विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools : हिन्दी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को मनाया जाता है। 14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा ने यह निर्णय लिया कि हिन्दी केन्द्र सरकार की आधिकारिक भाषा होगी। क्योंकि भारत मे अधिकतर क्षेत्रों में ज्यादातर हिन्दी भाषा बोली जाती थी इसलिए हिन्दी को राजभाषा बनाने का निर्णय लिया और इसी निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिन्दी को प्रत्येक क्षेत्र में प्रसारित करने के लिये वर्ष 1953 से पूरे भारत में 14 सितम्बर को प्रतिवर्ष हिन्दी-दिवस के रूप में मनाया जाता है।
स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद हिन्दी को आधिकारिक भाषा के रूप में स्थापित करवाने के लिए काका कालेलकर, हजारीप्रसाद द्विवेदी, सेठ गोविन्ददास आदि साहित्यकारों को साथ लेकर व्यौहार राजेन्द्र सिंह ने अथक प्रयास किये।
विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools
विश्व हिन्दी दिवस प्रति वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विश्व में हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिये जागरूकता पैदा करना तथा हिन्दी को अन्तरराष्ट्रीय भाषा के रूप में पेश करना है। विदेशों में भारत के दूतावास इस दिन को विशेष रूप से मनाते हैं। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools
सभी सरकारी कार्यालयों में विभिन्न विषयों पर हिन्दी में व्याख्यान आयोजित किये जाते हैं। विश्व में हिन्दी का विकास करने और इसे प्रचारित-प्रसारित करने के उद्देश्य से विश्व हिन्दी सम्मेलनों की शुरुआत की गई और प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन 10 जनवरी 1974 को नागपुर में आयोजित हुआ तब से ही इस दिन को 'विश्व हिन्दी दिवस' के रूप में मनाया जाता है। विश्व हिन्दी सचिवालय मॉरिशस में स्थित है।
इतिहास
वर्ष 1918 में गांधी जी ने हिन्दी साहित्य सम्मेलन में हिन्दी भाषा को राजभाषा बनाने को कहा था। इसे गांधी जी ने जनमानस की भाषा भी कहा था। वर्ष 1949 में स्वतंत्र भारत की राजभाषा के प्रश्न पर 14 सितम्बर 1949 को काफी विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया जो भारतीय संविधान के भाग 17 के अध्याय की अनुच्छेद 343(1) में इस प्रकार वर्णित है. संघ की राजभाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी होगी। संघ के राजकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाले अंकों का रूप अन्तरराष्ट्रीय रूप होगा।
इस निर्णय के बाद मूल हिन्दोस्तानी बोली उर्दू के शकल से प्रतिस्थापित हो जाते हैँ। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools
यह निर्णय 14 सितम्बर को लिया गया, इसी दिन हिन्दी के मूर्धन्य साहित्यकार व्यौहार राजेन्द्र सिंह का 50वाँ जन्मदिन था, इस कारण हिन्दी दिवस के लिए इस दिन को श्रेष्ठ माना गया था। हालांकि जब राष्ट्रभाषा के रूप में इसे चुना गया और लागू किया गया तो अ-हिन्दी भाषी राज्य के लोग इसका विरोध करने लगे और अंग्रेजी को भी राजभाषा का दर्जा देना पड़ा। इस कारण हिन्दी में भी अंग्रेजी भाषा का प्रभाव पड़ने लगा। राजस्थानी भाषा के कईं शब्द कोस है|
आपके विद्यालयों में हिंदी दिवस पर तैयारी
विद्यार्थियों में पढ़ने के प्रति अभिरूचि एवं पठन कौशल को विकसित करने हेतु " PRAKHAR RAJASTHAN" (Proficiency in Reading and Numeracy with Knowledge & Holistic Advancement in Rajasthan) कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 9 सितम्बर 2024 कक्षा 1 से 8 में अध्ययनरत विद्यार्थियों हेतु राज्य में संचालित किया जा रहा है।
दिशा-निर्देशानुसार 14 से 21 सितम्बर 2024 को हिन्दी दिवस का आयोजन पठन कालांश के दौरान विद्यालय स्तर पर किया जाना है। इस हेतु भाषा एवं पुस्तकालय विभाग द्वारा भी जारी पत्र द्वारा आमजन में हिन्दी के प्रति सम्मान एवं दैनिक व्यवहार में हिन्दी प्रयोग के प्रति प्रेरणा एवं उत्साह के संचार की दृष्टि से विभिन्न प्रकार की गतिविधियों को अंकित किया गया है।
विद्यालय स्तर पर हिन्दी दिवस के अवसर पर निम्नलिखित गतिविधियों का आयोजन करवाया जाए-
हिन्दी भाषा में बच्चों द्वारा कविता - गायन / कहानी पठन, समाचार पत्र पठन गतिविधि ।
शिक्षकों द्वारा प्रेरक कहानी वाचन एवं चर्चा |
महापुरूषों, साहित्यकारों, खिलाडियों, स्वंत्रता सेनानी, तत्कालिन घटनाओं आदि के जीवन परिचय एवं रचनाओं पर परिचर्चा, काव्य गोष्ठी ।
हिन्दी शब्दावली, लोकोक्तियां, मुहावरे आदि के विकास हेतु खेलों का आयोजन ।
प्रतियोगिता । .
विभिन्न हिन्दी विषयों जैसे हिन्दी भाषा का विकास, विशेषताओं आदि विषयों पर निबंध लेखन
विभिन्न हिन्दी विषयों जैसे - हिन्दी भाषा एवं अन्तर्राष्ट्रीय परिदृश्य, भाषाई विविधता आदि का रोचक विषयों पर वाद-विवाद प्रतियोगिताऐं ।
हिन्दी अनुच्छेद, वाक्यों, शब्दों पर बच्चों द्वारा श्रुतिलेखन ।
किसी कहानी का नाटक मंचन ।
हिन्दी भाषा पर पोस्टर, चित्रकला, वॉलपेन्टिंग, स्लोगन निर्माण आदि गतिविधि ।
अतःशिक्षा विभाग द्वारा भी आपको निर्देशित किया गया है कि विद्यालय स्तर पर निर्धारित तिथि को हिन्दी दिवस कार्यक्रम का आयोजन करवाया जाना सुनिश्चित करेना हैं। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools
भारत में 14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस, जानें रोचक तथ्य
हमारे देश में प्रतिवर्ष 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस (National Hindi Day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को देश के साथ ही विदेश में रहने वाले हिंदी भाषी लोग भी बड़े ही धूम धाम से मनाते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें की वर्तमान समय में अंग्रेजी एवं मंदारिन भाषा के बाद हिंदी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है।
हिंदी भाषा हमारे देश की आधिकारिक भाषाओं में से एक है। वर्तमान समय में दुनियाभर में अंग्रेजी एवं मंदारिन भाषा के बाद हिंदी तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। विश्व भर में लगभग 60 करोड़ लोग इस भाषा का इस्तेमाल अपनी बोल-चाल की भाषा के रूप में करते हैं। हिंदी भाषा के महत्व को देखते हुए हमारे देश में प्रतिवर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रति वर्ष इस दिन पर स्कूल/ कॉलेज के साथ ही जगह जगह पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
भारत में 14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस
हिंदी भाषा (देवनागरी लिपि) को भारत की संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को देश की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया था और इसे मंजूरी मिली। इसी के चलते प्रतिवर्ष इस दिन पर राष्ट्रीय हिंदी दिवस (National Hindi Day) मनाया जाता है। आपको बता दें कि इस दिन के अलावा प्रतिवर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है।
हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य
हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य अपनी आधिकारिक भाषा का विश्व भर में प्रचार प्रसार करना है। हमारी सरकार ने भी कई महत्वपूर्ण बदलाव करके विभिन्न विभागों में हिंदी को बढ़ावा देने का काम किया है। हमारे देश में हिंदी भाषा एक दूसरे से जोड़ने वाली मानी जाती है और इससे राष्ट्रीय एकता को भी मजबूती मिलती है। इसी के चलते इस दिन देश के साथ ही विदेशों में भी हिंदी भाषा में कार्यक्रम किये जाते हैं और लोगों को हिंदी भाषा के महत्व को समझाया जाता है। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools
कार्यक्रम
हिन्दी दिवस के दौरान कई कार्यक्रम होते हैं। इस दिन छात्र-छात्राओं को हिन्दी के प्रति सम्मान और दैनिक व्यवहार में हिन्दी के उपयोग करने आदि की शिक्षा दी जाती है। जिसमें हिन्दी निबन्ध लेखन, वाद-विवाद हिन्दी टंकण प्रतियोगिता आदि होता है। हिन्दी दिवस पर हिन्दी के प्रति लोगों को प्रेरित करने हेतु भाषा सम्मान की शुरुआत की गई है। यह सम्मान प्रतिवर्ष देश के ऐसे व्यक्तित्व को दिया जाएगा जिसने जन-जन में हिन्दी भाषा के प्रयोग एवं उत्थान के लिए विशेष योगदान दिया है। इसके लिए सम्मान स्वरूप एक लाख एक हजार रुपये दिये जाते हैं।
हिन्दी में निबन्ध लेखन प्रतियोगिता के द्वारा कई जगह पर हिन्दी भाषा के विकास और विस्तार हेतु कई सुझाव भी प्राप्त किए जाते हैं। लेकिन अगले दिन सभी हिन्दी भाषा को भूल जाते हैं। हिन्दी भाषा को कुछ और दिन याद रखें इस कारण राष्ट्रभाषा सप्ताह का भी आयोजन होता है। जिससे यह कम से कम वर्ष में एक सप्ताह के लिए तो रहती ही है।
हिन्दी निबन्ध लेखन
वाद-विवाद
विचार गोष्ठी
काव्य गोष्ठी
श्रुतलेखन प्रतियोगिता
हिन्दी टंकण प्रतियोगिता
कवि सम्मेलन[12]
पुरस्कार समारोह
राजभाषा सप्ताह
उत्पादक
बोलने वालों की संख्या के अनुसार अंग्रेजी और चीनी भाषा के बाद हिन्दी भाषा पूरे दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी भाषा है। लेकिन उसे अच्छी तरह से समझने, पढ़ने और लिखने वालों में यह संख्या बहुत ही कम है। यह और भी कम होती जा रही। इसके साथ ही हिन्दी भाषा पर अंग्रेजी के शब्दों का भी बहुत अधिक प्रभाव हुआ है और कई शब्द प्रचलन से हट गए और अंग्रेजी के शब्द ने उसकी जगह ले ली है। जिससे भविष्य में भाषा के विलुप्त होने की भी संभावना अधिक बढ़ गयी है। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools
इस कारण ऐसे लोग जो हिन्दी का ज्ञान रखते हैं या हिन्दी भाषा जानते हैं, उन्हें हिन्दी के प्रति अपने कर्तव्य का बोध करवाने के लिए इस दिन को हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है जिससे वे सभी अपने कर्तव्य का पालन कर हिन्दी भाषा को भविष्य में विलुप्त होने से बचा सकें। लेकिन लोग और सरकार दोनों ही इसके लिए उदासीन दिखती है। हिन्दी तो अपने घर में ही दासी के रूप में रहती है।
हिन्दी को आज तक संयुक्त राष्ट्र संघ की भाषा नहीं बनाया जा सका है। इसे विडम्बना ही कहेंगे कि योग को 177 देशों का समर्थन मिला, लेकिन हिन्दी के लिए 129 देशों का समर्थन क्या नहीं जुटाया जा सकता ? इसके ऐसे हालात आ गए हैं कि हिन्दी दिवस के दिन भी कई लोगों को ट्विटर पर हिन्दी में बोलो जैसे शब्दों का उपयोग करना पड़ रहा है। अमर उजाला ने भी लोगों से विनती की कि कम से कम हिन्दी दिवस के दिन हिन्दी में ट्वीट करें। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools
उद्देश्य
इसका मुख्य उद्देश्य वर्ष में एक दिन इस बात से लोगों के समक्ष रखना है कि जब तक वे हिन्दी का उपयोग पूर्ण रूप से नहीं करेंगे तब तक हिन्दी भाषा का विकास नहीं हो सकता है। इस एक दिन सभी सरकारी कार्यालयों में अंग्रेजी के स्थान पर हिन्दी का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। इसके अतिरिक्त जो वर्ष भर हिन्दी में अच्छे विकास कार्य करता है और अपने कार्य में हिन्दी का अच्छी तरह से उपयोग करता है, उसे पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया जाता है।
कई लोग अपने सामान्य बोलचाल में भी अंग्रेज़ी भाषा के शब्दों का या अंग्रेजी का उपयोग करते हैं, जिससे धीरे धीरे हिन्दी के अस्तित्व को खतरा पहुँच रहा है। जिस प्रकार से टेलीविजन से लेकर विद्यालयों तक और सामाजिक संचार माध्यम से लेकर निजी तकनीकी संस्थानों एवं निजी कार्यालयों तक में अंग्रेजी का दबदबा कायम है ।
उससे लगता है कि अपनी मातृभाषा हिन्दी धीरे–धीरे क्षीण और फिर दशकों बाद विलुप्त ना हो जाये। यदि शीघ्र ही हम छोटे–छोटे प्रयासों द्वारा अपनी मातृभाषा हिन्दी को अपने जीवन में एक अनिवार्य स्थान नहीं देंगे तो यह दूसरी भाषाओं से हो रही स्पर्धा में बहुत पीछे रह जायेगी ।
यहाँ तक कि वाराणसी में स्थित विश्व में सबसे बड़ी हिन्दी संस्था आज बहुत ही खस्ता स्थिति में है। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools
इस कारण इस दिन उन सभी से निवेदन किया जाता है कि वे अपने बोलचाल की भाषा में भी हिन्दी का ही उपयोग करें। इसके अतिरिक्त लोगों को अपने विचार आदि को हिन्दी में लिखने भी कहा जाता है। चूँकि हिन्दी भाषा में लिखने हेतु बहुत कम उपकरण के बारे में ही लोगों को पता है, इस कारण इस दिन हिन्दी भाषा में लिखने, जाँच करने और शब्दकोश के बारे में जानकारी दी जाती है।
हिन्दी भाषा के विकास के लिए कुछ लोगों के द्वारा कार्य करने से कोई विशेष लाभ नहीं होगा। इसके लिए सभी को एक जुट होकर हिन्दी के विकास को नए आयाम तक पहुँचाना होगा। हिन्दी भाषा के विकास और विलुप्त होने से बचाने के लिए यह अनिवार्य है। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools
हिन्दी सप्ताह
हिन्दी सप्ताह 14 सितम्बर से एक सप्ताह के लिए मनाया जाता है। इस पूरे सप्ताह अलग अलग प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन विद्यालय और कार्यालय दोनों में किया जाता है। इसका मूल उद्देश्य हिन्दी भाषा के लिए विकास की भावना को लोगों में केवल हिन्दी दिवस तक ही सीमित न कर उसे और अधिक बढ़ाना है। इन सात दिनों में लोगों को निबन्ध लेखन, आदि के द्वारा हिन्दी भाषा के विकास और उसके उपयोग के लाभ और न उपयोग करने पर हानि के बारे में समझाया जाता है। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools
पुरस्कार
हिन्दी दिवस पर हिन्दी के प्रति लोगों को उत्साहित करने हेतु पुरस्कार समारोह भी आयोजित किया जाता है। जिसमें कार्य के दौरान अच्छी हिन्दी का उपयोग करने वाले को यह पुरस्कार दिया जाता है। यह पहले राजनेताओं के नाम पर था, जिसे बाद में बदल कर राष्ट्रभाषा कीर्ति पुरस्कार और राष्ट्रभाषा गौरव पुरस्कार कर दिया गया। राष्ट्रभाषा गौरव पुरस्कार लोगों को दिया जाता है जबकि राष्ट्रभाषा कीर्ति पुरस्कार किसी विभाग, समिति आदि को दिया जाता है।
राजभाषा गौरव पुरस्कार
यह पुरस्कार तकनीकी या विज्ञान के विषय पर लिखने वाले किसी भी भारतीय नागरिक को दिया जाता है। इसमें दस हजार से लेकर दो लाख रुपये के 13 पुरस्कार होते हैं। इसमें प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले को २ लाख रूपए, द्वितीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले को डेढ़ लाख रूपए और तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले को पचहत्तर हजार रुपये मिलता है।
साथ ही दस लोगों को प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में दस-दस हजार रूपए प्रदान किए जाते हैं। पुरस्कार प्राप्त सभी लोगों को स्मृति चिह्न भी दिया जाता है। इसका मूल उद्देश्य तकनीकी और विज्ञान के क्षेत्र में हिन्दी भाषा को आगे बढ़ाना है।
राजभाषा कीर्ति पुरस्कार
इस पुरस्कार योजना के तहत कुल ३९ पुरस्कार दिये जाते हैं। यह पुरस्कार किसी समिति, विभाग, मण्डल आदि को उसके द्वारा हिन्दी में किए गए श्रेष्ठ कार्यों के लिए दिया जाता है। इसका मूल उद्देश्य सरकारी कार्यों में हिन्दी भाषा का उपयोग करने से है। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools
हिंदी दिवस पर स्लोगन (Hindi Diwas Slogans 2024)
1. देश की शान है हिंदी, देश की पहचान है हिंदी, क्योंकि हर भारतीय के दिल में विराजमान हैं हिंदी ! हिंदी दिवस की बधाई !
2. विश्व हिंदी दिवस पर हमने ठाना है लोगों में हिंदी का स्वाभिमान जगाना है हमें देश-विदेश में मनाना है हिंदी को आगे बढ़ाना है विश्व हिंदी दिवस की शुभकामनाएं !
3. सबसे प्यारी, सबसे न्यारी, हिंदी है राष्ट्रभाषा हमारी ! हिंदी दिवस की बधाई !
5. हिंदी को मान और सम्मान दो, अपने दिन में स्थान दो ! हिंदी दिवस की बधाई !
विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools
इस प्रकार तैयार करें अपना हिंदी दिवस का भाषण क्लिक करें
आलोचना
कई हिन्दी लेखकों और हिन्दी भाषा जानने वालों का कहना है कि हिन्दी दिवस केवल सरकारी कार्य की तरह है, जिसे केवल एक दिन के लिए मना दिया जाता है। इससे हिन्दी भाषा का कोई भी विकास नहीं होता है, बल्कि इससे हिन्दी भाषा को हानि होती है। कई लोग हिन्दी दिवस समारोह में भी अंग्रेजी भाषा में लिख कर लोगों का स्वागत करते हैं। सरकार इसे केवल यह दिखाने के लिए चलाती है कि वह हिन्दी भाषा के विकास हेतु कार्य कर रही है।
स्वयं सरकारी कर्मचारी भी हिन्दी के स्थान पर अंग्रेज़ी और राज्य भाषाओं का भी उपयोग किया जा रहा है में कार्य करते नज़र आते हैं। लेकिन कुछ लोगों की सोच यह भी है कि विविध कारण बताकर हिन्दी दिवस मनाने का विरोध करने और मजाक उड़ाने वाले यह चाहते हैं कि हिन्दी के प्रति रही-सही अपनत्व की भावना भी समाप्त की जाय। विद्यालयों हिन्दी दिवस की तैयारी | Preparation for Hindi Day in schools
कक्षा 10 के लिए विज्ञान विषय का शानदार सम्पूर्ण अध्याय क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
आप मित्रो से आग्रह हैं कि हमने बड़ी मेहनत से इस आर्टिकल की 💯% शुद्धता के साथ, सटीक और ऑफिशियल जानकारी आपके लिए एकत्र करके SHARE की हैं | इस कार्य में हमारे मित्रो की टीम ने मिलकर सहयोग किया हैं 🙏🏻 अत: आप इस पोस्ट के लिंक को अपने मित्रो, साथियों और सहकर्मियों तक सोशल मिडिया प्लेटफोर्म पर जरूर शेयर करें और नीचे दिए सोशल मीडिया से जरूर जुड़े|
आपके लिए महत्वपूर्ण उपयोगी नवीन जानकारी जरूर देखें
आप मित्रो से आग्रह हैं कि हमने बड़ी मेहनत से इस आर्टिकल की 💯% शुद्धता के साथ, सटीक और ऑफिशियल जानकारी आपके लिए एकत्र करके SHARE की हैं | इस कार्य में हमारे मित्रो की टीम ने मिलकर सहयोग किया हैं 🙏🏻 अत: आप इस पोस्ट के लिंक को अपने मित्रो, साथियों और सहकर्मियों तक सोशल मिडिया प्लेटफोर्म पर जरूर शेयर करें और नीचे दिए सोशल मीडिया से जरूर जुड़े|
आपके लिए महत्वपूर्ण उपयोगी नवीन जानकारी जरूर देखें
Job chart of Physical Education Teachers / शारीरिक शिक्षकों के दायित्व अथवा जॉब चार्ट (Job chart of Physical Education Teachers) : विद्यालय में स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा संबंधित कार्यक्रमों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की दृष्टि से प्राथमिक से लेकर सीनियर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शारीरिक शिक्षकों के दायित्व अथवा जॉब चार्ट निर्धारित किये गये हैं |
Job chart of Physical Education Teachers
Job chart of Physical Education Teachers image, शारीरिक शिक्षकों के दायित्व अथवा जॉब चार्ट
शारीरिक शिक्षकों के दायित्व अथवा जॉब चार्ट निम्न प्रकार रहेंगे –
शारीरिक शिक्षकों के दायित्व अथवा जॉब चार्ट (Job chart of Physical Education Teachers)– कालांश व्यवस्था –
शारीरिक शिक्षक को अन्य सामान्य अध्यापकों के पद की श्रेणी के अनुसार शारीरिक शिक्षा विषय के कालांश लेने होंगे पदवार कालांश आवंटन निम्नानुसार रहेगा-
तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक
42 कालांश प्रति सप्ताह
द्वितीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक
36 कालांश प्रति सप्ताह
व्याख्याता शारीरिक शिक्षक
30 कालांश प्रति सप्ताह
कक्षा 10 के लिए सामाजिक अध्ययन तीन पार्ट में उपलब्ध शानदार सम्पूर्ण अध्याय के क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
उपरोक्त कालांश का कक्षावार निम्नांकित रूप से शारीरिक शिक्षकों को आवंटित होंगे-
1
कक्षा 1 से 5
6 कालांश प्रति सप्ताह प्रति कक्षा
2
कक्षा 6 से 8
4 कालांश प्रति कक्षा
3
कक्षा 9 से 10
2 कालांश प्रति कक्षा
4
कक्षा 11 से 12
2 कालांश प्रति सप्ताह प्रति कक्षा
उपरोक्त कालांश में से निम्नांकित कार्य हेतु उनके सामने अंकित संख्या अनुसार कालांश को आवंटित कालांश में सम्मिलित समझा जाएगा-
प्रार्थना सभा पश्चात शाला में स्वास्थ्य वातावरण का निरीक्षण हेतु
एक कालांश प्रति सप्ताह
शारीरिक शिक्षक जिसे खेल प्रभारी का दायित्व सौंपा गया है उसे सामग्री के रखरखाव हेतु
एक कालांश प्रति सप्ताह
सायंकाल समय में यदि शारीरिक शिक्षा कार्यक्रम जैसे खेल, सामूहिक व्यायाम, योग शिक्षा, भारतीयम, अंतर सदस्य प्रतियोगिता आदि संपादित करने पर
3 कालांश प्रतिदिन
उपरोक्त समस्त कालांश लेने के पश्चात यदि शारीरिक शिक्षा अध्यापक के समय विभाग चक्र में निर्धारित कालांश पूरे ना होने पर अन्य सामान्य विषयों के सामान्य विषयों के कालांश देकर पूर्ण किए जाएंगे।
उपरोक्त कालांश अनुसार अपने कार्यक्रम की वार्षिक योजना पाठ्यक्रम अनुसार तैयार कर सत्र प्रारंभ में ही संस्था प्रधान को प्रस्तुत करेंगे कक्षा वार पाठ्यक्रम निम्नानुसार रहेगा-
कक्षा 1 से 8
स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा शीर्षक के अंतर्गत शिक्षा क्रम में वर्णित
आप मित्रो से आग्रह हैं कि हमने बड़ी मेहनत से इस आर्टिकल की 💯% शुद्धता के साथ, सटीक और ऑफिशियल जानकारी आपके लिए एकत्र करके SHARE की हैं | इस कार्य में हमारे मित्रो की टीम ने मिलकर सहयोग किया हैं 🙏🏻 अत: आप इस पोस्ट के लिंक को अपने मित्रो, साथियों और सहकर्मियों तक सोशल मिडिया प्लेटफोर्म पर जरूर शेयर करें और नीचे दिए सोशल मीडिया से जरूर जुड़े|
आपके लिए महत्वपूर्ण उपयोगी नवीन जानकारी जरूर देखें
SHIVIRA PANCHANG 2024 25 PDF DOWNLOAD, शिविरा पंचांग 2024-25 PDF : राजस्थान में सरकारी स्कूल और प्राइवेट स्कूलों को खोलने को लेकर ताजा जानकारी सामने आई है साथ ही सत्र 2024-25 के लिए शिविरा कैलेंडर जारी कर दिया गया हैं। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सत्र 2024-25 के लिए शिविरा पंचांग जारी कर दी गई है। राजस्थान में स्कूलों और कॉलेजों की संपूर्ण जानकारी इस आर्टिकल में के माध्यम से उपलब्ध करवाने की कोशिश की जा रही है आशा है ये आपके लिए उपयोगी सिद्ध होगी ।
SHIVIRA PANCHANG 2024 25 PDF DOWNLOAD शिविरा पंचांग 2024-25 PDF
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के लिए 1 जुलाई 2024 से 30 जून 2025 तक के लिए शिविरा पंचांग या संचालन कार्यक्रम जारी किया गया है। पंचांग के अनुरूप क्षेत्राधिकार में विद्यालय संचालन / विभागीय क्रियाकलापों कार्यक्रम एवं गतिविधियों का आयोजन और क्रियान्वयन किया जायेंगा।
SHIVIRA PANCHANG 2025 PDF DOWNLOAD शिविरा पंचांग 2024-25 PDF
बहरहाल जो नवीनता दिखाई दी वो निम्न अनुसार है⤵️
◆ पहली बार शिविरा में विभिन्न प्रशिक्षणों के सभी स्तरों (SRG, KRP शिक्षक) का शेड्यूल शामिल किया
◆ बस्ता मुक्त दिवस सभी शनिवार की जगह केवल 2 शनिवार दूसरे व चौथे शनिवार को ● ग्रीष्म अवकाश 17 मई से 30 जून सभी के लिए ◆ कम्प्यूटर अनुदेशकों के लिए निर्देश ◆ रोबोटिक लैब, ICT लैब, मिशन स्टार्ट, विद्यार्थियों के लिए डिजिटल पाठ्य सामग्री उपलब्धता के निर्देश। ◆उत्सव एवं जयंती उसी दिन प्रार्थना सभा के साथ(पहले अंतिम कालांश के निर्देश थे, बाद में बदल कर सप्ताह में आने वाले सभी उत्सव एवं जयंती 15 अगस्त, 26 जनवरी, 2 अक्टूबर के अलावा उस सप्ताह के शनिवार को मनाने के निर्देश थे) ◆ पूर्व विद्यार्थी सम्मेलन का नया नाम "सखा सम्मेलन" ◆ मूल्यांकन एवम परख के स्पष्टं निर्देश।। ◆ बालिका शिक्षा, प्रशिक्षण एवम गुणवत्ता, पूर्व प्राथमिक शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा के लिए अलग से निर्देश।
◆ कक्षा 1-5 CCE/SIQE/FLN आधारित मूल्यांकन जारी रहेगा (SA - 1,2,3) ◆ कक्षा 6-12 प्रथम, द्वितीय, तृतीय परख, अर्द्धवार्षिक व वार्षिक परीक्षा आधरित मूल्यांकन रहेगा ◆ No bag day की गतिविधियां जारी रहेगी (द्वितीय व चतुर्थ शनिवार)
शैक्षणिक सत्र 2024-25 मुख्य बिंदु-
शिवरा पंचांग में इस बार प्रमुख उत्सव /जयंती
05 .08 .24 को स्वर्ण मुकुट मस्तक दिवस
07 .08 .24 को अमृत पर्यावरण महोत्सव
13.08.24 वीर दुर्गादास जयंती उत्सव
17.08.24 रक्षा सूत्र बंधन दिवस
20.08.24 सद्भावना दिवस
11 .11 .24 राष्ट्रीय शिक्षा दिवस
11 .24 कालिदास जयंती उत्सव
19 .11 .25 से 25 .11. 24 समरसता सप्ताह
26 .11. 24 संविधान दिवस
07.02.25 छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती उत्सव
14.02.25 मातृ पितृ दिवस
13.03.25 भारतीय नव वर्ष उत्सव
12.04.25 हनुमान जयंती उत्सव
07.05.25 रविंद्र नाथ टैगोर जयंती उत्सव
28 .05.25 वीर सावरकर जयंती उत्सव
29.05.25 महाराणा प्रताप जयंती उत्सव आदि
अवकाश
मध्यवर्ती अवकाश 27.10 .24 से 7.11. 24
शीतकालीन अवकाश 25 .12 .24 से 5.1.25
ग्रीष्म अवकाश 17.5. 25 से 30.6 25
परीक्षाएं
प्रथम परख : 21.8.24 से 23.8.24
प्रथम योगात्मक आकलन : सितंबर के द्वितीय सप्ताह (कक्षा 1-5)
द्वितीय परख : 14.10.24 से 16.10.24
तृतीय परख : 03.2.25 से 6.2.25
अर्धवार्षिक परीक्षा : 12.12. 24.से 24.12.24
द्वितीय योगात्मक आकलन जनवरी के द्वितीय सप्ताह (कक्षा 1-5)
वार्षिक परीक्षा : 24.4.24 से 8.5.25
तृतीय योगात्मक आकलन (कक्षा 1-5)/ पूर्व कक्षा आधारित आकलन-3 : 24 अप्रैल से 8 मई 2025
पूरक परीक्षा -जुलाई प्रथम सप्ताह
बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित किया जाएगा।
शिक्षक सम्मेलन / संस्था प्रधान वाकपीठ
संस्था प्रधान सत्रारम्भ वाकपीठ अगस्त के प्रथम/द्वितीय सप्ताह में
जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन 25.10.24 से 26 .10 .24
राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मेलन 17.2.25 से 18.2.25
संस्था प्रधान सत्रांत वाकपीठ फरवरी 2025 के द्वितीय सप्ताह में
विशेष
🔅 विद्यालयों में नव पद स्थापित कंप्यूटर अनुदेशकों को कार्य दिया गया । 🔅 इस बार ग्रीष्मावकाश शिक्षको के लिए भी 17 मई से 30 जून तक किया गया। 🔅 पूरक परीक्षा जुलाई के प्रथम सप्ताह में ली जाएगी।
कार्य दिवस
रविवार : 52
अवकाश : 81
365-133=232
कक्षा 10 के लिए सामाजिक अध्ययन तीन पार्ट में उपलब्ध शानदार सम्पूर्ण अध्याय के क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
आप मित्रो से आग्रह हैं कि हमने बड़ी मेहनत से इस आर्टिकल की 💯% शुद्धता के साथ, सटीक और ऑफिशियल जानकारी आपके लिए एकत्र करके SHARE की हैं | इस कार्य में हमारे मित्रो की टीम ने मिलकर सहयोग किया हैं 🙏🏻 अत: आप इस पोस्ट के लिंक को अपने मित्रो, साथियों और सहकर्मियों तक सोशल मिडिया प्लेटफोर्म पर जरूर शेयर करें और नीचे दिए सोशल मीडिया से जरूर जुड़े|
आपके लिए महत्वपूर्ण उपयोगी नवीन जानकारी जरूर देखें
Shivira Panchang July 2024 PDF, शिविरा पंचांग जुलाई 2024 पीडीएफ, Rajasthan Shiksha Vibhag Panchang 2024-25 PDF, Rajasthan Shivira Panchang 2024-25 PDF राजस्थान शिविरा पंचांग 2024, राजस्थान शिविरा पंचांग 2025 : शिविरा पंचांग जुलाई 2024 पीडीएफ: राजस्थान शिक्षा विभाग पंचांग 2024-25 शिविरा पंचांग जुलाई 2024 पीडीएफ स्कूलों के लिए एक विस्तृत कार्यक्रम प्रदान करता है जो शिक्षा विभाग राजस्थान के अधीन हैं। यह कैलेंडर शिक्षकों, छात्रों और माता-पिता के लिए महत्वपूर्ण शैक्षणिक तिथियों और घटनाओं के बारे में सूचित रहने के लिए आवश्यक है।
आज के आलेख में हम आपको जुलाई 2024 के महीने के लिए शिविरा पंचांग उपलब्ध करवा रहे हैं। यह शिविरा पंचांग आपको जुलाई माह में निर्धारित तारीखों, दिनों, त्योहारों, और छुट्टियों के बारे में जानकारी प्रदान करेगा। इस जानकारी का उपयोग करके आप अपनी शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित कर सकते हैं, सुनिश्चित कर सकते हैं कि कार्यक्रम समय पर संपन्न होते रहें और आवश्यकता अनुसार समय पर समायोजन किया जाए।
Shivira Panchang July 2024 PDF | शिविरा पंचांग जुलाई 2024 पीडीएफ
Shivira Panchang July 2024 PDF | शिविरा पंचांग जुलाई 2024 पीडीएफ
Shivira Panchang July 2024 PDF | शिविरा पंचांग जुलाई 2024 पीडीएफ शिविरा पंचांगः जुलाई-2024 के महत्वपूर्ण कार्य
प्रवेशोत्सव का प्रथम चरण । इस अवधि में संस्था प्रधान एवं शिक्षक गण नामांकन अभियान ( CSR मॉडयूल में प्रविष्टि ) अब तक प्रवेश से 01 से 16 जुलाई वंचित / हार्डकोर समूह के बच्चों का प्रवेश विद्यालय / आंगनबाड़ी में करवाए जाने हेतु विशिष्ट कार्य योजना के तहत नामांकन वृद्धि अभियान संचालित करेंगे ।
एसआरजी (03 दिवसीय ) आवासीय प्रशिक्षण राज्य स्तर (ADPC SWAI MADHOPUR) प्रारंभिक शिक्षक प्रशिक्षण (FLN प्रशिक्षण कक्षा 1 से 5) (SmSA)
विश्व जनसंख्या दिवस ( उत्सव ) (RSCERT) मोहर्रम अवकाश (चन्द्र दर्शन अनुसार )
प्रवेशोत्सव का द्वितीय चरण- शेष रहे बच्चों के चिन्हिकरण हेतु पुनः हाऊस होल्ड सर्वे
गुरु पूर्णिमा ( उत्सव )
MT/KRP (03 दिवसीय ) आवासीय प्रशिक्षण जिला स्तर प्रारंभिक शिक्षक प्रशिक्षण (FLN प्रशिक्षण कक्षा 1 से 5) ( SmSA)
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जयन्ती (उत्सव)
सत्र पर्यन्त प्रशिक्षण केन्द्र / खेल छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया
MT (03 दिवसीय) आवासीय प्रशिक्षण जिला स्तर (पीईईओ एवं यूसीईईओ आमुखीकरण ) (SmSA)
प्रवेशोत्सव का द्वितीय चरण - नामांकन अभियान ( CSR मॉडयूल में प्रविष्टि)
प्रकृति संरक्षण दिवस
शिक्षक प्रशिक्षण (03 दिवसीय ) गैर आवासीय प्रशिक्षण ब्लॉक स्तर, प्रारंभिक शिक्षक प्रशिक्षण (FLN प्रशिक्षण कक्षा 1 से 5
प्रवेश की अन्तिम तिथि (कक्षा 9 से 112 हेतु)
Download 2024-25 Shivira Panchang PDF : Click Here
शिविरा पंचांग जुलाई 2024 माह की शैक्षणिक गतिविधियों की प्रारंभ और समाप्ति तिथियों को दर्शाता है। इन तिथियों को जानने से पाठ्यक्रम वितरण की योजना बनाने और यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि सभी पाठ्यक्रम निर्धारित समय सीमा के भीतर कवर किए जाते हैं।
यह कैलेंडर मध्यावधि और अन्य परीक्षाओं सहित विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम प्रदान करता है। शिक्षक और छात्र पहले से अच्छी तैयारी कर सकते हैं, जिससे बेहतर प्रदर्शन और तनाव में कमी होती है।
छुट्टियों की सूची
शिविरा पंचांग में राष्ट्रीय छुट्टियों, राज्य-विशिष्ट छुट्टियों और स्कूल-विशिष्ट छुट्टियों को कवर करते हुए एक पूर्ण छुट्टियों की सूची शामिल है। इससे छुट्टियों और अन्य गतिविधियों की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलती है।
माता-पिता-शिक्षक बैठकें
माता-पिता-शिक्षक बैठकों के लिए निर्धारित तिथियाँ भी सूचीबद्ध हैं, जिससे माता-पिता को अपने बच्चों की प्रगति और किसी भी मुद्दे के बारे में सूचित किया जाता है।
शिविरा पंचांग जुलाई 2024 की मुख्य विशेषताएं
कैलेंडर एक उपयोगकर्ता के अनुकूल पीडीएफ प्रारूप में उपलब्ध है, जिसे आसानी से डाउनलोड और प्रिंट किया जा सकता है। इससे यह सभी के लिए सुलभ बनता है, चाहे आप डिजिटल प्रतिलिपि पसंद करते हों या भौतिक प्रतिलिपि।
कक्षा 10 के लिए विज्ञान विषय का शानदार सम्पूर्ण अध्याय क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
आप मित्रो से आग्रह हैं कि हमने बड़ी मेहनत से इस आर्टिकल की 💯% शुद्धता के साथ, सटीक और ऑफिशियल जानकारी आपके लिए एकत्र करके SHARE की हैं | इस कार्य में हमारे मित्रो की टीम ने मिलकर सहयोग किया हैं 🙏🏻 अत: आप इस पोस्ट के लिंक को अपने मित्रो, साथियों और सहकर्मियों तक सोशल मिडिया प्लेटफोर्म पर जरूर शेयर करें और नीचे दिए सोशल मीडिया से जरूर जुड़े|
आपके लिए महत्वपूर्ण उपयोगी नवीन जानकारी जरूर देखें
संकुल सन्दर्भ केन्द्र ग्रान्ट (Latest CRC Grant) दिशा निर्देश 2024-25 : वार्षिक कार्य योजना एवं बजट 2024-25 में संकुल संदर्भ केन्द्र (CRC) के कार्यालय कार्यों के संचालन हेतु संकुल सन्दर्भ केन्द्र ग्रान्ट (Latest CRC Grant) का प्रावधान किया गया है। सीआरसी अपने अधीनस्थ विद्यालयों में शैक्षिक व सह-शैक्षिक, भौतिक गतिविधियों के संचालन एवं विद्यालय में नामांकन वृद्धि के प्रयास एवं ठहराव सुनिश्चित करने जैसे कार्यों की योजना बनाकर उसे क्रियान्वित कर नियमित रूप से मॉनीटरिंग करेंगे। साथ ही संकुल मे विज्ञान गणित क्लब के बेहतर संचालन हेतु भी राशि जारी कर व्यय के लिये प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान गयी है।
समग्र शिक्षा में गतिविधि हेतु प्रावधित बजट का संक्षिप्त विवरण निम्नानुसार है-
कन्टेजेन्सी
मीटिंग एवं टीए
टी० एल०एम०
फर्नीचर व कम्प्यूटर
योग
30,000/-
10,000/-
10,000/-
30,000/-
80,000/-
समग्र शिक्षा अन्तर्गत सत्र 2024-25 में 10259 सीआरसी के लिये प्रावधित बजट राशि का जिलेवार विवरण परिशिष्ट-1 पर संलग्न है।
संकुल सन्दर्भ केन्द्र ग्रान्ट ( Latest CRC Grant) दिशा निर्देश 2024-25
(A) सीआरसी ग्रान्ट के उपयोग (व्यय) हेतु विस्तृत दिशा निर्देश निम्न प्रकार हैं-
1. कन्टेन्जेन्सी ग्रान्ट से समग्र शिक्षा अभियान से सम्बन्धित कार्यों को सम्पादित करने हेतु स्टेशनरी, फोटो कॉपी, दूरभाष, शाला दर्पण फीडिंग, शाला सिद्धि तथा छात्र हित में अन्य आवर्ती खर्च इत्यादि का व्यय शामिल है। इन व्ययों का भुगतान समग्र शिक्षा अभियान की रोकड़ बही में इन्द्राज किया जायेगा तथा सामग्री क्रय करने पर स्टॉक रजिस्टर में प्रविष्टि की जावेगी ।
पीईईओ / यूसीईईओ को उपलब्ध करवाई जा रही राशि में से 15,000/- रूपये पीईईओ / यूसीईईओ सहित अधीनस्थ विद्यालयों में सघन वृक्षारोपण कार्य म पर आवश्यकतानुसार उपयोग लिए जाने है। वृक्षों की देखरेख इनसे जुड़ाव के लिए आवश्यक है कि सभी शिक्षकों को कम से कम एक वृक्ष गोद लेने हेतु पाबन्द करें। वृक्षारोपण व इससे जुड़े कार्यों की सूचना शाला दर्पण पोर्टल पर प्रविष्ट की जानी है। वृक्षारोपण सम्बन्धी कार्यों के लिए यूथ व ईको क्लब में भी पृथक से निर्देशित किया गया है।
2. मीटिंग, टी.ए ग्रान्टस द्वारा विभिन्न शैक्षिक नवाचारों पर चर्चा करने, टीएलएम निर्माण कार्यशाला आयोजित करने, परिषद द्वारा संचालित गतिविधियों की क्रियान्विति हेतु योजना बनाने, समीक्षा करने एवं सूचना प्राप्त करने के लिये सीआरसी विद्यालय पर प्रतिमाह एक बैठक आवश्यक रूप से आयोजित की जाए। बैठक में उपस्थित होने वाले अधीनस्थ विद्यालयों के शैक्षिक कार्मिकों को अल्पाहार प्रदान किया जायेगा व अधीनस्थ विद्यालयों के शैक्षिक कार्मिकों को राजकीय नियमानुसार टी. ए. दिया जायेगा ।
3. टीएलएम ग्रान्ट से सीआरसी विद्यालय एवं अधीनस्थ विद्यालयों के विज्ञान, गणित व सामाजिक ज्ञान विषय के शिक्षकों को विद्यार्थियों के लिये विषय को समझने में उपयोगी टीएलएम का निर्माण किये जाने के लिये प्रेरित किया जाकर सीआरसी स्तर पर आवश्यक रूप से न्यूनतम दो कार्यशाला आयोजित कर इन विषयों के लिये शिक्षण सहायक सामग्री (टीएलएम) का निर्माण शिक्षकों द्वारा किया जायेगा। इस टीएलएम का उपयोग कक्षागत शैक्षिक गतिविधियों में किया जायेगा।
कक्षा 10 के लिए सामाजिक अध्ययन तीन पार्ट में उपलब्ध शानदार सम्पूर्ण अध्याय के क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
4. फर्नीचर व कम्प्यूटर सीआरसी विद्यालय के संस्था-प्रधान द्वारा अपने कार्यालय में फर्नीचर व कम्प्यूटर के उपयोग हेतु राशि का व्यय किया जाना है। फर्नीचर व कम्प्यूटर की राशि का उपयोग बाजार के वास्तविक मूल्य में ही किया जाए। सामग्री क्रय में प्रतिष्ठित कम्पनियों को वरीयता दी जाए। राशि उपयोग में पारदर्शिता लाने हेतु निम्नलिखित सदस्यों की समिति बनाई जाए-
(1) संस्थाप्रधान : अध्यक्ष
(2) एसएमसी / एसडीएमसी : 2 सदस्य
(3) लेखाकार्मिक : 1 सदस्य
5. अधीनस्थ विद्यालयों का अवलोकन करने हेतु की जाने वाली यात्रा के व्यय का समायोजन वित्त विभाग के यात्रा नियमानुसार करेंगे। विभाग द्वारा निर्धारित संख्यानुसार अधीनस्थ विद्यालयों का अवलोकन किया जायेगा। अधीनस्थ विद्यालयों की मॉनीटरिंग / समीक्षा के दौरान किये जाने वाले कार्य कक्षाओं के अवलोकन के समय विद्यार्थी आकलन रिपोर्ट तैयार करना मीड-डे मील की मासिक समीक्षा व गुणवत्ता सुनिश्चित करना । प्रतिमाह अधीनस्थ राजकीय विद्यालयों के संस्था प्रधानों की बैठक आयोजित कर शैक्षिक गुणवत्ता की स्थिति की समीक्षा करना एसएमएसी की बैठक आयोजन की स्थिति की समीक्षा / मानीटरिंग करना सत्र समाप्ति पश्चात आगामी सत्र हेतु कार्य-योजना बनवाकर क्रियान्वयन करना ।
1. मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी संकुल संदर्भ केन्द्र अनुदान राशि (Latest CRC Grant ) एवं दिशा निर्देश 2024-25 समस्त सीआरसी कार्यालयों को जारी किया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही इनके प्रभावी एवं समुचित उपयोग की मॉनिटरिंग योजनाबद्ध रूप से करें ।
2. जिला एवं ब्लॉक अधिकारियों द्वारा राशि हस्तान्तरण एवं राशि उपयोग की नियमित रूप से मॉनीटरिंग की जायेगी।
3. राशि उपयोग की सुनिश्चितता निम्नलिखित चरणबद्ध समय सीमा में किया जाना है.
जुलाई से सितम्बर
अक्टूबर से दिसम्बर
जनवरी से 15 फरवरी तक
40%
30%
30%
4. बजट प्राप्त होने पर उक्त सारणी के अनुसार समय सीमा में राशि का उपयोग किया जाए। चरणबद्ध रूप से समय सीमा में राशि का उपयोग नहीं किए जाने पर सम्बन्धित अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
सीआरसी ग्रान्ट्रा की राशि अति० जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय द्वारा मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय एस.एन. ए. से राशि आहरण की स्वीकृति प्रदान की जायेगी। तत्पश्चात सीबीईओ द्वारा प्रत्येक पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी (पीईईओ) एवं शहरी यूसीईईओ को प्रावधानानुसार राशि एस. एन.ए. से राशि आहरण की स्वीकृति दी जायेगी।
परिषद कार्यालय से राशि प्राप्त होने के पश्चात जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों द्वारा राशि आहरण प्रदान करने की कार्यवाही को प्राथमिकता से पूरा किया जायेगा ।
राशि का उपयोग वित्तीय नियमों के अनुसार किया जाना है। अतः क्रय की जाने वाली सामग्री में "राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम 2012 एवं नियम 2013" की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जावे ।
मद में निर्धारित बजट सीमा से अधिक राशि का उपयोग नहीं किया जाये। निर्धारित सीमा से अधिक राशि उपयोग करने पर सम्बन्धित अधिकारी / कार्मिक के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाकर राशि वसूली की जाएगी।
सीबीईओ कार्यालय प्रपत्र-1 में राशि उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त कर प्रपत्र-2 में जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय को प्रेषित करेंगे एवं जिला कार्यालय द्वारा प्रपत्र- 3 में परिषद् मुख्यालय को व्यय की सूचना भिजवायेंगे ।
जिला / ब्लॉक / संकुल कार्यालय द्वारा संलग्न प्रपत्र में राशि उपयोग की सूचना निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत करेंगे।
कक्षा 12 के लिए राजीनीति विज्ञान के नोट्स शानदार सम्पूर्ण अध्याय क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
विशेष : परिषद कार्यालय से एस. एन.ए. से राशि आहरण की स्वीकृति प्राप्त होने के उपरान्त तीन दिवस में जिला कार्यालय चरणबद्ध रूप से ब्लॉक / पीईईओ, यूसीईईओ को राशि आहरण की स्वीकृति जारी करवाना निश्चित करें। प्रबन्ध पोर्टल एवम् एस. एन.ए. की व्यय सम्बन्धित की जिम्मेदारी तय कर उसके राशियों में किसी प्रकार का अन्तर स्वीकार्य नहीं होगा। अन्यथा विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।
संकुल सन्दर्भ केन्द्र ग्रान्ट (CRC Grant) दिशा निर्देश 2024-25संकुल सन्दर्भ केन्द्र ग्रान्ट (Latest CRC Grant) दिशा निर्देश 2024-25संकुल सन्दर्भ केन्द्र ग्रान्ट (Latest CRC Grant) दिशा निर्देश 2024-25संकुल सन्दर्भ केन्द्र ग्रान्ट (Latest CRC Grant) दिशा निर्देश 2024-25
Latest CRC GRANT EXCEL PROGRAM
इस प्रोग्राम से आप उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं खर्च विवरण माहवार तैयार कर सकते है | जैसे ही आप Voucher Entry करोगे आप का माहवार खर्च विवरण तैयार होता जायेगा |
Latest CRC GRANT EXCEL PROGRAM उपयोग में लेना का तरीका
सर्वप्रथम आप "School Intro" वाली शीट में अपने विद्यालय का नाम, ब्लॉक, जिला, सीआरसी का नाम एवं आपके अधीनस्थ विद्यालयों के नाम भरे |
इसके बाद "Received Amount" वाली शीट में पूर्व की शेष राशि एवं वर्तमान सत्र में प्रावधान एवं हस्तानांतरित राशि भरनी है |
फिर "Voucher Entry" वाली शीट में भुगतान दिनाक, बिल संख्या व दिनाक, मद का नाम (ड्राप डाउन लिस्ट में से चुने), नाम सामग्री, मात्रा/संख्या, दर, उपयोग का विवरण, पृ.स. आदि की एंट्री करनी है |
बस आपके CRC Grant का उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं माहवार खर्च विवरण तैयार हो गये है आप इनका प्रिंट ले सकते है |
(D) उपयोगिता प्रमाण पत्र - 1. सीबीईओ कार्यालय प्रपत्र-1 में राशि उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त कर प्रपत्र-2 में जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय को प्रेषित करेंगे एवं जिला कार्यालय द्वारा प्रपत्र-3 में परिषद् मुख्यालय को व्यय की सूचना भिजवायेंगे।
आप मित्रो से आग्रह हैं कि हमने बड़ी मेहनत से इस आर्टिकल की 💯% शुद्धता के साथ, सटीक और ऑफिशियल जानकारी आपके लिए एकत्र करके SHARE की हैं | इस कार्य में हमारे मित्रो की टीम ने मिलकर सहयोग किया हैं 🙏🏻 अत: आप इस पोस्ट के लिंक को अपने मित्रो, साथियों और सहकर्मियों तक सोशल मिडिया प्लेटफोर्म पर जरूर शेयर करें और नीचे दिए सोशल मीडिया से जरूर जुड़े|
आपके लिए महत्वपूर्ण उपयोगी नवीन जानकारी जरूर देखें
RANGOTSAV GUIDELINE RAJASTHAN, रंगोत्सव कार्यक्रम नवीनतम दिशा निर्देश :- प्रारम्भिक एवं माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों में कलात्मक प्रतिभा को पहचानने पोषित करने, प्रस्तुत करने तथा कला को बढ़ावा देने की पहल है। समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना 2024-25 में अनुमोदित गतिविधि रंगोत्सव का आयोजन नवाचारी गतिविधि के रूप में किया जाना है। रंगोत्सव की परिकल्पना एक समन्वित मंच उपलब्ध कराने का प्रयास है, जहाँ शिक्षक / शिक्षिका एक साथ अपनी क्षमताओं का उत्सव मना सकें। यह शिक्षकों की प्रतिमा को पोषित करने एवं व्यक्त करने हेतु उचित अवसर एवं अनुकूल वातावरण प्रदान करेगा और सीखने एवं सिखाने की प्रक्रिया को और अधिक मूर्त, रचनात्मक एवं आनन्ददायी बनाएगा।
RANGOTSAV GUIDELINE RAJASTHAN रंरंगोत्सव कार्यक्रम नवीनतम दिशा निर्देश
रंगोत्सव गतिविधि को आयोजित करने के लिये निम्न निर्देशों की पालना की जाए :-
रंगोत्सव राज्य के समस्त राजकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक / शिक्षिका हेतु जिला एवं राज्य स्तर पर आयोजित किया जायेगा ।
रंगोत्सव 2024-25 का आयोजन ऑफलाइन मोड में किया जायेगा ।
एक शिक्षक / शिक्षिका एक ही गतिविधि (कला) में भाग ले सकेगा / सकेगी।
रंगोत्सव के प्रत्येक स्तर पर 06 विधाओं को प्रतियोगिता में शामिल किया जायेगा । प्रत्येक कला क्षेत्र की प्रस्तुति / प्रतियोगिता एकल रहेगी, प्रतियोगिता में निम्नलिखित श्रेणियां सम्मलित की गई हैं-
रंगोत्सव कार्यक्रम नवीनतम दिशा निर्देश
कक्षा 10 के लिए सामाजिक अध्ययन तीन पार्ट में उपलब्ध शानदार सम्पूर्ण अध्याय के क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
जिला स्तर पर रंगोत्सव का आयोजन दिनांक 1-15 अगस्त 2024 के मध्य (एक दिवसीय) किया जाना हैं।
रंगोत्सव गतिविधि में राजकीय विद्यालयों के शिक्षक / शिक्षिकाओं को सम्मिलित किया जाए।
जिला स्तर पर प्रत्येक क्षेत्र में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्तकर्ता प्रतिभागियों का विवरण दिनांक 25 अगस्त 2024 तक परिशिष्ट -02 में राज्य स्तर पर भिजवाया जायेगा ।
राज्य स्तर पर रंगोत्सव कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 05-10 सितम्बर 2024 के मध्य किया जायेगा। आयोजन स्थान की सूचना पृथक से प्रेषित कर दी जायेगी । RANGOTSAV GUIDELINE RAJASTHAN, रंरंगोत्सव कार्यक्रम नवीनतम दिशा निर्देश
राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों की सूचना परिशिष्ट - 01 में भिजवाई जाये । जिसके साथ वीडियो क्लिप की समय सीमा निम्नानुसार रहेगी-
रंगोत्सव कार्यक्रम नवीनतम दिशा निर्देश
वित्तीय प्रावधान:- जिला स्तर
जिला स्तर पर होने वाली प्रतियोगिताओं के आयोजन का व्यय वार्षिक कार्ययोजना सत्र 2024-25 में अनुमोदित रंगोत्सव गतिविधि से किया जायेगा। इस हेतु प्रत्येक जिले को 10,000 /- रूपये कार्यक्रम आयोजन हेतु आवंटित किए गये है। इसके अतिरिक्त राशि की आवश्यकता होने पर स्थानीय स्तर पर भामाशाहों से सहयोग प्राप्त किया जा सकता है।
जिला स्तर पर प्रत्येक विधानुसार (शिक्षक / शिक्षिका) प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्तकर्ता को प्रमाण-पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान की जायेगी।
1. जिला स्तर पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा की जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक शिक्षा), अध्यक्षता में निर्णायक मण्डल का गठन होगा प्रधानाचार्य डाइट एवं कला / गतिविधि से सम्बन्धित विशेषज्ञों को शामिल किया जाये।
रंगोत्सव कार्यक्रम नवीनतम दिशा निर्देश
प्रतियोगिता आयोजन हेतु विशेष निर्देश
संगीत (गायन) :— एकल प्रस्तुति संगीत गायन की प्रतियोगिता निम्न दो श्रेणियों में आयोजित की जाएगी |
1. संगीत गायन : शास्त्रीय संगीत
2. संगीत गायन : पारंपरिक लोक संगीत
सामान्य सूचनाएँ
प्रस्तुति की अवधि 4-6 मिनट की होगी ।
वेशभूषा, मंच सज्जा और मंच का साज सामान, प्रस्तुति से संबंधित होना चाहिए ।
संगीत वाद्यों पर संगतकार विद्यालय के शिक्षक / छात्र हो सकते है।
व्यावसायिक संगीत जगत के गीतों का प्रयोग वर्जित है। RANGOTSAV GUIDELINE RAJASTHAN, रंरंगोत्सव कार्यक्रम नवीनतम दिशा निर्देश
RANGOTSAV GUIDELINE RAJASTHAN, रंरंगोत्सव कार्यक्रम नवीनतम दिशा निर्देश
शिक्षण अधिगम सामग्री -
द्वि आयामी - पेंटिंग, इत्यादि ।
त्रिआयामी - मॉडल
सामान्य सूचनाएँ
प्रस्तुति की अवधि 04-06 मिनिट रहेगी ।
प्रतिभागी स्वयं की रूचि अनुसार सामग्री या माध्यम का प्रयोग कर सकते है।
निर्णायक मंडल के सदस्य प्रतिभागी द्वारा निर्मित शिक्षण अधिगम सामग्री की मौलिकता, सृजनात्मकता एवं विषय वस्तु का अवलोकन कर निर्णय करेंगे। प्रतिभागियों से अपेक्षा है कि निर्माण की जा रही टीएलएम सामग्री की कार्यात्मक सटीकता एवं मूल डिजाईन के साथ विषय वस्तु की प्रमाणिकता का विशेष ध्यान रखें।
शिक्षण अधिगम सामग्री निम्न से सम्बन्धित हो सकती है -
कृषि औजार एवं उपकरण, पर्यावरण, ऊर्जा संरक्षण ।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के संसाधन से सम्बन्धित उपकरण ।
जलवायु परिवर्तन ( क्लाईमेट चेंज )
जीवन कौशल शिक्षा
कैरियर मार्गदर्शन
स्वच्छता व्यवहार का प्रदर्शन
राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम
पंचतंत्र की कहानियाँ, जातक कथाएँ, लोक कथाओं के चरित्र जो प्रतिभागियों के नैतिक मूल्यों को बढ़ाने में सहायक हो सकें
बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान की बेस्ट प्रेक्टिस
खिलौने बनाने में प्रयोग की जाने वाली सामग्री, मूल खिलौने में प्रयोग की गई सामग्री से मेल खाती हो ।
प्रतिभागी स्थानीय एवं पर्यावरण अनुकूल सामग्री का प्रयोग करें |
मूल्यांकन प्रपत्र - शिक्षण अधिगम प्रपत्र
मौलिकता
प्रविधि
उपयोगिता
प्रतुतिकरण
कुल अंक
25
25
20
30
100
RANGOTSAV GUIDELINE RAJASTHAN, रंरंगोत्सव कार्यक्रम नवीनतम दिशा निर्देश
शिक्षण प्रतियोगिता (अध्यापन प्रतियोगिता )
सामान्य सूचनाएँ
प्रस्तुति की अवधि 4 से 6 मिनिट होगी।
चयन की गई विषय वस्तु में नवाचारी विचारों का समावेश हो ।
वेशभूषा और मेकअप साधारण, प्रामाणिक, विषयगत और प्रस्तुति के अनुरूप ही होने चाहिए। प्रतिभागी स्वयं की रूचि अनुसार विषय वस्तु एवं माध्यम का प्रयोग कर सकते है।
निर्णायक मंडल के सदस्य प्रतिभागी से प्रस्तुतीकरण के समय मौलिकता, विषय वस्तु पर अवलोकन कर निर्णय करेंगे।
मूल्यांकन प्रपत्र
विषय वास्तु की प्रमाणिकता
विवेचना विवरण
सहायक सामग्री का उपयोग
रचनात्मकता
श्यामपट्ट कार्य
सम्पूर्ण प्रस्तुतिकरण
कुल अंक
10
20
10
20
10
30
100
RANGOTSAV GUIDELINE RAJASTHAN, रंरंगोत्सव कार्यक्रम नवीनतम दिशा निर्देश
जिला स्तर पर आयोजन हेतु वित्तीय प्रावधान :-
RANGOTSAV GUIDELINE RAJASTHAN, रंरंगोत्सव कार्यक्रम नवीनतम दिशा निर्देश
अतिरिक्त राशि की आवश्यकता होने पर स्थानीय स्तर पर भामाशाहों का सहयोग लिया जावे। मदवार उपलब्ध कराई जा रही राशि में आवश्यकतानुसार स्वीकृति उपरान्त आंशिक परिवर्तन किया जा सकता है।
रंगोत्सव हेतु राशि की स्वीकृति निम्न शर्तों के अधीन प्रदान की जाती है -
जिस मद के लिए राशि उपलब्ध कराई जा रही हैं व्यय उसी मद में ही किया जाए।
व्यय राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र निर्धारित प्रारूप में भिजवाया जाना सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम अन्तर्गत व्यय राशि को PRABANDH PORTAL (https://samagrashiksha.in) पर तत्काल बुक कराया जाना सुनिश्चित करेंगे।
राशि का उपयोग योजना के दिशा निर्देश, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की गाइड लाइन एवं लोक उपापन पारदर्शिता अधिनियम 2012 एवं नियम 2013 एवं वित्तीय नियमों की पूर्ण पालना करते हुए विहित प्रक्रियानुसार किया जाना सुनिश्चित करे ।
सामान्य निर्देश -
संगीत (गायन), संगीत (वाद्य वादन) एवं टीएलएम निर्माण, शिक्षण प्रतियोगिता की प्रस्तुति के लिए 4-6 मिनट का समय निर्धारित रहेगा।
प्रत्येक स्तर पर भाग लेने वाले शिक्षकों को सहभागिता का प्रमाण-पत्र दिया जाए। विजेता प्रतिभागी को मेडल / ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदान किये जायेंगे ।
स्थानीय स्तर पर कार्यरत ऐसे गैर सरकारी संगठन से सहयोग लिया जा सकता है जो सामाजिक विकास में कला पक्ष पर कार्य कर रहे हैं।
जिला स्तरीय प्रतियोगिता के आयोजन के लिए स्थानीय गैर सरकारी संगठन या कला संगठन जो विभिन्न कला के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, का सहयोग लिया जा सकता है।
राज्य स्तर की प्रतियोगिता आयोजन हेतु राजस्थान संगीत कला अकादमी जैसे संस्थाओं का सहयोग लिया जावे तथा कला के क्षेत्र में कार्यरत अन्य संगठनों का सहयोग लिया जाए।
उक्त गतिविधि वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट सत्र 2024-25 में निम्न मद में अनुमोदित की गई है-
Quality Interventions
5.4 - Funds for Quality (LEP, Innovation, Guidance etc)
5.4.2 - Experiential Learning (Elementary)
1-Rangotsav
यह सक्षम स्तर से अनुमोदित है।
NIPUN MELA GUIDELINE 2024, निपुण मेला दिशानिर्देश, निपुण मेला उपयोगिता प्रमाण पत्र, निपुण मेला गतिविधि प्रपत्र,
क्र सं.
प्रपत्र विवरण
डाउनलोड लिंक
1
रंगोत्सव की जिलेवार प्रविष्टि समेकित सूचना प्रपत्र 1
आप मित्रो से आग्रह हैं कि हमने बड़ी मेहनत से इस आर्टिकल की 💯% शुद्धता के साथ, सटीक और ऑफिशियल जानकारी आपके लिए एकत्र करके SHARE की हैं | इस कार्य में हमारे मित्रो की टीम ने मिलकर सहयोग किया हैं 🙏🏻 अत: आप इस पोस्ट के लिंक को अपने मित्रो, साथियों और सहकर्मियों तक सोशल मिडिया प्लेटफोर्म पर जरूर शेयर करें और नीचे दिए सोशल मीडिया से जरूर जुड़े|
आपके लिए महत्वपूर्ण उपयोगी नवीन जानकारी जरूर देखें