Third Grade Teacher Latest DPC List 2026 | Mandal Wise PDF | Third Grade Teacher Latest DPC List 2026 – Rajasthan Education Department | Third Grade Teacher Latest DPC List 2026: मंडलवार एवं विषयवार विभागीय पदोन्नति (DPC) सूची जारी जल्द
Third Grade Teacher Latest DPC List 2026 | Mandal Wise PDF: मंडलवार एवं विषयवार विभागीय पदोन्नति (DPC) सूची जारी.... की नवीनतम विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) एवं पदोन्नति सूचियों को लगातार अपडेट किया जा रहा है। यदि आप राजस्थान के किसी भी मंडल, जिले या विषय से संबंधित DPC List, Promotion List, Departmental Promotion Committee List, Seniority List या Departmental Promotion Orders की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो यह पेज आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
इस पेज पर राजस्थान के प्रमुख मंडलों एवं जिलों की विषयवार नवीनतम DPC सूचियां उपलब्ध करवाई जा रही हैं। Third Grade Teacher Latest DPC List 2026 | Mandal Wise PDF: मंडलवार एवं विषयवार विभागीय पदोन्नति (DPC) सूची जारी
NOTE : Third Grade Teacher Latest DPC List 2026 | Mandal Wise PDF: मंडलवार एवं विषयवार विभागीय पदोन्नति (DPC) सूची अपडेट करने का काम जारी हैं जल्द अपडेट होते ही सभी मंडलों की सूचियाँ यहाँ अपडेट कर देंगे |
कक्षा 10 के लिए सामाजिक अध्ययन तीन पार्ट में उपलब्ध शानदार सम्पूर्ण अध्याय के क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
राजकीय विद्यालयों के नामकरण की नियमावली | सरकारी स्कूल नामकरण नियम | SCHOOL NAME CHANGE GUIDLINES | राजस्थान में राजकीय विद्यालयों के नामकरण से संबंधित नियमों को शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित किया गया है। विशेष रूप से शहीद सैनिकों, स्वतंत्रता सेनानियों एवं अन्य महान विभूतियों के नाम पर विद्यालयों का नामकरण करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस लेख में हम राजकीय विद्यालयों के नामकरण की संपूर्ण नियमावली, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया एवं प्रमुख प्रावधानों की जानकारी सरल भाषा में समझेंगे।
शहीद के नाम से राजकीय विद्यालय का नामकरण
शहीद सैनिकों के नाम पर राजकीय विद्यालयों का नामकरण करने हेतु संबंधित विद्यालय की एसएमसी/एसडीएमसी, ग्राम पंचायत अथवा शहरी क्षेत्र होने पर नगर पालिका/नगर निगम/प्राधिकरण की अनापत्ति एवं अनुशंसा आवश्यक होती है। इसके साथ संस्था प्रधान की रिपोर्ट तथा संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक/माध्यमिक) की अनुशंसा भी अनिवार्य है। SCHOOL NAME CHANGE GUIDLINES
विद्यालय नामकरण प्रस्ताव में निम्न दस्तावेज शामिल किए जाते हैं:
प्रपत्र 7(क)
बैटल/ऑपरेशनल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट
सर्विस पार्टिकुलर्स
ग्राम पंचायत/नगर निकाय की अनुशंसा
एसएमसी/एसडीएमसी की अनुशंसा
संस्था प्रधान एवं जिला शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट
इन दस्तावेजों के आधार पर निदेशक, प्रारंभिक/माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर द्वारा स्वीकृति जारी की जाती है।
SCHOOL NAME CHANGE GUIDLINES- राजकीय विद्यालयों के नामकरण की नियमावली | सरकारी स्कूल नामकरण नियम
विवाद की स्थिति में निर्णय
यदि विद्यालय नामकरण को लेकर एसएमसी, ग्राम पंचायत, शहीद के परिजनों अथवा अन्य पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न होता है, तो संबंधित जिला कलेक्टर की अनुशंसा को मान्य माना जाएगा। SCHOOL NAME CHANGE GUIDLINES
जिला कलेक्टर अपनी अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय समिति गठित कर सकते हैं, जिसमें:
शिक्षा विभाग
सैनिक कल्याण विभाग
पुलिस विभाग
जिला परिषद
जनप्रतिनिधि
एसएमसी/एसडीएमसी
से सुझाव लेकर अंतिम निर्णय किया जाएगा।
किन शहीदों के नाम पर विद्यालय नामकरण किया जा सकता है
केवल आजादी के बाद विभिन्न युद्धों एवं ऑपरेशनों में शहीद हुए सैनिकों के नाम पर ही राजकीय विद्यालयों का नामकरण किया जा सकेगा।
निम्न श्रेणियों के नाम पर विद्यालय नामकरण नहीं किया जाएगा:
यदि किसी विद्यालय भवन का नामकरण पहले से किसी शहीद के नाम पर किया जा चुका है तथा उस ग्राम में अन्य राजकीय विद्यालय संचालित नहीं है, तो उसी विद्यालय का पुनः अन्य शहीद के नाम से नामकरण नहीं किया जाएगा। SCHOOL NAME CHANGE GUIDLINES
यदि ग्राम में कोई विद्यालय उपलब्ध नहीं है, तो शहीद के नाम पर निम्न सार्वजनिक स्थलों का नामकरण प्रस्तावित किया जा सकता है:
चिकित्सालय
औषधालय
राजकीय भवन
मार्ग
सार्वजनिक स्थल
विद्यालय चयन की प्राथमिकता
विद्यालय नामकरण हेतु प्राथमिकता इस प्रकार होगी:
प्राथमिक विद्यालय
उच्च प्राथमिक विद्यालय
माध्यमिक विद्यालय
उच्च माध्यमिक विद्यालय
राजकीय संस्कृत विद्यालय
यदि ग्राम में प्राथमिक विद्यालय उपलब्ध नहीं है, तभी उच्च स्तर के विद्यालय का चयन किया जाएगा।
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों के नामकरण संबंधी नियम
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों के नामकरण में “महात्मा गांधी” नाम यथावत रखा जाएगा तथा उसके बाद शहीद/भामाशाह का नाम जोड़ा जाएगा।
उदाहरण:
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय शहीद ____ सिंह
आवेदन प्रक्रिया
शहीद सैनिक के आश्रित अथवा परिजन संबंधित जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को आवेदन प्रस्तुत करेंगे। SCHOOL NAME CHANGE GUIDLINES
आवेदन का निस्तारण FIFO (First In First Out) प्रणाली के आधार पर किया जाएगा।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी पात्रता जांच के बाद:
जिला कलेक्टर से प्रपत्र 7(क) जारी करवाएंगे
पूर्ण प्रकरण जिला शिक्षा अधिकारी को भेजेंगे
तत्पश्चात निदेशक शिक्षा विभाग को प्रस्ताव प्रेषित किया जाएगा
आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज
विद्यालय नामकरण प्रस्ताव के साथ सामान्यतः निम्न दस्तावेज आवश्यक होते हैं:
बैटल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट
ऑपरेशनल कैजुअल्टी सर्टिफिकेट
सर्विस पार्टिकुलर्स
प्रपत्र 7(क)
ग्राम पंचायत/नगर निगम की एनओसी
एसएमसी/एसडीएमसी अनुशंसा
संस्था प्रधान की अनुशंसा
जिला शिक्षा अधिकारी की अनुशंसा
अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र
महत्वपूर्ण बात यह है कि आवेदन शहीद के कैजुअल्टी सर्टिफिकेट जारी होने की तिथि से एक वर्ष के भीतर करना आवश्यक है। SCHOOL NAME CHANGE GUIDLINES
स्वतंत्रता सेनानी एवं महान विभूतियों के नाम से नामकरण
स्वतंत्रता सेनानी, महान विभूति, संत, महात्मा, ऐतिहासिक पुरुष, विधायक, सांसद या पूर्व मंत्रियों के नाम से विद्यालय नामकरण का कार्य शिक्षा विभाग द्वारा सीधे नहीं किया जाएगा।
ऐसे मामलों में सामान्य प्रशासन विभाग स्तर पर कार्यवाही की जाएगी तथा विशेष परिस्थितियों में जिला कलेक्टर के अनुरोध पर शासन स्तर से एनओसी जारी की जा सकती है।
नामकरण हेतु आवश्यक दस्तावेज (स्वतंत्रता सेनानी मामलों में)
ताम्र पत्र
जीवन परिचय
स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान विवरण
मृत्यु प्रमाण पत्र
पेंशन प्रमाण पत्र
ग्राम पंचायत/नगर निकाय एनओसी
एसएमसी/एसडीएमसी अनुशंसा
संभावित स्थानीय प्रतिक्रिया रिपोर्ट
संस्था प्रधान एवं जिला शिक्षा अधिकारी की अनुशंसा
विद्यालय परिसरों में मूर्ति एवं नाम पट्टिका संबंधी नियम
राजकीय विद्यालयों में:
मूर्ति/प्रतिमा स्थापित नहीं की जाएगी
चबूतरे निर्माण की अनुमति नहीं होगी
खेल मैदान का अलग नामकरण नहीं होगा
ब्लॉक, पुस्तकालय, प्रयोगशाला एवं कक्षा-कक्ष पर नाम पट्टिका नहीं लगाई जाएगी
समन्वयन (Merger) की स्थिति में नियम
यदि शहीद, भामाशाह अथवा स्वतंत्रता सेनानी के नाम से नामांकित विद्यालय का समन्वयन किया जाता है, तो विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। SCHOOL NAME CHANGE GUIDLINES
राजकीय विद्यालयों के नामकरण से जुड़े महत्वपूर्ण आदेश और दिशा निर्देश SCHOOL NAME CHANGE GUIDLINES ORDERS
SCHOOL NAME CHANGE CONFUSION GUIDELINE 11-12-2016 DOWNLOAD HERE
SCHOOL NAME CHANGE SAMNAY PRASHASAN VIBHAG ORDER 06-02-2025 DOWNLOAD HERE
SCHOOL NAME CHANGE SCHOOL SHIKSHA GROUP5-5 20-05-2026 DOWNLOAD HERE
SCHOOL NAME CHANGE UPDATE OF 08-05-2008 DATE 30-01-2018 DOWNLOAD HERE
SCHOOL NAMKARAN SCHOOL SHIKSHA GROUP 6 08-05-2008 DOWNLOAD HERE
SHAHID DANDATA FREEDOM FIGHTER SCHOOL NAME CHANGE 26-11-2013 DOWNLOAD HERE
SHAHIDO KE NAME SCHOOL NAME CHANGE 12-03-2012 DOWNLOAD HERE
निष्कर्ष
राजकीय विद्यालयों के नामकरण की नियमावली का उद्देश्य विद्यालयों के नामकरण में पारदर्शिता, सम्मान एवं प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखना है। विशेष रूप से शहीद सैनिकों के सम्मान में विद्यालयों का नामकरण एक संवेदनशील प्रक्रिया है, जिसके लिए शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
यदि आप विद्यालय नामकरण हेतु आवेदन करना चाहते हैं, तो संबंधित जिला सैनिक कल्याण अधिकारी एवं शिक्षा विभाग से संपर्क कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त कर सकते हैं।
DPC LIST : AD JD DD DEO PRINCIPAL VP LECTURER SENIOR TEACHER :
पद एवं वर्षवार डीपीसी सूची : शिक्षा विभाग पदोन्नति आदेश एवं नवीनतम अपडेट
राजस्थान शिक्षा विभाग में समय-समय पर विभिन्न पदों के लिए विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) के माध्यम से चयन एवं पदस्थापन आदेश जारी किए जाते हैं। शिक्षकों एवं शिक्षा अधिकारियों के लिए यह जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि डीपीसी के आधार पर ही पदोन्नति, पदस्थापन एवं वरिष्ठता से जुड़े निर्णय लिए जाते हैं।
इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको शिक्षा विभाग की विभिन्न डीपीसी सूचियों, चयन आदेशों तथा पदस्थापन आदेशों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवा रहे हैं। यहाँ आप पद एवं वर्षवार डीपीसी अपडेट सरल एवं व्यवस्थित रूप में प्राप्त कर सकते हैं।
प्रमुख डीपीसी एवं चयन आदेश सूची
1. प्रधानाचार्य डीपीसी / रिव्यु डीपीसी चयन आदेश
विद्यालय शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर प्रधानाचार्य पद हेतु डीपीसी एवं रिव्यु डीपीसी आयोजित की जाती है। इसके अंतर्गत पात्र व्याख्याताओं एवं वरिष्ठ शिक्षकों को पदोन्नति प्रदान की जाती है। रिव्यु डीपीसी उन मामलों में आयोजित होती है जहाँ पूर्व चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की विसंगति या न्यायालयीन आदेश लागू होते हैं।
राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य पद हेतु जारी सभी डीपीसी एवं रिव्यु डीपीसी आदेश यहाँ उपलब्ध करवाए जाते हैं।
मुख्य बिंदु:
वर्षवार डीपीसी सूची, चयनित अभ्यर्थियों की सूची, विभागीय आदेश PDF, न्यायालयीन मामलों से संबंधित अपडेट
उप-प्राचार्य पद हेतु आयोजित डीपीसी शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में से एक है। इस प्रक्रिया में पात्र व्याख्याताओं को वरिष्ठता एवं सेवा रिकॉर्ड के आधार पर पदोन्नति दी जाती है।
AD (Assistant Director), JD (Joint Director), DD (Deputy Director), DEO (District Education Officer) के लिए जारी डीपीसी एवं चयन आदेश भी यहाँ उपलब्ध करवाए जाते हैं। इसमें शामिल:
डीपीसी पूर्ण होने के बाद विभाग द्वारा नवीन पदस्थापन आदेश जारी किए जाते हैं। इन आदेशों के माध्यम से चयनित अधिकारियों एवं शिक्षकों को नए विद्यालयों एवं कार्यालयों में नियुक्ति दी जाती है।
शिक्षा विभाग की डीपीसी प्रक्रिया में निम्न बिंदु अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं:
वरिष्ठता सूची
विभागीय पात्रता
सेवा रिकॉर्ड
एसीआर/APAR मूल्यांकन
न्यायालयीन आदेश
विभागीय नियम एवं संशोधन
कई बार न्यायालयीन मामलों के कारण डीपीसी प्रक्रियाएँ प्रभावित होती हैं, इसलिए विभाग समय-समय पर रिव्यु डीपीसी भी आयोजित करता है।
निष्कर्ष
यदि आप राजस्थान शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक, व्याख्याता, प्रधानाध्यापक या शिक्षा अधिकारी हैं, तो यह प्लेटफॉर्म आपके लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा। यहाँ आपको पद एवं वर्षवार डीपीसी सूची, चयन आदेश, पदस्थापन आदेश तथा नवीनतम विभागीय अपडेट एक ही स्थान पर उपलब्ध करवाए जाएंगे।
शिक्षा विभाग की सभी नवीनतम डीपीसी अपडेट, पदोन्नति आदेश एवं न्यायालयीन मामलों की जानकारी प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से वेबसाइट विजिट करते रहें।
Third Grade DPC Case Update तृतीय श्रेणी शिक्षकों की सेकंड ग्रेड डीपीसी मामला : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर बड़ा अपडेट
Third Grade DPC Case Update तृतीय श्रेणी शिक्षकों की सेकंड ग्रेड डीपीसी मामला : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर बड़ा अपडेट
नमस्कार। जय हिंद। वंदे मातरम्। तृतीय श्रेणी शिक्षकों से सेकंड ग्रेड पदोन्नति (DPC) से संबंधित मामला वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। लंबे समय से इस प्रकरण की सुनवाई का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए आज की कार्यवाही से जुड़ा महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा इस मामले में Early Hearing Application प्रस्तुत की गई थी, ताकि प्रकरण की शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित हो सके। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में SLP No. 9946/2025 के रूप में दर्ज है तथा इसका डायरी नंबर 122018/2025 है। आज दिनांक 29 अप्रैल 2026 को इस प्रकरण की लिस्टिंग सुप्रीम कोर्ट में की गई। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक स्थिति (Status) में यह मामला अभी भी Pending दर्शाया जा रहा है। इसका अर्थ यह है कि आज इस प्रकरण की अंतिम सुनवाई नहीं हो सकी। Third Grade DPC Case Update
Third Grade DPC Case Update तृतीय श्रेणी शिक्षकों की सेकंड ग्रेड डीपीसी मामला : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर बड़ा अपडेट
आज सुनवाई क्यों नहीं हो पाई?
आज यह मामला सुप्रीम कोर्ट की कॉज लिस्ट में क्रम संख्या 119 पर सूचीबद्ध था। सामान्यतः सर्वोच्च न्यायालय प्रतिदिन लगभग 40 से 60 मामलों की प्रभावी सुनवाई कर पाता है। ऐसे में निर्धारित समय सीमा एवं कार्यभार के कारण क्रम संख्या 119 तक मामलों की सुनवाई नहीं पहुंच सकी। स्पष्ट रूप से कहा जाए तो— मामला आज सूचीबद्ध अवश्य था, सरकार द्वारा शीघ्र सुनवाई हेतु आवेदन भी प्रस्तुत किया गया था, लेकिन अधिक लंबी कॉज लिस्ट होने के कारण आज इस पर सुनवाई नहीं हो पाई।
Third Grade DPC Case Update आगे क्या संभावनाएँ हैं?
यदि राज्य सरकार द्वारा पुनः Early Hearing अथवा Urgent Hearing Application प्रस्तुत की जाती है, तो मामले की शीघ्र सुनवाई होने की संभावना बन सकती है। अब अगली सुनवाई की तिथि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित किए जाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। जैसे ही अगली लिस्टिंग अथवा सुनवाई की नई तारीख जारी होगी, उससे संबंधित समस्त आधिकारिक जानकारी आप तक उपलब्ध करवाई जाएगी। यह मामला प्रदेश के हजारों तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पदोन्नति हितों से जुड़ा हुआ है, इसलिए सभी संबंधित शिक्षक साथियों की निगाहें अब सुप्रीम कोर्ट की अगली कार्यवाही पर टिकी हुई हैं। Third Grade DPC Case Update तृतीय श्रेणी शिक्षकों की सेकंड ग्रेड डीपीसी मामला : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर बड़ा अपडेट
मामले का विस्तृत विवरण
वर्ष 2021 में नियम बदले गए — केवल उन शिक्षकों को पदोन्नति का अधिकार दिया गया जो अपने मौजूदा विषय में पढ़ा रहे थे। इसके चलते जिन शिक्षकों ने एडिशनल (additional) विषयों में डिग्री ली थी, वे पदोन्नति के हक़दार होने का दावा कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने कुछ मामलों में एडिशनल वाले शिक्षकों के पक्ष में आदेश दिए, पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जिससे मामला लंबित है।
कितने पद दांव पर हैं?
2022-23 से 2024-25 (लंबित): 19,372 पद (पदोन्नति लंबित) 2025-26 जोड़कर (अनुमान): कुल ~25,000 विवादित पद कुल रिक्त वरिष्ठ अध्यापक: 43,000+ पद प्रभावित छात्र: मुख्य रूप से कक्षा 9वीं-10वीं के लाखों विद्यार्थी
Third Grade DPC Case Update तृतीय श्रेणी शिक्षकों की सेकंड ग्रेड डीपीसी मामला : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर बड़ा अपडेट
एडिशनल डिग्री की होड़ — कारण और प्रभाव
वृद्धि हुई प्रतिस्पर्धा के चलते कई शिक्षक B.Ed., M.A., M.Sc., M.Com इत्यादि अतिरिक्त विषय की डिग्रियाँ ले रहे हैं ताकि वे वरिष्ठ अध्यापक के लिए पात्र बन सकें। इसका सकारात्मक पहलू यह है कि शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता बढ़ती है; नकारात्मक पहलू यह है कि नियमों की अस्पष्टता और कोर्ट विवाद से पदोन्नति प्रक्रिया थम जाती है और रिक्तियों के कारण स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। Third Grade DPC
Diary No. - 12018/2025
VISHAN SINGH MAHECHA vs. STATE OF RAJASTHAN
Case Details
Diary Number
12018/2025 Filed on 04-03-2025 03:44 PM [ SECTION: XV]PENDING
Case Number
SLP(C) No. 009946 - 009948 / 2025 Registered on 07-04-2025 (Verified On 29-03-2025)
CNR Number
SCIN010120182025
Present/Last Listed On
29-04-2026 [HON'BLE MR. JUSTICE J.K. MAHESHWARIand HON'BLE MR. JUSTICE ATUL S. CHANDURKAR]
Status/Stage
Pending[] (Final Hearing) List After (Weeks) (4), Not taken up/ Not Today-Ord dt:29-04-2026
Admitted
[ADMITTED ON : 24-07-2025]
Category
4301-Service Laws : Appointment, Compassionate appointment, temporary appointment, recruitment,probation and confirmation, suspension, reduction in rank, termination, dismissal, removal, retirement, disciplinary proceedings against employees
Third Grade DPC Case Update तृतीय श्रेणी शिक्षकों की सेकंड ग्रेड डीपीसी मामला : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर बड़ा अपडेट
आग्रह :-आप जानकारी को पढ़ते हुए यहाँ अंत तक पहुंचे हैं तो इसका अभिप्राय हैं कि आपको हमारे दी गयी जानकरी अच्छी लगी हैं अत: आपसे आग्रह हैं कि आप हमारे सोशल मीडिया प्लेटफोर्म से अवश्य जुड़े 🙏🏻
🏠 जनगणना 2027 Self Enumeration: ऑनलाइन फॉर्म भरने की पूरी प्रक्रिया (Step-by-Step गाइड)
Complete Process of Filling Online Form in Self Census : भारत में जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जो हर 10 वर्ष में आयोजित की जाती है। पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, जबकि अगली जनगणना 2027 डिजिटल और आधुनिक तकनीकों के साथ आयोजित की जाएगी। इस बार सरकार ने एक नई सुविधा शुरू की है जिसे Self Enumeration (स्व-गणना) कहा जाता है।
इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि जनगणना 2027 का Self Enumeration फॉर्म कैसे भरें, हर स्टेप में क्या करना होगा, और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। Complete Process of Filling Online Form in Self Census
📌 Self Enumeration (स्व-गणना) क्या है?
Complete process of filling online form in self census एक ऑनलाइन प्रक्रिया है जिसमें नागरिक स्वयं अपने घर और परिवार की जानकारी डिजिटल पोर्टल के माध्यम से भरते हैं।
👉 यह प्रक्रिया सरकारी प्रगणक के घर आने से पहले पूरी की जा सकती है। 👉 इससे डेटा अधिक सटीक और पारदर्शी बनता है।
✔️ मुख्य विशेषताएं:
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन
लगभग 15–20 मिनट का समय
34 प्रश्नों का फॉर्म
सफल सबमिशन के बाद SE ID (Unique ID)
🎯 जनगणना 2027 में Self Enumeration का महत्व
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा
समय और संसाधनों की बचत
डेटा की सटीकता
सरकारी योजनाओं के लिए विश्वसनीय आधार
Complete process of filling online form in self census
🧾 Self Enumeration फॉर्म भरने की पूरी प्रक्रिया (Step-by-Step)
अब हम हर स्टेप को विस्तार से समझते हैं:
🔹 Step 1: पोर्टल पर लॉगिन (Login Process)
सबसे पहले आपको जनगणना के आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा:
पोर्टलः पोर्टल तक पहुंचने के लिए https://se.census.gov.in पर जाएं। इसके बाद ड्रॉप-डाउन सूची से अपना राज्य/संघ राज्य क्षेत्र चुनें तथा आगे बढ़ने के लिए कैप्चा दर्ज करें। डिजिटल मानचित्र पर अपने घर का स्थान चिन्हित करते समय बेहतर दृश्यता के लिए लैपटॉप या डेस्कटॉप का उपयोग करें। Complete Process of Filling Online Form in Self Census
क्या करना होगा?
वेबसाइट खोलें
अपना राज्य / केंद्र शासित प्रदेश चुनें
स्क्रीन पर दिखाया गया Captcha भरें
महत्वपूर्ण टिप्स:
Captcha सही भरें, अन्यथा लॉगिन नहीं होगा
बेहतर अनुभव के लिए लैपटॉप/डेस्कटॉप का उपयोग करें
👉 यह स्टेप बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहीं से पूरी प्रक्रिया शुरू होती है।
🔹 Step 2: परिवार का पंजीकरण (Household Registration)
इस चरण में आपको अपने परिवार का पंजीकरण करना होगा।
परिवार के मुखिया का नाम दर्ज करें। इस प्रविष्टि के पास एक टूलटिप उपलब्ध है, जो यह समझने में सहायता करेगा कि परिवार का मुखिया किसे माना जाए। एक बार पंजीकरण होने के बाद इस नाम को बदला नहीं जा सकेगा। परिवार के किसी भी सदस्य का मोबाइल नंबर दर्ज करें। प्रत्येक परिवार के लिए केवल एक मोबाइल नंबर का उपयोग किया जाना चाहिए और वह नंबर किसी अन्य परिवार के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता।
नागरिक अपनी स्व-गणना पहचान संख्या (SE ID) ई-मेल के माध्यम से प्राप्त करने हेतु एक ई-मेल आईडी भी प्रदान कर सकते हैं।
Complete Process of Filling Online Form in Self Census
👉 यह स्टेप आपकी पहचान और परिवार की मूल जानकारी स्थापित करता है।
Complete Process of Filling Online Form in Self Census
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🔹 Step 3: भाषा चयन और OTP सत्यापन
अपनी पसंदीदा भाषा सावधानीपूर्वक चुनें। प्रक्रिया के बाद के चरणों में इसे बदला नहीं जा सकेगा। इसके बाद अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त एक-बार उपयोग होने वाला पासवर्ड (ओटीपी) दर्ज कर सत्यापन करें और आगे बढ़ें।
क्या करना होगा?
अपनी पसंदीदा भाषा चुनें
मोबाइल पर प्राप्त OTP दर्ज करें
महत्वपूर्ण बातें:
भाषा एक बार चुनने के बाद बदली नहीं जा सकती
OTP आने में नेटवर्क की भूमिका महत्वपूर्ण है
👉 यह स्टेप आपकी सुरक्षा और पहचान सत्यापन के लिए जरूरी है। Complete Process of Filling Online Form in Self Census
🔹 Step 4: निवास स्थान की जानकारी भरना
अब आपको अपने घर का स्थान विवरण देना होगा।
इस स्टेप में अपना जिला चुनें और अपना पिन कोड दर्ज करें। इसके पश्चात अपने गाँव/नगर, स्थानीय क्षेत्र तथा निकटवर्ती पहचान चिह्न (लैंडमार्क) का नाम दर्ज करें। इसके बाद "खोज" पर क्लिक करें।
इसमें क्या भरना होगा?
जिला
गाँव/शहर
क्षेत्र (Locality)
लैंडमार्क (जैसे मंदिर, स्कूल)
PIN कोड (वैकल्पिक)
टिप्स:
जानकारी सही और स्पष्ट भरें
लैंडमार्क सही देने से लोकेशन पहचान आसान होती है
👉 यह डेटा प्रगणक को आपके घर तक पहुंचने में मदद करता है। Complete Process of Filling Online Form in Self Census
🔹 Step 5: मैप पर लोकेशन सेट करना (Geo Tagging)
यह सबसे आधुनिक और महत्वपूर्ण स्टेप है।
स्क्रीन पर एक लाल संकेतक (मार्कर) के साथ मानचित्र प्रदर्शित होगा। इस संकेतक को खींचकर अपने निवास स्थान के सटीक स्थान पर रखें ताकि आवासीय भवन का सही स्थान चिन्हित किया जा सके। इसके बाद "सहेजें और आगे बढ़े पर क्लिक करें।
स्थान संबंधी जानकारी की पुष्टि हेतु एक संदेश प्रदर्शित होगा। यह प्रगणक द्वारा घर-घर भ्रमण के दौरान सत्यापन हेतु स्व-गणना डेटा को संबंधित मकान सूचीकरण ब्लॉक से आवंटित करने में सहायक होगा।
Complete Process of Filling Online Form in Self Census
क्या करना होगा?
स्क्रीन पर एक डिजिटल मैप खुलेगा
लाल मार्कर को अपने घर के सही स्थान पर रखें
“Save & Next” पर क्लिक करें
क्यों जरूरी है?
यह आपके घर की सटीक लोकेशन रिकॉर्ड करता है
प्रगणक को सत्यापन में मदद मिलती है
👉 यह फीचर डिजिटल जनगणना की सबसे बड़ी खासियत है।
🔹 Step 6: प्रश्नावली भरना (Fill Questionnaire)
यह सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण चरण है।
मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित प्रश्नावली को भरें। विशिष्ट प्रश्नों के लिए प्रश्नों के नीचे दिए गए नोट्स, 'टूलटिप्स" तथा "अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न" का उपयोग करें। यह प्रश्नावली वही है जिसका उपयोग प्रगणक द्वारा किया जाएगा। भवन संख्या, जनगणना मकान संख्या, जनगणना मकान का उपयोग तथा परिवार क्रमांक जैसी कुछ जानकारी प्रगणक द्वारा क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान अलग से दर्ज की जाएगी।
प्रणाली में अगले पृष्ठ पर जाने से पहले वर्तमान स्क्रीन को पूर्ण करना आवश्यक है, हालांकि आप किसी भी समय पिछली प्रविष्टियों में संशोधन करने के लिए वापस जा सकते हैं। Complete Process of Filling Online Form in Self Census
इसमें क्या शामिल है?
मकान की जानकारी
परिवार के सदस्य
शिक्षा और रोजगार
सुविधाएं (पानी, बिजली, शौचालय)
संपत्तियां (मोबाइल, वाहन)
कैसे भरें?
हर प्रश्न ध्यान से पढ़ें
सही विकल्प चुनें
जरूरत पड़े तो Tooltips का उपयोग करें
महत्वपूर्ण टिप:
गलत जानकारी देने से समस्या हो सकती है
सभी प्रश्न पूरे भरें
👉 यही डेटा सरकार के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है।
🔹 Step 7: डेटा की समीक्षा (Preview & Edit)
पूर्वावलोकन स्क्रीन के माध्यम से सभी दर्ज की गई जानकारी को अनुभाग-वार जांचें। इस चरण पर डेटा में संशोधन किया जा सकता है। आप जानकारी को ड्राफ्ट के रूप में सेव रख सकते हैं और अंतिम तिथि से पहले इसे अंतिम रूप देकर पुष्टि करें और सबमिट कर सकते हैं। Complete Process of Filling Online Form in Self Census
क्या करना होगा?
Preview स्क्रीन में सभी जानकारी जांचें
यदि कोई गलती हो तो सुधार करें
सुविधाएं:
Draft के रूप में सेव कर सकते हैं
बाद में वापस आकर पूरा कर सकते हैं
👉 यह स्टेप गलतियों को सुधारने का अंतिम मौका देता है। Complete Process of Filling Online Form in Self Census
🔹 Step 8: Final Submit करना
अब आप अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं।
जब आप संतुष्ट हो, तब पुष्टि करें और सबमिट करें पर क्लिक करें। इसके बाद किसी भी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा, सिवाय इसके कि प्रगणक द्वारा आवश्यक परिवर्तन किए जाएँ। अंतिम तिथि सभी पृष्ठों पर चलती हुई सूचना के रूप में प्रदर्शित की जाएगी। यदि राज्य क्षेत्र की निर्धारित अंतिम तिथि से पूर्व अंतिम रूप से प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो स्व-गणना पूर्ण नहीं मानी जाएगी।
सफल प्रस्तुतीकरण के पश्चात "H" से प्रारंभ होने वाली 11 अंकों की एक विशिष्ट SE ID उत्पन्न होगी और प्रदर्शित की जाएगी। यह SE ID एसएमएस तथा ई-मेल के माध्यम से भी भेजी जाएगी। इसे स्क्रीनशॉट लेकर सुरक्षित रखें तथा कहीं लिखकर रख लें। इसके अलावा पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से पोर्टल से बाद में भी SE ID प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध है। Complete Process of Filling Online Form in Self Census
क्या करना होगा?
“Final Submit” बटन पर क्लिक करें
ध्यान दें:
इसके बाद कोई बदलाव संभव नहीं
सिस्टम एक SE ID जनरेट करेगा
SE ID क्या है?
11 अंकों की यूनिक पहचान संख्या
SMS और Email पर भेजी जाती है
👉 इसे सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है।
🔹 Step 9: प्रगणक द्वारा सत्यापन (Field Verification)
जब जनगणना प्रगणक आपके घर आए, तो उन्हें अपनी SE ID प्रदान करें। यदि SE ID प्रगणक के मोबाइल में उपलब्ध किसी भी SE ID से मेल खाती है, तो आपका स्व-गणना डेटा सत्यापित, स्वीकार एवं प्रस्तुत कर दिया जाएगा। यदि SE ID का मिलान नहीं होता है, तो प्रगणक आपके परिवार की जानकारी पुनः एकत्र करेगा। Complete Process of Filling Online Form in Self Census
आगे क्या होगा?
प्रगणक आपके घर आएगा
आपसे SE ID मांगेगा
दो स्थितियां:
✔️ ID सही होने पर → डेटा स्वीकार ❌ ID गलत होने पर → डेटा फिर से लिया जाएगा
जनगणना 2027 का Complete Process of Filling Online Form in Self Census सिस्टम भारत को डिजिटल दिशा में आगे बढ़ाने का एक बड़ा कदम है। यह प्रक्रिया सरल, तेज और सुरक्षित है।
👉 हर नागरिक को इसमें भाग लेना चाहिए और सही जानकारी देकर देश के विकास में योगदान देना चाहिए। Complete Process of Filling Online Form in Self Census