भारतीय जनगणना 2027 में पूछे जाने वाले 33 प्रश्न / 33 questions of Indian Census 2027 : गृह मंत्रालय (MHA) ने वर्ष 2027 की जनगणना के लिये हाउस-लिस्टिंग (घरों की सूची बनाना) की शुरुआत को अधिसूचित किया है। यह भारत की 16वीं जनगणना की दिशा में पहला आधिकारिक कदम है, जो वर्ष 2011 के पश्चात होने वाली देश की पहली दशकीय (Decadal) जनगणना की तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ है।
जनगणना 2027 के प्रमुख बिंदु
चरणबद्ध समय-सीमा: यह दो चरणों में आयोजित की जाएगी—चरण I (2026) में हाउस लिस्टिंग और आवास संगणना (House-listing and Housing Census) तथा चरण II (2027) में जनसंख्या गणना की जाएगी।
हाउस लिस्टिंग का कार्य 1 अप्रैल से 30 सितंबर, 2026 तक किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश इसे 30 दिनों की अवधि के भीतर पूरा करेंगे। भारतीय जनगणना 2027 में पूछे जाने वाले 33 प्रश्न
जनसंख्या गणना की संदर्भ तिथि देश के अधिकांश हिस्सों के लिये 1 मार्च, 2027 होगी, जबकि लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे हिमाच्छादित एवं दूरस्थ क्षेत्रों हेतु यह 1 अक्तूबर, 2026 निर्धारित की गई है।
कानूनी आधार: जनगणना, जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 3 और 17A के तहत भारत के महापंजीयक (RGI)कार्यालय द्वारा संचालित की जा रही है, साथ ही यह अधिसूचना वर्ष 2021 की स्थगित जनगणना हेतु जारी 2020 की पिछली अधिसूचना को प्रभावी रूप से निरस्त करती है।
डिजिटल और स्व-गणना: यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें 15 दिनों की औपचारिक स्व-गणना अवधि का प्रावधान होगा। इस दौरान परिवार गणनाकर्त्ता के आने से पहले ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
इसमें GPS टैगिंग, कम कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों के लिये ऑफलाइन डेटा संग्रह, क्लाउड पर डेटा संग्रहण तथा लगभग वास्तविक समय की निगरानी हेतु जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली जैसे डिजिटल उपकरण शामिल होंगे।
विस्तारित डेटा बिंदु: हाउस लिस्टिंग में 34 विवरण शामिल होंगे, जिनमें नए मापदंड, जैसे—इंटरनेट की उपलब्धता, स्मार्टफोन स्वामित्व, गैस कनेक्शन का प्रकार (PNG/LPG), वाहनों का वर्गीकरण, पेयजल का स्रोत और अनाज की खपत शामिल हैं।
ऐतिहासिक और राजनीतिक महत्त्व: इसमें 1931 के बाद पहली बार (अनुसूचित जाति/जनजाति से आगे) राष्ट्रव्यापी जाति जनगणना शामिल होगी और यह संवैधानिक रोक हटने के बाद भविष्य में निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन का आधार बनेगी।
भारतीय जनगणना 2027 में पूछे जाने वाले 33 प्रश्न
भारतीय जनगणना 2027 में पूछे जाने वाले 33 प्रश्न | पूरी जानकारी हिंदी में
परिचय : भारत में जनगणना (Census) एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से देश की जनसंख्या, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार और जीवन स्तर से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाती है। भारतीय जनगणना 2027 (Indian Census 2027) इस दिशा में एक बड़ा कदम होगा, जिसमें आधुनिक तकनीक का उपयोग कर डेटा संग्रह किया जाएगा।
इस ब्लॉग पोस्ट में हम विस्तार से जानेंगे कि जनगणना 2027 में कौन-कौन से 33 महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे जाएंगे, और इनका क्या महत्व है।
भारतीय जनगणना 2027 का उद्देश्य
जनगणना का मुख्य उद्देश्य देश की जनसंख्या और उसके विभिन्न पहलुओं का सटीक डेटा एकत्रित करना है। इसके माध्यम से सरकार को निम्नलिखित क्षेत्रों में मदद मिलती है:
6. सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति (Social & Economic Status)
आपकी जाति क्या है?
क्या आप अनुसूचित जाति/जनजाति/ओबीसी से संबंधित हैं?
आपकी मासिक आय कितनी है?
क्या आपके पास बैंक खाता है?
7. स्वास्थ्य एवं सुविधाएं (Health & Facilities)
क्या परिवार में कोई दिव्यांग व्यक्ति है?
क्या आपके पास स्वास्थ्य बीमा है?
क्या आपने सरकारी स्वास्थ्य योजना का लाभ लिया है?
8. डिजिटल एवं तकनीकी जानकारी (Digital Information)
क्या आपके पास मोबाइल फोन है?
क्या आप इंटरनेट का उपयोग करते हैं?
क्या आपके पास स्मार्टफोन है?
9. अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न (Miscellaneous)
क्या आप पिछले 6 महीनों से इसी स्थान पर रह रहे हैं?
जनगणना 2027 की विशेषताएं
पहली बार डिजिटल जनगणना का व्यापक उपयोग
मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा संग्रह
स्वयं-गणना (Self Enumeration) की सुविधा
डेटा सुरक्षा पर विशेष ध्यान
जनगणना का महत्व
भारतीय जनगणना केवल जनसंख्या गिनने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के विकास की नींव है।
मुख्य लाभ:
सरकारी योजनाओं का सही लाभ
संसाधनों का उचित वितरण
शिक्षा और स्वास्थ्य सुधार
रोजगार के अवसरों का सृजन
जनगणना 2027 में आपकी भूमिका
सही और सटीक जानकारी देना
Enumerator (गणनाकर्मी) का सहयोग करना
किसी भी जानकारी को छिपाने से बचना
निष्कर्ष (Conclusion)
भारतीय जनगणना 2027 देश के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। भारतीय जनगणना 2027 में पूछे जाने वाले 33 प्रश्न न केवल जनसंख्या की गणना करते हैं, बल्कि देश की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का भी पूरा चित्र प्रस्तुत करते हैं।
हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह जनगणना में सही जानकारी देकर देश के विकास में योगदान दे।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. भारतीय जनगणना 2027 कब होगी?
जनगणना 2027 का आयोजन सरकार द्वारा निर्धारित समय पर चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
Q2. जनगणना में कितने प्रश्न पूछे जाते हैं?
सामान्यतः 30–35 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें व्यक्तिगत, सामाजिक और आर्थिक जानकारी शामिल होती है।
Q3. क्या जनगणना में दी गई जानकारी सुरक्षित रहती है?
हाँ, सरकार द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
Q4. क्या जनगणना में ऑनलाइन भाग लिया जा सकता है?
हाँ, 2027 की जनगणना में Self Enumeration (स्वयं गणना) की सुविधा उपलब्ध होगी।
Q5. जनगणना का डेटा कहाँ उपयोग होता है?
यह डेटा सरकारी योजनाओं, नीतियों और विकास कार्यक्रमों में उपयोग किया जाता है।
Q6. अगर कोई गलत जानकारी देता है तो क्या होगा?
गलत जानकारी देना कानूनन अपराध हो सकता है और इससे सरकारी योजनाओं पर प्रभाव पड़ता है
Final Words
यदि आप भारत के जिम्मेदार नागरिक हैं, तो जनगणना 2027 में भाग लेना आपका कर्तव्य है। सही जानकारी देकर आप देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा विद्यालय प्रबंधन के लिए यह अवकाश सूची अत्यंत उपयोगी है। इसमें शैक्षणिक सत्र 2026–27 के दौरान आने वाले प्रमुख त्यौहार, साप्ताहिक अवकाश, आकस्मिक अवकाश (CL) तथा संस्था प्रधान अवकाश (HML) का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है। इस सूची के माध्यम से आप विद्यालय की शैक्षणिक योजना, परीक्षाओं की तैयारी एवं अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित कर सकते हैं।
Casual Leave Calendar 2026-27
विशेष रूप से लाल रंग में दर्शाए गए दिवस आकस्मिक अवकाश (CL) तथा संस्था प्रधान अवकाश (HML) को इंगित करते हैं, जो विद्यालय के सुचारु संचालन एवं प्रशासनिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इसके अतिरिक्त, अन्य अवकाशों में राष्ट्रीय एवं धार्मिक त्यौहार सम्मिलित हैं, जिससे विद्यार्थियों एवं स्टाफ को समय रहते अवकाश की स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो सके।
Casual Leave Calendar 2026-27
📌 कृपया इस उपयोगी जानकारी को अपने सहकर्मियों एवं विद्यार्थियों के साथ अवश्य साझा करें, ताकि सभी पूर्व नियोजन कर सकें और अपने कार्यों को बेहतर ढंग से व्यवस्थित कर सकें।
📊 अवकाश तालिका (Month-wise)
🔷 अप्रैल 2026
दिनांक
वार
अवकाश / विवरण
11 अप्रैल
शनिवार
महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती
12 अप्रैल
रविवार
साप्ताहिक अवकाश
13 अप्रैल
सोमवार
CL (आकस्मिक अवकाश) / HML (संस्था प्रधान अवकाश)
14 अप्रैल
मंगलवार
डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती
🔷 जून 2026
दिनांक
वार
अवकाश / विवरण
26 जून
शुक्रवार
मोहर्रम
27 जून
शनिवार
CL (आकस्मिक अवकाश) / HML (संस्था प्रधान अवकाश)
28 जून
रविवार
साप्ताहिक अवकाश
🔷 अगस्त 2026
दिनांक
वार
अवकाश / विवरण
26 अगस्त
बुधवार
बचपन दिवस
27 अगस्त
गुरुवार
CL (आकस्मिक अवकाश) / HML (संस्था प्रधान अवकाश)
28 अगस्त
शुक्रवार
रक्षाबंधन
29 अगस्त
शनिवार
CL (आकस्मिक अवकाश) / HML (संस्था प्रधान अवकाश)
30 अगस्त
रविवार
साप्ताहिक अवकाश
🔷 सितंबर 2026
दिनांक
वार
अवकाश / विवरण
4 सितंबर
शुक्रवार
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
5 सितंबर
शनिवार
CL (आकस्मिक अवकाश) / HML (संस्था प्रधान अवकाश)
6 सितंबर
रविवार
साप्ताहिक अवकाश
🔷 नवंबर 2026
दिनांक
वार
अवकाश / विवरण
22 नवंबर
रविवार
साप्ताहिक अवकाश
23 नवंबर
सोमवार
CL (आकस्मिक अवकाश) / HML (संस्था प्रधान अवकाश)
24 नवंबर
मंगलवार
गुरु नानक जयंती
कक्षा 10 के लिए सामाजिक अध्ययन तीन पार्ट में उपलब्ध शानदार सम्पूर्ण अध्याय के क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
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श्री हीरा लाल जाट सर
अध्यापक, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रायमलवाडा तह. बापिनी जिला- जोधपुर
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HANSRAJ JOSHI EXCEL PROGRAM EXPERT पेज पर आप सभी शिक्षक बंधुआ मंत्रालयिक कर्मचारी साथियों का हर देगी असीम गहराई से स्वागत और अभिनंदन है इस आर्टिकल के तहत हमारी टीम ने प्रधानाचार्य से हंसराज जी जोशी के द्वारा तैयार विभिन्न एक्सेल प्रोग्राम को यहाँ पर आपकी सुविधा के लिए HANSRAJ JOSHI EXCEL PROGRAM EXPERT पेज पर अपलोड किया है हमारा उद्देश्य अपने कार्यों में सरलता लाने और आपको सुगमता प्रदान करने के उद्देश्य से ये पेज बनाया गया है आपसे उम्मीद है कि आप इस पेज को ज्यादा से ज्यादा साथियों तक साझा करेंगे शेयर करेंगे
HANSRAJ JOSHI
श्री हंसराज जोशी
प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजपुरा तह. पिपेरण जिला- श्री गंगानगर
मित्रों, साथियों मुझे उम्मीद है कि मेरे द्वारा बनाए गए ये (HANSRAJ JOSHI EXCEL PROGRAM EXPERT) एक्सल प्रोग्राम आपको बहुत ज्यादा पसंद आएँगे और आप इनका सदुपयोग कर पाएंगे| मैंने आपके लिए ये एक्सल प्रोग्राम आपके लिए निशुल्क तैयार किये हैं जो आपको shalasugam.com पर उपलब्ध होंगे| मुझे उम्मीद है कि आप इन एक्सेल प्रोग्राम को हर एक विद्यालय के कार्यालयों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत रहेंगे
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वेतन वृद्धि 2024 एक्सेल सॉफ्टवेयर जीए 92 सहित Dt. 04-07-2024𝐂𝐥𝐢𝐜𝐤 𝐇𝐞𝐫𝐞 ʕʘ̅͜ʘ̅ʔ
INCOME TAX ASSESMENT FY 2023-24 With DDO Monitoring EXCEL Sheet Dt. 14-11-2023𝐂𝐥𝐢𝐜𝐤 𝐇𝐞𝐫𝐞 ʕʘ̅͜ʘ̅ʔ
INCOME TAX ASSESMENT FY 2023-24 EXCEL UTILITY Dt. 04-11-2023 (New Tax regime u/s 115BAC(1A) के अनुसार Marginal Relief benefit के साथ)𝐂𝐥𝐢𝐜𝐤 𝐇𝐞𝐫𝐞 ʕʘ̅͜ʘ̅ʔ
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INCOME TAX ASSESMENT FY 2021-22 EXCEL UTILITY For Medical Doctors Update Dt. 31-12-2021𝐂𝐥𝐢𝐜𝐤 𝐇𝐞𝐫𝐞 ʕʘ̅͜ʘ̅ʔ
समर्पित अवकाश स्वीकृति कार्यालय आदेश प्रपत्र Software Dt. 29-05-2021𝐂𝐥𝐢𝐜𝐤 𝐇𝐞𝐫𝐞 ʕʘ̅͜ʘ̅ʔ
अनुकम्पा नियुक्ति आवेदन पत्र एक्सेल सॉफ्टवेयर Dt. 27.05.2021𝐂𝐥𝐢𝐜𝐤 𝐇𝐞𝐫𝐞 ʕʘ̅͜ʘ̅ʔ
GA79 Excel Program for State Insurance First Declaration𝐂𝐥𝐢𝐜𝐤 𝐇𝐞𝐫𝐞 ʕʘ̅͜ʘ̅ʔ
INCOME TAX ASSESMENT FY 2021 EXCEL UTILITY for Medical Dr. (UPDATED 05-03-2021)BY HR JOSHI𝐂𝐥𝐢𝐜𝐤 𝐇𝐞𝐫𝐞 ʕʘ̅͜ʘ̅ʔ
NEW INCOME TAX ASSESMENT FY 2021 EXCEL UTILITY (UPDATED 27-02-2021)BY HR JOSHI UPDATED : OPTION PROVIDE FOR MARCH 2020 DEFERRED PAY CALCULATION IN ASSESMENT𝐂𝐥𝐢𝐜𝐤 𝐇𝐞𝐫𝐞 ʕʘ̅͜ʘ̅ʔ
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राजस्थान के राज्य शैक्षणिक अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण परिषद SCERT उदयपुर के द्वारा शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए मोड्यूल 1-8 जारी किए गए हैं । इन मोड्यूल्स का प्रशिक्षण दीक्षा एप अथवा दीक्षा पोर्टल के माध्यम से पूर्ण करना है ।
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शत-प्रतिशत पूर्ण होने पर पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा
आपको 10 दिनों के भीतर अपना प्रमाण पत्र मिल जाएगा।
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राजस्थान के राज्य शैक्षणिक अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण संस्थान SIERT उदयपुर के द्वारा शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए मोड्यूल 1-5 लॉन्च किए गए हैं । इन Diksha Online Training modules Direct Link मोड्यूल्स को दीक्षा एप अथवा दीक्षा पोर्टल के माध्यम से पूर्ण किया जाना है । दीक्षा एप्प पर 8 ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स 24 फरवरी 2025 से प्रारंभ हो चुके हैं | इन मॉड्यूल में शीघ्रातिशीघ्र अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें।
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Module – 1 : कक्षा में अनुकूल वातावरण के लिए सामाजिक, भावनात्मक और नैतिक शिक्षा 2025
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दीक्षा एप इनस्टॉल करने के बाद आपको login with state system का उपयोग करते हुए एप में लॉग इन करना है । कृपया ध्यान दें की लॉग इन करते समय आपको शालादर्पण की 7 अंकों वाली स्टाफ ID एवं उसका पासवर्ड काम में लेना है । अन्यथा मोबाइल / ई-मेल से लॉग इन करके कोर्स पूरा करने पर आपकी प्रगति रिकॉर्ड नहीं की जायेगी । यदि आपको लॉग इन करने में कोई समस्या आ रही हो तो आप निम्नांकित “Login with state system” बटन पर क्लिक करके अपना राज्य चुनते हुए लॉग इन करें 👇 Diksha Online Training modules Direct Link
Rise Diksha Online Training 2024 Direct Link Nishtha Online Teacher Training Course : निष्ठा ईसीसीई और निष्ठा राजस्थान पाठ्यक्रम 2024-25 शिक्षक प्रशिक्षण
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मातृ पितृ पूजा दिवस (Matri Pitri Pujan Diwas) भारत देश त्योहारों का देश है भारत में गणेश उत्सव, होली, दिवाली, दशहरा, जन्माष्टमी, नवदुर्गा त्योहार मनाये जाते हैं। कुछ वर्षों पूर्व मातृ पितृ पूजा दिवस प्रकाश में आया। आज यह 14 फरवरी को देश विदेश में मनाया जाता है। राजस्थान में भजन लाल सरकार द्वारा प्रदेश भर में आधिकारिक रूप से मनाया जाता है।
मित्रों, इस आर्टिकल में हम आपके लिए आपके विद्यालय में मातृ पितृ पूजा दिवस Matri Pitri Pujan Diwas का आयोजन किस प्रकार करना है, इसकी क्या रूपरेखा बनेगी और संपूर्ण कार्यविधि क्या रहेगी? किस प्रकार आपके तिलक वगैरह लगाना है, माता पिताओं का स्वागत करना है और बच्चे किस प्रकार अपने माता पिता की आवभगत करेंगे, उनका स्वागत करेंगे, उनका पूजन कैसे करेंगे? यह संपूर्ण जानकारी इस आर्टिकल में लिखने का हमने प्रयास किया है। उम्मीद है यह आर्टिकल आपको पसंद आएगा। तो चलिए शुरू करते हैं.......
विद्यालयों में 'मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम' (Matri Pitri Pujan Diwas) आयोजन से संबंधित निर्देश
शहर के सुप्रसिद्ध, बड़े-बड़े विद्यालयों में मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम अवश्य हो, इसका पूरा प्रयास करें।
जिन विद्यालयों में 'दिव्य प्रेरणा प्रकाश प्रतियोगिता' हुई, उन सभीमें यह कार्यक्रम अवश्य मनायें ।
विद्यालयों की संख्या आयोजकों की संख्या से अधिक होने पर यह आयोजन 14 फरवरी से कुछ दिन पूर्व भी शुरू किया जा सकता है। बड़े एवं सुप्रसिद्ध विद्यालयों में कार्यक्रम १४ फरवरी को न हो पाये तो उसके पूर्व या दूसरे दिन भी कार्यक्रम कर सकते हैं।
जो साधक संलग्न विधि अनुसार भली प्रकार कार्यक्रम कराने में सक्षम हो, उसे पूजन विधि कराने का दायित्व दें। ऐसी क्षमतावाले एक से अधिक साधक हों तो उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों हेतु नियुक्त करें। विस्तृत पूजन विधि नीचे संलग्न है ।
मातृ पितृ पूजा दिवस Matri Pitri Pujan Diwas के कार्यक्रम-स्थल पर समय से पूर्व पहुँचकर भलीप्रकार तैयारी करें।
कार्यक्रम की समाप्ति के बाद कार्यक्रम के फोटो एवं प्रेसनोट समाचार पत्रों को भेजें। प्रेसनोट का प्रारूप संलग्न है।
मातृ पितृ पूजा दिवस Matri Pitri Pujan Diwas हेतु समाचार पत्रों व चैनलों के पत्रकारों, सम्पादकों को कार्यक्रम के पूर्व आमंत्रण दें। क्षेत्र के सज्जन, सुप्रतिष्ठित व्यक्तियों, नगरसेवकों, महापौर, जिलाधीश आदि को प्रधानाचार्य की अनुमति लेकर आमंत्रित कर सकते हैं।
कार्यक्रम के फोटो सहभागियों से जरा दूर खड़े होकर व टेबल आदि पर चढ़कर (ऊँचाई से ) इस प्रकार खींचें कि फोटो में सभी सहभागी दिखें। हॉल में फोटो खींचते समय सभी लाइट्स चालू करें। चुने हुए अच्छे से अच्छे २-३ फोटो प्रेसनोट के साथ दैनिक समाचार पत्र-पत्रिकाओं को भेजें। समाचार पत्र-पत्रिकाओं की कटिंग्ज भी मुख्यालय जरूर भेजें। सम्भव हो तो फोटो व पेपर कटिंग्ज स्केन करके शीघ्र ही ई-मेल द्वारा भेज दें।
सभी जगह मातृ पितृ पूजा दिवस Matri Pitri Pujan Diwas कार्यक्रम आयोजन पूर्ण होने के बाद प्रत्येक समिति द्वारा कुल कितने विद्यालयों एवं कुल कितने विद्यार्थियों को कार्यक्रम में सहभागी बनाया गया तथा कितने पेम्फलेट बाँटे गये, इसकी रिपोर्ट के आधार पर आयोजक समितियों की श्रेणी- सूची मुख्यालय में बनायी जायेगी।
विद्यालय से जुड़े निर्देश :
प्रधानाचार्य हेतु संलग्न किया हुआ पत्र आप अपने लेटर हेड पर उन्हें दें। प्रधानाचार्यों से मातृ पितृ पूजा दिवस Matri Pitri Pujan Diwas कार्यक्रम की अनुमति प्राप्त करने में कोई भी समस्या आये तो अपने उच्च अधिकारियो या मित्रो से सम्पर्क करके मार्गदर्शन प्राप्त करें।
कार्यक्रम से पूर्व ही विद्यालय / महाविद्यालय के नोटिस बोर्ड पर लगाने हेतु 'विद्यार्थियों के लिए सूचना' संलग्न है। विद्यालयीन प्रार्थना के समय वहाँ के आचार्य विद्यार्थियों को कार्यक्रम एवं सामग्री की जानकारी दे सकते हैं। माता-पिता कुर्सियों अथवा क्लास के बेंचों पर बैठें, बच्चे नीचे चटाई आदि पर बैठें ऐसी व्यवस्था बनायें। विद्यार्थी घर से अपने साथ चद्दर आदि आसन ले आयें।
अभिभावकों को कार्यक्रम में बुलाने हेतु प्रधानाचार्य को आमंत्रण पत्र छपवाकर दें। प्रारूप नीचे संलग्न है।
यदि आमंत्रण- पत्र छपवाना आपके लिए सम्भव नहीं हो तो प्रधानाचार्य / शिक्षक विद्यार्थियों की नोटबुक में यह आमंत्रण पत्र लिखवायें। ध्यान दें, इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक माता-पिता की उपस्थिति हो, तभी कार्यक्रम सार्थक होगा। इसलिए माता-पिता की अधिकाधिक उपस्थिति को महत्त्व दें।
विद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को भी अपने बच्चों को कार्यक्रम में लाने हेतु प्रेरित करें।
जिन बच्चों के माता-पिता नहीं आ पायेंगे, वे विद्यार्थी भी पूजन सामग्री अवश्य ले आयें। उनके द्वारा माँ सरस्वती का पूजन करवाया जायगा ।
नोट : 'मातृ-पितृ पूजन दिवस' अपने बाल संस्कार केन्द्रों में भी अवश्य मनायें ।
'मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम' की विस्तृत रूपरेखा
शुभारम्भ के साथ बेकग्राउंड में यह नीचे दी गयी धून चलाए
शुभारम्भ :-
संख ध्वनी के साथ कार्यक्रम की शुरुआत करवाये
दीप प्रज्वलन (दीपो ज्योतिः परं ब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दनः । दीपो हरतु मे पापं दीपो ज्योतिर्नमोऽस्तु ते ॥ )
श्री गणेश वंदना (ॐ गं गणपतये नमः, वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटिसमप्रभ निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥ ) ३. हरिॐ गुंजन ( सात बार )
गुरुवंदना (गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः… )
माँ सरस्वती की वंदना ( या कुन्देन्दुतुषारहारधवला….)
महिमा माता पिता की महिमा का गीत चलाए
अतिथि स्वागत :-
प्राचार्य द्वारा उद्बोधन ( स्वागत एवं कार्यक्रम का उद्देश्य )
अतिथियों का फूलों द्वारा स्वागत ( चयनित विद्यार्थियों द्वारा )
मातृ-पितृ पूजन विधि :-
१. सर्वप्रथम सद्गुरुदेव के श्रीचित्र का पुष्प आदि से पूजन करें, जिनके पावन मार्गदर्शन से हमें यह कार्यक्रम करने की प्रेरणा मिली ।
२. नीचे दिये क्रमानुसार विधि माइक से बताते जायें।
माता-पिता को स्वच्छ तथा ऊँचे आसन पर बैठायें।
आसन्न विधि
आसन्न श्लोक
विद्यार्थी माता-पिता के माथे पर कुंकुम का तिलक करें।
तत्पश्चात् माता-पिता के सिर पर पुष्प अर्पण करें तथा फूलमाला पहनायें ।
माता-पिता भी विद्यार्थियों के माथे पर तिलक करें एवं सिर पर पुष्प रखें। फिर अपने गले की फूलमाला बच्चों को पहनायें ।
तिलक विधि ध्वनी चलाए
तिलक शलोक की ध्वनी चलाये
विद्यार्थी थाली में दीपक जलाकर माता-पिता की आरती करें। इस समय 'मात पिता गुरु प्रभु चरणों में…' भजन ('भजन दीपांजली' कैसेट से ) चला सकते हैं। विद्यार्थी अपने माता-पिता एवं गुरु में ईश्वरीय भाव जगाते हुए उनकी सेवा करने का दृढ संकल्प करें।
विद्यार्थी अपने माता-पिता के एवं माता-पिता विद्यार्थी के सिर पर अक्षत एवं पुष्पों की वर्षा करें। * तत्पश्चात् विद्यार्थी अपने माता-पिता की सात बार परिक्रमा करें।
पुष्पमाला फूलमाला विधि
पुष्पमाला फूलमाला गीत
( यानि कानि च पापानि जन्मान्तर कृतानि च । तानि सर्वाणि नश्यन्तु प्रदक्षिण पदे पदे II )
विद्यार्थी अपने माता-पिता को 'मातृ पितृ पूजा दिवस Matri Pitri Pujan Diwas' बैनर में दिखाये अनुसार झुककर विधिवत् प्रणाम करें।
इस समय माता-पिता अपने बच्चे पर स्नेहाशीष बरसायें और गले से लगायें प्रभु के नाते एक-दूसरे को प्रेम करके अपने दिल के परमेश्वर को छलकने दें।
इस दिन बच्चे-बच्चियों से यह पवित्र संकल्प करवायें "मैं अपने माता-पिता व गुरुजनों का आदर करूँगा / करूंगी। मेरे जीवन को महानता के रास्ते ले जानेवाली उनकी आज्ञाओं का पालन करना मेरा कर्तव्य है और मैं उसे अवश्य पूरा करूँगा /करूँगी।"
आरती विधि
आरती
माता- पिता से यह शुभ संकल्प बुलवायें "तुम्हारे जीवन में उद्यम, साहस, धैर्य, बुद्धि, शक्ति व पराक्रम की वृद्धि हो। तुम्हारा जीवन माता-पिता एवं गुरु की भक्ति से महक उठे। तुम्हारे कार्यों में कुशलता आये। तुम त्रिलोचन बनो तुम्हारी बाहर की आँख के साथ भीतरी विवेक की कल्याणकारी आँख जागृत हो। तुम पुरुषार्थी बनो और हर क्षेत्र में सफलता तुम्हारे चरण चूमे।" विद्यार्थी माता-पिता को 'मधुर प्रसाद' खिलायें एवं माता-पिता अपने बच्चे को प्रसाद खिलायें ।
शुभाशीष देने की विधि
तत्पश्चात् 'भारतीय संस्कृति में माता-पिता एवं गुरुजनों की महत्ता पर विद्यालय / महाविद्यालय के प्रधानाचार्य / आचार्य एवं जो विद्यार्थी/ अभिभावक उत्सुक हों वे सम्बोधन दें कार्यक्रम कैसा लगा इस पर भी अपना मत अभिव्यक्त करें । पूर्णाहुति :- पूर्णाहुति मंत्र ( ॐ सह नाववतु… ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं…) ।
विद्यार्थी द्वारा लिया जाने वाला संकल्प
नोट: इस पूजन विधि में दिये गये मंत्र कार्यक्रम के सूत्रधार बोलते जायें। जिन विद्यार्थियों के अभिभावक उपस्थित न हों उनमें से कुछ विद्यार्थी विद्यालय के प्राचार्य व शिक्षकों का भी पूजन कर सकते हैं।
कक्षा 10 के लिए सामाजिक अध्ययन तीन पार्ट में उपलब्ध शानदार सम्पूर्ण अध्याय के क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
मातृ पितृ पूजा दिवस Matri Pitri Pujan Diwasसमाचार पत्रों को भेजने हेतु 'प्रेसनोट' का प्रारूप
माता-पिता और विद्यार्थियों ने मनाया अनोखा प्रेम - दिवस / जले ज्ञान के दीपक, हुआ हर दिल में उजाला / प्राचीन संस्कृति की पुनर्स्थापना / वैदिक संस्कारों का पुनर्जागरण / संस्कार बने जीवन का आधार
मानव जीवन के उत्थान में माता-पिता एवं गुरुजनों के आदर का महत्त्व जाननेवाला यदि कोई देश है तो वह है अपना भारत देश । इस देश की महान संस्कृति ने इस सिद्धांत को अत्यंत महत्त्व देते हुए विद्यार्थी को आदेश दिया है : 'मातृदेवो भव । पितृदेवो भव । आचार्यदेवो भव' अर्थात् माता, पिता और आचार्य को देव (ईश्वर) माननेवाला हो ।
अपनी संस्कृति के इन प्राचीन संस्कारों को पुनर्स्थापित करने के लिए तथा १४ फरवरी को 'वेलेन्टाईन डे' मनाने की जो पाश्चात्य प्रथा हमारे देश में पैर जमा रही है, उसे उखाड़ फेंकने की पावन प्रेरणा से देशभर में मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश के हजारों विद्यालय एवं महाविद्यालय जुड़ गये हैं।
संत श्री आसारामजी बापू के शिष्यों द्वारा यह कार्यक्रम फरवरी महीने में देश के विभिन्न विद्यालयों, लाखों परिवारों तथा १८ हजार बाल संस्कार केन्द्रों में सामूहिक रूप से मनाया जाता है। इसी श्रृंखला में विद्यालय में दिनांक ----- . को मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
आयोजकों का कहना है 'मातृदेवो भव । पितृदेवो भव । आचार्यदेवो भव' इस महान वैदिक संदेश को नजरअंदाज करने के घातक परिणाम आज हम प्रत्यक्ष देख रहे हैं। आज छोटी-छोटी बात में माता-पिता व गुरुजनों का अनादर तथा उनके प्रति उद्दण्डता बढ़ती जा रही है। स्थिति यहाँ तक पहुँच गयी है कि अधिकांश विद्यार्थी बड़े होकर अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम में रखने में संकोच महसूस नहीं कर रहे हैं। इस प्रकार निरंकुश होने से बाल एवं युवा पीढ़ी का घोर चारित्रिक पतन हो रहा है। इस परिप्रेक्ष्य में यह कार्यक्रम बच्चों के कोमल हृदय को सुसंस्कारीत करने के लिए वरदान साबित होगा ।'
उल्लेखनीय है कि विद्यार्थी- - उत्थान के कार्यक्रमों की केन्द्रीय मंत्रालय एवं विभिन्न राज्य मंत्रालयों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की है। दिनांक …….. .को स्थानीय विद्यालय में ……. बजे से ………. 'मातृ-पितृ पूजन दिवस' कार्यक्रम बड़े उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। ( यहाँ पर कार्यक्रम का विवरण अपने शब्दों में अधिकतम १०-१२ पंक्तियों में व्यक्त करें ।)
इस अवसर पर श्री .......................................... आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे। प्रधानाचार्य श्री................. ने सभी उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों को हार्दिक धन्यवाद दिया । 'वेलेन्टाईन डे' के स्थान पर 'मातृ-पितृ पूजन दिवस' का यह कार्यक्रम अन्य विद्यालयों के लिए भी अनुकरणीय है।
(नोट: उपरोक्त में से कोई एक टाईटल डालकर प्रेसनोट भेज सकते हैं।)
आप अपने विद्यालय के द्वारा लेटर पेड पर एक प्रेस नोट निम्न प्रकार से सहेज सकते हैं।
अभिभावकों और माता पिता व मेहमानों को आमंत्रित करने के आमंत्रण पत्र का प्रारूप
परीक्षपयोगी महत्वपूर्ण सामग्री यहाँ से देखें .........
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