DPC LIST : AD JD DD DEO PRINCIPAL VP LECTURER SENIOR TEACHER :
पद एवं वर्षवार डीपीसी सूची : शिक्षा विभाग पदोन्नति आदेश एवं नवीनतम अपडेट
राजस्थान शिक्षा विभाग में समय-समय पर विभिन्न पदों के लिए विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) के माध्यम से चयन एवं पदस्थापन आदेश जारी किए जाते हैं। शिक्षकों एवं शिक्षा अधिकारियों के लिए यह जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि डीपीसी के आधार पर ही पदोन्नति, पदस्थापन एवं वरिष्ठता से जुड़े निर्णय लिए जाते हैं।
इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको शिक्षा विभाग की विभिन्न डीपीसी सूचियों, चयन आदेशों तथा पदस्थापन आदेशों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवा रहे हैं। यहाँ आप पद एवं वर्षवार डीपीसी अपडेट सरल एवं व्यवस्थित रूप में प्राप्त कर सकते हैं।
प्रमुख डीपीसी एवं चयन आदेश सूची
1. प्रधानाचार्य डीपीसी / रिव्यु डीपीसी चयन आदेश
विद्यालय शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर प्रधानाचार्य पद हेतु डीपीसी एवं रिव्यु डीपीसी आयोजित की जाती है। इसके अंतर्गत पात्र व्याख्याताओं एवं वरिष्ठ शिक्षकों को पदोन्नति प्रदान की जाती है। रिव्यु डीपीसी उन मामलों में आयोजित होती है जहाँ पूर्व चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की विसंगति या न्यायालयीन आदेश लागू होते हैं।
राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य पद हेतु जारी सभी डीपीसी एवं रिव्यु डीपीसी आदेश यहाँ उपलब्ध करवाए जाते हैं।
मुख्य बिंदु:
वर्षवार डीपीसी सूची, चयनित अभ्यर्थियों की सूची, विभागीय आदेश PDF, न्यायालयीन मामलों से संबंधित अपडेट
उप-प्राचार्य पद हेतु आयोजित डीपीसी शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में से एक है। इस प्रक्रिया में पात्र व्याख्याताओं को वरिष्ठता एवं सेवा रिकॉर्ड के आधार पर पदोन्नति दी जाती है।
AD (Assistant Director), JD (Joint Director), DD (Deputy Director), DEO (District Education Officer) के लिए जारी डीपीसी एवं चयन आदेश भी यहाँ उपलब्ध करवाए जाते हैं। इसमें शामिल:
डीपीसी पूर्ण होने के बाद विभाग द्वारा नवीन पदस्थापन आदेश जारी किए जाते हैं। इन आदेशों के माध्यम से चयनित अधिकारियों एवं शिक्षकों को नए विद्यालयों एवं कार्यालयों में नियुक्ति दी जाती है।
शिक्षा विभाग की डीपीसी प्रक्रिया में निम्न बिंदु अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं:
वरिष्ठता सूची
विभागीय पात्रता
सेवा रिकॉर्ड
एसीआर/APAR मूल्यांकन
न्यायालयीन आदेश
विभागीय नियम एवं संशोधन
कई बार न्यायालयीन मामलों के कारण डीपीसी प्रक्रियाएँ प्रभावित होती हैं, इसलिए विभाग समय-समय पर रिव्यु डीपीसी भी आयोजित करता है।
निष्कर्ष
यदि आप राजस्थान शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक, व्याख्याता, प्रधानाध्यापक या शिक्षा अधिकारी हैं, तो यह प्लेटफॉर्म आपके लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा। यहाँ आपको पद एवं वर्षवार डीपीसी सूची, चयन आदेश, पदस्थापन आदेश तथा नवीनतम विभागीय अपडेट एक ही स्थान पर उपलब्ध करवाए जाएंगे।
शिक्षा विभाग की सभी नवीनतम डीपीसी अपडेट, पदोन्नति आदेश एवं न्यायालयीन मामलों की जानकारी प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से वेबसाइट विजिट करते रहें।
Third Grade DPC Case Update तृतीय श्रेणी शिक्षकों की सेकंड ग्रेड डीपीसी मामला : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर बड़ा अपडेट
Third Grade DPC Case Update तृतीय श्रेणी शिक्षकों की सेकंड ग्रेड डीपीसी मामला : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर बड़ा अपडेट
नमस्कार। जय हिंद। वंदे मातरम्। तृतीय श्रेणी शिक्षकों से सेकंड ग्रेड पदोन्नति (DPC) से संबंधित मामला वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। लंबे समय से इस प्रकरण की सुनवाई का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए आज की कार्यवाही से जुड़ा महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा इस मामले में Early Hearing Application प्रस्तुत की गई थी, ताकि प्रकरण की शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित हो सके। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में SLP No. 9946/2025 के रूप में दर्ज है तथा इसका डायरी नंबर 122018/2025 है। आज दिनांक 29 अप्रैल 2026 को इस प्रकरण की लिस्टिंग सुप्रीम कोर्ट में की गई। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक स्थिति (Status) में यह मामला अभी भी Pending दर्शाया जा रहा है। इसका अर्थ यह है कि आज इस प्रकरण की अंतिम सुनवाई नहीं हो सकी। Third Grade DPC Case Update
Third Grade DPC Case Update तृतीय श्रेणी शिक्षकों की सेकंड ग्रेड डीपीसी मामला : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर बड़ा अपडेट
आज सुनवाई क्यों नहीं हो पाई?
आज यह मामला सुप्रीम कोर्ट की कॉज लिस्ट में क्रम संख्या 119 पर सूचीबद्ध था। सामान्यतः सर्वोच्च न्यायालय प्रतिदिन लगभग 40 से 60 मामलों की प्रभावी सुनवाई कर पाता है। ऐसे में निर्धारित समय सीमा एवं कार्यभार के कारण क्रम संख्या 119 तक मामलों की सुनवाई नहीं पहुंच सकी। स्पष्ट रूप से कहा जाए तो— मामला आज सूचीबद्ध अवश्य था, सरकार द्वारा शीघ्र सुनवाई हेतु आवेदन भी प्रस्तुत किया गया था, लेकिन अधिक लंबी कॉज लिस्ट होने के कारण आज इस पर सुनवाई नहीं हो पाई।
Third Grade DPC Case Update आगे क्या संभावनाएँ हैं?
यदि राज्य सरकार द्वारा पुनः Early Hearing अथवा Urgent Hearing Application प्रस्तुत की जाती है, तो मामले की शीघ्र सुनवाई होने की संभावना बन सकती है। अब अगली सुनवाई की तिथि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित किए जाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। जैसे ही अगली लिस्टिंग अथवा सुनवाई की नई तारीख जारी होगी, उससे संबंधित समस्त आधिकारिक जानकारी आप तक उपलब्ध करवाई जाएगी। यह मामला प्रदेश के हजारों तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पदोन्नति हितों से जुड़ा हुआ है, इसलिए सभी संबंधित शिक्षक साथियों की निगाहें अब सुप्रीम कोर्ट की अगली कार्यवाही पर टिकी हुई हैं। Third Grade DPC Case Update तृतीय श्रेणी शिक्षकों की सेकंड ग्रेड डीपीसी मामला : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर बड़ा अपडेट
मामले का विस्तृत विवरण
वर्ष 2021 में नियम बदले गए — केवल उन शिक्षकों को पदोन्नति का अधिकार दिया गया जो अपने मौजूदा विषय में पढ़ा रहे थे। इसके चलते जिन शिक्षकों ने एडिशनल (additional) विषयों में डिग्री ली थी, वे पदोन्नति के हक़दार होने का दावा कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने कुछ मामलों में एडिशनल वाले शिक्षकों के पक्ष में आदेश दिए, पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जिससे मामला लंबित है।
कितने पद दांव पर हैं?
2022-23 से 2024-25 (लंबित): 19,372 पद (पदोन्नति लंबित) 2025-26 जोड़कर (अनुमान): कुल ~25,000 विवादित पद कुल रिक्त वरिष्ठ अध्यापक: 43,000+ पद प्रभावित छात्र: मुख्य रूप से कक्षा 9वीं-10वीं के लाखों विद्यार्थी
Third Grade DPC Case Update तृतीय श्रेणी शिक्षकों की सेकंड ग्रेड डीपीसी मामला : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर बड़ा अपडेट
एडिशनल डिग्री की होड़ — कारण और प्रभाव
वृद्धि हुई प्रतिस्पर्धा के चलते कई शिक्षक B.Ed., M.A., M.Sc., M.Com इत्यादि अतिरिक्त विषय की डिग्रियाँ ले रहे हैं ताकि वे वरिष्ठ अध्यापक के लिए पात्र बन सकें। इसका सकारात्मक पहलू यह है कि शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता बढ़ती है; नकारात्मक पहलू यह है कि नियमों की अस्पष्टता और कोर्ट विवाद से पदोन्नति प्रक्रिया थम जाती है और रिक्तियों के कारण स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। Third Grade DPC
Diary No. - 12018/2025
VISHAN SINGH MAHECHA vs. STATE OF RAJASTHAN
Case Details
Diary Number
12018/2025 Filed on 04-03-2025 03:44 PM [ SECTION: XV]PENDING
Case Number
SLP(C) No. 009946 - 009948 / 2025 Registered on 07-04-2025 (Verified On 29-03-2025)
CNR Number
SCIN010120182025
Present/Last Listed On
29-04-2026 [HON'BLE MR. JUSTICE J.K. MAHESHWARIand HON'BLE MR. JUSTICE ATUL S. CHANDURKAR]
Status/Stage
Pending[] (Final Hearing) List After (Weeks) (4), Not taken up/ Not Today-Ord dt:29-04-2026
Admitted
[ADMITTED ON : 24-07-2025]
Category
4301-Service Laws : Appointment, Compassionate appointment, temporary appointment, recruitment,probation and confirmation, suspension, reduction in rank, termination, dismissal, removal, retirement, disciplinary proceedings against employees
Third Grade DPC Case Update तृतीय श्रेणी शिक्षकों की सेकंड ग्रेड डीपीसी मामला : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर बड़ा अपडेट
आग्रह :-आप जानकारी को पढ़ते हुए यहाँ अंत तक पहुंचे हैं तो इसका अभिप्राय हैं कि आपको हमारे दी गयी जानकरी अच्छी लगी हैं अत: आपसे आग्रह हैं कि आप हमारे सोशल मीडिया प्लेटफोर्म से अवश्य जुड़े 🙏🏻
शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा विद्यालय प्रबंधन के लिए यह अवकाश सूची अत्यंत उपयोगी है। इसमें शैक्षणिक सत्र 2026–27 के दौरान आने वाले प्रमुख त्यौहार, साप्ताहिक अवकाश, आकस्मिक अवकाश (CL) तथा संस्था प्रधान अवकाश (HML) का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है। इस सूची के माध्यम से आप विद्यालय की शैक्षणिक योजना, परीक्षाओं की तैयारी एवं अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित कर सकते हैं।
Casual Leave Calendar 2026-27
विशेष रूप से लाल रंग में दर्शाए गए दिवस आकस्मिक अवकाश (CL) तथा संस्था प्रधान अवकाश (HML) को इंगित करते हैं, जो विद्यालय के सुचारु संचालन एवं प्रशासनिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इसके अतिरिक्त, अन्य अवकाशों में राष्ट्रीय एवं धार्मिक त्यौहार सम्मिलित हैं, जिससे विद्यार्थियों एवं स्टाफ को समय रहते अवकाश की स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो सके।
Casual Leave Calendar 2026-27
📌 कृपया इस उपयोगी जानकारी को अपने सहकर्मियों एवं विद्यार्थियों के साथ अवश्य साझा करें, ताकि सभी पूर्व नियोजन कर सकें और अपने कार्यों को बेहतर ढंग से व्यवस्थित कर सकें।
📊 अवकाश तालिका (Month-wise)
🔷 अप्रैल 2026
दिनांक
वार
अवकाश / विवरण
11 अप्रैल
शनिवार
महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती
12 अप्रैल
रविवार
साप्ताहिक अवकाश
13 अप्रैल
सोमवार
CL (आकस्मिक अवकाश) / HML (संस्था प्रधान अवकाश)
14 अप्रैल
मंगलवार
डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती
🔷 जून 2026
दिनांक
वार
अवकाश / विवरण
26 जून
शुक्रवार
मोहर्रम
27 जून
शनिवार
CL (आकस्मिक अवकाश) / HML (संस्था प्रधान अवकाश)
28 जून
रविवार
साप्ताहिक अवकाश
🔷 अगस्त 2026
दिनांक
वार
अवकाश / विवरण
26 अगस्त
बुधवार
बचपन दिवस
27 अगस्त
गुरुवार
CL (आकस्मिक अवकाश) / HML (संस्था प्रधान अवकाश)
28 अगस्त
शुक्रवार
रक्षाबंधन
29 अगस्त
शनिवार
CL (आकस्मिक अवकाश) / HML (संस्था प्रधान अवकाश)
30 अगस्त
रविवार
साप्ताहिक अवकाश
🔷 सितंबर 2026
दिनांक
वार
अवकाश / विवरण
4 सितंबर
शुक्रवार
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
5 सितंबर
शनिवार
CL (आकस्मिक अवकाश) / HML (संस्था प्रधान अवकाश)
6 सितंबर
रविवार
साप्ताहिक अवकाश
🔷 नवंबर 2026
दिनांक
वार
अवकाश / विवरण
22 नवंबर
रविवार
साप्ताहिक अवकाश
23 नवंबर
सोमवार
CL (आकस्मिक अवकाश) / HML (संस्था प्रधान अवकाश)
24 नवंबर
मंगलवार
गुरु नानक जयंती
कक्षा 10 के लिए सामाजिक अध्ययन तीन पार्ट में उपलब्ध शानदार सम्पूर्ण अध्याय के क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
NCERT NISHTHA Online Courses 2026 भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास (Continuous Professional Development – CPD) के उद्देश्य से संचालित एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम है। NISHTHA (National Initiative for School Heads’ and Teachers’ Holistic Advancement) का मुख्य लक्ष्य शिक्षकों, विद्यालय प्रमुखों और शैक्षिक प्रशासकों को नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप सशक्त बनाना है।
ये कोर्स ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध होते हैं, जिससे देश के किसी भी हिस्से से शिक्षक अपनी सुविधा अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। 2026 के लिए NISHTHA कोर्स को और अधिक व्यावहारिक, परिणामोन्मुखी और तकनीक-आधारित बनाया गया है।
NISHTHA Courses (ECCE & FLN)
1. ECCE (Early Childhood Care and Education)
Ncert Nishtha Online Courses 2026 में ECCE कोर्स का उद्देश्य 3 से 8 वर्ष के बच्चों के सर्वांगीण विकास को समझना और शिक्षकों को बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराना है। इस कोर्स में निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है:
📌 ध्यान दें: सभी कोर्स DIKSHA पोर्टल पर उपलब्ध हैं। आप DIKSHA वेबसाइट/ऐप में जाकर सर्च बॉक्स में “NISHTHA 2026” टाइप करके भी संबंधित कोर्स खोज सकते हैं
निष्कर्ष
NCERT NISHTHA Online Courses 2026 शिक्षकों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जिससे वे अपने शिक्षण कौशल को आधुनिक, प्रभावी और बाल-केंद्रित बना सकते हैं। ECCE & FLN कोर्स से नींव मजबूत होती है, General CPD Courses से व्यापक व्यावसायिक विकास होता है, और Nano Courses से विशिष्ट कौशल तेजी से अर्जित किए जा सकते हैं।
ये सभी कोर्स मिलकर भारतीय शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और शिक्षकों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।
सहायता के लिए (Support):
नामांकन या तकनीकी सहायता के लिए आप यहाँ संपर्क कर सकते हैं:
Diksha Online Training modules Direct Link : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार शिक्षकों को प्रतिवर्ष 50 घंटे का कंटीन्यूअस प्रोफेशनल डेवलपमेंट करना अनिवार्य है| इसी के तहत CIET, एनसीईआरटी नई दिल्ली के द्वारा दीक्षा एप्लीकेशन के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण मॉड्यूल हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषा में जारी किए गए हैं NISHTHA ECCE के 8 कोर्स प्रत्येक शिक्षक द्वारा किए जाने अनिवार्य है, इन्हें ज्वाइन करने का डाइरेक्ट लिंक नीचे👇👇 उपलब्ध है| DIKSHA Training 2025 के अंतर्गत Diksha Online Training modules Direct Link के समस्त प्रशिक्षणों के डायरेक्ट लिंक यहाँ आपकी सहायता के लिए उपलब्ध करवाए जा रहे हैं |
राजस्थान के राज्य शैक्षणिक अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण परिषद SCERT उदयपुर के द्वारा शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए मोड्यूल 1-8 जारी किए गए हैं । इन मोड्यूल्स का प्रशिक्षण दीक्षा एप अथवा दीक्षा पोर्टल के माध्यम से पूर्ण करना है ।
प्रमाणपत्र मानदंड
शत-प्रतिशत पूर्ण होने पर पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा
आपको 10 दिनों के भीतर अपना प्रमाण पत्र मिल जाएगा।
Diksha Online Training modules Direct Link
राजस्थान के राज्य शैक्षणिक अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण संस्थान SIERT उदयपुर के द्वारा शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए मोड्यूल 1-5 लॉन्च किए गए हैं । इन Diksha Online Training modules Direct Link मोड्यूल्स को दीक्षा एप अथवा दीक्षा पोर्टल के माध्यम से पूर्ण किया जाना है । दीक्षा एप्प पर 8 ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स 24 फरवरी 2025 से प्रारंभ हो चुके हैं | इन मॉड्यूल में शीघ्रातिशीघ्र अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें।
कृपया ध्यान दें कि अंतिम तिथि में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाएगा । अर्थात् आपको निर्धारित टाइमलाइन में ही Diksha Online Training modules Direct Link कोर्स को पूरा करना है ।
Module – 1 : कक्षा में अनुकूल वातावरण के लिए सामाजिक, भावनात्मक और नैतिक शिक्षा 2025
Module – 2 : डिजिटल शिक्षण
Module – 3 : समावेशी शिक्षा
Module – 4 : बहुकक्षीय -बहुस्तरीय शिक्षण
Module – 5 : कक्षा-कक्ष प्रबंधन
Module – 6 : विद्यार्थी आकलन तकनीक
Module – 7 : हिंदी भाषा शिक्षण
Module – 8 : English Language teaching
Diksha Online Training modules Direct Link कोर्स कैसे शुरू करें ?
इन कोर्सेज को शुरू करने के लिए आप सबसे पहले नीचे दिए गए “इंस्टॉल करें” बटन पर क्लिक करके एप को इनस्टॉल करें 👇
दीक्षा एप इनस्टॉल करने के बाद आपको login with state system का उपयोग करते हुए एप में लॉग इन करना है । कृपया ध्यान दें की लॉग इन करते समय आपको शालादर्पण की 7 अंकों वाली स्टाफ ID एवं उसका पासवर्ड काम में लेना है । अन्यथा मोबाइल / ई-मेल से लॉग इन करके कोर्स पूरा करने पर आपकी प्रगति रिकॉर्ड नहीं की जायेगी । यदि आपको लॉग इन करने में कोई समस्या आ रही हो तो आप निम्नांकित “Login with state system” बटन पर क्लिक करके अपना राज्य चुनते हुए लॉग इन करें 👇 Diksha Online Training modules Direct Link
Rise Diksha Online Training 2024 Direct Link Nishtha Online Teacher Training Course : निष्ठा ईसीसीई और निष्ठा राजस्थान पाठ्यक्रम 2024-25 शिक्षक प्रशिक्षण
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Child Care Leave Rule in Rajasthan / राजस्थान में बाल देखभाल अवकाश नियम
नमस्कार मित्रो, इस आर्टिकल में आप जानेगे की चाइल्ड केयर लीव क्या है? और किन परिस्थितियों में हम चाइल्ड केयर लीव अवकाश ले सकते हैं? इसमें बच्चों से क्या आशय है? चाइल्ड लीव केयर की स्वीकृति किन शर्तों के अधीन होगी? साथ ही साथ हमारा चाइल्ड केयर लीव लेने का प्रोसेज क्या रहेगा और हमारी सर्विस बुक में चाइल्ड केयर लीव का अकाउंट किस प्रकार मेंटेन रहेगा? इस प्रकार संपूर्ण नियमावली के बारे में इस आर्टिकल में हमारे विद्वान साथियों ने पूर्ण अथक प्रयास करके जानकारी देने का प्रयास किया गया है।
आपसे आग्रह है अगर ये जानकारी सही लगे तो आप इस जानकारी को अपने मित्रों, साथियों तक जरूर लिंक के माध्यम से शेयर करें। Child Care Leave Rule in Rajasthan / राजस्थान में बाल देखभाल अवकाश नियम
Child Care Leave Rule in Rajasthan : वित्त विभाग (नियम अनुभाग), राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान सेवा (चतुर्थ संशोधन) नियम-2018, नियम- 103सी (चाइल्ड केअर लीव विषयक) अधिसूचना क्रमांक.प.1(6)/वित्त/नियम/2011 जयपुर, दिनांक: 22 मई 2018 का सारांश-
(1). महिला/एकल पुरूष कर्मचारी को उसके प्रथम दो जीवित बच्चों की देखभाल (पालन पोषण या परीक्षा, अस्वस्थता आदि आवश्यकताओं की स्थिति में) के लिए सम्पूर्ण सेवाकाल के दौरान अधिकतम 2 वर्ष अर्थात 730 दिन का चाइल्ड केअर लीव सक्षम अधिकारी द्वारा स्वीकृत किया जा सकेगा। Child Care Leave Rule in Rajasthan / राजस्थान में बाल देखभाल अवकाश नियम बच्चे से आशय है- (ए) 18 वर्ष से कम आयु का बच्चा (बी) न्यूनतम 40 फीसदी निःशक्त संतान जिसकी आयु 22 वर्ष तक हो।
Child Care Leave Rule in Rajasthan / राजस्थान में बाल देखभाल अवकाश नियम
(2). चाइल्ड केअर लीव की स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों के अध्यधीन होगी-
महिला/एकल पुरूष कर्मचारी को सम्पूर्ण चाइल्ड केअर लीव 730 दिन में से प्रथम 365 दिन के लिये अवकाश पर प्रस्थान करने से ठीक पूर्व के वेतन का 100 प्रतिशत के बराबर वेतन देय होगा जबकि अगले 365 दिन के लिये अवकाश पर प्रस्थान करने से पूर्व के वेतन के 80 प्रतिशत के बराबर वेतन देय होगा।
चाइल्ड केअर लीव को किसी भी अन्य देय अवकाश के साथ संयुक्त किया जा सकेगा।
राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप में अवकाश स्वीकृति हेतु आवेदन सक्षम अधिकारी को पर्याप्त समय पूर्व देना होगा।
चाइल्ड केअर लीव का दावा अधिकारपूर्वक नहीं किया जा सकेगा। किसी भी परिस्थिति में अवकाश स्वीकृति अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई कार्मिक (महिला/एकल पुरूष कर्मचारी) अवकाश का उपभोग नहीं करेगा।
चाइल्ड केअर लीव कर्त्तव्य से अनधिकृत अनुपस्थिति के पश्चात आवेदन करने पर किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।
कार्मिक (महिला/एकल पुरूष कर्मचारी) द्वारा पहले से ही उपभोग किए जा चुके अथवा उपभोग किए जा रहे अवकाशों को किसी भी परिस्थिति में चाइल्ड केअर लीव में परिवर्तित नहीं किया जा सकेगा।
चाइल्ड केअर लीव को किसी अन्य अवकाश लेखे में नामे नहीं लिखा जाएगा। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रपत्र में इसका पृथक्क अवकाश लेखा संधारित किया जाएगा और इसे सेवा पुस्तिका में चस्पा किया जाएगा।
अवकाश स्वीकृति अधिकारी राजकार्य के सुचारू संचालन अथवा विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवेदित अवकाश को अस्वीकृत कर सकता है।
चाइल्ड केअर लीव एक कैलेण्डर वर्ष में तीन बार (spell) से अधिक स्वीकृत नहीं की जाएगी। एक कैलेण्डर वर्ष में शुरू होकर यदि अवकाश दूसरे कैलेण्डर वर्ष में पूर्ण होता है तो उस स्पेल को अवकाश शुरू होने वाले वर्ष में काउंट किया जाएगा।
सामान्यतः यह अवकाश परिवीक्षाधीन प्रशिक्षण अवधि में स्वीकार्य नहीं होगा। विशेष परिस्थितियों में स्वीकृत होने की स्थिति में परिवीक्षाकाल उतनी ही अवधि के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।
इस अवकाश को उपार्जित अवकाश की तरह ही स्वीकृत और व्यवहृत किया जाएगा।
रविवार और अन्य अवकाशों को इस अवकाश के पहले अथवा बाद में जोड़ा जा सकेगा। चाइल्ड केअर लीव के मध्य में आने वाले रविवार, राजपत्रित और अन्य अवकाश उपार्जित अवकाश की तरह ही चाइल्ड केअर लीव में काउंट होंगे।
निःशक्त बच्चे के संबंध में अवकाश स्वीकृति से पूर्व सक्षम प्राधिकारी/मेडिकल बोर्ड से जारी निःशक्तता प्रमाण पत्र के अलावा कार्मिक पर बच्चे के आश्रित होने का प्रमाण पत्र कर्मचारी से लिया जाएगा।
विदेश में रह रहे बच्चे की अस्वस्थता अथवा परीक्षा आदि की स्थिति में अवकाश अधिकृत चिकित्सक/शिक्षण संस्थान से प्राप्त प्रमाण पत्र के आधार पर स्वीकृत किया जा सकेगा। विदेश में रह रहे अवयस्क बच्चे के सम्बंध में अवकाश लेने पर विदेश यात्रा संबंधी अवकाश के नियम/निर्देशों का पालन करना होगा और 80 प्रतिशत अवकाश अवधि उसी देश में बितानी होगी जहां बच्चा रह रहा है।
देश या विदेश में किसी छात्रावास में रह रहे बच्चे की परीक्षा आदि के दौरान अवकाश चाहे जाने पर महिला कार्मिक को यह स्पष्ट करना होगा कि वो बच्चे की देखभाल किस प्रकार से करेगी/ करेगा।
एक बार में 5 से कम चाइल्ड केअर लीव स्वीकृत नहीं की जायेगी। यानी एक बार में कम से कम 5 दिन का चाइल्ड केअर लीव लेना आवश्यक है।
Child Care Leave Rule in Rajasthan / राजस्थान में बाल देखभाल अवकाश नियम
Child Care Leave Rule in Rajasthan / राजस्थान में बाल देखभाल अवकाश नियमकुछ तथ्य-
राजस्थान सेवा नियम 1951 में नया नियम 103 C चाइल्ड केअर लीव जोड़ा गया।
महिला/एकल पुरूष कर्मचारी को पूरे सेवाकाल में कुल अवधि 730 दिन अर्थात 2 वर्ष के लिए देय होगा।
चाइल्ड का तात्पर्य उसकी आयु 18 वर्ष से कम हो। 40% या उससे अधिक विकलांगता की स्थिति में 22 वर्ष तक चाइल्ड माना जायेगा।
महिला/एकल पुरूष कर्मचारी को सम्पूर्ण चाइल्ड केअर लीव 730 दिन में से प्रथम 365 दिन के लिये अवकाश पर प्रस्थान करने से ठीक पूर्व के वेतन का 100 प्रतिशत के बराबर वेतन देय होगा जबकि अगले 365 दिन के लिये अवकाश पर प्रस्थान करने से पूर्व के वेतन के 80 प्रतिशत के बराबर वेतन देय होगा।
अन्य किसी भी अवकाश के साथ लिया/ जोड़ा जा सकता है।
इस अवकाश के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी अनुमोदित प्रारूप में आवेदन करना होगा।
चाइल्ड केअर लीव अधिकार नही है। बिना पूर्व स्वीकृति के नहीं लिया जा सकेगा।
अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले कर्मिकों को यह अवकाश देय नही होगा।
विशेष परिस्थिति में अन्य अवकाश उपलब्धता की स्थिति में उन अवकाशों को चाइल्ड केअर लीव में परिवर्तित किया जा सकेगा।
इस अवकाश को अन्य अवकाश लेखो में से नहीं घटाया जा सकेगा। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित फॉर्म में इन अवकाशों को संधारित किया जाएगा। तथा ये फॉर्म सेवा पुस्तिका में रखा जाएगा।
राज्य सरकार/ विभाग के कार्य प्रभावित न हो ऐसी स्थिति में ये अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा।
एक कलेंडर वर्ष में अधिकतम तीन बार ये अवकाश लिया जा सकेगा। किन्तु अवकाश के दौरान दो कलेंडर वर्ष मिलने पर इसे नही लिया जा सकेगा। यदि ऐसी स्थिति बनती है तो जिस कलेंडर वर्ष में अवकाश शुरू हुआ है। उसमें इसे गिना जाएगा।
एक बार में 5 से कम चाइल्ड केअर लीव स्वीकृत नहीं की जायेगी। यानी एक बार में कम से कम 5 दिन का चाइल्ड केअर लीव लेना आवश्यक है।
प्रोबेशनर्स को यह अवकाश देय नही होगा। फिर भी कोई लेता है तो उसका प्रोबेशन अवकाश अवधि के बराबर आगे बढ़ाया जाएगा।
यह अवकाश उपार्जित अवकाश की भांति ही निस्तारण होगा एवम उसी प्रकार स्वीकृत किया जा सकेगा।
इस अवकाश के क्रम में रविवार, सर्वनानिक अवकाश आने पर वो गिने जाएंगे।
दिव्यांग बच्चें के लिए ये अवकाश लेने पर सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर ही स्वीकृत किया जा सकेगा।
बच्चें के बीमार होने पर व बाहर रहने की स्थिति में डॉक्टर के प्रमाण के आधार पर ये अवकाश लिया जा सकेगा।
बच्चें की परीक्षा होने पर लिया जा सकेगा। यदि चाइल्ड होस्टल में रहता है तो कार्मिक को यह तथ्य प्रस्तुत करना होगा कि होस्टल में आपकी केअर की जरूरत कैसे है। इसका प्रमाण प्रस्तुत करने पर ही हॉस्टलर्स चाइल्ड के लिए ये अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा।
Child Care Leave Rule in Rajasthan / राजस्थान में बाल देखभाल अवकाश नियम
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Child Care Leave Rule in Rajasthan / राजस्थान में बाल देखभाल अवकाश नियम : विशेष-
कार्मिका की सेवा पुस्तिका में निर्धारित प्रपत्र चस्पा कर CHILD CARE LEAVE का इन्द्राज होगा एवम सेवा पुस्तिका में भी CHILD CARE IEAVE अवधि का अंकन सुनिश्चित होगा।
वित्त विभाग राजस्थान के Notification No. F.1(6)FD/ Rules/20U Jaipur, dated : 31. 07- 2020 के द्वारा Child Care Leave Rule in Rajasthan के नियमों में कुछ परिवर्तन किया गया है। उक्त नोटिफिकेशन द्वारा अब यह एकल पुरूष कर्मचारियों को भी देय है। नोटिफिकेशन की जानकारी प्राप्त करने के लिये यहां क्लिक करें।
उक्त नोटिफिकेशन के मुख्य बिन्दू
महिला/एकल पुरूष को संपूर्ण सेवाकाल में 730 दिन का चाइल्ड केअर अवकाश देय है।
सम्पूर्ण सेवाकाल में देय 730 दिन के Child Care Leave Rule in Rajasthan में से प्रथम 365 दिन के लिये अवकाश पर अवकाश से प्रस्थान करने के पूर्व वेतन के 100 प्रतिशत के बराबर वेतन देय है तथा अन्य 365 दिन के लिये अवकाश से प्रस्थान करने के पूर्व के 80 प्रतिशत के बराबर वेतन देय है।
एक बार में न्यूनतम 5 दिन का चाइल्ड केअर लीव लिया जा सकता है।
चाईल्ड केयर अवकाश (CCL) स्वीकृति के सम्बन्ध में राज्य सरकार के वित्त विभाग की अधिसूचना क्रमांकः एफ. 1 (6) FD / Rules/2011 दिनांक 22.05.2018 द्वारा राजस्थान सेवा नियमों के नियम 103 (C) द्वारा “चाईल्ड केयर लीव” (CCL) का प्रावधान किया गया है। चाईल्ड केयर अवकाश स्वीकृति के सम्बन्ध में अधीनस्थ कार्यालयों से मार्गदर्शन हेतु प्रकरण/पत्र इस कार्यालय में प्राप्त हो रहे है, साथ ही यह भी ध्यान में लाया गया है कि पात्र कार्मिकों के चाईल्ड केयर अवकाश (CCL) प्रकरण, जो नियमानुसार इनके द्वारा स्वीकृत किये जाने चाहिए, स्वीकृत नहीं किये जा रहे है।
Child Care Leave Rule in Rajasthan / राजस्थान में बाल देखभाल अवकाश नियम के संबंध में निम्नांकित निर्देशों का पालन आवश्यक रूप से करते हुए वित्त विभाग की अधिसूचना दिनांक 22.05.2018 का भली-भांन्ति अध्ययन / अवलोकन कर कार्यवाही सुनिश्चित करें:-
यह अवकाश उपार्जित अवकाश (Privilege Leave) की तरह माना जावेगा एवं स्वीकृत किया जावेगा। अतः राजस्थान सेवा नियम भाग द्वितीय Appendix (ix) आईटम संख्या-22 के अन्तर्गत उपार्जित अवकाश स्वीकृत करने हेतु सक्षम अधिकारी, उन्हें प्रदत्त अवधि (120 दिन की अवधि आहरण वितरण अधिकारी एवं 120 दिन से अधिक विभागाध्यक्ष द्वारा स्वीकृत) तक का चाईल्ड केयर अवकाश स्वीकृत कर सकेंगे। चाईल्ड केयर अवकाश प्रकरण में अवकाश की देयता का पूर्व में भली-भाँन्ति परीक्षण किया जाकर ही स्वीकृत किया जाये। आहरण वितरण अधिकारी की सक्षमता अवधि से अधिक अवधि के अवकाश प्रकरण ही सक्षम उच्चाधिकरियों को स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किये जावे। उच्च स्तर पर स्वीकृति योग्य प्रकरणों का भली-भाँन्ति परीक्षण कर मय आवश्यक दस्तावेज, स्वीकृति हेतु जिला शिक्षा अधिकारी अपनी स्पष्ट अभिशंषा कर ही प्रेषित करें।
“चाईल्ड केयर लीव (CCL) अवधि के दौरान अवकाश पर प्रस्थान करने से तत्काल पूर्व प्रभावी दर से अवकाश वेतन देय होगा।
उक्त अवकाश किसी भी अन्य अवकाश खाते में नामे (Debit) नहीं किया जावे। चाईल्ड केयर अवकाश का खाता पृथक से संलग्न प्रपत्र में संधारित किया जावे एवं इसे सेवा पुस्तिका में चस्पा (Paste) किया जावे । Child Care Leave Rule in Rajasthan / राजस्थान में बाल देखभाल अवकाश नियम
अवकाश स्वीकृतकर्ता अधिकारी राज्य सरकार के दैनन्दिन कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने, प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रखने, कोई विपरित प्रभाव न पड़ने या राज्य सरकार के लक्ष्यों की पूर्ति हेतु आवश्यक समझे तो चाईल्ड केयर अवकाश (CCL) स्वीकृत करने से मना कर सकेगा।
यह अवकाश एक कलेण्डर वर्ष में तीन बार (Spells) से अधिक नहीं लिया जा सकेगा। एक Spell जो एक कलेण्डर वर्ष में आरम्भ होगा और समाप्त अगले कलेण्डर वर्ष में होगा। वह अवकाश प्रारम्भ वाले कलेण्डर वर्ष का Spell माना जावेगा।
सामान्यतः प्रोबेशन ट्रेनी कार्मिक को चाईल्ड केयर अवकाश (CCL) स्वीकृत नहीं किया जावेगा, परन्तु विशेष परिस्थितियों में स्वीकृत किया जाता है तो प्रोबेशन अवधि उतने दिन आगे (Extend) होगी, जितनी अवधि का चाईल्ड केयर अवकाश स्वीकृत होगा।
यह अवकाश उपार्जित अवकाश की तरह माना जावेगा तथा तदनुसार ही स्वीकृत होगा।
दिव्यांग सन्तान के प्रकरण में सम्बन्धित महिला कार्मिक से निर्भरता (Dependency) प्रमाण पत्र Child Care Leave Rule in Rajasthan स्वीकृति से पूर्व किया जाना आवश्यक होगा।
स्वयं भी अवकाश स्वीकृत करते समय एवं उच्चाधिकारियों को प्रेषित करते समय यह जांच कर लेवें कि 18 वर्ष तक के दो बच्चों तक की देखरेख के लिए ही आवेदन किया है एवं पूर्व में Child Care Leave Rule in Rajasthan (CCL) का उपभोग की भी जांच करें। बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र की प्रति भी प्राप्त करें।
स्वयं की सक्षमता के अवकाश प्रकरण अनावश्यक रूप से उच्चाधिकारियों को अग्रेषित नहीं किये जावे।
राज्य सरकार के वित्त विभाग की अधिसूचना क्रमांकः एफ. 1 (6)FD/Rules/2011 दिनांक 22. 05.2018 द्वारा राजस्थान सेवा नियमों के नियम 103 (C) द्वारा महिला कार्मिकों के लिए “चाईल्ड केयर लीव’ का नया प्रावधान जोड़ा गया है। संदर्भित अधिसूचना में नियम 103 (C) के बिन्दु सं. 10 में यह स्पष्ट किया गया है कि “चाईल्ड केयर लीव” महिला कार्मिकों को उसकी प्रथम दो जीवित 18 वर्ष से कम आयु की सन्तानों के पालन या देखभाल की आवश्यकता, यथा परीक्षा, बीमारी आदि के कारणों से अधिकतम कुल 730 दिन तक के लिए स्वीकृत किया जा सकता है।
अधिसूचना में नियम 103 (C) के-
(a) बिन्दु सं. 2 (iv) के अनुसार उक्त अवकाश अधिकार के रूप में नहीं मांगा जा सकता। (b) बिन्दु सं. 2 (viii) अवकाश स्वीकृतकर्ता अधिकारी राज्य सरकार के दैनन्दिन कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने या राज्य सरकार के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु आवश्यक समझे तो चाईल्ड केयर अवकाश स्वीकृत करने से मना कर सकता है।
उपर्युक्त प्रावधानों के अनुसार अवकाश स्वीकृत किये जाने अथवा स्वीकृति हेतु उच्चाधिकारियों को अग्रेषित करने से पूर्व कार्यालयाध्यक्ष इस हेतु आश्वस्त हो जायें कि उक्त Child Care Leave Rule in Rajasthan स्वीकृति नियमानुसार स्वीकृति योग्य व आवश्यक है तथा इससे राजकीय कार्य सुचारू रूप से संचालित करने व राज्य सरकार के लक्ष्यों की प्राप्त करने में व्यवधान उत्पन्न नहीं होगा।
Child Care Leave Rule in Rajasthan / राजस्थान में बाल देखभाल अवकाश नियम
विभाग के अधीन विद्यालयों/कार्यालयों में महिला कार्मिकों की संख्या अधिक होने की स्थिति में अधिक आवेदन प्राप्त होने के पर कार्यालय संचालन सुचारू रखते हुए आवेदनों पर निम्न प्राथमिकता क्रम रखा जाये-
आकस्मिक गंभीर कारण यथा बच्चे की गम्भीर बीमारी, जिसमें बच्चा अस्पताल में इनडोर भर्ती हो अथवा दुर्घटना के कारण विशेष देखभाल की आवश्यकता हो।
दिव्यांग सन्तान की माताओं को गम्भीर रोग से पीड़ित बच्चे की देखभाल हेतु।
सन्तान के परीक्षा में बैठने के कारण आवेदन प्राप्त हो तो बोर्ड परीक्षा अथवा उच्च व्यावसायिक संस्थान में प्रवेश हेतु परीक्षा के कारण प्राप्त आवेदन ।
उपरोक्त प्राथमिकता क्रम में आवेदन स्वीकृति के समय विधवा और परित्यक्ता श्रेणी की महिला कार्मिक को प्राथमिकता दी जावे।
कार्यालय/विद्यालय में कार्यरत कुल कार्मिकों की संख्या के 20% से अधिक कार्मिकों की एक समय में “Child Care Leave Rule in Rajasthan स्वीकृत नहीं की जाये।
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Child Care Leave Rule in Rajasthan / राजस्थान में बाल देखभाल अवकाश नियम
चाईल्ड केयर लीव” स्वीकृत करने अथवा स्वीकृति हेतु उच्चाधिकारियों को प्रकरण प्रेषित करने से पूर्व निम्न बातों का ध्यान रखा जायेः-
“प्राप्त आवेदनों का तिथिवार संधारण करें तथा प्राप्ति के दिन ही रजिस्टर में उसकी प्रविष्टि करें। ऐसे रजिस्टर को संस्था में सभी के अवलोकन की व्यवस्था की जावे।
सन्तान की परीक्षा तैयारी हेतु प्राप्त आवेदन पत्र के साथ परीक्षा की तिथि, प्रवेश सम्बन्धी दस्तावेज पुष्टि हेतु प्राप्त करें।
अवकाश हेतु आवेदित अवधि में से आवश्यक अवधि की सीमा तक ही अवकाश स्वीकृत किया जावे।
एक कार्मिक की “चाईल्ड केयर लीव स्वीकृत करने के पश्चात, आगामी अवकाश स्वीकृति, अन्य महिला कार्मिकों के पूर्व में प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार के उपरान्त ही प्राथमिकता अनुसार किया जायें।
अवकाश पर प्रस्थान से पूर्व संबंधित महिला कार्मिक द्वारा आवश्यक निर्धारित दायित्व पूर्ण कर लिये हो, यथा उत्तरपुस्तिकाओं की जांच / आवंटित पाठ्यक्रम को पूर्ण करना आदि की पुष्टि अवश्यमेव कर ली जाये।
सेवा से निरन्तर अनुपस्थित कार्मिकों के नियमानुसार कार्यग्रहण पश्चात अनुपस्थिति अवधि के निस्तारण उपरान्त ही “चाईल्ड केयर लीव आवेदन पर विचार किया जाये।
Child Care Leave Rule in Rajasthanआवेदन स्वीकृति उपरान्त कार्यालय की आवश्यकता व कार्य में राज्य के लक्ष्यों में पूर्ति में बाधा उत्पन्न होने की परिस्थितियों में स्वीकृत आवेदन को स्वीकृत्तिकर्ता प्राधिकारी निरस्त अथवा अवधि को घटा सकेगा।
उच्चाधिकारियों को स्वीकृति हेतु भेजे जाने वाले आवेदन पत्रों के साथ नियन्त्रण अधिकारी द्वारा इस आशय की घोषणा करते हुए कि उक्त Child Care Leave Rule in Rajasthan स्वीकृति से कार्यालयी/विद्यालयी कार्यों के सुचारू संपादन एवं विभागीय / राज्य के लक्ष्यों की पूर्ति में इससे किसी प्रकार का व्यवधान पैदा नहीं होगा, अग्रेषण अधिकारी को स्पष्ट अभिशंषा के साथ अग्रेषित किया जाये।
आवेदन पत्र के साथ निम्नांकित दस्तावेज भी आवश्यक रूप से प्राप्त किये जायें:-
(a) राशन कार्ड की प्रति (b) जीवित सन्तानों के जन्म प्रमाण पत्रों की प्रति (c) सन्तान के दिव्यांग प्रमाण पत्र की प्रति (d) सन्तान की बीमारी से सम्बन्धित दस्तावेज (e) सन्तान की परीक्षा / परीक्षा तिथि / प्रवेश सम्बन्धी आवश्यक प्रमाण पत्रों की प्रति
उपर्युक्त निर्देश स्वीकृतिकर्ता प्राधिकारी के लिए सहायक है किन्तु कार्यालय / विद्यालय की व्यवस्था बनाए रखने का दायित्व कार्यालयाध्यक्ष का ही होगा तथा आवेदित अवकाश स्वीकृति योग्य होने का आंकलन भी कार्यालयाध्यक्ष को ही करना होगा। अतः अधीनस्थ समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वित विभाग की अधिसूचना में प्रदत्त निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करें।
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चाइल्ड केयर लीव (Child Care Leave Rule in Rajasthan) की सामान्य जानकारी FAQ के रूप में
(1)चाइल्ड केयर लीव (Child Care Leave Rule in Rajasthan) सेवाकाल में कितनी बार एवं कुल कितने दिन की मिलती है। उत्तर:-किसी भी महिला राज्य कार्मिक को प्रथम दो जीवित संतानों की देखभाल के लिए पूरे सेवाकाल में 730 दिन की चाइल्ड केयर लीव अवकाश मिलती है। (नियम 103 C) (आदेश Fd Date 22/05/2018)
(2) चाइल्ड केयर लीव (Child Care Leave Rule in Rajasthan) किन किन कारणों से ले सकते है ? उत्तर:-दो बच्चों के 18 वर्ष तक की आयु होने तक उनकी बीमारी,परीक्षा,पालन पोषण, आदि कारण से बच्चों की देखभाल के लिए यह अवकाश मिलता है। नोट:-Fd आदेश date 31/07/20 के अनुसार 40% या इससे अधिक दिव्यांग बच्चे के लिए आयु सीमा का कोई बंधन नही रहेगा।
(3) क्या एकल पुरुष (विधुर, तलाकशुदा) को भी चाइल्ड केयर लीव मिल सकती है? उत्तर:- FD के 31/07/2020 के अनुसार चाइल्ड केयर लीव उपरोक्त कारणों से एकल पुरुष राजकीय कार्मिक(विधुर, तलाकशुदा) को भी मिलेगी।
(4) चाइल्ड केयर लीव (Child Care Leave) एक कैलेन्डर वर्ष में कितनी बार ले सकते है? उत्तर:- तीन बार(Three Spells) नोट-जो Spell (अवकाश का भाग) एक कैलेंडर वर्ष में शुरू होकर अगले कैलेंडर वर्ष में समाप्त होगा,तो वह पहले वाले कैलेंडर वर्ष का भाग माना जायेगा जिसमें चाइल्ड केयर लीव आरंम्भ हुआ है। Child Care Leave Rule in Rajasthan पीएल प्रकृति का होने के कारण कैलेंडर वर्ष 1 जनवरी से 31 दिसंबर माना जाएगा।
(5) चाइल्ड केयर लीव कम से कम कितने दिन की ले सकते है? उत्तर:- कम से कम 5 दिन की चाइल्ड केयर लीव ले सकते है। (No.F.1(6)FD/Rules/2011 दिनाँक 31.07.2020)
(6) Child Care Leave Rule in Rajasthan में वेतन का भुगतान कैसे होता है? उत्तर:- अवकाश पर प्रस्थान करने से पूर्व प्राप्त वेतन की दर से अवकाश वेतन का भुगतान होता है। आदेश दिनांक 31/07/2020 के अनुसार प्रथम 365 दिन तक 100% एवं उसके बाद अगले 365 दिन तक 80% वेतन की दर से भुगतान किया जायेगा।
(7) एक महिला एक जुलाई से चाइल्ड केयर लीव पर गई है तो उसके नियमित वार्षिक वेतन वृद्धि देय होगी या नही? उत्तर:-वार्षिक वेतनवृद्धि स्वीकृत तो एक जुलाई से ही होगी,जो काल्पनिक(Notional) रहेगी एवं उसका आर्थिक लाभ कार्मिक को अवकाश से लौटकर पुनः कार्यग्रहण करने की तिथि से ही देय होगा।
नोट:-चाइल्ड केयर लीव की अवधि के दौरान एसीपी एवम एवम स्थाईकरण से वेतन नियमितीकरण होता है तो उसमें भी यही नियम लागू होता है इसका आर्थिक लाभ भी अवकाश से पुनः कार्यग्रहण करने के उपरांत ही मिलता है।
(8) चाइल्ड केयर लीव के दौरान यदि DA की दर बढ़ जाती है तो उसे DA का भुगतान किस दर से होगा? उत्तर:- चाइल्ड केयर लीव में DA की बढ़ी हुई दर से भुगतान होगा।
(9) क्या प्रोबेशनकाल में चाइल्ड केयर लीव मिलती है? उत्तर:-सामान्यतया प्रोबेशनर ट्रेनीज को चाइल्ड केयर लीव नही मिलती है परन्तु यदि विशेष परिस्थिति में स्वीकृत की जाती है तो प्रोबेशन अवधि में जितने दिन चाइल्ड केयर लीव स्वीकृत की गई है, प्रोबेशनकाल भी उतनी अवधि के लिए आगे बढ़ जायेगा।
(10) किसी महिला में चाइल्ड केयर लीव का आवेदन किया है परन्तु DDO वह अवकाश स्वीकृत नही कर रहे है क्या वे ऐसा कर सकते है? उत्तर:-हां बिल्कुल कर सकते हैं क्योंकि चाइल्ड केयर लीव की अधिकार के रूप में मांग नहीं कर सकते । राजकार्य के सूचारू रूप से संचालन एवं विभागीय लक्ष्य बाधित होने की स्थिति में आवेदित चाइल्ड केयर लीव को DDO अस्वीकृत भी कर सकते है।एवं आवश्यक राजकीय कार्य से कार्मिक की कार्यालय में जरूरत हो तो DDO पूर्व में स्वीकृत किये गए चाइल्ड केयर लीव को निरस्त अथवा उसकी अवधि को कम कर कार्मिक को पुनः ड्यूटी पर भी वापस बुला सकते है।
(11) चाइल्ड केयर लीव के मध्य में रविवार या अन्य कोई राजकीय अवकाश आते है तो क्या उनको भी चाइल्ड केयर लीव में काउंट किया जाता है? उत्तर:- Child Care Leave Rule in Rajasthan को उपार्जित अवकाश की तरह स्वीकृत किया जाता है अतः इसके मध्य में आने वाले रविवार या अन्य राजकीय अवकाश इस अवकाश में शामिल किये जाएंगे।
नोट- चाइल्ड केयर लीव (Child Care Leave) में राजस्थान सेवा नियम 1951 खण्ड -1 अध्याय 10 के नियम 61 एवं 63 के तहत पूर्ववर्ती (prefix) एवं पश्चावर्ती (suffix) सार्वजनिक अवकाश का लाभ कार्मिक को मिलता है।
(12) क्या चाइल्ड केयर लीव के साथ अन्य कोई अवकाश लिया जा सकता है ? उत्तर:- हां बिल्कुल लिया जा सकता है। चाइल्ड केयर लीव के साथ आकस्मिक अवकाश(CL) के अलावा अन्य कोई भी अवकाश ले सकते हैं। लेकिन यह ध्यान रखें कि DDO केवल 120 दिन का Child Care Leave Rule in Rajasthan ही स्वीकृत कर सकते हैं, इससे अधिक अवधि होने पर यह अवकाश विभागाध्यक्ष द्वारा ही स्वीकृत किया जायेगा।
(13) क्या सरोगेसी संतान की देख भाल के लिए Child Care Leave Rule in Rajasthan मिल सकती है? उत्तर:-नहीं,विधि मान्य संतान की देखभाल के लिए चाइल्ड केयर लीव मिलती है ।अतः सरोगेसी संतान की देखभाल के लिए चाइल्ड केयर लीव नहीं मिलती है।
(14) किसी महिला कार्मिक ने पहले 20 दिन का चिकित्सा प्रमाण पत्र के आधार पर परिवर्तित अवकाश लिया था क्या वह उस अवकाश की प्रकृति बदल कर उसे चाइल्ड केयर लीव में परिवर्तित करवा सकती है? उत्तर:- पूर्व में लिए गए किसी भी प्रकार के अवकाश को Child Care Leave Rule in Rajasthan में परिवर्तित नही करवाया जा सकता है।
नोट:-चाइल्ड केयर लीव को भी अन्य किसी भी अवकाश में परिवर्तित नही करवाया जा सकता है इसके साथ ही चाइल्ड केयर लीव को पहले स्वीकृत करवा कर ही इसका उपभोग किया जा सकता है।
(15) एक ऑफिस या स्कूल में एक साथ 3-4 महिला कार्मिकों ने चाइल्ड केयर लीव के लिए आवेदन कर दिया है । अतः उनके अवकाश स्वीकृत हेतु प्राथमिकता के क्या मापदंड रहेंगे? उत्तर:-FD आदेश Date 10/09/18 के अनुसार राजकार्य एवं सेवा में कोई व्यवधान उत्पन्न नहीं हो एवं राजकार्य सुचारू रूप से चल सके एवं विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति में कोई बाधा नहीं हो,इसलिए कुल स्टाफ के 20% से अधिक कार्मिकों की चाइल्ड केयर लीव स्वीकृत नहीं की जायेगी।
Child Care Leave Rule in Rajasthan की स्वीकृति के लिए 1 से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर निम्न प्राथमिकता के आधार पर अवकाश स्वीकृत करने के निर्देश हैं।
बच्चे की गंभीर बीमारी में देखभाल/दिव्यांग बच्चे की देखभाल
बच्चे की माध्यमिक या उच्च माध्यमिक बोर्ड परीक्षा में देखभाल
बोर्ड़ परीक्षा के अतिरिक्त शिक्षण कार्य के समय देखभाल
तीन वर्ष की आयु से कम बच्चे की देखभाल।
नोट:-शिक्षा विभाग में निदेशक बीकानेर के आदेश दिनांक 03/08/2018 के अनुसार चाइल्ड केयर लीव में विधवा एवं परित्यक्ता श्रेणी की महिलाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश प्रदान किए गए हैं।
(16) Child Care Leave Rule in Rajasthan के लिए आवेदन के साथ कौन -कौन से दस्तावेज सलंग्न किये जाते हैं? उत्तर:- FD द्वारा निर्धारित चाइल्ड केयर लीव के फॉर्मेट में आवेदन पत्र एवं उसके साथ निम्न दस्तावेजों की प्रतियां अवश्य सलंग्न करें।
राशन कार्ड
दो जीवित सन्तानों के जन्म प्रमाण पत्र
बच्चा दिव्यांग है तो मान्य दिव्यांग प्रमाण पत्र
संतान की बीमारी से सम्बन्धित दस्तावेज
संतान की परीक्षा/परीक्षा तिथि/प्रवेश सम्बन्धित आवश्यक प्रमाण पत्र
अन्य कोई जो अवकाश से सम्बन्धित हो।
(17) किसी कार्मिक का बच्चा विदेश में रह रहा है तो क्या उसको भी चाइल्ड केयर लीव मिल सकती है एवं उसके लिए क्या शर्ते रहेंगी? उत्तर:-विदेश में रह रहे बच्चे की बीमारी अथवा परीक्षा आदि की स्थिति में चिकित्सक/शिक्षण संस्था से प्राप्त प्रमाण पत्र के आधार पर चाइल्ड केयर लीव स्वीकृत किया जा सकेगा। विदेश में रह रहे अवयस्क बच्चे हेतु अवकाश लेने के लिए विदेश यात्रा अवकाश के नियम/निर्देशों की पालना करना अनिवार्य होगा साथ ही 21 दिन पहले विदेश यात्रा हेतु आवेदन करना पड़ेगा और चाइल्ड केयर लीव की 80% अवकाश अवधि उसी देश में बितानी होगी जहाँ बच्चा रह रहा है।
(18) चाइल्ड केयर लीव का सर्विस बुक में लेखा संधारण किस प्रकार किया जाएगा? उत्तर:-चाइल्ड केयर लीव किसी अन्य अवकाश लेखे में Debit(घटाया) नहीं जाएगा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रपत्र में इसका अलग से लेखा संधारित किया जाएगा एवं वह प्रपत्र सर्विस बुक में चस्पा किया जाएगा।
कक्षा 10 के लिए विज्ञान विषय का शानदार सम्पूर्ण अध्याय क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
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