SNA वित्तीय वर्ष 2023-24 में जारी “SNA” लिमिट का उपयोग कैसे करें / HOW TO USE SNA LIMIT : नमस्कार दोस्त इस आर्टिकल के अंदर हम आपको विस्तार से जानकारी उपलब्ध करवा रहे हैं कि वित्तीय वर्ष 2023 24 में जारी SNA में लिमिट का उपयोग हमें किस प्रकार करना है | बाल समारोह या सामुदायिक जागृति दिवस हो अथवा एसएमसी एसडीएमसी प्रशिक्षण हो या स्पोर्ट्स ग्रांट हो इन सभी HOW TO USE SNA LIMIT का योजना संचालन पोर्टल पर किस प्रकार उपयोग करना है, कौन कौन सी सामग्री लानी है|
इसके साथ किस प्रकार का बिल बनेगा और उसका संदर्भ आदेश कौनसा है, इन सभी की जानकारी इस आर्टिकल में है| उम्मीद है आर्टिकल आपको पसंद आएगा और आप अपने मित्रों शिक्षक साथियों तक शेयर करेंगे |
SNA वित्तीय वर्ष 2023-24 में जारी “SNA” लिमिट का उपयोग कैसे करें / HOW TO USE SNA LIMIT
SNA वित्तीय वर्ष 2023-24 में जारी “SNA” लिमिट का उपयोग कैसे करें / HOW TO USE SNA LIMIT
बाल समारोह
विवरण- प्रत्येक विद्यालय के लिए 250 रूपए की लिमिट जारी,आदेशानुसार प्रति वर्ष 14 नवम्बर (बाल दिवस) को बच्चों के तीन समूह बनाकर उनके अभिभावकों के समक्ष a. सांस्कृतिक, b. खेलकूद तथा C. साहित्यिक आदि तीन प्रतियोगिताएँ करवाना तथा प्रत्येक प्रतियोगिता में प्रथम तीन स्थान पर आने वाले बालकों को 25-25 रूपए के मोमेंटो/प्रतीक चिह्न प्रदान करना है, कुल 9 बालक (3 X3 = 9 ) [225 रू (मोमेंटो) + 25 (विविध) = 250 रू ]
CONPONENT:- प्रा. शिक्षा – “Community Mobilization (Elementry)”, मा. शिक्षा – “Community Mobilization (Secondary)” | SNA
नोट:- बिल मोमेंटो / प्रतीक चिह्न (स्टेशनरी) का बनेगा |
[ संदर्भ:-राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् का आदेश क्रमांक- 3458, 26/07/2023]
समुदाय जागृति दिवस
विवरण- प्रत्येक विद्यालय को 300 रूपए की लिमिट जारी, 16 अगस्त,2023, 14 अक्टूबर, 2023, 10 जनवरी, 2024 (संशोधित) में तीन बैठकें बुलायी जानी है, उन्ही के साथ बाल विवाह, बाल श्रम, बालिका शिक्षा, स्वच्छता इत्यादि विषयों पर तीन “सामुदायिक जागृति दिवस” मनाए जाने है, प्रत्येक बैठक में “सर्वाधिक उपस्थिति” वाले पांच-पांच बालकों को 100 रूपए (5 बालक X 20 रू) का पुरस्कार देना है, [5×3 = कुल 15 बालक] |
नोट:- 300 रूपए (15 बालक X 20 रू) का बिल स्टेशनरी (रजिस्टर, ड्राइंग बॉक्स, पेन, पेंसिल आदि ) का बनाना है |
COMPONENT- प्रा. शिक्षा – “Community Mobilization (Elementry)”, मा. शिक्षा“Community Mobilization (Secondary)” | SNA
[ संदर्भ :- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् का आदेश क्रमांक- 3256, 21/07/2023]
कक्षा 10 के लिए सामाजिक अध्ययन तीन पार्ट में उपलब्ध शानदार सम्पूर्ण अध्याय के क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
विवरण- प्रत्येक विद्यालय को 250 रूपए की लिमिट जारी, “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” कार्यक्रम के तहत् बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु समुदाय जागृति कार्यक्रम व रैली का आयोजन करना तथा पोस्टर का निर्माण कर सार्वजानिक स्थल पर चिपकाना है, इस हेतु जुलाई, 2023 में SDMC/SMC की बैठक बुलाई गई थ“” :- HOW TO USE SNA LIMIT
नोट :- राशि का व्यय कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार हेतु पोस्टर, कलर पेन, तख्तियों पर स्लोगन, छोटे बोर्ड आदि में किया जाएगा | बिल – स्टेशनरी का बनाना है |
COMPONENT:- प्रा. शिक्षा – “Community Mobilization (Elementry)”, मा. शिक्षा- “Community Mobilization (Secondary)” | SNA
[ संदर्भ:- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् का आदेश क्रमांक – 2000, 20/06/2023]
SDMC/SMC ट्रेनिंग
विवरण – PEEO स्तर पर 2 दिवसीय गैर आवासीय ट्रेनिंग, प्रत्येक विद्यालय से 6 सदस्य (5 कार्यकारिणी सदस्य + 1 जन प्रतिनिधि ) संभागी भाग लेंगे | पीईईओ स्तर हेतु जारी कुल राशि= कुल संभागी X 460 रू (प्रति व्यक्ति औसत राशि) नोट :- राशि का व्यय प्रतिदिन प्रति संभागी 140 रूपए नकद (भोजन औरकिराये बाबत ), 40 रूपए जलपान, चाय, नाश्ता बाबत, 400 रूपए प्रति दक्ष प्रशिक्षक (कुल 2) मानदेय, 550 रूपए व्यवस्था हेतु विविध खर्चा, 150 रूपए व्यवस्थापक मानदेय प्रतिदिन आदि | HOW TO USE SNA LIMIT
COMPONENT:- प्रा. शिक्षा – “Training of SMC / SDMC (Elementary)”, मा. शिक्षा- “Training of SDMC (Secondary)” | *SNA
[ संदर्भ:- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् का आदेश क्रमांक – 3502, 27/07/2023 ]
विवरण प्रत्येक विद्यालय के लिए 585 रूपए की लिमिट जारी, विद्यालय में अध्यापक और अभिभावकों के मध्य जुड़ाव व सेतु के रूप में तथा बच्चों के ठहराव में सहयोग हेतु नियुक्त 10 से 20 Volunteers की एक दिवसीय गैर आवासीय ट्रेनिंग |
नोट:- राशि का व्यय – दक्ष प्रशिक्षक का मानदेय 300 रूपए, जलपान, चाय, नाश्ता हेतु 200 रूपए, अन्य विविध खर्चा 85 रूपए, कुल योग 585 रूपए | *
COMPONENT:- प्रा. शिक्षा – “Community Mobilization(Elementary)”, मा. शिक्षा- “Community Mobilization (Secondary)” | SNA
[ संदर्भः- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् का आदेश क्रमांक- 3030, 17/07/2023 ]
स्पोर्ट्स ग्रांट
विवरण- बच्चों के शारीरिक व सर्वांगीण विकास हेतु प्रा.वि हेतु 5000 रू, उ. प्रा. वि. हेतु 10,000 रू तथा उ. मा. वि. हेतु 25,000 रू की लिमिट जारी, * ‘नोट :- राशि का व्यय – बच्चों की आवश्यकता व वर्ग वाईज सूची के अनुसार करें
COMPONENT- प्रा. शिक्षा – “Sports and Physical Education (Elementary)”, मा. शिक्षा- “Sports and Physical Education (Upto Highest Class 12th)” | SNA
[ संदर्भ :- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् का आदेश क्रमांक- 1840, 13/06/2023]
यूथ एवं ईको क्लब
विवरण- प्रा. वि. – 5000 रू, उ.प्रा.वि.- 10000 रू, उ. मा. वि. हेतु 15000 रू की लिमिट जारी | बच्चों में जीवन जीने का कौशल, आत्मविश्वास, पर्यावरण के प्रति जागरूकता आदि विकसित करने तथा तनाव, भय को दूर करने हेतु एक “यूथ क्लब” की स्थापना करना | कक्षा 1 से 8 तक तथा 9 से 12 तक पृथक्-पृथक् पाँच-पाँच सदन “पृथ्वी, जल , वायु, आकाश व अग्नि” का गठन कर विभिन्न प्रतियोगिताएँ करवाना | HOW TO USE SNA LIMIT
‘नोट:- राशि का व्यय – विद्यालय के मुख्य द्वार पर “4 ft x 2.5 ft” का एक बोर्ड ( “यूथ एवं ईको क्लब, समग्र शिक्षा राजस्थान ” नाम युक्त), वृक्षारोपण, ट्री गार्ड,बागवानी हेतु उपकरण किट, फावड़ा, खुरपी, कुदाली, पाईप, बाल्टी, डस्टबिन, शौचालय और मूत्रालय की सफाई हेतु उपकरण, पर्यावरण जागरूकता हेतु दीवार पर पेंटिंग व स्लोगन, बच्चों की ऊँचाई मापने और भार तोलने की मशीन, बच्चों में प्रतियोगिता हेतु स्टेशनरी आदि के क्रय में |
COMPONENT:- प्रा. शिक्षा – “Youth and Eco Club (Elementary)”, मा. शिक्षा“Youth and Eco Club” | *SNA
[ संदर्भः- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् का आदेश क्रमांक- 1882, 14/06/2023]
विवरण – नामांकन के आधार पर जारी लिमिट-10,000 रू, 25,000 रू, 50,000रू, 75,000 रू, 1,00,000 रू आदि,
नोट:- राशि का व्यय दरी, स्टेशनरी, पेयजल, विद्युत् व्यय, पंखा, झाड़ू, मटका, बाल्टी, प्रतियोगिताएँ, खेल, लैब, प्रयोगशाला, चॉक, डस्टर, समाचार पत्र (अनिवार्य), TLM, भवन मरम्मत, रंग-रोगन आदि के क्रय में |
* नोट:- “स्वच्छता एक्शन प्लान” के तहत् राशि का कम से कम 10% व्यय साफ-सफाई (शौचालय-मूत्रालय आदि) में होना चाहिए तथा ध्यान दें, कि फर्नीचर क्रय और उत्सव मनाने में व्यय नहीं करना है ।
COMPONENT :- प्रा. शिक्षा – “Composite School Grant(Elementary)”, मा. शिक्षा- “Composite School Grant” | SNA
[ संदर्भ:- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् का आदेश क्रमांक- 1966, 16/06/2023]
CRC ( संकुल संदर्भ केंद्र ) ग्रांट
विवरण – केवल PEEO/CRC स्कूल हेतु 22000 रू की लिमिट जारी. HOW TO USE SNA LIMIT
नोट:- राशि का व्यय-
A. “Contingency/कन्टेंजेंसी ग्रांट” :- 15000रू, वर्ष भर समसा कार्यों के निष्पादन हेतु हेतु स्टेशनरी, फोटोकॉपी, दूरभाष, ऑनलाइन कार्य शालादर्पण, शालासिद्धि आदि हेतु, नोट:- बिल A4 रिम, प्रिंटर स्याही, रजिस्टर, फाइल, पेन, नेट रिचार्जिंग आदि का बनेगा |
B. मीटिंग व T.A. ग्रांट :- 5000 रू – वर्ष भर समय-समय पर CRC (PEEO) स्तर पर शैक्षिक नवाचार व कार्यशाला हेतु अधीनस्थ विद्यालयों के संस्था प्रधान व स्टाफ सदस्यों की मीटिंग के आयोजन हेतु, नोट:- बिल अल्पाहार – चाय, नाश्ता, पेयजल तथा अधीनस्थ विद्यालय के संभागियों हेतु नियमानुसार TA का बिल बनेगा, नोट:- ध्यान दें, कि यह TA राशि PEEO साहब हेतु नहीं है |
C. “TLM ग्रांट”:- स्वयं व अधीनस्थ विद्यालयों हेतु विज्ञान, गणित, S. St. आदि विषयों के शिक्षकों द्वारा शिक्षण अधिगम सामग्री के निर्माण हेतु चार्ट, मॉडल, मानचित्र,कलर पेन,थर्माकोल आदि स्टेशनरी का बिल बनेगा |
D. “मोबिलिटी सपोर्ट ग्रांट” :- 1000 रू, PEEO साहब द्वारा अधीनस्थ विद्यालयों के अवलोकन हेतु TA बिल बनेगा | नियमानुसार TA दर 9 रू/किमी (फोर व्हीलर) व 3 रू/किमी ( टू व्हीलर) है।
COMPONENT:- “Mobility Support for CRC (CRC Mentoring of School and Teachers)” | *SNA
[ संदर्भ:- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् का आदेश क्रमांक -1967, 16/06/2023]
रानी लक्ष्मीबाई आत्म रक्षा प्रशिक्षण
विवरण – कक्षा 6 से 12 तक की बालिकाओं को आत्म रक्षा तकनीक में प्रशिक्षित करने बाबत सक्षम अभियान (आत्म रक्षा प्रशिक्षण ) संचालित, इसके तहत् कक्षा 6 से 8 तथा कक्षा 9 से 12 हेतु पृथक्-पृथक् समूह बनाकर महिला शारीरिक शिक्षक द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा |
प्रत्येक उ.प्रा.वि. तथा उ.मा.वि. स्कूल हेतु 2700 रू की लिमिट जारी,
नोट:- राशि का व्यय- 2000रू का प्रशिक्षण के दौरान अल्पाहार, 700 रू- पोस्टर, बैनर व बालिकाओं हेतु प्रमाण पत्र आदि में |
COMPONENT:- प्रा. शिक्षा – “Self Defence Training for Girls (Elementary)”, मा. शिक्षा- “Project-Girl Empowerment(Secondary)” | * SNA
[ सन्दर्भः- राजस्थन स्कूल शिक्षा परिषद् का आदेश क्रमांक: 3240, दिनांक 21/07/2023 ] Meet(पूर्व विद्यार्थी सम्मलेन) का भी आयोजन करना है|
वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह
विवरण- सत्र पर्यंत शैक्षिक व सह शैक्षिक गतिविधियों में तथा गत सत्र में बोर्ड कक्षाओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बालकबालिकाओं को प्रोत्साहित करने व भामाशाहों से सहयोग प्राप्त करने हेतु 10 जनवरी से 30 जनवरी,2024 के मध्य करवाया जाना है तथा बोर्ड में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों का नाम सूचना पट्ट पर अंकित करवाया जाना है HOW TO USE SNA LIMIT
प्रा.वि. और उ.प्रा.वि. हेतु 5,000 रू तथा उ.मा.वि. हेतु 10,000 रू की लिमिट जारी | * नोट:- राशि का व्यय- स्टेशनरी बच्चों के पुरस्कार हेतु मोमेंटो, शील्ड, रजिस्टर, पेन-पेंसिल आदि तथा बैठक व्यवस्था हेतु टेंट, साउंड सिस्टम, जलपान तथा कार्यक्रम के प्रचार हेतु मुद्रण कार्य आदि |
[ संदर्भ:- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् का आदेश क्रमांक-1954, 16/06/2023] 12.
बालिका सशक्तिकरण व जीवन कौशल विकास कार्यक्रम
A. “मीना-राजू मंच व गार्गी मंच” :- विवरण- सभी उ.प्रा.वि. व उ.मा.वि. में मीना-राजू मंच में कक्षा 6 से 8 तक प्रत्येक कक्षा से 3 बालिका व 2 बालक, कुल 15 बच्चे तथा गार्गी मंच में कक्षा 9 से 12 तक प्रत्येक कक्षा से 3 बालिका व 2 बालक, कुल 20 बच्चे चयनित तथा शेष सभी बच्चे इसके सदस्य होंगे| मीना और राजू बच्चों के जीवन कौशल विकास हेतु रचित कहानियों के दो पात्र हैं, वर्ष में इनके कुल 12-12 सत्र आयोजित किये जाते हैं |
राशि – 500 रू, मीना-राजू व गार्गी मंच की गतिविधियाँ करवाने तथा कोर्नर की स्थापना हेतु,
‘नोट:- बिल स्टेशनरी का बनेगा, रजिस्टर, पेन, चार्ट, कलर पेन, मीना-राजू मंच की अध्ययन सामग्री आदि का |
B. “किशोरी शैक्षिक उत्सव (मेला) ” :- विवरण- आदेशानुसार अगस्त, 2023 में PEEO/CRC स्तर पर किशोरी मेले (स्टॉल) का आयोजन किया जाना था| प्रारंभिक व माध्यमिक दोनों श्रेणियों में अलग-अलग तीन जोन प्रथम- “हिंदी/अंग्रेजी”, द्वितीय“विज्ञान/गणित” तथा तृतीय- “सामाजिक विज्ञान / समसामयिक परिप्रेक्ष्य में” के अंतर्गत गतिविधि करवाना तथा प्रथम तीन स्टॉल/प्रस्तुति को प्रशस्ति पत्र देना | एकल प्रस्तुति में केवल बालिकाएं, जबकि सामुहिक प्रस्तुति में बालक-बालिकाएं दोनों भाग ले सकते हैं।
नोट:- राशि का व्यय – स्टॉल हेतु स्टेशनरी यथा मॉडल, चार्ट, पोस्टर, कलर पेन, बच्चों हेतु पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र, अन्य मेले की व्यवस्था बाबत, नोट:- बिल स्टेशनरी का बनेगा|
COMPONENT :- प्रा. शिक्षा – “Special Project for Equity (Elementary)”, मा. शिक्षा- “Special Project for Equity” | SNA
[ संदर्भ:- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् का आदेश क्रमांक- 3297, 24/07/2023 ]
कक्षा 12 के लिए राजीनीति विज्ञान के नोट्स शानदार सम्पूर्ण अध्याय क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
सुरक्षित विद्यालय वातावरण निर्माण (Fund for Safety and Security Activities)
विवरण- सुरक्षा कार्यक्रम के मुख्य स्तम्भ “आपदा जोखिम में कमी”, “बाल सरक्षण”, “स्वास्थ्य और स्वच्छता”, “पर्यावरण व मनोसामाजिक पहलू” आदि के मद्देनजर विद्यालय में कक्षा समूह 4-5, 6-8, 9-10, 11-12 आदि सभी में से विद्यार्थियों का चयन करते हुए 25 सदस्यीय “चाइल्ड राइट क्लब” का गठन करना तथा एक अध्यापक को “बाल सरंक्षण अधिकारी” के रूप में नामित करना एवं प्रत्येक माह के द्वितीय व चतुर्थ शनिवार को बैठक का आयोजन करना है तथा सभी विद्यालयों में 20 नवम्बर को “अंतर्राष्टीय बाल अधिकार दिवस” मनाया गया था| HOW TO USE SNA LIMIT
विद्यालय में वर्ष में दो बार कमेटी द्वारा सेफ्टी ऑडिट भी की जाएगी, कमेटी में संस्था प्रधान,बाल संरक्षक मेंटर टीचर, 2 अभिभावक (SDMC सदस्य), 2 बच्चे आदि कुल 6 सदस्य होंगें |
नोट:- राशि का व्यय – प्रत्येक विद्यालय हेतु कुल 2000 रू की लिमिट जारी, इसमें से –
(a). 500 रू – चाइल्ड राइट क्लब के 25 सदस्यों के नाम युक्त बोर्ड अथवा दीवार पर पेंटिंग करवाना,
(b). 500 रू- श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बच्चों व अध्यापक को प्रशंसा पत्र देना,
(c). 500 रू बाल सरंक्षक विशेषज्ञ के निर्देशन में बैठक का आयोजन, चाय, जलपान आदि,
(d). 500 रू- मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत् “IEC” सामग्री के प्रदर्शन हेतु “5 ft x 4 ft” का बोर्ड बनवाना, जिसकी विषयवस्तु परिषद् द्वारा प्रदान की जाएगी। *
COMPONENT:- प्रा. शिक्षा व मा. शिक्षा – “Funds for Safety and Security” * [ संदर्भ:- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् का आदेश क्रमांक- 3296, 24/07/2023 ] *
निपुण मेला
विवरण – “निपुण भारत मिशन” के तहत् प्रारम्भिक कक्षाओं (कक्षा 1-3 तक) में “बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान (FLN)” की प्राप्ति हेतु नवाचारी गतिविधि के रूप में “निपुण मेले” का आयोजन किया जाना है तथा 14 नवम्बर, 2023 को “बाल दिवस” के अवसर पर आयोजित इस मेले में PEEO क्षेत्र के कक्षा 1-3 तक के सभी बच्चें तथा समन्वित आंगनबाड़ी के सभी बच्चें भाग लेंगे तथा इसमें बच्चों द्वारा न्यूनतम 5 स्टॉल लगाई जानी हैं। HOW TO USE SNA LIMIT
नोट:-राशि- कुल 3000 रू की लिमिट जारी, इसमें से (a ). 600 रू TLM के निर्माण हेतु स्टेशनरी सामग्री का क्रय यथा चार्ट, रंगीन कागज, कलर पेन आदि, (b). 1000 रू- 5 स्टॉल लगाने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन सामग्री प्रदान करना यथा पानी की बोतल, पेन/पेन्सिल, लंच बॉक्स आदि, (c). 1000 रू- स्टॉल में भाग लेने वाले विद्यार्थियों, अभिभावकों व अध्यापकों हेतु अल्पाहार, चाय, जलपान आदि, (d). 400 रू- स्टॉल हेतु टेंट व बैठक व्यवस्था आदि । *
COMPONENT:- मा. शिक्षा – “Other Quality Initiatives” |
[ संदर्भः- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् का आदेश क्रमांक- 3595, 28/07/2023] 15.
विवरण- शिक्षकों द्वारा प्रथम छ: माही (जनवरी से जून, 2023 ) तथा द्वितीय छ:माही (जुलाई से दिसम्बर,2023) के TAF भरने के उपरांत PEEO/CRC स्तर पर क्रमशः अगस्त/सितम्बर,2023 तथा फरवरी, 2024 में समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी तथा उसमें TAF से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर शिक्षकों के कार्य की समीक्षा व समस्या समाधान किया जाएगा|
नोट:-राशि- दोनों बैठकों हेतु प्रति शिक्षक 100 रू (50 रू प्रति बैठक) की लिमिट जारी, राशि का व्यय:- स्टेशनरी- नोट पैड, पेन, कागज आदि व बैठक व्यवस्था, चाय, जलपान आदि में किया जाएगा| HOW TO USE SNA LIMIT
COMPONENT:- प्रा. शिक्षा- “Project Innovation(Elementary)”, मा. शिक्षा“Project Innovative Activities (Secondary and Sr. Secondary)” |
[ संदर्भ:- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् का आदेश क्रमांक- 3596, 28/07/2023]
एक भारत-श्रेष्ठ भारत
विवरण- बच्चों में भारत के विभिन्न राज्यों (राजस्थान के संदर्भ में विशेष रूप से असम) के प्रति राष्ट्रीय व सांस्कृतिक एकता उत्पन्न करने हेतु उनकी संस्कृति, भाषा आदि पर विभिन्न प्रकार की गतिविधियाँ करवाना यथा- असम राज्य के लोक गीत, लोक नृत्य, संगीत वादन, ड्राइंग, पेंटिंग, मूर्ति कला, पारम्परिक खेल, एकल अभिनय, अन्य प्रतियोगिताएँ आदि | नोट:- इनकी प्रविष्टि शालादर्पण पर “विद्यालय” टैब में जाकर “एक भारत-श्रेष्ठ” में की जानी है। HOW TO USE SNA LIMIT
नोट:- राशि- 100 रू प्रति विद्यालय, राशि का व्यय गतिविधियों के आयोजन हेतु स्टेशनरी – चार्ट, कलर पेन आदि व श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बच्चों के लिए पुरस्कार-रजिस्टर, पेन, पेंसिल आदि में करना है|
COMPONENT:- प्रा. शिक्षा- “Project Innovation(Elementary)”, मा. शिक्षा“Project Innovative Activities (Secondary and Sr. Secondary)” |
विवरण- कक्षा 1 से 8 तक बालक-बालिका दोनों को, जबकि कक्षा 9 से 10 तक केवल बालिकाओं को, जिन्होंने निश्शुल्क साईकिल योजना का लाभ नहीं लिया हो,लाभ देय होगा, नोट:- सत्र 2023-24 में कक्षा 11 व 12 की बालिकाओं के लिए लाभ का प्रावधान नहीं है ।
कक्षा 1 से 5 तक 1 km की परिधि में कोई भी प्रा. विद्यालय नहीं होने पर तथा विद्यालय की दूरी 1 km से अधिक होने पर 10 रू प्रति कार्यदिवस देय, कक्षा 6 से 8 तक 2 km से अधिक दूरी होने पर 15 रू प्रति कार्यदिवस तथा कक्षा 9 से 10 तक 5 km से अधिक दूरी होने पर 20 रू प्रति कार्यदिवस देय होंगे | नोट:- कक्षा 1 से 8 तक आधिकतम राशि 3,000 रू तथा कक्षा 9 से 10 में 5,400 रू होगी | *
COMPONENT:- प्रा. शिक्षा – Transport/Escort Facility(Elementary), मा. शिक्षाTransport/ Escort Facility
[ संदर्भ:- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् का आदेश क्रमांक- 1880, 14/06/2023]
व्यावसायिक शिक्षा एक्सपोजर विजिट (कक्षा 6 से 8 तक)
विवरण – सितम्बर,2023 से जनवरी,2024 तक प्रत्येक माह के प्रथम व तृतीय शनिवार को कुल 10 नो बैग डै को गतिविधियाँ आयोजित करनी है, संस्थाप्रधान की मोनिटरिंग में SKF / कौशल मित्र पूर्व निर्धारित शेड्यूल के अनुसार स्थानीय कारीगर व हस्त शिल्प विशेषज्ञ का चयन व उनसे समन्वय स्थापित कर उक्त गतिविधि का निष्पादन करेंगे| HOW TO USE SNA LIMIT
14 फरवरी,2023 को विद्यालय में “बाल मेला” का आयोजन करना है |
* नोट:- राशि – 15,000 रू प्रति विद्यालय, राशि का व्यय – (a). 500 रू- फ्लेक्स / बैनर बनवाना है, (b). 5,400 रू- स्थानीय कारीगर / हस्त शिल्प विशेषज्ञ पर व्यय, (c). 4,000 रू- बच्चों द्वारा अभ्यास हेतु कच्ची सामग्री का क्रय (पूर्व निर्धारित शेड्यूल के अनुसार), (d). 1100 रूश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार आदि |
COMPONENT:- “Recurring Support VE- new”, *
* नोट:- “Raw Material Grant”, “Cost of Providing Hands Skill Training for Students”, “Office Expences Contingencies for School” आदि का कम्पोनेंट “Recurring Support VE existing” आएगा |
अधिगम संवर्धन कार्यक्रम/उपचारात्मक शिक्षण
विवरण- विद्यार्थियों के अधिगम अन्तराल को कम करने तथा कक्षा स्तर के अनुरूप उनमें सुधार करने हेतु कक्षा 9 से 12 तक यह कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया |
कक्षा 9 व 10 में अंग्रेजी, गणित, विज्ञान तथा कक्षा 11 व 12 में प्रति संकाय अधिकतम 3 विषयों (आवश्यकतानुसार) का 1 अगस्त, 2023 से प्रारम्भ कर 31 अक्टूम्बर,2023 तक 60 घंटे प्रति विषय प्रति कक्षा उपचारात्मक शिक्षण करवाया जाना था | *
कक्षा 9 व 10 हेतु बाह्य व्यक्ति को 200 रू प्रति घंटा प्रति विषय, जबकि कक्षा 11 व 12 हेतु 300 रू प्रति घंटा प्रति विषय मानदेय देय होगा | *
नोट:- उपचारात्मक शिक्षण हेतु पेपर रिम, फाइल, फोटोकॉपी, चार्ट, मॉडल आदि शिक्षण सहायक सामग्री हेतु कक्षा 9 व 10 हेतु 500 रू प्रति कक्षा ( कुल 1000 रू) तथा कक्षा 11 व 12 दोनों के लिए कुल 500 रू प्रति संकाय देय होंगे, नोट:- बिल स्टेशनरी का बनाना है | *
उपचारात्मक शिक्षण प्रारम्भ करने से पूर्व व पश्चात् बच्चों का आंकलन लिया जाकर उसका रिकोर्ड संधारित करना है |
[ संदर्भ:- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् का आदेश क्रमांक- 3579, 28/07/2023]
शाला सिद्धि- बाह्य मूल्यांकन
विवरण- चिह्नित विद्यालय के शाला सिद्धि बाह्य मूल्यांकन 3 सदस्यीय जाँच दल द्वारा किया जाएगा, जिसमें प्रधानाचार्य स्तर के एक अधिकारी दल प्रमुख तथा 2 अन्य सहयोगी कार्मिक होंगे | HOW TO USE SNA LIMIT
इस कार्य हेतु 500 रू कुल राशि जिसमें से 200 रू दल प्रमुख को तथा 150 रू प्रत्येक सहयोगी को मानदेय के रूप में होगी |
[ संदर्भ :- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् का आदेश क्रमांक- 3698, 01/08/2023]
नोट:- “SNA” पर बिल बनाने से पूर्व यह भलीभांति सुनिश्चित कर लें, कि कौनसे मद की कितनी लिमिट कौनसे कम्पोनेंट में जारी हुई है अथवा नहीं, इसका भलीभांति मिलान करने के उपरांत ही बिल बनाएं, अन्यथा त्रुटि हो जाएगी, इस हेतु SNA में लॉग इन कर “Reports” में “Agency Reports” में जाकर “IA/Vender Reports” में Fund Allocation and Expenditure Report” पर क्लिक कर तिथि भरकर PDF प्राप्त करें और फिर गहनता से अवलोकन करने के उपरांत बिल बनाएं |
कक्षा 10 के लिए विज्ञान विषय का शानदार सम्पूर्ण अध्याय क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
आप मित्रो से आग्रह हैं कि हमने बड़ी मेहनत से इस आर्टिकल की 💯% शुद्धता के साथ, सटीक और ऑफिशियल जानकारी आपके लिए एकत्र करके SHARE की हैं | इस कार्य में हमारे मित्रो की टीम ने मिलकर सहयोग किया हैं 🙏🏻 अत: आप इस पोस्ट के लिंक को अपने मित्रो, साथियों और सहकर्मियों तक सोशल मिडिया प्लेटफोर्म पर जरूर शेयर करें और नीचे दिए सोशल मीडिया से जरूर जुड़े|
आपके लिए महत्वपूर्ण उपयोगी नवीन जानकारी जरूर देखें
यूथ एवं ईको क्लब : समग्र दिशा निर्देश एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र / Youth And Eco Club Guideline And Utility Certificate : – समग्र शिक्षा द्वारा सत्र 2023-24 की वार्षिक कार्य योजना एवं बजट के अतंर्गत राज्य के प्राथमिक शालाओं हेतु राशि रू. 5000 व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए 10000 सीनियर सेकेण्डरीशालाओं हेतु राशि रू. 10,000 की राशि जारी कर व्यय के लिये प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान गयी है।
शिक्षा का सर्वोपरि उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास है। समाज में शहरीकरण, तकनीकी प्रगति और जनसंचार माध्यमों के प्रभाव जैसे बदलावों के कारण यह आवश्यकता पैदा हुई है कि स्कूलों को न केवल अपने छात्रों के संज्ञानात्मक विकास का पोषण करना चाहिए, बल्कि उनकी भावात्मक और मनो-मोटर क्षमताओं को भी बढ़ावा देना चाहिए जो उन्हें सक्षम बनाएगा। ज़िंदगी।
समग्र शिक्षा की परिकल्पना है कि स्कूलों में दी जाने वाली शिक्षा ऐसी होनी चाहिए कि शिक्षार्थी अपनी प्रतिभा को पूरी क्षमता से विकसित कर सकें। शैक्षिक और सह-शैक्षिक दोनों क्षमताओं को समान महत्व देने से, बच्चे और युवा जीवन कौशल हासिल करेंगे जो उन्हें अपने अधिकारों को जानने, अपनी चिंताओं को स्पष्ट करने, आत्मसम्मान का निर्माण करने, आत्मविश्वास और लचीलापन विकसित करने और नकारात्मक भावनाओं का मुकाबला करने में मदद करेगा। तनाव शर्म और डर. इससे उनकी स्वयं की जिम्मेदारी लेने, समाज में दूसरों के साथ संबंध बनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की क्षमता भी बढ़ेगी। इन कौशलों को सैद्धांतिक दृष्टिकोण के बजाय अनुभवात्मक दृष्टिकोण के माध्यम से बढ़ाया जा सकता है।
यूथ एवं ईको क्लब : समग्र दिशा निर्देश एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र / Youth And Eco Club Guideline And Utility Certificate
यूथ एवं ईको क्लब : समग्र दिशा निर्देश एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र Youth And Eco Club Guideline And Utility Certificate
यूथ एवं ईको क्लब : समग्र दिशा निर्देश एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र / Youth And Eco Club Guideline And Utility Certificate
यूथ क्लब के तहत बच्चों में जीवन जीने का कौशल, आत्मसम्मान एवं आत्मविश्वास विकसित करने तथा तनाव, भय एवं संकोच जैसे मनोविकारों को दूर कर सोच में लचीलापन विकसित करने के उद्देश्य से प्रत्येक राजकीय विद्यालय में यूथ क्लब की स्थापना की गयी है।
ईको क्लब के तहत बच्चों को अपने आस-पास के पर्यावरण, जैव-विविधता, जलवायु, स्थानीय पारिस्थितिकी, पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील बनाने तथा पर्यावरण गतिविधियों एवं प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने के लिए क्षमता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रत्येक राजकीय विद्यालय में ईको क्लब की स्थापना की गयी है। विशेष रूप से विद्यार्थियों में स्वच्छता व स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की समझ विकसित की जानी है।
विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण हेतु हरित पाठशाला एवं विद्यालय वाटिका / किचन गार्डन को लागू करने के लिये ईको क्लब पुर्नगठित करना। साथ ही बच्चों में पर्यावरण की समझ, संरक्षण के महत्व, वातावरण को स्वच्छ बनाना, वृक्षारोपण व संरक्षण आदि कार्य को यूथ एवं ईको क्लब अन्तर्गत विद्यार्थियों को भी सहभागी बनाया जाये ।
ईको क्लब के गठन का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर कार्बन उत्सर्जन को कम कर जलवायु के प्रति विद्यार्थियों को संवेदनशील बनाना ।
विश्व पर्यावरण की थीम “ईको सिस्टम रिस्टोरेशन: रीइमेजिन ( फिर से बनाना) एवं पुर्नस्थापना” करने के उद्देश्य की क्रियान्विति हेतु राजस्थान के भौगोलिक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुये उष्ण व अर्द्ध शुष्क जलवायु में हरियाली को बनाये रखना, जल संरक्षण एवं वनों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देना अति आवश्यक है।
प्रत्येक विद्यालय में यूथ एवं ईको क्लब के तहत प्रारम्भिक शिक्षा (कक्षा 1 से 8) के विद्यार्थियों के लिये यूथ एवं ईको क्लब के तहत पांच सदन (हाऊस) बनाये जायेंगे इनके नाम पृथ्वी, जल, वायु, आकाश एवं अग्नि होंगे।
माध्यमिक शिक्षा (कक्षा 9 से 12 ) के लिये यूथ एवं ईको क्लब के तहत पांच सदन (हाऊस) बनाये जायेंगे इनके नाम. पृथ्वी, जल, वायु, आकाश एवं अग्नि होंगे।
विद्यालय संस्था प्रधान यूथ एवं ईको क्लब के प्रभारी अधिकारी होंगे।
संस्था प्रधान (प्रभारी अधिकारी) की भूमिका सहायक मार्गदर्शक एवं कार्यक्रम के लिये सुविधा उपलब्ध कराने की होगी। विद्यालय में हाऊस व्यवस्था के तहत यूथ एवं ईको क्लब की गतिविधियों को संचालित करने की समस्त जिम्मेदारी संस्था प्रधान की होगी ।
संस्था प्रधान द्वारा विद्यालय के प्रत्येक शिक्षक / शिक्षिका को सदन (हाऊस) का प्रभार दिया जायेगा। विद्यालय में शिक्षकों की संख्या सदन (हाऊस) की संख्या से अधिक होने की स्थिति में कुछ सदनों के लिये एक से अधिक प्रभारी शिक्षक / शिक्षिका बनाये जायेंगे। विद्यालय में सदन (हाऊस) से कम शिक्षक उपलब्ध होने की स्थिति में कुछ शिक्षकों को एक से अधिक सदन (हाऊस) का प्रभारी शिक्षक नियुक्त किया जायेगा। वरिष्ठता के आधार पर वरिष्ठ शैक्षिक कार्मिक को अपेक्षाकृत अधिक सदन (हाऊस) का प्रभार दिया जायेगा ।
प्रारम्भिक शिक्षा की प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थियों को पांच भागों में विभाजित कर प्रत्येक भाग के विद्यार्थी को एक सदन (हाऊस) के नाम से सम्बोधित किया जायेगा। इस प्रकार प्रारम्भिक शिक्षा की कक्षाओं के पांचों सदनों में सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों का समान संख्या में प्रतिनिधित्व हो सकेगा। इसी प्रक्रिया के तहत माध्यमिक शिक्षा की कक्षाओं के लिये पांच सदन बनाये जायेंगे।
इस प्रकार प्रारम्भिक शिक्षा के विद्यालयों में यूथ एवं ईको क्लब के तहत पांच सदन (हाऊस) कार्य करेंगे एवं माध्यमिक शिक्षा के विद्यालयों में यूथ एवं ईको क्लब के तहत उन्हीं नाम से पांच सदन (हाऊस) कार्य करेंगे।
विद्यालय में नव प्रवेशित विद्यार्थी जिस सदन (हाऊस) का सदस्य बनेगा विद्यालय की अन्तिम कक्षा तक उसी सदन (हाऊस) का सदस्य रहेगा।
प्रत्येक सदन (हाऊस) की गतिविधियों को प्रभारी शिक्षक / शिक्षकों द्वारा संचालित करवाया जायेगा। प्रत्येक सदन (हाऊस) में सभी विद्यार्थियों का स्तर समान होगा। विद्यार्थियों में वरिष्ठ एवं कनिष्ठ जैसी व्यवस्था को विकसित नहीं करनी है। सदन (हाऊस) की गतिविधियों को संचालित करने में विद्यार्थियों का सक्रिय सहयोग लिया जायेगा। अच्छा प्रदर्शन करने के लिये बच्चों को प्रोत्साहित किया जायेगा एवं प्रत्येक बच्चे को समान रूप से अवसर प्रदान किया जायेगा।
विद्यालय समय पश्चात रोटेशन के आधार पर एक अध्यापक / शारीरिक शिक्षक प्रभारी के रूप में विद्यालय समय पश्चात बच्चों के साथ खेल मैदान में उपस्थित रहकर विद्यालय के खेल मैदान, खेल संसाधन इत्यादि का उपयोग करेंगे।
पांच मूल तत्व आधारित नामों में से जिस नाम तत्व से सम्बन्धित सदन (हाऊस) में विद्यार्थियों को प्रवेश मिला है, उस सदन (हाऊस) के नाम के अनुरूप विषय पर विद्यार्थियों के लिये भाषण, निबन्ध लेखन, पत्र लेखन, पोस्टर बनवाना, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित करवायी जायें। साथ ही भाषा, सामाजिक विज्ञान के विषय यथा भूगोल, इतिहास, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान तथा विज्ञान संकाय के विषयों यथा जीव विज्ञान, भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, गणित तथा खगोल विज्ञान (एस्ट्रोनोमी) आदि को सदन (हाऊस) के नाम से साथ जोड़ते हुए विषय एवं प्राकृतिक मूल तत्व की महत्वता एवं सम्बद्धता को समझाने का उपक्रम विद्यार्थियों से करवायें।
सदस्य विद्यार्थीगणों को उनके स्वयं के नाम के अर्थ को समझाते हुए उसे अपने सदन (हाऊस) के नाम के परिप्रेक्ष्य में सम्बद्ध करने के प्रयास के लिये प्रेरित किया जायेगा। साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी को सदन (हाऊस) के नाम की महत्वता बतलाते हुए इस नाम की अन्य विषयों से सम्बद्धता को इन्टरनेट, पत्र-पत्रिकाओं इत्यादि स्त्रोतों से विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिये प्रेरित किया जायेगा। इससे बच्चों के ज्ञान में वृद्धि होगी तथा वे अपने सदन के नाम को समग्र रूप से समझ सकेंगे एवं अन्य विषयों से सम्बद्ध कर सकेंगे।
प्रत्येक सदन (हाऊस) में यूथ एवं ईको क्लब की समस्त गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। ये गतिविधियां प्रभारी शिक्षक / शिक्षकों के निर्देशन में संचालित की जायेंगी।
समस्त विद्यार्थियों को यूथ एवं ईको क्लब की गतिविधियों में भाग लेने हेतु प्रोत्साहित किया जायेगा।
समय – समय पर प्रारम्भिक शिक्षा के विद्यार्थियों के पांचों सदन (हाऊस) के मध्य यूथ एवं ईको क्लब की गतिविधियों की प्रतियोगिता आयोजित की जायेंगी एवं विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिये पुरस्कृत किया जायेगा। इसी प्रकार की प्रतियोगिताएं माध्यमिक शिक्षा के विद्यार्थियों के पांचों सदनों के मध्य आयोजित की जायेंगी।
यूथ एवं ईको क्लब की गतिविधियों का आयोजन शिविरा कलैण्डर अनुसार निर्धारित दिवसों एवं विद्यालय समय पश्चात् तथा अवकाशों के दौरान किया जायेगा।
यूथ एवं ईको क्लब की गतिविधियों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों से बाल सभा के दौरान गतिविधि का प्रदर्शन कराया जायेगा।
विद्यार्थी उपस्थिति रजिस्टर में विद्यार्थी के नाम के सम्मुख उसके सदन (हाऊस) का नाम भी अंकित किया जाये ताकि विद्यार्थी को सदन (हाऊस) के नाम से भी पहचाना जाये।
विद्यालय की प्रारम्भिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा के प्रत्येक सदन (हाऊस) का रजिस्टर संधारित किया जायेगा। रजिस्टर के मुख्य पृष्ठ पर यूथ एवं ईको क्लब तथा सदन (हाऊस) का नाम अंकित होगा रजिस्टर में सदन * (हाऊस) के विद्यार्थियों के नाम व कक्षा अंकित होगी। साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी की रूचि की गतिविधि अंकित की जायेंगी आयोजित की गई प्रत्येक गतिविधि का संक्षिप्त विवरण एवं दिनांक तथा आयोजन की समयावधि अंकित कर नोडल अधिकारी व संस्था प्रधान द्वारा प्रमाणित किया जायेगा । SDMC Work Duty Organisation विद्यालय विकास एवं प्रबंधन समिति
विद्यालय अवलोकन के समय संस्थाप्रधान द्वारा अवलोकन अधिकारी को “यूथ एवं ईको क्लब रजिस्टर” का अवलोकन करवाया जाकर हस्ताक्षर प्राप्त किये जायेंगे।
कक्षा 10 के लिए सामाजिक अध्ययन तीन पार्ट में उपलब्ध शानदार सम्पूर्ण अध्याय के क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
यूथ क्लब गतिविधियों में समस्त खेल व शारीरिक गतिविधियाँ, योग, ड्रामा, वाद-विवाद, संगीत, कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ एवं रीडिंग गतिविधियाँ इत्यादि शामिल हैं।
विद्यालयों में अनुपयोगी सामग्रियों को उपयोगी बनाने हेतु विद्यार्थियों के रचनात्मक कार्य कौशल बोद्धिक क्षमताओं का विकास करने के अवसर प्रदान किये जायें। इस हेतु विद्यार्थियों को गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों का मार्गदर्शन / सहयोग लिया जाये।
ईको क्लब गतिविधियाँ:-
ईको क्लब गतिविधियों में पर्यावरण, जैवविविधता, जलवायु स्थानीय पारिस्थितिकी, पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति बच्चों में जागरूकता लाने वाले कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
प्रदर्शनी, पेंटिंग, लेखन, वृक्षारोपण, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य पर आधारित चलचित्रों का प्रदर्शन, अभिभावकों व सेवानिवृत्त एवं सेवारत राजकीय अधिकारी, शिक्षक, डॉक्टर, कोच, पर्यावरण के लिए कार्य करने वाले व्यक्तियों की वार्ता का आयोजन किया जायेगा।
सभी बच्चों के स्वास्थ्य की जाँच में सहयोग प्रदान किया जायेगा। इसके अन्तर्गत सभी बच्चों की लम्बाई, वजन एवं शारीरिक बीमारी का रिकॉर्ड विद्यार्थी उपस्थिति रजिस्टर में संधारित किया जायेगा। विद्यालय में आयोजित सभी प्रकार के स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सहयोग प्रदान किया जायेगा ।
प्रत्येक माह के अंतिम दिवस को विद्यालय में “स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। जिसमें विद्यालय परिसर एवं कक्षा कक्षों की साफ-सफाई, ठोस कचरा निस्तारण, जल निकास एवं पानी की टंकियों की साफ-सफाई, सामूहिक रूप से शिक्षकों के निर्देशन में की जायेगी।
सप्ताह में एक बार प्रार्थना स्थल पर सभी बच्चों की शारीरिक स्वच्छता जैसे कि नाखून, स्नान, सिर के बालों, दाँतों, यूनिफॉर्म, जूते-मोजों इत्यादि की साफ-सफाई की जाँच की जायेगी एवं बच्चों को शारीरिक स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जायेगा।
जल संरक्षण से संबंधित गतिविधियों आयोजित की जाकर अपने आस-पास के लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जायेगा जल संरक्षण के प्रति आयोजित होने वाले “जल शक्ति अभियान अन्तर्गत सभी विद्यालयों के ईको क्लब द्वारा जल संरक्षण के प्रचार-प्रसार के आयोजन किये जायेंगे।
विद्यार्थियों में सृजनात्मक क्षमताओं को पहचानने एवं उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विद्यालय के अनुपयोगी, निष्क्रिय व अन्य संसाधनों का अधिकाधिक उपयोग किया जाकर उनकी सृजनात्मक क्षमताओं को विकसित किया जाये।
विद्यार्थियों में सहशैक्षिक व मनोरंजक गतिविधियों का बढ़ावा देने के लिये विद्यालय के अनुपयोगी, निष्क्रिय सामानों का विद्यालय समय पश्चात व अवकाश दिवसों में भी विद्यालय के खेल मैदान, खेल उपकरण व अन्य गतिविधियों में उपयोग में लिया जा सकता है, जिससे बच्चों में सृजनात्मक एवं संज्ञानात्मक समझ का विकास हो सके।जिला व राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता फॉर्म एक्सल प्रोग्राम : उम्मेद तरड
विद्यालयों में पर्यावरण को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न गतिविधियां, पर्यावरण संरक्षण सम्बन्धी वार्तायें, निबन्ध प्रतियोगिता, रैली इत्यादि का आयोजन किया जाये।
विद्यालय में चारदीवारी, पर्याप्त भूमि एवं जलस्त्रोत उपलब्ध होने की स्थिति में पोषण वाटिका एवं फलदार पौधों एवं किचन गार्डन को लगाया जाये।
विद्यालय परिसर में 200 पौधे लगाये जाने की स्थिति में सम्बन्धित सीआरसी / संस्था प्रधान द्वारा सम्बन्धित ग्राम पंचायत सरपंच एवं ग्राम विकास अधिकारी से अग्रिम सम्पर्क समन्वय स्थापित कर विद्यालय में लगाये जाने वाले पोषण वाटिका / नर्सरी की समुचित सुरक्षा हेतु राज्य सरकार के आदेश क्रमांक PS/PSSE / 2021 जयपुर दिनांक 23.06.2021 के अनुसार महात्मा गांधी मनरेगा योजना से एक श्रमिक की सेवायें प्राप्त करने के सम्बन्ध में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज द्वारा सहमति प्रदान की गयी है। समस्त सीआरसी/ संस्था प्रधान संलग्न आदेशानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें।
पर्यावरण को सुरक्षित एवं संरक्षित रखना हमारा कर्त्तव्य है। पर्यावरण संतुलन बनाने व विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों में पर्यावरण की समझ विकसित करने के लिये निदेशालय माध्यमिक शिक्षा राज, बीकानेर के आदेश क्रमांक शिविरा-माध्य / मा-स / पर्यावरण / 2017 / 136 दिनांक 11 जून, 2021 द्वारा लागू “विद्यालय वाटिका”, “हरित विद्यालय योजना” की कार्ययोजना बनाकर ईको क्लब में बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित की जाये।
विद्यार्थियों को सड़क पर पैदल चलने एवं वाहन चलाने के नियमों की जानकारी दी जायेगी।
विद्यालय प्रबन्धन समिति का यूथ एवं ईको क्लब की गतिविधियों में सहयोग एवं सहभागिता ।
जिलेवार भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य –
डाइस 2021-22 में प्रविष्ट राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा के 53005 एवं माध्यमिक शिक्षा मद के 15360 विद्यालयों के लिये बजट का प्रावधान स्वीकृत है (शून्य नामांकन वाले विद्यालयों को छोड़ते हुये ) ।
इस मद में निर्धारित बजट सीमा से अधिक व्यय नहीं किया जाये। निर्धारित सीमा से अधिक व्यय किये जाने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाकर वसूली की जाएगी। क्रय हेतु वित्तीय नियमों का ध्यान रखा जाये ।
किये गये व्यय का निर्धारित समयावधि में उपयोगिता प्रमाण पत्र दिया जाये ।
राशि का उपयोग गतिविधि व शिक्षा मंत्रालय के दिशा निर्देशानुसार एवं वित्तीय नियमों की पूर्ण पालना करते हुये विहित प्रक्रियानुसार किया जाना सुनिश्चित करें।
क्रय की जाने वाली सामग्री में “राजस्थान लोक उपापन में पादरर्शिता अधिनियम 2012 एवं नियम 2013” की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जाये ।
प्रत्येक प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रवेश द्वार के पास 4ft x 2.5ft का स्थायी बोर्ड लगवा कर हरे रंग की पूर्ण पृष्ठभूमि में पीले रंग से *यूथ एवं ईको क्लब, समग्र शिक्षा राजस्थान* अंकित करवाना है|
अन्य निर्देश
संलग्न परिशिष्टानुसार विद्यालय / ब्लॉक से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकल रूप से जिला उपयोगिता प्रमाण पत्र कर परिषद का प्रेषित करें।
आप मित्रो से आग्रह हैं कि हमने बड़ी मेहनत से इस आर्टिकल की 💯% शुद्धता के साथ, सटीक और ऑफिशियल जानकारी आपके लिए एकत्र करके SHARE की हैं | इस कार्य में हमारे मित्रो की टीम ने मिलकर सहयोग किया हैं 🙏🏻 अत: आप इस पोस्ट के लिंक को अपने मित्रो, साथियों और सहकर्मियों तक सोशल मिडिया प्लेटफोर्म पर जरूर शेयर करें और नीचे दिए सोशल मीडिया से जरूर जुड़े|
आपके लिए महत्वपूर्ण उपयोगी नवीन जानकारी जरूर देखें
स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश 2023-24 SPORTS GRANT GUIDELINE 2023-24 ( खेले भारत खिले भारत ) : खेल हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। खेलने से व्यक्ति का शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है तथा इससे शरीर के रक्त परिसंचरण में सहायता मिलती है, जो हमारे शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए आवश्यक है । “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है” इसलिये शारीरिक विकास के लिए व्यायाम ज़रूरी है, जो हमें खेलों के माध्यम से प्राप्त होता है। खेल व्यायाम का सबसे अच्छा साधन माना जाता है। खेल से पारस्परिक सौहार्द व टीम भावना जागृत होती है। व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए यह अनिवार्य है कि खेल और शिक्षा दोनों को ही बराबर का महत्व दिया जाये ।
बच्चों के स्वस्थ एवं सुदृढ़ भविष्य के लिए खेलों के महत्व को समझते हुए समग्र शिक्षा वर्ष 2023-24 में “खेले भारत-खिले भारत’ के तहत डाइस 2021-22 के अनुसार प्रारम्भिक एवं माध्यमिक/ उच्च माध्यमिक विद्यालयों को देय है, जो कि शिक्षा विभाग / पंचायती राज विभाग / केजीबीवी / संस्कृत शिक्षा के विद्यालयों/ शिक्षाकर्मी बोर्ड द्वारा संचालित विद्यालयों / समाज कल्याण विभाग के अधीन आते हैं, के लिये स्पोर्ट्स ग्रान्ट का प्रावधान किया गया है। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों DO No. 17-3/2018-15-5(Pt.1) दिनांक 24 दिसम्बर, 2018 के अनुसरण में इस राशि का उपयोग किया जाना है; के जारी विस्तृत निर्देश संलग्न हैं, जिनके अनुसार कार्यवाही की जानी है।
स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश / SPORTS GRANT GUIDELINE
स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश 2023-24 SPORTS GRANT GUIDELINE 2023-24 ( खेले भारत खिले भारत )
प्रावधित राशि
खेल अनुदान को स्कूल के प्रकार के आधार पर वर्गीकृत किया गया है, प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग-अलग इकाई लागत है। अनुदान विवरण इस प्रकार हैं:
स्कूल श्रेणी
स्कूलों की संख्या
इकाई लागत (रुपये में)
अनुदान राशि
प्राथमिक विद्यालय
33,534
5000
1677.70000
उच्च प्राथमिक विद्यालय
19451
10000
1945.10000
माध्यमिक विद्यालय
3741
25000
935.25000
उच्च माध्यमिक विद्यालय
11798
25000
2949.55000
योग
68554
7507.55000
स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश / SPORTS GRANT GUIDELINE
(नोट: शून्य नामांकन वाले स्कूलों को बाहर रखा गया है)
ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों तथा शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में निम्नलिखित खेलों को प्रोत्साहित करने हेतु खेल सामग्री का क्रय प्राथमिकता के साथ किया जाए –
2. खेल अनुदान राशि के उपयोग हेतु दिशा-निर्देशः-
विद्यालयों द्वारा खेल अनुदान राशि का उपयोग आयु अनुरूप खेल सामग्री / उपकरण क्रय किये जाने में किया जाना है।
एसएमसी / एसडीएमसी विद्यालयों में खेल सुविधाओं की उपलब्धता एवं विद्यालय तथा विद्यार्थियों की उपयोगिता अनुसार ही खेल सामग्री क्रय किया जाना सुनिश्चित करें ।
जो खेल सामग्री सही हालत में उपलब्ध है, उसे पुनः क्रय नहीं करें।
सूची की खेल सामग्री के अतिरिक्त विद्यालय में खेल सुविधाओं की उपलब्धता अनुसार विद्यालय एवं विद्यार्थियों के लिए उपयोगी अन्य खेल सामग्री भी क्रय की जा सकेगी।
सूची में उल्लेखित खेल सामग्री से पृथक खेल सामग्री क्रय करने के लिए एसएमसी / एसडीएमसी को स्वीकृति आदेश जारी करना होगा।
विद्यालयों में क्षेत्रीय एवं परम्परागत खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए स्थानीय स्तर पर खेल सामग्री एवं उपकरणों को क्रय भी किया जा सकेगा ।
निदेशालय प्रारम्भिक एवं माध्यमिक शिक्षा द्वारा राजकीय विद्यालयों के लिए आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में आयोजित होने वाले खेलों की खेल सामग्री को क्रय किये जाने हेतु खेल अनुदान राशि का उपयोग किया जा सकेगा ।
खेल अनुदान राशि द्वारा क्रय की गई खेल सामग्री एवं खेल उपकरणों का विद्यालय में खेल सामग्री/ उपकरण स्टॉक रजिस्टर में रिकॉर्ड संधारित किया जायेगा ।
स्टॉक रजिस्टर में क्रियाशील सामग्री, मरम्मत योग्य सामग्री एवं खारिज योग्य सामग्री नाम से तीन श्रेणियों में खेल सामग्री / उपकरणों का रिकॉर्ड संधारित किया जायेगा ।
नवीन खेल सामग्री / उपकरण इस प्रकार क्रय की जायेगी, जिससे विद्यालय में खेल सामग्री / उपकरण का आवश्यक स्टॉक सदैव उपलब्ध रहे।
विद्यालय के शारीरिक शिक्षक / खेल प्रभारी शिक्षक द्वारा खेल सामग्री एवं खेल उपकरणों का स्टॉक रजिस्टर संधारित किया जायेगा तथा खेल सामग्री / उपकरणों एवं खेल सहायक सामग्री का रख-रखाव किया जायेगा ।
राशि व्यय / उपयोग के उपरान्त अविलम्ब उपयोगिता प्रमाण पत्र परिषद को प्रेषित किये जायें।
3. कक्षा अनुसार सुझावात्मक खेल गतिविधियाँ:-
कक्षा 10 के लिए सामाजिक अध्ययन तीन पार्ट में उपलब्ध शानदार सम्पूर्ण अध्याय के क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश / SPORTS GRANT GUIDELINE
IV- अन्य क्षेत्रीय खेल
अट्या पट्या
कैरम
लंगड़ी
जूडो
मलखंब रोलर स्केटिंग
सॉफ्ट टेनिस
योगा
स्क्वॉश
सितोलिया
स्क्वॉश
खो-खो
लूडो
मुख्यधारा के खेल (एथेलेटिक्स के अलावा, जिमनास्टिक्स, तैराकी) को तीन व्यापक श्रेणियों अर्थात् प्रादेशिक नेट / वॉल गेम एवं क्षेत्ररक्षक में विभाजित किया जा सकता है।
V- प्रादेशिक खेल
प्रादेशिक खेल वे हैं, जिनमें दो टीमें एक ऐसे क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा करती हैं जो आक्रामक और रक्षात्मक खेलने की संभावनाएं प्रदान करती हैं लक्ष्य एक प्रतिद्वंद्वी के क्षेत्र को स्कोर करने के लिए आक्रमण करना है। स्कोरिंग एक विशेष लक्ष्य के लिए प्रोजेक्टिंग एवं ऑब्जेक्ट (जैसे एक गेंद) द्वारा हासिल की जाती है, गेंद को लक्ष्य क्षेत्र में सटीक रूप से शूट किया जाता है या गेंद को एक खुले सिरे वाले लक्ष्य (जैसे एक रेखा के पार) में स्थानांतरित किया जाता है। जो निम्न है:- बास्केटबॉल हैंडबाल
VI– नेट / वॉल गेम
नेट / वॉल गेम वे हैं जिनमें दो खिलाड़ी/ टीम एक क्षेत्र के भीतर प्रतिस्पर्धा करते है। इसमें नेट को निर्धारित ऊंचाई पर रखा जाता है। प्रतिद्वंदी एक सफल वापसी करने में असमर्थ होता है तो दूसरे दल को स्कोर प्राप्त होता है, जो निम्न है :-
बैडमिंटन टेबल टेनिस
नेटबॉल
रग्बी फुटबॉल
टेनिस वॉलीबॉल
स्क्वॉश
VII- क्षेत्र-रक्षण खेल –
क्षेत्ररक्षण खेल वे हैं, जिनमें दो टीमें एक ऐसे क्षेत्र के भीतर प्रतिस्पर्धा करती हैं जो आक्रामक और रक्षात्मक क्रियाओं के लिए संभावनाएं प्रदान करती हैं। बल्लेबाजी टीम के लिए लक्ष्य एक वस्तु (गेंद) पर प्रहार करना होता है। क्षेत्र रक्षकों से बचकर व वस्तु (गेंद) सीमा रेखा के बाहर हो जाये तब स्कोरिंग हासिल होती है। क्षेत्ररक्षण टीम का लक्ष्य बल्लेबाजी टीम को रन बनाने से रोकना है।
खेलकूद प्रतियोगिताओ के योग्यता आवेदन फॉर्म ऑटो जनरेट सोफ्टवेयर श्री रामकरण बेनीवाल CLICK HERE
कक्षा 12 के लिए राजीनीति विज्ञान के नोट्स शानदार सम्पूर्ण अध्याय क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित खेल सामग्री / उपकरणों की सूची (कक्षा 6 -8) प्रावधित ₹ 10,000
खेल सामग्री
उपयोग
कक्षा
सांकेतिक मूल्य (रु.)
संख्या
कुल लागत (रु.)
शॉट पुट (रबड़)
शॉटपुट के लिए उपयोग
कक्षा 6 – 8
330
1
330
डिस्कस (रबड़)
डिस्कस थ्रो के लिए उपयोग
कक्षा 6 – 8
330
1
330
स्किपिंग रोप
स्किपिंग रोप में उपयोग
कक्षा 6 – 8
100
5
500
लकड़ी का क्रिकेट बैट – आकर 4
क्रिकेट में उपयोग
कक्षा 6 – 8
265
2
530
टेनिस बॉल
क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाले बुनियादी कौशल को पकड़ने और फेंकने के लिए उपयोग
कक्षा 6 – 8
45
6
270
पीयू वॉलीबाल – आकर 4
वॉलीबाल में उपयोग
कक्षा 6 – 8
320
2
640
वॉलीबाल नेट
वॉलीबाल में उपयोग
कक्षा 6 – 8
500
1
500
हेंडबाल आकर 1 (50-52 CM)
हैंडबॉल में उपयोग
कक्षा 6 – 8
390
2
780
थ्रो बॉल
थ्रो बॉल में उपयोग
कक्षा 6 – 8
375
2
750
रग्बी बाल
हाथ से आंख का समन्वय विकसित करने के लिए उपयोग
कक्षा 6 – 8
260
1
260
बास्केट बॉल
बास्केट बॉल में उपयोग
कक्षा 6 – 8
370
1
370
पीयू हेंड स्विच फूटबाल आकर -4
फुटबॉल में उपयोग
कक्षा 6 – 8
425
2
850
फ्रीजबी
प्लास्टिक की प्लेट की आकृति का खिलौना जो फेंककर खेला जाता है |मनोरंजक खेलों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है हाथ से आंख का समन्वय विकसित करना
कक्षा 6 – 8
75
2
150
फुर्ती चपलता की सीढ़ी
फुर्ती चपलता में उपयोग
कक्षा 6 – 8
240
1
240
6 ” स्टेप हर्डल
फुर्ती और कूदने यहाँ उछलने का अभ्यास करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है लोको मीटर का कौशल विकसित करने के लिए
कक्षा 6 – 8
65
2
130
9 ” स्टेप हर्डल
फुर्ती और कूदने यहाँ उछलने का अभ्यास करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है लोको मीटर का कौशल विकसित करने के लिए
कक्षा 6 – 8
74
3
222
मार्किंग कोन 1 से 9 नम्बर तक
बाउंड्रियों को मार्क एवं प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को स्थापित करना
कक्षा 6 – 8
32
9
288
मार्किंग कोन 12 “
बाउंड्रियों को मार्क एवं प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को स्थापित करना
कक्षा 6 – 8
44
4
176
सोसर कोन
सभी खेल फुटबॉल बास्केटबॉल खो खो कबड्डी आदि के लिए ग्राउंड मार्किंग का अच्छा विकल्प
कक्षा 6 – 8
10
20
200
नॉयलोन बिब्स ग्रीन
नाइलॉन में बिब में पक्ष लोचदार होते हैं और विभिन्न आयु समूहों में उपयोग किए जा सकते हैं मैच खेलने के दौरान टीमों की पहचान करने के लिए उपयोग किया जाता है|
कक्षा 6 – 8
50
11
550
फूट पम्प बास्केट बाल आकर – 3
फुटबॉल बास्केटबॉल आदि का उपयोग करने के लिए प्रेरित करना
कक्षा 6 – 8
640
1
640
फस्ट एड किट
छोटी चोटों हेतु
कक्षा 6 – 8
1294
1
1294
कुल
10,000
स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश / SPORTS GRANT GUIDELINE
जिला व राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता फॉर्म एक्सल प्रोग्राम : विजय प्रजापतCLICK HERE
SPORTS GRANT GUIDELINESPORTS GRANT GUIDELINE
जिला व राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता फॉर्म एक्सल प्रोग्राम : उम्मेद तरड CLICK HERE
स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश / SPORTS GRANT GUIDELINEशिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित खेल सामग्री / उपकरणों की सूची (कक्षा 9 -12) प्रावधित ₹ 25,000
खेल सामग्री
उपयोग
कक्षा
सांकेतिक मूल्य (रु.)
संख्या
कुल लागत (रु.)
शॉट पुट (रबड़)
शॉटपुट के लिए उपयोग
कक्षा 9 – 12
330
4
1320
डिस्कस (रबड़)
डिस्कस थ्रो के लिए उपयोग
कक्षा 9 – 12
330
4
1320
स्किपिंग रोप
स्किपिंग रोप में उपयोग
कक्षा 9 – 12
100
6
600
लकड़ी का क्रिकेट बैट – आकर 4
क्रिकेट में उपयोग
कक्षा 9 – 12
265
4
1060
टेनिस बॉल
क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाले बुनियादी कौशल को पकड़ने और फेंकने के लिए उपयोग
कक्षा 9 – 12
45
20
900
पीयू वॉलीबाल – आकर 4
वॉलीबाल में उपयोग
कक्षा 9 – 12
320
3
960
वॉलीबाल नेट
वॉलीबाल में उपयोग
कक्षा 9 – 12
500
1
500
हेंडबाल आकर 1 (50-52 CM)
हैंडबॉल में उपयोग
कक्षा 9 – 12
390
2
780
थ्रो बॉल
थ्रो बॉल में उपयोग
कक्षा 9 – 12
375
2
750
रग्बी बाल
हाथ से आंख का समन्वय विकसित करने के लिए उपयोग
कक्षा 9 – 12
260
2
520
बास्केट बॉल
बास्केट बॉल में उपयोग
कक्षा 9 – 12
370
2
740
पीयू हेंड स्विच फूटबाल आकर -5
फुटबॉल में उपयोग
कक्षा 9 – 12
425
4
1700
फूट पम्प
फुटबॉल बास्केटबॉल आदि का उपयोग करने के लिए प्रेरित करना
कक्षा 9 – 12
640
2
1280
फ्रीजबी
प्लास्टिक की प्लेट की आकृति का खिलौना जो फेंककर खेला जाता है |मनोरंजक खेलों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है हाथ से आंख का समन्वय विकसित करना
कक्षा 9 – 12
75
2
150
फुर्ती चपलता की सीढ़ी
फुर्ती चपलता में उपयोग
कक्षा 9 – 12
240
2
480
12 ” स्टेप हर्डल
फुर्ती और कूदने यहाँ उछलने का अभ्यास करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है लोको मीटर का कौशल विकसित करने के लिए
कक्षा 9 – 12
80
6
480
9 ” स्टेप हर्डल
फुर्ती और कूदने यहाँ उछलने का अभ्यास करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है लोको मीटर का कौशल विकसित करने के लिए
कक्षा 9 – 12
74
6
444
मार्किंग कोन 1 से 9 नम्बर तक
बाउंड्रियों को मार्क एवं प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को स्थापित करना
कक्षा 9 – 12
32
9
288
मार्किंग कोन 12 “
बाउंड्रियों को मार्क एवं प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को स्थापित करना
कक्षा 9 – 12
44
4
176
सोसर कोन
सभी खेल फुटबॉल बास्केटबॉल खो खो कबड्डी आदि के लिए ग्राउंड मार्किंग का अच्छा विकल्प
कक्षा 9 – 12
10
40
400
नॉयलोन बिब्स ग्रीन
नाइलॉन में बिब में पक्ष लोचदार होते हैं और विभिन्न आयु समूहों में उपयोग किए जा सकते हैं मैच खेलने के दौरान टीमों की पहचान करने के लिए उपयोग किया जाता है|
कक्षा 9 – 12
50
11
550
रीलेय बेटोंस
रीलेय में दोड़ उपयोग
कक्षा 9 – 12
74
3
222
फस्ट एड किट
छोटी चोटों हेतु
कक्षा 9 – 12
1300
1
1300
कुल
25,000
स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश / SPORTS GRANT GUIDELINE
SPORTS GRANT GUIDELINEस्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश / SPORTS GRANT GUIDELINEस्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश / SPORTS GRANT GUIDELINE
4. खेल सामग्री एवं खेल उपकरणों के रख-रखाव एवं उपयोग हेतु दिशा-निर्देश:-
स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश / SPORTS GRANT GUIDELINE : विद्यालय में उपलब्ध खेल सुविधाओं की सफलता उनके उपयोग पर निर्भर करती है। इसके लिए खेल सामग्री एवं उपकरणों का उपयोग किये जाने की स्थिति में आवश्यक है विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं के लिए निम्न बिन्दुओं पर ध्यान दिया जाए:-
खेल मैदानों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित रखरखाव करना आवश्यक है।
पिच से पत्तियों, पत्थरों, कंकड़, फ़्लेश, तेज वस्तुओं के टुकड़े निकालें।
प्रतिदिन फर्श को स्वाइप करें अगर यह एक सीमेंट का फर्श है।
खेल मैदान में केवल अनुशंसित फुटवियर की अनुमति दे।
खेल मैदान और आस-पास परिवेश की स्वच्छता बनाए रखें।
उपकरणों की स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखें।
पर्याप्त डस्टबिन रखें।
समय-समय पर गोल पोस्ट, वॉलीबॉल पोल, बास्केटबॉल पोस्ट आदि के रखरखाव की जांच करें।
वर्ष में कम से कम एक बार विशेष रखरखाव ।
जमीन का स्तर और ढलान ऐसा होना चाहिए जिसमें जल जमाव न हो ।
ड्रेनेज सिस्टम की मरम्मत और जांच
पेशेवर मशीनरी के साथ विशेष ब्रशिंग (जैसे सीमेंट वाले फर्श के लिए)।
सभी कृत्रिम उपकरणों के रख-रखाव के निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करें। यदि खेलने का स्थान पक्का है तो उसकी नियमित सफाई की जाए।
खेल के दौरान स्वीकृत जूतों का उपयोग किया जाए।
खेल सामग्री / उपकरणों की नियमित साफ-सफाई एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। खेल गतिविधियों के दौरान उचित संख्या में कचरा पात्रों की व्यवस्था की जाए।
खेल मैदान का लेवल एवं ढाल इस प्रकार होना चाहिए, जिससे जल भराव नहीं हो।
खेल मैदान के आस-पास की जल निकासी व्यवस्था की जांच कर उसकी वर्ष में कम से कम एकबार आवश्यकतानुसार मरम्मत कराई जाए।
विभिन्न प्रकार की गेंदो के लिये मानक वायुदाब
फुटबॉल 0.6.1.1 वायुदाब ( 600.1, 100g / cm 2 )
बास्केटबॉल 3.17-40 वायुदाब (3170-4000g/cm 2 )
वॉलीबॉल 0.30-0.325 वायुदाब (300-325g / cm 2 )
गेंदो का उपयोग किए जाने से पूर्व ध्यान देने योग्य बातें
गेंदो में हवा भरकर वायुदाब सही करना ।
गेंद में हवा भरने से पूर्व सुई को गीला करना ।
गेंद में धीरे-धीरे हवा भरने के साथ गेंद को दबाना ।
गेंद में एकसाथ तेजी से ज्यादा हवा भरने पर गेंद के अन्दर की ट्यूब / ब्लैडर खराब हो जाता है।
गेंद में मशीन से हवा नहीं भरें क्योंकि इससे ज्यादा हवा भर जाने की संभावना बनी रहती है।
गेंदों का उपयोग किये जाने के पश्चात ध्यान देने योग्य बातें
उपयोग पश्चात गेंद में से कुछ हवा निकाल देनी चाहिए, जिससे गेंद के अन्दर का वायुदाब कम हो जाए।
हवा का दबाव कम नहीं करने पर गेंद का आकार एवं आकृति विरूपित हो सकती है।
गेंद को पहले गीले एवं बाद में सूखे कपड़े से पोंछ कर साफ किया जाए।
गेंदो को सुरक्षित रखने हेतु ध्यान देने योग्य बातें
गेंद को सीधे सूर्य की रोशनी में नहीं रखना चाहिए, ना ही गर्म स्थान पर रखना चाहिए।
गेंद को हवादार स्थान पर रखना चाहिए एवं नियमित रूप से हवा भरकर खेलने हेतु उपयोग किया जाए ।
खेल सामग्री एवं खेल उपकरणों का उपयोग नहीं होने पर भी यह आवश्यक है कि उनकी नियमित साफ-सफाई एवं रख-रखाव किया जाए।
खेल मैदान में सुरक्षा हेतु दिशा-निर्देश:-
स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश / SPORTS GRANT GUIDELINE के अनुसार खेल मैदान में सुरक्षा की दृष्टि से अच्छी खेल सामग्री एवं खेल उपकरणों का उपयोग किया जाना, खिलाड़ियों को खेल के नियमों की जानकारी होना एवं खेल गतिविधियों को सुनियोजित प्रकार से योजना बनाकर संचालित किया जाना आवश्यक है। छात्र-छात्राओं को खेलने का सुरक्षित वातावरण देने के लिए खेल के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं एवं परिस्थितियाँ जिनके कारण दुर्घटना होना संभव है, का रिकॉर्ड रखना एवं खेल गतिविधि संचालित होने से पहले उपचारात्मक उपाय किया जाना आवश्यक है। इन सुरक्षा नियमों की क्रियान्विति से खेल गतिविधियाँ सुरक्षित वातावरण में संचालित हो सकेंगी एवं खेल के दौरान छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
6. मॉनीटरिंग
स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश / SPORTS GRANT GUIDELINE विद्यालयों द्वारा स्पोर्टस ग्रान्ट की राशि का उपयोग नियमानुसार किये जाने एवं सामग्री की गुणवत्ता; लेखा एवं वित्तीय नियमानुसार क्रय प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुये प्रत्येक सीआरसी / यूसीईईओ अपने अधीनस्थ विद्यालयों की नियमित मॉनीटरिंग करेंगे।
प्रत्येक ब्लॉक कार्यालय स्तर पर तीन सदस्य यथा सीबीईओ, एसीबीईओ, लेखा अधिकारी की समिति का गठन कर सीआरसी / यूसीईईओ द्वारा की जा रही मॉनीटरिंग एवं विद्यालयों द्वारा क्रय की जा रही खेल सामग्री को लेखा एवं वित्तीय नियमांनुसार क्रय प्रक्रिया, गुणवत्ता एवं पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुये नियमित रूप से मॉनीटरिंग करेंगे।
जिला कार्यालय स्तर पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला परियोजना समन्वयक, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक एवं सम्बन्धित सहायक परियोजना समन्वयक / कार्यक्रम प्रभारी अधिकारी संयुक्त रूप से विद्यालयों द्वारा लेखा एवं वित्तीय नियमानुसार क्रय प्रक्रिया अपनाते हुये क्रय की जा रही खेल सामग्री की कार्यवाही की विद्यालय स्तर एवं ब्लॉक कार्यालय स्तर के अधिकारियों द्वारा की जा रही मॉनीटरिंग की समीक्षा करेंगे।
किसी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर दोषी अधिकारियों के विरूद्ध नियमानुसार विभागीय कार्यवाही विभाग द्वारा अमल में लायी जायेगी। अतः खेल सामग्री की क्रय प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुये लेखा नियमानुसार कार्यवाही कर गुणवत्तापूर्ण सामग्री क्रय की जाये ।
सप्ताह में कम से कम एक कालांश खेल सम्बन्धी होना चाहिये ।
विभाग द्वारा आयोजित खेल गतिविधियों के आयोजन में राशि का उपयोग लिया जा सकता है।
विद्यालय में उपलब्ध खेल सामग्री के रख-रखाव, उपयोग में लिये जाने की स्थिति में बनाये रखने में राशि का उपयोग लिया जा सकता है।
खेल सामग्री / उपकरण के रख-रखाव, भण्डार पंजिका का संधारण, खेलने योग्य खेल सामानों की उपलब्धता इत्यादि का दायित्व शारीरिक शिक्षक / प्रभारी शिक्षक द्वारा वहन किया जायेगा ।
स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश / SPORTS GRANT GUIDELINE
8. लेखा सम्बन्धी नियम :-
स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश / SPORTS GRANT GUIDELINE के अनुसार इस मद में निर्धारित बजट सीमा से अधिक व्यय नहीं किया जाये। निर्धारित सीमा से अधिक व्यय किये जाने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाकर वसूली की जाएगी। क्रय हेतु वित्तीय नियमों का ध्यान रखा जाये।
किये गये व्यय का निर्धारित समयावधि में उपयोगिता प्रमाण पत्र दिया जाकर समायोजन सुनिश्चित करवाया जाये।
राशि का उपयोग गतिविधि व शिक्षा मंत्रालय के दिशा निर्देशानुसार एवं वित्तीय नियमों की पूर्ण पालना करते हुये विहित प्रक्रियानुसार किया जाना सुनिश्चित करें।
क्रय की जाने वाली सामग्री में “राजस्थान लोक उपापन में पादरर्शिता अधिनियम 2012 एवं नियम 2013” की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जाये ।
विशेष
वर्तमान में राज्य में सैकण्डरी की श्रेणी के समस्त विद्यालय उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत किये जा चुके है । किन्तु भारत सरकार से अनुमोदित की गयी पी०ए०बी० का आधार यू-डाइस 2021-22 है। अतः यू-डाइस 2021-22 में दी गयी विद्यालय श्रेणी के अनुसार ही राशि जारी की जानी है।
परिषद कार्यालय से एस. एन.ए. से राशि आहरण की स्वीकृति प्राप्त होने के उपरान्त जिला कार्यालय तीन दिवस में चरणबद्ध रूप से ब्लॉक / पीईईओ, यूसीईईओ / विद्यालय को राशि आहरण की स्वीकृति जारी करवाया जाना सुनिश्चित करें।
आप मित्रो से आग्रह हैं कि हमने बड़ी मेहनत से इस आर्टिकल की 💯% शुद्धता के साथ, सटीक और ऑफिशियल जानकारी आपके लिए एकत्र करके SHARE की हैं | इस कार्य में हमारे मित्रो की टीम ने मिलकर सहयोग किया हैं 🙏🏻 अत: आप इस पोस्ट के लिंक को अपने मित्रो, साथियों और सहकर्मियों तक सोशल मिडिया प्लेटफोर्म पर जरूर शेयर करें और नीचे दिए सोशल मीडिया से जरूर जुड़े|
आपके लिए महत्वपूर्ण उपयोगी नवीन जानकारी जरूर देखें
SHIVIRA PANCHANG 2024 PDF DOWNLOAD शिविरा पंचांग 2023-24 PDF : राजस्थान में सरकारी स्कूल और प्राइवेट स्कूलों को खोलने को लेकर ताजा जानकारी सामने आई है साथ ही सत्र 2023-24 के लिए शिविरा कैलेंडर जारी कर दिया गया हैं। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सत्र 2023 24 के लिए शिविरा पंचांग जारी कर दी गई है। राजस्थान में स्कूलों और कॉलेजों की संपूर्ण जानकारी इस आर्टिकल में के माध्यम से उपलब्ध करवाने की कोशिश की जा रही है आशा है ये आपके लिए उपयोगी सिद्ध होगी ।
SHIVIRA PANCHANG 2024 PDF DOWNLOAD शिविरा पंचांग 2023-24 PDF
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के लिए 1 जुलाई 2023 से 30 जून 2024 तक के लिए शिविरा पंचांग या संचालन कार्यक्रम जारी किया गया है। पंचांग के अनुरूप क्षेत्राधिकार में विद्यालय संचालन / विभागीय क्रियाकलापों कार्यक्रम एवं गतिविधियों का आयोजन और क्रियान्वयन किया जायेंगा।
SHIVIRA PANCHANG 2023 PDF DOWNLOAD शिविरा पंचांग 2023-24 PDF
शैक्षणिक सत्र 2023-24 मुख्य बिंदु-
1 ( 26 जून 2023 से 30 अप्रैल 2024 तक) 2 प्रथम परख – 23 से 25 अगस्त 2023 3 द्वितीय परख- 19 से 21 अक्टूबर 2023 4 अर्द्ध वार्षिक परीक्षा – 11 से 23 दिसम्बर 2023 5 तृतीय परख – 20 से 22 फरवरी 2023 6 वार्षिक परीक्षा – 08 से 25 अप्रैल 2023 7 वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषणा 30 अप्रैल 2023 8 प्रत्येक शनिवार – NO BAG DAY रहेगा। 9 मध्यावधि अवकाश – 07 से 19 नवम्बर 2023 10 शीतकालीन अवकाश – 25 दिसम्बर 2023 से 5 जनवरी 2024 11 ग्रीष्मावकाश – 17 मई 2024 से 31 मई 2024
कक्षा 10 के लिए सामाजिक अध्ययन तीन पार्ट में उपलब्ध शानदार सम्पूर्ण अध्याय के क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
आगामी शैक्षणिक सत्र 2023 24 का सत्रारंभ 24 जून 2023 से शिक्षण कार्य और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति 1 जुलाई 2023 से प्रारंभ की जाएगी। 24 जून से सामान्य प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी साथ ही प्रवेशोत्सव दो चरणों में चलाया जाएगा। प्रवेश की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2023 होगी। व्यवसायिक शिक्षा संचालित विद्यालयों में योजना का प्रचार प्रसार और नवीन विद्यार्थियों हेतु प्रवेश काउंसलिंग 21 से 30 जून 2023 तक किया जाएगा। मध्यावधि अवकाश 19 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक किया जाएगा । विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश 25 दिसंबर 2023 से 5 जनवरी 2024 तक रहेगा इस बार शीतकालीन अवकाश में 5 दिनों की बढ़ोतरी की गई है।
SHIVIRA PANCHANG DECEMBER 2023 शिविरा पंचांग जुलाई 2023
SHIVIRA PANCHANG JANUARY 2024 शिविरा पंचांग 2024 JANUARY
SHIVIRA PANCHANG 2023-24 शिविरा पंचांग 2023-24 JANUARY
SHIVIRA PANCHANG 2023-24 शिविरा पंचांग 2023-24 FEBRUARY
SHIVIRA PANCHANG 2023-24 शिविरा पंचांग 2023-24 FEBRUARY
SHIVIRA PANCHANG 2023-24 शिविरा पंचांग 2023-24 MARCH
SHIVIRA PANCHANG MARCH 2024 PDF DOWNLOAD शिविरा पंचांग मार्च 2024 PDF
SHIVIRA PANCHANG 2023-24 शिविरा पंचांग 2023-24 APRIL
SHIVIRA PANCHANG 2023-24 शिविरा पंचांग 2023-24 APRIL
SHIVIRA PANCHANG 2023-24 शिविरा पंचांग 2023-24 MAY
SHIVIRA PANCHANG 2023-24 शिविरा पंचांग 2023-24 MAY
SHIVIRA PANCHANG 2023-24 शिविरा पंचांग 2023-24 JUNE
SHIVIRA PANCHANG 2023-24 शिविरा पंचांग 2023-24 JUNE
Rajasthan Government and private school opening new guidelines / Latest Updates : Shivira panchang 2023-24, Shivira 2023-24, Rajasthan Shivira panchang 2023-24, Shivira panchang 2023 – Shivira panchang July 2023-24 Pdf download, Shivira panchang August 2023-24 PDF download, Shivira panchang September 2023-24 download, Shivira panchang October 2023-24 PDF download, Shivira panchang November 2023-24 pdf download, Shivira panchang December 2023-24 pdf download, Shivira panchang January 2023-24 pdf download, Shivira panchang February 2023-24 pdf download, Shivira panchang march 2023-24 pdf download, Shivira panchang April 2023-24 pdf download, Shivira panchang may 2023-24 pdf download, Shivira panchang June 2023-24 pdf download,
कक्षा 10 के लिए विज्ञान विषय का शानदार सम्पूर्ण अध्याय क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
आप मित्रो से आग्रह हैं कि हमने बड़ी मेहनत से इस आर्टिकल की 💯% शुद्धता के साथ, सटीक और ऑफिशियल जानकारी आपके लिए एकत्र करके SHARE की हैं | इस कार्य में हमारे मित्रो की टीम ने मिलकर सहयोग किया हैं 🙏🏻 अत: आप इस पोस्ट के लिंक को अपने मित्रो, साथियों और सहकर्मियों तक सोशल मिडिया प्लेटफोर्म पर जरूर शेयर करें और नीचे दिए सोशल मीडिया से जरूर जुड़े|
आपके लिए महत्वपूर्ण उपयोगी नवीन जानकारी जरूर देखें
STUDENT ACCIDENT INSURANCE SCHEME / विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना : राज्य के अनुदानित एवं गैर अनुदानित विद्यालयों,राजकीय / निजी महाविद्यालयों विश्वविद्यालयों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों की दुर्घटना में मृत्यु अथवा शारीरिक क्षतियों की दशा में विद्यार्थियों के माता / पिता / संरक्षक / पति/पत्नी (वैध मनोनीत )को वीमा आवरण उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान सरकार के राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग (साधारण बीमा निधि)द्वारा वर्ष 2002 – 03 से विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना संचालित की जा रही है।
योजना का अवलोकन
योजना का नाम
राजस्थान विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना।
आरंभ होने की तिथि
14/11/1996.
लाभ
राजस्थान विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत को निमिन्लिखित लाभ प्रदान किये जायेंगे :-पात्र छात्र छात्राओं के दुर्घटना में घायल अथवा मृत्यु होने पर क्षतिपूर्ति दिया जाता है।
नोडल विभाग
राजस्थान राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग।
आवेदन का तरीका
ऑफलाइन आवेदन पत्र द्वारा।
STUDENT ACCIDENT INSURANCE SCHEME
कक्षा 10 के लिए सामाजिक अध्ययन तीन पार्ट में उपलब्ध शानदार सम्पूर्ण अध्याय के क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
STUDENT ACCIDENT INSURANCE SCHEMES योजना के संबंध में महत्वपूर्ण बिन्दु
यह योजना वर्तमान में निम्नानुसार प्रचलित है :-
योजना का संचालन राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग (साधारण बीमा निधि) के जिला कार्यालयों द्वारा किया जा रहा है।
इस योजना के अन्तर्गत निम्न श्रेणियां प्रचलित है :
क.सं.
बीमित ग्रूप
प्रीनियम प्रति छात्र (कर सहित)
बीमा धन (रू.)
1.
कक्षा नर्सरी से आठवीं तक
25 /- रू०
50,000
2.
कक्षा 9 से 12वीं तक
50/- रू०
100000
3.
समस्त राजकीय एवं निजी महाविद्यालय, विश्वविद्यालय तकनीकी एवं उच्च शिक्षा
100/-रू०
200000
STUDENT ACCIDENT INSURANCE SCHEME
विभाग के जिला कार्यालयों को प्रीमियम प्राप्त होने की दिनांक से पॉलिसी एक वर्ष के लिए प्रभावी रहेगी तथा पॉलिसी अवधि समाप्त होने से पूर्व आगामी वर्ष हेतु प्रीमियम प्राप्त होने पर प्रीमियम प्राप्ति की दिनांक से नई पॉलिसी जारी की जा सकेगी । शिक्षण संस्था द्वारा इस विभाग में प्रीमियम राशि जमा कराने की दिनांक से ही जोखिम वहन की जाएगी। यदि शिक्षण संस्था द्वारा विद्यार्थी से प्रीमियम राशि की वसूली कर ली गई है किन्तु प्रीमियम इस विभाग में देरी से जमा कराया गया है तो प्रीमियम जमा कराने की तिथि से पूर्व दुर्धटना मृत्यु / क्षति की स्थिति में पॉलिसी के तहत भुगतान नहीं किया जायेगा ।
बीमित विद्यार्थी की मृत्यु अथवा पॉलिसी में उल्लेखित क्षतियों की स्थिति में पॉलिसी के प्रभावी रहने की अवस्था में भारत में किसी भी स्थान और सामय पर दूर्घटना घटित होने पर योजना का लाभ देय होगा ।
इस योजना के अन्तर्गत दी जाने वाली राशि अन्य किरी भी विधि विधान के अन्तर्गत दी जाने वाली क्षतिपूर्ति राशि के अतिरिक्त होगी।
मृत्यु अथवा शारीरिक क्षति दोनों प्रकार के दावों में दावा राशि विद्यार्थी के माता/पिता /संरक्षक पति/पत्नी (वैध मनोनीत) को देय होगी।
राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग (साधारण बीमा निधि) के संयुक्त / उप / सहायक निदेशक कार्यालय जिला स्तर पर स्थित है । पॉलिसी जारी करने की समस्त प्रक्रिया एवं दावों का निस्तारण जिला कार्यालयों द्वारा किया जाएगा।
विभाग द्वारा स्वीकृत किये गये दावों का भुगतान दावेदार के बैंक खाते में किया जावेगा।
दावा प्रपत्र मय दस्तावेज दुर्घटना की तिथि के छ: माह के अन्दर दावेदार द्वारा पूर्ति कर शिक्षण संस्था के प्राचार्य के माध्यम से इस विभाग के सम्बन्धित जिला कार्यालय में प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है ।
दावा प्रपत्र के साथ मृत्यु की स्थिति में पुलिस एफआईआर, एफआर व पोस्टमार्टम रिपोर्ट आदि दस्तावेज एवं क्षति की स्थिति में एफआईआर, ईलाज का विवरण, मेडिकल बोर्ड सर्टिफिकेट आदि दस्तावेज संलग्न किये जावे। इसी प्रकार चिकित्सा पुनर्भरण के प्रकरणों में इलाज विवरण मूल मेडिकल बिल आदि भी संलग्न किये जाये।
पॉलिसी अवधि में एक से अधिक दुर्घटना के होने पर बीमाधन से अधिक राशि का भुगतान नहीं किया जावेगा।
पॉलिसी अवधि के बीच में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थी के लिए शार्ट पीरियड रेट्स के आधार पर निम्नानुसार प्रीमियम राशि जमा करायी जावेगी :-
पॉलिसी अवधि के बीच में सम्मिलित
वार्षिक प्रीमियम का प्रतिशत
एक माह तक
25%
एक माह से अधिक किन्तु 3 माह तक
50%
3 माह से अधिक किन्तु 6 माह तक
75%
6 माह से अधिक किन्तु 1 वर्ष तक
100%
STUDENT ACCIDENT INSURANCE SCHEME
उक्त बीमा योजनान्तर्गत प्रथम श्रेणी, द्वितीय श्रेणी एवं तृतीय श्रेणी हेतु पृथक-पृथक अंडरटेकर रजिस्टर एवं क्लेम रजिस्टर संधारित किये जाएंगे।
योजना के तहत दुर्घटना में क्षति / मृत्यु की दशा में ही भुगतान देय है। अतः दुर्घटना के स्पष्ट साक्ष्य तथा क्षति/ मृत्यु का प्रत्यक्ष/आसन्न (Proximate) कारण दुर्घटना ही है, सुनिश्चित होने के पश्चात ही प्रकरण में भुगतान देय होगा दुर्घटना के कारण ही मृत्यु/क्षति कारित होने को साबित करने का दायित्व दावेदार का होगा ।
योजना का संचालन राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग, राजस्थान, जयपुर (साधारण बीमा योजना) द्वारा किया जा रहा है।
योजना का नवीनीकरण प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को किया जाता है।
विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत दुर्घटना में विद्यार्थी की मृत्यु अथवा अन्य शारीरिक क्षतियों की दशा में योजना के प्रावधानों के अनुसार राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग (साधारण बीमा योजना) द्वारा जारी परिपत्र व प्रतिवर्ष जारी पॉलिसी के अनुसार ही बीमा धन का भुगतान किया जाता है।
राज्य के समस्त अनुदानित/ गैर अनुदानित नर्सरी से सीनियर सैकेण्डरी विद्यालय, समस्त राजकीय एवं निजी बी.एड. एवं एस.टी. सी. कॉलेज, समस्त राजकीय एवं निजी इंजीनियरिंग कॉलेज, सगस्त राजकीय एवं निजी पॉलीटेक्नीक कॉलेज, समस्त राजकीय एवं निजी मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज, समस्त राजकीय / निजी महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय आदि के विद्यार्थियों पर योजना लागू होगी।
4. योजना हेतु विद्यार्थी की परिभाषाः
अनुदानित विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी एवं निजी संस्थाओं के विद्यार्थी जिनका प्रीमियम शिक्षण संस्था द्वारा इस विभाग को प्रपित किया गया है एवं शिक्षण संस्था द्वारा विभाग को प्रेषित सूची में जिनके नाम का उल्लेख है, योजना के अन्तर्गत वीमित विद्यार्थी माने जायेगें।
इस योजना के अन्तर्गत बीमित अवधि में दुर्घटना में विद्यार्थी की मृत्यु अथवा अन्य शारीरिक क्षति की दशा में योजना के प्रावधानों के अनुसार भुगतान किया जावेगा योजना के अन्न्तगत दुर्घटना में हुई क्षति का आशय किसी ऐसी शारीरिक चोट से है, जो वाहा, हिंसात्मक एवं दृश्य माध्यम (External, Violent, Visible Means) हो। शारीरिक चोट संदर्भित दुर्घटना से ही उत्पन्न हुई होनी चाहिए एवं दुर्घटना से पूर्व अस्तित्व में नहीं होनी चाहिए। स्पष्टतः योजना के अन्तर्गत केवल उन्हीं प्रकरणों पर विचार किया जायेगा जिनमें मृत्यु अथवा शारीरिक क्षति दुर्घटना से उत्पन्न हुई है। यह स्पष्ट किया जाता है कि मृत्यु/क्षति का सीधा संबंध (Proximate Cause) दुर्घटना से होना चाहिए।
6. विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना में दुर्घटनावश मृत्यु होने अथवा निम्न प्रकार की क्षति होने पर देय होगा :-
क्र. सं.
दुर्घटना में हुई क्षति का प्रकार
दुर्घटना पर देय लाभ/ बीमाधन प्रतिशत
1
दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर
100%
2
दुर्घटना में दोनों हाथों या दोनों पैरों या दोनों आँखों या एक हाथ एवं एकऑख अथवा एक पैर एवं एक आँख अथवा एक पैर एवं एक हाथ की क्षतिपर
100%
3
दुर्घटना में एक हाथ अथवा एक पैर अथवा एक आँख की क्षति पर
50%
4
उपरोक्त क्षति के अलावा अन्य प्रकार की शारीरिक क्षति से बीमाकृत विद्यार्थीके सम्पूर्ण रूप से अयोग्य होने की दशा में
100%
5
आशिक क्षति की दशा में- (अ) श्रवण शक्ति की क्षति की दशा में :
50%
(ब) एक हाथ के अंगूठे एवं अंगुलियों की क्षतिः
40%
(स) हाथ के अंगूठे की क्षति 1. हाथ के अंगूठे की क्षति (दोनों अंगुलियों की क्षति)
25%
(द) हाथ के अंगूठे के अतिरिक्त अन्य अंगुलियों की क्षति 1. किसी भी अंगुली की समस्त अंगुलस्थियों की क्षति पर
10%
2. किसी भी अंगुली की दो अंगुलस्थियों की क्षति पर
8%
3. किसी भी अगुली की एक अंगुलस्थी की क्षति पर
4%
(य) पांव के अंगूठे एवं अंगुलियों की क्षति की दशा में (1) दोनों पांवों की समस्त पावांगुलियों की क्षति (समस्त अंगुलस्थियों की क्षति
20%
(2) पांव के एक अंगूठे की क्षति (दोनों अंगुलस्थियों की क्षति)
5%
(3) पांव के एक अंगूठे की क्षति (एक अंगुलस्थी की क्षति)
2%
(4) अंगूठे के अतिरिक्त पांव की एक अथवा अधिक अंगुलियों की क्षति (दोनों अंगुलस्थियों की क्षति)
1%
6
जलने के कारण क्षति :- (1) सम्पूर्ण शरीर के 50 प्रतिशत या अधिक जलने पर
50%
(2) सम्पूर्ण शरीर के 40 प्रतिशत से अधिक किन्तु 50 प्रतिशत से कम जलने पर
40%
(3) सम्पूर्ण शरीर के 30 प्रतिशत से अधिक किन्तु 40 प्रतिशत से कम जलने पर
30%
7
दुर्घटना के कारण आयी चोट के परिणामस्वरूप 24 घण्टे से अधिक चिकित्सालय (सरकारी या प्राईवेट) में भर्ती रहने पर संबंधित डॉक्टर या चिकित्सा अधिकारी के प्रमाण पत्र एवं दवाई के बिल प्रस्तुत करने पर निम्नानुसार लाभ देय है।
10%
STUDENT ACCIDENT INSURANCE SCHEME
उक्त योजना में पॉलिसी अवधि के अन्तर्गत दुर्घटनावश मृत्यु होने अथवा क्षति होने पर 100% बीमाधन से अधिक लाभ देय नहीं होगा।
इस योजना के अन्तर्गत हाथ की क्षति से आशय कलाई अथवा इसके ऊपर से पार्थक्य होने से है। इसी प्रकार पैर की क्षति से आशय पैर के टखने (Ankle) अथवा इसके ऊपर से पार्थक्य होने से हैं। इस योजना के तहत हाथ के पार्थक्य (Physical Separation) का आशय कलाई अथवा इसके उपर से पार्थक्य होने से है । इस प्रकार पैर के पार्थक्य (Physical Separation) से आशय टखना (Ankle) अथवा इसके उपर से पार्थक्य होने से है।
कक्षा 12 के लिए राजीनीति विज्ञान के नोट्स शानदार सम्पूर्ण अध्याय क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
योजना के अन्तर्गत प्राकृतिक रूप से या बीमारी के कारण से होने वाली मृत्यु अथवा शारीरिक क्षति पर इस पॉलिसी के अन्तर्गत किसी प्रकार का लाभ देय नहीं होगा योजना के अन्तर्गत निम्न परिस्थितियों में लाभ देय नहीं है :-
क. हृदय गति रूक जाने से होने वाली मृत्यु अथवा अन्य क्षति।
ख, विभिन्न बीमारियों जैसे कैंसर, टी.बी. इत्यादि से होने वाली मृत्यु अथवा अन्य क्षति ।
ग. आत्मक्षति, आत्महत्या या आत्महत्या का प्रयास, पागलपन अथवा किसी विद्यार्थी द्वारा नशीला द्रव्य के प्रयोग के प्रभाव से होने वाली क्षति।
घ. चिकित्सा अथवा शल्य क्रिया के दौरान होने वाली क्षति।
ड. नाभिकीय विकिरण अथवा परमाणविक अस्त्रों से होने वाली क्षति।
च. युद्ध, विदेशी आक्रगण, विदेशी शत्रु के कृत्यों, गृह युद्ध देशद्रोह अथवा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से होने वाली क्षति ।
छ. विद्यार्थी द्वारा आपराधिक उद्देश्य से विधि द्वारा निर्धारित कानून का उल्लंघन करते समय हुई मृत्यु अथवा क्षति।
ज. मोटर वाहन अधिनियम में निर्धारित उम्र से कम उम्र में वाहन चलाने के कारण होने वाली दुर्घटना से मृत्यु अथवा क्षति।
8. विभाग के जिला कार्यालय के निर्णय से असंतुष्ट होने की स्थिति में दावेदार द्वारा निर्णय की दिनांक से 3 माह की अवधि में निर्णय के रिव्यू / रिविजन हेतु संभागीय अतिरिक्त निदेशक, राज्य बीमा एवं प्रा० नि० के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रेषित किया जा सकेगा संभागीय अतिरिक्त निदेशकों से निर्णय के विरूद्ध रिव्यू /रिविजन निर्णय दिनांक से 3 माह की अवधि के भीतर निदेशक, राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग,राजस्थान, जयपुर को अपील की जा सकेगी ।
इस योजना के अन्तर्गत जिला कार्यालयों द्वारा जारी की जाने वाली पॉलिरी का प्रारूप संलग्न किया जा रहा है। जिला कार्यालयों द्वारा इसी प्रारूप में पॉलिसी जारी की जानी है। यही पॉलिसी विधिक कार्यों के लिए वैध दस्तावेज के रूप में प्रयोग में लाई जावे। योजना के संचालन हेतु निर्देश, यथावश्यकता समय -समय पर साधारण बीमा निधि कार्यालय द्वारा जारी किये जाएंगे।“
सामान्य बीमा निधि बीमित व्यक्ति को उस सीमा तक और इसके बाद के तरीके से भुगतान करेगी, बशर्ते कि यदि कोई भी बीमित व्यक्ति बाहरी, हिंसक और दृश्य साधनों से हुई दुर्घटना से पूरी तरह से और सीधे होने वाली किसी भी शारीरिक चोट को बनाए रखेगा, तो इसके बाद की राशि के संबंध में विभाग द्वारा निर्धारित अनुसूची में निर्दिष्ट किसी भी बीमित व्यक्ति और दुर्घटना में उपचार व्यय और प्रतिपूर्ति
दुर्घटना से घायल हुए दावेदार को पॉलिसी शर्तों के अनुसार अधिकतम चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि प्राप्त करने के हकदार होने के 24 घंटे से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती होना चाहिए।
योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ
राजस्थान विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत को निमिन्लिखित लाभ प्रदान किये जायेंगे :-
क्र. स.
वर्ग
नर्सरी से आठवीं तक
9वीं से 12वीं
राजकीय/निजी महाविधालय, विशवविद्यालय , तकनीकी एवं उच्च शिक्षा
1
दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर
50,000
1,00,000
2,00,000
2
दुर्घटना में दोनों हाथों या दोनों पैरों या दोनों आँखों या एक हाथ एवं एक आँख अथवा एक पैर एवं एक आँख अथवा एक पैर एवं एक हाथ की क्षति पर
50,000
1,00,000
2,00,000
3
दुर्घटना में एक हाथ अथवा एक पैर अथवा एक आँख की क्षति पर
25,000
50,000
1,00,000
4
उपरोक्त क्षति के अलावा अन्य प्रकार की शारीरिक क्षति से बीमाकृत के सम्पूर्ण रूप से आयोग होने की दशा में।
50,000
1,00,000
2,00,000
5
आंशिक क्षति की दशा में :-
श्रवण शक्ति की क्षति की क्षति की दशा में :-
25,000
50,000
1,00,000
एक हाथ में अंगूठे एवं अंगुलियों की क्षति :-
20,000
40,000
80,000
हाथ के अंगूठे की क्षति:-
12,500
25,000
50,000
किसी भी अंगुली की समस्त अंगुलस्थियो की क्षति पर :-
5,000
10,000
20,000
किसी भी अंगुली की दो अंगुलस्थियो की क्षति पर :-
4,000
8,000
16,000
किसी भी अंगुली की एक अंगुलस्थियो की क्षति पर :-
2,000
4,000
8,000
दोनों पावों की समस्त पांवगुलियो की क्षति
10,000
20,000
40,000
पांव के एक अंगूठे की क्षति (दोनों अंगुलस्थियो की क्षति)
2500
5,000
10,000
पांव के एक अंगूठे की क्षति (एक अंगुलस्थियो की क्षति)
1,000
2,000
4,000
अंगूठे के अतिरिक्त पांव की एक अथवा अधिक अंगुलियों की क्षति (दोनों अंगुलस्थियो की क्षति)
500
1,000
2,000
6
जलने के कारण क्षति :-
सम्पूर्ण शरीर के 50 प्रतिशत या अधिक जलने पर
25,000
50,000
1,00,000
सम्पूर्ण शरीर के 40 प्रतिशत से अधिक किन्तु 50 प्रतिशत से कम जलने पर
20,000
40,000
80,000
सम्पूर्ण शरीर के 30 प्रतिशत से अधिक किन्तु 40 प्रतिशत से कम जलने पर
15,000
30,000
60,000
7
दुर्घटना के कारण आयी चोट के परिणामस्वरूप 24 घंटे से अधिक चिकित्सालय (सरकारी या प्राइवेट) में भर्ती रहने पर संबंधित डॉक्टर या चिकित्सा अधिकारी के प्रमाण पत्र एवं दवाई के बिल प्रस्तुत करने पर नियमनुसार लाभ देय है।
5,000
10,000
20,000
STUDENT ACCIDENT INSURANCE SCHEME
Note : यह स्पष्ट किया जाता है कि मृत्यु अथवा क्षति का सीधा संबंध दुर्घटना से होना चाहिए, दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर बीमा धन Rs.100000 देय होगा इसके अलावा दुर्घटना में दोनों हाथों या दोनों पैरों या दोनों आंखों या एक हाथ या एक आंख अथवा एक पैर एवं एक आंख अथवा एक पैर एवं एक हाथ की क्षति होने पर भी Rs. 100000 बीमा धन देय होगा। इसके अलावा अन्य क्षतियो की स्थिति में विभाग द्वारा निर्धारित अलग-अलग बीमा धनराशि देय होगी।
अपवाद / Exceptions : बीमित व्यक्ति की मृत्यु, चोट या विकलांगता के संबंध में मुआवजे के लिए इस पॉलिसी के तहत सामान्य बीमा कोष उत्तरदायी नहीं होगा जैसे-
जानबूझकर आत्म-चोट, आत्महत्या या आत्महत्या के प्रयास से
शराब या ड्रग्स या ऐसे किसी भी पदार्थ के प्रभाव में रहते हुए, चाहे वह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इसके कारण हुआ हो या इसके द्वारा योगदान दिया गया हो
एविएशन या बैलूनिंग में संलग्न होने के दौरान, या दुनिया में कहीं भी किसी भी विधिवत लाइसेंस प्राप्त मानक प्रकार के विमान में एक यात्री (किराया भुगतान या अन्यथा) के अलावा किसी भी गुब्बारे या विमान में चढ़ते समय, उतरते या यात्रा करते समय
प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से किसी भी बीमारी या पागलपन के कारण होता है
बीमित व्यक्ति द्वारा आपराधिक मंशा के साथ या उसके बिना कोई उल्लंघन या कानून करने के परिणामस्वरूप उत्पन्न होना या उत्पन्न होना।
प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से युद्ध, आक्रमण, विदेशी शत्रु के अधिनियम, शत्रुता (चाहे युद्ध घोषित हो या नहीं), गृहयुद्ध, विद्रोह, क्रांति, विद्रोह, विद्रोह, सैन्य या हड़पने वाली शक्ति, जब्ती, कब्जा, गिरफ्तारी, संयम से जुड़ा या पता लगाने योग्य और सभी राजाओं, राजकुमारों, किसी भी राष्ट्र की स्थिति या गुणवत्ता के लोगों की हिरासत।
प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से किसी भी परमाणु ईंधन या परमाणु ईंधन के दहन से किसी भी परमाणु कचरे से रेडियोधर्मिता या रेडियोधर्मिता द्वारा विकिरण या संदूषण से उत्पन्न होने या उत्पन्न होने में योगदान देता है। इस अपवाद के प्रयोजन के लिए, दहन में परमाणु विखंडन की कोई भी आत्मनिर्भर प्रक्रिया शामिल होगी।
प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से परमाणु हथियार सामग्री के कारण या योगदान के कारण या उत्पन्न होता है।
सर्जिकल अपवर्जन खंड
इस पॉलिसी के तहत बीमा किसी सर्जिकल ऑपरेशन के कारण प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से होने वाली मृत्यु या विकलांगता को कवर करने के लिए विस्तारित नहीं होगा, इसमें योगदान दिया गया है या बढ़ गया है या लंबे समय तक रहा है।
दुर्घटना के कारण होने वाली मृत्यु के मामले में आवेदक परिवहन के अनधिकृत साधनों से यात्रा कर रहा है जैसे कि अधिक भीड़ वाली जीप, जुगाड़, बस या ट्रेन की छत आदि।
STUDENT ACCIDENT INSURANCE SCHEMES
नामांकन / Nomination
जिन व्यक्तियों को नामिती के रूप में नियुक्त किया जा सकता है:-
बीमित व्यक्ति के पिता या माता।
सौतेली माता/पिता, भाई, बहन यदि नामांकन के समय उपरोक्त (A) में उल्लिखित कोई भी संबंध जीवित नहीं है।
किसी भी व्यक्ति का नामांकन यदि (A) में उल्लिखित कोई संबंध जीवित है तो उसे शून्य और शून्य माना जाएगा।
दावा / CLAIM
किसी भी घटना के होने पर, जो इस नीति के तहत दावे को जन्म दे सकती है, सभी विवरणों के साथ लिखित सूचना GIF को तुरंत दी जानी चाहिए।
मृत्यु के मामले में, मृत्यु के लिए भी लिखित नोटिस, जब तक कि उचित कारण नहीं दिखाया जाता है, नजरबंदी / दाह संस्कार से पहले दिया जाना चाहिए और किसी भी मामले में, मृत्यु के बाद एक कैलेंडर महीने के साथ और दृष्टि की हानि या अंगों के विच्छेदन की स्थिति में लिखित सूचना दी जानी चाहिए। इस तरह की दृष्टि या विच्छेदन के बाद एक कैलेंडर महीने के भीतर नोटिस भी दिया जाना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज व प्रक्रिया- दुर्घटना की स्थिति में राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग, राजस्थान, जयपुर द्वारा जारी दावा प्रपत्र छात्र/अभिभावक/संरक्षक के द्वारा प्रधानाध्यापक/प्रधानाचार्य स्वयं हस्ताक्षरित कर संबंधित मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी/जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक मुख्यालय/जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा के प्रति हस्ताक्षर एवं अग्रेषण पत्र के साथ संबंधित जिले के राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग कार्यालय को अविलंब प्रेषित किये जाने चाहिये ।
प्रकरण के साथ निम्नांकित दस्तावेज संलग्न करें-
बीमा के क्लेम हेतु राज्य बीमा एवं प्रावधाई निधि विभाग राजस्थान जयपुर द्वारा जारी दावा प्रपत्र
एफ. आई. आर. की प्रति
पोस्टमार्टम की रिपोर्ट की प्रति
मृत्यु प्रमाण पत्र
संस्था प्रधान का प्रमाण पत्र
दावेदार के बैंक पासबुक की प्रति
विद्यालय द्वारा विद्यार्थी दुर्घटना बीमा योजना की फीस के चालान की प्रति
उपचार रिपोर्ट
पंचनामा और नक्ष मोका
गवाह का बयान
एमटीआई रिपोर्ट
मूल प्रस्ताव प्रपत्र घटना की तारीख से 2 महीने तक प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
6 महीने के बाद कोई दावा फॉर्म पर विचार नहीं किया जाएगा।
इस पॉलिसी के नवीनीकरण पर बीमित व्यक्ति किसी भी बीमारी, शारीरिक दोष या दुर्बलता के लिए फंड को लिखित रूप में नोटिस देगा, जिसके साथ पिछले पूर्ववर्ती प्रीमियम के भुगतान के बाद से कोई भी बीमित व्यक्ति प्रभावित हुआ है।
क) सभी आवेदन एक ऑनलाइन वेब पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किए ।
ख) शिक्षा मंत्रालय भी पोर्टल में डेटा प्रविष्टि के दौरान पोर्टल में समय पर प्रवेश और तकनीकी और परिचालन मुद्दों के समाधान के बारे में राज्यों/संघशासित प्रदेशों के साथ फिर से समन्वय होगा।
ग) एम ओ ई विकास और पोर्टल के लिए पूरा खर्च वहन करेगा ।
घ) राज्य/संघ राज्यक्षेत्रों के मामले में शिक्षक और विद्यालय प्रमुख स्वयं निर्धारित कट-ऑफ तारीख से पहले वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन पत्र भरकर सीधे आवेदन करेंगे ।
ङ) प्रत्येक आवेदक प्रवेश पत्र के साथ ऑनलाइन, एक पोर्टफोलियो जमा करेगा । पोर्टफोलियो में सभी संबंधित सहायक सामग्री जैसे दस्तावेज़, उपकरण, गतिविधियों की रिपोर्ट, क्षेत्र का दौरा, तस्वीरें, ऑडियो या वीडियो आदि शामिल होंगे।
च) आवेदक द्वारा घोषणा: प्रत्येक आवेदक यह घोषणा पत्र देगा कि सभी दी गई जानकारी/डेटा उसकी/उसके ज्ञान के अनुसार सही है और अगर बाद की तारीख में कुछ भी असत्य पाया जाता है, तो उसके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
Student Safety Accidental Insurance Policy (Class 1 to 8) 2020-21/6
आप मित्रो से आग्रह हैं कि हमने बड़ी मेहनत से इस आर्टिकल की 💯% शुद्धता के साथ, सटीक और ऑफिशियल जानकारी आपके लिए एकत्र करके SHARE की हैं | इस कार्य में हमारे मित्रो की टीम ने मिलकर सहयोग किया हैं 🙏🏻 अत: आप इस पोस्ट के लिंक को अपने मित्रो, साथियों और सहकर्मियों तक सोशल मिडिया प्लेटफोर्म पर जरूर शेयर करें और नीचे दिए सोशल मीडिया से जरूर जुड़े|
आपके लिए महत्वपूर्ण उपयोगी नवीन जानकारी जरूर देखें
Comparison in SI And GPF Deduction | SI व GPF कटौती में तुलना कि कौनसी कटौती बढाएं ? नमस्कार मित्रो शाला सुगम के इस आर्टिकल में आप सभी का ह्रदय की गहराई से स्वागत है। साथियों, इस आर्टिकल में हम आपके लिए स्टेट इन्श्योरेन्स और जीपीएफ कटौती में तुलनात्मक विवरण लेकर आए हैं। कई साथी ये जानकारी चाहते हैं कि हम अपनी कटौतियो में स्टेट इन्श्योरेन्स की कटौती बढ़ाए अथवा जीपीएफ की कटौती को बढ़ाएँ। तो एक साधारण सी जानकारी है जिसे हम हमारे एक्स्पर्ट साथियों के माध्यम से आप के लिए इकट्ठा की है।
हमें उम्मीद है कि आपको ये जानकारी पसंद आएगी। और आप इसे अधिकतम साथियों के साथ शेयर करेंगे।
Comparison in SI And GPF Deduction | SI व GPF कटौती में तुलना कि कौनसी कटौती बढाएं ?
Comparison in SI And GPF Deduction
GPF का पूरा नाम General Provident Fund है। जीपीएफ पर एक निश्चित ब्याज दर गारंटीड रिटर्न के रूप में उपलब्ध होती है। जिसमें सरकार समय-समय पर अपना रिव्यू प्रदान करती रहती है और इस ब्याज दर को रिवाइज करती है।
राज्य सरकार द्वारा राज्य कर्मचारियों के कल्याणार्थ व सामाजिक सुरक्षा हेतु चलाई जा रही योजनाओं में राज्य बीमा पॉलिसी के तहत राज्य कर्मचारियों का अनिवार्य बीमा किया जाता है। जिसमें प्रत्येक कर्मचारी के वेतन से मूल वेतन के आधार पर प्रीमीयम की प्रतिमाह कटौती होती है। राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर माह मार्च 2020 से राज्य बीमा प्रीमियम में बढ़ोत्तरी की है। इसलिये राज्य बीमा की न्यनतम कटोती तो नियमानुसार होती है। परन्तु राज्य बीमा नियम 1998 के मुताबिक कोई भी कर्मचारी अपनी वेतन शृंखला से दो स्लेब आगे के प्रिमियम की कटौती करवा सकता है।
यह राज्य बीमा योजना वर्तमान में बीमा क्षेत्र की देश की सर्वश्रेष्ठ योजनाओं में से एक है। न्यूनतम एवं अधिकतम कटौती की तालिका निम्नानुसार हैं-
क्रम संख्या
पे मेट्रिक लेवल अनुसार वेतन
SI मासिक प्रीमियम
आगे बढ़ा सकते है
अन्य विवरण
प्रथम स्टेप
द्वितीय स्टेप
1
UP TO 22000
800/- ₹
1200/- ₹
2200/- ₹
आगामी 1 अप्रेल को 55 वर्ष से अधिक आयु के कार्मिक अपनी SI कटोती में वृद्धि नही करवा सकते
2
UP TO 22000 -28500
1200/- ₹
2200/- ₹
3000/- ₹
3
28501- 46500
2200/- ₹
3000/- ₹
5000/- ₹
4
46501-72000
3000/- ₹
5000/- ₹
7000/- ₹
5
Above 72000
5000/- ₹
7000/- ₹
–
6
Maximam
7000/- ₹
–
–
Note 👉 कटौती बढ़ाने के लिए कार्मिक को अपनी एसएसओ आईडी से Further Contract ऑनलाइन करना होगा
जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) किस प्रकार से काम करता है?
क्या आप भी यह जानना चाहते हैं की जीपीएफ अर्थात जनरल प्रोविडेंट फंड / General Provident Fund कैसे कार्य करता है तो इसकी संपूर्ण जानकारी हां बता रहे हैं GPF निम्नलिखित तरीकों से काम करता है-
कर्मचारियों को सबसे पहले अपने नियोक्ता के साथ में जीपीएफ अकाउंट खोलना होता है यह मुख्यतः सर्विस में शामिल होते समय शुरू होता है।
इसके अंतर्गत कर्मचारियों की सैलरी का एक निश्चित प्रतिशत मासिक के रूप में काटा जाता है जिसे अपने जीपीएफ अकाउंट में डिपॉजिट किया जाता है।
GPF अकाउंट में डिपॉजिट की गई राशि, आमतौर पर प्रत्येक वर्ष सरकार द्वारा निर्धारित ब्याज़ अर्जित करती है।
कर्मचारी कुछ शर्तों के अधीन अपने GPF अकाउंट पर भी लोन ले सकते हैं।
यदि कर्मचारी किसी अन्य सरकारी विभाग में ट्रांसफर करते हैं या अपनी नौकरी छोड़ते हैं तो वे अपना GPF बैलेंस निकाल सकते हैं या उसे अपने नए नियोक्ता को ट्रांसफर कर सकते हैं।
सामान्य भविष्य निधि जीपीएफ में निवेश करने के लाभ यहां पर दिए जा रहे हैं-
गारंटीड रिटर्न :- जीपीएफ पर एक निश्चित ब्याज दर गारंटीड रिटर्न के रूप में उपलब्ध होती है। जिसमें सरकार समय-समय पर अपना रिव्यू प्रदान करती रहती है और इस ब्याज दर को रिवाइज करती है।
टैक्स लाभ :- जीपीएफ में योगदान करने वाले कार्मिकों का इनकम टैक्स 80c के अंतर्गत टैक्स कटौती के लिए पात्रता रखता है।
नो रिस्क :- जीपीएफ में कटौती करवाना इन्वेस्टमेंट का एक बेहतरीन विकल्प है, क्योंकि इसमें रिटर्न के रूप में एक निश्चित दर प्रदान होती है।
लोन सुविधा :- यदि कर्मचारियों को घर निर्माण, मेडिकल या शिक्षा के लिए लोन की आवश्यकता हो तो वह जीपीएफ से लोन सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकता है।
सुरक्षित रिटायरमेंट :- जीपीएफ में इन्वेस्टमेंट होने के कारण रिटायरमेंट के बाद में जीपीएफ फंड सरकारी कर्मचारियों के लिए सुरक्षित रिटायरमेंट सुनिश्चित करता है।
1. राज्य बीमा में निर्धारित Slab से 2-Step आगे कटौती जरुर करनी चाहिए ताकि बीमाधन अधिक हो। एक तो इसमें अन्य बीमा योजना के मुकाबले बोनस की दर अधिक होने से यह योजना अधिक फायदेमंद है। साथ ही वेतन से कटोती होने से किश्त की चूक नहीं होती। आमतौर पर अन्य बीमा कंपनियों से बीमा होने पर बड़ी संख्या में किश्त नियमित जमा नहीं होने से Policy लैप्स हो जाती है और आर्थिक घाटा होता है। इसके अलावा आवश्यकता होने पर ऋण की राशि भी तुलनात्मक रूप से अधिक होती है और आसानी से मिल जाती है। Maturity पर अच्छी खासी रकम मिल जाती है।
यहाँ एक बात और विचारणीय है चूँकि कार्मिक के असामयिक निधन की स्थिति में सभी परिलाभ के बाद भी रिक्तता की स्थिति रहती है इसलिए अपने परिवार को वास्तविक पर्याप्त आर्थिक संबल प्रदान करने हेतु परिवार के कमाऊ सदस्य को Term Plan Insurance अवश्य लेना चाहिए जो की बाज़ार में अनेक बीमा कंपनियों के उपलब्ध है। मामूली किश्त पर एक बड़ा आर्थिक संरक्षण आप परिवार को प्रदान कर सकते है। जीवन बीमा की वास्तविक अवधारणा यही है।
कक्षा 10 के लिए शानदार सम्पूर्ण अध्याय क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
2. GPF योजना में भी निर्धारित दर से कटोती की जाती है, आज की स्थिति में बाज़ार में उपलब्ध Bank, Post Office और अन्य निजी योजनाओं के मुकाबले GPF की प्रतिफल दर उच्च है तथा पूरी तरह सुरक्षित है. अतः राज्य बीमा की अधिक कटोती और अन्य निजी आवश्यकताओं की पूर्ति के बाद यदि विनियोग की गुंजाईश है तो निश्चित रूप से GPF में अधिक कटोती कराना सबसे सहज, लाभदायक और सुरक्षित विकल्प है.
कक्षा 10 के लिए विज्ञान विषय का शानदार सम्पूर्ण अध्याय क्लासरूम नोट्स व महत्वपूर्ण प्रश्न, और सारांश सहित रंगीन चित्रांकन सहित
आप मित्रो से आग्रह हैं कि हमने बड़ी मेहनत से इस आर्टिकल की 💯% शुद्धता के साथ, सटीक और ऑफिशियल जानकारी आपके लिए एकत्र करके SHARE की हैं | इस कार्य में हमारे मित्रो की टीम ने मिलकर सहयोग किया हैं 🙏🏻 अत: आप इस पोस्ट के लिंक को अपने मित्रो, साथियों और सहकर्मियों तक सोशल मिडिया प्लेटफोर्म पर जरूर शेयर करें और नीचे दिए सोशल मीडिया से जरूर जुड़े|
आपके लिए महत्वपूर्ण उपयोगी नवीन जानकारी जरूर देखें