लोकसेवकों के निलंबन और बहाली को लेकर बहुत विस्तार से जारी हुए दिशानिर्देश, जानिए क्या है खास

लोकसेवकों के निलंबन और बहाली को लेकर बहुत विस्तार से जारी हुए दिशानिर्देश, जानिए क्या है खास

Guidelines suspension reinstatement of Employees : लोकसेवक बहाली निलंबन को लेकर बहुत विस्तार से जारी हुए दिशानिर्देश, जानिए क्या है – खास सरकार ने अपराध की प्रकृति और अलग-अलग स्थितियों अनुसार  लोकसेवकों के निलंबन और बहाली को लेकर पहली बार बहुत विस्तार से दिशानिर्देश जारी किए हैं| Guidelines suspension reinstatement of Employees

कार्मिक विभाग की ओर से जारी इन दिशानिर्देशों के तहत किसी भी लोकसेवक से जुड़े आपराधिक प्रकरण में  पुलिस या संबंधित अनुसंधान एजेंसी के 2 साल तक कोर्ट में चालान पेश नहीं करने पर बहाली के लिए समिति के सामने उसके प्रकरण को रखा जा सकता है. इसी तरह अलग-अलग स्थितियों में निलंबन, बहाली या अन्य कार्रवाइयों के लिए व्यापक लाइन ऑफ एक्शन तय किया गया है।

कार्मिक विभाग, राजस्थान सरकार ने विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों/ प्रमुख सचिवों/ सचिवों को परिपत्र जारी करके लोकसेवकों के निलंबन और बहाली को लेकर अलग-अलग स्थितियों अनुसार विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं।

Guidelines suspension reinstatement of Employees

1. किसी लोकसेवक को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया जाता है अथवा भ्रष्टाचार से संबंधित अन्य मामले में 48 घण्टों से अधिक समय तक पुलिस / न्यायिक अभिरक्षा में रखा जाता है तो संबंधित लोकसेवक को तत्काल निलम्बित किया जावें।

लोकसेवकों के ऐसे प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति जारी होने तथा सक्षम न्यायालय में चालान पेश होने की स्थिति में उनके प्रकरण निलम्बन से बहाली हेतु गठित पुनर्विलोकन समिति के समक्ष विचारार्थ रखे जाएंगे।

2. भ्रष्टाचार से संबंधित अन्य प्रकरणों (रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तारी से भिन्न) में, आय से अधिक सम्पत्ति अथवा धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रकरणों में यदि संबंधित लोक सेवक को पूर्व में निलम्बित नहीं किया गया है तो प्रकरण में लोकसेवक के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति जारी होने पर प्रकरण के तथ्यों, आरोपों की प्रकृति एवं गंभीरता, राज्य सरकार की लोकसेवक के अनुरूप आचरण की अपेक्षा, पद की गरिमा, अभियोजन / अनुसंधान एवं साक्ष्यों को प्रभावित करने की संभावना को ध्यान में रखते हुए सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रकरण का परीक्षण कर लोकसेवक के निलम्बन के संबंध में समुचित निर्णय लिया जावे।

यदि प्रकरण में लोकसेवक को निलम्बित किया गया है तो लोकसेवक के विरूद्ध सक्षम न्यायालय में चालान पेश होने की स्थिति में लोकसेवक के प्रकरण को निलम्बन से बहाली हेतु पुनर्विलोकन समिति के समक्ष विचारार्थ रखा जावे।

Guidelines suspension reinstatement of Employees लोकसेवक बहाली निलंबन को लेकर बहुत विस्तार से जारी हुए दिशानिर्देश, जानिए क्या है खास
Guidelines suspension reinstatement of Employees

1. जघन्य (Heinous) व गंभीर (Grievous ) अपराध यथा हत्या, बलात्कार, दहेज मृत्यु, मानव तस्करी, भ्रूण हत्या, मादक पदार्थों की तस्करी, सार्वजनिक परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग एवं नैतिक अधमता (Moral turpitude) इत्यादि आपराधिक प्रकरणों में यदि किसी लोक सेवक को गिरफ्तार किया जाकर 48 घण्टों से अधिक समय तक पुलिस / न्यायिक अभिरक्षा में रखा जाता है तो ऐसे लोक सेवक को तत्काल निलम्बित किया जावे। Guidelines suspension reinstatement of Employees

लोक सेवकों के ऐसे प्रकरणों में यदि सक्षम न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका है, तो उनके प्रकरण निलम्बन से बहाली हेतु पुनर्विलोकन सामिति के समक्ष विचारार्थ रखे जाएंगे।

2. जघन्य (Heinous) व गंभीर (Grievous) अपराध यथा हत्या, बलात्कार, दहेज मृत्यु, मानव तस्करी, भ्रूण हत्या, मादक पदार्थों की तस्करी, सार्वजनिक परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग एवं नैतिक अधमता (Moral turpitude) इत्यादि आपराधिक प्रकरणों में यदि किसी लोक सेवक को गिरफ्तार नहीं किया गया है या गिरफ्तारी पर पुलिस / न्यायिक अभिरक्षा की अवधि 48 घण्टे अथवा इससे कम हो तो प्रकरण के तथ्यों, आरोपों की प्रकृति एवं गंभीरता राज्य सरकार की लोकसेवक के अनुरूप आचरण की अपेक्षा, पद की गरिमा, अभियोजन / अनुसंधान एवं साक्ष्यों को प्रभावित करने की संभावना को ध्यान में रखते हुए सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रकरण का परीक्षण कर लोकसेवक के निलम्बन के संबंध में समुचित निर्णय लिया जावे । Guidelines suspension reinstatement of Employees

यदि प्रकरण में लोकसेवक को निलम्बित किया गया है तो लोकसेवक के विरूद्ध सक्षम न्यायालय में चालान पेश होने की स्थिति में लोकसेवक के प्रकरण को निलम्बन से बहाली हेतु पुनर्विलोकन समिति के समक्ष विचारार्थ रखा जावे।


JOIN FACEBOOK PAGE

FOLLOW


1. गबन, पद का दुरूपयोग कर राजकोष को हानि पहुंचाने या पदीय दुरुपयोग के अन्य आपराधिक प्रकरणों में यदि किसी लोक सेवक को गिरफ्तार किया जाकर 48 घण्टों से अधिक समय तक पुलिस / न्यायिक अभिरक्षा में रखा जाता है तो ऐसे लोक सेवक को तत्काल निलम्बित किया जावे।

लोक सेवकों के ऐसे प्रकरणों में यदि सक्षम न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका है, तो उनके प्रकरण निलम्बन से बहाली हेतु पुनर्विलोकन सामिति के समक्ष विचारार्थ रखे जाएंगे।

2. गबन, पद का दुरूपयोग कर राजकोष को हानि पहुंचाने या पदीय दुरूपयोग के अन्य आपराधिक प्रकरणों में यदि किसी लोक सेवक को गिरफ्तार नहीं किया गया है या गिरफ्तारी पर पुलिस / न्यायिक अभिरक्षा की अवधि 48 घण्टे अथवा इससे कम हो तो प्रकरण के तथ्यों, आरोपों की प्रकृति एवं गंभीरता, राज्य सरकार की लोकसेवक के अनुरूप आचरण की अपेक्षा, पद की गरिमा, अभियोजन / अनुसंधान एवं साक्ष्यों को प्रभावित करने की संभावना को ध्यान में रखते हुए सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रकरण का परीक्षण कर लोकसेवक के निलम्बन के संबंध में समुचित निर्णय लिया जावे।

यदि प्रकरण में लोकसेवक को निलम्बित किया गया है तो लोकसेवक के विरूद्ध सक्षम न्यायालय में चालान पेश होने की स्थिति में लोकसेवक के प्रकरण को निलम्बन से बहाली हेतु पुनर्विलोकन समिति के समक्ष विचारार्थ रखा जावे।

Guidelines suspension reinstatement of Employees

पुलिस द्वारा पंजीबद्ध अन्य आपराधिक प्रकरणों (बिन्दु संख्या B एवं C में अंकित प्रकरणों से भिन्न) में यदि किसी लोक सेवक को गिरफ्तार किया जाकर 48 घण्टों से अधिक समय तक पुलिस / न्यायिक अभिरक्षा में रखा जाता है तो ऐसे लोक सेवक को तत्काल निलम्बित किया जावे। Guidelines suspension reinstatement of Employees

पुलिस द्वारा पंजीबद्ध अन्य आपराधिक प्रकरणों (बिन्दु संख्या B एवं C में अंकित प्रकरणों से भिन्न) में यदि किसी लोक सेवक को गिरफ्तार नहीं किया गया है या गिरफ्तारी पर पुलिस / न्यायिक अभिरक्षा की अवधि 48 घण्टे अथवा इससे कम हो तो प्रकरण के तथ्यों, आरोपों की प्रकृति एवं गंभीरता, राज्य सरकार की लोकसेवक के अनुरूप आचरण की अपेक्षा, पद की गरिमा, अभियोजन / अनुसंधान एवं साक्ष्यों को प्रभावित करने की संभावना को ध्यान में रखते हुए सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रकरण का परीक्षण कर लोकसेवक के निलम्बन के संबंध में समुचित निर्णय लिया जावे। Guidelines suspension reinstatement of Employees

ऐसे प्रकरणों में निलम्बित लोकसेवकों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा किसी भी समय नियम 13 ( 5 ) के तहत प्रकरण के तथ्यों, आरोपों की प्रकृति एवं गंभीरता, अभियोजन / अनुसंधान एवं साक्ष्यों को प्रभावित करने की संभावना, प्रकरण की वर्तमान स्थिति इत्यादि के संबंध में गुणावगुण पर विचार करते हुए निलम्बन से बहाल करने के आदेश जारी किये जा सकते हैं। निलम्बन से बहाली हेतु ऐसे प्रकरणों को पुनर्विलोकन समिति के समक्ष रखे जाने की आवश्यकता नहीं है। Guidelines suspension reinstatement of Employees

आप शिक्षा जगत के तीव्र अपडेट के लिए इस व्हाट्सएप्प चैनल को जरूर Follow कर लेवें।
👇👇👇👇

1. पुनर्विलोकन समिति प्रत्येक प्रकरण के तथ्यों, आरोपों की प्रकृति एवं गंभीरता, अभियोजन / अनुसंधान एवं साक्ष्यों को प्रभावित करने की संभावना, प्रकरण की वर्तमान स्थिति इत्यादि के संबंध में गुणावगुण पर विचार कर लोक सेवक के निलम्बन को समाप्त करने अथवा यथावत् रखने बाबत अपनी अभिशंषा करेगी। समिति की अभिशंषा पर निलम्बन से बहाली पश्चात् संबंधित विभाग लोक सेवक का पदस्थापन न्यून जनसंपर्क एवं कम महत्व के पद पर ऐसे अन्यत्र स्थान पर किया जाना सुनिश्चित करेगा जो कि उसके घटना स्थल से भिन्न एवं दूरस्थ स्थान पर हो । Guidelines suspension reinstatement of Employees

2. आपराधिक प्रकरणों में निलम्बन से संबंधित पुनर्विलोकन समिति के समक्ष रखे जाने योग्य मामलों में यदि अनुसंधान एजेंसी द्वारा 2 वर्ष की अवधि व्यतीत होने के पश्चात् भी अनुसंधान पूर्ण कर सक्षम न्यायालय में चालान अथवा सक्षम प्राधिकारिता को अभियोजन प्रस्ताव प्रेषित नहीं किया गया है तो ऐसे निलम्बित लोकसेवक के प्रकरण को भी बहाली हेतु पुनर्विलोकन समिति के समक्ष रखा जावे।।

3. पुनर्विलोकन समिति की बैठक चार माह में एक बार आवश्यक रूप से आयोजित की जावेगी।

4. आपराधिक मामलों में निलम्बित लोकसेवकों द्वारा निलम्बन आदेश के विरूद्ध मा. न्यायालय में याचिका / अपील दायर करने तथा मा. न्यायालय द्वारा सक्षम प्राधिकारी को सेवा नियमों के अनुरूप प्रकरण का परीक्षण कर सकारण आदेश जारी करने के निर्देश दिए जाने पर संबंधित प्रकरण के तथ्यों, आरोपों की प्रकृति एवं गंभीरता, अभियोजन / अनुसंधान एवं साक्ष्यों को प्रभावित करने की संभावना, प्रकरण की वर्तमान स्थिति इत्यादि के संबंध में गुणावगुण आधारित परीक्षण कर सक्षम प्राधिकारी द्वारा समुचित स्वमुखरित / सकारण आदेश (Speaking order) जारी किए जावे। ऐसे प्रकरणों को पुनर्विलोकन समिति के समक्ष नहीं रखा जावे। Guidelines suspension reinstatement of Employees

5. यदि किसी आपराधिक प्रकरण में विचारण न्यायालय द्वारा किसी लोक सेवक को दोषमुक्त कर दिया गया है तो ऐसे लोकसेवक को सामान्यतः निलम्बन से बहाल कर दिया जाना चाहिए चाहे राज्य सरकार ने ऐसे प्रकरण में मा, न्यायालय के आदेश के विरूद्ध अपील दायर कर दी हो। ऐसे मामलों में पुनर्विलोकन समिति की अभिशंषा की आवश्यकता नहीं होगी। Guidelines suspension reinstatement of Employees

6. आपराधिक प्रकरणों में लोकसेवक के विरूद्ध सक्षम प्राधिकारी द्वारा यदि अभियोजन मनाही का निर्णय लिया गया है तो ऐसे प्रकरणों में निलम्बन समाप्त कर बहाली आदेश जारी किये जायेंगे। Guidelines suspension reinstatement of Employees

7. लोक सेवक को 48 घण्टों से अधिक समय तक पुलिस / न्यायिक अभिरक्षा में रखे जाने पर निलम्बन का आदेश नियम 13(2) के तहत् जारी किया जावे तथा शेष अन्य मामलों में निलम्बन का आदेश नियम 13 (1) के तहत् जारी किया जावे। Guidelines suspension reinstatement of Employees CLICK HERE

यहाँ हम राजस्थान सरकार के कार्मिको के लिए जारी दिशा निर्देश का एक सार प्रस्तुत करने का प्रयास करते हैं कि –

इन दिशानिर्देशों में यह है खास:- 

  • – अब बहाली के लिए जो प्रकरण समिति के सामने जो प्रकरण रखे जाते हैं उनमें अनुसंधान एजेंसी ने 2 साल में भी कोर्ट में चालान पेश नहीं किया तो बहाली संभव है.
  • – इसके लिए चालान पेश नहीं होने पर 2 साल बाद प्रकरण  पुनर्विलोकन समिति के सामने रखा जा सकता है. 
  • – समिति हर प्रकरणों के तथ्यों, आरोपों की प्रकृति, गंभीरता के पहलू देखेगी. 
  • – साक्ष्यों को प्रभावित करने की संभावना,प्रकरण की मौजूदा स्थिति देखेगी. 
  • – इनके बारे में गुणावगुण पर विचार करके करेगी  निलंबन समाप्त करने या यथावत रखने संबंधी करेगी सिफारिश. 
  • – बहाली बाद ऐसे जनसेवक को कम जनसंपर्क वाले पदों पर रखने.कम महत्व के पद पर ऐसी जगह पोस्टिंग करने के हैं निर्देश जो घटनास्थल से भिन्न और दूरस्थ स्थान पर हो.
  • – रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ने वाले प्रकरण. 
  • – रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ने व 48 घंटे तक कस्टडी में रहे तो संबंधित लोकसेवक को तुरंत निलंबित करने के निर्देश. 
  • – ऐसे प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति होने,कोर्ट में चालान पेश हो तो निलंबन से बहाली हेतु पुनर्विलोकन समिति के सामने रखे जाएंगे प्रकरण.
  • – ऐसे लोकसेवक को पूर्व में निलंबित नहीं किया गया हो तो प्रकरण में लोकसेवक की जब अभियोजन स्वीकृति जारी होगी तब सक्षम अधिकारी परीक्षण करके निलंबन संबंधी लेंगे निर्णय.
  • – प्रकरण के तथ्यों, आरोपों की प्रवृत्ति, गंभीरता अनुरूप निर्णय के निर्देश.
  • – साथ ही लोकसेवक अनुरूप आचरण की अपेक्षा, पद की गरिमा और साक्ष्यों को प्रभावित करने की संभावना का ध्यान रखकर निर्णय के निर्देश.
  • – प्रकरण में निलंबित करने पर कोर्ट में चालान पेश होने पर रखा जाएगा प्रकरण
  • – पुनर्विलोकन समिति के सामने निलंबन से बहाली के लिए रखा जाएगा.

दूसरी स्थिति:- 

हत्या, बलात्कार, दहेज मृत्यु, मानव तस्करी, भ्रूण हत्या के प्रकरण हों, मादक पदार्थों की तस्करी, सार्वजनिक परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग हो. ऐसे प्रकरणों में लोकसेवक को गिरफ्तारी के बाद पुलिस या न्यायिक अभिरक्षा में यदि 48 घंटे तक रखा जाए तो ऐसे लोकसेवक को तुरंत निलंबित करने के निर्देश.

  • – इन प्रकरणों में कोर्ट में चालान पेश हो तो करेगी समिति विचार.
  • – तब निलंबन से बहाली हेतु पुनर्विलोकन समिति के सामने रखे जाएंगे प्रकरण.
  • – राजकोष को हानि पहुंचाने, पद दुरूपयोग के अन्य प्रकरण, अन्य पुलिस द्वारा रजिस्टर्ड आपराधिक प्रकरण जैसी श्रेणियों अनुसार निर्देश.

तीसरी स्थिति:- 

हत्या, बलात्कार, दहेज मृत्यु, मानव तस्करी,भ्रूण हत्या मादक पदार्थों की तस्करी, सार्व.परीक्षा में अनुचित साधन उपयोग हो तो ऐसे आपराधिक प्रकरण में यदि लोकसेवक गिरफ्तार नहीं हुआ हो या गिरफ्तारी पर पुलिस/न्यायिक कस्टडी अवधि 48 घंटे या इससे कम है तो प्रकरण के तथ्यों,आरोप प्रकृति व गंभीरता अनुसार, लोकसेवक के अनुरूप आचरण या साक्ष्यों को प्रभावित करने की संभावना के आधार पर होगा निर्णय.

  • – इन आधारों पर निलंबन को लेकर परीक्षण बाद होगा निर्णय
  • – निलंबन पर कोर्ट में चालान पेश हुआ तो बहाली के लिए हो सकेगा विचार
  • – इसके लिए पुनर्विलोकन समिति के सामने रखे जाएंगे प्रकरण

चौथी स्थिति:- 

गबन,पद के दुरूपयोग,राजकोष को हानि पहुंचाने के हों प्रकरण या पदीय दुरूपयोग के हों अन्य आपराधिक प्रकरण और लोकसेवक को गिरफ्तारी के बाद 48 घंटों तक रखा कस्टडी में तो ऐसा लोकसेवक होगा तुरंत निलंबित.

  • – ऐसे प्रकरणों में कोर्ट ने यदि चालान पेश किया तो बहाली पर होगा विचार.
  • – ऐसे प्रकरण पुनर्विलोकन समिति के सामने रखे जाएंगे बहाली के लिए.
  • – ऐसे प्रकरणों में गिरफ्तारी नहीं हो या 48 घंटे या उससे कम की हो कस्टडी तो विभिन्न मापदंड ध्यान में रखकर लिया जाएगा निलंबन का निर्णय.
  • – ऐसे प्रकरण में निलंबन होने पर कोर्ट में चालान पेश हो  तो बहाली के लिए पुनर्विलोकन समिति के सामने रखा जाएगा विचार के लिए. 

पांचवीं स्थिति:- 

जघन्य, गंभीर, गबन आदि के प्रकरणों के अलावा हो आपराधिक प्रकरण तो भी लोकसेवक को गिरफ्तारी के बाद 48 घंटों की कस्टडी में लिया जाए. 

  • – तो भी ऐसे लोकसेवक को तुरंत निलंबित किया जाए.
  • – यदि गिरफ्तार नहीं किया या कस्टडी 48 घंटे या इससे कम है तो अलग-अलग मापदंडों के आधार पर होगा निलंबन का निर्णय
  • – बहाली के लिए समिति के सामने नहीं रखे जाएंगे ऐसे प्रकरण और समिति में विचार के बाद हो सकती बहाली. 

छठी स्थिति:- 

अब बहाली के लिए जो प्रकरण समिति के सामने रखे जानेवाले हैं जो प्रकरण उनमें अनुसंधान एजेंसी ने 2 साल में भी कोर्ट में चालान नहीं किया पेश तो बहाली के लिए प्रकरण रखा जा सकता पुनर्विलोकन समिति के सामने.

  • – समिति हर प्रकरणों के तथ्यों, आरोपों की प्रकृति, गंभीरता के पहलू देखेगी
  • – साक्ष्यों को प्रभावित करने की संभावना,प्रकरण की मौजूदा स्थिति देखेगी
  • – इनके बारे में गुणावगुण पर विचार करके करेगी निलंबन समाप्त करने या यथावत रखने संबंधी करेगी सिफारिश.
  • – बहाली बाद ऐसे जनसेवक को कम जनसंपर्क वाले पदों पर रखा जाएगा.
  • – कम महत्व के पद पर ऐसी जगह होगी उसकी पोस्टिंग
  • – जो घटनास्थल से भिन्न और दूरस्थ स्थान पर हो, यह करना होगा सुनिश्चित.

अन्य निर्देश:- 

  • – बहाली के लिए पुनर्विलोकन समिति की बैठक 4 माह में हो 1 बार
  • – निलंबन आदेश के खिलाफ कोर्ट में याचिका/ अपील दायर की हो या कोर्ट अधिकारी को प्रकरण का परीक्षण कर सकारण आदेश जारी करे तो अलग-अलग मापदंडों के आधार पर सक्षम अधिकारी करेगा परीक्षण.
  • – संबंधित प्रकरणों के तथ्यों, आरोपों की प्रकृति, गंभीरता का रखें ध्यान.
  • – साक्ष्यों को प्रभावित करने की संभावना, मौजूदा स्थिति पर हो विचार.
  • – फिर अधिकारी कारण सहित जारी करे स्पीकिंग ऑर्डर.
  • – ऐसे प्रकरण नहीं रखे जाएं पुनर्विलोकन समिति के सामने आपराधिक प्रकरण में कोर्ट लोकसेवक को दोषमुक्त कर दे तो ऐसे लोकसेवक को निलंबन से किया जाए बहाल
  • – भले ही कोर्ट के आदेश के खिलाफ सरकार ने की हो अपील तब पुनर्विलोकन समिति की नहीं ली जाए अभिशंसा
  • – यदि सक्षम अधिकारी अभियोजन के लिए करता है मनाही तो ऐसे प्रकरणों में निलंबन समाप्त कर बहाली की जाए

दरअसल, कई बार अलग-अलग मामलों में विभागों की ओर से लाइन ऑफ एक्शन के लिए राय ली जाती है, इसलिए ये दिशानिर्देश जारी किए गए हैं.  


JOIN TELEGRAM PAGE

Guidelines suspension reinstatement of Employees

No.DOPT-1667564457999

भारत सरकार

कार्मिक, लोक शिकायत एवं कार्मिक मंत्रालय पेंशन

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग

(दिनांक 04 नवम्बर, 2022 )

निलंबन

निलंबन से संबंधित प्रावधान कई नियमों में फैले हुए हैं जैसे केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1965, मौलिक नियम आदि। इसके अलावा, कई निलंबन के विभिन्न पहलुओं को कवर करने वाले संचार के विभिन्न तरीकों जैसे ओएम आदि के रूप में कार्यकारी निर्देश समय-समय पर जारी किए गए हैं। अब, इन प्रावधानों के उचित कार्यान्वयन में मंत्रालयों/विभागों और अन्य हितधारकों को सुविधा प्रदान करने की दृष्टि से, इन प्रावधानों को समेकित करने और आवश्यकता पड़ने पर आसान पहुंच के लिए इन्हें सार्वजनिक डोमेन में रखने की आवश्यकता महसूस की गई है। तदनुसार, उक्त नियम/कार्यकारी निर्देश निम्नानुसार संकलित किए गए हैं: Guidelines suspension reinstatement of Employees

निलंबन, हालांकि जुर्माना नहीं है, लेकिन इसका सहारा संयमपूर्वक लिया जाना चाहिए।  जब भी किसी सरकारी कर्मचारी को निलंबित किया जाता है तो सरकार न केवल उसकी सेवाएं खो देती है बल्कि उसे बिना काम करने के लिए भुगतान भी करती है।  इसके साथ एक कलंक भी जुड़ा होता है।  इसलिए, किसी सरकारी कर्मचारी को निलंबित करने का निर्णय सावधानीपूर्वक विचार किया जाना चाहिए और प्रत्येक मामले पर गुण-दोष के आधार पर विचार करना होगा। [ओएम संख्या 11012/17/2013-स्था.(ए) दिनांक 02.01.2014 का पैरा 3]

(a)  जहां, उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही पर विचार किया जा रहा है या लंबित है; या Guidelines suspension reinstatement of Employees

(b)  जहां, सक्षम प्राधिकारी की राय में, उसने खुद को राज्य की सुरक्षा के हित के लिए हानिकारक गतिविधियों में शामिल कर लिया है;

या

(c)   जहां, किसी आपराधिक अपराध के संबंध में उसके खिलाफ मामला जांच, पूछताछ या परीक्षण के अधीन है। [सीसीएस (सीसीए) नियम, 1965 का नियम 10(1)] Guidelines suspension reinstatement of Employees

(C) परिस्थितियाँ जिनके तहत एक सरकारी कर्मचारी को निलंबन के तहत रखा गया माना जाएगा [निलंबन माना जाता है]

  • (a)  यदि सरकारी कर्मचारी को 48 घंटे से अधिक की अवधि के लिए हिरासत में रखा जाता है, चाहे वह आपराधिक आरोप पर हो या अन्यथा;
  • (b)  यदि, किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए जाने की स्थिति में, सरकारी कर्मचारी को 48 घंटे से अधिक कारावास की सजा सुनाई जाती है और उसे तुरंत बर्खास्त या हटाया नहीं जाता है या अनिवार्य रूप से नहीं हटाया जाता है ऐसी सजा के परिणामस्वरूप सेवानिवृत्त हो गए।
  • स्पष्टीकरण – उपरोक्त खंड (बी) में निर्दिष्ट 48 घंटे की अवधि की गणना दोषसिद्धि के बाद कारावास की शुरुआत से की जाएगी और इस प्रयोजन के लिए, कारावास की रुक-रुक कर अवधि, यदि कोई हो, को ध्यान में रखा जाएगा। [सीसीएस (सीसीए) नियम, 1965 का नियम 10(2)] Guidelines suspension reinstatement of Employees
  • किसी भी कारण से गिरफ्तार किए गए सरकारी कर्मचारी का यह कर्तव्य होगा कि वह अपनी गिरफ्तारी के तथ्य और उससे जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारी को दे, भले ही बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया हो। संबंधित व्यक्ति या किसी अन्य स्रोत से सूचना प्राप्त होने पर विभागीय अधिकारियों को यह निर्णय लेना चाहिए कि क्या व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए जिम्मेदार तथ्य और परिस्थितियां उसके निलंबन की मांग करती हैं। किसी भी सरकारी कर्मचारी की ओर से अपने वरिष्ठ अधिकारी को सूचित करने में विफलता को महत्वपूर्ण जानकारी का दमन माना जाएगा और उसे केवल इस आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा, उस कार्रवाई के अलावा जो परिणाम के आधार पर अपेक्षित हो सकती है। उसके खिलाफ पुलिस केस. [ओएम संख्या 39/59/54-स्था.(ए) दिनांक 25.02.1955]
  • (c)  जहां निलंबन के तहत सरकारी कर्मचारी पर लगाए गए सेवा से बर्खास्तगी, निष्कासन या अनिवार्य सेवानिवृत्ति का जुर्माना अपील में या समीक्षा पर अलग रखा जाता है और मामले को माफ कर दिया जाता है आगे की जांच या कार्रवाई या किसी अन्य निर्देश के साथ, उनके निलंबन का आदेश बर्खास्तगी, निष्कासन या अनिवार्य सेवानिवृत्ति के मूल आदेश की तारीख से लागू माना जाएगा और अगले आदेश तक लागू रहेगा। [CCS (CCA) नियम, 1965 का नियम 10(3)]
  • (d) जहां किसी सरकारी कर्मचारी पर लगाए गए सेवा से बर्खास्तगी, निष्कासन या अनिवार्य सेवानिवृत्ति का दंड किसी निर्णय के परिणामस्वरूप रद्द या घोषित या शून्य कर दिया जाता है। कानून की अदालत और अनुशासनात्मक प्राधिकारी, मामले की परिस्थितियों पर विचार करने के बाद, उन आरोपों पर उसके खिलाफ आगे की जांच करने का निर्णय लेते हैं, जिन पर मूल रूप से बर्खास्तगी, निष्कासन या अनिवार्य सेवानिवृत्ति का जुर्माना लगाया गया था, सरकारी कर्मचारी होगा बर्खास्तगी, निष्कासन या अनिवार्य सेवानिवृत्ति के मूल आदेश की तारीख से नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा निलंबन के तहत रखा गया माना जाएगा और अगले आदेश तक निलंबन के तहत रहना जारी रहेगा। Guidelines suspension reinstatement of Employees
  • बशर्ते कि ऐसी किसी भी आगे की जांच का आदेश तब तक नहीं दिया जाएगा जब तक कि इसका उद्देश्य ऐसी स्थिति को पूरा करना न हो जहां न्यायालय ने मामले की योग्यता पर विचार किए बिना पूरी तरह से तकनीकी आधार पर आदेश पारित कर दिया हो। [CCS (CCA) नियम, 1965 का नियम 10(4)] Guidelines suspension reinstatement of Employees
  • (e) सीसीएस (सीसीए) नियम, 1965 के नियम 10(4) में विचारित आगे की जांच का आदेश नहीं दिया जाना चाहिए, सिवाय उस मामले के जब बर्खास्तगी, निष्कासन का दंड हो या अनिवार्य सेवानिवृत्ति को तकनीकी आधार पर किसी न्यायालय द्वारा मामले के गुण-दोष पर विचार किए बिना या जब नई सामग्री सामने आई हो जो न्यायालय के समक्ष नहीं थी, रद्द कर दी गई हो। हालाँकि, उन आरोपों की आगे की जाँच, जिनकी जाँच न्यायालय द्वारा नहीं की गई है, नियम 10(4) के तहत विभागीय अधिकारियों द्वारा आदेश दिया जा सकता है ibid निर्भर करता है प्रत्येक मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर। [ओएम संख्या 11012/24/77-स्था.(ए) दिनांक 18.03.1978] Guidelines suspension reinstatement of Employees
  • (f)  एक प्रश्न कि क्या सीसीएस (सीसीए) नियम, 1965 के नियम 10 (2) के तहत आने वाले मामले में निलंबन के आदेश की अवधि के लिए सीमित कार्रवाई है हिरासत और इससे परे नहीं, इस पर सुप्रीम कोर्ट ने यूनियन ऑफ इंडिया बनाम राजीव कुमार (2003 (5) स्केल 297) के मामले में विचार किया था। इस मामले में भारत संघ की अपील को स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि नियम 10 (2) के संदर्भ में आदेश नहीं है। अवधि या प्रभावकारिता का बिंदु केवल हिरासत की वास्तविक अवधि तक। यह सीसीएस (सीसीए) नियम, 1965 के नियम 10 के उप-नियम 5 (ए) में दिए गए उप-नियम 5 (सी) के तहत संशोधित या निरस्त होने तक क्रियाशील रहेगा। [ओएम संख्या 11012/8/2003-स्था.(ए) दिनांक 23.10.2003] Guidelines suspension reinstatement of Employees

(i)          ऐसे मामले जहां सरकारी कर्मचारी के पद पर बने रहने से जांच, मुकदमे या किसी पूछताछ पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा (उदाहरण के लिए गवाहों या दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की आशंका);

(ii)         जहां सरकारी कर्मचारी के पद पर बने रहने से उस कार्यालय में अनुशासन गंभीर रूप से नष्ट होने की संभावना है जिसमें लोक सेवक काम कर रहा है;

(iii)        जहां सरकारी कर्मचारी का पद पर बने रहना व्यापक सार्वजनिक हित के विरुद्ध होगा [(i) और (ii) द्वारा कवर किए गए लोगों को छोड़कर] जैसे कि वहां सार्वजनिक घोटाला है और ऐसे घोटालों, विशेषकर भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों से सख्ती से निपटने की सरकार की नीति को प्रदर्शित करने के लिए सरकारी कर्मचारी को निलंबित करना आवश्यक है; Guidelines suspension reinstatement of Employees

(iv)        जहां सरकारी कर्मचारी के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं और प्रारंभिक जांच से पता चला है कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है जो उसके अभियोजन को उचित ठहराएगा या उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है विभागीय कार्यवाही, और जहां कार्यवाही उसकी दोषसिद्धि और/या बर्खास्तगी, निष्कासन या सेवा से अनिवार्य सेवानिवृत्ति में समाप्त होने की संभावना है। Guidelines suspension reinstatement of Employees

ध्यान दें: पहले तीन परिस्थितियों में अनुशासनात्मक प्राधिकारी अपने विवेक का प्रयोग करके किसी सरकारी कर्मचारी को निलंबित कर सकता है, भले ही मामले की जांच चल रही हो और प्रथम दृष्टया मामला स्थापित होने से पहले भी।

(v)         नीचे बताई गई परिस्थितियों में निलंबन वांछनीय हो सकता है:-

a)           कोई भी अपराध या आचरण जिसमें नैतिक अधमता शामिल हो;

b)           भ्रष्टाचार, सरकारी धन का गबन या दुरुपयोग, आय से अधिक संपत्ति का कब्ज़ा, व्यक्तिगत लाभ के लिए आधिकारिक शक्तियों का दुरुपयोग;

c)           कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही और लापरवाही के परिणामस्वरूप सरकार को काफी नुकसान हुआ;

d)           कर्तव्य से विमुख होना;

e)           वरिष्ठ अधिकारियों के लिखित आदेशों को पूरा करने से इनकार करना या जानबूझकर विफलता। Guidelines suspension reinstatement of Employees

नोट: उप खंड (सी) और (ई) में निर्दिष्ट दुष्कर्म के प्रकारों के संबंध में विवेक का प्रयोग सावधानी से किया जाना चाहिए। [ओएम संख्या 11012/17/2013-स्था.(ए) दिनांक 02.01.2014 का पैरा 4]

यदि पुलिस ने किसी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 304-बी [दहेज हत्या] के तहत मामला दर्ज किया है, तो वह सीसीएस (सीसीए) नियम, 1965 के नियम 10 के उप-नियम (1) के प्रावधानों को लागू करके सक्षम प्राधिकारी द्वारा निम्नलिखित परिस्थितियों में निलंबन के तहत रखा जाएगा-

(i)          यदि सरकारी कर्मचारी को पुलिस मामला दर्ज करने के संबंध में गिरफ्तार किया जाता है, तो उसे हिरासत की अवधि की परवाह किए बिना तुरंत निलंबित कर दिया जाएगा। Guidelines suspension reinstatement of Employees

(ii)         यदि उसे गिरफ्तार नहीं किया जाता है, तो उसे आपराधिक संहिता की धारा 173 की उप-धारा (2) के तहत पुलिस रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर तुरंत निलंबित कर दिया जाएगा। प्रक्रिया, 1973, मजिस्ट्रेट के पास, यदि रिपोर्ट प्रथम दृष्टया इंगित करती है कि अपराध सरकारी कर्मचारी द्वारा किया गया है। [ओएम संख्या 11012/8/87-स्था.(ए) दिनांक 22.06.1987]

Ø निलंबन के तहत सरकारी कर्मचारी को रखने के लिए प्राधिकारी सक्षम

(i)          नियुक्ति प्राधिकारी, या

(ii)         कोई भी प्राधिकारी जिसके अधीन नियुक्ति प्राधिकारी है, या

(iii)        अनुशासनात्मक प्राधिकारी, या

(iv)        सामान्य या विशेष आदेश द्वारा राष्ट्रपति द्वारा इस संबंध में सशक्त कोई अन्य प्राधिकारी।

बशर्ते कि, भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा सेवा के एक सदस्य के संबंध में नियंत्रक और महालेखा परीक्षक द्वारा किए गए निलंबन के आदेश के मामले को छोड़कर और एक सहायक महालेखाकार या समकक्ष (भारतीय के नियमित सदस्य के अलावा) के संबंध में लेखापरीक्षा और लेखा सेवा), जहां निलंबन का आदेश नियुक्ति प्राधिकारी से निचले प्राधिकारी द्वारा किया जाता है, ऐसा प्राधिकारी तुरंत नियुक्ति प्राधिकारी को उन परिस्थितियों की रिपोर्ट करेगा जिनमें आदेश दिया गया था। [CCS (CCA) नियम, 1965 का नियम 10(1)]

Ø मुख्यालय के बाहर स्थित क्षेत्रीय कार्यालयों में पर्यवेक्षी अधिकारियों को, जहां भी आवश्यक हो, विशेष आदेश जारी करके, नीचे उल्लिखित शर्तों के अधीन, अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निलंबित करने का अधिकार दिया जा सकता है। सीसीएस (सीसीए) नियम, 1965 के नियम 10 के अनुसरण में राष्ट्रपति के नाम पर आदेश: Guidelines suspension reinstatement of Employees

मुख्यालय से दूर स्थित कार्यालयों में केवल पर्यवेक्षी अधिकारियों को कर्तव्यों के घोर लापरवाही के मामले में अधीनस्थ अधिकारी को निलंबित करने के लिए विशेष रूप से सशक्त होने की आवश्यकता है। इस शक्ति के दुरुपयोग को रोकने के लिए निलंबित प्राधिकारी को प्रत्येक मामले के तथ्यों को तुरंत अगले उच्च प्राधिकारी को रिपोर्ट करने की आवश्यकता होनी चाहिए, और निलंबन के ऐसे सभी आदेश तब तक शून्य हो जाने चाहिए जब तक कि एक अवधि के भीतर समीक्षा प्राधिकारी द्वारा इसकी पुष्टि न कर दी जाए। आदेश की तारीख से महीना.  [ओएम संख्या 7/4/74-स्था.(ए) दिनांक 9.08.1974] Guidelines suspension reinstatement of Employees

 मानित निलंबन के संबंध में आदेश जारी करने के लिए प्राधिकारी सक्षम-

नियुक्ति प्राधिकारी [CCS (CCA) नियम, 1965 के नियम 10(2)]

यदि निलंबन के कारण निलंबन आदेश में नहीं बताए गए हैं, तो तीन महीने के भीतर सूचित किया जाना चाहिए। [ओएम संख्या 11012/17/2013-Estt.A दिनांक 02.01.2014 का पैरा 5]

(i)       निलंबन का आदेश किया गया या किया हुआ समझा गया, उस प्राधिकारी द्वारा किसी भी समय संशोधित या रद्द किया जा सकता है जिसने आदेश दिया या ऐसा माना जाता है कि उसने आदेश दिया है या किसी भी प्राधिकारी द्वारा जिसके वह प्राधिकारी अधीनस्थ है। [CCS(CCA) नियम, 1965 के नियम 10(5) (सी)]

(ii)      निलंबन का आदेश किया गया या किया गया माना गया, उसकी प्रभावी तिथि से 90 दिन की समाप्ति से पहले, निलंबन को संशोधित करने या रद्द करने के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा समीक्षा की जाएगी। निलंबन की तारीख, इस उद्देश्य के लिए गठित समीक्षा समिति की सिफारिश पर और निलंबन को बढ़ाने या रद्द करने के आदेश पारित करें।  निलंबन की विस्तारित अवधि की समाप्ति से पहले बाद की समीक्षा की जाएगी।निलंबन की विस्तारित अवधि की समाप्ति से पहले बाद की समीक्षा की जाएगी।  निलंबन का विस्तार एक बार में 180 दिनों से अधिक की अवधि के लिए नहीं होगा। Guidelines suspension reinstatement of Employees

(iii)     निलंबन का आदेश 90 दिनों की अवधि के बाद वैध नहीं होगा, जब तक कि इसे समीक्षा के बाद आगे की अवधि के लिए नहीं बढ़ाया जाता है। 90 दिनों की समाप्ति. Guidelines suspension reinstatement of Employees

बशर्ते कि निलंबित किए जाने के मामले में निलंबन की ऐसी कोई समीक्षा आवश्यक नहीं होगी, यदि सरकारी सेवक हिरासत में रहता है और ऐसे मामले में नब्बे दिन की अवधि की गणना हिरासत में हिरासत में लिए गए सरकारी सेवक की रिहाई की तारीख से की जाएगी। निरोध या वह तारीख जिस पर निरोध से उसकी रिहाई का तथ्य उसके नियुक्ति प्राधिकारी को सूचित किया जाता है, जो भी बाद में हो:

बशर्ते कि ऐसे मामले में जहां इन नियमों के तहत कोई आरोप पत्र जारी नहीं किया गया है, उप-नियम (6) के संदर्भ में किसी भी विस्तारित अवधि सहित, जैसा भी मामला हो, निलंबन या समझा गया निलंबन के तहत कुल अवधि, – से अधिक नहीं होगी।

  • निलंबन आदेश की तारीख से दो सौ सत्तर दिन बाद, यदि सरकारी कर्मचारी को उप-नियम (1) के खंड (ए) के अनुसार निलंबित कर दिया जाता है ); या
  • निलंबन के आदेश की तारीख से दो वर्ष, यदि सरकारी कर्मचारी को उप-खंड (एए) या खंड (बी) के संदर्भ में निलंबित कर दिया गया है। नियम (1) जैसा भी मामला हो; या
  • हिरासत में हिरासत में लिए गए सरकारी कर्मचारी को रिहा करने की तारीख से दो वर्ष या वह तारीख जब हिरासत से उसकी रिहाई के तथ्य की सूचना उसके नियुक्ति प्राधिकारी को दी जाती है, जो भी हो बाद में, उप-नियम (2) के तहत निलंबित माना जाएगा। [नियम 10(6) & (7) सीसीएस(सीसीए) नियम, 1965] [अधिसूचना संख्या जीएसआर 156 दिनांक 19.10.2022]

(iv)        लंबी निलंबन अवधि के मामलों में, अदालतों ने बताया है कि निलंबन को लंबे समय तक जारी नहीं रखा जा सकता है और डीओपी एंड टी के निर्देशों के बावजूद, अनुशासनात्मक अधिकारी निर्धारित समय के भीतर अनुशासनात्मक कार्यवाही को अंतिम रूप नहीं दे रहे हैं। साथ ही, ऐसे मामलों में सरकार अनावश्यक रूप से बिना किसी कार्य के जीवन निर्वाह भत्ता का भुगतान कर रही है |

और यदि अनुशासनात्मक कार्यवाही की समाप्ति पर, आरोपित अधिकारी आरोप से मुक्त हो जाता है, तो सरकार को अनावश्यक रूप से पूरा वेतन देना होगा और अवधि का इलाज करना होगा। ड्यूटी आदि के दौरान निलंबन। इसलिए, यह वांछनीय है कि निलंबन की समय पर समीक्षा उचित और उचित तरीके से की जाए और अनुशासनात्मक कार्यवाही को शीघ्रता से अंतिम रूप दिया जाए। [ओएम संख्या 11012/17/2013-Estt.A-III दिनांक 18.11.2014] Guidelines suspension reinstatement of Employees

(i)              इस नियम के तहत किए गए या किए गए माने गए निलंबन आदेश की समीक्षा इस उद्देश्य के लिए गठित समीक्षा समिति की सिफारिश पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा की जाएगी।. Guidelines suspension reinstatement of Employees

(ii)             समीक्षा समिति की संरचना:

  • अनुशासनात्मक प्राधिकारी, अपीलीय प्राधिकारी और उसी कार्यालय से या किसी अन्य केंद्र सरकार कार्यालय से अनुशासनात्मक/अपीलीय प्राधिकारी के स्तर का एक अन्य अधिकारी (यदि कोई अन्य अधिकारी हो) समान कार्यालय में समान स्तर उपलब्ध नहीं है), ऐसे मामले में जहां राष्ट्रपति अनुशासनात्मक प्राधिकारी या अपीलीय प्राधिकारी नहीं है।
  • अनुशासनात्मक प्राधिकारी और सचिव/अपर स्तर के दो अधिकारी। सचिव/संयुक्त सचिव जो उसी कार्यालय से या किसी अन्य केंद्र सरकार कार्यालय से अनुशासनात्मक प्राधिकारी के समकक्ष या उच्चतर पद पर हैं (यदि समान स्तर का कोई अन्य अधिकारी उसी कार्यालय में उपलब्ध नहीं है), ऐसे मामले में जहां अपीलीय प्राधिकारी है राष्ट्रपति.
  • सचिव/अपर स्तर के तीन अधिकारी। सचिव/संयुक्त सचिव जो उसी विभाग/कार्यालय या किसी अन्य केंद्र सरकार विभाग/कार्यालय से निलंबित अधिकारी से उच्च पद पर हों (यदि समान स्तर का कोई अन्य अधिकारी उसी कार्यालय में उपलब्ध नहीं है), ऐसे मामले में जहां अनुशासनात्मक प्राधिकारी राष्ट्रपति है.

संबंधित प्रशासनिक मंत्रालय/विभाग/कार्यालय ऊपर बताए अनुसार स्थायी आधार पर या तदर्थ आधार पर समीक्षा समितियों का गठन कर सकता है।

(iii)            समीक्षा समिति मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए और यह भी ध्यान में रखते हुए निलंबन को रद्द करने/जारी रखने के संबंध में विचार कर सकती है अनुचित रूप से लंबे समय तक निलंबन, संबंधित कर्मचारी को अनुचित कठिनाई में डालते हुए, कर्मचारी को सरकार के लिए कोई उपयोगी सेवा किए बिना निर्वाह भत्ते का भुगतान करना शामिल है।

पूर्वगामी पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, यदि अधिकारी अदालत में कोई आरोप दायर किए बिना एक वर्ष के लिए निलंबित है या विभागीय जांच में कोई चार्ज-मेमो जारी नहीं किया गया है, तो उसे बिना किसी पूर्वाग्रह के सेवा में बहाल कर दिया जाएगा। उसके खिलाफ मामला।  हालाँकि, यदि अधिकारी पुलिस/न्यायिक हिरासत में है या किसी गंभीर अपराध या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले का आरोपी है, तो समीक्षा समिति उसके निलंबन को जारी रखने की सिफारिश कर सकती है। संबंधित अधिकारी. [ओएम संख्या 11012/4/2003-स्था.(ए) दिनांक 07.01.2004] Guidelines suspension reinstatement of Employees

जीवन निर्वाह भत्ता

निलंबित सरकारी कर्मचारी को कोई वेतन नहीं दिया जाता है, लेकिन उसे छुट्टी वेतन के बराबर राशि का निर्वाह भत्ता दिया जाता है, जिसे सरकारी कर्मचारी तब लेता जब वह आधे औसत वेतन या आधे वेतन पर छुट्टी पर होता और इसके अलावा महंगाई भत्ता भी लेता। यदि ऐसे अवकाश वेतन के आधार पर स्वीकार्य हो। 

जहां निलंबन की अवधि 3 महीने से अधिक हो जाती है, वह प्राधिकारी जिसने निलंबन का आदेश दिया है या माना जाता है कि वह पहले तीन महीनों की अवधि के बाद किसी भी अवधि के लिए निर्वाह भत्ते की राशि को निम्नानुसार भिन्न करने में सक्षम होगा:

  •  निर्वाह भत्ते की राशि उपयुक्त राशि से बढ़ाई जा सकती है, जो पहले 3 महीनों की अवधि के दौरान स्वीकार्य निर्वाह भत्ते के 50% से अधिक नहीं हो, यदि उक्त प्राधिकारी की राय, निलंबन की अवधि लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से बढ़ा दी गई है, जो सीधे तौर पर सरकारी कर्मचारी के लिए जिम्मेदार नहीं है;
  • निर्वाह भत्ते की राशि, एक उपयुक्त राशि से कम की जा सकती है, जो पहले 3 महीनों की अवधि के दौरान स्वीकार्य निर्वाह भत्ते के 50% से अधिक नहीं होगी, यदि, उक्त प्राधिकारी की राय में, निलंबन की अवधि लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से बढ़ाई गई है, जो सीधे तौर पर सरकारी कर्मचारी के लिए जिम्मेदार है; Guidelines suspension reinstatement of Employees
  • महंगाई भत्ते की दर उप-खंड (i) के तहत स्वीकार्य निर्वाह भत्ते की बढ़ी हुई या, जैसा भी मामला हो, घटी हुई राशि पर आधारित होगी। और (ii) ऊपर.  [FR 53 (1)(ii)(a)]

 कोई अन्य प्रतिपूरक भत्ता

निलंबित सरकारी कर्मचारी भी इसका हकदार है:

  • समय-समय पर स्वीकार्य कोई भी अन्य प्रतिपूरक भत्ता, उस वेतन के आधार पर, जो सरकारी कर्मचारी निलंबन की तिथि पर प्राप्त कर रहा था, बशर्ते कि ऐसे भत्तों के आहरण के लिए निर्धारित अन्य शर्तें पूरी की जाती हों। [FR 53 (1)(ii)(b)]
  • कोई भुगतान तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि सरकारी कर्मचारी यह प्रमाण पत्र नहीं दे देता कि वह किसी अन्य रोजगार, व्यवसाय, पेशे या व्यवसाय में संलग्न नहीं है। [एफआर 53(2)] Guidelines suspension reinstatement of Employees

निर्वाह भत्ते से वसूली-


अनिवार्य कटौतियाँ लागू की जाएँ
निलंबित अधिकारी की इच्छानुसार कटौतियाँकटौती नहीं की जाएगी 
(i)     आय कर(ii)   घर का किराया (लाइसेंस शुल्क) और संबद्ध शुल्क(iii)  सरकार से लिए गए ऋणों और अग्रिमों का पुनर्भुगतान – वसूली की दर विभाग प्रमुख द्वारा निर्धारित की जाएगी(iv)  सीजीएचएस योगदान(v)   CGEGIS सदस्यता(i)    पीएलआई प्रीमियम(ii)   सहकारी दुकानों/सोसाइटियों को देय राशि(iii) जीपीएफ अग्रिम का रिफंड(i)   GPF सदस्यता(ii) अदालत की कुर्की के कारण देय राशि(iii)      सरकार को हुए नुकसान की वसूली 
Guidelines suspension reinstatement of Employees

[ओएम संख्या 11012/17/2013-स्था.(ए) दिनांक 2.01.2014 का पैरा 14]

निलंबित अधिकारी पर अन्य लोगों के साथ डीपीसी द्वारा विचार किया जाएगा।  हालांकि, निलंबित अधिकारियों के संबंध में सिफारिशें एक सीलबंद कवर में रखी जाएंगी।< a i=2>अनुशासनात्मक/आपराधिक कार्यवाही के परिणाम के आधार पर सीलबंद लिफाफे को खोला/नहीं खोला जाएगा (अर्थात सीलबंद लिफाफे में निहित अनुशंसा पर कार्रवाई नहीं की जाएगी)। 

यदि किसी अधिकारी को डीपीसी की बैठक के बाद लेकिन वास्तव में पदोन्नत होने से पहले निलंबित कर दिया जाता है, तो सिफारिशों को सीलबंद लिफाफे में रखा गया माना जाएगा। [ओएम संख्या 22011/4/91-स्था(ए) दिनांक 14.09.1992] & [ओएम संख्या ओएम संख्या 11012/17/2013-स्था.(ए) दिनांक 02.01.2014 का पैरा 11] Guidelines suspension reinstatement of Employees

यदि रिपोर्टिंग/समीक्षा अधिकारी उस समय निलंबित है जब गोपनीय रिपोर्ट लिखी/समीक्षा की जानी है, तो उसे निलंबित किए जाने की तारीख से दो महीने के भीतर या एक महीने के भीतर संबंधित अधिकारी द्वारा इसे लिखा/समीक्षा करवाई जा सकती है। उस तारीख से जिस दिन रिपोर्ट देय थी, जो भी बाद में हो। निलंबित अधिकारी को ऊपर निर्दिष्ट समय सीमा के बाद गोपनीय रिपोर्ट लिखने/समीक्षा करने के लिए नहीं कहा जाएगा।  [ओएम संख्या 21011/2/78-स्था.(ए) दिनांक 01.08.1978]

निलंबित किसी भी अधिकारी को अपने अधीनस्थों की एसीआर लिखने/समीक्षा करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, यदि लेखन/समीक्षा के प्रमुख भाग के दौरान वह निलंबित है क्योंकि उसके पास अपने अधीनस्थों के काम की निगरानी करने का पूरा अवसर नहीं हो सकता है। [ओएम संख्या 21011/8/2000-स्था.(ए) दिनांक 25.10.2000] Guidelines suspension reinstatement of Employees

निलंबन के तहत एक सरकारी कर्मचारी एलटीसी का लाभ नहीं उठा सकता क्योंकि उसे निलंबन की अवधि के दौरान आकस्मिक अवकाश सहित कोई छुट्टी नहीं मिल सकती है।  चूंकि वह निलंबन की अवधि के दौरान सेवा में बना रहता है , उनके परिवार के सदस्य एलटीसी के हकदार हैं। [ओएम संख्या ओएम संख्या 11012/17/2013-स्था.(ए) दिनांक 02.01.2014 का पैरा 12]

निलंबित सरकारी कर्मचारी को छुट्टी नहीं दी जा सकती। [FR-55]

निलंबन के तहत एक अधिकारी को आम तौर पर सरकारी कर्मचारियों पर लागू होने वाली सेवा की सभी अन्य शर्तों के अधीन माना जाता है और वह पूर्व अनुमति के बिना स्टेशन नहीं छोड़ सकता है।  इस प्रकार, एक सरकार का मुख्यालय आमतौर पर नौकर को उसकी ड्यूटी का अंतिम स्थान माना जाना चाहिए।  किसी अधिकारी को निलंबित करने के आदेश में यह स्पष्ट रूप से दर्शाया जाना चाहिए कि उसका मुख्यालय क्या होगा।

हालाँकि, जहां निलंबित व्यक्ति मुख्यालय बदलने का अनुरोध करता है, तो सक्षम प्राधिकारी को मुख्यालय बदलने पर कोई आपत्ति नहीं है यदि वह संतुष्ट है कि इस तरह के पाठ्यक्रम से सरकार को टी.ए. अनुदान जैसा कोई अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा। आदि या अन्य जटिलताएँ। [ओएम संख्या कार्यालय ज्ञापन संख्या 11012/17/2013-स्था.(ए) दिनांक 02.01.2014 का पैरा 10] Guidelines suspension reinstatement of Employees

उद्देश्यअनुदेश/दिशानिर्देश
पदोन्नतिOM नं. 22034/4/2012-स्था(डी) दिनांक 02.11.2012
(i)    पैनलमेंट(ii)   कोई भी प्रतिनियुक्ति जिसके लिए मंजूरी आवश्यक है(iii) संवेदनशील पोस्ट पर नियुक्ति(iv) प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए असाइनमेंट (अनिवार्य प्रशिक्षण को छोड़कर)ओएम संख्या 11012/11/2007-स्था.(ए) दिनांक 14.12.2007, समय-समय पर संशोधित। 
पासपोर्ट प्राप्त करनाकार्यालय ज्ञाप संख्या 11012/7/2017-Estt.A-III दिनांक 18.02.2020
विदेश की निजी यात्राकार्यालय ज्ञाप संख्या 11013/8/2015-Estt.A-III दिनांक 27.07.2015
Guidelines suspension reinstatement of Employees

नियुक्ति के लिए किसी सरकारी कर्मचारी के आवेदन पर, चाहे वह सीधी भर्ती से हो, प्रतिनियुक्ति पर स्थानांतरण हो या किसी अन्य पद पर स्थानांतरण हो, विचार नहीं किया जाना चाहिए/अग्रेषित नहीं किया जाना चाहिए यदि वह निलंबित है। Guidelines suspension reinstatement of Employees

[ओएम संख्या 11012/17/2013-स्था.(ए) दिनांक 02.01.2014 का पैरा 15]

जहां एक सरकारी कर्मचारी जो निलंबित है, अपना इस्तीफा देता है, सक्षम प्राधिकारी को सरकारी कर्मचारी के खिलाफ लंबित अनुशासनात्मक मामले की योग्यता के संदर्भ में जांच करनी चाहिए कि क्या इस्तीफा स्वीकार करना सार्वजनिक हित में होगा। आम तौर पर, चूंकि अधिकारियों को गंभीर अपराध के मामलों में ही निलंबित किया जाता है, इसलिए निलंबित अधिकारी से इस्तीफा स्वीकार करना सही नहीं होगा। इस नियम के अपवाद वे होंगे जहां कथित अपराध में नैतिक अधमता शामिल नहीं है

या जहां अधिकारी के खिलाफ सबूत इस धारणा को सही ठहराने के लिए पर्याप्त मजबूत नहीं हैं कि विभागीय कार्यवाही जारी रहने पर सेवा से बर्खास्तगी/बर्खास्तगी हो सकती है, या जहां विभागीय कार्यवाही जारी रहेगी इतने लंबे खिंचने की संभावना है कि सरकारी खजाने के लिए इस्तीफा स्वीकार करना सस्ता होगा। [ओएम नंबर 28034/4/94-स्था.(ए) दिनांक 31.05.1994या [ओएम संख्या 11012/17/2013-स्था.(ए) दिनांक 02.01 का पैरा संख्या 16(सी)। 2014] Guidelines suspension reinstatement of Employees

 एक सरकारी कर्मचारी जो निलंबन के दौरान सेवानिवृत्त होता है, वह उस तारीख से ठीक पहले की तारीख तक अर्हक सेवा के आधार पर अधिकतम पेंशन के बराबर अनंतिम पेंशन का हकदार होता है। निलंबित कर दिया गया। [सीसीएस (पेंशन) नियम, 2021 का नियम 8(4)(ए)]

निलंबन की अवधि की गणना-

  • (1) आचरण की जांच लंबित रहने तक निलंबन के तहत एक सरकारी कर्मचारी द्वारा बिताया गया समय अर्हक सेवा के रूप में गिना जाएगा, जहां ऐसी जांच के निष्कर्ष पर, उसे पूरी तरह से दोषमुक्त कर दिया गया है या केवल मामूली जुर्माना लगाया गया है और निलंबन को पूरी तरह से अनुचित माना गया है। Guidelines suspension reinstatement of Employees
  • (2) उप-नियम (1) के अंतर्गत नहीं आने वाले मामलों में, निलंबन की अवधि की गणना तब तक नहीं की जाएगी जब तक कि प्राधिकारी ऐसे मामलों को नियंत्रित करने वाले नियम के तहत स्पष्ट रूप से आदेश पारित करने में सक्षम न हो उस समय घोषणा करता है कि यह उस सीमा तक गिना जाएगा जितनी सक्षम प्राधिकारी घोषित कर सकता है। Guidelines suspension reinstatement of Employees
  • (3) निलंबन के सभी मामलों में, सक्षम प्राधिकारी एक आदेश पारित करेगा जिसमें यह निर्दिष्ट किया जाएगा कि किस सीमा तक, यदि कोई हो, निलंबन की अवधि को अर्हक सेवा के रूप में गिना जाएगा और इस संबंध में सरकारी सेवक की सेवा पुस्तिका में निश्चित प्रविष्टि की जाएगी।” [सीसीएस (पेंशन) नियम, 2021 का नियम 23] Guidelines suspension reinstatement of Employees

निलंबित सरकारी कर्मचारी जो एफआर 56(के) या एफआर-56(एम) या सीसीएस (पेंशन) नियम 2021 के नियम 43 (3) के तहत सेवानिवृत्त होना चाहता है, उसकी अनुमति रोकने के लिए उपयुक्त प्राधिकारी के पास खुला होगा। [FR-56(k) और FR-56(m)] [सीसीएस (पेंशन) नियम, 2021 का नियम 43(3)]

जब एक सरकारी कर्मचारी जिसे निलंबित कर दिया गया है, उसे बहाल कर दिया जाता है या उसे बहाल किया जाना चाहिए था, लेकिन निलंबन के दौरान उसकी सेवानिवृत्ति (समय से पहले सेवानिवृत्ति सहित) के लिए, बहाली का आदेश देने के लिए सक्षम प्राधिकारी इस पर विचार करेगा और एक विशिष्ट आदेश देगा-

  • (a) सरकारी कर्मचारी को बहाली के साथ समाप्त होने वाली निलंबन की अवधि या उसकी सेवानिवृत्ति की तारीख (समय से पहले सेवानिवृत्ति सहित) के लिए भुगतान किए जाने वाले वेतन और भत्ते के संबंध में, जैसा कि मामला हो सकता है; और
  • (b) चाहेकहाअवधि ड्यूटी पर व्यतीत की गई अवधि के रूप में मानी जाएगी “ [FR-54(बी)(1)] Guidelines suspension reinstatement of Employees

यदि दोषमुक्त किया गया है

  • जहां सक्षम प्राधिकारी की राय है कि निलंबन पूरी तरह से अनुचित था, सरकारी कर्मचारी को पूर्ण वेतन और भत्ते का भुगतान किया जा सकता है।
  • जहां सक्षम प्राधिकारी की राय है कि कार्यवाही में देरी सीधे तौर पर सरकारी कर्मचारी के कारण हुई है, तो वह सरकारी कर्मचारी को नोटिस देने और प्रतिनिधित्व पर विचार करने के बाद – यदि कोई हो, कम राशि का भुगतान करने का आदेश दे सकता है। Guidelines suspension reinstatement of Employees
  • निलंबन की अवधि को सभी प्रयोजनों के लिए ड्यूटी पर व्यतीत की गई अवधि के रूप में माना जाएगा। [एफआर 54-बी (3) और amp; (4)]

मामूली जुर्माना लगाया गया है

जहां कार्यवाही के परिणामस्वरूप केवल मामूली जुर्माना लगाया जाता है, तो निलंबन को पूरी तरह से अनुचित माना जाता है और संबंधित कर्मचारी को एफआर 54-बी के तहत उचित आदेश पारित करके निलंबन की अवधि के लिए पूर्ण वेतन और भत्ते का भुगतान किया जा सकता है। [O.M. क्रमांक 11012/15/85-स्था.(ए) दिनांक. 03.12.1985]

मुक्ति/मामूली दंड के अलावा

  • (a) सक्षम प्राधिकारी सरकारी कर्मचारी को नोटिस देने और उसके प्रतिनिधित्व, यदि कोई हो, पर विचार करने के बाद भुगतान की जाने वाली राशि का निर्धारण करेगा। [एफआर 54-बी(5)]
  • (b) निलंबन की अवधि को कर्तव्य के रूप में नहीं माना जाएगा जब तक कि सक्षम प्राधिकारी विशेष रूप से निर्देश न दे कि इसे किसी निर्दिष्ट उद्देश्य के लिए ऐसा माना जाएगा।
  • (c)  यदि सरकारी कर्मचारी चाहे तो निलंबन की अवधि को देय एवं स्वीकार्य अवकाश में परिवर्तित किया जा सकता है। (नोट: अस्थायी सरकारी सेवकों के मामले में ऐसी छुट्टी 3 महीने से अधिक या स्थायी सरकारी सेवकों के मामले में 5 साल से अधिक हो सकती है) [एफआर 54-बी(7)]

नोट: एफआर 54-बी(9) के अनुसार, जहां भी अनुमत राशि पूर्ण वेतन और भत्तों से कम है, वह पहले से भुगतान किए गए निर्वाह भत्ते से कम नहीं होगी। Guidelines suspension reinstatement of Employees

  • जहां निलंबित सरकारी कर्मचारी की अनुशासनात्मक कार्यवाही या उसके खिलाफ अदालती कार्यवाही समाप्त होने से पहले मृत्यु हो जाती है, तो निलंबन की तारीख और मृत्यु की तारीख के बीच की अवधि को सभी उद्देश्यों के लिए कर्तव्य के रूप में माना जाएगा और उसके परिवार को पूरा वेतन दिया जाएगा। यदि उसे निलंबित नहीं किया गया होता तो वह जिन भत्ते का हकदार होता, वह उस अवधि के लिए पहले से भुगतान किए गए निर्वाह भत्ते के समायोजन के अधीन होगा। [FR 54-बी(2)]

(Y)  चार्ज शीट इत्यादि की सेवा।

  • क) निलंबन आदेश में सामान्यतः निलंबन का कारण दर्शाया जाना चाहिए। Guidelines suspension reinstatement of Employees
  • बी) जहां निलंबन विचाराधीन कार्यवाही के आधार पर है, वहां सरकारी कर्मचारी को 3 महीने के भीतर आरोप पत्र दिया जाना चाहिए
  • ग) जहां 3 महीने के भीतर आरोप पत्र नहीं दिया जाता है, तो निलंबन की तारीख से 3 महीने की समाप्ति पर निलंबन का कारण सरकारी कर्मचारी को तुरंत सूचित किया जाना चाहिए। [DoPT O.M. क्रमांक 35014/1/81-स्था.(ए) दिनांक 9वें नवंबर, 1982]

(Z) अपील

निलंबन का आदेश CCS (CCA) नियम, 1965 के नियम 23 (i) के तहत अपील योग्य है।

नोट: यदि प्रासंगिक ओएम के किसी संदर्भ की आवश्यकता है, तो इसे हाइपरलिंक पर क्लिक करके या डीओपीटी की वेबसाइट से एक्सेस किया जा सकता है। Guidelines suspension reinstatement of Employees

केन्द्रीय कर्मचारियों के विस्तृत दिशा निर्देश यहाँ देखें

🥰🥰👇👇🙏🏻🙏🏻

Rajasthan Travelling Allowance Rules TA Rules in Rajasthan

Rajasthan Travelling Allowance Rules TA Rules in Rajasthan

Rajasthan Travelling Allowance Rules TA Rules in Rajasthan : The Government of Rajasthan pays all its officers and employees for the expenditure incurred on the state work. Rajasthan Traveling Allowance Rules have been made by the government to regularize this payment.

In this page, we will take details of Rajasthan Traveling Allowance Rules (Ta Rules), Ta Rates etc.

Rajasthan Travelling Allowance Rules राजस्थान यात्रा भत्ता नियम राजस्थान में टीए नियम राजस्थान सरकार अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को राजकीय कार्यों पर होने वाले व्यय का भुगतान करती है। इस भुगतान को नियमित करने के लिए सरकार द्वारा राजस्थान यात्रा भत्ता नियम बनाए गए हैं। इस पेज में हम राजस्थान यात्रा भत्ता नियम (टीए नियम), टा रेट आदि का विवरण लेंगे।



Rajasthan Travelling Allowance Rules में भुगतान की शर्तें :

Rajasthan Travelling Allowance Rules Condition :

  • T.A. for absence not exceeding 6 hours in NIL
  • T.A. for exceeding 6 hours but not excedding 12 hours is 70%
  • TA FOR EXCEDDING 12 HOURS IS 100%

Rajasthan Travelling Allowance Rules TA Rules in Rajasthan, राजस्थान सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों हेतु  यात्रा भत्ता नियम
Rajasthan Travelling Allowance Rules TA Rules in Rajasthan, राजस्थान सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों हेतु यात्रा भत्ता नियम

  1. भारत में सभी राज्यों की राजधानी दिल्ली सहित टेक्सी, ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, स्कूटर, बस, रेल, मैट्रो ट्रेन के किराये के लिए वास्तव में संदत्त प्रभार ।
  2. दैनिक यात्रा मुख्यालय से 6 घंटे अनुपस्थिति के लिए शून्य, 6 से 12 घंटे के लिए 50 प्रतिशत तथा 12 घंटे से अधिक के लिए पूर्ण दैनिक भत्ता देय होगा।
  3. किसी रेल में ए.सी. थ्री टायर नहीं होने पर ख श्रेणी के कर्मचारी ए.सी. टू टायर में यात्रा कर सकेंगे।
  4. वायुयान में 95000/- रू. या अधिक प्रतिमाह वेतन प्राप्त करने वाले सरकारी अधिकारी तथा एडवोकेट जनरल अधिकृत हैं। 225000/ रू. या अधिक वेतन प्राप्त करने वाले अधिकारी एक्जीक्यूटिव क्लास में यात्रा हेतु अधिकृत हैं।
  5. भारत में दिल्ली सहित सभी राज्यों की राजधानी (जयपुर को छोड़कर) और वायु सेवा से जुड़े स्थानों में कार्यालय/ निवास स्थान से हवाई अड्डा रेल्वे स्टेशन बस स्टेण्ड्र तक तथा वापस लौटने हेतु संदत्त वास्तविक किराया मील भत्ते के रूप में देय होगा। (प. 6(7) वित्त/नियम/2017 दिनांक 30.10.2017 एवं प. 6 (3) वित्त/नियम/ 2012 पार्ट दिनांक 6.12.2017 )

विद्यार्थियों के लिए उपयोगी सामग्री >>

हमसे सोशल मीडिया पर जुड़ना चाहते हैं

Rajasthan Travelling Allowance Rules TA Rules in Rajasthan, राजस्थान सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों हेतु यात्रा भत्ता नियम के महत्वपूर्ण प्रावधान

1. दिन से आशय : कलैन्डर दिन जो आधी रात से शुरू और समाप्त होता है किन्तु मुख्यालय से ऐसी अनुपस्थिति जो 24 घण्टे से अधिक न हो, सभी प्रयोजनों के लिये एक दिन गिनी जायेगी चाहे अनुपस्थिति का प्रारम्भ या अन्त किसी समय हो।

2. परिवार से आशय : सरकारी कर्मचारी की पत्नी / पति जैसी भी स्थिति हो वैध एवं सौतेली संतान, मान्यता प्राप्त दत्तक सन्तान जिसमें विधवा पुत्री भी शामिल है, जो उसके साथ रहते हो और उस पर पूर्णतया आश्रित हो।

स्थानान्तरण यात्रा भत्ते के प्रयोजनार्थ परिवार शब्द में माता पिता, बहिनें व अवयस्क भाई जो उसके साथ रहते हो तथा उस पर पूर्ण आश्रित हो।
टिप्पणी: पूर्णतया आश्रित वह है, जिसकी सभी श्रोतों से आय 2000/- प्रतिमाह से अधिक न हो तथा जो सरकारी कर्मचारी के साथ निवास करते हो।

नोट: (1) सरकारी कर्मचारी की रोजगारयुक्त सन्तान, किसी भी उम्र की विवाहित सन्तान आश्रित नहीं माने जायेंगे।
(2) 1 जून, 2002 या इसके पश्चात यदि किसी सरकारी कर्मचारी को दो से अधिक सन्तान होती है तो उन्हें केवल दो सन्तान के लिए ही स्थानान्तरण पर यात्रा भत्ता देय होगा।

3. दैनिक भत्ते की अनुज्ञेयता के लिये शर्तें:

(1) ड्यूटी पर मुख्यालय से अनुपस्थिति के दौरान की अवधि के सिवाय दैनिक भत्ता देय नहीं होगा।
(2) दैनिक भत्ता मुख्यालय छोड़ने से प्रारम्भ तथा मुख्यालय वापस लौटने से अनुपस्थिति के लिये देय होगा। इसे निम्नानुसार नियमित किया जायेगा :- प्रत्येक कलैन्डर दिन के लिये दैनिक भत्ता मध्य रात्रि को प्रारम्भ और समाप्त होने की मुख्यालय से अनुपस्थिति के लिए स्वीकार किया जायेगा। मुख्यालय से 24 घण्टे से कम अनुपस्थिति के लिए दैनिक भत्ता निम्नांकित दरो के अनुरूप देय होगा :

(i)6 घंटे अनुपस्थिति होने परशून्य
(ii)6 घंटे से अधिक किन्तु 12 घंटे तक50%
(iii)12 घंटे से अधिक होने परपूर्ण
Rajasthan Travelling Allowance Rules

Rajasthan Travelling Allowance Rules TA Rules in Rajasthan, राजस्थान सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों हेतु यात्रा भत्ता नियम

(3) किसी विशिष्ट स्थान पर लगातार विराम के लिये 30 दिन की अवधि तक दैनिक भत्ता अनुज्ञेय होगा। यदि विराम 30 दिन से अधिक परन्तु 60 दिन तक के लिये जारी रहता है तो सम्बन्धित प्रशासनिक विभाग मंजूरी देने हेतु सक्षम होगा। परन्तु 60 दिन से 180 दिन तक की अवधि के लिए वित्त विभाग की स्वीकृति आवश्यक होगी। 180 दिन से अधिक के लिये विराम भत्ता अनुज्ञेय नहीं होगा।

(4) प्रशिक्षण हेतु प्रतिनियुक्त सरकारी कर्मचारियों को प्रतिकरात्मक भत्ता – जहाँ किसी सरकारी कर्मचारी को प्रशिक्षण के लिए प्रतिनियुक्त किया गया हो और राजस्थान सेवा नियमों के नियम 7(8) (ख)(i) के अधीन उसे कर्त्तव्य पर माना गया हो तो यह प्रशिक्षण की पूरी अवधि के लिए क्षतिपूर्ति भत्ते का निम्नांकित दरों के अनुसार हकदार होगा :

(i) प्रथम 15 दिवस के लियेप्रशिक्षण स्थान पर स्वीकृत दर
(ii) 15 दिवस से अधिक होने परप्रशिक्षण स्थान पर स्वीकृत दैनिक भत्ते का 3/4
Rajasthan Travelling Allowance Rules

कार्मिक और बोर्ड परीक्षा विशेष >>

Rajasthan Travelling Allowance Rules TA Rules in Rajasthan, राजस्थान सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों हेतु यात्रा भत्ता नियम

(5) यदि सरकारी कर्मचारी द्वारा विराम करते समय निःशुल्क भोजन एवं निवास का उपभोग किया जाता है तो दैनिक भत्ते की दर उस स्थान के लिये निश्चित दर की 25% होगी।
(6) किसी यात्रा में एक से अधिक स्थानों पर भ्रमण किया जाता है तो दैनिक भत्ते की दर उस स्थान की जहाँ सबसे अधिक हो, लागू मानी जायेगी।

4. दौरे पर यात्रा के लिये Rajasthan Travelling Allowance Rules यात्रा भत्ता

(1) यह भत्ता तभी देय होगा जबकि गन्तव्य स्थान मुख्यालय की नगरपालिका सीमा से बाहर हो तथा ड्यूटी स्थान से 15 कि.मी. से अधिक दूर हो।
(2) प्रत्येक राज्य कर्मचारी जो ड्यूटी पर यात्रा करता है वह वोल्वो/ए.सी बस / डिलक्स/सेमी डिलक्स या अन्य उच्च श्रेणी की बस से यदि यात्रा करता है तो बस का टिकट या उसकी फोटो कापी यात्रा बिल के साथ संलग्न करेगा। रेल से यात्रा करने पर द्वितीय श्रेणी नान ए.सी. को छोड़कर अन्य सभी श्रेणी के टिकट/ जमा की रसीद प्राप्त होने पर मूल या फोटो कापी यात्रा बिल के साथ संलग्न करेगा।
(3) यदि यात्रा अपरिहार्य कारणों से या शासकीय कारणों से रद्द करनी पड़ी तो रद्दकरण फीस प्रतिपूरक की जा सकती है।
(4) वायुयान से यात्रा के लिये अधिकृत एजेन्सी से भी टिकट प्राप्त किया जा सकता है परन्तु एजेन्सी के द्वारा टैरिफ के अतिरिक्त लिये जाने वाले सुविधा शुल्क / सेवा शुल्क का पुनर्भरण नहीं होगा।
(5) राज्य कर्मचारी को डाक देने या पत्राचार के उद्देश्य से दौरे पर नहीं भेजा जाय इस प्रकार के उद्देश्य के लिये यात्रा भत्ता देय नहीं होग। कर्मचारी को दौरे पर भेजे जाने के उद्देश्य यात्रा बिल में अंकित किया जायेगा एवं नियंत्रण अधिकारी इसे प्रमाणित करेगा ।

5. स्वयं के वाहन से यात्रा

(1) रेल या नियमित रूप बस सेवा से जुड़े हुए स्थानों को जो मुख्यालय से 25 कि.मी. से अधिक दूरी पर हो, एक राज्य कर्मचारी अपनी मोटर साईकिल/स्कूटर/मोपेड आदि से यात्रा नहीं करेगा।
अपना निजी स्कूटर/मोटर साईकिल/मोपेड आदि से सड़क यात्रा येनकेन एक राज्य कर्मचारी कर सकता है जो मुख्यालय से 50 कि.मी. से अधिक दूर नहीं हो तथा वे स्थान मुख्यालय से रेल या नियमित बस सेवा से जुड़े हुए न हो।
(2) यदि राज्य कर्मचारी स्वयं की मोटर कार से राजकीय यात्रा करता है, उसे टोल टैक्स की रसीद प्रस्तुत करने पर टोल टैक्स प्रभार अनुज्ञेय होगा।
(3) यदि पति/पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी हैं, दोनों में से किसी को भी स्वयं की मोटर कार हो तो इन नियमों के उद्देश्य से यात्रा स्वयं की कार से मानी जावेगी।
(4) स्वयं की मोटर कार से यात्रा करने पर मील भत्ता रेल मील भत्ते की सीमा में ही अनुज्ञेय होगा।
(5) नियंत्रण अधिकारी के पूर्व अनुमोदन के पश्चात् ही स्वयं की मोटर कार से यात्रा की जायगी।
(6) स्वयं के वाहन से यात्रा करने पर मील भत्ते की विशेष दरें ‘क’ व ‘ख’ श्रेणी के राज्य कर्मचारियों के लिए-

(i) सरकारी कर्मचारी द्वारा स्वयं की कार से यात्रा करने पर9.00 रु. प्रति किमी.
(ii) सरकारी कर्मचारी द्वारा स्वयं के स्कूटर, मोटर साईकिल, मोपेड़ आदि से यात्री करने पर3.00 प्रति किमी.
(iii) किसी अन्य प्रकार के वाहन जैसे रिक्शा, तांगा, मोटर रिक्शा इत्यादि द्वारा यात्रा6.00 रु. प्रति किमी.
Rajasthan Travelling Allowance Rules
Rajasthan Travelling Allowance Rules TA Rules in Rajasthan
Rajasthan Travelling Allowance Rules TA Rules in Rajasthan

Rajasthan Travelling Allowance Rules TA Rules in Rajasthan, राजस्थान सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों हेतु यात्रा भत्ता नियम

‘ग’, ‘घ’ व ‘ङ’ श्रेणी के राज्य कर्मचारियों के लिये किमी.

(i) सरकारी कर्मचारी द्वारा स्वयं की 3.00 रु. प्रति स्कूटर मोटर साईकिल, मोपेड़ से यात्रा करने पर3.00 प्रति किमी.
(ii) ई-रिक्शा. ऑटो रिक्शा से यात्रा करने पर6.00 रु. प्रति किमी.
(iii) साईकिल या पैदल यात्रा करने पर2.00 रु. प्रति किमी.
Rajasthan Travelling Allowance Rules

6. राजकीय वाहन से यात्रा यात्रा के लिये राजकीय वाहन का उपयोग करने पर यात्रा मील भत्ता देय नहीं होगा केवल दैनिक भत्ता ही देय होगा। अनुपस्थिति सरकारी मुख्यालय छोड़ने से प्रारम्भ तथा मुख्यालय वापस लौटने पर समाप्त होगी तथा उसी अनुसार दैनिक भत्ते की गणना की जाएगी।

7. मील भत्ते की गणना के सिद्धान्त मील भत्ते की संगणना हेतु स्थानों के बीच की गई उस यात्रा को ही माना जायेगा जो सबसे कम दूरी मार्ग के द्वारा या सबसे सस्ते मार्ग द्वारा की गई हो।

8. स्थानान्तरण पर Rajasthan Travelling Allowance Rules जब स्थानान्तरण स्वयं प्रार्थना पर होकर लोक हित किया गया हो। यदि स्थानान्तरण 30 दिन कम अवधि के लिये किया गया हो कर्मचारी स्थानान्तरण पर यात्रा भत्ता देय होकर दौरे का यात्रा भत्ता देय होगा।
स्थानान्तरण आदेश लोक हित अंकित होने पर यात्रा भत्ता व कार्यग्रहण काल देय होगा।

स्थानान्तरण पर सरकारी कर्मचारी को रेल/बस का स्वयं के दो भाड़े तथा उसके साथ यात्रा करने वाले परिवार के प्रत्येक सदस्य के लिए एक तथा प्रत्येक बच्चे के लिये आधा अतिरिक्त भाड़ा जिसके लिये पूर्ण या आधा भाड़ा वास्तव में चुकाया गया है। निजी सामान के परिवहन के लिये निर्धारित लगेज चार्जेज की सीमा तक रेलवे रसीद या सड़क परिवहन कम्पनी के स्वामी द्वारा दी गयी नकद की रसीद पेश करने के अध्यधीन होगी तथा स्थानान्तरण अनुदान निर्धारित दर से एक मुश्त मिलेगा।

परन्तु यदि राज्य कर्मचारी स्थानान्तरण पर हवाई जहाज / राजधानी एक्सप्रेस / शताब्दी एक्सप्रेस से यात्रा करता है तो स्वयं का एक भाड़ा ही देय होगा। यदि कोई सरकारी कर्मचारी मोटर कार, स्कूटर, मोपेड़ या मोटर साईकिल को स्थानान्तरण पर वाहन की ही यंत्र शक्ति से ले जाता है तो मोटर कार के लिए 9.00 रु. प्रति कि.मी. एवं मोटर साईकिल आदि के लिए 3.00 रु. प्रति कि.मी. की दर से दोनों स्थानों के बीच सामान्य मार्ग की दूरी के लिए भत्ता अनुज्ञेय है।

9. पे-मैट्रिक्स का लेवल 19 या इससे अधिक की पे लेवल में वेतन आहरण करने वाले अधिकारी स्वयं अपने यात्रा भत्ते दावे पर प्रतिहस्ताक्षर करने के लिये प्राधिकृत है।यदि प्रशिक्षण के बाद परिवीक्षाधीन कर्मचारी को प्रशिक्षण स्थान के बजाय अन्य स्थान पर नियुक्त किया जाता है तो स्थानान्तरण यात्रा भत्ता देय होगा।

10. किसी निलम्बित सरकारी कर्मचारी को जिसके विरुद्ध जांच में उपस्थित होने की अपेक्षा की जाती है। अपने जांच स्थान तक उस स्थान जहाँ उसको निलम्बन दौरान निवास करने की अनुमति दी गयी है। दोनों जो भी हो, जाँच के स्थान तक दौरे पर यात्रा की भाँति यात्रा भत्ता किया जायेगा।

11. सेवानिवृति पर यात्रा भत्ता -सरकारी कर्मचारी तथा राज्य को आवंटित अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को सेवानिवृत्ति पर अपने कर्त्तव्य स्थल से गृह नगर जाने के यात्रा के लिये रेल /सड़क यात्रा के लिए स्वयं तथा परिवार के सदस्यों का उस श्रेणी का वास्तविक भाड़ा देय होगा, जिसके लिए कर्मचारी हकदार हो, परन्तु कोई भी आनुषांगिक व्यय देय नहीं होंगे। निजी सामान के परिवहन का वास्तविक खर्चा कर्मचारी के स्थानान्तरण अनुज्ञेय मान के अनुसार देय होगा।

12. स्वयं की गाड़ी या प्राइवेट गाड़ी से यात्राओं के लिये वही देंय होगा जो रेल/सड़क की गई यात्राओं के लिये देय होता है।

13. सेवानिवृत्त कर्मचारी को विभागीय जाँच / न्यायिक प्रकरणों में उपस्थित होने पर सेवानिवृत्त समय स्तर के अनुसार यात्रा भत्ता देय होगा। विभागीय जांच प्रकरणों में भत्ता बिल का भुगतान अनुशासनिक अधिकारी के कार्यालय से उपस्थिति प्रमाण-पत्र आधार पर तथा न्यायिक प्रकरणों में सेवानिवृत्त वाले विभाग द्वारा यात्रा भत्ता बिल का भुगतान न्यायालय के उपस्थित प्रमाण-पत्र तथा न्यायालय द्वारा यात्रा भत्ते का भुगतान नहीं दिया है का प्रमाणपत्र (Non Payment of TA) प्रस्तुत करने पर दिया जायेगा।

यदि अ व ब श्रेणी के सेवानिवृत्त राज्य कर्मचारी अपनी स्वयं की कार या टैक्सी से यात्रा करते है तो उन्हें परिशिष्ठ II के नियम 8 (1) में वर्णित विशेष दरों से भुगतान किया जायेगा। सेवानिवृत्त राज्य कर्मचारी को न्यायिक प्रकरणों में उपस्थित होने पर राज्य कर्मचारियों की भांति स्थानीय लघु यात्रा देय होगी। Rajasthan Travelling Allowance Rules

14. खेलकूद गतिविधियों में भाग लेने पर देय किराया एवं विराम भत्ता-

(1) राज्य कर्मचारियों द्वारा खेलकूद गतिविधियों/कोचिंग/पूर्व प्रशिक्षण में भाग लेने पर निम्नानुसार विराम भत्ता देय होगा :(आ.दि. 06.02.2018 )

(i) राजस्थान में250/-रु. प्रतिदिन
(ii) राजस्थान से बाहर350/-रु. प्रतिदिन

यात्रा भत्ता नियम (TA Rules)

 (2) राज्य कर्मचारी द्वारा खेल गतिविधियों में भाग लेने हेतु रेल से नहीं जुड़े स्थानों पर बस/टेक्सी से यात्रा करने पर राजस्थान रोडवेज की एक्सप्रेस बसों का निर्धारित किराया देय होगा।

15. दौरे पर की गई यात्रा हेतु अग्रिम- स्थाई या अस्थाई राज्य कर्मचारी को यात्रा भत्ता राजस्थान यात्रा भत्ता नियमों के अन्तर्गत अधिकतम 30 दिवस की अवधि के लिये अग्रिम दिया जा सकता है। यात्रा भत्ता व्यय में दोनों तरफ की यात्रा के लिये सड़क मील भत्ता, दैनिक भत्ता, किराया एवं आनुषांगिक व्यय सम्मिलित हैं।

16. स्वीकृति हेतु सक्षम अधिकारी – इन नियमों के तहत  कार्यालयाध्यक्ष को पूर्ण शक्ति है। यात्रा के पूर्ण होने के बाद कार्यालय में उपस्थित होने की दिनांक से 15 दिन के भीतर अग्रिम का समायोजन किया जायेगा।

17 स्थानान्तरण पर अग्रिम – एक राज्य कर्मचारी के एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानान्तरण होने पर वेतन एवं यात्रा भत्ता अग्रिम रूप से स्वीकृत किये जा सकते हैं। वेतन अग्रिम एक माह के वेतन के बराबर तथा यात्रा भत्ता अग्रिम जैसा कि स्थानान्तरण पर मिलता है, जिसमें स्वयं तथा परिवार के किराये, व्यक्तिगत सामान का भाड़ा आदि देय है।
स्थानान्तरण पर अग्रिम की स्वीकृति की शक्ति कार्यालयाध्यक्ष को है।
किसी कर्मचारी के पद की निरन्तरता की स्वीकृति या नियुक्ति में वृद्धि की स्वीकृति के अभाव में वेतन नहीं मिल पाने पर भी अग्रिम स्वीकृत किया जा सकता है।
स्वयं की प्रार्थना या 120 दिवस की अधिकतम अवधि हेतु अस्थाई स्थानान्तरण होने पर अग्रिम देय नहीं है। परिवार के सदस्यों द्वारा स्थानान्तरण के 6 माह के भीतर यात्रा करने पर यात्रा अग्रिम परिवार हेतु देय नहीं होगा।
वेतन अग्रिम की वसूली 3 मासिक किश्तों में होगी तथा यात्रा भत्ता अग्रिम की वसूली स्थानान्तरण यात्रा भत्ता बिल से होगी। निलम्बित कर्मचारी से वेतन के अग्रिम की वसूली ऐसी दर से की जाएगी जो विभागाध्यक्ष निश्चित करना उचित समझें।


Rajasthan Travelling Allowance Rules संबंधित नवीनतम आदेश

  1. दैनिक भत्तों की दरों में बढ़ोतरी आ.दि.  08-09-2017
  2. पे मैट्रिक्स के अनुसार कैटेगरी निर्धारण आ.दि. 30-10-2017
  3. स्थानांतरण पर देय यात्रा भत्ता दरों मे परिवर्तन आ.दि. 06-12-2017
  4. दैनिक भत्ता देय के संबंध में आदेश आ.दि.  19-01-2018

Rajasthan Travelling Allowance Rules अन्य सामग्री

  1. TA Rules Full DETAILS 3 Page PDF
  2. कालातीत बिलों के लिए क्षतिपूर्ति बन्धपत्र

यह भी जरूर देखें >>

INSPIRED AWARD FULL INFORMATION

INSPIRED AWARD FULL INFORMATION

इंस्पायर अवार्ड्स के बारे में- MANAK
‘इनोवेशन इन साइंस परस्यूट फॉर इंस्पायर्ड रिसर्च’ (इंस्पायर) योजना विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है। INSPIRE अवार्ड्स – MANAK (मिलियन माइंड्स ऑगमेंटिंग नेशनल एस्पिरेशंस एंड नॉलेज), DST द्वारा नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन – इंडिया (NIF), DST की एक स्वायत्त संस्था के साथ निष्पादित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य 10-15 वर्ष के आयु वर्ग के छात्रों को प्रेरित करना और अध्ययन करना है। कक्षा 6 से 10 में। योजना का उद्देश्य स्कूली बच्चों में रचनात्मकता और नवीन सोच की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान और सामाजिक अनुप्रयोगों में निहित दस लाख मूल विचारों / नवाचारों को लक्षित करना है। इस योजना के तहत, स्कूल इस वेबसाइट के माध्यम से 30 सितंबर, 2022 तक छात्रों के 5 सर्वश्रेष्ठ मूल विचारों / नवाचारों को नामांकित कर सकते हैं।

इस योजना का संचालन निम्नलिखित चरणों के अनुसार किया जा रहा है:

क्षेत्रीय कार्यशालाओं, श्रव्य-दृश्य उपकरणों और साहित्य के माध्यम से देश भर में जिला, राज्य और स्कूल स्तर के पदाधिकारियों की जागरूकता और क्षमता निर्माण।
ई-एमआईएएस (इंस्पायर अवार्ड्स मानक योजना का ई-प्रबंधन) पोर्टल के माध्यम से संबंधित प्रधानाचार्य / प्रधानाध्यापक द्वारा किसी भी भारतीय भाषा में स्कूलों में आंतरिक विचार प्रतियोगिताओं का आयोजन और दो से तीन सर्वश्रेष्ठ मूल विचारों का नामांकन। स्कूलों को ई-एमआईएएस पोर्टल पर खुद को पंजीकृत करना चाहिए। एनआईएफ द्वारा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से सामाजिक जरूरतों को पूरा करने की क्षमता वाले शीर्ष 1,00,000 (एक लाख) विचारों की सूची बनाना।
प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना के माध्यम से लघु-सूचीबद्ध छात्रों के बैंक खातों में INR 10,000 के इंस्पायर पुरस्कार का वितरण।
जिला/राज्य प्राधिकरणों द्वारा जिला स्तरीय प्रदर्शनी और परियोजना प्रतियोगिता (डीएलईपीसी) का आयोजन और राज्य स्तरीय प्रदर्शनी और परियोजना प्रतियोगिताओं (एसएलईपीसी) के लिए 10,000 सर्वश्रेष्ठ विचारों/नवाचारों की सूची बनाना।
राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी और परियोजना प्रतियोगिता (एनएलईपीसी) के लिए शीर्ष 1,000 विचारों/नवप्रवर्तनों की और शॉर्टलिस्टिंग के लिए राज्य स्तरीय प्रदर्शनी और परियोजना प्रतियोगिता (एसएलईपीसी) का आयोजन। इस स्तर पर, एनआईएफ देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक और प्रौद्योगिकी संस्थानों के समन्वय में, प्रोटोटाइप के विकास के लिए छात्रों को परामर्श सहायता प्रदान करेगा।
विचारों / नवाचारों का चयन नवीनता, सामाजिक प्रयोज्यता, पर्यावरण मित्रता, उपयोगकर्ता मित्रता और मौजूदा समान प्रौद्योगिकियों पर तुलनात्मक लाभ पर आधारित होगा।
राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी और परियोजना प्रतियोगिता (एनएलईपीसी) में 1,000 सर्वश्रेष्ठ विचारों / नवाचारों का प्रदर्शन और राष्ट्रीय पुरस्कारों और भविष्य की दिशा के लिए शीर्ष 60 नवाचारों की सूची बनाना।
उत्पाद/प्रक्रिया विकास के लिए एनआईएफ द्वारा शीर्ष 60 विचारों/नवाचारों पर विचार और एनआईएफ/डीएसटी की अन्य योजनाओं के साथ उनका जुड़ाव और नवाचार और उद्यमिता के वार्षिक उत्सव (फाइन) में उनका प्रदर्शन।

यहाँ क्लिक करके यह  भी जरूर देखें

  • Posts not found

इंस्पायर अवार्ड्स क्या है?

INSPIRE AWARDS विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार द्वारा संकल्पित और विकसित प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है। डीएसटी 2010 से ‘इंस्पायर्ड रिसर्च के लिए इनोवेशन इन साइंस परस्यूट फॉर इंस्पायर’ योजना को सफलतापूर्वक लागू कर रहा है। इस योजना में 10-32 वर्ष के आयु वर्ग के छात्रों को शामिल किया गया है और इसके पांच घटक हैं (इंस्पायर अवार्ड्स मानक, इंस्पायर इंटर्नशिप, इंस्पायर स्कॉलरशिप, इंस्पायर फेलोशिप और इंस्पायर फैकल्टी)। इंस्पायर इंटर्नशिप, इंस्पायर स्कॉलरशिप, इंस्पायर फेलोशिप और इंस्पायर फैकल्टी के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया www.online-inspire.gov.in पर क्लिक करें।

इंस्पायर अवार्ड्स क्या है – मानक?
INSPIRE अवार्ड्स – MANAK (मिलियन माइंड्स ऑगमेंटिंग नेशनल एस्पिरेशन एंड नॉलेज) को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार और नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन-इंडिया (NIF) द्वारा निष्पादित किया जाता है और इसे “स्टार्ट-अप” के लिए कार्य योजना के साथ जोड़ा जाता है। भारत” पहल भारत के माननीय प्रधान मंत्री द्वारा शुरू की गई।

इस योजना का उद्देश्य देश भर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के छात्रों (कक्षा 6 से 10) को आमंत्रित करके विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रणाली को मजबूत बनाने, विस्तार करने और उसी पर अनुसंधान और विकास के आधार को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मानव संसाधन पूल बनाने में मदद करना है। उन्हें अपने मूल और रचनात्मक तकनीकी विचारों / नवाचारों को उसी पर भेजने के लिए।

इंस्पायर अवार्ड्स-मानक का मूल उद्देश्य क्या है?
मूल उद्देश्य है;
कम उम्र में और कक्षा 6 से 10 तक पढ़ने वाले छात्रों को प्रेरित करने के लिए।
प्रतिभाओं को आकर्षित करने के लिए, उन्हें कम उम्र में ही विज्ञान से अवगत कराना और विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से सामाजिक जरूरतों को पूरा करने के लिए स्कूली बच्चों के बीच रचनात्मक और नवीन सोच की संस्कृति को बढ़ावा देना।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रणाली को मजबूत और विस्तारित करने और अनुसंधान और विकास आधार को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मानव संसाधन पूल के निर्माण में मदद करना।

योजना का संचालन कैसे किया जा रहा है?
क्षेत्रीय कार्यशालाओं, श्रव्य-दृश्य उपकरणों और साहित्य के माध्यम से देश भर में जिला, राज्य और स्कूल स्तर के पदाधिकारियों की जागरूकता और क्षमता निर्माण।
ई-एमआईएएस (इंस्पायर अवार्ड्स मानक योजना का ई-प्रबंधन) पोर्टल के माध्यम से संबंधित प्रधानाचार्य / प्रधानाध्यापक द्वारा किसी भी भारतीय भाषा में स्कूलों में आंतरिक विचार प्रतियोगिताओं का आयोजन और दो से तीन सर्वश्रेष्ठ मूल विचारों का नामांकन। स्कूलों को ई-एमआईएएस पोर्टल पर खुद को पंजीकृत करना चाहिए। एनआईएफ द्वारा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से सामाजिक जरूरतों को पूरा करने की क्षमता वाले शीर्ष 1,00,000 (एक लाख) विचारों की सूची बनाना।
प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना के माध्यम से लघु-सूचीबद्ध छात्रों के बैंक खातों में INR 10,000 के इंस्पायर पुरस्कार का वितरण।
जिला/राज्य प्राधिकरणों द्वारा जिला स्तरीय प्रदर्शनी और परियोजना प्रतियोगिता (डीएलईपीसी) का आयोजन और राज्य स्तरीय प्रदर्शनी और परियोजना प्रतियोगिताओं (एसएलईपीसी) के लिए 10,000 सर्वश्रेष्ठ विचारों/नवाचारों की सूची बनाना।
राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी और परियोजना प्रतियोगिता (एनएलईपीसी) के लिए शीर्ष 1,000 विचारों/नवप्रवर्तनों की और शॉर्टलिस्टिंग के लिए राज्य स्तरीय प्रदर्शनी और परियोजना प्रतियोगिता (एसएलईपीसी) का आयोजन। इस स्तर पर, एनआईएफ देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक और प्रौद्योगिकी संस्थानों के समन्वय में, प्रोटोटाइप के विकास के लिए छात्रों को परामर्श सहायता प्रदान करेगा।
विचारों / नवाचारों का चयन नवीनता, सामाजिक प्रयोज्यता, पर्यावरण मित्रता, उपयोगकर्ता मित्रता और मौजूदा समान प्रौद्योगिकियों पर तुलनात्मक लाभ पर आधारित होगा।
राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी और परियोजना प्रतियोगिता (एनएलईपीसी) में 1,000 सर्वश्रेष्ठ विचारों / नवाचारों का प्रदर्शन और राष्ट्रीय पुरस्कारों और भविष्य की दिशा के लिए शीर्ष 60 नवाचारों की सूची बनाना।
उत्पाद/प्रक्रिया विकास के लिए एनआईएफ द्वारा शीर्ष 60 विचारों/नवाचारों पर विचार और एनआईएफ/डीएसटी की अन्य योजनाओं के साथ उनका जुड़ाव और नवाचार और उद्यमिता के वार्षिक उत्सव (फाइन) में उनका प्रदर्शन।

कौन भाग ले सकता है?
किसी भी राष्ट्रीय या राज्य शिक्षा बोर्ड से सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों, सरकारी या निजी, सहायता प्राप्त या गैर-सहायता प्राप्त, कक्षा 6 से 10 तक के व्यक्तिगत छात्र (समूह नहीं) 8वीं अनुसूची से 22 भाषाओं में से किसी एक में अपने मूल और अभिनव विचार प्रस्तुत कर सकते हैं। उनके स्कूल के लिए संविधान का।

विचार/नवाचार प्रस्तुत करने की प्रक्रिया क्या है?
विद्यालय के प्रधानाध्यापक/प्रधानाध्यापक निर्दिष्ट कक्षाओं और आयु समूहों के छात्रों से सारांश के रूप में विचार प्रस्तुत करने के लिए कहेंगे। इसके लिए विद्यालयों में विचार प्रतियोगिता भी आयोजित की जा सकती है।

एक विचार प्रतियोगिता क्या है?
आइडिया प्रतियोगिता का आयोजन छात्रों को इकट्ठा करके और उन्हें निम्नलिखित से संबंधित एक विचार/नवाचार के बारे में सोचने में सक्षम बनाकर किया जा सकता है:
मशीन या गैजेट, जो उपलब्ध नहीं है, लेकिन छात्र ऐसी मशीन या गैजेट की इच्छा रखते हैं
किसी भी मौजूदा/उपलब्ध मशीन या गैजेट में सुधार की आवश्यकता है, ताकि यह बहु-कार्यात्मक हो, दक्षता या आउटपुट में सुधार हो, कठिन परिश्रम आदि को कम किया जा सके।
एक स्थानीय तकनीकी समस्या को हल करने के लिए एक विचार, जिसे एक छात्र हर रोज अपने आसपास देख सकता है। छात्रों के विचार (विचारों) के बाद, वे उन्हें एक कागज के टुकड़े पर नोट कर सकते हैं और इसे प्रधानाध्यापक / प्रधानाध्यापक / शिक्षक को जमा कर सकते हैं। सबमिट किए गए विचारों की स्कूल स्तर पर समीक्षा की जा सकती है और ऊपर वर्णित प्रक्रिया के अनुसार INSPIRE AWARDS-MANAK के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए विचारों को प्रस्तुत किया जा सकता है।

प्रधानाचार्य / प्रधानाध्यापक नामांकन कैसे जमा करेंगे?
सभी नामांकन (प्रत्येक स्कूल से 2-3 सबसे नवीन विचार) प्रधानाध्यापक/प्राचार्य द्वारा ई-एमआईएएस (इंस्पायर पुरस्कार योजना का ई-प्रबंधन) पोर्टल www.inspireawards-dst.gov.in पर ऑनलाइन जमा किए जा सकते हैं। नए स्कूल भी इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

हर साल सभी पात्र स्कूल के लिए पंजीकरण आवश्यक है?
नहीं। स्कूल केवल एक बार ई-एमआईएएस पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए, उसके बाद वे हर साल अपने छात्रों को नामांकित कर सकेंगे। नए स्कूल भी इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
नया स्कूल ई-एमआईएएस पोर्टल पर खुद को कैसे पंजीकृत कर सकता है?
कृपया नए पंजीकरण के लिए नीचे दिए गए दिशानिर्देशों का पालन करें।
वेबसाइट – http://www.inspireawards-dst.gov.in पर जाएं।
स्कूल अथॉरिटी पर क्लिक करें और वन टाइम रजिस्ट्रेशन (http://www.inspireawards-dst.gov.in/UserP/school-registration.aspx?view=vwSearchExistingForm) करें।
पंजीकरण के बाद आपको आवेदन संख्या मिल जाएगी और जब जिला प्राधिकरण स्वीकृति देगा, तो आपको यूजर आईडी और पासवर्ड मिलेगा।
अब स्कूल अथॉरिटी में जाकर लॉग इन करें। (http://www.inspirawards-dst.gov.in/UserC/login.aspx?to=1)

पंजीकृत स्कूल अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड कैसे रिकवर कर सकते हैं? अगर भूल गए?
यदि स्कूल अपनी लॉगइन आईडी, पासवर्ड, एप्लीकेशन आईडी और पंजीकृत ईमेल आईडी भूल गए हैं या खो गए हैं, तो कृपया इन चरणों का पालन करें।
निम्नलिखित लिंक http://www.inspireawards-dst.gov.in/UserP/Contact-detailsAtPublicDomain.aspx पर क्लिक करें और आवेदन कोड और पंजीकृत ईमेल आईडी की जांच करें।
आवेदन संख्या और पंजीकृत ईमेल प्राप्त करने के बाद, कृपया अधिकृत लॉगिन अनुभाग में स्कूल प्राधिकरण पर क्लिक करें। पासवर्ड पुनः प्राप्त करने के लिए कृपया पासवर्ड भूल गए अनुभाग (http://www.inspireawards-dst.gov.in/UserP/ForgetPwd.aspx?to=1) पर क्लिक करें और आवेदन और कैप्चा भरें।
पासवर्ड रीसेट करने के बाद, आपको अपनी पंजीकृत ईमेल आईडी पर नया पासवर्ड बनाने के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड लिंक प्राप्त होगा। कृपया ईमेल के लिए अपना स्पैम फ़ोल्डर भी देखें।
यदि आपकी पंजीकृत ईमेल आईडी मान्य नहीं है और आप इसे बदलना चाहते हैं, तो कृपया आवेदन संख्या, राज्य, जिला, उप जिला, स्कूल का नाम, पुरानी और नई ईमेल आईडी के साथ इंस्पायर@nifindia.org पर एक अनुरोध ईमेल भेजें।

अधिक जानकारी के लिए कृपया निम्न लिंक पर क्लिक करें।

http://www.inspirawards-dst.gov.in/download/manual/Recover-User%20ID-Password-Eng.pdf

https://www.youtube.com/watch?time_continue=2&v=dePsf8TIyL0
प्रतियोगिता की अवधि:
नामांकन तिथि और किसी अन्य अपडेट के लिए कृपया ई-एमआईएएस वेबसाइट पर जाएं।

INSPIRE AWARDS – MANAK के तहत किस तरह की प्रस्तुतियाँ आमंत्रित की जाती हैं?
छात्रों के मूल और रचनात्मक तकनीकी विचार / नवाचार जो किसी भी दैनिक समस्या को हल करते हैं, चाहे वह घरेलू हो या किसानों, कुलियों, मजदूरों, समाज या इस तरह के लिए। बच्चों को सामान्य समस्याओं को देखने और स्वयं समाधान निकालने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।

क्या विचार/नवाचार के किसी फोटो, वीडियो, रेखाचित्र की आवश्यकता है?
हाँ, यदि उपलब्ध हो। इससे समीक्षकों को सबमिशन को ठीक से समझने और उसका मूल्यांकन करने में मदद मिलेगी।

छात्र विचारों को नामांकित करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. E-MIAS पोर्टल पर सभी क्षेत्रों को ठीक से और सावधानी से भरना होगा।
  2. छात्र के व्यक्तिगत और बैंक खाते के विवरण (आईएफएससी कोड और खाता संख्या सहित) की दोबारा जांच की जानी चाहिए।
  3. बैंक खाते में छात्र का नाम और नाम बिल्कुल मेल खाना चाहिए
  4. परियोजना के शीर्षक में, परियोजना का वर्णन करने वाला एक उपयुक्त शीर्षक दिया जाना चाहिए (उदाहरण के लिए “सुपारी के पेड़ों पर चढ़ने के लिए एक
  5. उपकरण”, “बुजुर्गों के लिए एक सहायक चलने में सहायता”, आदि) और कृषि जैसे व्यापक विषय नहीं, स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत, डिजिटल इंडिया, आदि।
  6. परियोजना के सारांश में, निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल करने की आवश्यकता है – परियोजना किस बारे में है, यह किस समस्या को संबोधित करती है, और क्या लाभ है। कृपया नीचे दिया गया उदाहरण देखें

परियोजना का शीर्षक: तह सीटों के साथ यात्रा बैग

परियोजना का सारांश: कई बार यात्रियों को बस/ट्रेन स्टेशन पर बस या ट्रेन की प्रतीक्षा में खड़ा होना पड़ता है क्योंकि उपलब्ध सीटों की संख्या कम होती है। छात्र ने एक यात्रा बैग विकसित किया है जहां एक तह सीट को शामिल किया गया है। इसे खोलकर बस/ट्रेन का इंतजार करते समय बैठने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे लंबे समय तक खड़े रहने में होने वाली परेशानी दूर हो जाती है। यह महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा।
अन्य दस्तावेज, यदि उपलब्ध हों, अपलोड किए जा सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए कृपया निम्न लिंक http://www.inspireawards-dst.gov.in/download/manual/Title-Project-Synopsis-Eng.pdf पर क्लिक करें।

पुरस्कारों की घोषणा और उन्हें कब दिया जाएगा?

  1. अगस्त में नामांकन की प्रक्रिया और धन का वितरण।
  2. सितंबर में डीएलईपीसी के संगठन
  3. अक्टूबर में एसएलईपीसी के संगठन
  4. एनएलईपीसी के संगठन दिसंबर का पहला सप्ताह
  5. अगले वर्ष मार्च माह में नवप्रवर्तन एवं उद्यमिता महोत्सव (फाइन) में शीर्ष 60 विचारों/नवप्रवर्तनों का प्रदर्शन

पुरस्कार राशि का वितरण कैसे किया जाएगा?
छात्र के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना के माध्यम से। इसलिए छात्र का नाम और बैंक खाते में नाम ठीक से मेल खाना चाहिए। यदि छात्र के पास बैंक खाता नहीं है, तो एक नया व्यक्तिगत खाता या माता-पिता में से किसी एक के साथ संयुक्त खाता खोला जा सकता है। यह नामांकन विवरण जमा करने से पहले किया जा सकता है ताकि नामांकन फॉर्म में सही विवरण दर्ज किया जा सके।

किस प्रकार के सबमिशन को प्रोत्साहित नहीं किया जाता है?
चूंकि इस योजना का उद्देश्य स्कूली छात्रों के बीच मूल और नवीन सोच को बढ़ावा देना है, पाठ्यपुस्तकों/अन्य के सामान्य विचारों/अवधारणाओं में शामिल हैं: ऊर्जा जनरेटर, टर्बाइन/अपशिष्ट बैटरी/गोबर/परिवहन/लहर इत्यादि के माध्यम से बिजली उत्पादन। बारिश का पानी कटाई; भूकंप; मृदा अपरदन; जल स्तर संकेतक; अलार्म-बर्गलर अलार्म, गैस अलार्म, फायर अलार्म आदि; वर्मीकम्पोस्ट/वर्मिन वॉश; लेटर बॉक्स फार्म; पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा का बिजली में रूपांतरण; हाइड्रोलिक लिफ़्ट; टपकन सिंचाई; वैक्यूम क्लीनर; आरएफआईडी और सेंसर आधारित रेडीमेड परियोजनाएं; स्ट्रीट लाइट का स्वत: चालू / बंद; समझदार शहर; विषयों पर निबंध; ज्वालामुखी विस्फोट का प्रदर्शन; खाद्य अपमिश्रण; कार्बन चक्र / जल चक्र; खाद्य श्रृंखला; पारिस्थितिकी तंत्र; प्रकाश संश्लेषण; चिड़ियाघर मॉडल; सब्जी का बाग़; मानव शरीर के अंगों पर मॉडल; सौर प्रणाली; ग्रह; पृथ्वी की गति; जल निस्पंदन के सामान्य तरीके; पौधों, आदि के लिए स्व-जल प्रणाली भी प्रस्तुत नहीं की जा सकती है।

बच्चों को अपने दम पर रचनात्मक विचारों के साथ आने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। माता-पिता या शिक्षक बच्चे को एक समस्या का प्रस्ताव दे सकते हैं या उसके विचार को एक प्रोटोटाइप/मॉडल में बदलने में मदद कर सकते हैं, लेकिन स्वयं इस विचार का सुझाव नहीं दे सकते हैं। शिक्षक यह देखने के लिए नीचे दिए गए वेब लिंक को भी देख सकते हैं कि क्या उनके बच्चों द्वारा विकसित की जा रही परियोजनाओं को पहले से ही मान्यता नहीं मिली है। यह मौलिकता सुनिश्चित करने और प्रतियोगिता के मानक को बनाए रखने में मदद करेगा।(http://www.inspireawards-dst.gov,in/UserP/inspire-downloads.aspx)

विचारों/नवाचारों का चयन करते समय प्रधानाध्यापकों और जूरी सदस्यों को क्या ध्यान में रखना चाहिए?
विचार की नवीनता की डिग्री, इसकी सामाजिक प्रयोज्यता, पर्यावरणीय प्रभाव, संभावित प्रभाव, वाणिज्यिक और / या गैर-वाणिज्यिक चैनलों के माध्यम से प्रसार की गुंजाइश, मौजूदा सरकारी योजनाओं की प्रासंगिकता आदि पर विचार किया जा सकता है।

इंस्पायर पुरस्कार योजना के तहत पुरस्कार विजेताओं द्वारा पुरस्कार राशि का उपयोग कैसे किया जाता है?
पुरस्कार राशि में परियोजना/मॉडल बनाने की लागत के साथ-साथ प्रदर्शनी/प्रदर्शन प्रतियोगिता के लिए जिला स्तरीय केंद्र पर परियोजना/मॉडल लाने की लागत शामिल है।
ई-एमआईएएस पोर्टल पर यू-डीआईएसई कोड कैसे अपडेट करें?
यू-डीआईएसई कार्यान्वयन की प्रक्रिया के बारे में जानने के लिए, कृपया निम्नलिखित लिंक पर क्लिक करें (http://www.inspireawards-dst.gov.in/download/Guideline-U-DISE-Code.pdf)

ई-एमआईएएस पोर्टल से चयनित छात्र का प्रमाण पत्र कैसे डाउनलोड करें?
प्रक्रिया के बारे में जानने के लिए, कृपया निम्नलिखित लिंक पर क्लिक करें (http://www.inspireawards-dst.gov.in/download/guidelines-certificate-download.pdf)

पुरस्कार विजेताओं के प्रोजेक्ट का शीर्षक कैसे जानें?
प्रक्रिया के बारे में जानने के लिए, कृपया निम्नलिखित लिंक (http://www.inspireawards-dst.gov.in/download/guidelines-to-project-nominated.pdf) पर क्लिक करें।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग का वेब पता क्या है जहाँ से INSPIRE के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है?
www.dst.gov.in

 

स्कूल अथॉरिटी – इंस्पायर अवार्ड्स में भाग लेने वाले स्कूल – मानक योजना

इस योजना के तहत, देश में सभी मान्यता प्राप्त स्कूल (चाहे केंद्र सरकार या राज्य सरकार या स्थानीय निकाय या गैर सरकारी संगठनों द्वारा संचालित), जिसमें निजी स्कूल (सहायता प्राप्त या गैर-सहायता प्राप्त) शामिल हैं, जिसमें 6 वीं से 10 वीं तक की कक्षाएं हैं (चाहे सभी या कुछ), पात्र हैं। योजना में नामांकन करने के लिए और पात्र बच्चों के नामांकन अपने संबंधित जिला / राज्य शिक्षा प्राधिकरणों के माध्यम से डीएसटी को ऑनलाइन जमा करने के लिए।

  • नए पंजीकरण के लिए, संबंधित स्कूलों को एक नई पंजीकरण प्रक्रिया करनी होगी और एक स्थायी पंजीकरण संख्या प्राप्त करनी होगी। (आवेदन संख्या) अपने संबंधित जिला प्राधिकरण से।
  • यदि पहले से पंजीकृत है तो कृपया नया पंजीकरण न करें, सीधे लॉगिन विकल्प के साथ आगे बढ़ें। यदि यूजर आईडी और पासवर्ड के साथ कोई समस्या है तो कृपया पासवर्ड भूलने के विकल्प का उपयोग करें।
  • अधिक जानकारी के लिए कृपया यहां क्लिक करें या आप ईमेल इंस्पायर@nifindia.org के माध्यम से हेल्प डेस्क से संपर्क कर सकते हैं।

 

  • कृपया आगे बढ़ने के लिए नीचे दिए गए विकल्पों में से किसी एक का चयन करें
    लॉग इन करने के लिए यहाँ क्लिक करें
    यदि पहले से पंजीकृत है, तो कृपया सिस्टम में लॉग इन करें।
  • नए पंजीकरण के लिए – यहां क्लिक करें
    पहली बार पंजीकरण करने के लिए अनुरोध दर्ज करने के लिए।
  • ओटीआर को फिर से जमा करने/सेव की गई फाइल को जमा करने के लिए – यहां क्लिक करें
    यदि ओटीआर के लिए अनुरोध डीए द्वारा अस्वीकार / वापस कर दिया गया है, और दोषों के सुधार के बाद अनुरोध को फिर से जमा करना चाहता है।

 

Guidelines

Manual

CONTACT US

  •  09:30 AM To 6:00 PM (Monday to Friday)
  •  02764-261139, 096384 18605

FOR MAIL CLICK HERE     [email protected]

ब्रिज कार्यक्रम अन्तर्गत कार्यपुस्तिकाओं का वितरण एवं उपयोग दिशानिर्देश सत्र 2022 – 23

ब्रिज कार्यक्रम अन्तर्गत कार्यपुस्तिकाओं का वितरण एवं उपयोग दिशानिर्देश सत्र 2022 – 23

आज दिनांक 28 जुलाई को विद्यालयों में ब्रिज कार्यक्रम अन्तर्गत कार्यपुस्तिकाओं का वितरण एवं उपयोग हेतु निर्देश जारी किये गये हैं जिनमे से कुछ अंश यहाँ प्रकाशित किये जा रहे है | आप से आग्रह हैं आप इस पोस्ट से सम्बंधित सबसे नीचे दर्ज महत्वपूर्ण नोट्स  को जरूर पढ़े |

कोविड-19 की कठिन परिस्थितियों के मध्यनजर विद्यालयों में कक्षा कक्षीय गतिविधियां लम्बे समय तक संचालित नहीं हो सकी, जिससे विद्यार्थियों में अधिगम अन्तराल उत्पन्न हुआ है। कोरोना काल के दौरान शिक्षा में हुए नुकसान की भरपाई के लिए सत्र 2022-23 में स्कूली विद्यार्थियों के लिए 03 माह की अवधि के लिए ब्रिज कार्यक्रम संचालित किया जाना है।

विद्यार्थियों में सीखने की निरन्तरता बनाये रखने एवं अधिगम अन्तराल को कम के उद्देश्य से कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों हेतु बुनियादी दक्षताओं के आधार पर हिन्दी, अंग्रेजी व गणित विषय की कार्यपुस्तिकाऐं तैयार की गई हैं। कार्यपुस्तिकाओं में सम्मिलित कार्य पत्रकों में गतिविधि आधारित शिक्षण सामग्री का समावेश किया गया है जिस पर शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों द्वारा अभ्यास कार्य किया जाना है।

ब्रिज कार्यक्रम अन्तर्गत कार्यपुस्तिकाओं का वितरण एवं उपयोग दिशानिर्देश सत्र 2022 – 23

उद्देश्य 

 ● विद्यार्थियों को अभ्यास के अधिकतम अवसर उपलब्ध कराना।

 ● कोविड के कारण उत्पन्न हुए अधिगम अन्तराल को कम करना । 

 ● अधिगम संकेतकों के अनुसार अवधारणों की समझ हेतु कार्य कराना। 

 ● नियमित अन्तराल पर आकलन करते हुए शैक्षिक प्रगति का आकलन करना । 

कक्षा 1 एवं 2 की कार्यपुस्तिकाऐं कक्षा स्तर के सीखने के प्रतिफल अनुरूप गतिविधियों को सम्मिलित करते हुये तैयार की गई हैं। ब्रिज कार्यक्रम अन्तर्गत अधिगम अन्तराल को कम करने हेतु कक्षा 3 से 8 की कार्यपुस्तिकाओं में निम्नानुसार सामग्री समाहित की गई है

1. कार्यपुस्तिका के प्रारम्भ में बेसलाइन से पूर्व अभ्यास हेतु कार्य प्रत्रक दिए गये है। 

2. प्रारम्भिक अभ्यास के उपरान्त बेसलाइन हेतु प्रारूप सम्मिलित किया गया है। 

3. सम्पूर्ण कार्यपुस्तिका को दो भागों में विभक्त किया गया है

1. ब्रिज कोर्स 

2. सत्र पर्यन्त उपचारात्मक शिक्षण

• ब्रिज कोर्स कक्षा 3 से 8 के विद्यार्थियों को कार्यपुस्तिका के प्रथम भाग (ब्रिज कोर्स) के कार्य पत्रको पर अभ्यास कार्य कराया जाना हैं जो 03 माह तक संचालित होगा। कार्यपत्रकों के मध्य नियमित अन्तराल पर गतिविधि एवं आकलन पत्रक भी सम्मिलित किये गये है। आकलन पत्रक के माध्यम से विद्यार्थियों के सीखने का आकलन किया जाना है। ब्रिज कोर्स के प्रारम्भ में प्रत्येक विद्यार्थी का प्रारम्भिक मूल्यांकन (Base Line) किया जायेगा । Base Line हेतु प्रारूप आकलन पत्रक कार्यपुस्तिका के प्रारम्भ में दिया गया है । Base Line के माध्यम से विद्यार्थियों के अधिगम के प्रारम्भिक स्तर का पता चल सकेगा। —

ब्रिज कोर्स के अन्त में मध्यावधि आकलन पत्रक दिए गए हैं मध्यावधि आकलन के परिणामों के आधार पर विद्यार्थियों के सीखने के स्तर की जानकारी हो सकेगी जिसके आधार पर विद्यार्थियों के समूह निर्माण करते हुए सत्र पर्यन्त उपचारात्मक शिक्षण संचालित किया जाना है।

WhatsApp GroupJoin Now

Telegram GroupJoin Now

 

सत्र पर्यन्त उपचारात्मक शिक्षण – मध्यावधि आकलन की उपलब्धि के आधार पर विद्यार्थियों के सीखने के स्तरानुसार समूह बनाकर वर्ष पर्यन्त उपचारात्मक शिक्षण संचालित किया जाना है। सत्र पर्यन्त उपचारात्मक शिक्षण के दौरान कार्यपुस्तिका में दक्षता अनुसार कार्यपत्रक दिये गये है जिन पर सतत् रूप से विद्यार्थियों से कार्य कराया जाना अपेक्षित है। कार्य पत्रकों के मध्य में गतिविधि एवं आकलन पत्रक भी नियत अन्तराल पर सम्मिलित किये गये है जिनका विद्यार्थी के सीखने के आकलन हेतु उपयोग किया जाना है।

ब्रिज कार्यक्रम अन्तर्गत कार्यपुस्तिकाओं का वितरण एवं उपयोग दिशानिर्देश सत्र 2022 – 23

यहाँ क्लिक करके आप अपनी आवश्यकता अनुसार वर्क बुक डाउनलोड कर सकते हैं 👇👇

REMEDIATION WORKBOOK FOR CLASS 1 TO 8

 

राज्य स्तर से लेकर विद्यालय स्तर तक कार्यपुस्तिकाओं के वितरण की चरणबद्ध योजना तैयार की गई है। इस योजना को क्रियान्वित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर किये जाने वाले कार्यों को सूचीबद्ध किया गया है-

  1. कार्यपुस्तिकाओं का वितरण ब्लॉक स्तर तक चरणबद्ध रूप से किया जाना है। ब्लॉक स्तर से पीईईओ एवं शहरी सीआरसी के माध्यम से विद्यालय स्तर तक किया जाना है। 
  2. विद्यालय स्तर से कक्षा 1 से 8 में नामांकित प्रत्येक विद्यार्थी को कार्यपुस्तिका उपलब्ध कराई जानी है। संस्कृत शिक्षा के विद्यालय एवं जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा संचालित माँ वाड़ी केन्द्रों में नामांकित विद्यार्थियों को भी कार्यपुस्तिकाऐं वितरित की जानी है।
  3. कार्यपुस्तिका वितरण एवं उपयोग हेतु विभिन्न स्तर पर निम्नानुसार दायित्वों का निर्वहन किया जाना अपेक्षित है-

    ब्रिज कार्यक्रम अन्तर्गत कार्यपुस्तिकाओं का वितरण एवं उपयोग दिशानिर्देश सत्र 2022 – 23

जिला स्तर पर किये जाने वाले कार्य / दायित्व :

● कार्यपुस्तिकाओं के वितरण एवं मॉनिटरिंग हेतु जिला एवं समस्त ब्लॉक कार्यालयों पर प्रभारी की नियुक्ति करना ।

● प्रत्येक विद्यार्थी तक कार्यपुस्तिकाओं की पहुँच एवं उपयोग की सघन मॉनिटरिंग एवं समीक्षा करना । 

● जिला स्तर पर ब्लॉक स्तर से प्राप्त स्टॉक एन्ट्री को समेकित करते हुए सूचना परिषद कार्यालय जयपुर को प्रेषित करना।

● जिला स्तर पर कार्यपुस्तिकाओं के वितरण की मॉनिटरिंग हेतु कन्ट्रोल रूम स्थापित करना । 

● ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों, पीईईओ एवं यूसीईईओ के साथ सतत् संवाद बनाये रखना तथा उनके द्वारा अनुभूत की जाने वाली कठिनाईयों का निराकरण सुझाना।

● कार्यपुस्तिकाओं के वितरण एवं विद्यार्थियों द्वारा उपयोग की अद्यतन प्रगति से राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् जयपुर तथा निदेशालय बीकानेर को अवगत कराना।

ब्लॉक स्तर पर किये जाने वाले कार्य / दायित्व :

●  प्रत्येक विद्यार्थी तक कार्यपुस्तिकाओं की पहुँच एवं उपयोग की सघन मॉनिटरिंग एवं समीक्षा करना। 

●  ब्लॉक स्तर पर कार्यपुस्तिकाओं के लिये प्रभारी नियुक्त करना ।

●  राज्य स्तर से प्रेषित कार्यपुस्तिकाओं को ब्लॉक स्तर पर सुरक्षित स्थान पर रखवाया जाना।

●  ब्लॉक स्तर पर प्राप्त कार्यपुस्तिकाओं की प्रविष्टि ब्लॉक लॉगइन से शाला दर्पण मॉड्यूल पर करना । 

●  ब्लॉक स्तर से स्टॉक की सूचना निर्धारित प्रपत्र में कार्यपुस्तिका प्राप्ति के दिवस ही जिला कार्यालय को प्रेषित करना। (संलग्न परिशिष्ट – 07) 

●  ब्लॉक कार्यालय से कार्यपुस्तिका पीईईओ / शहरी सीआरसी को 03 दिवस में वितरण कराना।

●  ब्लॉक कार्यालय द्वारा पीईईओ / सीआरसी स्तर से कार्यपुस्तिकाओं का अधीनस्थ विद्यालयों में 02 दिवस में वितरण सुनिश्चित किया जाए। 

●  ब्लॉक स्तर पर कार्यपुस्तिका वितरण का रिकॉर्ड संधारण निर्धारित प्रपत्र में किया जाना है। परिशिष्ट- 01 एवं 02 पर संलग्न है ।

यहाँ क्लिक करके आप अपनी आवश्यकता अनुसार वर्क बुक डाउनलोड कर सकते हैं 👇👇

यहाँ क्लिक करके आप अपनी आवश्यकता अनुसार वर्क बुक डाउनलोड कर सकते हैं 👇👇

REMEDIATION WORKBOOK FOR CLASS 1 TO 8

WhatsApp GroupJoin Now

Telegram GroupJoin Now

ब्रिज कार्यक्रम अन्तर्गत कार्यपुस्तिकाओं का वितरण एवं उपयोग दिशानिर्देश सत्र 2022 – 23

पीईईओ / सीआरसी स्तर से किये जाने वाले कार्य / दायित्व :

● पीईईओ / सीआरसी शाला दर्पण पर कक्षावार नांमाकन के अनुसार अपने क्षेत्र के समस्त विद्यालयों के लिए कार्यपुस्तिका ब्लॉक कार्यालय से प्राप्त करेंगे।

● शाला दर्पण के नामांकन एवं प्राप्त कार्यपुस्तिकाओं में 1 से 5 प्रतिशत तक अन्तर हो सकता है, ऐसी स्थिति में परिक्षेत्र के विद्यालयों से समन्वयन कर कार्य पुस्तिकाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए

● ब्लॉक से कार्यपुस्तिका लाने का व्यय पीईईओ / सीआरसी स्तर पर ही वहन किया जायेगा। 

● कार्यपुस्तिका प्राप्ति के 02 दिवस में अपने परिक्षेत्र के समस्त विद्यालयों में कार्यपुस्तिका का वितरण सुनिश्चित की जाए।

● प्रत्येक विद्यार्थी तक कार्यपुस्तिकाओं की पहुँच एवं उपयोग की सघन मॉनिटरिंग एवं समीक्षा करना । 

● पीईईओ / सीआरसी स्तर पर कार्यपुस्तिका वितरण का अभिलेख संधारण किया जाये। प्रपत्र परिशिष्ट- 03 एवं 04 संलग्न किया जा रहा है।

संस्थाप्रधान के कार्य / दायित्व :

● विद्यालय के संस्थाप्रधान पीईईओ / शहरी सीआरसी से नामांकन के अनुसार कार्यपुस्तिकाएं प्राप्त करेंगे। प्राप्त कार्यपुस्तिकाओं की संख्या में 1 से 5 प्रतिशत तक का अन्तर हो सकता है ऐसी स्थिति में परिक्षेत्र के विद्यालयों से समन्वय कर कार्यपुस्तिकाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। 

● विद्यार्थियों तक कार्यपुस्तिकाओं के वितरण की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करना।

● विद्यार्थियों को शिक्षकों के माध्यम से कार्यपुस्तिकाओं के उपयोग हेतु प्रेरित करना ।

● कक्षा कक्ष में विद्यार्थियों के साथ कार्यपुस्तिकाओं पर कराये जा रहे अभ्यास कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करना एवं आवश्यक फीडबैक प्रदान करना ।

● अभिभावकों के साथ नियमित संवाद स्थापित करते हुए विद्यार्थियों के अभ्यास हेतु प्रेरित करना।

यहाँ क्लिक करके आप अपनी आवश्यकता अनुसार वर्क बुक डाउनलोड कर सकते हैं 👇👇

REMEDIATION WORKBOOK FOR CLASS 1 TO 8

ब्रिज कार्यक्रम अन्तर्गत कार्यपुस्तिकाओं का वितरण एवं उपयोग दिशानिर्देश सत्र 2022 – 23

शिक्षक के कार्य / दायित्व :

● कक्षावार नामांकित समस्त विद्यार्थियों को 05 दिवस में कार्यपुस्तिकाऐं वितरित कराना।

● कक्षा 1-2 के विद्यार्थियों हेतु कक्षा स्तर के अनुरूप तैयार कार्यपुस्तिकाऐं उपलब्ध कराई जानी है।

● विद्यार्थियों को उनके अधिगम स्तर के आधार पर हिन्दी, अंग्रेजी एवं गणित की कक्षा 01 की प्रथम, कक्षा 02 के लिए पल्लव कक्षा 3 के लिये पहल, कक्षा 4 एवं 5 के लिये प्रयास, कक्षा 6 एवं 7 के लिये प्रवाह तथा कक्षा 8 के लिये प्रखर कार्यपुस्तिका वितरित की जानी है।

● विद्यार्थियों का प्रारम्भिक मूल्यांकन (Base Line) करते हुए समीक्षा की जाए।

● विद्यार्थियों को कार्यपुस्तिकाओं में निरन्तर अभ्यास कार्य हेतु प्रेरित करना ।

● विद्यार्थियों द्वारा महसूस की जाने वाली कठिनाईयों का निराकरण करना ।

● विद्यार्थियों द्वारा किये जा रहे अभ्यास कार्य की आकलन प्रपत्रों के माध्यम से समीक्षा करना ।

●  नियमित अन्तराल पर विद्यार्थियों के सीखने का आकलन करना, मध्यावधि एवं सत्र के अन्त में End line Assessment पूर्ण कराना ।

● Base line, Mid line एवं End line के पत्रकों को विद्यार्थीवार पोर्टफोलियों में संधारित करना ।

अभिभावकों से अपेक्षा :

● विद्यार्थियों को कार्य पुस्तिकाओं पर कार्य करने हेतु प्रेरित किया जाये ।

● विद्यालय में शिक्षक / संस्थाप्रधान के साथ निरन्तर समन्वय बनाए रखना ।

कार्यपुस्तिका वितरण का रिकॉर्ड संधारण :

कार्यपुस्तिकाओं के वितरण की प्रविष्टि शाला दर्पण पर की जानी है। 

शाला दर्पण → स्कीम मेनू → फ्री टेक्स्ट बुक → वर्क बुक

 

कार्यपुस्तिकाओं में विद्यार्थियों द्वारा कार्य पूर्ण किये जाने के उपरान्त कक्षाध्यापक / विषयाध्यापक द्वारा स्तर पर संधारित किया जाना है।

कार्यपुस्तिकाओं को विद्यालय कक्षा 01 से 08 की कार्यपुस्तिकाओं को rajsmsa.nic.in पोर्टल पर भी अपलोड किया गया है विद्यालयों को कार्यपुस्तिका प्राप्त होने तक पोर्टल से भी कार्य पत्रक डाउनलोड कर विद्यार्थियों के अभ्यास हेतु उपयोग किया जाए।

WhatsApp GroupJoin Now

Telegram GroupJoin Now

यहाँ क्लिक करके आप अपनी आवश्यकता अनुसार वर्क बुक डाउनलोड कर सकते हैं 👇👇

REMEDIATION WORKBOOK FOR CLASS 1 TO 8

(नोट : सामग्री वितरण के दौरान समस्त कार्यों को करते हुए कोविड़-19 हेतु जारी समस्त दिशा-निर्देशों की पालना अनिवार्यतः की जाए )

 

नोट्स :  यह पोस्ट मात्र एक आलेख है आप से आग्रह हैं कि आप सम्पूर्ण और सम्बंधित जानकारी के लिए विभागीय वेबसाईट का अवलोकन करें| किसी भी त्रुटी के लिए शाला सुगम या लेखनकर्ता जिम्मेदार नही हैं |

STAR : SET TO AUGMENT RESULT PROGRAM

STAR : SET TO AUGMENT RESULT PROGRAM

 

 

 

 

STAR : SET TO AUGMENT RESULT PROGRAM

STAR : SET TO AUGMENT RESULT PROGRAM

 



STAR 1 scaled



STAR 2 scaled

STAR 3 scaled

STAR : SET TO AUGMENT RESULT PROGRAM

STAR : SET TO AUGMENT RESULT PROGRAM

STAR : SET TO AUGMENT RESULT PROGRAM

STAR : SET TO AUGMENT RESULT PROGRAM

0002 0006 0007 0009 0010 0011 0012 0013

0014 0015 0016 0017 0018 0019 0020

0021 0022 0023 0028

 

0029 0030 0035 e1644408000107

Pin It on Pinterest

Shares
Share This

Share This

Share this post with your friends!