Transfer of charge in schools / विद्यालयों में कार्यभार हस्तान्तरण की विस्तृत जानकारी :- नमस्कार इस आलेख के अंदर हम जानेगे कि विद्यालयों में कार्यभार स्थानांतरण की विस्तृत कार्यवाही क्या होती है अगर कोई नया संस्थाप्रधान ज्वॉइन करें तो वह उस संस्थाप्रधान से किस प्रकार विभिन्न प्रकार के रिकॉर्ड अपने हस्तान्तरण में लेंगे अथवा किसी विद्यालय में संस्था प्रधान का पद रिक्त होने की स्थिति में किस व्यक्ति को चार्ज मिलेगा इसके बारे में इस आर्टिकल में विस्तार से जानकारी हमने शेयर की है| Transfer of charge in schools विद्यालयों में कार्यभार हस्तान्तरण
Transfer of charge in schools विद्यालयों में कार्यभार हस्तान्तरण
1 जब तक कि किन्हीं विशिष्ट लिखित कारणों से जो लोक हित के होने चाहिये, जिसके आदेश के अधीन स्थानान्तरण हुआ है, वह अनुमति प्रदान नहीं कर दे, अथवा कोई विशिष्ट अन्य स्थान अपेक्षित न कर दे या कोई अन्य आज्ञा नहीं दे दे, तब तक किसी पद का भार उनके मुख्यालय पर ही हस्तान्तरित करना चाहिये, जहां पद भार से मुक्त करने वाला तथा पद सम्भालने वाला दोनों राज्य कर्मचारी उपस्थित हों ।
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राजस्थान सरकार का निर्णय - राजस्थान सरकार के ध्यान में आया है कि स्थानान्तरण आज्ञा जारी होने पर, भारमुक्त कर्मचारी जिस पद पर स्थानान्तरित हुआ उस पद का चार्ज लेने हेतु कर्त्तव्य पर उपस्थित होता है लेकिन किसी - कारणवश, कार्यालयाध्यक्ष / विभागाध्यक्ष या राज्य कर्मचारी जिसे भारमुक्त किया जाना है, जानबूझकर चार्ज हस्तान्तरण करने में विलम्ब करता है।
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इस मामले पर विचार किया गया है और यह निर्णय लिया गया है कि स्थानान्तरण आज्ञा प्राप्त होने पर जैसे ही भार ग्रहण करने वाला कर्मचारी उपस्थित होवे शीघ्र ही भार हस्तांतरित कर दिया जाना चाहिये। यदि किसी प्रकार का भार हस्तांतरित करने में जानबूझकर विलम्ब किया जाता है तो भार ग्रहण करने वाला कर्मचारी उस पद का भार ग्रहण करेगा और ऐसा होने के फलस्वरूप भारमुक्त हुआ कर्मचारी उस समय तक असाधारण अवकाश पर माना जावेगा जब तक कि उसे संवेतन अवकाश, जो उसे देय हो, उस दिन से जब से भारमुक्त करने वाले अधिकारी द्वारा भारग्रहण किया जाकर भारमुक्त किया गया हो, से सक्षम अधिकारी, द्वारा स्वीकृत नहीं किया गया हो।
राजस्थान सरकार के निर्देश—उपरोक्त वित्त विभाग निर्णय दिनांक 7-11-1969 में ये निर्देश दिए गए थे कि यह निश्चय किया जावे कि जैसे ही भारमुक्त कर्ता अधिकारी भार ग्रहण करने हेतु उपस्थित हो उसके शीघ्र ही हस्तान्तरण आज्ञा की पालना आवश्यक हो । महालेखाकार द्वारा यह तथ्य राज्य सरकार के ध्यान में लाया गया है कि इन निर्देशों की पालना उचित प्रकार से नहीं की जाती । राज्य सरकार इस अवज्ञा को गम्भीरता से लेती है और निम्न अग्रिम निर्देश प्रसारित करती है जेनकी पालना कठोरता से की जावे-
भारमुक्त होने वाला राज्य कर्मचारी जैसे ही भार ग्रहण करे, शीघ्र ही अपने भार ग्रहण की सूचना भार मुक्त होने वाले कर्मचारी के नाम दर्शित करते हुए कोषागार अधिकारी और नियंत्रित अधिकारी को करेगा।
उक्त सूचना प्राप्त न होने पर, नियन्त्रण अधिकारी द्वारा सम्बन्धित कोषागार अधिकारी को यह लिखा जाना चाहिये कि उस अधिकारी का जिसने भार संभालने में परिहार्य (avoid) किया और जिसे इन परिस्थितियों के कारण भारमुक्त समझा जावे, भुगतान रोका जावे और इस प्रकार लिखे गए पत्र की प्रतिलिपि महालेखाकार राजस्थान को भी प्रेषित की जावे ।
इस प्रश्न का कि भार सम्भालने में आशयित (intentional) विलम्ब हुआ है या कि राज्य कर्मचारी ने भार सम्भालने में परिहार्य किया है कि उसे इन परिस्थितियों में भारमुक्त समझा जावे, यह निश्चय वह अधिकारी करेगा जो कि स्थानान्तरण आज्ञा देने में सक्षम हो, और वह सक्षम अधिकारी उस विलम्ब अवधि का जिस दिन से कर्मचारी ने पद भार ग्रहण किया था, अवकाश स्वीकृत कर जहां आवश्यक हो, नियमन करेगा।
2 नियम की यह शर्त कि पद भार ग्रहण कर्ता तथा पद भार से मुक्त होने वाले दोनों राज्य कर्मचारी उपस्थित होने चाहिये, उन राज्य कर्मचारियों के सम्बन्ध में प्रभावी करना आवश्यक नहीं है जिनको दीर्घावकाश . ( वेकेशन) के साथ अवकाश जोड़ने की अनुमति दे दी गई हो। ऐसे मामलों में निम्नलिखित प्रणाली का अनुसरण होना चाहिए :
जब कि दीर्घावकाश अवकाश से पूर्व जोड़ा गया हो तो बाह्यगमन करने वाला राज्य कर्मचारी मुख्यालय छोड़ने से पहले रिपोर्ट करेगा अथवा यदि अत्यावश्यक कारणों से अवकाश दीर्घावकाश (वेकेशन) में स्वीकृत हुआ हो तो अवकाश स्वीकृत होते ही अपना पद भार दीर्घावकाश ( वेकेशन) के अन्त से प्रभावशील, हस्तान्तरित करेगा। तत्पश्चात् पद मुक्त करने वाला राज्य कर्मचारी दीर्घावकाश का अन्त होने पर पद सामान्य रूप से सम्भाल लेगा।
जब कि दीर्घावकाश अवकाश के साथ जोड़ी गई हो, पद भार से मुक्त होने वाला राज्य कर्मचारी दीर्घावकाश से पूर्व सामान्य रूप से पद भार हस्तांतरित करेगा, आने वाला राज्य कर्मचारी दीर्घावकाश समाप्ति पर वापस लौटने पर, दीर्घावकाश (वेकेशन) के आरम्भ से पदभार ग्रहण कर लेगा।
सरकारी निर्णय—एक प्रश्न यह उठाया गया है कि क्या राजपत्रित अधिकारी के पद ग्रहण करने / हस्तान्तरित करने की चार्ज रिपोर्ट पर उच्चतर प्राधिकारी द्वारा प्रतिहस्ताक्षर करना अनिवार्य है। इस प्रश्न पर विचार किया गया और निर्णय किया गया है कि निकटतम उच्च अधिकारी का प्रतिहस्ताक्षर केवल तभी आवश्यक होता है जबकि कोई अधिकारी पद हस्तांतरित करता हो या ग्रहण करता हो और ऐसा कोई अधिकारी नहीं हो जिसको वह पद हस्तांतरित करे या जिससे वह पद ग्रहण करे ।
3 सामान्यतया किसी विशेष मामलों में किसी विशेष प्रतिकूल आज्ञा के, अधीनस्थ राज्य कर्मचारी वर्ग से सरकारी कर्मचारियों, उदाहरणार्थ शासन सचिव या राजकीय सचिवालय के लिपिक का मुख्यालय, जिरा सरकार से वह संलग्न है उसका तत्समय मुख्यालय जहां स्थित हो उसी स्थान पर होगा। किसी अन्य राजकीय कर्मचारी का मुख्यालय वह स्थान होगा जो उनको नियुक्त करने वाला प्राधिकारी मुख्यालय नहीं घोषित करे, अथवा ऐसी घोषणा के अभाव में वह स्थान जहां उसके कार्यालय के अभिलेख रखे जाते हों । Transfer of charge in schools विद्यालयों में कार्यभार हस्तान्तरण
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स्थानान्तरित कार्मिको के सम्बन्ध में चार्ज देने के बारे में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अजमेर का 17/10/2019 का आदेश-
उपरोक्त विषयान्तर्गत लेख है कि आदेशानुसार राज्य सरकार द्वारा जो अधिकारी / कर्मचारी स्थानान्तरित हुए है कतिपय मामलों में स्थानान्तरित हुए अधिकारी / कर्मचारी पूर्व विद्यालय के चार्ज हस्तान्तरण हेतु कई दिन तक पूर्व विद्यालय में ही उपस्थिति देते रहते है इस वावत् स्पष्ट निर्देश दिये जाते है कि समस्त स्थानान्तरित कर्मचारी / अधिकारी अधिकतम तीन दिवस में पूर्व विद्यालय का चार्ज हस्तान्तरित कर दें। इससे अधिक अवधि तक चार्ज रोके जाने पर सम्बन्धित के विरूद्ध कठोर अनुशास्नात्मक कार्यवाही की जाऐगी। समस्त डीईओ / सीवीईओ अधीनस्थ से उक्त आदेश की अनुपालना सुनिश्चित करें।
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प्राथमिक विद्यालय / उच्च प्राथमिक विद्यालय में संस्था प्रधान के चार्ज के सम्बन्ध में जानकारी
राज्य में संचालित राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सुचारू संचालन व दैनिक कार्यों के निष्पादन हेतु विद्यालयों के कार्य प्रभार के संबंध में श्रीमान निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा, बीकानेर के आदेश दिनांक- 20.01.2017 में संशोधन किए जाकर आदेश क्रमांक-शिविरा/प्रारं/शैक्षिक/एबी/विद्यालय व्यवस्था/2017/26 दिनांक-06.05.2017 द्वारा निम्नानुसार संशोधित दिशा निर्देश जारी किए गए हैं-
(1) किसी भी उच्च प्राथमिक प्राथमिक विद्यालय में वरिष्ठ अध्यापक के पद पर कार्यरत होने की स्थिति में संस्था प्रधान का दायित्व/प्रभार उसके पास रहेगा।
(2) वरिष्ठ अध्यापक का पद रिक्त होने अथवा स्वीकृत नहीं होने पर वरिष्ठतम अध्यापक / प्रबोधक पद पर कार्यरत कर्मी द्वारा संस्था प्रधान के दायित्व का निर्वहन किया जाएगा।
(3) वरिष्ठ अध्यापक/अध्यापक/प्रबोधक का पद रिक्त होने की स्थिति में शारीरिक शिक्षक द्वारा संस्था प्रधान का दायित्व का निर्वहन किया जाएगा।
(4)उपयुक्त अनुसार बिंदु संख्या 1 से 3 तक के अलावा अन्य स्थिति के वरिष्ठ शिक्षाकर्मी/पैराटीचर/ट्रेनी अध्यापक के पद पर कार्यरत कार्मिक द्वारा संस्था प्रधान के दायित्व का निर्वहन किया जाएगा। कार्मिक की वरिष्ठता का निर्धारण संपूर्ण सेवा अवधि के आधार पर होगा। Transfer of charge in schools विद्यालयों में कार्यभार हस्तान्तरण
प्रबोधक को भी संस्थाप्रधान का चार्ज
किसी विद्यालय में तृतीय श्रेणी अध्यापक और प्रबोधक में से संस्थाप्रधान का चार्ज किसे सौपा जाये❓
निदेशक प्रारभ्भिक शिक्षा बीकानेर के पूर्व निर्देशो के अनुसार प्रबोधक को संस्था प्रधान का चार्ज वरिष्ठ अध्यापक , अध्यापक, शारीरिक शिक्षक के पद रिक्त होने पर देय था। 6/3/17 के नवीन संशोधित आदेशो के अनुसार संस्था प्रधान का पद रिक्त होने पर वरिष्ठ अध्यापक को ,उनकी अनुपस्थिति या पद रिक्त होने पर प्रबोधक / अध्यापक जो भी वरिष्ठ होगा उन्हे संस्था प्रधान का दायित्व दिया जाएगा। *वीन संशोधन से प्रबोधक के पद को अध्यापक के पद के समकक्ष रखा गया है।सम्पूर्ण सेवा अवधि से वरिष्ठता की गणना की जाएगी। Transfer of charge in schools विद्यालयों में कार्यभार हस्तान्तरण
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Shikshak Manch RKSMBK Online Webinar Series शिक्षक मंच: ऑनलाइन वेबिनार सीरीज : शिक्षकों के समक्ष “राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम” से सम्बंधित शंकाओं का निवारण करना, और उन्हें कार्यक्रम की सफल क्रियांविधि हेतु प्लेटफार्म प्रदान करना। ऑनलाइन वेबिनार, जिसका उद्देश्य है शिक्षकों के समक्ष “राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम” कार्यक्रम से सम्बंधित आने वाली शंकाओं का निवारण करना, और उन्हें कार्यक्रम की सफल क्रियांविधि हेतु प्लेटफार्म प्रदान करना।
RKSMBK Online Webinar Series 76, RKSMBK Shikshak Manch RKSMBK Online Webinar Series : सीरीज 76 राज्य के समस्त शिक्षकों को इस ऑनलाइन वेबिनार से जुड़ना अनिवार्य हैं |
शिक्षक मंच अध्यापकों के लिए “शैक्षिक समस्या-समाधान” हेतु एक प्लेटफोर्म है | इस मंच के माध्यम से गुरुजन “राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम” कार्यक्रम के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं को पटल पर रख सकेंगे तथा शंकाओं का निवारण हो सकेगा |
यह Shikshak Manch RKSMBK Online Webinar Series शिक्षक मंच: ऑनलाइन वेबिनार सीरीज 16 फरवरी 2024 शाम 05:30 से 6:30 बजे इस बार की विशेष “शिक्षक मंच ऑनलाइन वेबिनार” में अवश्य जुड़ें, और बाकी शिक्षक साथियों को जुड़ने के लिए भी प्रोत्साहित करें।
इस बार के Shikshak Manch RKSMBK Online Webinar Series में चर्चा का विषय होगा आकलन के अनुभव एवं सभी शिक्षक साथियों से निवेदन है के इस वेबिनार को ज़रूर देखें और सम्बंधित प्रश्न पैनेलिस्ट एक्सपर्ट्स से पूछें।
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अध्यापकों की शैक्षिक समस्याओं के समाधान हेतु वेबिनार की संपूर्ण श्रृंखला प्रस्तावित है, जिसमें से यह 76वां भाग है | शिक्षक वेबिनार का कार्यक्रम निम्न प्रकार से हैं -
ऑनलाइन वेबीनार का आयोजन 16 फरवरी 2024 शाम 05:30 से 6:30
सभी लोग यूट्यूब लिंक पर दिए गए "Notify Me" के बटन को दबा दें एवं यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब ज़रूर करें |
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राज्य के समस्त शिक्षकों को इस ऑनलाइन वेबिनार से जुड़ना आवश्यक होगा |
RSCERT विगत समय से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षकों के लिए उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए RKSMBK Teachers Forum Online Webinar Series 76 ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन कर रही है ताकि शिक्षक फील्ड में आ रही समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकें |
ब्लॉक स्तर पर भी मेंटर शिक्षक बनाए गए हैं | ये मेंटर शिक्षक अपने क्षेत्र में शिक्षकों के लिए उनकी समस्याओं को सुलझाने एवं हर संभव मदद करने के लिए प्रयासरत रहेंगे |
राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम कार्यक्रम के सफल क्रियान्वन के लिए सभी शिक्षकों को वेबीनार में सम्मिलित होना अनिवार्य है ।अतः आप सभी शिक्षक साथी अपने सभी शिक्षक साथियों तक इस वेबीनार के लिंक को शेयर अवश्य करना। जिससे सभी शिक्षक साथी राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम कार्यक्रम मैं आ रही बाधाओं के निवारण के बारे में इसे वेबीनार के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे
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उन्हें इस कार्यक्रम को सफल क्रियान्वयन हेतु प्लेटफार्म प्रदान करना है जिससे सभी शिक्षक साथी आ रही सभी समस्याओ का समाधान प्रपात कर सकेंगे।
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राजस्थान भर से कई शिक्षकों ने नवंबर में होने वाले *RKSMBK आकलन* सम्बंधित शंकाओं को साझा किया। इस वेबिनार में हम जानेंगे कि किस प्रकार PTM की तैयारी करनी है, नए रिपोर्ट कार्ड का कैसे उपयोग करना है।
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राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 10 परीक्षा 2024-25 के लिए नमूना प्रश्न पत्र जारी कर दिए हैं। इसलिए यदि आप आरबीएसई से संबद्ध स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ते हैं, तो आपको आगामी राजस्थान बोर्ड 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में शामिल होना होगा। इसलिए आपको यहां से विषयवार 10वीं मॉडल पेपर डाउनलोड करना चाहिए और अभ्यास करना चाहिए।
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Privilege Leave PL Rules And Forms : नमस्कार कर्मचारी बंधुओ, इस आर्टिकल में हमने आपके लिए प्रिविलिज लीव यानी की उपार्जित अवकाश के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी, उपार्जित अवकाश के फोरम, फॉर्मेट एक्सेल, वर्ड और पीडीएफ़ के साथ साथ अन्य महत्वपूर्ण फॉर्मेट प्परत्र और नियमावली का समावेश हमने यहाँ पर किया है। उम्मीद है ये आर्टिकल आपको पसंद आएगा। इस आर्टिकल को लिखने में हमने शत प्रतिशत शुद्धता का ध्यान रखा है फिर भी त्रुटि संभव है |
विशेषतौर विस्तृत जानकारी के लिए विभागीय सामग्री का अध्ययन करें। यह सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए यहाँ पर साझा की जा रही है समस्त प्रपत्र और फॉर्मेट नीचे डाउनलोड लिंक पर उपलब्ध है।
उपार्जित अवकाश की नियमावली और आदेश फोर्मेट व फॉर्म Privilege Leave (PL) Rules And Forms
Privilege Leave PL Rules And Forms
खंड-2 उपार्जित अवकाश (PL) आदि नियम - 91 उपार्जित अवकाश (PL) की देयता-
1 क एक स्थाई अथवा अस्थायी सरकारी कर्मचारी को एक कैलेंडर वर्ष में 30 दिन का उपार्जित अवकाश दें होता है। 1 ख भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के अतिरिक्त राजस्थान सशस्त्र पुलिस (RAC) के सदस्य, जो भारतीय रिजर्व बटालियन में प्रतिनियुक्त हो या देश की सीमाओं पर तैनात हो, को एक कैलेंडर वर्ष में 42 दिन का उपार्जित अवकाश देय होता है। Privilege Leave PL Rules And Forms 1-ग-1 एक कर्मचारी अपने अवकाश लेखों में अधिकतम 300 दिन का उपार्जित अवकाश अंकित कर सकता है। परंतु
1-ग-2 भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के अतिरिक्त राजस्थान सशस्त्र पुलिस (RAC) के सदस्य, जो भारतीय रिजर्व बटालियन में प्रतिनियुक्त हो, द्वारा आवेदित उपार्जित अवकाश को पूर्णतः या अंशतः लिखित में कारण बताते हुए (जनहित की आवश्यकता के कारण) अस्वीकृत कर दिया जाए तो वे अपने अवकाश लेखे में इन अस्वीकृत अवकाशों को 300 दिन की अधिकतम सीमा के अतिरिक्त अपने अवकाश लेखें में संचित रख सकेंगे। Privilege Leave (PL) Rules And Forms
उपार्जित अवकाश उपार्जित अवकाश से संबंधित आवश्यक प्रपत्र फॉर्मेट, पी एल सरेंडर फोरम वर्ल्ड और एक्सेल में नीचे डाउनलोड बटन में दिए हुए है। सम्बंधित सामग्री के नामा पर क्लिक करके आप इन्हें डाउनलोड कर सकते हैं |
2- क- 1- प्रत्येक कर्मचारी के उपार्जित अवकाश के लेखो में वर्ष में दो बार (1 जनवरी को 15 तथा 1 जुलाई को 15 दिन) उपार्जित अवकाश अग्रिम जमा किए जाते हैं। राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल के सदस्यों की अवकाश लेखों में एक बार में 15 के स्थान पर 21 दिन की PL जमा की जाएगी।
(दिनांक 12.12.2012 को जोड़ा गया) परंतु, यदि किसी कर्मचारी के अवकाश खाते में दिसंबर या जून माह के अंतिम दिन 300 दिवस या कम (लेकिन 285 से अधिक या RAC के सदस्यों के लिए 279 दिन से अधिक) उपार्जित अवकाश हो, तो जनवरी या जुलाई की तारीख को उस के खाते में 15 दिन ( RAC के सदस्यों के लिए 21 दिन) का अवकाश नियम91 (2) (क) (1) के अनुसार अग्रिम जमा किया जाएगा। Privilege Leave (PL) Rules And Forms
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इस अग्रिम जमा अवकाश का लेखा पृथक से रखा जाएगा एवं अगली छमाही में कर्मचारी द्वारा लिए गए उपार्जित अवकाशों को सर्वप्रथम इन्हीं से समायोजित किया जाएगा। समायोजन के उपरांत यह भी कोई अवकाश शेष रहता है तो उसे छमाही की समाप्ति पर अवकाश लेखे में जोड़ दिया जाएगा। परंतु शर्त यह है कि इस प्रकार अग्रिम जमा किए के उपार्जित अवकाश व पूर्व से ही जमा उपार्जित अवकाश का योग 300 दिन की अधिकतम सीमा से ज्यादा नहीं होगा। Privilege Leave (PL) Rules And Forms
2-क-2- राजस्थान सिविल सेवा ( पदभार ग्रहण काल) नियम, 1981 के नियम 54 के अनुसार देय पदभार ग्रहण काल का पूर्ण उपयोग किए बिना ही जब कोई कर्मचारी अपने नवीन पद पर कार्य ग्रहण कर लेता है, तो अनुपयोजित पदभार ग्रहण अवधि (Unveiled Joining Time) के समान संख्या में (अधिकतम 15 दिन तक) उपार्जित अवकाश उसके उपार्जित अवकाश लेखों में जोड़ दिए जाते हैं। परंतु कर्मचारी के उपार्जित अवकाश लेखों में पहले से बकाया अवकाश तथा अनुपयोजित कार्य ग्रहण काल की अवधि के बदले जोड़े गए उपार्जित अवकाश मिलाकर 300 दिवस से अधिक बैलेंस (balance) नहीं होगा।
2-ख- असाधारण अवकाश की अतिरिक्त अन्य किसी भी प्रकार के अवकाश के ऊपर कर्मचारी के खाते में डाल दिए गए उपार्जित अवकाश का बैलेंस (balance) कम नहीं किया जायेगा। यदि कोई कर्मचारी किसी कैलेंडर वर्ष की छमाही में असाधारण अवकाश एक्स्ट्राऑर्डिनरी लिव (extra-ordinary leave: Popularity known as Leave without pay) पर रहता है तो उसके उपार्जित अवकाश खातें में से असाधारण अवकाशों की संख्या का दसवां भाग कम कर दिया जाएगा। अर्थात प्रत्येक 10 दिन के असाधारण अवकाश लिए जाने पर एक दिन का उपार्जित अवकाश उसके अवकाश लेखे में से कम किया जाएगा।
राज्य कर्मचारी के अवकाश के लेखों में से 1 जनवरी एवं 1 जुलाई को 15- 15 दिन की उपार्जित अवकाश अग्रिम जमा किए जाते हैं परंतु असाधारण अवकाश पर रहने के दौरान उपार्जित अवकाश अर्जित नहीं होते हैं अतः असाधारण अवकाश पर रहने की स्थिति में उसके अवकाश लेखों में से अनुपातिक रूप से अवकाश कम कर दिए जाते हैं। Privilege Leave (PL) Rules And Forms
कर्मचारी के असाधारण अवकाश के अतिरिक्त अन्य प्रकार के अवकाश जैसे- रुपांतरित अवकाश, प्रसूति अवकाश, पितृत्व अवकाश आदि पर रहने की स्थिति में उस के खाते में से उपार्जित अवकाश कम नहीं किए जाएंगे।
3- किसी सरकारी कर्मचारी को एक बार में अधिकतम 120 दिवस तक का उपार्जित अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है। सेनेटोरियम / अस्पताल से टी.बी., कैंसर, कुष्ठ या मानसिक रोगों के इलाज के लिए 300 दिन तक का उपार्जित अवकाश एक बार में स्वीकार किया जा सकता है।
4-क - किसी कैलेंडर वर्ष की एक छमाही के बीच में सेवा में नियुक्त होने वाले कर्मचारी को उसके द्वारा की गई प्रत्येक पूर्ण माह की सेवा के लिए 2.5 दिन की PL जमा की जाएगी। भारतीय रिजर्व बटालियन में प्रतिनियुक्ति पर तैनात RAC के कार्मिक के लिए यह अवधि 3.5 दिन की होगी। Privilege Leave PL Rules And Forms
4-ख- इसी प्रकार किसी कैलेंडर वर्ष की छमाही के बीच में कर्मचारी की मृत्यु सेवानिवर्ति, त्यागपत्र, सेवा से हटाने, बर्खास्तगी आदि के कारण वह सेवा में नहीं रहे तो (1 जनवरी या 1 जुलाई से ऐसी घटना के घटित होने के माह के अंत तक प्रत्येक पूर्ण माह के लिए 2.5 दिन की PL उसके खाते में जमा रखी जाएगी। भारतीय रिजर्व बटालियन में प्रतिनियुक्ति पर तैनात RAC के कार्मिक के लिए यह अवधि 3.5 दिन की होगी। Privilege Leave (PL) Rules And Forms
नियम 91सेवा में रहते उपार्जित अवकाशों के एवज में नगद भुगतान
(1) नियम 91-A(1) के अनुसार एक राज्य कर्मचारी 1 अप्रैल से प्रारम्भ एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 15 दिनों का उपार्जित अवकाश एक बार में समर्पित करके उसके एवज में उतने दिनों का नगद भुगतान प्राप्त कर सकता हैं। लेकिन अस्थायी कर्मचारी को उपार्जित अवकाशों के एवज में नकद भुगतान तब तक स्वीकृत नहीं किया जायेगा जब तक कि वह 1 वर्ष की सेवा पूर्ण न कर लें। साथ ही उपार्जित अवकाश का नगद भुगतान केवल ऐसे सरकारी कर्मचारी को मिलेगा जिसने संबंधित वित्तीय वर्ष के भीतर इस निमित्त आवेदन किया है। यह प्रावधान वित्त विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ.1(12) वि.वि.(नियम) / 2005 दिनांक 18 जून 2010 से उसी दिन से प्रभावी किया गया है।
(2) समर्पित उपार्जित अवकाशों को किसी अवधि विशेष से संदर्भित नहीं किया/ जोडा जावेगा अपितु उन्हें उपार्जित अवकाश समर्पित करने के प्रार्थना-पत्र की दिनांक को कर्मचारी के उपार्जित अवकाशों के लेखों के शेष में नामे लिखा जावेगा। (3) जो प्राधिकारी उपार्जित अवकाश स्वीकृत करने को सक्षम हो, वहीं उपार्जित अवकाशों को समर्पित करने तथा उसके एवज में नगद भुगतान की स्वीकृति देने को सक्षम माने जावेंगे। Privilege Leave (PL) Rules And Forms
(4) समर्पित किए गए उपार्जित अवकाश के एवज में अवकाश वेतन का भुगतान सेवा नियम 97 के प्रावधानों के आधार पर किया जावेगा तथा उस वेतन के साथ उस दिन प्रभावी दरों पर महंगाई भत्ता दिया जाएगा ।अन्य भत्ते देय नहीं होंगे ।उक्त फलावट के परियोजनार्थ माह का अभिप्राय 30 दिवस से होगा। Privilege Leave PL Rules And Forms
नियम 91 ख सेवा निवृति पर खाते में शेष उपार्जित अवकाशों के बदले नगद भुगतान-
किसी कर्मचारी की सेवानिवृत्ति पर उस दिन उसके उपार्जित अवकाश के लेखों में बकाया (maximum 300 days) अवकाश के बदले में उनके समान अवकाश वेतन की राशि उसे दी जाएगी। परंतु जिन कर्मचारियों को राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के अधीन दंड (Penalty) के रूप में अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है उसे यह लाभ दें नहीं होगा।
सेवानिवृत्ति पर अनूपयोजित उपार्जित अवकाशों (Unutilized PL) के अवकाश वेतन का नगद भुगतान एक मुश्त एवं एक ही समय सेवानिवृत्ति पर किया जाएगा। Privilege Leave (PL) Rules And Forms
अनूपयोजित उपार्जित अवकाश के बदले में देय अवकाश वेतन की गणना कर्मचारी की सेवानिवृत्ति के दिन उसको प्राप्त वेतन की दर तथा उसी दिन लागू महंगाई भत्ते की दर के आधार पर की जाएगी। इसके साथ शहरी क्षतिपूरक भत्ता या मकान किराया भत्ता नहीं दिया जाएगा।
अनुपयोजित उपार्जित अवकाश के बदले में देय अवकाश वेतन की गणना के लिए सेवानिवृत्ति के दिन मासिक वेतन की दर तथा महंगाई भत्ते की प्रभावी दर को 30 से भाग देने पर प्राप्त राशि को कर्मचारी के अवकाश लेखों में बकाया उपार्जित अवकाशों की संख्या से गुणा किया जाता है।
5. कार्यालय अध्यक्ष सेवानिवृत्ति पर अनूपयोजित उपार्जित अवकाश के बदले नगद भुगतान की स्वीकृति देने तथा 300 दिन की सीमा तक एकमुश्त • भुगतान करने के लिए सक्षम है।
जिन कर्मचारियों को अधिवार्षिकी आयु (सेवा-निवृति आयु) के बाद सेवा वृद्धि स्वीकृत की जाती है उन्हें अनुपयोजित उपार्जित अवकाशों के बदले एकमुश्त नकद भुगतान सेवा वृद्धि की अवधि की समाप्ति पर अंतिम रूप से सेवानिवृत्त होने पर दिया जाएगा।
निलंबन अनुशासनिक या आपराधिक कार्यवाही लंबित रहते हुए अधिवार्षिकी आयु (सेवा-निवृति आयु) प्राप्त कर सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी कर्मचारी के प्रकरण में अवकाश स्वीकृति प्राधिकारी उपार्जित अवकाश के बदले नगद की संपूर्ण या आंशिक राशि को रोक सकेगा यदि उस की राय में कर्मचारी के विरुद्ध कार्यवाही समाप्त होने पर उससे कुछ राशि वसुली योग्य निकलने की संभावना हो । कार्यवाही समाप्त होने पर सरकारी देयताओं का समायोजन करने के बाद रोकी गई धनराशि का शेष भाग उस कर्मचारी को दिया जा सकेगा। Privilege Leave PL Rules And Forms
राजस्थान सरकार का निर्णय
संबंधित कर्मचारी से आवेदन पत्र प्राप्त होने पर सक्षम प्राधिकारी सेवानिवृत्ति तिथि से 1 माह पूर्व नगद भुगतान की स्वीकृति के आदेश जारी करेगा ताकि कर्मचारी को भुगतान में अनावश्यक विलम्ब से बचा जा सके, लेकिन यह भुगतान सरकारी कर्मचारी के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद ही किया जाएगा। नगद भुगतान स्वीकृत करने एवं सेवानिवृत्ति की वास्तविक तिथि के बीच की अवधि में साधारणतः कोई उपार्जित अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा।
यदि अत्यावश्यक परिस्थितियों में कोई अवकाश स्वीकृत किया जाए तो नगद भुगतान के लिए पूर्व में जारी किए गए आदेशों को भी सक्षम प्राधिकारी द्वारा संशोधित कर दिया जाएगा।
नियम 91 ग
1-सेवा में रहते हुए सरकारी कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में उसकी मृत्यु की तिथि को उसके उपार्जित अवकाश लेखे में शेष अवकाशों के बदले (maximum 300 days) नियम 97 के अनुसार स्वीकार्य अवकाश वेतन एवं महंगाई भत्ते की राशि के बराबर एक मुश्त राशि का भुगतान मृतक सरकारी कर्मचारी की विधवा या बच्चों को किया जाएगा। 2- मृतक सरकारी कर्मचारी के प्रकरण में परिवार पेंशन स्वीकृत करने हेतु सक्षम प्राधिकारी ही अवकाश के बदले देय एक मुश्त राशि स्वीकृत कर सकेगा। Privilege Leave (PL) Rules And Forms
कक्षा 12 के लिए राजीनीति विज्ञान के नोट्स शानदार सम्पूर्ण अध्याय क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
विश्राम कालीन विभागों के अधिकारियों पर लागू विशेष नियम-नियम 91 क
1-1- विश्रामकालिन विभाग में कार्यरत स्थाई या अस्थाई कर्मचारी को किसी कैलेंडर वर्ष, जिसमें व विश्रामकाल का पूर्ण उपभोग कर लेता है, के लिए उपार्जित अवकाश अग्रलिखित उपनियम (ii) के अनुसार दिए जाएंगे। 1-2- विद्यालयों, पॉलिटेक्निक संस्थाओं, महाविद्यालयों में अध्यापन करने वाले स्टाफ को एक कैलेंडर वर्ष में 15 दिन का उपार्जित अवकाश देय होगा। प्रत्येक कलेंडर वर्ष की समाप्ति पर ऐसे कर्मचारी के अवकाश लिखों में से 15 दिन का उपार्जित अवकाश जोड़ा जाएगा।
1-3-1 किसी कैलेंडर वर्ष के बीच में नियुक्त किए गए कर्मचारी को उस कैलेंडर वर्ष की समाप्ति के तुरंत पश्चात उसके द्वारा पूर्ण किए गए सेवा के प्रत्येक माह के लिए 1.25 दिन की दर से उपार्जित अवकाश जोड़ा जाएगा। 1-3-2 किसी कैलेंडर वर्ष के दौरान त्यागपत्र सेवा समाप्ति, मृत्यु या अधिवार्षिकी या अशक्तता के आधार पर सेवा से सेवानिवृत्त होने पर प्रत्येक पूर्ण माह के लिए 1.25 दिन की दर से उपार्जित अवकाश कर्मचारी के अवकाश लेखे में जोड़ा जाएगा। Privilege Leave PL Rules And Forms
2- विश्रामकालिन विभाग का कोई कर्मचारी यदि किसी कैलेंडर वर्ष में विश्रामकालों का उपभोग नहीं कर सके तो उसे अनूपयोजित विश्रामकालों (vacations) के बदले में 15 दिनों के अनुपात में उपार्जित अवकाश दिए जाएंगे। यदि किसी कैलेंडर वर्ष में वह विश्रामकालों का बिल्कुल उपभोग नहीं कर सके तो उसे उस वर्ष में विश्राम काल के बदले 15 दिन का उपार्जित अवकाश देय होगा। 3-1-उपरोक्त प्रावधानों के बावजूद सिविल न्यायालय के एक अधिकारी या कर्मचारी को एक कैलेंडर वर्ष में 12 दिन की ही उपार्जित अवकाश देय है। उनके उपार्जित अवकाश लेखों में प्रत्येक 1 जनवरी को 6 तथा 1 जुलाई को 6 उपार्जित अवकाश अग्रिम जमा किए जाते हैं।
3-3- जब सिविल न्यायालय का अधिकारी किसी कैलेंडर वर्ष की छमाही में असाधारण अवकाश पर रहता है तो असाधारण अवकाशों की संख्या का 10 वां भाग उसके उपार्जित अवकाश लेखो में से कम किया जाएगा, इसकी अधिकतम सीमा उस छमाही में 6 दिन होगी। 3-4- जिस कैलेंडर वर्ष में सिविल नयायालय का अधिकारी या कर्मचारी विश्राम काल का उपभोग नहीं कर सके उस वर्ष कुल विश्रामकाल की अवधि के बदले 18 दिनों के अनुपात में PL देय होंगे। Privilege Leave PL Rules And Forms
3-5- किसी कैलेंडर वर्ष की एक छमाही के बीच में सेवा से त्यागपत्र, सेवा समाप्ति, सेवा से निष्कासन / बर्खास्तगी, सेवा में रहते मृत्यु या सेवानिवृत्ति आदि के कारण सेवा में नहीं रहे तो कर्मचारी को एक जनवरी या एक जुलाई से उस घटना के घटित होने की तिथि वाले माह के अंत तक पूर्ण होने वाले प्रत्येक माह हेतु एक दिन का उपार्जित अवकाश देय होगा। Privilege Leave PL Rules And Forms
4- विश्राम काल ( vacations) का उपभोग किसी भी प्रकार के अवकाश के साथ एवं उनकी इन निरंतरता में किया जा सकता है। विश्राम काल तथा अवकाशों की अवधि दोनों मिलाकर कर्मचारी को सेवा नियम 91 के अनुसार एक समय में स्वीकृत किए जा सकने वाले उपार्जित अवकाश की संख्या से अधिक नहीं होनी चाहिए।
1-1- राज्य कर्मचारी को प्रत्येक पूर्ण वर्ष की सेवा पर 20 दिन का अर्द्ध-वेतन अवकाश प्राप्त होगा। 1-2-कर्मचारी को देय अर्द्ध-वेतन अवकाश चिकित्सा-प्रमाण पत्र या निजी कारणों से स्वीकृत किए जा सकते हैं।
2-एक स्थाई कर्मचारी उसको देय अर्द्ध-वेतन अवकाशों की आधी संख्या तक रुपांतरित (commuted) अवकाश अपनी स्वयं की बीमारी के आधार पर स्वीकृत करा सकता है (अर्द्ध-वेतन अवकाशों का आधी संख्या में पूर्ण वेतन पर रूपान्तरण)। इसके लिए कर्मचारी को एक प्राधिकृत चिकित्सक से रोग प्रमाण-पत्र (sickness certificate) प्राप्त कर प्रस्तुत करना होगा। रुपांतरित अवकाश स्वीकृति की शर्तें-
1- कर्मचारी को रूपांतरित अवकाश स्वीकृत करने पर उसके अवकाश लेखों से दुगुनी संख्या में अर्द्ध- वेतन अवकाश घटा (debit) दिए जाएंगे।
2-1 अवकाश स्वीकृतिकर्ता अधिकारी को इस बात से संतुष्ट होना चाहिए कि अवकाश समाप्ति पर उस कर्मचारी के सेवा पर उन्हें उपस्थित होने की पूर्ण संभावना है।
2-2 देय अर्द्ध-वेतन अवकाशों में से 180 दिन तक के अर्द्ध-वेतन अवकाशों को एक समय में चिकित्सक के प्रमाण पत्र के बिना, सार्वजनिक हित में अनुमोदित पाठ्यक्रम के लिए, रुपांतरित अवकाश के रूप में स्वीकृत किया जा सकता है।
3- किसी स्थाई कर्मचारी को अदेय अवकाश (Leave not due) स्वीकृत किए जाने की शर्तें इस प्रकार है:
13-1- अवकाश स्वीकृत करने वाला प्राधिकारी संतुष्ट हो कि वह कर्मचारी अदेय अवकाशों की समाप्ति के बाद सेवा पर पुनः उपस्थित हो जाएगा.
3-2- अदेय अवकाशों की संख्या उस अनुमानित संख्या तक ही होनी चाहिए
3-2- अदेय अवकाशों की संख्या उस अनुमानित संख्या तक ही होनी चाहिए जो कर्मचारी द्वारा अवकाश से लौटकर अर्द्ध-वेतन अवकाश के रूप में अर्जित की जा सके,
3-3- कर्मचारी के संपूर्ण सेवा काल में अधिकतम 360 दिन का अदेय अवकाश दिया जा सकेगा। एक बार में 90 दिन तक तथा चिकित्सा प्रमाण- पत्र के आधार के अतिरिक्त अन्य आधार पर 180 दिन तक का ही अदेय अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा। 3-4-अदेय अवकाश करमचारी के अर्द्ध-वेतन अवकाश के खाते में डेबिट किए जाएंग तथा उन्हें कर्मचारी द्वारा भविष्य में अर्जित किए जाने वाले अर्द्ध-वेतन अवकाश से समायोजित किया जाएगा।
4- एक कर्मचारी जिसे संबंधित सेवा नियमों के अंतर्गत अथवा सेवा नियम नहीं होने पर सक्षम राजकीय आदेश के अंतर्गत अस्थाई रूप से नियुक्त किया गया है तथा जो उस पद की शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव की पात्रता पूर्ण करता है, उसे 3 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के पश्चात रुपांतरित अवकाश तथा अदेय अवकाश स्वीकृत किए जा सकेंगे
5-यदि किसी कर्मचारी को रूपांतरित अवकाश अथवा अदेय अवकाश स्वीकृत किया गया हो और उसकी सेवा में रहते हुए मृत्यु हो जाए अथवा उसे राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1996 के नियम 35 के अंतर्गत असमर्थता के आधार पर सेवानिवृत कर दिया जाए तो अवकाश वेतन संबंधी कोई वसूली नहीं की जाएगी। अन्य मामलों जैसे त्यागपत्र, स्वैच्छिक सेवानिवृति, सेवा से निष्कासन या बर्खास्तगी आदि में अवकाश वेतन की नियमानुसार वसूली की जाएगी।
उपार्जित अवकाश के बारे में सामान्य जानकारी
एक सरकारी कर्मचारी को एक कैलेंडर वर्ष में 30 दिन का उपार्जित अवकाश (Privilege Leave) देय होता है।
एक कर्मचारी अपने अवकाश लेखो में अधिकतम 300 उपार्जित अवकाश अंकित कर सकता है ।
किसी सरकारी कर्मचारी को एक बार में अधिकतम 120 दिन तक का उपार्जित अवकाश (Privilege Leave) स्वीकृत किया जा सकता है l टी बी, कैंसर, कुष्ठ जैसे रोगों इलाज के लिए 300 दिन तक का उपार्जित अवकाश एक बार में स्वीकृत किया जा सकता है।
किसी कैलेंडर वर्ष की एक छह माही के बीच सेवा में नियुक्त होने वाले कर्मचारी को उसके द्वारा की गई प्रत्येक एक माह की पूर्ण सेवा के लिए २.5 दिन का उपार्जित अवकाश जमा किया जाएगा l इसी प्रकार किसी कर्मचारी की किसी कैलेंडर वर्ष की एक छह माही के बीच मृत्यु, पद त्याग, बर्खास्तगी की स्थिति में कर्मचारी को उसके द्वारा की गई प्रत्येक पूर्ण एक माह की सेवा के लिए २.5 दिन का उपार्जित अवकाश जमा किया जाएगा । Privilege Leave (PL) Rules And Forms
राजस्थान सिविल सेवा [पद भार ग्रहण काल] नियम १९८१ के नियम ५४ के अनुसार पद भार ग्रहण कल का पूर्ण उपयोग किये बिना ही जब कोई कर्मचारी अपने नवीन पद पर कार्य ग्रहण कर लेता है तो अनुपियोजित पद भार ग्रहण काल से सामान संख्या में अधिकतम 15 उपार्जित अवकाश उसके लेखो में जोड़ दिए जायेंगे लेकिन ऐसे उपार्जित अवकाश (Privilege Leave) को जोड़ने पर कर्मचारी के अवकाश का अधिकतम बैलेंस 300 से ज्यादा नहीं होगा ।
एक राज्य कर्मचारी प्रत्येक वर्ष में एक बार अधिकतम 15 दिनों का उपार्जित अवकाश समर्पित कर उनके बदले नकद भुगतान प्राप्त कर सकता है [ नियम 91क ] परन्तु किसी अस्थाई कर्मचारी को एक वर्ष की सेवा पूर्ण करने से पूर्व उपार्जित अवकाश के नकद भुगतान की स्वीकृति नहीं दी जाएगी । Privilege Leave (PL) Rules And Forms
समर्पित उपार्जित अवकाश के नकद भुगतान पर कर्मचारी को उस दर से वेतन तथा भत्ते दिए जायेंगे जो अवकाशों के समर्पण का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने की तिथि को प्रभावी थे ।
अवकाश वेतन तथा भत्तों की गणना के लिए माह का तात्पर्य 30 दिन से है ।
किसी कर्मचारी की सेवा निवृति पर उस दिन उसके अवकाश लेखों में बकाया अवकाशो के बदले उनके समान अवकाश वेतन की एकमुश्त राशि दी जाएगी लेकिन जिन कर्मचारियों को दंड स्वरुप अनिवार्य सेवा निवृति दी गई है उन्हें यह लाभ देय नहीं है l सेवा निवृति पर उपार्जित अवकाशों के नगद भुगतान पर के माह के 30 दिन मान कर नकद भुगतान की गणना की जाती है।
शीतकालीन अवकाश, मध्यावधि अवकाश ग्रीष्मावकाश में कार्य करने एवं प्रशिक्षण में भाग लेने के एवज में प्रति 3 दिन पर एक दिन का उपार्जित अवकाश (Privilege Leave) कर्मचारी के लेखे में जोड़ा जायेगा परन्तु एक कैलेंडर वर्ष में 30 दिन से अधिक अवकाश कदापि नहीं जोड़े जायेंगे lपरन्तु स्थानान्तरण पर देय योग काल का उपभोग नही करने पर जुड़ने वाले उपार्जित अवकाश अतिरिक्त होंगे । अवकाश का उपभोग करने पर एक दिन में एक उपार्जित अवकाश कम किया जायेगा ।
विद्यालयों में अध्यापन कराने वाले शिक्षकों को एक कैलेंडर वर्ष में 15 उपार्जित अवकाश (Privilege Leave) देय होगा। किसी कैलेंडर वर्ष की एक छह माही के बीच सेवा में नियुक्त होने वाले शिक्षक को उसके द्वारा की गई प्रत्येक एक माह की पूर्ण सेवा के लिए 1.25 दिन का उपार्जित अवकाश जमा किया जाएगा ।
सरकार द्वारा स्थानान्तरण किये जाने पर एक हजार कि.मी. तक की दूरी वाले स्थान पर कार्यग्रहण करने हेतु 10 दिनों का योगकाल देय है जिसका उपभोग नहीं करने पर निर्धारित प्रारुप में इसके बदले 10 पी. एल. सेवा पुस्तिका में जुड़ाने हेतु आवेदन करना चाहिये । यह अवकाश आहरण एवं वितरण अधिकारी द्वारा स्वीकृत किया जाता है। उपार्जित अवकाश का उपभोग करने के बाद कार्य ग्रहण हेतु प्रार्थना पत्र देना चाहिये । Privilege Leave (PL) Rules And Forms
सेवानिवृति पर पी. एल. का नकद भुगतान = सेवा निवृत्ति के दिन देय वेतन (मय डीपी व डी. ए. )/30 x उपार्जित अवकाश बकाया दिन
1-A Government servant may opt for credit of privilege leave into their privilege leave account on the basis of monthly credit as is allowed in the case of Government servants appointed during the calendar year. The rate of credit of privilege leave into privilege leave account on monthly basis is given below: —
Category of Government servants
Rate of credit of P.L, per month.
(1)Government servants who are entitled for 30 days privilege leave in a calendar year
2.5 days
(2) R.A.C. personnel
3.5 days
(3) Staff of Courts
1 day.
2- In case of resignation, termination, discharge, removal or dismissal from service or death while in service or on retirement from service the privilege leave shall be reckoned with effect from 1st January or 1st July as the case may be in the half year of occurrence of the event and credited to his leave account at the rate of 2.5 days or 3.5 days in case of R.A.C.
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Latest MACP Office Order and Arrear Sheet : नमस्कार, शिक्षक साथियों। इस आर्टिकल के में हम आपके लिए MACP (एमएसपी) से रिलेटेड महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर ARREAR SHEET ओर MACP (एमएसपी) से संबंधित महत्वपूर्ण आदेश और सर्कुलर (MACP Office Order) लेकर आए हैं। हमें उम्मीद है कि ये आपके लिए फायदेमंद होंगे | आपसे आग्रह है कि आप इस आर्टिकल को अपने शिक्षक साथियों, कार्यालय कर्मचारियों और आहरण वितरण अधिकारियों को शेयर करेंगे ताकि उनको भी Latest MACP Office Order and Arrear Sheet की महत्वपूर्ण जानकारी मिल सके और इस महत्वपूर्ण जानकारी का वो उपयोग कर सकें।
सम्मानित शिक्षक साथियों हम यहाँ पर हमारे कुछ महत्वपूर्ण एक्सेल शीट बनाने वाले एक्सपर्ट साथियों के एक्सेल प्रोग्राम की लिंक आपसे साझा कर रहे हैं उम्मीद है आप अपनी जरूरत के अनुसार एक्सेल सीट प्रोवाइड करवाने वाले एक्सेल शीट एक्सपर्ट के नाम पर क्लिक करें। अपनी एक्सेल शीट या ऑर्डर्स अथवा अन्य जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।
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VICE PRINCIPAL JOB CHART / उपप्रधानाचार्य के कार्य और दायित्व जॉब चार्ट निर्धारण:- उपप्रधानाचार्य का जॉब चार्ट निर्धारण शासन उप सचिव प्रारंभिक शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार जयपुर के पत्र क्रमांक प 22(6)/ शि-क्षा-1/ उपप्रधानाचार्य / 2021 -02907 जयपुर दिनांक 22-07-2022 के तहतउपप्रधानाचार्य का जॉब चार्ट निर्धारण के अनुमोदित जॉब चार्ट अनुसार दायित्व निर्धारित किए जाते हैं।
VICE PRINCIPAL JOB CHART / उपप्रधानाचार्य के कार्य और दायित्व
उप प्रधानाचार्य (एल - 14 ) पद के उत्तरदायित्व एवं कार्य निर्धारण
शिक्षा की गुणवत्ता के मद्देनजर शैक्षिक परिवीक्षण तंत्र को सृदृढ़ करने एवं शिक्षा प्रशासन का शैक्षिक कार्यों के सुचारू संचालन एवं संचालन में कार्य कुशलता अभिवृद्धि की प्रत्याशा हेतु राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में राजस्थान शिक्षा (राज्य एवं अधीनस्थ सेवा (दूसरा संशोधन) नियम–2022 में संवर्गित उप प्रधाचार्य पद हेतु पद के दायित्व, मानदण्ड एवं कार्य निर्धारण किया जाता है। विद्यालय के समस्त प्रशासनिक निर्णय हेतु प्राचार्य दायित्वबद्ध रहेंगे। प्राचार्य के सहयोग हेतु उक्त तथ्यों के मद्देनजर उप प्राचार्य विद्यालय में कार्यरत प्राचार्य के नियंत्रण/मातहत रहते हुए विद्यालयों के अपेक्षित कार्यों में से VICE PRINCIPAL JOB CHART / उपप्रधानाचार्य के कार्य और दायित्व को निम्नलिखित दायित्व दिये जाते है :-
कम से कम 18 कालांश प्रति सप्ताह का शिक्षण |
प्राचार्य की अनुपस्थिति ( पद रिक्त / अवकाश / यात्रा ) की स्थिति में कार्यवाहक प्राचार्य के रूप में विद्यालय के संचालन के समस्त दायित्वों का निर्वहन ।
नामांकन कार्य व नामांकन लक्ष्यों की पूर्ति एवं ठहराव सुनिश्चित करते हुए विद्यालय क्षेत्राधिकार में ड्रॉप आउट को शून्य स्तर पर लाना।
प्रवेश सम्बन्धी सम्पूर्ण प्रक्रिया का संचालन एवं प्रवेश सम्बन्धी अभिलेख / शाला दर्पण अपडेशन पूर्ण करवाना।
विद्यालय समय सारणी (कक्षावार - शिक्षकवार) का निर्माण करना एवं उसकी पालना करवाना।
विद्यालय योजना का निर्माण करना, SDMC से अनुमोदन करवाना एवं उसकी पालना करवाना ।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन एवं प्रबोधन ।
प्रतिमाह कक्षा, शिक्षण एवं गृहकार्य का परिवीक्षण (प्रति तीन माह में प्रत्येक शिक्षक के दो घोषित व दो अघोषित) ।
स्थानीय परीक्षा/सामयिक परखों का संचालन |
शिक्षकों की दैन्दिनी (डायरी) का अवलोकन एवं सत्यापन ।
धूम्रपान निषेध अधिनियम ( COTPA) के तहत विद्यालय परिसर के 100 मीटर परिधि के क्षेत्र में धूम्रपान मुक्त क्षेत्र बनाए रखने की सुनिश्चितता एवं वृक्षारोपण, स्वच्छ भारत, सेनेटरी नेपकिन योजना, शाला स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी कार्यों के पदेन प्रभारी रहेंगे तथा इन कार्यक्रमों के प्रावधानों की विद्यालय में लागू करने हेतु प्राचार्य को आवश्यक सहयोग प्रदान करना।
कक्षा– 5, 8, 10 एवं 12 की बोर्ड परीक्षा परिणाम उन्नयन हेतु कार्य योजना बनाना एवं उसकी क्रियान्विति के लिए प्राचार्य का सहयोग करना।
कक्षा– 5 व 8 के परीक्षा परिणाम हेतु उत्तरदायी रहेंगे।
विभाग द्वारा समय-समय पर आयोज्य विभिन्न प्रतियोगिताओं हेतु पूर्व तैयारी व उनके क्रियान्वयन का कार्य करना ।
विभिन्न अकादमिक प्रतियोगिताओं यथा1- विज्ञान मेला, कला उत्सव, बोर्ड सृजनात्मक प्रतियोगिताएं प्रतिभा खोज परीक्षाएं; NMMS स्कॉलरशीप परीक्षा, इन्सपायर अवार्ड, वार्षिक उत्सव, बाल सभा व विभाग द्वारा समय-समय पर आयोज्य / निर्देशित विभिन्न गतिविधियों / क्रियाकलापों इत्यादि में विद्यालय के विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करना।
मिड-डे-मिल के तहत पोषाहार वितरण सम्बन्धी गतिविधियों का संचालन हेतु पदेन प्रभारी होंगे ।
विभाग द्वारा ऑन लाईन पोर्टल शाला दर्पण अपडेशन, ऑनलाईन उपस्थिति, छात्रवृति पोर्टल एवं अन्य समस्त ऑन लाईन कार्य हेतु प्रभारी ।
जो विद्यालय दो पारी में संचालित है, उन विद्यालयों में उप प्रधानाचार्य द्वितीय पारी (जिस पारी में कक्षा 5वीं एवं 8वीं का संचालन किया जा रहा हैं) के पदेन प्रभारी रहेंगे।
विद्यालय के कार्मिकों / शिक्षकों के आकस्मिक अवकाश स्वीकृत कर सकेंगे ।
SDMC में सदस्य के रूप में कार्य करते हुए बैठकों के आयोजन एवं उनमें पारित निर्णयों की पालना व रिकार्ड संघारण का कार्य करना ।
प्राचार्य एवं उच्चाधिकारियों द्वारा समय-समय पर सौंपे गए समस्त कार्य करना ।
कनिष्ठ व पंचायत शिक्षक और पाठशाला व विद्यालय सहायक का जॉब चार्ट निर्धारण:-CLICK HERE