स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश 2023-24

स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश 2023-24

समग्र शिक्षा अभियान (योजना संचालन पोर्टल) SNA COMPONENT 2023

बच्चों के स्वस्थ एवं सुदृढ़ भविष्य के लिए खेलों के महत्व को समझते हुए समग्र शिक्षा वर्ष 2023-24 में "खेले भारत-खिले भारत' के तहत डाइस 2021-22 के अनुसार प्रारम्भिक एवं माध्यमिक/ उच्च माध्यमिक विद्यालयों को देय है, जो कि शिक्षा विभाग / पंचायती राज विभाग / केजीबीवी / संस्कृत शिक्षा के विद्यालयों/ शिक्षाकर्मी बोर्ड द्वारा संचालित विद्यालयों / समाज कल्याण विभाग के अधीन आते हैं, के लिये स्पोर्ट्स ग्रान्ट का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों DO No. 17-3/2018-15-5(Pt.1) दिनांक 24 दिसम्बर, 2018 के अनुसरण में इस राशि का उपयोग किया जाना है; के जारी विस्तृत निर्देश संलग्न हैं, जिनके अनुसार कार्यवाही की जानी है।

जिला व राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता फॉर्म एक्सल प्रोग्राम : उम्मेद तरड

स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश / SPORTS GRANT GUIDELINE

स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश 2023-24 SPORTS GRANT GUIDELINE 2023-24 ( खेले भारत खिले भारत )
स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश 2023-24 SPORTS GRANT GUIDELINE 2023-24 ( खेले भारत खिले भारत )

खेल अनुदान को स्कूल के प्रकार के आधार पर वर्गीकृत किया गया है, प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग-अलग इकाई लागत है। अनुदान विवरण इस प्रकार हैं:

स्कूल श्रेणीस्कूलों की संख्याइकाई लागत (रुपये में)अनुदान राशि
प्राथमिक विद्यालय33,53450001677.70000
उच्च प्राथमिक विद्यालय19451100001945.10000
माध्यमिक विद्यालय374125000935.25000
उच्च माध्यमिक विद्यालय11798250002949.55000
योग685547507.55000
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(नोट: शून्य नामांकन वाले स्कूलों को बाहर रखा गया है)

  1. ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों तथा शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में निम्नलिखित खेलों को प्रोत्साहित करने हेतु खेल सामग्री का क्रय प्राथमिकता के साथ किया जाए -
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2. खेल अनुदान राशि के उपयोग हेतु दिशा-निर्देशः-

  1. विद्यालयों द्वारा खेल अनुदान राशि का उपयोग आयु अनुरूप खेल सामग्री / उपकरण क्रय किये जाने में किया जाना है।
  2. एसएमसी / एसडीएमसी विद्यालयों में खेल सुविधाओं की उपलब्धता एवं विद्यालय तथा विद्यार्थियों की उपयोगिता अनुसार ही खेल सामग्री क्रय किया जाना सुनिश्चित करें ।
  3. जो खेल सामग्री सही हालत में उपलब्ध है, उसे पुनः क्रय नहीं करें।
  4. सूची की खेल सामग्री के अतिरिक्त विद्यालय में खेल सुविधाओं की उपलब्धता अनुसार विद्यालय एवं विद्यार्थियों के लिए उपयोगी अन्य खेल सामग्री भी क्रय की जा सकेगी।
  5. सूची में उल्लेखित खेल सामग्री से पृथक खेल सामग्री क्रय करने के लिए एसएमसी / एसडीएमसी को स्वीकृति आदेश जारी करना होगा।
  6. विद्यालयों में क्षेत्रीय एवं परम्परागत खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए स्थानीय स्तर पर खेल सामग्री एवं उपकरणों को क्रय भी किया जा सकेगा ।
  7. निदेशालय प्रारम्भिक एवं माध्यमिक शिक्षा द्वारा राजकीय विद्यालयों के लिए आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में आयोजित होने वाले खेलों की खेल सामग्री को क्रय किये जाने हेतु खेल अनुदान राशि का उपयोग किया जा सकेगा ।
  8. खेल अनुदान राशि द्वारा क्रय की गई खेल सामग्री एवं खेल उपकरणों का विद्यालय में खेल सामग्री/ उपकरण स्टॉक रजिस्टर में रिकॉर्ड संधारित किया जायेगा ।
  9. स्टॉक रजिस्टर में क्रियाशील सामग्री, मरम्मत योग्य सामग्री एवं खारिज योग्य सामग्री नाम से तीन श्रेणियों में खेल सामग्री / उपकरणों का रिकॉर्ड संधारित किया जायेगा ।
  10. नवीन खेल सामग्री / उपकरण इस प्रकार क्रय की जायेगी, जिससे विद्यालय में खेल सामग्री / उपकरण का आवश्यक स्टॉक सदैव उपलब्ध रहे।
  11. विद्यालय के शारीरिक शिक्षक / खेल प्रभारी शिक्षक द्वारा खेल सामग्री एवं खेल उपकरणों का स्टॉक रजिस्टर संधारित किया जायेगा तथा खेल सामग्री / उपकरणों एवं खेल सहायक सामग्री का रख-रखाव किया जायेगा ।
  12. राशि व्यय / उपयोग के उपरान्त अविलम्ब उपयोगिता प्रमाण पत्र परिषद को प्रेषित किये जायें।

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:: प्राथमिक वर्ग ::

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SPORT GRANT
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  • हस्त कौशल (कैचिंग, थ्रोईंग, किकिंग आदि)
  • लोकोमोटर कौशल (रनिंग, जंपिंग, होपिंग, गैलपिंग आदि )
  • शरीर प्रबंधन कौशल (बैलेंस और स्थिरता )
  • बॉल बैडमिंटन, हैंडबॉल, हॉकी, कराटे, कुश्ती, किक बॉक्सिंग, योगा
  • व्यक्तिगत खेल (जैसे- स्केटिंग, रस्सी स्किपिंग, जूडो, ताइक्वांडो, वुशु किक बॉक्सिंग)
  • सामुहिक खेल
  • आक्रमण के खेल (जैसे- बास्केटबॉल, कबड्डी, फुटबॉल)
  • रैली गेम्स (जैसे- टेनिस, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, स्क्वॉश, बॉलीबॉल)
  • इनिंग गेम्स (जैसे- क्रिकेट, खो-खो, राउंडर्स, सॉफ्टबॉल, बेसबॉल, स्टूलबॉल)
  • पारंपरिक भारतीय खेल
  • ओलंपिक में शामिल खेल
  • योगा (आसन, प्राणायाम)
  • पैराओलंपिक में शामिल खेल
कबड्डी घेरा रोलिंग (घेरा / टायर रोलिंग ) पिट्ठूबोरा दौड़
खो-खोआंख मिचौलीरस्साकशीकन्चे (कौडी)
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अट्या पट्याकैरमलंगड़ीजूडो
मलखंब रोलर स्केटिंगसॉफ्ट टेनिसयोगास्क्वॉश
सितोलियास्क्वॉशखो-खोलूडो

मुख्यधारा के खेल (एथेलेटिक्स के अलावा, जिमनास्टिक्स, तैराकी) को तीन व्यापक श्रेणियों अर्थात् प्रादेशिक नेट / वॉल गेम एवं क्षेत्ररक्षक में विभाजित किया जा सकता है।

प्रादेशिक खेल वे हैं, जिनमें दो टीमें एक ऐसे क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा करती हैं जो आक्रामक और रक्षात्मक खेलने की संभावनाएं प्रदान करती हैं लक्ष्य एक प्रतिद्वंद्वी के क्षेत्र को स्कोर करने के लिए आक्रमण करना है। स्कोरिंग एक विशेष लक्ष्य के लिए प्रोजेक्टिंग एवं ऑब्जेक्ट (जैसे एक गेंद) द्वारा हासिल की जाती है, गेंद को लक्ष्य क्षेत्र में सटीक रूप से शूट किया जाता है या गेंद को एक खुले सिरे वाले लक्ष्य (जैसे एक रेखा के पार) में स्थानांतरित किया जाता है। जो निम्न है:-
बास्केटबॉल हैंडबाल

नेट / वॉल गेम वे हैं जिनमें दो खिलाड़ी/ टीम एक क्षेत्र के भीतर प्रतिस्पर्धा करते है। इसमें नेट को निर्धारित ऊंचाई पर रखा जाता है। प्रतिद्वंदी एक सफल वापसी करने में असमर्थ होता है तो दूसरे दल को स्कोर प्राप्त होता है, जो निम्न है :-

  1. बैडमिंटन टेबल टेनिस
  2. नेटबॉल
  3. रग्बी फुटबॉल
  4. टेनिस वॉलीबॉल
  5. स्क्वॉश

क्षेत्ररक्षण खेल वे हैं, जिनमें दो टीमें एक ऐसे क्षेत्र के भीतर प्रतिस्पर्धा करती हैं जो आक्रामक और रक्षात्मक क्रियाओं के लिए संभावनाएं प्रदान करती हैं। बल्लेबाजी टीम के लिए लक्ष्य एक वस्तु (गेंद) पर प्रहार करना होता है। क्षेत्र रक्षकों से बचकर व वस्तु (गेंद) सीमा रेखा के बाहर हो जाये तब स्कोरिंग हासिल होती है। क्षेत्ररक्षण टीम का लक्ष्य बल्लेबाजी टीम को रन बनाने से रोकना है।

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:: उच्च प्राथमिक वर्ग ::

सॉफ्ट टेनिस, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, शतरंज, साइकिलिंग, फुटबॉल, हैंडबॉल, हॉकी, जूडो, कबड्डी, कराटे, खो-खो, नेटबॉल, लॉन टेनिस, रग्बी, सॉफ्टबॉल, स्क्वॉश, टेबल-टेनिस, रस्साकशी, वॉलीबॉल, भारोत्तोलन, कुश्ती, क्रिकेट, नेटबॉल, योगा, आदि ।

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:: माध्यमिक और उच्च माध्यमिक वर्ग ::

सॉफ्ट टेनिस, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉल बैडमिंटन, बेसबॉल, बास्केटबॉल, बिलियर्ड्स और स्नूकर, बॉडी बिल्डिंग, बॉक्सिंग, शतरंज, साइकिलिंग, फुटबॉल, हँडबॉल, हॉकी, जूडो, कबड्डी, कराटे, खो-खो, नेटबॉल मल्लखंब लॉन टेनिस, पैरा स्पोर्ट, रोलर स्केटिंग, रग्बी, स्कूल गेम्स, सॉफ्टबॉल, स्क्वॉश, टेबल-टेनिस, वॉलीबॉल, वेट लिफ्टिंग, कुश्ती, क्रिकेट, किक बॉक्सिंग, योगा, आदि ।

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स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश / SPORTS GRANT GUIDELINE : विद्यालय में उपलब्ध खेल सुविधाओं की सफलता उनके उपयोग पर निर्भर करती है। इसके लिए खेल सामग्री एवं उपकरणों का उपयोग किये जाने की स्थिति में आवश्यक है विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं के लिए निम्न बिन्दुओं पर ध्यान दिया जाए:-

  • खेल मैदानों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित रखरखाव करना आवश्यक है।
  • पिच से पत्तियों, पत्थरों, कंकड़, फ़्लेश, तेज वस्तुओं के टुकड़े निकालें।
  • प्रतिदिन फर्श को स्वाइप करें अगर यह एक सीमेंट का फर्श है।
  • खेल मैदान में केवल अनुशंसित फुटवियर की अनुमति दे।
  • खेल मैदान और आस-पास परिवेश की स्वच्छता बनाए रखें।
  • उपकरणों की स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखें।
  • पर्याप्त डस्टबिन रखें।
  • समय-समय पर गोल पोस्ट, वॉलीबॉल पोल, बास्केटबॉल पोस्ट आदि के रखरखाव की जांच करें।
  • वर्ष में कम से कम एक बार विशेष रखरखाव ।
  • जमीन का स्तर और ढलान ऐसा होना चाहिए जिसमें जल जमाव न हो ।
  • ड्रेनेज सिस्टम की मरम्मत और जांच
  • पेशेवर मशीनरी के साथ विशेष ब्रशिंग (जैसे सीमेंट वाले फर्श के लिए)।
  • सभी कृत्रिम उपकरणों के रख-रखाव के निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करें। यदि खेलने का स्थान पक्का है तो उसकी नियमित सफाई की जाए।
  • खेल के दौरान स्वीकृत जूतों का उपयोग किया जाए।
  • खेल सामग्री / उपकरणों की नियमित साफ-सफाई एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। खेल गतिविधियों के दौरान उचित संख्या में कचरा पात्रों की व्यवस्था की जाए।
  • खेल मैदान का लेवल एवं ढाल इस प्रकार होना चाहिए, जिससे जल भराव नहीं हो।
  • खेल मैदान के आस-पास की जल निकासी व्यवस्था की जांच कर उसकी वर्ष में कम से कम एकबार आवश्यकतानुसार मरम्मत कराई जाए।
  • विभिन्न प्रकार की गेंदो के लिये मानक वायुदाब
    • फुटबॉल 0.6.1.1 वायुदाब ( 600.1, 100g / cm 2 )
    • बास्केटबॉल 3.17-40 वायुदाब (3170-4000g/cm 2 )
    • वॉलीबॉल 0.30-0.325 वायुदाब (300-325g / cm 2 )
  • गेंदो का उपयोग किए जाने से पूर्व ध्यान देने योग्य बातें
    • गेंदो में हवा भरकर वायुदाब सही करना ।
    • गेंद में हवा भरने से पूर्व सुई को गीला करना ।
    • गेंद में धीरे-धीरे हवा भरने के साथ गेंद को दबाना ।
    • गेंद में एकसाथ तेजी से ज्यादा हवा भरने पर गेंद के अन्दर की ट्यूब / ब्लैडर खराब हो जाता है।
    • गेंद में मशीन से हवा नहीं भरें क्योंकि इससे ज्यादा हवा भर जाने की संभावना बनी रहती है।
  • गेंदों का उपयोग किये जाने के पश्चात ध्यान देने योग्य बातें
    • उपयोग पश्चात गेंद में से कुछ हवा निकाल देनी चाहिए, जिससे गेंद के अन्दर का वायुदाब कम हो जाए।
    • हवा का दबाव कम नहीं करने पर गेंद का आकार एवं आकृति विरूपित हो सकती है।
    • गेंद को पहले गीले एवं बाद में सूखे कपड़े से पोंछ कर साफ किया जाए।
  • गेंदो को सुरक्षित रखने हेतु ध्यान देने योग्य बातें
    • गेंद को सीधे सूर्य की रोशनी में नहीं रखना चाहिए, ना ही गर्म स्थान पर रखना चाहिए।
    • गेंद को हवादार स्थान पर रखना चाहिए एवं नियमित रूप से हवा भरकर खेलने हेतु उपयोग किया जाए ।
    • खेल सामग्री एवं खेल उपकरणों का उपयोग नहीं होने पर भी यह आवश्यक है कि उनकी नियमित साफ-सफाई एवं रख-रखाव किया जाए।
  1. खेल मैदान में सुरक्षा हेतु दिशा-निर्देश:-
  • स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश / SPORTS GRANT GUIDELINE के अनुसार खेल मैदान में सुरक्षा की दृष्टि से अच्छी खेल सामग्री एवं खेल उपकरणों का उपयोग किया जाना, खिलाड़ियों को खेल के नियमों की जानकारी होना एवं खेल गतिविधियों को सुनियोजित प्रकार से योजना बनाकर संचालित किया जाना आवश्यक है। छात्र-छात्राओं को खेलने का सुरक्षित वातावरण देने के लिए खेल के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं एवं परिस्थितियाँ जिनके कारण दुर्घटना होना संभव है, का रिकॉर्ड रखना एवं खेल गतिविधि संचालित होने से पहले उपचारात्मक उपाय किया जाना आवश्यक है। इन सुरक्षा नियमों की क्रियान्विति से खेल गतिविधियाँ सुरक्षित वातावरण में संचालित हो सकेंगी एवं खेल के दौरान छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
  • स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश / SPORTS GRANT GUIDELINE विद्यालयों द्वारा स्पोर्टस ग्रान्ट की राशि का उपयोग नियमानुसार किये जाने एवं सामग्री की गुणवत्ता; लेखा एवं वित्तीय नियमानुसार क्रय प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुये प्रत्येक सीआरसी / यूसीईईओ अपने अधीनस्थ विद्यालयों की नियमित मॉनीटरिंग करेंगे।
  • प्रत्येक ब्लॉक कार्यालय स्तर पर तीन सदस्य यथा सीबीईओ, एसीबीईओ, लेखा अधिकारी की समिति का गठन कर सीआरसी / यूसीईईओ द्वारा की जा रही मॉनीटरिंग एवं विद्यालयों द्वारा क्रय की जा रही खेल सामग्री को लेखा एवं वित्तीय नियमांनुसार क्रय प्रक्रिया, गुणवत्ता एवं पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुये नियमित रूप से मॉनीटरिंग करेंगे।
  • जिला कार्यालय स्तर पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला परियोजना समन्वयक, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक एवं सम्बन्धित सहायक परियोजना समन्वयक / कार्यक्रम प्रभारी अधिकारी संयुक्त रूप से विद्यालयों द्वारा लेखा एवं वित्तीय नियमानुसार क्रय प्रक्रिया अपनाते हुये क्रय की जा रही खेल सामग्री की कार्यवाही की विद्यालय स्तर एवं ब्लॉक कार्यालय स्तर के अधिकारियों द्वारा की जा रही मॉनीटरिंग की समीक्षा करेंगे।
  • किसी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर दोषी अधिकारियों के विरूद्ध नियमानुसार विभागीय कार्यवाही विभाग द्वारा अमल में लायी जायेगी। अतः खेल सामग्री की क्रय प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुये लेखा नियमानुसार कार्यवाही कर गुणवत्तापूर्ण सामग्री क्रय की जाये ।
  • सप्ताह में कम से कम एक कालांश खेल सम्बन्धी होना चाहिये ।
  • विभाग द्वारा आयोजित खेल गतिविधियों के आयोजन में राशि का उपयोग लिया जा सकता है।
  • विद्यालय में उपलब्ध खेल सामग्री के रख-रखाव, उपयोग में लिये जाने की स्थिति में बनाये रखने में राशि का उपयोग लिया जा सकता है।
  • खेल सामग्री / उपकरण के रख-रखाव, भण्डार पंजिका का संधारण, खेलने योग्य खेल सामानों की उपलब्धता इत्यादि का दायित्व शारीरिक शिक्षक / प्रभारी शिक्षक द्वारा वहन किया जायेगा ।

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  • स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश / SPORTS GRANT GUIDELINE के अनुसार इस मद में निर्धारित बजट सीमा से अधिक व्यय नहीं किया जाये। निर्धारित सीमा से अधिक व्यय किये जाने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाकर वसूली की जाएगी। क्रय हेतु वित्तीय नियमों का ध्यान रखा जाये।
  • किये गये व्यय का निर्धारित समयावधि में उपयोगिता प्रमाण पत्र दिया जाकर समायोजन सुनिश्चित करवाया जाये।
  • राशि का उपयोग गतिविधि व शिक्षा मंत्रालय के दिशा निर्देशानुसार एवं वित्तीय नियमों की पूर्ण पालना करते हुये विहित प्रक्रियानुसार किया जाना सुनिश्चित करें।
  • क्रय की जाने वाली सामग्री में "राजस्थान लोक उपापन में पादरर्शिता अधिनियम 2012 एवं नियम 2013" की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जाये ।
  • वर्तमान में राज्य में सैकण्डरी की श्रेणी के समस्त विद्यालय उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत किये जा चुके है । किन्तु भारत सरकार से अनुमोदित की गयी पी०ए०बी० का आधार यू-डाइस 2021-22 है। अतः यू-डाइस 2021-22 में दी गयी विद्यालय श्रेणी के अनुसार ही राशि जारी की जानी है।
  • परिषद कार्यालय से एस. एन.ए. से राशि आहरण की स्वीकृति प्राप्त होने के उपरान्त जिला कार्यालय तीन दिवस में चरणबद्ध रूप से ब्लॉक / पीईईओ, यूसीईईओ / विद्यालय को राशि आहरण की स्वीकृति जारी करवाया जाना सुनिश्चित करें।

स्पोर्ट्स ग्रान्ट दिशा-निर्देश / SPORTS GRANT GUIDELINE यहाँ से डाउनलोड करें

विद्यालय स्तर पर जारी किया जाने वाले उपयोगिता प्रमाण पत्र यहाँ से डाउनलोड करें

ब्लॉक स्तर पर जारी किया जाने वाले उपयोगिता प्रमाण पत्र यहाँ से डाउनलोड करें

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SI व GPF कटौती में तुलना कि कौनसी कटौती बढाएं ?

SI व GPF कटौती में तुलना कि कौनसी कटौती बढाएं ?

Comparison in SI And GPF Deduction | SI व GPF कटौती में तुलना कि कौनसी कटौती बढाएं ?  नमस्कार मित्रो शाला सुगम के इस आर्टिकल में आप सभी का ह्रदय की गहराई से स्वागत है। साथियों, इस आर्टिकल में हम आपके लिए स्टेट इन्श्योरेन्स और जीपीएफ कटौती में तुलनात्मक विवरण लेकर आए हैं। कई साथी ये जानकारी चाहते हैं कि हम अपनी कटौतियो में स्टेट इन्श्योरेन्स की कटौती बढ़ाए अथवा जीपीएफ की कटौती को बढ़ाएँ। तो एक साधारण सी जानकारी है जिसे हम हमारे एक्स्पर्ट साथियों के माध्यम से आप के लिए इकट्ठा की है।

हमें उम्मीद है कि आपको ये जानकारी पसंद आएगी। और आप इसे अधिकतम साथियों के साथ शेयर करेंगे।

Comparison in SI And GPF Deduction | SI व GPF कटौती में तुलना कि कौनसी कटौती बढाएं ?
Comparison in SI And GPF Deduction | SI व GPF कटौती में तुलना कि कौनसी कटौती बढाएं ?

Comparison in SI And GPF Deduction

GPF का पूरा नाम General Provident Fund है। जीपीएफ पर एक निश्चित ब्याज दर गारंटीड रिटर्न के रूप में उपलब्ध होती है। जिसमें सरकार समय-समय पर अपना रिव्यू प्रदान करती रहती है और इस ब्याज दर को रिवाइज करती है।

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कर्मचारी राज्य बीमा कटौतियां SI Deduction

राज्य सरकार द्वारा राज्य कर्मचारियों के कल्याणार्थ व सामाजिक सुरक्षा हेतु चलाई जा रही योजनाओं में राज्य बीमा पॉलिसी के तहत राज्य कर्मचारियों का अनिवार्य बीमा किया जाता है। जिसमें प्रत्येक कर्मचारी के वेतन से मूल वेतन के आधार पर प्रीमीयम की प्रतिमाह कटौती होती है। राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर माह मार्च 2020 से राज्य बीमा प्रीमियम में बढ़ोत्तरी की है। इसलिये राज्य बीमा की न्यनतम कटोती तो नियमानुसार होती है। परन्तु राज्य बीमा नियम 1998 के मुताबिक कोई भी कर्मचारी अपनी वेतन शृंखला से दो स्लेब आगे के प्रिमियम की कटौती करवा सकता है।

यह राज्य बीमा योजना वर्तमान में बीमा क्षेत्र की देश की सर्वश्रेष्ठ योजनाओं में से एक है। न्यूनतम एवं अधिकतम कटौती की तालिका निम्नानुसार हैं-

क्रम संख्यापे मेट्रिक लेवल अनुसार वेतनSI मासिक प्रीमियमआगे बढ़ा सकते हैअन्य विवरण
प्रथम स्टेपद्वितीय स्टेप
1UP TO 22000800/- ₹1200/- ₹2200/- ₹आगामी 1 अप्रेल को 55 वर्ष से
अधिक आयु के कार्मिक अपनी SI कटोती में वृद्धि नही करवा सकते
2UP TO 22000 -285001200/- ₹2200/- ₹3000/- ₹
328501- 465002200/- ₹3000/- ₹5000/- ₹
446501-720003000/- ₹5000/- ₹7000/- ₹
5Above 720005000/- ₹7000/- ₹
6Maximam7000/- ₹
Note 👉 कटौती बढ़ाने के लिए कार्मिक को अपनी एसएसओ आईडी से Further Contract ऑनलाइन करना होगा

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जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) किस प्रकार से काम करता है?

क्या आप भी यह जानना चाहते हैं की जीपीएफ अर्थात जनरल प्रोविडेंट फंड / General Provident Fund कैसे कार्य करता है तो इसकी संपूर्ण जानकारी हां बता रहे हैं GPF निम्नलिखित तरीकों से काम करता है-

  • कर्मचारियों को सबसे पहले अपने नियोक्ता के साथ में जीपीएफ अकाउंट खोलना होता है यह मुख्यतः सर्विस में शामिल होते समय शुरू होता है।
  • इसके अंतर्गत कर्मचारियों की सैलरी का एक निश्चित प्रतिशत मासिक के रूप में काटा जाता है जिसे अपने जीपीएफ अकाउंट में डिपॉजिट किया जाता है।
  • GPF अकाउंट में डिपॉजिट की गई राशि, आमतौर पर प्रत्येक वर्ष सरकार द्वारा निर्धारित ब्याज़ अर्जित करती है।
  • कर्मचारी कुछ शर्तों के अधीन अपने GPF अकाउंट पर भी लोन ले सकते हैं।
  • यदि कर्मचारी किसी अन्य सरकारी विभाग में ट्रांसफर करते हैं या अपनी नौकरी छोड़ते हैं तो वे अपना GPF बैलेंस निकाल सकते हैं या उसे अपने नए नियोक्ता को ट्रांसफर कर सकते हैं।

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सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) में निवेश के लाभ

सामान्य भविष्य निधि जीपीएफ में निवेश करने के लाभ यहां पर दिए जा रहे हैं-

  • गारंटीड रिटर्न :- जीपीएफ पर एक निश्चित ब्याज दर गारंटीड रिटर्न के रूप में उपलब्ध होती है। जिसमें सरकार समय-समय पर अपना रिव्यू प्रदान करती रहती है और इस ब्याज दर को रिवाइज करती है।
  • टैक्स लाभ :- जीपीएफ में योगदान करने वाले कार्मिकों का इनकम टैक्स 80c के अंतर्गत टैक्स कटौती के लिए पात्रता रखता है।
  • नो रिस्क :- जीपीएफ में कटौती करवाना इन्वेस्टमेंट का एक बेहतरीन विकल्प है, क्योंकि इसमें रिटर्न के रूप में एक निश्चित दर प्रदान होती है।
  • लोन सुविधा :- यदि कर्मचारियों को घर निर्माण, मेडिकल या शिक्षा के लिए लोन की आवश्यकता हो तो वह जीपीएफ से लोन सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकता है।
  • सुरक्षित रिटायरमेंट :- जीपीएफ में इन्वेस्टमेंट होने के कारण रिटायरमेंट के बाद में जीपीएफ फंड सरकारी कर्मचारियों के लिए सुरक्षित रिटायरमेंट सुनिश्चित करता है।

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GPF या SI में से किसमे अधिक कटौती करवाई जावे ?

1. राज्य बीमा में निर्धारित Slab से 2-Step आगे कटौती जरुर करनी चाहिए ताकि बीमाधन अधिक हो। एक तो इसमें अन्य बीमा योजना के मुकाबले बोनस की दर अधिक होने से यह योजना अधिक फायदेमंद है। साथ ही वेतन से कटोती होने से किश्त की चूक नहीं होती। आमतौर पर अन्य बीमा कंपनियों से बीमा होने पर बड़ी संख्या में किश्त नियमित जमा नहीं होने से Policy लैप्स हो जाती है और आर्थिक घाटा होता है। इसके अलावा आवश्यकता होने पर ऋण की राशि भी तुलनात्मक रूप से अधिक होती है और आसानी से मिल जाती है। Maturity पर अच्छी खासी रकम मिल जाती है।

यहाँ एक बात और विचारणीय है चूँकि कार्मिक के असामयिक निधन की स्थिति में सभी परिलाभ के बाद भी रिक्तता की स्थिति रहती है इसलिए अपने परिवार को वास्तविक पर्याप्त आर्थिक संबल प्रदान करने हेतु परिवार के कमाऊ सदस्य को Term Plan Insurance अवश्य लेना चाहिए जो की बाज़ार में अनेक बीमा कंपनियों के उपलब्ध है। मामूली किश्त पर एक बड़ा आर्थिक संरक्षण आप परिवार को प्रदान कर सकते है। जीवन बीमा की वास्तविक अवधारणा यही है।

सरकारी नौकरी, परीक्षा परिणाम, भर्ती और प्रतियोगी अपडेट-

2. GPF योजना में भी निर्धारित दर से कटोती की जाती है, आज की स्थिति में बाज़ार में उपलब्ध Bank, Post Office और अन्य निजी योजनाओं के मुकाबले GPF की प्रतिफल दर उच्च है तथा पूरी तरह सुरक्षित है. अतः राज्य बीमा की अधिक कटोती और अन्य निजी आवश्यकताओं की पूर्ति के बाद यदि विनियोग की गुंजाईश है तो निश्चित रूप से GPF में अधिक कटोती कराना सबसे सहज, लाभदायक और सुरक्षित विकल्प है.

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संस्थापन एवं अवकाश संबंधित महत्वपूर्ण प्रपत्र

संस्थापन एवं अवकाश संबंधित महत्वपूर्ण प्रपत्र

Establishment and Leave Related format | संस्थापन एवं अवकाश सम्बन्धी प्रपत्र : नमस्कार, कर्मचारी बंधुओं, इस आर्टिकल में हम संस्थापन और अवकाश से संबंधित प्रपत्र आपके लिए लेकर आए हैं, जिसमें उपार्जित अवकाश, नकदीकरण और कार्यालय आदेश, चाइल्ड केयर लीव के साथ साथ कार्यग्रहण काल के बदले उपार्जित अवकाश, रोग और आरोग्य प्रमाण पत्र आदि के प्रपत्र हम यहाँ पर आपके लिए उपलब्ध करवाएं है।

संस्थापन एवं अवकाश सम्बन्धी प्रपत्र शाला सुगम टीम को उम्मीद है कि आपको ये प्रपत्र पीडीएफ़ वर्ड और एक्सेल फॉर्मेट में पसंद आएँगे। और आशा है कि आप इस आर्टिकल के लिंक को अपने मित्रों, सहकर्मियों, मंत्रालयिक कर्मचारी और आहरण वितरण अधिकारियों को साझा करेंगे।

Establishment and Leave Related format | संस्थापन एवं अवकाश सम्बन्धी प्रपत्र
संस्थापन एवं अवकाश सम्बन्धी प्रपत्र

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👉 कर्मचारियों हेतु सामूहिक हड़ताल अवधि अवकाश स्वीकृति हेतु प्रपत्र डाउनलोड करें

👉उपार्जित अवकाश आवेदन पत्र PL Form डाउनलोड करें

👉उपार्जित अवकाश नकदीकरण हेतु कार्यालय आदेश प्रपत्र डाउनलोड करें

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👉GA-141 निरन्तर एवं योग्य सेवा का प्रमाण पत्र PDF डाउनलोड करें

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👉GA-141 निरन्तर एवं योग्य सेवा का प्रमाण पत्र EXCEL डाउनलोड करें

👉अवकाश स्वीकृति हेतु कार्यालय आदेश प्रपत्र डाउनलोड करें


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👉 Child Care Leave Application Form CCL अवकाश हेतु प्रार्थना पत्र डाउनलोड करें

👉 Child Care Leave Account For Service Book Format CCL गणना प्रपत्र सर्विस बुक के लिए डाउनलोड करें

👉 Child Care Leave Sanction Format CCL स्वीकृति आदेश फोर्मेट डाउनलोड करें

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👉 राजपत्रित अधिकारी हेतु चिकित्सा प्रमाण-पत्र राजकीय आदेश डाउनलोड करें

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2024 डीए वृद्धि केलकुलेशन यहाँ से करे

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LATEST DA CALCULATOR डीए केलकुलेशन सरकार ने कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा, 4% बढ़ाया डीए केंद्र में डीए अर्थात महंगाई भत्ता 4% बढ़ाने के पश्चात राजस्थान में डीए मंजूरी मिलने के बाद वित्त विभाग कभी भी डीए बढ़ोतरी के आदेश जारी कर सकता है। अभी राजस्थान के कर्मचारियों को 46% डीए प्राप्त हो रहा है। जैसे ही डीए बढ़ोतरी के आदेश होते हैं। राजस्थान में यह 46% से बढ़कर 50 फीसदी हो जाएगा।

केंद्र सरकार के द्वारा 4 % डीए बढ़ोतरी के आदेश शुक्रवार को किए जा चुके है। अब राजस्थान में भी जल्द ही डीए बढ़ोतरी के लिए वित्त विभाग को मंजूरी मिल जायगी। जिसके बाद वित्त विभाग के द्वारा डीए बढ़ोतरी के आदेश जारी किये जायंगे। राजस्थान के 8 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को इसका लाभ प्राप्त होगा डीए बढ़ोतरी का लाभ एक जनवरी से दिए जाने की तेयारी की जा रही है। जनवरी से मार्च माह तक का डीए कर्मचारियों के जीपीएफ (जनरल प्रोविडेंट फंड) में जमा करवाया जा सकता है तथा अप्रेल माह से डीए वृधि का लाभ दिया जा सकता है।

LATEST DA CALCULATOR

SDMC Work Duty Organisation विद्यालय विकास एवं प्रबंधन समिति

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LATEST DA CALCULATOR 2024 डीए केलकुलेशन यहाँ से करे
LATEST DA CALCULATOR 2024 डीए केलकुलेशन यहाँ से करे

LATEST DA CALCULATOR डीए केलकुलेशन यहाँ से करे : यहा पर हमारे द्वारा सभी कर्मचारियों की सहायता के लिए डी ए केलकुलेशन करने का टूल उपलब्ध करवाया जा रहा है। अब आप बड़ी ही आसानी से अपना डीए नीचे दी गई टेबल टूल सॉफ्टवेयर के द्वारा बड़ी ही आसानी से कैलकुलेट कर सकते हैं।

LATEST DA CALCULATOR 2024 डीए केलकुलेशन यहाँ से करे

LATEST DA CALCULATOR केलुलेशन करने के लिए आपको Enter Basic Salary पर अपना बेसिक सेलरी अमाउंट दर्ज करना है। इसके बाद CALCULATE पर क्लिक करना है। एसा करने मात्र से ही आपकी सम्पूर्ण सेलरी का टोटल बढ़े हुवे डीए के साथ आपको प्राप्त हो जायगा।

D A HIKE CALCULATOR AFTER 4% INCREASE

AllowancesOld (Rs.)New (Rs.) Difference (Rs.) City Cat.XCity Cat.YCity Cat.Z
DA
HRA
Gross Salary

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जिला व राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता फॉर्म एक्सल प्रोग्राम : उम्मेद तरड

50% डीए होने पर HRA भी बढ़ेगा

अगर रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार के केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में आज 4 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान करती है, तो फिर उन्हें मिलने वाला महंगाई भत्ता बढ़कर 50 फीसदी हो जाएगा. ऐसा होने पर हाउस रेंट अलाउंस (HRA), बच्चों की शिक्षा भत्ता (Child Education Allowance) के साथ ही परिवहन भत्ता (Transport Allowance) में भी इजाफा देखने को मिलेगा और केंद्रीय कर्मचारियों का टेक-होम वेतन बढ़ जाएगा. मोदी सरकार (Modi Govt) के इस फैसला का फायदा 48.67 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और 67.95 लाख पेंशनभोगियों को मिलेगा. हालांकि, इस संबंध में अभी सरकार की ओर से कोई भी आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है| LATEST DA CALCULATOR

Rajasthan Office Related Format | कार्यालय उपयोग सम्बन्धी प्रपत्र और फॉर्म

सैलरी में बढ़ोतरी का ये है कैलकुलेशन

DA Hike के बाद केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी हाइक कैलकुलेशन देखें तो, अगर किसी केंद्रीय कर्मचारी को 18,000 रुपये बेसिक-पे मिलता है, तो कर्मचारी का महंगाई भत्ता फिलहाल 46 फीसदी के हिसाब से 8,280 रुपये होता है, वहीं इसमें 4 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद अगर 50 फीसदी के हिसाब से गणना करें तो ये बढ़कर 9,000 रुपये हो जाएगा. यानी उसके हाथ में आने वाले वेतन में सीधे तौर पर 720 रुपये का इजाफा देखने को मिलेगा.

अधिकतम बेसिक-पे के आधार पर इसकी कैलकुलेशन करें तो फिर 56,900 रुपये पाने वाले कर्मचारी को 46 फीसदी के हिसाब से DA 26,174 रुपये मिलता है, ये 50 फीसदी होने पर आंकड़ा 28,450 रुपये हो जाएगा. यानी सैलरी में 2,276 रुपये की बढ़ोतरी हो जाएगी| LATEST DA CALCULATOR


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सरकारी भण्डार सामग्री की उपयोग अवधि

सरकारी भण्डार सामग्री की उपयोग अवधि

Minimum period of serviceability of Store Items / सरकारी भण्डार सामग्री की उपयोग अवधि : List of articles being commonly used in the Departments giving the minimum period of their serviceability- (सरकारी कार्यालयों में सामान्यतया उपयोग की जाने वाली भण्डार सामग्री की उपयोग अवधि)

नमस्कार, शिक्षक बंधुओं। इस आर्टिकल में हम अपने विद्यालय या अपने कार्यालय में काम में आने वाली सरकारी भंडार सामग्री का उपयोग अवधि के बारे में जानेंगे। हमने यह जानकारी सरकारी आदेशों और सर्कुलरों के माध्यम से तथा विद्वज्जनों के माध्यम से एकत्र की है और आपको बताने का प्रयास किया है कि सरकारी कार्यालयों या विद्यालयों के अंदर पड़ी भौतिक सामग्री की जीवन अवधि कितनी होती है? (Minimum period of serviceability of Store Items / सरकारी भण्डार सामग्री की उपयोग अवधि) उन्हें कितने समय के बाद नकारा घोषित किया जा सकता है, इसके बारे में पूरा आर्टिकल है। कृपया इस आर्टिकल को अपने मित्रों और दोस्तों के साथ तथा कर्मचारियों को जरूर शेयर करे।

नकारा सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया यहाँ से जाने

Minimum period of serviceability of Store Items / सरकारी भण्डार सामग्री की उपयोग अवधि
Minimum period of serviceability of Store Items / सरकारी भण्डार सामग्री की उपयोग अवधि
S. No.Name of articleMinimum period of serviceabilityS. No.Name of articleMinimum period of serviceability
1पलङ्ग लोहे के15 वर्ष26बरसाती5 वर्ष
2टी ट्रे आयरन8 वर्ष27फ्लीट पम्प2 वर्ष
3एश ट्रे टिन5 वर्ष28मुढ्ढा1 वर्ष
4घाट स्टेण्ड लोहे का5 वर्ष29लेदर बेग3 वर्ष
5साइन बोर्ड10 वर्ष30चिकें5 वर्ष
6नोटिस बोर्ड10 वर्ष31प्लास्टिक बाल्टी4 वर्ष
7डोरमेन्ट लोहे की10 वर्ष32प्लास्टिक मग2 वर्ष
8अंगीठी5 वर्ष33थर्मस फ्लास्क5 वर्ष
9तसला लोहे का10 वर्ष34टी सेट2 वर्ष
10घडा लोहे का15 वर्ष35गिलास शीशे का5 माह
11खुरपा, फावडा, कुल्हाडी आदि5 वर्ष36जंग शीशे के1 वर्ष
12सुराही स्टेण्ड लोहे का5 वर्ष37फोटोग्राफ10 वर्ष
13ताले बडे10 वर्ष38तस्वीरें10 वर्ष
14ताले छोटे3 वर्ष39टेबल ग्लास5 वर्ष
15लालटेन5 वर्ष40पीतल ताम्बे का कप15 वर्ष
16वाटर कुलर/एयर कुलर10 वर्ष41स्टेनलेस स्टील के गिलास10 वर्ष
17साइकिल5 वर्ष42स्टेनलेस स्टील के जग10 वर्ष
18दीवार घडी20 वर्ष43पीतल तांबे के रामसागर10 वर्ष
19टेबल घडी (टाइम पीस)10 वर्ष44पीतल तांबे का लोटा10 वर्ष
20पेट्रोमेक्स10 वर्ष45पीतल तांबे का घडा10 वर्ष
21टाॅर्च5 वर्ष46पीतल तांबे का भगोना10 वर्ष
22इमरजेन्सी ओटोमेटिक लाइट5 वर्ष47पीतल तांबे का गिलास, थाली, चम्मच, कटोरी आदि10 वर्ष
23एम्प्लीफायर, ग्रामोफोन, लाउडस्पीकर15 वर्ष48पीतल ताम्बे की बाल्टी10 वर्ष
24रेडियो, ट्रांजिस्टर10 वर्ष49पीतल ताम्बे का स्टोव15 वर्ष
25छाता5 वर्ष50पीतल ताम्बे का तराजू15 वर्ष
Minimum period of serviceability of Store Items / सरकारी भण्डार सामग्री की उपयोग अवधि

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Minimum period of serviceability of Store Items / सरकारी भण्डार सामग्री की उपयोग अवधि

S.No.Name of articleMinimum period of serviceabilityS.No.Name of articleMinimum period of serviceability
51पीतल ताम्बे के चरास15 वर्ष74मेट्रेसेज फोम15 वर्ष
52एल्यूमीनियम मग6 वर्ष75जाजम10 वर्ष
53सनमाइका ट्रे5 वर्ष76मेजपोश, गरम ब्लेजर8 वर्ष
54बिजली के हीटर5 वर्ष77मेज, रेक अलमारी आदि लकडी की15 वर्ष
55बिजली के स्टेबलाइजर10 वर्ष78कुर्सी, स्टूल बैन्च आदि15 वर्ष
56बिजली की घंटी2 वर्ष79पेपर रैक/बुक रैक आदि15 वर्ष
57बिजली की ट्यूबलाइट3 वर्ष80पलंग लकडी का15 वर्ष
58दरी15 वर्ष81सोफा सेट20 वर्ष
59जूट कारपेट5 वर्ष82लकडी की सन्दूक10 वर्ष
60निवार8 वर्ष83लकडी के पार्टिशन15 वर्ष
61तकिये5 वर्ष84पेपर टी ट्रे लकडी की8 वर्ष
625 वर्ष85टेलीफोन केरियर बाॅक्स10 वर्ष
63कुर्सी/मुढढे की गद्दीयां5 वर्ष86लेटर बाॅक्स10 वर्ष
64पर्दे5 वर्ष87पायदान लकडी का5 वर्ष
65मेजपोश सूती3 वर्ष88सुराही स्टेण्ड लकडी का2 वर्ष
66कम्बल10 वर्ष89नेम प्लेट5 वर्ष
67बैडशीट2 वर्ष90वुडन बाथ बोर्ड4 वर्ष
68डोरमेट जूट2 वर्ष91वेस्ट पेपर बास्केट लकडी की10 वर्ष
69तोलिये6 Months92डेस्क10 वर्ष
70राष्ट्रीय ध्वज5 वर्ष93इजी चेयर्स लकडी की10 वर्ष
71गलीचा15 वर्ष94भगोना एल्यूमीनियम6 वर्ष
72तकिये के कवर्स1 वर्ष95प्लेट एल्यूमीनियम6 वर्ष
73मेट्रेसेज (साधारण)10 वर्ष96लोटा6 वर्ष
97ब्रीफकेस6 वर्ष
Minimum period of serviceability of Store Items / सरकारी भण्डार सामग्री की उपयोग अवधि

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Minimum period of serviceability of Store Items / सरकारी भण्डार सामग्री की उपयोग अवधि

अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के उपयोग हेतु निम्न भण्डार सामग्री की उपयोग अवधि निम्नानुसार होगी-(परिपत्र संख्या 14/99, दिनांक 11.05.1999)

Note- (a) Articles to be destroyed without the permission of any committee :

“Any article used in Treatment/Management of AIDS patient is to be destroyed immediately as soon as the patent leaves the Hospital.”

(b) Articles to be destroyed with the permission of the committee at local level :

“Articles like linen, Mattresses, Bed-sheets, Towels, pillow and pillow covers having permanent stains of blood and pus and can not be removed on repeated washing or get torn. could be condemned, if the committee thinks that the articles can spread infection to other patients (cross infection) in the Hospitals.” (परिपत्र संख्या 14/99, दिनांक 11.05.1999 द्वारा जोडा गया।) Minimum period of serviceability of Store Items / सरकारी भण्डार सामग्री की उपयोग अवधि

Name of articleMinimum period of serviceabilityName of articleMinimum period of serviceability
Name of articleMinimum period of serviceabilityName of articleMinimum period of serviceability
तकिये2तोलिये3 Months
गद्दे3तकिये के कवर्स6 Months
कम्बल6मेट्रेसेज (साधारण)5
बैडशीट6 Monthsमेट्रेसेज फोम7
Minimum period of serviceability of Store Items / सरकारी भण्डार सामग्री की उपयोग अवधि

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मोटर वाहन की न्यूनतम उपयोग अवधि

Order Dated: 20-07-1995 and 11-05-1999 Minimum period of serviceability of Store Items

S.No.वाहन की किस्मन्यूनतम किलोमीटरन्यूनतम वर्ष
1मोटरसाइकिल व थ्री व्हीलर1.20 लाख7
2हल्के मोटर वाहन2.00 लाख8
3मध्यम मोटर वाहन3.00 लाख10
4भारी मोटर वाहन4.00 लाख10
5ट्रेक्टर व बुलडोजर20000 घंटे10
Minimum period of serviceability of Store Items / सरकारी भण्डार सामग्री की उपयोग अवधि

निर्धारित अवधि व निर्धारित किलोमीटर दोनों का पूर्ण होना आवश्यक है।

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