टल पर विद्यालय लॉगइन में प्रदर्शित होगी। विद्यालय भौतिक निरीक्षण के समय ऑनलाईन आवेदन की हार्ड कॉपी एवं समस्त वाछित दस्तावेजों की 02 प्रतियों में पत्रावली तैयार कर एक पत्रावली निरीक्षण दल को उपलब्ध करवानी होगी तथा एक पत्रावली विद्यालय द्वारा स्वयं के रिकॉर्ड सधारण हेतु सुरक्षित रखी जाएगी, विद्यालय द्वारा निरीक्षण दल को उपलब्ध करवायी जाने वाली पत्रावली को मय निरीक्षण रिपोर्ट (हॉर्डकॉपी) दल प्रभारी द्वारा 02 दिवस की अवधि में सम्बंधित जिशिअ कार्यालय में जमा करवानी होगी।
4.11 गैर सरकारी विद्यालयों के आवेदन प्रक्रिया में सम्पर्ण पारदर्शिता एवं आवेदक विद्यालय को सूचना हेतु निम्नानुसार कार्यवाही की जाएगी : निरीक्षण दल गठन की सूचना आक्षेपित प्रकरणों की सूचना निदेशालय द्वारा मान्यता / क्रमोन्नति हेतु अनुमोदन / निरस्त जारी करना, जिशिअ के द्वारा मान्यता प्रमाण पत्र 07 दिवस में जारी करने की सूचना विद्यालय के लॉगईन में प्रदर्शित होगी तथा मान्यता के लिये अपात्र पायी गयी संस्थाओं को जिशिअ द्वारा 07 दिवस की अवधि के भीतर जरिये रजिस्टर्ड पत्र प्रेषित कर सूचित किया जाएगा।
Process of Recognition to Private Schools in Rajasthan / गैर सरकारी विद्यालयों को ऑनलाइन मान्यता दिये जाने की प्रक्रिया
5 विद्यालयों के निरीक्षण हेतु दलों का ऑनलाइन गठन :–
5.1 संस्था द्वारा आवेदन पत्र में दी गई समस्त सूचनाओं का भौतिक सत्यापन एक दल द्वारा किया जाएगा जिसका गठन ऑनलाइन तरीके से किया जाएगा, जिसकी सूचना भौतिक सत्यापन से पूर्व विद्यालय के लॉगईन में प्रदर्शित होगी।
5.2. विद्यालय द्वारा ऑनलाईन आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण कर लेने के पश्चात् ई-ग्रास के मार्फत निर्धारित शुल्क जमा करवा देने की स्थिति में स्वतः ही ऑनलाईन प्रक्रिया के माध्यम से भौतिक निरीक्षण हेतु दल गठन का कार्य सम्पन्न हो जाएगा। जिसकी सूचना विद्यालय के लॉगइन में प्रदर्शित होगी। निरीक्षण दल के प्रभारी को एस.एम.एस के द्वारा विद्यालय निरीक्षण की सूचना स्वतः ही उपलब्ध होगी।
5.3 निरीक्षण दल के प्रभारी को शालादर्पण के स्टॉफ लॉगइन में जाकर गठित दल के 02 अन्य सदस्यों से समन्वय स्थापित कर मॉड्यूल में उपलब्ध निरीक्षण प्रतिवेदन की प्रति को डाउनलोड कर विद्यालय में उपस्थित होकर भौतिक सत्यापन करने के उपरान्त निरीक्षण प्रतिवेदन के बिन्दुओं की पूर्ति कर लेने के पश्चात् दल प्रभारी के शाला दर्पण में उपलब्ध स्टॉफ लॉगइन में जाकर निरीक्षण प्रतिवेदन को अनुशंसा सहित अपलोड (07 दिवस) करना है। सम्बंधित विद्यालय से आवेदन प्रपत्र शुल्क की चालान की प्रति एवं समस्त वांछित दस्तावेजों की भौतिक प्रति प्राप्त कर आगामी 02 दिवस में सम्बंधित जिशिअ कार्यालय में जमा करवाया जाना सुनिश्चित करना
5.4 निरीक्षण दल के प्रभारी को उपलब्ध करवाये गये 02 कार्मिकों को उचित कारण (जिशिअ को कारण की प्रति निरीक्षण रिपोर्ट के साथ जमा करवानी है ) होने पर स्वयं प्रभारी द्वारा परिवर्तित करने की सुविधा स्टॉफ लॉगईन में उपलब्ध है। दल प्रभारी / समस्त दल के कार्मिकों को बदलने हेतु जिशिअ के माध्यम से निदेशालय को प्रार्थना पत्र अग्रेषित किया जाना है।
5.5 प्रारम्भिक शिक्षा के विद्यालयों के सत्यापन हेतु गठित दल में कुल दो सदस्य होंगे जिनमें से दल के अध्यक्ष के रूप में / अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी प्राशि / माशि कार्यालय जिशिअ मुख्यालय / अतिरिक्त ब्लॉक शिक्ष अधिकारी प्रथम / द्वितीय / प्रधानाध्यापक माध्यमिक विद्यालय / व्याख्याता को लगाया जाएगा तथा दल के सदस्य के रूप में प्रधानाध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय को लगाया जाएगा।
5.6 गैर सरकारी विद्यालयों के सत्यापन हेतु गठित दल में कुल 03 सदस्य होंगे जिनमें से दल के अध्यक्ष के रूप में प्रधानाचार्य उमावि / अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी प्राशि / माशि कार्यालय जिशिअ मुख्यालय / समकक्ष अधिकारी एवं दल के प्रथम सदस्य के रूप में व्याख्याता / प्रधानाध्यापक मावि / समकक्ष अधिकारी एवं दल के द्वितीय सदस्य के रूप में एक लेखा संबंधित कार्मिक / मंत्रालयिक कर्मचारी लगाया जाएगा।
5.7 एक दल द्वारा अधिकतम दो गैर सरकारी विद्यालयों का सत्यापन किया जाएगा।
Process of Recognition to Private Schools in Rajasthan / गैर सरकारी विद्यालयों को ऑनलाइन मान्यता दिये जाने की प्रक्रिया
अध्याय-6. विद्यालय का निरीक्षण / भौतिक सत्यापन:
6.1 सत्यापन दलों को ऑनलाइन निरीक्षण आदेश के 7 दिवस या निरीक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अतिम तिथि, जो भी पहले हो तक अनिवार्य रूप से निरीक्षण करना है। सत्यापन के बाद अगले 102 दिवस में सत्यापन रिपोर्ट संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय कार्यालय में जमा करानी होगी। निर्धारित तिथि तक निरीक्षण प्रपत्र जमा नहीं कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
6.2 निरीक्षण दलों को सामान्यतः बदला नहीं जायेगा। केवल निरीक्षण दल के सदस्यों की मृत्यु, स्थानान्तरण, पदोन्नति पर अन्यत्र कार्यग्रहण अथवा गंभीर बीमारी के कारण कार्य करने में असमर्थता की स्थिति में ही निरीक्षण दल बदला जा सकेगा। इसकी सूचना जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा निदेशालय को दी जाएगी तथा निदेशालय द्वारा तथ्यों से संतुष्ट होने की स्थिति में नये निरीक्षण दल का गठन ऑन लाइन तरीके से करना होगा।
6.3 निरीक्षण कर्ताओं द्वारा निर्धारित अवधि में आवंटित विद्यालयों का निरीक्षण कर निरीक्षण रिपोर्ट संबंधित कार्यालय में जमा करानी होगी।
6.4 विद्यालय द्वारा दी गई समस्त सूचनाओं तथा संलग्न दस्तावेजों के आधार तथ्यों का सत्यापन करना है। सत्यापन दल को सत्यापित तथ्यों एवं निर्धारित मापदण्डों के आधार पर मान्यता के संबंध में स्पष्ट अनिशेषा करनी होगी।
6.5 सत्यापन दलों से प्राप्त रिपोर्ट को निरीक्षण दल प्रभारी द्वारा तत्काल पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा एवं हॉर्डकॉपी मय पत्रावली सम्बंधित जिशिअ कार्यालय में 02 दिवस की अवधि की में जमा करवाना है।
6.6 सत्यापन दल द्वारा सत्यापित / दी गई सूचनाओं के संबंध में कोई विसंगति या भिन्न स्थिति पायी जाती है तो सत्यापन दल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
Process of Recognition to Private Schools in Rajasthan / गैर सरकारी विद्यालयों को ऑनलाइन मान्यता दिये जाने की प्रक्रिया
अध्याय-7 मान्यता अनुमोदन
मान्यता का निदेशालय / राज्य सरकार से अनुमोदन प्राप्त करना:
7.1 निरीक्षण के उपरान्त प्राप्त प्रतिवेदनों का जिला शिक्षा अधिकारी भली-भांति अध्ययन कर लें। प्रतिवेदन में दिए गए तथ्यों से पूर्ण रूप से सन्तुष्ट होने पर ऑनलाईन प्रविष्टि कर दें तथा अपना अभिमत भी दर्ज कर दें।
7.2. मान्यता के जो आवेदन पत्र अनुमोदन हेतु निदेशालय भिजवाए जाने हैं उन विद्यालयों की सूचना ऑनलाइन दर्ज कर दें तथा पत्रावलियों को तत्काल निदेशालय प्रेषित कर दें।
7.3. निदेशालय द्वारा अनुमोदन हेतु प्राप्त पत्रावलियों की सूचना ऑनलाइन दर्ज की जाएगी तथा जिन पत्रावलियों पर अनुमोदन दिया जाएगा उनकी सूचना भी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी।
7.4\ यदि किसी विद्यालय के मान्यता आवेदन में एक से अधिक विकल्पों का चयन किया गया है तो राज्य सरकार से अनुमोदनोपरान्त शेष विकल्पों का अनुमोदन निदेशालय द्वारा किया जाएगा तथा प्रकरण संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी को भिजवा दिया जाएगा।
अध्याय 6 ( A ) मान्यता प्रमाण-पत्र / निरस्ति प्रमाण पत्र जारी करना
विद्यालयों को मान्यता प्रमाण-पत्र जारी करना:
8.1 जिन प्रतिवेदनों में निरीक्षण दल द्वारा मान्यता दिये जाने हेतु स्पष्ट अभिषेशा की है। तथा उनके तथ्यों से संतुष्ट होने की स्थिति में तथा जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा भी मान्यता दिये जाने की अभिशषा की गयी है उन संस्थाओं / विद्यालयों को गुणावगुण एंव समीक्षा के पश्चात् निदेशालय द्वारा मान्यता दिए जाने का अनुमोदन अथवा मान्यता हेतु अपात्र किया जायेगा। मान्यता अथवा अपात्र होने की सूचना एनआईसी द्वारा पोर्टल पर एवं मैसेज द्वारा संबंधित संस्था को 4 कार्य दिवस में दिया जाना सुनिश्चित किया जायें।
8.2 ऐसे पात्र विद्यालयों के लिए आरक्षित कोष (फिक्सड डिपोजिट) का दस्तावेज तथा बालिका शिक्षा फाउण्डेशन की देय राशि का ड्राफ्ट मान्यता अनुमोदन के 7 दिवस से पूर्व अथवा मान्यता दिए जाने की अंतिम तिथि जो भी पहले है तक जमा कराने हेतु संबंधित संस्था को पत्र भेजा जाएगा।
8.3 निर्धारित तिथि तक आरक्षित कोष (फिक्सड डिपोजिट) का दस्तावेज तथा बालिका शिक्षा फाउण्डेशन की देय राशि का ड्राफ्ट प्राप्त होने पर इसकी ऑनलाइन प्रविष्टि की जाएगी। जिन संस्थाओं से निर्धारित तिथि तक यह दस्तावेज प्राप्त नहीं होते है वह विद्यालय मान्यता के लिए अपात्र हो जाएंगे। इसकी सूचना एन.आई.सी द्वारा पोर्टल पर एवं मैसेज द्वारा संबंधित संस्था को दिया जाना सुनिश्चित किया जावें।
8:4 उपरोक्त दस्तावेज के विवरण की ऑनलाईन प्रविष्टि के बाद इन विद्यालयों को मान्यता का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। यह प्रमाण पत्र ऑनलाइन प्रिंट होगा तथा जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षरों से जारी किया जाएगा।
8.5 जिन विद्यालयों कि मान्यता के लिए निदेशालय / राज्य सरकार से अनुमोदन प्राप्त करना है उन विद्यालयों को मान्यता दिए जाने की प्रक्रिया अनुमोदन प्राप्त होने के बाद प्रारम्भ की जाएगी जो उपरोक्तानुसार ही रहेगी। संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय कार्यालय द्वारा भी इनको सूचित किया जाएगा।
8.6 समस्त विद्यालयों की मान्यताऐं निर्धारित तिथि तक तथा संभव एक साथ जारी की जाएंगी। निर्धारित तिथि तक मान्यता का कार्य पूर्ण नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
Process of Recognition to Private Schools in Rajasthan / गैर सरकारी विद्यालयों को ऑनलाइन मान्यता दिये जाने की प्रक्रिया
कक्षा 10 के लिए शानदार सम्पूर्ण अध्याय क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
Process of Recognition to Private Schools in Rajasthan / गैर सरकारी विद्यालयों को ऑनलाइन मान्यता दिये जाने की प्रक्रिया
अध्याय 9 मान्यता हेतु अपात्र संस्थाओं को सूचित करना-
जिन विद्यालयों के आवेदन को निरीक्षण के दौरान अथवा जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा अथवा निदेशालय / राज्य सरकार द्वारा मान्यता दिए जाने योग्य नहीं पाया गया है उनकी सूचना पोर्टल पर ऑनलाइन प्रविष्ट की जाए तथा इस सूचना का पत्र ऑनलाइन प्रिंट कर आवेदनकर्ता सोसाइटी को भी प्रेषित किया जाएगा।
आवेदन पत्र के साथ संलग्न किये गये दस्तावेजों का विवरण
सोसायटी के पंजीयन प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति।
सोसायटी के विधान की सत्यापित प्रति जिसमें सोसायटी के शैक्षिक उद्देश्यों का उल्लेख है।
सोसायटी की नवीनतम रजिस्टर्ड कार्यकारिणी के सदस्यों की प्रमाणित सूची मय विभागीय प्रतिनिधि।
विद्यालय नवीन मान्यता / क्रमोन्नति / नाम स्थान माध्यम परिवर्तन / अतिरिक्त माध्यम, विषय, संकाय इत्यादि के संबंध में कार्यकारिणी द्वारा लिये गये निर्णय की सत्यापित प्रति |
विद्यालय को पूर्व में जारी समस्त प्रकार की मान्यताओं की सत्यापित प्रतियों (नवीन मान्यता के आवेदन में आवश्यक नहीं) ।
विद्यालय भवन व खेल मैदान की भूमि विद्यालय संचालित करने वाली सोसायटी की है तो भूमि के मालिकाना हक के रजिस्टर्ड दस्तावेज की सत्यापित प्रति।
विद्यालय भवन व खेल मैदान की भूमि सोसायटी की नहीं है तो रजिस्टर्ड किरायेनामे की सत्यापित प्रति ( भूमि के मालिकाना हक के दस्तावेजों सहित ) ।
विद्यालय भवन व खेल मैदान की भूमि का सक्षम स्तर से संस्थानिक प्रयोजनार्थ रूपान्तरण के आदेश की सत्यापित प्रति ।
विद्यालय भवन का सक्षम अधिकारी द्वारा जारी सुरक्षा प्रमाण पत्र की प्रति।
विद्यालय भवन व खेल मैदान का सक्षम अधिकारी द्वारा प्रमाणित ब्लू प्रिंट नक्शे की प्रति।
विद्यालय की आय-व्यय की सी.ए. द्वारा प्रमाणित गत तीन वर्षों की रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति (नवीन मान्यता के आवेदन हेतु लागू नहीं) ।
विद्यालय के पाँच रंगीन फोटो जो आवेदन के साथ अपलोड किये गये है।
मान्यता शुल्क का ई-ग्रास चालान।
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आवेदन के समय अपलोड किये गये दस्तावेजों का विवरण
सोसाइटी के पंजीयन प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति |
सोसाइटी के विधान की सत्यापित प्रति जिसमें सोसाइटी के भौतिक उद्देश्यों का उल्लेख है।
विद्यालय भवन एवं खेल मैदान का सक्षम अधिकारी द्वारा जारी नवीनतम प्रमाणित ब्लू प्रिन्ट एवं नक्शे की प्रति
शपथ पत्र।
विद्यालय के पांच रंगीन फोटो जो आवेदन के साथ अपलोड किये गये हैं।
विद्यालय का नवीनतम मान्यता प्रमाण-पत्र।
शपथ पत्र का प्रारूप
(यह शपथ पत्र 100 रूपये के स्टाम्प पेपर पर नोटरी से प्रमाणित करवाकर आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना है)
मैं .................. ................. पिता/पति ................. .............. सोसायटी का पूरा नाम व पता..................................... ............ ........ के सचिव के पद पर कार्यरत हूँ। इस सोसाइटी द्वारा संचालित विद्यालय (संस्था) का नाम व पता.......... ...... ........ के सम्बन्ध में मैं शपथ पूर्वक बयान करता / करती हैं कि-
(नोट:- प्रारम्भिक एवं माध्यमिक स्तर की समस्त प्रकार की मान्यताओं के लिए)
संस्था भवन में बालक-बालिकाओं के लिए पृथक-2 शौचालय व मूत्रालय एवं शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था है।
संस्था के प्रबन्ध मण्डल / सदस्य साम्प्रदायिक एवं राजनैतिक गतिविधियों में भाग नहीं लेते हैं तथा ना ही भविष्य में भाग लेंगे।
संस्था भवन में अग्नि शमन यंत्र स्थापित कर दिया गया है (रसीद संलग्न है।
संस्था परिसर में किसी प्रकार का मोबाईल टॉवर लगा हुआ नहीं है।
संस्था भवन व परिसर के ऊपर एवं आस-पास से विद्युत की हाई टेन्शन लाईन नहीं गुजर रही है।
संस्था में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था है एवं समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जाता है।
संस्था द्वारा राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम, 1989 एवं राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था (मान्यता सहायता अनुदान और सेवा शर्ते आदि) नियम, 1993 तथा बोर्ड की मान्यता संबंधी सभी भौतिक एवं वित्तीय शर्तों की पालना की जायेगी।
संस्था द्वारा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 एवं राजस्थान निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियम, 2011 की पालना की जायेगी।
संस्था में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए शारीरिक एवं स्वास्थ्य शिक्षा तथा खेलकूद, मनोरंजन की व्यवस्था की जायेगी।
संस्था द्वारा राज्य सरकार / स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित पाठयक्रम एवं पाठ्य पुस्तको द्वारा ही अध्ययन करवाया जायेगा।
संस्था द्वारा राज्य सरकार / स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित शैक्षणिक कलैन्डर का पालन किया जायेगा।
संस्था द्वारा राजस्थान विद्यालय (फीस का विनिमयन) अधिनियम, 2016 एवं राजस्थान विद्यालय (फीस का विनिमयन) नियम, 2017 की पालना की जायेगी तथा विद्यार्थियों से निर्धारित फीस ही ली जायेगी।
संस्था के विरुद्ध न्यायालय में किसी प्रकार का प्रकरण विचाराधीन नहीं है तथा कोई भी विभागीय जांच लम्बित नहीं है।
संस्था के आस-पास का वातावरण प्रदूषण रहित है।
संस्था में सभी शिक्षक पूर्ण रूप से योग्यताधारी एवं विषयानुसार नियुक्त है।
संस्था द्वारा किसी प्रकार के राज्य / विभाग के आदेशों की पालना नहीं किये जाने पर संस्था की मान्यता निरस्त कर नियमों के अन्तर्गत संस्था के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने का विभाग को पूर्ण अधिकार होगा।
विद्यालय में अध्ययन करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी का प्रतिवर्ष विद्यार्थी दुर्घटना बीमा करवाया जायेगा।
विद्यालय संचालन समिति द्वारा विद्यार्थियों के आवागमन हेतु वाहन सुविधा उपलब्ध करवाने की स्थिति में वाहन का पंजीकरण बाल वाहिनी के रूप में करवाया जायेगा तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी नियमों का पूर्ण पालन किया जायेगा।
संस्था द्वारा राजस्थान विद्यालय (फीस का विनिमयन) अधिनियम, 2016 एवं राजस्थान विद्यालय (फीस का विनिमयन) नियम 2017 के प्रावधानों के अनुसार विद्यालय की फीस निर्धारित कर प्राईवेट स्कूल पोर्टल पर प्रविष्टि कर दी गई है / नवीन मान्यता की स्थिति में प्रविष्टि कर दी जायेगी।
(नोट:- उपरोक्त की अतिरिक्त माध्यमिक / उच्च माध्यमिक स्तर की समस्त प्रकार की मान्यताओं के लिए)
संस्था में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए सिंगल सीटेड फर्नीचर उपलब्ध है।
संस्था में लिपिक, पुस्तकालयाध्यक्ष एवं विषयवार प्रयोगशाला सहायकों की नियमानुसार नियुक्ति कर दी गई है।
संस्था में कम्प्यूटर व इंटरनेट (ब्राडबेड) की व्यवस्था कर दी गई है।
संस्था द्वारा बिना विभाग की अनुमति के उच्च कक्षायें संचालित नहीं की जायेगी।
संस्था में नियुक्त अध्यापकों के वेतन से नियमानुसार पी. एफ. की कटौती की जायेगी।
यह है कि शपथ पत्र के बिन्दु संख्या…………… ………… से ………… ……… में वर्णित कथन मेरी जानकारी के अनुसार पूर्ण सत्य है।
सचिव समिति का नाम…… समिति का रजिस्टेशन नम्बर व वर्ष
गैर सरकारी विद्यालयों को ऑनलाइन मान्यता दिये जाने की गाइडलाइन 2019-20 यहाँ क्लिक करें
गैर सरकारी विद्यालयों को ऑनलाइन मान्यता दिये जाने की गाइडलाइन 2018-19 यहाँ क्लिक करें
राजस्थान गैर सरकारी संस्था नियम 1993 गाइडलाइन यहाँ क्लिक करें
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